आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है, उसकी शाखाओं में गलत बातें सिखाई जाती :हुसैन दलवई

मुंबई  महाराष्ट्र के संभाजी नगर स्थित औरंगजेब की कब्र को लेकर सियासत गरमाई है। दक्षिणपंथी दल कब्र को हटाने की लगातार मांग कर रहे हैं। नागपुर में इसे लेकर हिंसा तक हुई। राजनीतिक बयानबाजी जारी है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवाई का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि हिम्मत है तो सरकार औरंगजेब की कब्र को हटाकर दिखाए। हुसैन दलवई ने तुषार गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और संजय राउत के हालिया बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने औरंगजेब की तारीफ करने वाले सपा नेता अबू आजमी को पर भी टिप्पणी की है। आरएसएस को बताया आतंकवादी संगठन हुसैन दलवई ने तुषार गांधी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने आरएसएस को 'कैंसर' कहा था। दलवाई ने कहा कि तुषार गांधी ने जो कहा, वह सही कहा है। मैं पहले भी कह चुका हूं और आज भी कहता हूं कि आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है। उसकी शाखाओं में गलत बातें सिखाई जाती हैं। तुषार गांधी के लिए मांगी सुरक्षा दलवई ने कहा कि तुषार गांधी ने कोई गलत नहीं बोला है। उन्होंने आगे कहा कि तुषार गांधी की जान को खतरा है और सरकार को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। यह सरकार का कर्तव्य है कि वह तुषार गांधी के परिवार की रक्षा करे, क्योंकि गांधी जी के खिलाफ हिंसा की कोशिशें जारी हैं। वक्फ संशोधन बिल का विरोध वक्फ संशोधन बिल पर असदुदीन औवासी के बयान का हुसैन दलवाई ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह बिल इसलिए लाया जा रहा है ताकि मुसलमानों से उनकी मस्जिदें और संपत्ति छीन ली जाए। इस बिल के माध्यम से सरकार मुसलमानों की भूमि और संपत्ति हड़पना चाहती है। कई विरोधी पार्टियों ने इस बिल का विरोध किया है। इंडिया गठबंधन भी इसके खिलाफ है। हम इस बिल का विरोध करते हैं। 'RSS शिवाजी को मानती थी पेशेवर' वहीं, वीर सावरकर को लेकर दलवाई ने कहा कि यह सही है कि वीर सावरकर ने छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में कई गलत बातें लिखी थीं और उनके बारे में गलत टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा, उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में भी नकारात्मक बातें कहीं थीं। जब नेहरू जी को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने सावरकर की किताबों को हटवा दिया। लेकिन अब देवेंद्र फडणवीस क्यों नहीं वही काम कर रहे हैं? आरएसएस के लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को राजा नहीं मानते थे, बल्कि पेशेवर मानते थे। यह अत्यंत शर्मनाक है। संजय राउत के बयान का समर्थन संजय राउत के औरंगजेब से संबंधित बयान पर हुसैन दलवाई ने भी अपनी सहमति दी। राउत ने बीजेपी सरकार की तुलना औरंगजेब से करते हुए कहा था कि मौजूदा शासन उससे भी बदतर है। इस पर हुसैन दलवाई ने कहा कि औरंगजेब का शासन क्रूर था, लेकिन बीजेपी का शासन उससे भी खराब है। बीजेपी मनमानी करती है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करती है। औरंगजेब की तारीफ करने के लिए उन्होंने सपा नेता अबू आजमी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अबू आजमी को औरंगजेब की तारीफ न करने की सलाह देते हुए कहा कि औरंगजेब एक क्रूर शासक था और हमें उसकी तारीफ नहीं करनी चाहिए। अबू आजमी को इतिहास पढ़ने की जरूरत है। recent visitors 59

मुख्यमंत्री साय बोले- सतत् सीखने से ही जनप्रतिनिधियों की भूमिका होगी प्रभावी

 रायपुर हम सभी के बीच मतभेद हो सकते है लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए और छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों में यह बात हमेशा से कायम है। छत्तीसगढ़ का विकास हमारा मूल उद्देश्य है और जनप्रतिनिधि के रूप में हमें प्रदेशवासियों के हित में सदैव समर्पित होकर काम करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में आज आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। सीखने की कोई उम्र नहीं होती, नेतृत्व क्षमता में निरंतर निखार जरूरी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम में हमेशा सीखते रहने की बात करते है और निश्चित रूप से सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। यहां कई ऐसे विधायक मौजूद है, जिनका जनप्रतिनिधि के रूप में लंबा अनुभव है, लेकिन वे भी इस कार्यक्रम को लेकर बहुत अधिक उत्साहित है। श्री साय ने कहा कि आप सभी सदस्यों की मौजूदगी यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर आप कितने चिंतित भी है और उत्साहित भी है।      साय ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में आमजनों से आपका व्यवहार सबसे बड़ी पूंजी है और यह लोगों के मन में आपके और संसदीय व्यवस्था के प्रति विश्वास को अधिक मजबूत करेगा। नवीन समाधानों को साझा करने और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पाने में प्रशिक्षण कार्यक्रम उपयोगी  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम नवीन समाधानों को साझा करने का मजबूत मंच है और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पाने में यह उपयोगी और सार्थक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन की संकल्पना को स्थापित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ई ऑफिस की व्यवस्था से प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हमें प्रदेश को आगे ले जाना है तो सभी प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिए समान रूप से तैयार रहना होगा। उन्होंने सार्वजनिक हित में तकनीक के सदुपयोग पर विशेष जोर दिया।       मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय प्रबंध संस्थान में पिछले वर्ष  आयोजित चिंतन शिविर को भी अत्यधिक उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर में हमने जो कुछ सीखा था, छत्तीसगढ़ के नीति निर्माण में हमने इसका भरपूर उपयोग किया है। विजन डॉक्यूमेंट से लेकर बजट तैयार करने में भी हमें इससे बड़ी मदद मिली। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के सभी सदस्यों से दो दिवसीय सत्र का भरपूर लाभ लेने को कहा और प्रबंध संस्थान को सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी।          विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लीडरशिप प्रोग्राम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सभी सदस्य लगभग 1 महीने तक सक्रियता के साथ शामिल रहे और इसके तुरंत बाद इस दो दिवसीय आयोजन में आप सभी की उपस्थिति प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा आप लोग सोच रहे होंगे कि जीतने के बाद हमारा प्रशिक्षण क्यों? जीतने के बाद हमारी जिम्मेदारी और भूमिका बढ़ जाती है, इसलिए हमें लगातार सीखते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें केवल अपने क्षेत्र के लिए नहीं बल्कि  छत्तीसगढ़ की बेहतरी के लिए कार्य करना है।        डॉ. सिंह ने कहा कि हम अपने आसपास के परिवेश और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के प्रति कितने सजग है,  जनप्रतिनिधि के रूप में आपको सफल बनाने में यह तथ्य महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि आपके पास अपने विधानसभा क्षेत्र की छोटी से छोटी जानकारी होनी चाहिए। डॉ. सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल से जुड़े कई अनुभव साझा किए और जनता से व्यवहार, जुड़ाव और उनका भरोसा जीतने को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।         नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास मंहत ने कहा विधायक बनते ही हम लीडर बन गये, ऐसा सोचना गलत धारण होगी। लीडर बनना एक प्रक्रिया है और हमें यह सीखना होगा। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों से निकलकर जशपुर का एक आदिवासी बेटा आज मुख्यमंत्री बना है, यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती और ताकत है। हम सभी का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की उन्नति है और इसी को लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है।         कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यगण, नीति आयोग के सीईओ श्री बीवीआर सुब्रमण्यम, आईआईएम रायपुर के निदेशक श्री राम कुमार, आईआईएम के प्रोफेसर श्री सुमीत गुप्ता, प्रोफेसर श्री संजीव पराशर, प्रोफेसर श्रीमती अर्चना पराशर उपस्थित थे। recent visitors 38

ग्रीन सॉल्यूशंस से घरेलू बचत और बिजनेस के नए अवसर

Green solutions bring household savings and new business opportunities ग्रीन भारत एक्सपो का दूसरा दिन:  भोपाल (सुशील दामले)। भोपाल में आयोजित ग्रीन भारत एक्सपो के दूसरे दिन इनोवेटिव प्रोडक्ट्स और ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशंस ने बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित किया। खासकर “शून्य निवेश पर सूर्यपति” योजना ने लोगों का विशेष ध्यान खींचा, जिससे बिना शुरुआती निवेश के घरों में सौर ऊर्जा से बिजली प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। 1. सौर ऊर्जा से बिजली बिल मुक्त भविष्य – सोलर सिस्टम अपनाने वालों को 30 साल तक बिजली बिल से छुटकारा। 2. सरकारी सब्सिडी के लाभ – सोलर पैनल और लाइट्स पर लाखों की सब्सिडी उपलब्ध। 3. ई-व्हीकल्स की बड़ी रेंज – घरेलू और कमर्शियल उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की विशेष प्रदर्शनी। डिक्की अध्यक्ष डॉ. अनिल सिरवैया ने कहा, “ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अपार बिजनेस संभावनाएं हैं। सरकार की योजनाएं स्टार्टअप्स को बड़ा अवसर दे सकती हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा से बुनियादी सुविधाएं सशक्त हो सकती हैं। दूसरे दिन सुबह से ही युवाओं और महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई। इमेजिन इवेंट्स के एमडी कल्याण कुशवाह ने भोपाल के युवाओं से अपील की कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में करियर और बिजनेस के नए रास्ते खोजें। तीन दिवसीय यह एक्सपो 23 मार्च को समाप्त होगा। यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि निवेश और व्यवसाय के नए अवसरों को भी खोल रहा है। ग्रीन भारत एक्सपो के मीडिया प्रभारी डॉ राजीव जैन ने बताया की बड़ी संख्या में कॉलेज स्टूडेंट और भोपाल वासी इस एक्सपो का भ्रमण कर रहे है और कई प्रकार की स्कीम का लाभ ले रहे है। हम सभी भोपाल वासियों से अपील करते है की आज समापन पर ज्यादा से ज्यादा से लोग एक्सपो की विजिट करे। recent visitors 379

ट्विटर की नीली चिड़िया का लोगो भी हुआ नीलामी

सैन फ्रांसिस्को ट्विटर की नीली चिड़िया का लोगो कभी सोशल मीडिया की दुनिया में पहचान का प्रतीक था, लेकिन जब से एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया, उन्होंने इस प्लेटफॉर्म में कई बड़े बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव तो यह था कि उन्होंने ट्विटर का नाम बदलकर 'X' कर दिया। अब अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित ट्विटर के हेडक्वार्टर पर लगा नीली चिड़िया का आइकॉनिक लोगो भी नीलामी में बेचा गया है। कितने में हुई नीली चिड़िया की नीलामी? नीलामी करने वाली कंपनी के PR के मुताबिक, इस नीली चिड़िया को 34,375 डॉलर (लगभग 30 लाख रुपए ) में नीलाम किया गया है। यह चिड़िया करीब 254 किलो वजनी है और इसका आकार 12 फीट लंबा और 9 फीट चौड़ा है। हालांकि, इस चिड़िया के नए मालिक की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। एपल से जुड़ी चीजों की भी हुई नीलामी नीली चिड़िया के अलावा एपल-1 कंप्यूटर को करीब 3.22 करोड़ रुपये (3.75 लाख डॉलर) में नीलाम किया गया है। इसके अलावा स्टिव जॉब्स द्वारा साइन किया गया एपल का एक चेक भी करीब 96.3 लाख रुपये (1,12,054 डॉलर) में नीलाम किया गया है।   recent visitors 45

ग्रीन भारत एक्सपो का भव्य शुभारंभ, महापौर मालती राय ने किया उद्घाटन

Green India Expo inaugurated by Mayor Malti Rai भोपाल (सुशील दामले)। पर्यावरण अनुकूल तकनीकों और हरित ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ग्रीन भारत एक्सपो का आज भव्य शुभारंभ हुआ। महापौर मालती राय ने फीता काटकर इस आयोजन की शुरुआत की। डिक्की (DICCI) और इमेजिन इवेंट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस एक्सपो में ईवी, सोलर और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी देशभर की अग्रणी कंपनियों ने भाग लिया है। 150 से अधिक स्टॉल्स, पवेलियन, फूड कोर्ट और कल्चरल पवेलियन से सजे इस एक्सपो में ग्रीन सॉल्यूशंस के साथ बिजनेस और स्व-रोजगार के अनगिनत अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। महापौर मालती राय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “भोपाल में ‘ग्रीन भारत एक्सपो’ का आयोजन गर्व की बात है। अब तक प्रॉपर्टी एक्सपो ज्यादा होते रहे हैं, लेकिन पर्यावरण संतुलन, स्वच्छता और ग्रीन एनर्जी के उपायों को प्रोत्साहित करने वाले आयोजन शहर की नई पहचान बना रहे हैं।” उन्होंने डिक्की और इमेजिन इवेंट को इस पहल के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को उद्यमिता और स्व-रोजगार के बेहतरीन अवसर मिलते हैं। महापौर ने एक्सपो में लगे विभिन्न स्टालों और पवेलियन का अवलोकन किया और सोलर लाइटिंग, ई-व्हीकल्स, सोलर पंप, बायो-चार बायो पैलेट्स जैसी नवीनतम तकनीकों से बने उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने ई-कार्ट की सवारी कर एक्सपो का भ्रमण किया और बताया कि भोपाल नगर निगम भी सोलर एनर्जी को अपनाने की दिशा में सक्रिय है। सरकारी कार्यालयों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं और भविष्य में जनसुविधाओं के लिए भी ग्रीन एनर्जी के विकल्पों का उपयोग किया जाएगा। डिक्की के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिरवैया ने कहा कि ग्रीन भारत एक्सपो का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में स्व-रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराना है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार की इस क्षेत्र में बेहतरीन नीतियां हैं, जिनका लाभ उठाकर युवा वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में अपने उद्योग स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप प्राकृतिक ऊर्जा संसाधनों के अधिकतम उपयोग और उद्यमिता को बढ़ावा देने की बात कही। इमेजिन इवेंट के एमडी कल्याण कुशवाह ने एक्सपो में भाग लेने वाली कंपनियों और उनके उत्पादों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस एक्सपो में हर दिन विभिन्न कंपनियों के प्रेजेंटेशन होंगे, जिससे ग्रीन टेक्नोलॉजी और ऊर्जा समाधान के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ेगी।शुभारंभ समारोह में पार्षद श्रीमती पूजा अश्विनी शर्मा, शिखा मोनू गोहिल, विनीता सोनी, डिक्की के वाइस प्रेसिडेंट पंकज पाटिल, बिट्टन मार्केट के अध्यक्ष हरिओम खटीक, सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. मोनिका जैन और डॉ. राजीव जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे।ग्रीन भारत एक्सपो न केवल ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच है, बल्कि युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो रहा है। एक्सपो के आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में आगंतुकों और उद्योग विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है। recent visitors 91

लोकायुक्त, ईडी, IT और DRI के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर की दर्ज

 ग्वालियर ग्वालियर में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा केस में अब पांचवीं जांच एजेंसी की एंट्री हो गई है। लोकायुक्त, ईडी, आयकर विभाग और डीआरआई के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सौरभ और उमा शर्मा के खिलाफ ग्वालियर के सिरोल थाना में शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे परिवहन विभाग की तरफ से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है। साल 2016 में परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति लेते समय सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा ने शपथ पत्र में बड़े भाई सचिन शर्मा की छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी। मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब ग्वालियर में दोनों पर मामला दर्ज कराया गया है। सौरभ की नियुक्ति को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू पहले ही लोकायुक्त में शिकायत कर चुके थे। पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक, सहायक परिवहन आयुक्त किरन कुमार को एक जनवरी 2025 को संयुक्त परिवहन आयुक्त की ओर से एक पत्र मिला था। जिसमें सेवानिवृत परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की नियुक्ति को लेकर दिए गए शपथ पत्र की जांच के निर्देश थे। सहायक परिवहन आयुक्त ने जांच की और सर्विस रिकॉर्ड मंगाया। सौरभ शर्मा ने शपथ पत्र में यह जिक्र नहीं किया कि उसका बड़ा भाई सचिन शर्मा छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी में है। सौरभ की नियुक्ति के लिए उसकी मां उमा शर्मा ने भी शपथ पत्र दिया था। जिसमें बड़े बेटे की सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी।जांच के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग में संपर्क किया गया और वेबसाइट से कर्मचारियों की सूची निकाली तो वहां सौरभ के बड़े भाई सचिन शर्मा के सड़क विकास निगम रायपुर में तैनात होने की पुष्टि हुई। जिससे शपथ पत्र झूठे होने का प्रमाण मिला है। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा केस में ईडी मनी ट्रेल और प्रॉपर्टी के दस्तावेज, तो इनकम टैक्स विभाग सौरभ के दोस्त चेतन सिंह गौर की गाड़ी से मिले 54 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए की जांच कर रही है। लोकायुक्त आय से ज्यादा संपत्ति की जांच तो डीआरआई इस बात की जांच कर रही है कि जो सोना मिला है, वो लीगल तरीके से लिया गया है या नहीं? काली कमाई को कॉलोनी बनाने में खपाए जाने का कनेक्शन भी जांच एजेंसियों को मिला है। अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। recent visitors 39

चयन सूची और परीक्षा परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना घोषित नहीं किए जाएं :हाईकोर्ट

 जबलपुर असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में गेस्ट फैकल्टी को एससी-एसटी वर्ग के तहत मिलने वाली आयु सीमा छूट का लाभ नहीं दिए जाने के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने एससी-एसटी वर्ग को 5 साल की अतिरिक्त आयु सीमा छूट का लाभ प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं। युगलपीठ ने यह भी निर्देश दिया है कि चयन सूची और परीक्षा परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना घोषित नहीं किए जाएं। अतिथि शिक्षकों को मिलेगा नौकरी में 25% रिजर्वेशन, जबलपुर हाईकोर्ट का फैसला अतिथि शिक्षकों के लिए जबलपुर हाईकोर्ट ने राहत देने वाला आदेश जारी किया है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने स्वाशासकीय व जनभागीदारी कॉलेज में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को आरक्षण का लाभ देने का अंतरिम आदेश जारी किया है. युगलपीठ ने एमपीपीएससी के माध्यम से निकाली गई असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में इन कॉलेज में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी को भी 25 प्रतिशत आरक्षण की श्रेणी में रखने के अंतरिम आदेश जारी किए हैं. क्या है गेस्ट फैकल्टी और आरक्षण का मामला? दरअसल, स्वाशासकीय यानी ऑटोनॉमस व जनभागीदारी कॉलेज में कार्यरत 33 गेस्ट फैकल्टी की ओर से ये याचिका दायर की गई थी. तीन याचिका में कहा गया था कि उच्च शिक्षा विभाग ने MPPSC के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर और खेल अधिकारियों के लिए 2 हजार 117 पदों पर भर्ती निकाली है. वहीं सभी याचिकाकर्ता स्वाशासकीय व जनभागीदारी कॉलेज में रिक्त पदों पर वर्षों से कार्यरत हैं. याचिका में इसके साथ मांग की गई कि इस भर्ती में गेस्ट फैकल्टी होने के नाते उन्हें भी 25 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाए, जो उन्हें नहीं दिया जा रहा है. अब मिलेगा आरक्षण का लाभ अतिथि शिक्षकों की याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने स्वाशासकीय व जनभागीदारी कॉलेज में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी को भी आरक्षण का लाभ देने के अंतरिम आदेश जारी किए हैं. युगलपीठ ने नियुक्ति याचिका के अंतिम आदेश के अधीन रहते हुए एमपीपीएससी को रिजल्ट फिलहाल जारी नहीं करने के आदेश दिए हैं. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एस डी मिश्रा ने पैरवी की.  हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती में दी राहत, 2018 की टीईटी मान्य, आयु सीमा में छूट, अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में अभ्यर्थियों को राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के तहत उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि इन अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। चयन प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश बुरहानपुर निवासी आकांक्षा व अन्य की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा 2023 की नियम पुस्तिका के अनुसार, 2018 के बाद आयोजित किसी भी शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता आजीवन होगी। इसके बावजूद कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2024 में टीईटी 2020 पास अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को चयन प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए। भर्ती परीक्षा में आवेदन करने और भाग लेने की अनुमति विदिशा निवासी अरविंद रघुवंशी व अन्य की ओर से 2024 के भर्ती विज्ञापन की कंडिका 6.2 को चुनौती दी थी, जिसमें अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तय की गई थी। दलील दी गई कि सामान्य प्रशासन विभाग ने 18 सितंबर 2022 को आदेश जारी कर अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट का प्रावधान दिया है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भर्ती परीक्षा में आवेदन करने और भाग लेने की अनुमति दी। वहीं हाईकोर्ट ने टीकमगढ़ निवासी शैलेन्द्र यादव व अन्य को बिना अनुभव प्रमाण पत्र के आवेदन करने की अनुमति प्रदान की।   recent visitors 38