Thursday, July 2, 2026 3:51 am

मध्य प्रदेश के चंदेरी शहर में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देंगी कृतिका कामरा

मुंबई, जानीमानी अभिनेत्री कृतिका कामरा मध्य प्रदेश के चंदेरी शहर में ऐतिहासिक कला रूपों के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देंगी। कृतिका कामरा जल्द ही अपने गृहनगर मध्य प्रदेश जाएंगी, जहां वे उन महिला कारीगरों से मुलाकात करेंगी, जो उनके 2024 में शुरू किए गए अनोखे फैशन पहल का अहम हिस्सा हैं। यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाने और पारंपरिक कला को संरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। कृतिका का मानना है कि हमें उन लोगों का समर्थन करना चाहिए, जो हमारी रचनात्मक दृष्टि को साकार करने में मदद करते हैं। कृतिका अपने इस सफर में उन हुनरमंद महिला कारीगरों के साथ समय बिताएंगी, जिन्होंने उनके इस पहल को निरंतर सहयोग दिया है। वे इस बात को अच्छी तरह समझती हैं कि ज़मीनी स्तर की प्रतिभाओं को अवसर देना और उनके योगदान को पहचानना कितना महत्वपूर्ण है, खासकर हथकरघा और कपड़ा उद्योग में, जिसका चंदेरी, मध्य प्रदेश से गहरा जुड़ाव है। कृतिका कामरा ने कहा,मध्य प्रदेश मेरे दिल के बहुत करीब है। यह सिर्फ मेरा गृहनगर नहीं है, बल्कि यही वह जगह है जहां से मुझे अपने एथनिक वियर के लिए प्रेरणा मिलती है। मैं हमेशा से अपने राज्य के लोगों, खासकर महिला कारीगरों, की किसी न किसी तरह मदद करना चाहती थी। मेरी सफलता में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उनकी मेहनत, समर्पण और प्रतिभा को पहचानना और उनकी सराहना करना मेरा कर्तव्य है। यह यात्रा सिर्फ उनसे मिलने के लिए नहीं, बल्कि उनकी प्रेरणादायक कहानियों से सीखने और उनसे एक मज़बूत रिश्ता बनाने के लिए भी है। कृतिका कामरा ने कहा, मेरी मां मध्य प्रदेश से हैं, इसलिए इस राज्य और यहां के लोगों से मेरा एक व्यक्तिगत और गहरा जुड़ाव है। बचपन से ही मेरी माँ ने मुझे चंदेरी की खूबसूरती, इसके लोगों और यहां की पारंपरिक हथकरघा कला से परिचित कराया। जब हमने इस पहल की शुरुआत की थी, तब हमारा सबसे बड़ा उद्देश्य महिलाओं को रोज़गार देना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके काम को एक नया मंच देना था। हम लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को रोज़गार मिले, उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और उनका जीवन स्तर ऊँचा हो सके। एक अभिनेत्री के रूप में, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हमें अपने माध्यम का उपयोग अगली पीढ़ी की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए करना चाहिए। जैसे-जैसे हमारी पहल आगे बढ़ेगा, हम और अधिक महिलाओं को इससे जोड़कर उन्हें सशक्त करने का प्रयास करेंगे। कृतिका की यह पहल पारंपरिक हथकरघा कला को एक आधुनिक रूप में प्रस्तुत करती है, और वह इसकी हर प्रक्रिया में व्यक्तिगत रूप से गहरी रुचि रखती हैं। उनकी यह यात्रा महिला कारीगरों के साथ जुड़ाव को और मज़बूत करने और उनके योगदान को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।   recent visitors 28

बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने होंगे विशेष प्रयास

ग्वालियर किशोर न्याय अधिनियम व संशोधित नियमों के तहत निरूद्ध किए गए ऐसे बच्चे जो बाल देखरेख संस्थाओं में रह रहे हैं, उनमें आत्मविश्वास की भावना जागृत करने और समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिये उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में जिले में विशेष प्रयास किए जायेंगे। उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले में संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों के कल्याण में सहयोग के लिये समाज के प्रतिभाशाली व्यक्तियों की समिति गठित करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास को दिए हैं। त्यौहारों एवं महत्वपूर्ण दिवसों को बाल देखरेख संस्थाओं में पहुँचकर बच्चों के साथ मनाने व बच्चों को प्रशिक्षण देकर खेलकूद, कला, संगीत व नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें उचित कैरियर मार्गदर्शन दिलाने के प्रयास भी विशेष तौर पर होंगे। ज्ञात हो किशोर न्याय अधिनियम, 2015 (संशोधन 2021), किशोर न्याय आदर्श संशोधन नियम, 2022 (मूल नियम 2016) के प्रावधानों के तहत जिले में संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में ऐसे बच्चों को आश्रय दिया जाता है जो विधि का उल्लंघन करते हैं अर्थात अपराधियों अनाथ, बेसहारा, परित्यक्त, घर से भागे हुए, बाल भिक्षुक, बाल तस्करी में लिप्त, शोषण के शिकार, सड़क पर रहते हैं। बाल देखरेख संस्थाओं में पारिवारिक कारणों, अपराधियों के संपर्क में आने, बुरी संगत व अनाथ होने आदि के कारण रह रहे ऐसे बच्चे जो भय व संकोचवश अपनी बात किसी से साझा नहीं कर पाते हैं और कभी-कभी अवसाद की स्थिति में चले जाते है, जिससे उनका मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक विकास प्रभावित होता है। इन परेशानियों से बच्चों को बचाने व उनमें आत्मविश्वास जागृत करने के लिये विशेष प्रयास करने के आदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए हैं। बच्चों की अवसाद की स्थिति से निकालने के तथा उन्हें यह महसूस करवाने के लिए समाज ने उन्हें अलग-थलग नहीं किया है। आप सब भी समाज की मुख्य धारा में समाहित होने के लिए हर तरह से काबिल हैं। इस उद्देश्य से ग्वालियर जिले में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने ऐसे बच्चों की आवश्यक सहायता तथा सहयोग के लिए समाज के जिम्मेदार और साधन सम्पन्न व्यक्तियों का सहयोग लेने के लिये विभागीय अधिकारियों से कहा है। समाज के प्रभावशाली व्यक्तियों में प्रशासनिक अधिकारी, चार्टड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील व पेशेवर व्यवसायी हो सकते हैं। समाज के प्रभावशाली व्यक्तियों को बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों की जरूरतों व उनके विकास में सहयोग करने की जिम्मेदारी दिलाने के प्रयास किए जायेंगे। प्रयास ऐसे होंगे, जिससे जरूरतमंद बच्चों का जीवन स्तर ऊँचा उठे और उन्हें खुशहाल जीवन जीने के लिए अच्छा माहौल मिले। बच्चों का जीवन स्तर ऊँचा उठाने व उनमें आत्मविश्वास की भावना को जागृत करने के लिये समाज के जिम्मेदार व्यक्ति बाल देखरेख संस्थाओं को गोद ले सकते हैं। साथ ही बच्चों के समग्र विकास के लिये दान भी प्रभावशाली व्यक्ति दे सकते हैं। बालकों को उचित परामर्श भी महत्वपूर्ण पहलू होगा। पेशेवर व्यक्तियों द्वारा अपने क्षेत्र की सेवाओं के संबंध में बालकों को प्रशिक्षण दिया जा सकता है, जिससे बच्चे उस क्षेत्र को कैरियर के रूप में अपना सकें। बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों के कल्याण, पुवर्नास, शिक्षा एवं रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में सहयोग राशि राज्य स्तर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बचत बैंक खाता क्र. 60411029562 में दान की जा सकती है। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने जिम्मेदार व्यक्तियों, संस्थाओं, पेशेवर व्यक्तियों से बच्चों की जिम्मेदारी लेने की अपील की है। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी, श्री डी. एस. जादौन, महिला एवं बाल विकास विभाग को समाज के प्रभावशाली व्ययकित्यों की समिति गठन किए जाने के निर्देश दिए हैं। यह समिति समय-समय पर बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों से भेंट कर उनकी आवश्यकता को समझकर उनका सहयोग कर सकें। ये हैं जिले की बाल देखरेख संस्थायें मातृछाया शिशु कल्याण केन्द्र कस्तूरबा गांधी विश्रान्ति भवन न्यास एसएएफ रोड कम्पू, प्रगति महिला मंडल मॉर्डन स्कूल के पास ठाठीपुर, बाल संप्रेक्षण गृह सिल्वर स्टेट के सामने, माँ कैलादेवी बालिका गृह जेएएच परिसर कम्पू, प्रगति महिला मंडल आदित्यपुरम गोले का मंदिर एवं स्वधार गृह कम्पू । recent visitors 36

पुलिस की बात मानते हुए वे बुलेटप्रूफ गाड़ी का ही इस्तेमाल करें, भाजपा के फायरब्रांड नेता को पुलिस की सलाह

हैदराबाद भाजपा के फायरब्रांड नेता और तेलंगाना के विधायक टी राजा सिंह से हैदराबाद पुलिस ने कहा है कि उन्हें जान का खतरा है, इसलिए पुलिस की बात मानते हुए वे बुलेटप्रूफ गाड़ी का ही इस्तेमाल करें। गोशामहल विधान सभा का प्रतिनिधित्व करने वाले राजा सिंह को हैदराबाद पुलिस ने बुधवार (19 मार्च) को एक नोटिस भेजा है, जिसमें ये कहा गया है। पुलिस ने नोटिस में कहा है कि वे सरकार द्वारा आवंटित बुलेटप्रूफ का ही इस्तेमाल करें और साथ में सुरक्षाकर्मियों को भी रखें। उन्हें अक्सर बुलेट पर भी देखा गया है। एक पुलिस अधिकारी ने ये जानकारी दी है। अधिकारी ने बताया कि विधायक राजा सिंह को नोटिस भेजकर उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन का उपयोग करने और आवंटित सुरक्षा कर्मियों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी या अप्रिय घटना से बचा जा सके। दरअसल, हैदराबाद पुलिस ने भाजपा विधायक को यह नोटिस इसलिए जारी किया है क्योंकि विधायक कई बार बिना सुरक्षाकर्मियों के भी घूमते देखे गए हैं। एहतियातन दी गई है चेतावनी: पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह ऐहतियाती सुरक्षा उपायों के तौर पर एक नियमित चेतावनी है। सिंह को भेजे गए नोटिस में कहा गया है, “आपको लगातार धमकी भरे कॉल आ रहे हैं और यह देखा गया है कि आप अक्सर बिना किसी सुरक्षाकर्मी के आवास और कार्यालय से बाहर निकल जा रहे हैं और जनता के बीच घूम रहे हैं, जो आपके जीवन और सुरक्षा के प्रति लापरवाही दर्शाता है।” औरंगजेब विवाद के बाद चिंता बढ़ी बता दें कि हाल ही में औंरगजेब की कब्र विवाद के बीच नागपुर में हुई हिंसा के बाद हिन्दूवादी नेता टी राजा सिंह ने भी कब्र हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा, "मैं विहिप और बजरंग दल की मांग का समर्थन करता हूं।" माना जा रहा है कि उनके इस बयान से कुछ लोगों में नाराजगी है। इसलिए उन पर हमले हो सकते हैं। इससे पहले भी राजा सिंह ऐसे कई बयान दे चुके हैं, जिस पर किसी खास समुदाय ने नाराजगी जाहिर की है। recent visitors 33

30 मार्च को रिलीज होगी सलमान खान की फिल्म सिकंदर

मुंबई,  बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान की फिल्म सिकंदर 30 मार्च को ईद के अवसर पर रिलीज होगी। सलमान खान और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म सिकंदर काफी चर्चा में है। इस फिल्म का निर्देशन ए. आर. मुरुगदॉस ने किया है जबकि साजिद नाडियाडवाला ने इसे प्रोड्यूस किया है। फिल्म के मेकर्स उत्साह बनाए रखने के लिए नए गाने रिलीज कर रहे हैं। फिल्म को इस साल ईद पर रिलीज करने की योजना बनाई गई है, लेकिन निर्माताओं ने इसकी सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया था। हालांकि, आखिरकार अब इंतजार खत्म हो चुका है। अब आधिकारिक तौर पर फिल्म की रिलीज डेट से पर्दा उठ गया है। खुद सलमान खान ने अपने सोशल मीडिया पर 'सिकंदर' का नया पोस्टर जारी करते हुए फिल्म की रिलीज की तारीख से पर्दा उठाया। 'सिकंदर' 30 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। वहीं, जारी किए गए नए पोस्टर में सलमान खान बेहद दमदार अवतार में नजर आ रहे हैं। जिसमें वह तलवार पकड़े नजर आ रहे हैं।सलमान खान ने अपने इंस्टा हैंडल पर सिकंदर फिल्म का पोस्टर शेयर किया है. इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा,30 मार्च को दुनियाभर के थिएटर्स में आप सभी से मुलाकात होगी। फिल्म सिंकदर के निर्माता ने साजिद नाडियाडवाला ने सोशल मीडिया पर लिखा, इस बार सिकंदर के साथ मनाए जाएंगे देश के 3 त्योहार. इस बार सेलिब्रेशन होगा ट्रिपल. हम गुड़ी पड़वा, उगादि और ईद के मौके पर आ रहे हैं।   recent visitors 32

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना स्थित प्राचीन तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर में पूजा कर प्रदेश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को तराना स्थित तिल भांडेश्वर मंदिर में पूजा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देव दर्शन के बाद कार्यक्रमों में साधु संतों का सम्मान किया और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बृह्मलीन महंत श्री प्रकाशनंद जी भारती की समाधि पर पुष्पांजलि और चादर अर्पित की। उन्होंने श्री महारूद्र सहस्त्र चंडी महायज्ञ में आहुति दी और ईश्वर से कामना की कि प्रदेश में सुख समृद्धि बनी रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्दिर परिसर मे पीपल का पौधा रोपा। उन्होंने मंदिर परिसर में सत्संग भवन निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी श्री हरि गिरि महाराज और महंत श्री मोहन भारती जी महाराज, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, स्थानीय विधायक, साधु संत और जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 42

टीशर्ट्स में नारा लिखा था, तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा, परिसीमन में न्याय हो, जिस पर लोकसभा में मच गया हंगामा

नई दिल्ली लोकसभा में गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद कार्यवाही को दो बार शुरू किया गया, लेकिन हंगामे के चलते कुछ ही मिनटों में सदन स्थगित हो गया। अंत में शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए कार्यवाही को स्थगित किया गया। यह पूरा बवाल डीएमके सांसदों की ओर से खास नारे वाली टीशर्ट पहनकर आने को लेकर हुआ। इन टीशर्ट्स में डीएमके सांसदों ने एक नारा लिखवाया था, जिस पर स्पीकर ने ऐतराज जताया। वहीं भाजपा समेत एनडीए के सांसदों ने भी खूब हंगामा किया। टीशर्ट्स में जो नारा लिखा था, वह था- तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा, परिसीमन में न्याय हो। सांसदों के इस तरह नारे लिखी टीशर्ट पहनकर पहुंचने पर स्पीकर ओम बिरला ने सख्त आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य सदन की मर्यादा और गरिमा का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसा करना संसद की गरिमा का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकत करने से पहले सांसदों को संसद का नियम 349 पढ़ लेना चाहिए। स्पीकर बिरला ने डीएमके सांसदों से कहा, 'यदि आप नारे लिखी टीशर्ट पहनकर आएंगे तो सदन की कार्यवाही नहीं चलेगी। यदि आप इन टीशर्ट्स को उतारकर आएं, तभी सदन चलेगा।' टीशर्ट पहनकर आने वाले ज्यादातर सांसद डीएमके के थे। उनका कहना था कि आगामी परिसीमन में तमिलनाडु को नुकसान हो सकता है। इसलिए हम पहले से ही आगाह कर रहे हैं कि ऐसा कोई अन्याय न किया जाए। हंगामे के चलते स्पीकर ने पहले सदन की कार्य़वाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित किया। फिर कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित किया गया। अंत में पूरे दिन के लिए सेशन को स्थगित करना पड़ा। बता दें कि लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर एमके स्टालिन लगातार हमलावर हैं। उनका कहना है कि नई जनगणना के अनुसार यदि परिसीमन हुआ तो तमिलनाडु में लोकसभा की सीटें 39 की बजाय 31 ही रह जाएंगी। इसी तरह वह केरल, आंध्र, तेलंगाना और कर्नाटक को भी सीटों के कम होने का डर दिखा रहे हैं। स्टालिन और सिद्धारमैया जैसे नेताओं का कहना है कि लोकसभा सीटों का परिसीमन 1971 की जनगणना के अनुसार ही रहना चाहिए। recent visitors 37

बेसन और दही से घर पर बनाएं बेहतरीन फेस पैक, दाग-धब्बे होंगे गायब

हर किसी की चाहत होती है कि उसकी त्वचा बेदाग, मुलायम और चमकदार हो, लेकिन बढ़ते प्रदूषण, गलत खान-पान और स्किन केयर में लापरवाही के कारण चेहरे की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगती है। महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के बावजूद त्वचा से दाग-धब्बे और टैनिंग हटाना एक चुनौती बन जाता है। हालांकि, आपको घबराने की जरूरत नहीं है! अगर आप भी चेहरे के दाग-धब्बों और रुखी त्वचा से परेशान हैं, तो घर पर ही एक बेहतरीन बेसन-दही फेस पैक  बना सकती हैं। यह न सिर्फ स्किन को डीप क्लीन करता है, बल्कि उसे ग्लोइंग और सॉफ्ट भी बनाता है। इस खास फेस पैक में जब हल्दी को शामिल किया जाता है, तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं। कैसे काम करता है यह फेस पैक? यह फेस पैक पूरी तरह से नेचुरल है और बिना किसी साइड इफेक्ट के आपकी त्वचा को निखारने में मदद करता है। आइए जानते हैं इसमें शामिल सामग्रियों के फायदे।     बेसन: यह एक नेचुरल क्लींजर की तरह काम करता है। यह स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल हटाने के साथ-साथ डेड स्किन सेल्स को भी निकालता है, जिससे चेहरा साफ और फ्रेश नजर आता है।     दही: इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को एक्सफोलिएट करने के साथ उसे मॉइस्चराइज भी करता है। इससे स्किन सॉफ्ट और ग्लोइंग बनती है।     हल्दी: यह एक बेहतरीन एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। यह पिंपल्स और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है और स्किन की रेडनेस को भी कम करता है। फेस पैक बनाने का तरीका सामग्री:     2 चम्मच बेसन     1 चम्मच दही     1/2 चम्मच हल्दी     1 चम्मच गुलाब जल (ऑयली स्किन के लिए)     1 चम्मच शहद (ड्राई स्किन के लिए) कैसे बनाएं और लगाएं?     एक कटोरी में बेसन, दही और हल्दी को अच्छे से मिक्स करें।     अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो गुलाब जल मिलाएं। वहीं, अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो इसमें शहद मिलाकर अच्छे से मिला लें।     इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें।     हल्के हाथों से स्क्रब करते हुए गुनगुने पानी से धो लें।     इसके बाद चेहरे पर एक अच्छे मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें। क्या हैं फायदे?     दाग-धब्बे और पिंपल्स धीरे-धीरे हल्के होते हैं।     स्किन टोन निखरता है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है।     स्किन सॉफ्ट और स्मूद बनती है।     टैनिंग दूर होती है और डेड स्किन हटती है।     यह फेस पैक पूरी तरह से नेचुरल है और किसी तरह के केमिकल से फ्री है। कितनी बार लगाना चाहिए? अगर आपकी त्वचा ज्यादा डल और बेजान नजर आती है, तो हफ्ते में 2-3 बार इस फेस पैक का इस्तेमाल करें। कुछ ही दिनों में आपको फर्क नजर आने लगेगा और आपका चेहरा पहले से ज्यादा निखरा हुआ दिखाई देगा। recent visitors 46