Thursday, July 2, 2026 3:15 pm

उत्तर-पश्चिम रेलवे ने जोधपुर-गांधीधाम-जोधपुर रेलसेवा में विस्तार, अब प्रतिदिन चलेगी ट्रेन

 जोधपुर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने जोधपुर-गांधीधाम-जोधपुर रेलसेवा के संचालन दिवसों में विस्तार करने का निर्णय लिया है। अब यह रेलसेवा सप्ताह में तीन दिन के स्थान पर प्रतिदिन संचालित होगी। इसके साथ ही मार्ग में पड़ने वाले स्टेशनों पर ट्रेन के संचालन समय में भी परिवर्तन किया गया है। उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण ने जानकारी दी कि गाड़ी संख्या 22483 (जोधपुर-गांधीधाम) : यह रेलसेवा 23 मार्च 2025 से सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शनिवार के बजाय प्रतिदिन संचालित होगी। गाड़ी संख्या 22484 (गांधीधाम-जोधपुर) : यह रेलसेवा 24 मार्च 2025 से सप्ताह में मंगलवार, गुरुवार और रविवार के बजाय प्रतिदिन संचालित होगी। समय में परिवर्तन रेलवे ने मार्ग में स्थित विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान समय में भी बदलाव किया है। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले नए समय सारणी की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी रेलवे स्टेशन से प्राप्त कर लें। रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और उनकी यात्रा अधिक सुगम होगी। recent visitors 34

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी डिटेल, कपिल मिश्रा के उस X में क्या विवादित था? 8 अप्रैल को फैसला

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में दिल्ली की अदालत ने पुलिस से कपिल के उस विवादित एक्स पोस्ट की जानकारी मांगी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी के साथ मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। उस दिन कपिल मिश्रा पर आरोप भी तय हो सकता है। आचार संहिता के उल्लंघन वाले मामले पर आज सुनवाई करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उत्तरी पश्चिमी जिले के डीसीपी से 'एक्स' (पहले ट्विटर) से उस पोस्ट की जानकारी जुटाने के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है,जो कथित तौर पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने पोस्ट की थी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि डीसीपी अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने आरोप तय करने पर बहस के लिए मामले को 8 अप्रैल को सूचीबद्ध किया है। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने कपिल मिश्रा को कोई राहत न देते हुए निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कपिल मिश्रा के वकील ने निचली अदालत में चल रही सुनवाई को रोकने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR CrPc में दिए गए नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना दर्ज की गई थी। उनके वकील ने यह भी कहा कि 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर किया गया पोस्ट किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से नहीं किया गया था। सोशल मीडिया पोस्ट में किसी भी धर्म या धार्मिक समुदाय का जिक्र नहीं था। इसके अलावा, पोस्ट में CAA प्रदर्शन को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। recent visitors 27

सलूंबर वन रेंज में वन विभाग ने पकड़े दो पैंथर

उदयपुर सलूंबर वन रेंज में वन विभाग को दोहरी सफलता मिली है। दो दिनों के भीतर क्षेत्र में दो पैंथर पिंजरे में कैद हो गए। ये दोनों पैंथर शिकार के फेर में खुद ही वन विभाग के जाल में फंस गए। क्षेत्रीय वन अधिकारी दिलीप सिंह ने बताया कि कल्याणा कला और आसपास के गांवों में पैंथर का मूवमेंट काफी समय से देखा जा रहा था। ग्रामीणों ने इसे कई बार कैमरे में भी कैद किया। पैंथर लगातार मवेशियों का शिकार कर रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। वन विभाग ने पैंथर को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई और पिंजरा लगाया। मंगलवार रात पैंथर शिकार की तलाश में पहुंचा। पिंजरे में पहले से ही एक बकरा बांधा गया था। बकरे को देखते ही पैंथर ने उस पर झपट्टा मारा और पिंजरे में कैद हो गया। दूसरे मामले में सलूंबर के थड़ा गांव में भी एक पैंथर पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार ओंकारपुरी गोस्वामी के बाड़े में एक सप्ताह से पैंथर की गतिविधियां देखी जा रही थीं, जिससे ग्रामीण भयभीत थे। वन विभाग ने मंगलवार शाम को पिंजरा लगाया और बुधवार तड़के पैंथर शिकार की तलाश में वहां पहुंचा और पिंजरे में फंस गया। अब वन विभाग की टीम दोनों पैंथरों को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की तैयारी कर रही है।  वन विभाग की इस सफलता से स्थानीय लोग राहत महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने विभाग की तत्परता की सराहना की और उम्मीद जताई कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र में सुरक्षा बनी रहेगी। recent visitors 36

जैक फ्रेजर मैक्गर्क के हमवतन दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने चेतावनी दी, IPL पर कही बड़ी बात

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का नया सीजन शुरू होने वाला है। इस सीजन में बहुत से खिलाड़ी अपनी फॉर्म की तलाश में भी उतरेंगे। ऐसे ही एक खिलाड़ी का नाम है जैक फ्रेजर मैक्गर्क। ऑस्ट्रेलिया का यह आक्रामक बल्लेबाज पिछले कुछ वक्त से फॉर्म में नहीं है। उन्होंने बीते साल आईपीएल में डेब्यू किया था और अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया था। लेकिन फिलहाल उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं। इन सबके बीच जैक फ्रेजर मैक्गर्क के हमवतन दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने चेतावनी दी है। गिलक्रिस्ट ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आईपीएल यह बर्दाश्त नहीं करता कि आप रिजल्ट नहीं दे रहे हैं। दिल्ली का जीतना होगा दिल गिलक्रिस्ट ने फॉक्स क्रिकेट से कहाकि दिल्ली ने फ्रेजर मैक्गर्क के ऊपर बहुत भरोसा जताया है। इसलिए यह बहुत अहम हो जाता है कि वह टीम को अच्छी शुरुआत दें। पूर्व ऑस्ट्रेलियन विकेटकीपर-बल्लेबाज ने कहाकि जहां तक मैं जानता हूं आईपीएल में मालिक और कोच इतना मेहरबान नहीं होते। अगर आप बहुत लंबे समय तक नाकाम रहते हैं तो आपको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि हालिया खराब फॉर्म के बावजूद दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने फ्रेजर-मैक्गर्क पर भरोसा जताया है। ऐसी उम्मीद है कि वह फाफ डू प्लेसिस के साथ टीम के लिए ओपनिंग करेंगे। हालात कर सकते हैं मदद एडम गिलक्रिस्ट ने कहाकि हालांकि अरुण जेटली स्टेडियम की बैटिंग फ्रेंडली पिच मैक्गर्क के लिए मददगार हो सकती है। पिछले साल उन्होंने जिन पिचों पर बल्लेबाजी की थी वो हाई स्कोरिंग पिचेज थीं। इस बार भी हालात वैसे ही रहेंगे। अब उनके पास मौका है कि वह किस तरह का प्रदर्शन करते हैं। गौरतलब है कि इस धाकड़ बल्लेबाज को शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की टीम में सीमित मौके मिले हैं। ऐसे में उनका फर्स्ट क्लास करियर भी बहुत आगे नहीं बढ़ पाया है। पिछले सीजन में किया था धमाका अगर पिछले सीजन की बात करें तो जैक फ्रेजर मैक्गर्क ने बेहतरीन बल्लेबाजी की थी। उन्हें किसी घायल खिलाड़ी की जगह लिया गया था। मैक्गर्क ने मौके का फायदा उठाते हुए नौ पारियों में 234.04 की स्ट्राइक रेट से 330 रन बनाए थे। आलम यह हुआ कि अच्छे-अच्छे गेंदबाज उनसे खौफ खाने लगे। हालांकि आईपीएल 2024 के बाद टी20 में उनके आंकड़े उतने प्रभावी नहीं रह गए। हालांकि दिल्ली कैपिटल्स ने मैक्गर्क की क्षमता पर भरोसा दिखाया है और ऑक्शन से पहले नौ करोड़ रुपए में उन्हें रिटेन कर लिया। अब मैक्गर्क के पास मौका है कि वह आईपीएल 2025 में अच्छा प्रदर्शन करके 2026 टी20 वर्ल्डकप के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में दावेदारी पेश करें। recent visitors 26

मुख्यमंत्री ने ली विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक

जयपुर,  मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए है कि राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रसोई गैस सिलेण्डर सब्सिडी एवं अन्य योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न विभागों की परियोजनाओं एवं योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2024-25 में विभागवार निर्धारित की गई राशि का नियमानुसार एवं समुचित व्यय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बजट घोषणाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लोककल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध करवाए है, ताकि आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों का सुगमता एवं तत्परता से लाभ मिल सकें। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। recent visitors 38

विकसित रेल-विकसित भारत विश्व स्तरीय से श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ: एम. जमशेद

भारतीय रेलवे, भारत की विकास कहानी का क्राउचिंग टाइगर, दुनिया की सबसे उल्लेखनीय और कम चर्चित कहानियों में से एक है कि कैसे बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के प्रति जागरूक सार्वजनिक नीति में रणनीतिक निवेश राष्ट्रीय विकास के लिए प्रभावशाली लाभांश हो सकता है। पिछले दशक (2014-2024) के दौरान भारतीय रेलवे ने जो प्रगति की है, वह विकास और प्रगति का स्वर्णिम काल हो सकता है, और यह प्रणाली आज विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते रेलवे नेटवर्क में से एक है। इसके संदर्भ में, भारत की कहानी को क्या अलग बनाता है और इसे विकास के लिए समान महत्वाकांक्षा वाले देशों और क्षेत्रों के लिए एक सबक बनाता है? मुख्य बात एक सार्वजनिक नीति दृष्टिकोण था जिसे सबसे अच्छे ढंग से यह कहकर संक्षेप में प्रस्तुत किया जा सकता है कि रेलवे के लिए योजना भारत के साथ और भारत के लिए बनाई गई है। इसका मतलब यह चिन्हित करना था कि यह प्रणाली आम आदमी के लिए रेलवे के रूप में अपनी आवश्यक भूमिका में विश्व स्तरीय और किफायती बनी रहनी चाहिए, साथ ही भारत के 22.4 मिलियन लोगों के दैनिक प्रयासों के साथ-साथ, जो अपने आर्थिक जीवन के एक हिस्से के रूप में इस सेवा का उपयोग करते हैं – और यह कि इसे एक ऐसी प्रणाली के रूप में समानांतर रूप से विकसित होना चाहिए जो भारत के उद्योग, वाणिज्य और 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था की महत्वाकांक्षा का समर्थन करती है। इसके लिए व्यापार करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव की आवश्यकता थी। अतीत में रेलवे अपनी धीमी विकास दर, आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे की क्षमता संतृप्ति आदि के लिए आलोचना के घेरे में आया था। यह अभी भी उन लोगों से आता है जो पर्याप्त ज्ञान के बिना जानकारी प्राप्त किए पुरानी मानसिकता से चिपके हुए हैं जैसे कि नेटवर्क विकास की अक्सर 1950 के बाद से केवल 68000 किमी तक क्रमिक वृद्धि के लिए आलोचना की जाती है, बिना यह जाने कि लाइन क्षमता वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बढोतरी ट्रैक किलोमीटर की है जो आज 132000 किमी से अधिक हो गई है। पिछले दशक के साथ इसके प्रदर्शन की दस साल की व्यापक तुलना इस बात को साबित करती है। 2014-2024 के दौरान, 2004-2014 के 14900 की तुलना में कुल 31000 किलोमीटर नये ट्रैक की स्थापना की गई है। इसी तरह कुल संचयी माल लदान 8473 मिलियन टन यानी 12660 मिलियन टन तक बढ़ गया तथा भारतीय रेल ने 8.64 लाख करोड़ के मुकाबले 18.56 लाख करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। इसके साथ ही विद्युतीकरण के फलस्वरूप कार्बन फुटप्रिंट पर बचत 5188 किलोमीटर की तुलना में 44000 किलामीटर से अधिक हो गई है। पिछले दशक में शून्य के मुकाबले 2741 किमी लंबे विश्व स्तरीय डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण, लोको का उत्पादन 4695 से बढ़कर 9168 हो गया है और कोचों का निर्माण 32000 से बढ़कर 54000 हो गया। भारतीय रेल ने उत्पादकता और प्रदर्शन के सभी मापदंडों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में प्रमुख सुधार मुख्य बजट के साथ रेलवे बजट के विलय के साथ आया, जिसे स्टीम एज माइंड सेट वाले कई बूमर्स अभी भी बिना किसी स्पष्ट कारण के याद करते हैं। रेलवे को वित्तीय कमी के कारण संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ा, जिसके कारण स्वीकृत परियोजनाओं की बड़ी संख्या में लंबित थी, लेकिन पिछले दशक में जीबीएस में 8.25 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि पिछले दस वर्षों में यह केवल 1.56 लाख करोड़ रुपये था। रेलवे जल्द ही श्रीनगर के लिए अपनी पहली ट्रेन चलाएगा, घाटी में सफर के लिए ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है, इस रेल मार्ग में सबसे ऊंचे पुलों और विशाल पहाड़ों पर नेटवर्क को जोड़ने वाली सबसे लंबी रेल सुरंगों का निर्माण हो चुका है। भारतीय रेलवे अपनी निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए 100% विद्युतीकरण को प्राप्त करने वाला पहला प्रमुख रेलवे बनने वाला है, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी और कार्बन फुटप्रिंट में भारी कमी आएगी। रेलवे नेटवर्क में टक्कर रोधी कवच का उपयोग भी यातायात रेलवे प्रणाली में सबसे बड़ा है। भारत मे संचालित रेलगाड़ियां भी ‘विश्व स्तरीय’ से आगे निकल रही हैं। भारतीय रेलवे ने घरेलू आवश्यकताओं के साथ उन्नत वैश्विक तकनीकों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया है, जिसका लक्ष्य संरक्षित, तेज, स्वच्छ और अधिक आरामदायक रेलगाड़ियां बनाना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय रेल सभी के लिए आसानी से उपलब्ध हो सके। भारतीय रेलवे अपने अनूठे बिजनेस मॉडल के साथ अपने माल ढुलाई राजस्व से यात्री परिहवन के मद के घाटे को वहन करती है और फिर भी लाभदायक बनी रहती है। प्रमुख विकसित रेलवे प्रणालियाँ या तो निजीकरण कर दी गई हैं और उच्च टैरिफ तय करने के लिए स्वतंत्र हैं या अपने घाटे के लिए सरकारी सब्सिडी पर निर्भर हैं, इसके विपरीत भारतीय रेलवे अपने सभी परिचालन और कार्य व्यय का ध्यान रखती है और अपने कैपेक्स के लिए सकल बजटीय सहायता प्राप्त करती है। अन्य साधनों से कड़ी प्रतिस्पर्धा और उत्पन मांग पर निर्भर होने के बावजूद, इसके राजस्व सृजन लक्ष्य साल दर साल रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज करते हुए सफलतापूर्वक हासिल किए जा रहे हैं। यह बात उन बुमर्स और 90 के दशक के बच्चों के लिए आश्चर्य की बात हो सकती है जो भारत में एक साधारण युग को याद करते हैं। “निर्यात गुणवत्ता“ का लेबल लगाने वाली किसी भी चीज़ की कीमत प्रीमियम हुआ करती थी, जबकि सबसे अच्छे उत्पाद – जिन्हें विश्व स्तरीय कहा जाता था – वे यूरोप और अमेरिका के समृद्ध देशों के लिए आरक्षित थे। भारतीयों को अक्सर कुछ गलत सामाजिक-आर्थिक सोच की आड़ में घटिया सामान या सेवाएँ प्रदान की जाती थीं। पीढ़ियों को भारतीय रेलवे जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए भी अपनी अपेक्षाएँ कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालाँकि, 2014 के बाद सरकार के फोकस ने विकास और बुनियादी ढाँचे के निर्माण के प्रति एक दृढ़ प्रगतिशील और प्रेरक दृष्टिकोण अपनाया है। आधुनिक भारत एक ऐसे राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर का हकदार है जो नवाचार की कमी और रूढ़िवादी अंतर्मुखी एजेंडे से मुक्त हो। यह प्रगति आवश्यक रेलवे घटकों के लिए उच्च स्तर के स्थानीयकरण को बनाए रखते हुए और विनिर्माण सुविधाओं को अभूतपूर्व स्तर … Read more

महिलाओं और बालिकाओं के लिए सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर की निःशुल्क जांच सुविधा : चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राज्य में एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वस्थ नारी चेतना अभियान चलाकर महिलाओं में ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की प्रशिक्षित स्टाफ के द्वारा स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालयों में भी सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर की जांच मुफ्त में की जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि टोंक, धौलपुर, बारां, बांसवाड़ा, चूरू, झुंझुनूं तथा जैसलमेर में बीपीएल परिवारों की महिलाओं को पहली डिलीवरी में 4 से 6 महीने में 3 लीटर घी दिया जाता है तथा डिलीवरी के बाद 2 लीटर घी दिया जाता है। अन्य जिलों में बीपीएल, आस्था कार्ड धारक, सहरिया परिवार, कथौड़ी जनजाति की महिलाओं को डिलीवरी के बाद 5 लीटर घी सरस का कूपन देकर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ देने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार के संकल्प पत्र के तहत राज्य की प्रत्येक गर्भवती महिला को पांच लीटर देशी घी उपलब्ध कराने की शुरूआत चरणबद्ध रूप से की जाएगी। इससे पहले विधायक श्री मनीष यादव के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वस्थ‍ नारी चेतना अभियान के तहत माह अप्रेल 2024 से जनवरी 2025 तक महिलाओं में ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग का जिलेवार एवं संस्थावार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने विगत 1 वर्ष में चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालयों में की गई सर्वाइकल एवं स्तन कैंसर की मुफ्त जांचों का अस्पतालवार विवरण भी सदन के पटल पर रखा। श्री खींवसर ने बताया कि केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देश उपरान्त राज्य में बालिकाओं को मुफ्त एचपीवी वैक्सीन लगाई जायेगी। केन्द्र सरकार द्वारा एचपीवी वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी में सम्मिलित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के संकल्प पत्र 2023 में राज्य की प्रत्येक गर्भवती महिला को पांच लीटर देशी घी उपलब्ध कराने के संबंध में की गई घोषणा की क्रियान्विति प्रक्रियाधीन है। recent visitors 36