Thursday, July 2, 2026 11:39 am

सतना विधायक की बढ़ी मुश्किलें, 2016 के मामले में जारी हुआ वारंट, चेक बाउंस से जुड़ा है मामला

जबलपुर  सतना के कांग्रेस MLA सिद्धार्थ कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जबलपुर की एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट चेक बाउंस के एक मामले में जारी हुआ है। जज डीपी सूत्रकार ने सतना कलेक्टर को वारंट का पालन करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 अप्रैल को होगी। 9 साल में एक बार भी कोर्ट नहीं पहुंचे कुशवाहा कुशवाहा पर आरोप है कि उन्होंने विजय कंकने को 1.25 लाख रुपये का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था। यह मामला 2016 का है। MLA बनने के बाद यह केस जबलपुर की विशेष अदालत में ट्रांसफर हो गया था। दरअसल, विजय कंकने ने Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत मामला दर्ज कराया था। अदालत ने पाया कि कटनी कोर्ट ने भी कुशवाहा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। लेकिन, कुशवाहा कटनी या जबलपुर में एक भी बार कोर्ट में पेश नहीं हुए। SP को दिए हैं आदेश अदालत ने सतना SP को आदेश दिया है कि वे कुशवाहा को अगली सुनवाई, यानी 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश करें। कोर्ट ने कुशवाहा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए कहा कि सतना SP यह सुनिश्चित करें कि कुशवाहा अगली सुनवाई में कोर्ट में मौजूद रहें। इसका मतलब है कि पुलिस को कुशवाहा को गिरफ्तार करके कोर्ट में लाना होगा। इसलिए जारी किया गिरफ्तारी वारंट 2016 के इस मामले में कुशवाहा ने विजय कंकने को 1.25 लाख रुपये का चेक दिया था। जब कंकने ने चेक बैंक में जमा किया, तो वह बाउंस हो गया। यानी, कुशवाहा के खाते में पैसे नहीं थे। इसके बाद कंकने ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। कुशवाहा के MLA बनने के बाद, यह मामला जबलपुर की विशेष अदालत में ट्रांसफर हो गया. यह अदालत नेताओं से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई करती है। लेकिन, कुशवाहा एक भी बार कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसलिए, अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। recent visitors 28

एचपी भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए एक दो-आयामी रणनीति अपना रहा, भारत में बढ़ेगा निवेश

नई दिल्ली एचपी (ह्यूलट-पैकार्ड) के सीईओ एनरिक लोरेस ने भारत में कंपनी की बढ़ती उपस्थिति और विस्तार की योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचपी भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए एक दो-आयामी रणनीति अपना रहा है। कंपनी न सिर्फ स्थानीय विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगी बल्कि सॉफ्टवेयर विकास में काम कर रहे भारतीय इंजीनियरों को भी शामिल करेगी ताकि वह अपने उत्पादों में उन्नत सॉफ़्टवेयर सुविधाएं प्रदान कर सकें। भारत में HP की बढ़ती उपस्थिति एनरिक लोरेस ने कहा, "भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जहां हमारे सबसे अधिक कर्मचारी हैं और इनमें से बड़ी संख्या में इंजीनियर हैं जो सॉफ़्टवेयर विकास में काम कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इन इंजीनियरों के योगदान से हमारे बाकी उत्पादों में नई तकनीकी सुविधाओं का समावेश होगा।" पीसी बाजार में एचपी की स्थिति भारत पहले ही एचपी के लिए एक महत्वपूर्ण पीसी बाजार बन चुका है। इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) के अनुसार भारत में एचपी सबसे बड़ी पीसी निर्माता कंपनी है। लोरेस ने बताया कि एचपी की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी विभिन्न श्रेणियों में सबसे अधिक है और कंपनी भारत में आंतरिक विकास और शोध कर रही है जिसका लाभ कंपनी के अन्य वैश्विक उत्पादों में भी देखने को मिलेगा। भारत में विनिर्माण और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना एचपी ने पिछले साल के अंत में भारतीय अनुबंध निर्माता डिक्सन टेक्नोलॉजीज को "मेक इन इंडिया" योजना के तहत लैपटॉप और डेस्कटॉप बनाने का ऑर्डर दिया था। इसके माध्यम से एचपी अपने उत्पादों की कीमत को कम करने में सक्षम होगी जिससे उसकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। लोरेस ने बताया, "भारत में उत्पादों का निर्माण स्थानीय स्तर पर किया जाना चाहिए और इस दिशा में हम अप्रैल महीने से भारत में नोटबुक उत्पादन शुरू करने जा रहे हैं।" चीन पर निर्भरता कम करना एचपी और अन्य तकनीकी कंपनियां भारत में अपने ध्यान केंद्रित कर रही हैं ताकि चीन पर उनकी निर्भरता कम हो सके। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई कंपनियां चीन से अपनी उत्पादन सुविधाएं बाहर स्थानांतरित करने पर विचार कर रही हैं। एचपी को भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ का सामना करना पड़ा है जिससे कंपनी ने भारत में अधिक उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाई है। भारत में PC की बढ़ती मांग और AI सुविधाएं स्मार्टफोन की तुलना में भारत में पीसी की पहुंच अभी भी कम है जिससे एचपी जैसी कंपनियों को इस बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का अच्छा अवसर मिल रहा है। इसके अलावा एचपी अब अपने पीसी में बिल्ट-इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सुविधाएं जोड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिससे यह कंपनियां और छोटे व्यवसायों के लिए आदर्श बन सकें। एचपी का मानना है कि भारत में एआई आधारित पीसी की मांग बढ़ेगी। स्थानीय AI मॉडल के साथ नई योजनाएं लोरेस ने यह भी साझा किया कि एचपी स्थानीय रूप से विकसित AI मॉडल को अपने उत्पादों में लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कंपनी स्पेन और सऊदी अरब में स्थानीय विश्वविद्यालयों और सरकारों के साथ मिलकर स्पेनिश और अरबी भाषाओं के लिए AI मॉडल विकसित कर रही है और इसी तरह के मॉडल भारत में भी विकसित किए जा सकते हैं। अंत में कहा जा सकता है कि एचपी भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। कंपनी का उद्देश्य न सिर्फ स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देना है बल्कि भारतीय इंजीनियरों को अपनी सॉफ़्टवेयर टीम में शामिल कर अपने उत्पादों को और अधिक उन्नत बनाना है। साथ ही एचपी चीन पर अपनी निर्भरता कम करते हुए भारत में अपने उत्पादन को बढ़ा रही है जिससे उसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लाभ मिलेगा।   recent visitors 44

एक्ट्रेस धनश्री वर्मा का तलाक के बाद नया गाना वायरल

मुंबई टीम इंडिया के क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और कोरियोग्राफर-एक्ट्रेस धनश्री वर्मा का गुरुवार को आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया। इस फैसले के बीच धनश्री ने अपना नया म्यूजिक वीडियो 'देखा जी देखा मैंने' जारी किया है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे बाहर से खुशहाल दिख रही शादी बेवफाई और बुरे बर्ताव से भरी हुई है। इस गाने को लेकर नेटिजन्स रिएक्ट कर रहे हैं। धनश्री वर्मा के इस नए गाने का टाइटल, 'देखा जी देखा मैंने, दिल का रोना देखा, गैरों के बिस्तर पे, अपनों का सोना देखा…।' टी-सीरीज के इस गाने के लिरिक्स जानी ने लिखे हैं। सिंगर ज्योति नूरन हैं। खुद धनश्री और उनके साथ ईश्वक सिंह नजर आए हैं। खबर लिखे जाने तक इस गाने को यूट्यूब पर 2 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। गाने में धनश्री को पति ने दिया धोखा! इस गाने में दिखाया गया है कि धनश्री वर्मा का पति दूसरी महिला के साथ उसे धोखा देता है। हद तो तब हो जाती है, जब वो अपनी बीवी पर शक करता है और उसके सामने उसे थप्पड़ भी मारता है। एक दिन जब धनश्री अपने पति को किसी दूसरी औरत के साथ रंगे-हाथों पकड़ लेती हैं तो वो घर छोड़ने लगती हैं। इस पर उसका पति उसे इमोशनल ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है, लेकिन अगले ही पल उसके साथ मारपीट करने लगता है। अब धनश्री से बर्दाश्त नहीं होता है और वो अपना मंगलसूत्र अपने पति को देकर चली जाती है। यानी शादी तोड़ देती है। लेकिन पति दुखी होने की बजाय उल्टा हंसने लगता है। जैसे कि वो यही चाहता था। देखिए धनश्री वर्मा का नया गाना इस गाने ने लोगों का ध्यान खींचा, खास तौर पर इसकी टाइमिंग के कारण, क्योंकि इसे निर्माताओं ने धनश्री के युजवेंद्र से तलाक के फैसले के लिए अदालत पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही रिलीज किया था। फैंस ने दिया धनश्री का साथ धनश्री ने इस गाने से अपनी कुछ फोटोज इंस्टाग्राम पर भी शेयर की हैं। इसके अलावा यूट्यूब पर भी लोगों के रिएक्शन आ रहे हैं। ज्यादातर लोग युजवेंद्र का सपोर्ट कर रहे हैं। एक ने लिखा, 'चलो स्ट्रॉन्ग वुमेन! कम से कम 5 करोड़ तो ले लिया।' एक और ने लिखा, '4 करोड़ बैठे बैठे कमाने की निन्जा टेक्नीक कोई इनसे सीखे। वाह अच्छा बिजनेस खोल लिया।' साल 2022 से रह रहे हैं अलग! धनश्री और युजवेंद्र ने दिसंबर 2020 में शादी की थी। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, वे जून 2022 से अलग रह रहे थे। दूसरी तरफ युजवेंद्र का नाम आरजे मैहविश के साथ जोड़ा जा रहा है। दुबई में क्रिकेट स्टेडियम के अलावा उन्हें हाल ही में एक होटल में साथ देखा गया था। मैहविश ने भी अपने इंस्टाग्राम पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा, 'झूठ, लालच और फरेब से परे है… खुदा का शुक्रिया आज भी खड़े हैं।' recent visitors 36

कलेक्टर ने पुस्तकें और गणवेश खरीदने की बाध्यता पर नन्ही दुनिया इंटरनेशनल स्कूल पर 2 लाख रुपए का जुर्माना ठोंका

सतना  सतना जिले में कलेक्टर सतीश कुमार एस ने प्राइवेट स्कूल द्वारा अभिभावकों से मनमानी वसूली करने वाले एक प्राइवेट स्कूल पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने शहर के नामचीन प्राइवेट विद्यालय नन्ही दुनिया इंटरनेशनल स्कूल पर 2 लाख का जुर्माना ठोका है। साथ ही सात दिन के अंदर यह राशि जमा करने का आदेश दिया गया है। इस कार्यवाही के बाद से प्राइवेट स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। इसलिए ठोका जुर्माना कलेक्टर ने पुस्तकें और गणवेश एक स्थान से खरीदने की बाध्यता पर प्राइवेट स्कूल नन्ही दुनिया इंटरनेशनल स्कूल बगहा कोठी रोड को 2 लाख रुपए का जुर्माना ठोंका है। कलेक्टर ने शिकायत की जांच के बाद मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस एवं अन्य संबंधित विषयों का विनियमन 2017 और 2020 की धारा 6 के विपरीत कृत्य करने पर संबंधित स्कूल पर अधिनियम की धारा 9 के तहत प्रथम बार में 2 लाख रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। स्कूल से ही ड्रेस लेने के लिए किया जाता था बाध्य स्कूल के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी कि संस्था द्वारा स्कूल से ही किताबें-ड्रेस लेने हेतु छात्रों एवं उनके अभिवावकों को बाध्य किया जाता है। जो अभिभावक इससे मना करते हैं, संस्था द्वारा उन बच्चों को परेशान किया जाता है। संस्था में एनसीआरटी की पुस्तकों के अलावा स्वतंत्र प्रकाशकों की पुस्तकें चलाई जाती हैं। जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। अंकसूची देने के लिए भी राशि ली जाती है, लेकिन इसकी रसीद नहीं दी जाती है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मौके पर किया निरीक्षण वहीं, कलेक्टर को शिकायत प्राप्त होने पर जिला शिक्षा अधिकारी सतना द्वारा 11 मार्च को संस्था का निरीक्षण कर शिकायत की जांच की गई। उसमें पाया गया कि संस्था द्वारा सत्र 2024-25 और सत्र 2025-26 के पत्रक के बिना सक्षम समिति के अनुमोदन के कक्षा नर्सरी से कक्षा 4 तक की शुल्क वृद्धि 20 प्रतिशत, कक्षा 5 में लगभग 15 प्रतिशत और कक्षा 7 एवं 8 में 20 प्रतिशत वृद्धि नियमों के विपरीत की गई है। स्कूल में मिले दुकान के कार्ड निरीक्षण के दौरान उपस्थित स्टाफ ने बताया कि स्कूल ड्रेस और पुस्तकें माही साइबर एवं स्टेशनरी नामक प्रतिष्ठान राजेन्द्र गली नम्बर 3 से प्राप्त करने के लिए अभिभावकों को कहा जाता है। इस संस्थान का कार्ड भी संस्था में काफी मात्रा में रखे पाये गये है। संस्था द्वारा एनसीआरटी के अतिरिक्त स्वतंत्र प्रकाशकों की पुस्तकें नर्सरी कक्षाओं के अलावा अन्य कक्षाओं में भी अधिनियम की धारा 6 कण्डिका (घ) के विपरीत चलाई जा रही हैं। दोषी पाए जाने पर कलेक्टर ने ठोका जुर्माना जिला शिक्षा अधिकारी ने संस्था की सुनवाई और बचाव का नैसर्गिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया, जिसके उत्तर में समाधानकारक तथ्य नहीं पाये गये। कलेक्टर ने प्रथम बार दो लाख, वहीं दूसरी बार जारी करने पर 4 लाख रूपये की सजा और इसके आगे के आदेशों पर 6 लाख रूपये तक की सजा अधिरोपित करने के प्रावधान हैं। recent visitors 53

मुख्यमंत्री ने महारूद्र सहस्त्र चंडी महायज्ञ में दी आहुति, प्रदेश में सुख समृद्धि की कामना की

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना स्थित प्राचीन तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर में पूजा कर प्रदेश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को तराना स्थित तिल भांडेश्वर मंदिर में पूजा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देव दर्शन के बाद कार्यक्रमों में साधु संतों का सम्मान किया और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बृह्मलीन महंत प्रकाशनंद जी भारती की समाधि पर पुष्पांजलि और चादर अर्पित की। उन्होंने महारूद्र सहस्त्र चंडी महायज्ञ में आहुति दी और ईश्वर से कामना की कि प्रदेश में सुख समृद्धि बनी रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्दिर परिसर मे पीपल का पौधा रोपा। उन्होंने मंदिर परिसर में सत्संग भवन निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी हरि गिरि महाराज और महंत मोहन भारती जी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, स्थानीय विधायक, साधु संत और जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 26

भोपाल AIIMS ने कर दिया कमाल, 70 वर्षीय बुजुर्ग का डॉक्टरों ने बिना चीरा लगाए ही बदला वाल्व

भोपाल  राजधानी के AIIMS में एक 70 वर्षीय मरीज का सफल ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) किया गया। मरीज को ओपन हार्ट सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं माना जा रहा था। यह मध्य प्रदेश के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार हुआ है। इस प्रक्रिया में मरीज के खराब हो चुके एओर्टिक वाल्व को बदला गया। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले यहां इलाज का खर्च लगभग 40% कम था। मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जो एओर्टिक वाल्व स्टेनोसिस के कारण थी। जोखिम भरा था ऑपरेशन मरीज का ऑपरेशन बुधवार को किया गया और उम्मीद है कि उन्हें गुरुवार को छुट्टी मिल जाएगी। AIIMS भोपाल के हृदय रोग विभाग के एचओडी (प्रभारी) डॉ. भूषण शाह ने बताया कि मरीज को क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव लंग डिजीज (COPD) भी थी, इसलिए ओपन-हार्ट सर्जरी करना जोखिम भरा था। प्राइवेट अस्पतालों में लाखों का होता है खर्चा AIIMS भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा कि यह संस्थान द्वारा किफायती कीमतों पर बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की एक और पहल है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में इस प्रक्रिया का खर्च लगभग 19 लाख से 25 लाख रुपये है। AIIMS भोपाल ने CGHS दरों पर TAVI प्राप्त करके लागत कम की। सरकारी अस्पताल होने के कारण अस्पताल में भर्ती होने का खर्च भी कम है। पैर की धमनी से हार्ट तक पहुंचता है वाल्व डॉ. योगेश निवरिया, जो AIIMS भोपाल में कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के प्रमुख हैं, ने बताया कि इस तकनीक में पैर की धमनी के माध्यम से एक विशेष डिलीवरी सिस्टम का उपयोग करके वाल्व हृदय तक पहुंचता है। इसे बिना चीरे, सामान्य एनेस्थीसिया या वेंटिलेटर के लगाया जाता है। सुरक्षा के लिए एनेस्थीसिया और अन्य विभागों के चिकित्सा कर्मी भी प्रक्रिया के दौरान मौजूद थे। क्या है TAVI TAVI एक कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया है। इसका उपयोग ओपन-हार्ट सर्जरी की आवश्यकता के बिना खराब हो चुके एओर्टिक वाल्व को बदलने के लिए किया जाता है। यह बुजुर्ग मरीजों या कई स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जो पारंपरिक सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं। मरीज को पिछले 6 से 8 महीनों से सांस लेने में बहुत तकलीफ हो रही थी। इसका कारण एओर्टिक वाल्व का सिकुड़ना था, जिससे खून का प्रवाह ठीक से नहीं हो पा रहा था। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की हालत और फेफड़ों की बीमारी को देखते हुए ओपन हार्ट सर्जरी करना खतरनाक हो सकता था। recent visitors 22

भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा प्रोत्साहन योजना को स्वीकृति देना ऐतिहासिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा प्रोत्साहन योजना को स्वीकृति देना ऐतिहासिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कम मूल्य वाले भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना स्वीकृत करने पर आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में "डिजिटल्‍इंडिया" का संकल्प साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे व्यापारियों के प्रोत्साहन के लिए 2 हजार रुपए के लेनदेन पर 0.15 प्रतिशत प्रति लेन-देन की दर से इन्सेन्टिव प्रदान करने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा योजना को स्वीकृति देना ऐतिहासिक है। यह न केवल डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगा अपितु छोटे व्यापारियों को सशक्त भी बनाएगा।   recent visitors 33