Thursday, July 2, 2026 2:03 pm

2019 से सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्ट्‌टियूट की बॉर काउंसिल ऑफ इंडिया मान्यता समाप्त, फिर भी हो रहा संचालित

जबलपुर जबलपुर के सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्ट्‌टियूट पर भोपाल क्राइम ब्रांच एफआईआर की तैयारी में है। साल 2019 से इसकी बॉर काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) मान्यता समाप्त हो चुकी है। इसके बाद भी महाविद्यालय में लगातार छात्रों को एडमिशन दिया जाता रहा। सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्ट्‌टियूट सहित अवैध ढंग से संचालित 135 इंस्ट्‌टियूट के खिलाफ जांच के आदेश भोपाल पुलिस के कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र को दिए गए थे। जांच में जबलपुर के सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्ट्‌टियूट को अवैध रूप से संचालित करने की बात साफ हुई। अब क्राइम ब्रांच इस इंस्ट्‌टियूट के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। हाईकोर्ट ने आपराधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया 11 मार्च को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना मान्यता वाले विधि पाठ्यक्रम (एलएलबी-एलएलएम) में प्रवेश देने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर भोपाल को जांच करने और कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए। साथ ही, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अधिकारियों को जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया है। छात्रों को काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए मना किया जबलपुर के छात्र वियोम गर्ग, पंकज भट्‌ट शिक्षा पटेल सहित अन्य ने याचिका दायर कर बताया कि उन्होंने सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्टीट्यूट, जबलपुर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। हालांकि, कोर्स पूरा करने के बाद जब उन्होंने मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया, तो उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि संस्थान की बीसीआई मान्यता समाप्त हो चुकी है। इसका कारण यह था कि संस्थान ने बीसीआई को नवीनीकरण शुल्क जमा नहीं किया था। जानिए हाईकोर्ट ने क्या दिए हैं आदेश     बीसीआई से मान्यता प्राप्त न होने पर शैक्षणिक संस्थान और विश्वविद्यालयों को अपने पोर्टल पर इसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा।     ऐसे संस्थानों को यह भी साफ करना होगा कि वे केवल शैक्षणिक प्रयोजन के लिए ही विधि पाठ्यक्रम संचालित करते हैं।     बीसीआई को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी संस्थान छात्रों के करियर के साथ खिलवाड़ न कर सके।     सभी विश्वविद्यालय और विधि कॉलेजों को हर कैलेंडर वर्ष के मार्च महीने में अपने पोर्टल को अपडेट करना होगा, ताकि छात्र गुमराह न हों।     किसी संस्थान की मान्यता समाप्त होने का प्रभाव छात्रों पर नहीं पड़ना चाहिए।     यदि कोई संस्थान धोखाधड़ी करता है, तो बीसीआई उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई कर सकती है। HC ने बीसीआई के इस काम की कड़ी निंदा की छात्रों ने कोर्ट के समक्ष यह मामला उठाया कि बीसीआई कुछ संस्थानों को बैकडेट पर मान्यता देती है। कुछ मामलों में तो 20 साल बाद पिछली तारीख से मान्यता दी गई। इस प्रथा के कारण उन छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है, जो बीसीआई, स्टेट बार, मध्य प्रदेश शासन और विश्वविद्यालय के पोर्टल पर मान्यता के गलत विवरण के आधार पर प्रवेश लेते हैं। हाईकोर्ट ने बीसीआई के इस काम की कड़ी निंदा की है। अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और पुलिस कमिश्नर भोपाल को हाजिर रहना होगा।   recent visitors 12

संभल में नेजा मेले को लेकर विवाद छिड़ा है, पुलिस-प्रशासन ने मेले को अनुमति नहीं दी, नहीं लगेगा मेला

संभल उत्तर प्रदेश में संभल के बाद अब मुरादाबाद के बिलारी में भी इस साल नेजा मेला नहीं लगेगा। यहां सनातन जागरण मंडल ने इस मेले का विरोध किया है। एसडीएम ने बताया कि इस बार आयोजकों ने मेले की अनुमति ही नहीं मांगी। इसलिए इस बार मेला का आयोजन नहीं होगा। दरअसल, हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर थांवला गांव में लगने वाले नेजा मेला पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की थी। उधर, मेला के आयोजकों ने तय किया है कि एक महीने बाद उसी स्थल पर नुमाइश लगाई जाएगी। संभल में नेजा मेले को लेकर विवाद छिड़ा है। पुलिस-प्रशासन ने मेले को अनुमति नहीं दी है। वहीं, दूसरी ओर मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील क्षेत्र के थांवला गांव में लगने वाला नेजा मेला भी इस बार नहीं लगेगा। आयोजकों ने इस बार मेले के लिए अनुमति नहीं ली है। इसलिए आयोजन नहीं होगा। थांवला में परंपरा रही है कि ग्राम प्रधान के नेतृत्व में मेले का आयोजन होली के बाद पड़ने वाले दूसरे बुधवार को किया जाता रहा है। इस बार बिलारी के हिन्दू संगठन सनातन जागरण मंच ने मेला नहीं लगाए जाने को लेकर एसडीएम बिलारी को ज्ञापन दिया था। ग्राम प्रधान पति इकरार हुसैन इस मेले की नीलामी भी करवा चुके थे। विरोध के बाद नेजा मेले पर पेच फंस गया। उधर, एसडीएम बिलारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस बार आयोजकों ने नेजा मेले की अनुमति ही नहीं ली है। इस वजह से मेले का आयोजन नहीं होगा। अब आयोजकों की मंशा है कि जहां नेजा मेला लगता था वहां वह नुमाइश का आयोजन करेंगे। recent visitors 27

आज दूसरे दिन भी ईओडब्ल्यू करेगी पूर्व मंत्री लखमा से पूछताछ

रायपुर 2161 करोड़ के शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की टीम आज फिर पूछताछ करेगी. पूछताछ के दूसरे दिन ईओडब्ल्यू के चार अफसर सेन्ट्रल जेल परिसर पहुंचे हैं, जो कवासी लखमा से 7 बिंदुओं पर पूछताछ कर रहे हैं. अफसरों की टीम पूर्व मंत्री लखमा से शराब घोटाले से मिलने वाले कमीशन को लेकर पूछताछ करेगी. बता दें कि कोर्ट ने EOW को 19 और 20 मार्च को पूछताछ करने के इजाजत दी थी. कवासी लखमा से पूछताछ के बाद ईओडब्ल्यू कई लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है. सचिन पायलट ने की लखमा से मुलाकात गौरतलब है कि बुधवार यानी 19 मार्च को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर कवासी लखमा से मुलाकात की. उनके साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधायक देवेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे. माना जा रहा है कि इस मुलाकात में लखमा की कानूनी लड़ाई और पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. गौरतलब है कि कवासी लखमा फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) की न्यायिक रिमांड पर रायपुर जेल में बंद हैं. आबकारी घोटाले को लेकर पहले ही कई बड़े अधिकारियों और कारोबारियों पर शिकंजा कस चुका है. अब देखना होगा कि EOW की पूछताछ से इस मामले में और कौन-कौन से नए खुलासे होते हैं. 21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा गौरतलब है कि शराब घोटाले मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था. इससे पहले उनसे 2 बार ED दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी. गिरफ्तारी के 7 दिन बाद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को पहले ED ने 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी. उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था. पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ा दी थी. क्या है शराब घोटाला? तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और CM सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है. इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ED ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था. ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के ज़रिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया. ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के ज़रिए शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया. उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ का घोटाला हुआ. इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था. ED ने कोर्ट में 3,841 पन्नों की चार्जशीट की पेश गौरतलब है कि 13 मार्च को शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया है.अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी. recent visitors 27

करौली में मांच दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम, बराबरी पर खत्म हुआ खेल

करौली करौली के समीपवर्ती मांच गांव में बुधवार को आयोजित हुए कुश्ती दंगल में कुश्ती देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए पहलवानों ने दमखम दिखाया। विजेताओं को आयोजन समिति की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। गांव के पंच पटेलों ने फीता काटकर दंगल का उद्घाटन किया। इसके बाद करौली, धौलपुर, दौसा, भरतपुर, सवाई माधोपुर जिले एवं हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि राज्यों के पहलवानों ने दंगल में हिस्सा लिया तथा कुश्ती के अनेक दांवपेंच आजमाते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दंगल को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों दर्शक पहाड़ी पर चढ़ गए और पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कुश्ती देखने का लुत्फ उठाया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया दंगल में करीब 350 कुश्तियां लड़ी गईं। आखिरी कुश्ती अमित पहलवान वाजिदपुर एवं पवन पहलवान नथ्थन अखाड़ा बयाना के बीच 11000 रुपए की हुई जो बराबर रही। आयोजन समिति के सदस्यों ने दोनों पहलवानों को इनामी राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया। कुश्ती दंगल के बाद रंदुकड़ी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें गांव के महिला-पुरुषों ने हिस्सा लिया। बाहर से आए अतिथियों का आयोजन समिति के सदस्यों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में लक्खी पटेल, सपोटरा विधायक प्रतिनिधि राम सिंह बालोती, सुरेश मांच, भंवर सिंह एवं पंच पटेल उपस्थित रहे।   recent visitors 42

भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी दिन धुआंधार तेजी, सेंसेक्स 899 अंक उछलकर 76,348 पर हुआ बंद

मुंबई भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन धुआंधार तेजी देखने को मिली। आज सेंसेक्स 899 अंक उछलकर 76,348 के स्तर पर, जबकि निफ्टी 283 अंकों की बढ़त के साथ 23,190 के स्तर पर बंद हुआ। शेयर बाजार की तेजी के 3 प्रमुख कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नरम रुख फेडरल रिजर्व ने महंगाई और संभावित मंदी की आशंका के बावजूद इस साल ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए हैं। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि टैरिफ बढ़ने से महंगाई पर कुछ असर पड़ेगा, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं रहेगा। इससे बाजार की घबराहट कम हुई और निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। घरेलू डिमांड और चुनिंदा सेक्टरों की वापसी विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ता स्टॉक्स में मजबूत खरीदारी देखने को मिली है। कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, इंडिगो और मुथूट फाइनेंस जैसे स्टॉक्स ने 52-वीक हाई छुआ है। इसके अलावा डिफेंस और शिपिंग सेक्टर में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। अमेरिकी बाजारों से सकारात्मक संकेत बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स 383 अंक (0.92%) चढ़कर 41,964.63 पर बंद हुआ, S&P 500 में 1.08% की बढ़त रही, और Nasdaq 1.41% उछलकर 17,750.79 पर बंद हुआ। इससे भारतीय बाजार में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा।   कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 19 मार्च को बाजार में तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 147 अंक ऊपर 75,449 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में 73 अंक की तेजी रही, ये 22,907 के स्तर पर बंद हुआ। recent visitors 37

आईआईएम रायपुर के निदेशक काकानी ने सीएम साय से की मुलाकात, पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के लिए किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक रामकुमार काकानी ने आज सौजन्य मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सीएम साय को 22 एंव 23 मार्च 2025 को आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया. मुख्यमंत्री साय ने इस निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की. इस अवसर पर प्रोफेसर संजीव पाराशर भी उपस्थित थे. नेतृत्व और नीति निर्माण पर केंद्रित होगा कार्यक्रम काकानी ने बताया कि यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य समकालीन प्रबंधन और नीति निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है. इस मंच पर प्रख्यात नीति निर्माता, शिक्षाविद और विचारक एकत्र होंगे ताकि विभिन्न विषयों पर सहयोगात्मक सोच और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान की प्रक्रिया के संबंध में सारगर्भित विचार विमर्श किया जा सके. छत्तीसगढ़ में नेतृत्व कौशल को नया आयाम देने की पहल भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक काकानी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति और उनके अनुभवजन्य विचार न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे, बल्कि प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक भी होंगे. काकानी ने यह भी उल्लेख किया कि यह कार्यक्रम विधायकों को प्रभावी नेतृत्व कौशल विकसित करने और नीति निर्माण में नवीन दृष्टिकोण अपनाने के लिए सहयोग करेगा. यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनहितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी. recent visitors 23

गांधीसागर डूब क्षेत्र में रेत के अवैध खनन के खिलाफ पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई

नीमच नीमच जिले की मनासा तहसील के गांव खानखेड़ी और कुंडला गांधीसागर डूब क्षेत्र (बैक वाटर) में रेत के अवैध खनन के खिलाफ पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। खानखेड़ी के नदी घाट पर छापेमारी कर चार फाइटर मशीन, चार बड़ी नाव, एक छोटा जहाज और रेत से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। चंबल नदी के बैंक वाटर में कई मशीनों से अवैध उत्खनन की सूचना पर कलेक्टर ने संज्ञान लिया। कुकड़ेश्वर थाना पुलिस, खनिज विभाग अधिकारी गजेंद्र डाबर, आरआई कुलदीप डाबर, तहसीलदार मुकेश निगम, पटवारी और चौकीदार की टीम मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एक अन्य दल पानी के रास्ते होते हुए भी दबिश देने पहुंचा। टीमों ने खानखेड़ी के नदी घाट पर छापा मारा। वहां चार फाइटर मशीन, चार बड़ी नाव और एक छोटा जहाज अवैध उत्खनन में लगे मिले। पास में रेत से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली भी खड़ी थी। सभी नौ मशीनों और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया। कार्रवाई से पहले ही अवैध उत्खनन करने वाले ट्रैक्टर और मशीनें छोड़कर भाग निकले। खनिज अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली और मशीनों के मालिकों व चालकों की जानकारी जुटाई जा रही है। एसडीएम, खनिज विभाग तथा पुलिस की निगरानी में मौके पर ही जब्त की गई मशीनों को नष्ट कर पानी में डूबो दिया। गौरतलब है कि मंदसौर और नीमच जिले में गांधीसागर के बैक वाटर क्षेत्र में लंबे समय से खनन माफियाओं द्वारा नदी में सक्सर मशीन डाल कर रेती का अवैध खनन कर जिले में स्थित चंबल नदी, रेतम नदी के साथ ही मलेनी नदी को खोखला किया जा रहा था। मीडिया में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद मंदसौर खनिज विभाग द्वारा कुछ दिन पूर्व कार्रवाई की गई थी। उसके बाद अब नीमच जिला प्रशासन और खनिज विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई है।   recent visitors 18