Thursday, July 2, 2026 4:33 pm

इंदौर में निगम अमले ने पहले तीन मंजिला बिल्डिंग पर बनाए पेंटा हाउस को तोड़ा, फिर तल मंजिल पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया

इंदौर इंदौर के धार कोठी क्षेत्र में नगर निगम ने गुरुवार सुबह अवैध निर्माण हटाया। मौके पर पहुंचे अमले ने पहले तीन मंजिला बिल्डिंग पर बनाए गए अवैध पेंटा हाउस को तोड़ा, फिर तल मंजिल पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया। एक माह पहले भवन मालिक को नगर निगम ने स्वेच्छता से अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा था, लेकिन तय समय के बावजूद निर्माण नहीं तोड़ा गया, इसलिए गुरुवार सुबह रिमूवल गैंग ने मौके पर पहुंच कर निर्माण तोड़ दिया। नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा से इस बिल्डिंग को लेकर जी प्लस थ्री के निर्माण की अनुमति मिली थी, लेकिन आगे एमअेाएस को कवर कर लिया गया था और छत पर पेंटा हाउस भी बना लिया गया था। जिस इलाके में तीन मंजिल भवन बनाया गया है। वह आवासीय है, लेकिन यहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थी। इसे लेकर भी पवित्र आत्मा संघ की अध्यक्ष गीता जोसेफ को नोटिस दिया था, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की गई। इस इलाके में कुछ अन्य भवनों में भी नक्शे के विपरित निर्माण हुआ है। निगम की तरफ से उन भवनों को भी नोटिस जारी हुए है। recent visitors 33

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी केंद्रों पर खरीदी में महिलाओं की भी भागीदारी, ये डॉक्यूमेंट रखें तैयार

भोपाल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें रोजगार के साधन मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने इस साल भी गेहूं उपार्जन केंद्रों पर न्यूनतम मूल्य पर गेहूं के उपार्जन में महिलाओं की भागीदारी तय करने का फैसला किया है। गेहूं का उपार्जन 15 मार्च से शुरू हो चुका है जो 5 मई तक जारी रहेगा , उपार्जन के लिए पंजीयन चल रहा है जो 31 मार्च तक चलेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहू के उपार्जन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को कार्य देने का प्रावधान उपार्जन नीति में किया गया है।  राजपूत ने बताया है कि महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिए प्रक्रिया निर्धारित कर निर्देश जारी कर दिये गये हैं। एक साल पहले का हो पंजीयन उन्होंने शर्तों की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों का एक वर्ष पूर्व (एक जनवरी, 2025 की स्थिति में) का पंजीयन होना चाहिए। महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों के बैंक खाते में न्यूनतम 2 लाख रुपये जमा हों। समूह द्वारा पिछले एक वर्ष में नियमित रूप से  बैठकों का आयोजन किया गया हो। सभी सदस्य/पदाधिकारी महिला होना चाहिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त ये है कि समूह में समस्त सदस्य/पदाधिकारी महिलाएं हो। विगत वर्षों में उपार्जन कार्य में कोई अनियमितता नहीं की गयी हो,  महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अनुशंसा जरूरी है। ये हैं आवश्यक दस्तावेज समूहों को पंजीयन प्रमाण-पत्र, पिछले 6 माह के बचत खाते का बैंक स्टेटमेंट, पिछले 3 माह की बैठकों का कार्यवाही विवरण और आवश्यक राशि की उपलब्धता का प्रमाण सहित अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे। उपार्जन कार्य के लिए महिला स्व-सहायता समूहों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जायेगा। महिलाओं की भागीदारी के लिए क्या हैं नियम? महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिए प्रक्रिया निर्धारित कर निर्देश जारी कर दिये गये हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों का एक वर्ष पूर्व (एक जनवरी, 2025 की स्थिति में) का पंजीयन होना चाहिए. महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों के बैंक खाते में न्यूनतम 2 लाख रूपये जमा हों. समूह द्वारा विगत एक वर्ष में नियमित रूप से बैठकों का जायोजन किया गया हो. समूह में समस्त सदस्य/पदाधिकारी महिलाएं हो. विगत वर्षों में उपार्जन कार्य में कोई अनियमितता नहीं की गयी हो और महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अनुशंसा जरूरी है. ये मिलेगा मानदेय महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य के लिये विभाग द्वारा उपार्जन एवं पंजीयन की अवधि के लिये कम्प्यूटर ऑपरेटर का मानदेय दिया जायेगा। साथ ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन एवं प्रासंगिक व्यय भी दिये जायेंगे। गेहूँ की खरीदी के लिये 2648 उपार्जन केन्द्र बनाये जा चुके हैं। 2600 रुपये क्विंटल MSP पर हो रही गेहूं की खरीद   आपको बता दें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहू की खरीदी 15 मार्च से शुरू हो चुकी है ये खरीदी 5 मई तक की जायेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  के निर्देश पर मप्र सरकार किसानों को 175 रुपये प्रति क्विटल बोनस भी दे रही है। इसलिए इस बार सरकार 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है। 31 मार्च 2025 तक होगा पंजीयन मंत्री ने कहा किसानों को गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग करनी होगी। जिन किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, वे 31 मार्च 2025 तक करवा सकते हैं। उन्होंने बताया खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए टेंट, बैठने की व्यवस्था, पानी, पंखे, तौल मशीन और कंप्यूटर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। गेहूं की साफ-सफाई के लिये क्लीनिंग मशीन भी लगाई जा रही है। ये डॉक्यूमेंट हैं जरूरी समूहों को पंजीयन प्रमाण-पत्र, विगत 6 माह के बचत खाते का बैंक स्टेटमेंट, विगत 3 माह की बैठकों का कार्यवाही विवरण और आवश्यक राशि की उपलब्धता का प्रमाण सहित अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे. उपार्जन कार्य के लिए महिला स्व-सहायता समूहों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जायेगा. महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य के लिये विभाग द्वारा उपार्जन एवं पंजीयन की अवधि के लिये कम्प्यूटर ऑपरेटर का मानदेय दिया जायेगा. साथ ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन एवं प्रासंगिक व्यय भी दिये जायेंगे. recent visitors 29

उज्जैन : महिला इंजीनियर को अश्लील मैसेज भेजने वाले कार्यपालन यंत्री के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली

उज्जैन उज्जैन नगर निगम की महिला सभी इंजीनियर को अश्लील मैसेज भेजने और रात में घर बुलाने के लिए दबाव बनाने वाले कार्यपालन यंत्री के खिलाफ कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. अभी कार्यपालन यंत्री फरार बताया जा रहा है. दरअसल, उज्जैन नगर निगम में सब इंजीनियर के पद पर पदस्थ 35 वर्षीय महिला अधिकारी ने अपने ही विभाग के कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. महिला सब इंजीनियर का आरोप है कि कार्यपालन यंत्री भार्गव ने लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वे रात के समय उन्हें घर बुलाते थे. इसके अलावा फोन पर अश्लील बातें भी करते थे. महिला अधिकारी ने व्हाट्सएप चैटिंग के अलावा पीयूष भार्गव की ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग भी सबूत के तौर पर पुलिस के समक्ष पेश की थी, जिसके बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. एसपी प्रदीप कुमार शर्मा के मुताबिक आरोपी पीयूष भार्गव को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. अभी आरोपी फरार है. 'नौकरी छोड़ने का बना लिया था मन' महिला अधिकारी ने अपने शिकायत में यह भी लिखा है कि पीयूष भार्गव की वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन फिर उन्हें एहसास हुआ कि भार्गव दूसरी महिला अधिकारियों के साथ भी इस तरीके से बर्ताव कर सकता है. इसके बाद उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक की सलाह पर उन्होंने पुलिस में भी शिकायत की है. 7 दिनों में होगी जांच पूरी नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि पीयूष भार्गव के खिलाफ उनके पास महिला अधिकारी ने शिकायत की है. महिला अधिकारी की शिकायत पर जांच कमेटी बनाई गई है जो कि सात दिनों मे अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इसके बाद निगम की ओर से अलग से कार्रवाई की जाएगी. पहले भी हो चुका है विवाद कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव पूर्व में रिटायर हो चुका है. उसे संविदा के आधार पर रखा गया है. पूर्व में भी वे कई बार विवादों में रह चुके हैं. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण करने वाली जांच एजेंसी भी जांच कर चुकी है. recent visitors 38

युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा को वकील ने कहा, तलाक हो गया है, शादी टूट गई

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा का आज आधिकारिक रूप से तलाक हो गया है। कोर्ट में आज (20 मार्च) उनके तलाक पर अंतिम फैसला आया। दोनों मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुए और उन्हें तलाक दे दिया गया। वकील ने कहा, "तलाक हो गया है, शादी टूट गई है। बता दें कि यह मामला क्रिकेट और ग्लैमर की दुनिया में काफी चर्चा में रहा है, क्योंकि दोनों की जोड़ी सोशल मीडिया पर बेहद पॉपुलर थी। लेकिन अब यह रिश्ता टूट गया है। बांद्रा फैमिली कोर्ट में धनश्री अपने चेहरे को ढककर कोर्ट पहुंचीं। दोनों ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।   युजवेंद्र चहल भी अपने वकील के साथ फैमिली कोर्ट पहुंचे, लेकिन उन्होंने मास्क और हुडी पहनकर अपने चेहरे को पूरी तरह ढक लिया, जिससे किसी को उनकी पहचान न हो। उनका कोर्ट परिसर में प्रवेश करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।   एलिमनी पर बनी सहमति बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच 4.75 करोड़ रुपये के एलिमनी सेटलमेंट पर सहमति बन चुकी है। चहल ने पहले ही 2.35 करोड़ रुपये धनश्री को दे दिए हैं। युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा की शादी साल 2020 में बड़ी धूमधाम से हुई थी। हालांकि, पिछले एक साल से दोनों अलग रह रहे थे। हाल ही में धनश्री ने अपने इंस्टाग्राम से चहल के साथ तस्वीरें डिलीट कर दी थीं, लेकिन अब उन्हें दोबारा अनआर्काइव कर दिया है।   recent visitors 27

आईपीएल 2025 में सीएसके और आरसीबी के बीच 28 मार्च को मैच, कोहली की टीम की इतनी घनघोर बेइज्जती

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की राइवलरी जगजाहिर है। आईपीएल 2025 में सीएसके और आरसीबी के बीच 28 मार्च को मैच है। इस मैच से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज ने एस बद्रीनाथ ने आरसीबी का जमकर मजाक उड़ाया है। बद्रीनाथ ने इसको लेकर एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। बता दें कि दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला बेंगलुरु में तीन मई को खेला जाएगा। इस सीजन में आरसीबी नए कप्तान, रजत पाटीदार के साथ आईपीएल में उतरी है। ऐसा है वीडियो नए सीजन की शुरुआत से पहले बद्रीनाथ ने दोनों टीमों को लेकर सोशल मीडिया पर आग लगा दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में वह मजाकिया अंदाज में सभी टीमों के प्रतिनिधियों से मिल रहे हैं। वह अन्य सभी से हाथ मिलाते हैं या गले मिलते हैं। हालांकि जैसे ही आरसीबी प्रतिनिधि की बारी आती है, ब्रदीनाथ उसे नजरअंदाज करके आगे बढ़ जाते हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। फैन्स भी इस पर खूब कमेंट्स कर रहे हैं। तगड़ी रहती है भिड़ंत दोनों टीमों के बीच प्रतिद्वंद्विता हमेशा चरम पर रही है। जब मैदान पर सीएसके और आरसीबी के दिग्गज भिड़ते हैं तो फैन्स की निगाहें उनके ऊपर रहती हैं। आईपीएल 2024 की बात करें तो आरसीबी ने रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज करके प्लेऑफ में जगह बना ली थी। वहीं, सीएसके की टीम का दिल टूट गया था। मैच जीतने के बाद आरसीबी के खेमे ने जिस अंदाज में जश्न मनाया था, उससे साफ हो गया था कि उनके लिए इस जीत के मायने क्या थे। सीएसके का रहा है दबदबा गौरतलब है कि आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स का दबदबा रहा है। उसने पांच पर खिताब जीता है और कंसिस्टेंसी की मिसाल कायम की है। सीएसके आईपीएल की पहली टीम थी, जिसने लगातार दो खिताब जीते। उसने 2011 के फाइनल में आरसीबी को मात दी थी। दूसरी तरफ हमेशा स्टार्स से भरी टीम होने के बावजूद आरसीबी एक बार भी आईपीएल नहीं जीत पाई है। तीन बार ऐसा हुआ है जब आरसीबी आईपीएल खिताब के करीब पहुंची। 2016 में कोहली की कप्तानी में आखिरी बार ऐसा हुआ था। हालांकि एसआरएच ने उसे हरा दिया था। recent visitors 27

बदायूं में 91 दिन में दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी की सजा

बदायूं बदायूं में सात साल की बच्ची का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म व हत्या करने के दोषी जानेआलम उर्फ जैना को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव की अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 2.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। खास बात यह है कि मुकदमा चलने के 91 वें दिन फैसला आया है। बिल्सी क्षेत्र की रहने वाली कक्षा तीन की छात्रा 18 अक्तूबर 2024 को दोपहर करीब तीन बजे बाहर गई थी, लेकिन काफी देर बाद भी घर नहीं लौटी। तलाश के दौरान पुलिस व परिजनों को रात करीब नौ बजे एक खंडहरनुमा घर की अलमारी में बच्ची का शव कपड़े में लिपटा हुआ मिला था। उसका सिर कुचला हुआ था। चेहरे पर खरोंच के निशान थे। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत अपहरण, दुष्कर्म व हत्या की धारा में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मुठभेड़ में पकड़ा गया था आरोपी पुलिस ने देर रात में ही इलाके के कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसमें बिल्सी कस्बे के वार्ड चार का रहने वाला जानेआलम उर्फ जैना पुत्र रियाजउद्दीन बच्ची को ले जाते हुए दिखा। पुलिस ने देर रात मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में जानेआलम ने बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना स्वीकार की थी। बुधवार को अदालत ने जानेआलम को मृत्युदंड की सजा सुनाते हुए 2.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 18 दिसंबर को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हुई थी। 18 मार्च को कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया और 19 को सजा सुना दी। नियमों के अनुसार विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की ओर से सजा की फाइल उच्च न्यायालय भेजी जाएगी। वहां से पुष्टि होने के बाद फांसी दी जाएगी, तब तक जानेआलम जेल में बंद रहेगा।   पहचान उजागर करने पर यूट्यूबर पर मुकदमे का आदेश अदालत ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले यूट्यूबर पर मुकदमे का आदेश दिया है। अदालत ने एसएसपी को आदेश दिया है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने पर यूट्यूबर शिवा पाराशर निवासी मोहल्ला नंबर दो, बिल्सी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। यूट्यूबर ने अपने चैनल के माध्यम से पीड़िता की पहचान को उजागर किया था। पिता बोले- अदालत के फैसले से संतुष्ट दोषी जानेआलम को सजा सुनाए जाने के वक्त बच्ची के पिता भी अदालत परिसर में मौजूद थे। जैसे ही अदालत ने जानेआलम को मृत्युदंड की सजा सुनाई, उनके आंसू छलक आए। कहा- दोषी को फांसी की सजा से मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं। इससे बड़ी सजा और क्या हो सकती है। अदालत ने सजा सुनाते हुए की टिप्पणी स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश ने सात साल की छात्रा के साथ अपहरण के बाद दुष्कर्म व हत्या के दोषी को सजा सुनाते हुए आदेश दिया है कि दोषी को फांसी के फंदे पर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाए। साथ ही अदालत ने कहा कि बालिका से दुष्कर्म करने के बाद हत्या करना कोई सामान्य घटना नहीं है।   अदालत ने जानेआलम को सजा सुजा सुनाते हुए टिप्पणी में कहा कि अबोध बालिका के साथ दुष्कर्म व हत्या की कोई भी घटना सामान्य नहीं होती। यहां यह बताना जरूरी है कि बालिका के साथ दरिंदगी करते हुए दुष्कर्म के बाद उसकी जीवन लीला ईंट से सिर कुचलकर समाप्त कर दी गई। यह घटना जनमानस को झकझोरने वाली है। ऐसे में उच्चतम न्यायालय की विधि व्यवस्था यूनियन ऑफ इंडिया बनाम देवेंद्र राय (2006)2 एससीसी 242 में समुचित दंड दिए जाने की व्यवस्था दी गई है। इसमें कहा गया है कि किसी भी दोष सिद्ध के प्रति सजा सुनाते समय सहानुभूति नहीं दिखानी चाहिए, क्योंकि इससे समाज में गंभीर संकट उत्पन्न होता है। आम जनता में न्याय प्रशासन के प्रति अविश्वास उत्पन्न होता है। झूठी गवाही में फंसा परवेज सात साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में एक गवाह ने झूठी गवाही दी। बिल्सी पुलिस ने मुकदमे की विवेचना के दौरान मजबूत साक्ष्यों को संकलित करने के साथ ही कड़ी पैरवी की। इससे गवाही जानेआलम को राहत नहीं दे सकी।  मुकदमे में गवाह बने परवेज ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।   recent visitors 34

घनी टाइगर आबादी वाला देश का टाइगर रिजर्व बना रणथंभौर रचा इतिहास

सवाई माधोपुर राजस्थान का रणथंभौर टाइगर रिजर्व, जो विश्व पटल पर अपनी बाघों की अठखेलियों के लिए प्रसिद्ध है ने एक और कीर्तिमान रच दिया है। यह देश का सबसे घनी टाइगर आबादी वाला टाइगर रिजर्व बन गया है। यहां कुल 66 बाघ, बाघिन और शावक हैं, जिनमें 23 बाघ, 25 बाघिन और 18 शावक शामिल हैं। खास बात यह है कि रणथंभौर में टाइगर शावकों की संख्या कुल आबादी का लगभग 27.27% है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व 1334 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें केवल 940 वर्ग किलोमीटर में ही बाघ विचरण करते हैं। इस सीमित क्षेत्र में बाघों की इतनी अधिक संख्या ने इसे देश का सबसे घनी टाइगर आबादी वाला टाइगर रिजर्व बना दिया है। एक बाघ के हिस्से में औसतन 14.25 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र आता है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व को दो डिवीजन में विभाजित किया गया है। पहला डिवीजन 940 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जिसमें 600 वर्ग किलोमीटर को कोर एरिया और शेष को बफर एरिया कहा जाता है। इसके अलावा 128 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र पालीघाट चंबल घड़ियाल सेंचुरी का हिस्सा है। आमतौर पर एक टाइगर अपनी टेरेटरी पेड़ों पर स्प्रे (पेशाब) और पंजों के निशान बनाकर निर्धारित करता है। रणथंभौर में एक विशेष स्थिति यह है कि यहां बाघ एक-दूसरे की टेरेटरी को ओवरलैप कर रहे हैं, जिससे बाघों के बीच टेरिटोरियल फाइट की घटनाएं भी होती हैं। कई बार ऐसे संघर्षों में बाघों की मौत भी हो चुकी है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रथम के डीएफओ रामानंद भाकर ने बताया कि वन विभाग रणथंभौर के क्वालंजी वन क्षेत्र को टाइगर हैबिटाट के रूप में विकसित कर रहा है। इसके अतिरिक्त रणथंभौर से रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य, बूंदी तक एक टाइगर कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है। इस पहल से बाघों को पर्याप्त पर्यावास मिलेगा और संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही कैलादेवी अभयारण्य को भी विकसित किया जा रहा है। जब ये इलाके विकसित होंगे तो रणथंभौर के बाघों को पर्याप्त जगह मिल सकेगी। recent visitors 47