Thursday, July 2, 2026 10:20 am

अबूझमाड़ के विकास को गति देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर, नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र अबूझमाड़ के 120 बच्चों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा वनमंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। ये बच्चे ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यहां के हर गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे।  उन्होंने भ्रमण पर आए बच्चों से कहा कि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी प्राथमिकता है। अबूझमाड़ में तेजी से हो रहे विकास कार्य मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अबूझमाड़ के गांवों में सड़क निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, स्कूलों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत वहां तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजनाओं पर काम कर रही हैं। आपकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी जिम्मेदारी : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि अबूझमाड़ के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि अबूझमाड़ में बेहतर स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। recent visitors 18

सालभर में सोने में 25 हजार और चांदी में 26 हजार की लगाई छलांग

मुंबई कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। पहली बार चांदी का भाव 1 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के पार चला गया है, जबकि सोना 91 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और अमेरिकी बाजार की स्थिति के कारण सोना-चांदी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। सोने में 25 हजार और चांदी में 26 हजार की महंगाई मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच सोना और चांदी के भावों में भारी उछाल देखा गया है। एक साल पहले मार्च 2024 में फाइन सोना 66 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 91 हजार रुपए पर पहुंच गया है। इसी तरह फाइन चांदी की कीमत 75 हजार रुपए से बढ़कर 1 लाख 1 हजार रुपए हो गई है। सोना जेवर की कीमत – मार्च 2024 में 59 हजार रुपए थी, जो अब 84 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। चांदी जेवर की कीमत – पिछले साल 700 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जो अब 950 रुपए हो गई है। 60 दिनों में सोना 12 हजार और चांदी 9 हजार महंगी 2025 की शुरुआत से ही सराफा बाजार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। 15 जनवरी से 15 मार्च के बीच मात्र 60 दिनों में सोना 12 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 9 हजार रुपए प्रति किलो महंगी हुई है।     15 जनवरी 2025 – सोना 79 हजार रुपए, चांदी 92 हजार रुपए     फरवरी 2025 – सोना 87 हजार रुपए, चांदी 98 हजार रुपए     15 मार्च 2025 – सोना 91 हजार रुपए, चांदी 1 लाख 1 हजार रुपए बाजार में हलचल, विशेषज्ञों की राय बढ़ती कीमतों के चलते सराफा बाजार में हलचल मच गई है। व्यापारियों के अनुसार, जब सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, तो इसका असर खरीदारी पर भी पड़ता है। रतलाम स्थित महावीर ज्वेलर्स के अभिषेक जैन ने बताया कि अमेरिका की आर्थिक नीतियों के कारण कीमतों में उछाल आया है और निकट भविष्य में गिरावट के आसार नहीं हैं। बंटू ज्वेलर्स के चिराग बंटू गौरी के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक सोना 12 हजार और चांदी 9 हजार रुपए महंगी हो चुकी है, जिससे ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका के मद्देनजर जो अनिश्चतिता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। अमेरिकी डॉलर में नरमी भी गोल्ड की कीमतों मे तेजी भर रही है। फिलहाल अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (US dollar Index) 4 महीने के अपने लो पर है। इस साल अभी तक अमेरिकी डॉलर इंडेक्स तकरीबन 5 फीसदी कमजोर हुआ है। इस दौरान 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तकरीबन 26 बेसिस प्वाइंट की गिरावट आई। जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है तो सोना उन खरीदारों के लिए सस्ता हो जाता है जो इसे किसी अन्य करेंसी में खरीदना चाहते हैं। इससे सोने की मांग बढ़ सकती है और कीमतों में इजाफा हो सकता है। वहीं यूएस बॉन्ड यील्ड में गिरावट निवेशकों के लिए सोने के अपॉर्चुनिटी कॉस्ट (opportunity cost) को घटा देती है। इजरायल की तरफ से गाजा में हमास के ठिकानों पर किए गए ताजा मिलिटरी स्ट्राइक के बाद मिडिल ईस्ट में जियो पॉलिटिकल टेंशन एक बार फिर बढ़ गया है जिस वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा इन्वेस्टमेंट डिमांड और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी कीमतों के लिए सपोर्टिव हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक फरवरी के दौरान लगातार तीसरे महीने इन्वेस्टमेंट डिमांड में तेजी देखने को मिली। ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश फरवरी के दौरान 9.4 बिलियन डॉलर बढ़ा। मार्च 2022 के बाद इन्वेस्टमेंट डिमांड में यह सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है। वॉल्यूम /होल्डिंग के लिहाज से इस दौरान निवेश में 99.9 टन की वृद्धि हुई। सोने की कीमतों में तेजी और लगातार तीसरे महीने आए इनफ्लो के दम पर फरवरी 2025 के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 306 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी पिछले महीने के अंत तक 3,353 टन पर दर्ज किया गया जो जुलाई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। जनवरी की तुलना में एसेट अंडर मैनेजमेंट और टोटल होल्डिंग दोनों में कमश: 4.1 फीसदी और 3.1 फीसदी की वृद्धि हुई। उधर चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से फरवरी  में 5 टन सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने लगातार चौथे महीने गोल्ड खरीदा है। फरवरी  के अंत तक चीन का गोल्ड रिजर्व बढ़कर 2,290 टन पर पहुंच गया जो उसके कुल फॉरेक्स रिजर्व का 5.9 फीसदी है। यदि ट्रंप की नीतियों की वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी 6 फीसदी के नीचे है। जबकि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 10 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा। फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की आज से शुरू हो रही दो दिवसीय मीटिंग पर है। हालांकि रेट में कटौती की गुंजाइश नहीं है फिर भी पोस्ट मीटिंग कमेंट्री का सबको बेसब्री से इंतजार है। यूएस फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल 19 मार्च (भारतीय समयानुसार 20 मार्च रात 12.30 बजे) को मीटिंग के बाद ब्याज दरों को लेकर ऐलान करेंगे। घरेलू फ्यूचर्स मार्केट घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट फिलहाल (1:30 PM IST) 408 रुपये यानी 0.46 फीसदी की मजबूती के साथ 88,431 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज … Read more

WhatsApp ने 9967000 भारतीय अकाउंट्स को किया चलता! बैन की बताई ये वजह

नई दिल्ली व्हाट्सऐप ने अपनी लेटेस्ट इंडिया मंथली रिपोर्ट में खुलासा किया है कि जनवरी 2025 में 99 लाख भारतीय अकाउंट्स को बैन किया गया. यह कार्रवाई प्लेटफॉर्म पर बढ़ते स्कैम, स्पैम और फ्रॉड को रोकने के लिए की गई है ताकि इसकी सुरक्षा और विश्वसनीयता बनी रहे. इस प्लेटफॉर्म ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि यूजर्स नियमों का उल्लंघन करना जारी रखते हैं, तो और अधिक अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. आईटी नियमों के तहत कार्रवाई व्हाट्सऐप की यह रिपोर्ट सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 4(1)(डी) और नियम 3ए(7) के अनुपालन में पब्लिश की गई है. इस रिपोर्ट में व्हाट्सऐप द्वारा अपने यूजर्स के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनाए रखने के प्रयासों पर जोर दिया गया है. कितने अकाउंट हुए बैन? व्हाट्सऐप ने जनवरी 2025 में 9,967,000 भारतीय अकाउंट्स बैन किए. इनमें से 1,327,000 अकाउंट्स को प्लेटफॉर्म ने प्रोएक्टिव रूप से बैन कर दिया, यानी यूजर्स की शिकायतों से पहले ही इन पर कार्रवाई कर दी गई. यह बैन व्हाट्सऐप के इंटिग्रेटेड डिटेक्शन सिस्टम के आधार पर किया गया, जो संदिग्ध व्यवहार की पहचान करता है. Meta की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा Meta की ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट बताती है कि WhatsApp ने भारत में 8.45 मिलियन (84 लाख से ज्यादा) अकाउंट्स पर बैन लगाया। यह कार्रवाई Information Technology Act की धारा 4(1)(d) और धारा 3A(7) के प्रावधानों का पालन करने के लिए की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बैन 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच लागू किया गया। WhatsApp ने किन अकाउंट्स को किया बैन? 1.66 मिलियन अकाउंट्स को गंभीर उल्लंघनों के कारण तुरंत ब्लॉक कर दिया गया। बाकी के अकाउंट्स की जांच के बाद उन्हें संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर बैन किया गया। 1.6 मिलियन से अधिक अकाउंट्स को WhatsApp की निगरानी के दौरान प्रोएक्टिव रूप से बैन कर दिया गया, जिनमें यूजर शिकायतों की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि वे पहले भी प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग में लिप्त पाए गए थे। WhatsApp ने बड़े पैमाने पर बैन क्यों किया? सर्विस की कंडीशन का उल्लंघन (Violation of Terms of Service):     बल्क मैसेज भेजना     स्पैमिंग और फ्रॉड एक्टिविटीज     गुमराह करने या हानिकारक जानकारी साझा करना     गैरकानूनी गतिविधियां (Illegal Activities):     लोकल कानूनों के उल्लंघन में पाए गए अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया गया। यूजर शिकायतें (User Complaints): 10,707 यूजर्स की शिकायतें मिलीं, जिनमें से 93% शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की गई। उत्पीड़न, दुर्व्यवहार, या अनुचित व्यवहार की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई। यूजर्स की सुरक्षा के लिए WhatsApp की बड़ी पहल WhatsApp के ये प्रोएक्टिव कदम यूजर्स के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल बनाने के लिए उठाए गए हैं। Meta के द्वारा लाखों अकाउंट्स को बैन करने का निर्णय यह दर्शाता है कि कंपनी WhatsApp को एक सुरक्षित और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनाए रखने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। कितनी शिकायतें आईं और कितनी पर कार्रवाई हुई? जनवरी 2025 के दौरान व्हाट्सऐप को 9,474 शिकायतें मिलीं. इनमें से 239 मामलों में अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया गया या अन्य सुधारात्मक कार्रवाई की गई. इन शिकायतों में यूजर्स द्वारा भेजे गए ईमेल और डाक पत्र भी शामिल थे, जो व्हाट्सऐप के भारत स्थित शिकायत अधिकारी को भेजे गए थे. व्हाट्सऐप कैसे करता है अकाउंट्स को डिटेक्ट और बैन? व्हाट्सऐप ने बताया कि वह मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी सिस्टम का इस्तेमाल करता है, जिससे हानिकारक गतिविधियों में शामिल अकाउंट्स की पहचान की जाती है. यह सिस्टम तीन स्तरों पर काम करता है – 1. रजिस्ट्रेशन के दौरान: जब कोई नया अकाउंट बनता है, तो संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को फ्लैग कर दिया जाता है. 2. मैसेजिंग के दौरान: व्हाट्सऐप के ऑटोमेटेड सिस्टम्स ऐसे अकाउंट्स की पहचान करते हैं जो बल्क मैसेजिंग या स्पैमिंग कर रहे होते हैं. 3. यूजर रिपोर्ट्स के आधार पर: यदि कोई यूजर किसी अकाउंट की शिकायत करता है, तो व्हाट्सऐप उस अकाउंट की जांच करता है और जरूरी कार्रवाई करता है. व्हाट्सऐप अकाउंट्स क्यों किए जाते हैं बैन? अगर आप भी व्हाट्सऐप का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपका अकाउंट भी बैन हो सकता है. व्हाट्सऐप अकाउंट्स को बैन करने के पीछे तीन प्रमुख कारण होते हैं – 1. नियमों का उल्लंघन: बल्क मैसेजिंग, स्पैम, फ्रॉड और फेक न्यूज फैलाने वाले अकाउंट्स को व्हाट्सऐप के नियमों के तहत बैन किया जाता है. 2. अवैध गतिविधियां: जो अकाउंट्स भारतीय कानूनों के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त होते हैं, उन्हें प्लेटफॉर्म हटा देता है. 3. यूजर की शिकायतें: यदि किसी अकाउंट से परेशान करने वाले, अपमानजनक या अनुचित संदेश भेजे जा रहे हैं तो यूजर्स इसकी रिपोर्ट कर सकते हैं, जिससे उस अकाउंट पर कार्रवाई हो सकती है. व्हाट्सऐप से बैन होने से कैसे बचें? अगर आप व्हाट्सऐप का उपयोग सही तरीके से नहीं कर रहे हैं, तो आपका अकाउंट भी बैन हो सकता है. इससे बचने के लिए – • व्हाट्सऐप के नियमों और शर्तों का पालन करें. • बल्क मैसेजिंग, स्पैम या किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल न हों. • यदि आपको किसी अकाउंट से स्पैम मैसेज या स्कैम कॉल्स मिलते हैं, तो तुरंत उसकी रिपोर्ट करें. इससे व्हाट्सऐप को उन अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और आप तथा अन्य यूजर्स सुरक्षित रहेंगे.   recent visitors 32

सनातन को समझने के लिये साधु-संतों के जीवन और उनके अनुभवों को समझना आवश्यक : मुख्यमंत्री यादव

तराना के तिल भांडेश्वर महादेव मन्दिर को प्रदान करेंगे भव्यता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विश्व में सनातन ही एकमात्र धर्म है, जो प्रकृति को समाहित करता सनातन को समझने के लिये साधु-संतों के जीवन और उनके अनुभवों को समझना आवश्यक : मुख्यमंत्री यादव मुख्यमंत्री हुए समारोह में शामिल मोहन भारती बने दशनाम जूना अखाड़ा के महंत उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विश्व में सनातन ही एकमात्र धर्म है, जो प्रकृति को समाहित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तराना स्थित तिलभांडेश्वर महादेव मन्दिर में दशनाम जूना अखाड़ा के मोहन भारती महाराज के महंत बनने पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन को समझने के लिये साधु-संतों के जीवन और उनके अनुभवों को समझना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि तिल भांडेश्वर मंदिर को धार्मिक लोक के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उज्जैन को धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार गौ-शालाओं के लिए विशेष प्रावधान कर रही है। सभी गौ-शालाओं में एक गौ-वंश के लिए प्रतिदिन 40 रूपये की अनुदान राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साधु-संत सनातन की धुरी हैं। सनातन धर्म साधु-संतों के मार्गदर्शन में काम करता रहा है। उन्होंने उज्जैन में आयोजित होने जा रहे सिंहस्थ-2028 के लिये साधु-संतों को आमंत्रित करते हुए कहा कि सिंहस्थ के लिये उज्जैन में साधु-संतों को स्थाई प्रकृति के निर्माण की भी स्वीकृति मिलेगी। इससे साधु-संतों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आयेगी। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना सुपलक पटवर्धन के निर्देशन में बालिकाओं ने नर्मदा क्षिप्रा स्तुति पर आधारित नृत्य नाटिका की आकर्षक प्रस्तुति दी। आयोजन में अखाड़े के मुख्य संरक्षक महंत हरि गिरि महाराज एवं अन्य संतों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को चांदी की गौ-माता स्मृति-चिन्ह के रूप में भेंट की। समारोह में सांसद अनिल फिरोजिया, उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, स्थानीय पार्षद महेश जोशी, साधु संत उपस्थित रहे।   recent visitors 14

दिल्ली में हत्याकांड का खुलासा- आसिफ ने कोमल को मारकर उसे पत्थर से बांधा गया और फिर लाश नहर में फेंक दी

नई दिल्ली दिल्ली में एक लड़की की हत्या के बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सीमापुरी के सुंदरी नगर में रहने वाली कोमल नाम की एक लड़की को मारकर उसे पत्थर से बांधा गया और फिर लाश नहर में फेंक दी गई। पुलिस आसिफ नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो उसे लंबे समय से उसे जानता था। हत्याकांड को 12 मार्च को अंजाम दिया गया था, जबकि लाश 17 मार्च को बरामद की गई थी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में टैक्सी चलाने वाले आसिफ की कोमल से लंबे समय से जान पहचान थी। 12 मार्च को आसिफ ने कोमल को सीमापुरी इलाके से अपनी कार में बिठाया। इस दौरान दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान आसिफ ने गला दबाकर कोमल की हत्या कर दी। कोमल की हत्या के बाद आसिफ ने लाश को ठिकाने के लिए हैरान करने वाली तरकीब निकाली। उसने शव को एक भारी पत्थर से बांध छावला इलाके में मौजूद नहर में फेंक दिया। कई दिनों तक पानी में रहने के बाद जब शव काफी फूल गया तो यह पानी की सतह पर आ गया। लोगों ने नहर में लाश देखकर पुलिस को खबर दी। इससे पहले कोमल के परिवारवालों ने पुलिस को उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। लाश मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा छावला पुलिस स्टेशन में दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने जल्द ही कड़ियों को जोड़ते हुए आसिफ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आसिफ के साथ और भी कोई इस अपराध में शामिल थी। recent visitors 37

भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आईपीएल के आगामी चरण में गेंद पर लार के इस्तेमाल से प्रतिबंध हटाया

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने बृहस्पतिवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के ज्यादातर कप्तानों की सहमति के बाद आगामी चरण में गेंद पर लार के इस्तेमाल से प्रतिबंध हटा दिया है। मुंबई में कप्तानों की बैठक में यह फैसला लिया गया। बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, ‘लार पर प्रतिबंध हटा दिया गया है। अधिकांश कप्तान इस कदम के पक्ष में थे।' अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कोविड-19 महामारी के दौरान एहतियात के तौर पर गेंद को चमकाने के लिए लार लगाने की सदियों पुरानी प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया था और बाद में 2022 में विश्व संस्था ने इस प्रतिबंध को स्थायी कर दिया था। आईपीएल ने भी कोविड-19 महामारी के बाद लीग में खेल की शर्तों में आईसीसी प्रतिबंध को शामिल किया, लेकिन इसके दिशानिर्देश खेल की संचालन संस्था के दायरे से बाहर हैं। इस तरह बृहस्पतिवार को लिए गए इस फैसले से आईपीएल कोविड-19 महामारी के बाद लार के उपयोग को फिर से शुरू करने वाला पहला बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट बन गया है। क्या होगा इसका असर क्रिकेट में गेंद पर स्लाइवा (थूक) लगाने से गेंद की स्विंग और रिवर्स स्विंग को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। नई गेंद पर एक तरफ चमक बनाए रखने से हवा की गति प्रभावित होती है। जिससे गेंदबाज उसे स्विंग करा सकते हैं। पुरानी गेंद के एक तरफ चमक बनाए रखने और दूसरी तरफ उसे अधिक खुरदरा छोड़ने से गेंद उल्टी दिशा में स्विंग करने लगती है जिससे बल्लेबाज को खेलना मुश्किल हो जाता है। recent visitors 44

केविन हार्ट ने बिना बॉक्स ऑफिस हिट के कमाए 7,00,95,33,830 रुपये

लॉस एंजिल्स इस महीने की शुरुआत में फोर्ब्स मैगजीन ने सबसे ज्यादा फीस पाने वाले एक्टर्स की एनुअल लिस्ट जारी की। इसमें ड्वेन जॉनसन पहले नंबर पर थे। रेसलर से एक्टर बने ड्वेन के लिए ये दो साल बड़ी रिलीज 'मोआना 2' और 'रेड वन' के साथ शानदार रहा, लेकिन इस लिस्ट में दुनिया के सबसे ज्यादा फीस पाने वाले कॉमेडियन भी शामिल हैं, जिनका नाम केविन हार्ट है। आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने टॉम क्रूज से ह्यू जैकमैन जैसे सितारों को इस मामले में बहुत पीछे छोड़ दिया है। केविन हार्ट ने साल 2024 में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाले कॉमेडियन के रूप में $81 मिलियन की नेट कमाई (7,00,95,33,830 भारतीय रुपये) की। सभी एक्टर्स की लिस्ट में केविन हार्ट सिर्फ ड्वेन जॉनसन ($88 मिलियन) और रयान रेनॉल्ड्स ($83 मिलियन) से पीछे तीसरे नंबर पर रहे। वहीं, चौथे नंबर पर कॉमेडियन जेरी सीनफील्ड थे, जिन्होंने 60 मिलियन डॉलर कमाए। टॉम क्रूज से ब्रैड पिट तक को छोड़ा पीछे केविन हार्ट के लिए पिछला साल आर्थिक रूप से बहुत सक्सेसफुल रहा। उन्होंने हॉलीवुड के दिग्गज सुपरस्टार्स जैसे टॉम क्रूज ($15 मिलियन), ह्यू जैकमैन ($50 मिलियन), ब्रैड पिट ($32 मिलियन) और जॉर्ज क्लूनी ($31 मिलियन) से भी ज्यादा पैसा कमाया। केविन हार्ट ने अरबों रुपए कैसे कमाए? केविन ने अलग-अलग फिल्मों की सक्सेस से इतना बड़ा मुकाम हासिल किया। इसकी शुरुआत Borderlands की थिएटर रिलीज से हुई। फिर नेटफ्लिक्स पर 'लिफ्ट' आई। अमेजन प्राइम वीडियो पर Die Hart 2: Die Harter, इसका तीसरा सीजन, 'फाइट नाइट' सीरीज, नेटफ्लक्स पर 'द रोस्ट ऑफ टॉम ब्रैडी' और वीकली पॉडकास्ट 'गोल्ड माइंड्स' व 90 स्टैंड-अप कॉमेडी शो। कॉमेडियन ने एंटरटेनमेंट के काम से 81 मिलियन डॉलर की कमाई के अलावा विज्ञापनों से भी कमाई की है। recent visitors 44