Thursday, July 2, 2026 7:49 pm

छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल बीजापुर जिले के युवाओं ने आज लोकतंत्र के मंदिर—विधानसभा परिसर में इतिहास रच दिया

रायपुर राज्य की ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे बीजापुर के इन युवा प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने एकजुट होकर अपनी मंशा व्यक्त की – "हम अपने गांव, जिले और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त देखना चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर अपने भविष्य को उज्जवल बनाना चाहते हैं।" इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं की इस मजबूत इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा, "आपका संकल्प ही हमारा संकल्प है। यदि क्षेत्र के युवा ठान लें, तो हम सभी के सहयोग से जल्द ही नक्सलवाद के अंधकार को समाप्त कर छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।" ‘नियद नेल्ला नार योजना’ से विकास की नई रोशनी मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से उनके गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निरंतर खुल रहे सुरक्षा कैंपों और सुदूर अंचलों में प्रशासन की बढ़ती पहुंच से नक्सली दायरा सिमटता जा रहा है, जिससे अब विकास को नई गति मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई महत्वपूर्ण चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार भी बीजापुर और बस्तर संभाग के अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य के दूरस्थ इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और वहां हो रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके गांवों में मोबाइल टावर लगाने, पक्की सड़कें बनाने, हर घर तक बिजली पहुंचाने और परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने की योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है ताकि सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके। बीजापुर के युवाओं के लिए ऐतिहासिक दिन – विधानसभा और राजधानी का अनुभव मिला बीजापुर जिले के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों युवाओं के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक अनुभव से कम नहीं था। राजधानी रायपुर में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ विधानसभा और वनवासी कल्याण आश्रम का दौरा किया। राजधानी में आगमन के दौरान युवाओं ने विधानसभा परिसर का दौरा किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। वे पहली बार लोकतंत्र के इस मंच से जनप्रतिनिधियों की बहस और नीतिगत चर्चाओं को देखकर रोमांचित हो उठे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक धर्म कौशिक, अनुज शर्मा और सुलता उसेंडी ने भी युवाओं से भेंट कर चर्चा की। 'सरकार आपके साथ है' – उपमुख्यमंत्री का आश्वासन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से उनके गांव की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आपके गांवों में पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, राशन, चिकित्सा और आवास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सशक्त युवा – सशक्त छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर युवाओं को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो कोई भी ताकत क्षेत्र  के विकास को बाधित नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी अब बदलाव के लिए तैयार है। बीजापुर के युवाओं की यह मजबूत आवाज पूरे प्रदेश के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है। नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ – विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर के युवाओं से कहा कि हम आपके साथ हैं, आपके गांव के विकास और आप सभी के स्वर्णिम भविष्य को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।  उन्होंने युवाशक्ति से आह्वान किया कि इस बदलाव का हिस्सा बनें, अपने सपनों को साकार करें, और छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त, विकसित और समृद्ध राज्य बनाएंगे। recent visitors 27

बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 18 नक्सली ढेर, एक जवान शहीद

बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में आज तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। बीजापुर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक जवान का बलिदान हो गया है। वहीं नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गए हैं। वहीं हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। मुठभेड़ और तलाशी अभियान जारी है। बीजापुर और दंतेवाड़ा की सीमा के पास थाना गंगालुर क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर संयुक्त टीम निकली थी। अभियान के दौरान आज सुबह 7 बजे से माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग शुरू हो गई। मुठभेड़ में 18 नक्सली ढेर मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ 18 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ मुठभेड़ में बीजापुर डीआरजी के एक जवान का बलिदान हो गया है। मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजापुर और दंतेवाड़ा की सरहद के जंगली क्षेत्र गंगालुर थाना इलाके के तोड़का एंड्री के जंगल में सुरक्षाबलों की संयुक्त पार्टी के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान होने की खबर है। मुठभेड़ में बीजापुर में 18 माओवादियों के मारे जाने की खबर है. वहीं, कांकेर में 4 नक्सली ढेर हुए है. दोनों जगह मिलाकर 22 नक्सली ढेर हुए हैं. नक्सल  एडीजी  विवेकानंद सिन्हा ने जी मीडिया से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान इसकी पुष्टि की है.  बीजापुर में 18 नक्सली ढेर जानकारी के मुताबिक, बीजापुर में पुलिस के जवानों को सूचना मिली थी कि  कि गंगालूर इलाके के एंड्री के जंगलों में भारी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी है. इस सूचना के बाद पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त पार्टी को इलाके में भेजा गया. जहां पहले से मौजूद नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को देखते ही गोलीबारी शुरू कर दी. जवानों की टीम भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देना शुरू कर दी. जवानों ने इस मुठभेड़ के दौरान 18 नक्सलियों को ढेर किया है.  नक्सल मुठभेड़ मामले में गृह मंत्री विजय शर्मा – बीजापुर-दंतेवाड़ा के गंगलूर में सुबह से मुठभेड़ जारी है. 18 नक्सलियों के शव गंगलूर से बरामद किए हैं. एक जवान नक्सल मुठभेड़ में शहीद हुए हैं. छत्तीसगढ़ की पूरी सरकार शहीद जवान के परिवार के साथ खड़ी है. जवानों की भुजाओं की ताकत पर बड़ा ऑपरेशन सफल हुआ है. बीजापुर नक्सलवाद का एक बड़ा क्षेत्र है. समूचा बस्तर, बीजापुर लाल आतंक से मुक्त होगा. समूचा बस्तर, बीजापुर अब बदल रहा है. नक्सलियों के शव का चिन्हांकन होना बचा है.. recent visitors 22

यमन के हूती चरमपंथियों ने अमेरिका के शक्तिशाली ड्रोन MQ-9 को मार गिराया

सना  यमन के हूती चरमपंथियों ने अमेरिका के शक्तिशाली ड्रोन MQ-9 को मार गिराया है। लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह से जुड़े मीडिया आउटलेट अल-मायादीन ने बताया है कि अमेरिकी ड्रोन को यमन के पश्चिमी धामर प्रांत में मार गिराया गया। रिपोर्ट में हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि अमेरिकी ड्रोन को किसने मार गिराया। अक्टूबर 2023 के बाद यह 16वां अमेरिकी MQ-9 ड्रोन है जिसे यमन में मार गिराया गया है। एक और ड्रोन के गिराए जाने इस अमेरिकी किलर मशीन की क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 3.2 करोड़ डॉलर है MQ-9 की कीमत हूतियों ने 3.2 करोड़ डॉलर वाले MQ-9 रीपर ड्रोन को उस समय मार गिराया है, जब अमेरिकी सेना ने पिछले सप्ताह ही यमन में बड़े हमले शुरू किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने हूतियों के खिलाफ घातक हमले किए हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना ने अभी तक रीपर ड्रोन के गिराए जाने को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। इसी महीने गिराया था एक और ड्रोन इसी महीने में यह अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन के खिलाफ हूतियों की दूसरी सफलता है। मार्च की शुरुआत में हूती चरमपंथियों ने दावा किया था कि उन्होंने पश्चिमी यमन के हुदैदाह जिले के ऊपर एक और अमेरिकी निर्मित एमक्यू-9 को मार गिराया है। हूती सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा था कि उनके हवाई सुरक्षा बलों ने ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाया, जब यह कथित तौर पर यमनी क्षेत्र में अभियान चला रहा था। अमेरिकी वायु सेना ने तब बताया था कि उसने लाल सागर के ऊपर संचालन करते समय एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन से संपर्क खो दिया था। अमेरिकी अधिकारी के हवाले से अल-अरबिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि एमक्यू-9 ऑपरेशन पोसायडन ऑर्चर के समर्थन में ऑपरेशन कर रहा था। अधिकारी ने घटने कारण और उससे जुड़ी किसी भी कार्रवाई का पता लगाने के लिए आकलन करने की बात कही थी। भारत के लिए क्यों हैं टेंशन? यमन में अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन का गिरना भारत के लिए भी चिंता की बात है। भारत इस ड्रोन के प्रीडेटर वैरिएंट के लिए अमेरिका के साथ 3.6 अरब डॉलर की डील की है। इस डील के तहत भारत को अमेरिका से 31 एमक्यू-9 रीपर ए (प्रीडेटर) ड्रोन हासिल होने हैं। लेकिन यमन में इन ड्रोन की नाकामी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि अगर हूती विद्रोही अपनी हल्की मिसाइल और रॉकेट से इसे मार गिरा रहे हैं तो चीन जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने यह कितना कारगर होगा और क्या भारत को इस पर भरोसा करना चाहिए? recent visitors 33

जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के भारतीय छात्र की गिरफ्तारी, हमास से संबंध रखने का लगाया गया है आरोप

वॉशिंगटन  अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक भारतीय छात्र को गिरफ्तार किया गया है। बदर सूरी नाम के इस छात्र पर DHS (यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी) ने आरोप लगाया है कि उसका फिलिस्तीनी गुट हमास से संबंध हैं। उस पर सोशल मीडिया पर हमास का प्रचार और यहूदी विरोधी बातें फैलाने का भी इल्जाम है। अमेरिका गाजा को नियंत्रित करने वाले हमास को आतंकी गुट मानता है। बदर के वकील ने  बताया कि ट्रंप प्रशासन उसे अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा बताकर भारत डिपोर्ट करने की योजना बना रहा है। फिलहाल उसका केस लुइसियाना के अलेक्जेंड्रिया की इमिग्रेशन कोर्ट में है। वाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने बताया है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि सूरी के काम उसके निर्वासन के लिए काफी हैं। बयान में कहा गया है कि सूरी एक छात्र वीजा पर अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसने एक अमेरिकी लड़की से शादी की हुई है। बदर को सोमवार रात वर्जीनिया के रॉसलिन में उसके घर के बाहर से पुलिस ने गिरफ्तार किया। फिलहाल कोर्ट में है केस बदर सूरी वॉशिंगटन डीसी के जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस में अलवलीद बिन तलाल सेंटर फॉर मुस्लिम-क्रिश्चियन अंडरस्टैंडिंग में फेलो हैं। DHS ने फॉक्स न्यूज को बताया कि सूरी पर हमास से संबंध रखने का आरोप है। हालांकि DHS ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है। इस पर सूरी के वकील ने भी सवाल किए हैं। कोलंबिया यूनिवर्सिटी की भारतीय पीएचडी छात्रा रंजनी श्रीनिवासन को भी हाल ही में अमेरिका छोड़ना पड़ा है। उन्होंने भी फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन किया था। इसके चलते उनका वीजा 5 मार्च को रद्द कर दिया गया था। उन पर भी आतंकवाद का समर्थन करने और हमास से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया। इससे रंजनी श्रीनिवासन को सेल्फ डिपोर्टेशन के लिए मजबूर होना पड़ा। ट्रंप प्रशासन ने चला रखा है अभियान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने फिलहाल कोलंबिया यूनिवर्सिटी को मिलने वाली करीब 400 मिलियन डॉलर की सरकारी मदद रोकी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अगर कोई छात्र हिंसा और आतंकवाद का समर्थन करता है, तो उसे अमेरिका में रहने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। इस पर ट्रंप प्रशासन सख्त दिख रहा है। recent visitors 18

इजरायल ने गाजा पट्टी में एक बार फिर हवाई हमले शुरू कर दिए, अब आरपार की लड़ाई का ऐलान

तेल अवीव  इजरायल ने गाजा पट्टी में एक बार फिर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इजरायली सेना ने मंगलवार को एक के बाद एक हमले किए। इससे गाजा में कम से कम 400 से ज्‍यादा लोगों की मौत हुई है। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्‍याहू ने कहा कि हमास के खिलाफ हमले जारी रहेंगे। ये हमले तब हुए हैं, जब गाजा में जनवरी में शुरू हुए युद्धविराम का पहला फेज खत्म हो गया है। युद्धविराम पर दोनों पक्षों की सहमति ना बन पाने के बाद इजरायल गाजा में बम बरसा रहा है। हालांकि गाजा को नियंत्रित करने वाला फिलिस्तीनी गुट हमास ने इजरायल के हमले और बेंजामिन नेतन्‍याहू की धमकी के बावजूद अपना रुख नहीं बदला है। इजरायली वेबसाइट यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास के अपने रुख में कोई नरमी नहीं है, वह बंधक और युद्धविराम समझौते के लिए अपनी शर्तों पर अड़ा है। एक अधिकारी ने द यरूशलम पोस्ट को बताया कि हमास फिलहाल अपना रुख बदलने के मूड में नहीं दिख रहा है। इससे इजरायल का रुख और सख्त हो सकता है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री काट्ज और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ गाजा मुद्दे पर बुधवार को तीन घंटे तक मीटिंग की है। इस बैठक में हमास और गाजा पर हमले तेज करने का फैसला लिया गया है। 'जमीनी बल भी गाजा में जाएंगे' इजरायली अधिकारी ने कहा है कि उनके जमीनी बलों की नेटजारिम कॉरिडोर में एंट्री सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में इजरायल का रिएक्शन और ज्यादा कड़ा हो सकता है। इजरायल ने गाजा में हमास के शासन को खत्म करने पर जोर दिया है। इजरायल के मिनिस्टर मिकी जोहर लिकुड ने कहा कि हमने हमास के प्रति अपना रवैया ज्यादा सख्त करने का फैसला किया है। जोहर ने कहा, 'इजरायल चाहता है कि बंधकों की वापसी हो और हमास को निशस्त्र कर दिया जाए। मेरा मानना है कि गाजा पट्टी पर पूरी तरह इजरायल का नियंत्रण हो। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कैबिनेट लड़ाई जारी रखने के पक्ष में हैं।' मिनिस्टर ओरिट स्ट्रोक ने कहा कि इजरायल का अंतिम लक्ष्य हमास को खत्म करना है। ये युद्ध से ही होगा, इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है। ओरिट स्ट्रोक ने आगे कहा कि इजरायली सेना ने हालिया हवाई हमलों में हमास के नागरिक नेतृत्व को भी निशाना बनाया है। यह बात 7 अक्टूबर, 2023 को ही तय हो गई थी लेकिन इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया गया था।अब हम उस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस पर हम पीछे नहीं हटेंगे। recent visitors 51

बीजापुर-दंतेवाड़ा में नक्सलियों से मुठभेड़, दो नक्सली ढेर, एक जवान शहीद

बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में आज तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। बीजापुर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक जवान का बलिदान हो गया है। वहीं नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं। दोनों के शव बरामद हो गए हैं। वहीं हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। मुठभेड़ और तलाशी अभियान जारी है। बीजापुर और दंतेवाड़ा की सीमा के पास थाना गंगालुर क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर संयुक्त टीम निकली थी। अभियान के दौरान आज सुबह 7 बजे से माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग शुरू हो गई। मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ दो नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ मुठभेड़ में बीजापुर डीआरजी के एक जवान का बलिदान हो गया है। मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजापुर और दंतेवाड़ा की सरहद के जंगली क्षेत्र गंगालुर थाना इलाके के तोड़का एंड्री के जंगल में सुरक्षाबलों की संयुक्त पार्टी के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान होने की खबर है। recent visitors 20

IPL 2025: रियान पराग बनाया राजस्थान रॉयल्स का कप्तान, जानिए क्या है कारण

जयपुर आईपीएल 2025 सीजन से पहले राजस्थान रॉयल्स पर एक बड़ी आफत टूट गई है. टीम के कप्तान संजू सैमसन अपनी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं. इसके चलते राजस्थान रॉयल्स ने बड़ा फैसला लेते हुए कप्तानी में बदलाव किया है और स्टार ऑलराउंडर रियान पराग को टीम की कमान सौंपी है. सैमसन इस दौरान रियान पराग की कप्तानी में खेलते दिखेंगे. राजस्थान रॉयल्स का पहला मैच 23 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद से है. इसमें पहली बार रियान पराग कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे. 3 मैचों के लिए कप्तान बने रियान पिछले कुछ हफ्तों से उंगली की चोट से जूझ रहे संजू सैमसन अभी तक पूरी तरह इससे उबर नहीं पाए हैं. सैमसन को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस से बैटिंग की इजाजत तो मिल गई लेकिन अभी तक विकेटकीपिंग के लिए हरी झंडी नहीं मिली है. ऐसे में राजस्थान रॉयल्स ने कप्तानी में बदलाव का फैसला किया है. फ्रेंचाइजी ने गुरुवार 20 मार्च को ऐलान किया कि टीम के शुरुआती 3 मुकाबलों के लिए रियान पराग टीम की कमान संभालेंगे, जबकि संजू सैमसन बतौर बल्लेबाज खेलते रहेंगे. हालांकि, पूरी तरह फिट होने के बाद संजू ही कप्तान के रूप में लौटेंगे. संजू सैमसन ने खुद पूरी टीम के सामने रियान पराग को कप्तानी देने का ऐलान किया. संजू सैमसन को इंग्लैंड के खिलाफ पिछले महीने पांचवें टी20 मैच के दौरान उंगली में चोट लगी थी. इसके बाद से ही वो मैदान से बाहर चल रहे थे. हालांकि, बीसीसीआई की मेडिकल टीम से बैटिंग के लिए फिट घोषित किए जाने के बाद वो हाल ही में राजस्थान रॉयल्स की ट्रेनिंग में लौटे थे. मगर सवाल उनकी विकेटकीपिंग को लेकर था, जहां अभी तक उन्हें BCCI से फिटनेस सर्टिफिकेट मिलने का इंतजार है. रियान पराग पहली बार राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करेंगे. उन्होंने इससे पहले कभी भी आईपीएल में किसी टीम की कमान नहीं संभाली है. उनके नेतृत्व में राजस्थान रॉयल्स 23 मार्च को हैदराबाद, 26 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स और 30 मार्च को चेन्नई सुपर किंग्स से भिड़ेगी. रियान को फिलहाल सिर्फ 3 मुकाबलों के लिए कप्तानी मिली है लेकिन सैमसन को पूरी तरह से फिट घोषित किए जाने में अगर देरी होती है तो वो इन मुकाबलों से आगे भी टीम की बागडोर संभाल सकते हैं. रियान इससे पहले घरेलू क्रिकेट में अपनी टीम असम की कप्तानी कर चुके हैं.   recent visitors 40