Friday, July 3, 2026 12:44 pm

मुख्यमंत्री ने दी विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व जल दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर सभी से जल संरक्षण के लिए संकल्प लेने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल से ही हमारा कल सुरक्षित है। यह प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जिसका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर जल संसाधनों की सुरक्षा का संकल्प लें और एक समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जल बचाने के लिए जागरूक रहने और जल संरक्षण के सभी उपाय अपनाने की अपील की है। जल संकट की गंभीरता को उजागर करने और इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी इस वर्ष आगामी 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ करने जा रही है। जल संरक्षण में जन सहभागिता बढ़ाने और अधिकाधिक जल संरचनाओं के निर्माण की मूल मंशा से जुड़ा यह अभियान (लगातार 90 दिनों तक संचालित होकर) 30 जून 2025 तक चलेगा। इस अवधि में जल बचाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।   recent visitors 30

EOW की विशेष अदालत ने CGMSC घोटाला मामले में पांचों आरोपियों को सात दिन की रिमांड पर भेजा

रायपुर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन (CGMSC) में करोड़ों के रीएजेंट खरीदी घोटाले में ईओडब्लू की विशेष अदालत ने पांच आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. ईओडब्ल्यू ने आरोपियों की 15 दिन की रिमांड मांगी थी. ईओडब्ल्यू ने दो आईएएस समेत CGMSC और हेल्थ विभाग के दर्जन भर अधिकारियों को तलब कर लंबी पूछताछ करने के बाद की पांचों लोगों को देर रात गिरफ्तार किया था. इसके बाद आज सुबह ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया. ईओडब्ल्यू की ओर से मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों की 15 दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी. विशेष अदालत के न्यायधीश ने सुनवाई के बाद सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. मामले में CGMSC के तत्कालीन प्रभारी महाप्रबंधक उपकरण एवं उप प्रबंधक क्रय एवं संचालन बसंत कुमार कौशिक, तत्कालीन बायोमेडिकल इंजीनियर छिरोध रौतिया, तत्कालीन उप प्रबंधक उपकरण कमलकांत, तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर स्टोर डॉ. अनिल परसाई, तत्कालीन बायोमेडिकल इंजीनियर दीपक कुमार बाँधे विशेष अदालत के फैसले के बाद अब 28 मार्च तक रिमांड पर रहेंगे. बता दें कि कांग्रेस शासनकाल में स्वास्थ्य विभाग के CGMSC ने मोक्षित कॉरपोरेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की राजकोष को किस तरह से खाली किया है इस पूरे मामले को लेकर 660 करोड़ रुपए के गोल-माल को लेकर भारतीय लेखा एंव लेखापरीक्षा विभाग के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) आईएएस यशवंत कुमार ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार पिंगआ को पत्र लिखा था. दो साल के ऑडिट में खुली थी पोल लेखा परीक्षा की टीम की ओर से CGMSC की सप्लाई दवा और उपकरण को लेकर वित्त वर्ष 2022-24 और 2023-24 के दस्तावेज को खंगाला गया तो कंपनी ने बिना बजट आवंटन के 660 करोड़ रुपये की खरीदी की थी, जिसे ऑडिट टीम ने पकड़ लिया था. ऑडिट में पाया गया है कि पिछले दो सालों में आवश्यकता से ज्यादा खरीदे केमिकल और उपकरण को खपाने के चक्कर में नियम कानून को भी दरकिनार किया गया. बिना जरूरत की हॉस्पिटलों को सप्लाई प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सप्लाई की गई, जिनमें से 350 से अधिक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऐसे हैं, जिसमें कोई तकनीकी, जनशक्ति और भंडारण सुविधा उपलब्ध ही नहीं थी. ऑडिट टीम के अनुसार DHS ने स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाओं में बेसलाइन सर्वेक्षण और अंतर विश्लेषण किए बिना ही उपकरणों और रीएजेंट मांग पत्र जारी किया था. recent visitors 19

डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे मजबूत, आयात पर निर्भर इंडस्ट्री को फायदा होगा

मुंबई भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 86 रुपये से ऊपर पहुंच गया है. यह उसका पिछले दो साल में किसी भी एक सप्ताह का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. तेल की कीमतों में स्थिरता, डॉलर इंडेक्स में गिरावट, और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में किए गए हस्तक्षेप जैसे कारकों ने रुपये को मजबूती दी है. इस सप्ताह रुपये ने 1.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की, जो जनवरी 2023 के बाद से सबसे अधिक है. विशेषज्ञों का कहना है कि RBI द्वारा डॉलर की तरलता (लिक्विडिटटी) बढ़ाने और नियमित हस्तक्षेप के कारण रुपया लगातार मजबूत हो रहा है. इसके अलावा, विदेशी निवेश, तेल की कीमतों में स्थिरता, घरेलू महंगाई में कमी, और व्यापार घाटे (ट्रेड डेफिसिट) में सुधार ने भी रुपये को सबल दिया है. फरवरी में भारत का व्यापार घाटा घटकर 14.05 अरब डॉलर (लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये) रह गया, जो जनवरी में 23 अरब डॉलर (लगभग 1.91 लाख करोड़ रुपये) था. यह सुधार निर्यात और आयात में गिरावट के कारण हुआ है. रुपये की मजबूती के मुख्य कारण     RBI का हस्तक्षेप: RBI ने डॉलर/रुपया स्वैप ऑक्शन के जरिए डॉलर की लिक्विडिटी बढ़ाई. स्वैप नीलामी का मतलब है कि RBI ने बैंकों से डॉलर खरीदे और उन्हें भविष्य में वापस बेचने का वादा किया.     तेल की कीमतों में स्थिरता: तेल की कीमतें स्थिर रहने से भारत का आयात बिल कम हुआ, जिससे रुपये को सपोर्ट मिला.     विदेशी निवेश: विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में पैसा लगाया, जिससे डॉलर की आपूर्ति बढ़ी.     व्यापार घाटे में सुधार: फरवरी में व्यापार घाटा कम होकर 14.05 अरब डॉलर रह गया, जो अगस्त 2021 के बाद से सबसे कम है. विशेषज्ञों का मानना है कि RBI की सही और समय पर नीतियों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है. इससे रुपये की मजबूती जारी रह सकती है. हालांकि, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और तेल की कीमतों में बदलाव जैसे कारक रुपये को प्रभावित कर सकते हैं. रुपये की मजबूती से किन सेक्टरों को लाभ रुपये की मजबूती से कई सेक्टरों को फायदा होगा, खासकर आयात पर निर्भर रहने वाली इंडस्ट्री को. जब रुपया मजबूत होता है, तो आयात होने वाला सामान जैसे कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और मशीनरी सस्ते हो जाते हैं. इससे पेट्रोलियम, ऑटोमोबाइल, और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को लागत में कमी आती है. साथ ही, विदेशी यात्रा करने वालों को भी फायदा होगा, क्योंकि डॉलर के मुकाबले उनकी खरीदारी क्षमता बढ़ जाती है. हालांकि, निर्यातकों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि मजबूत रुपये से उनके उत्पाद विदेशों में महंगे हो जाते हैं. खासकर आईटी कंपनियों को डॉलर के कमजोर होने और रुपये के मजबूत होने से दिक्कत होती है. बाजार पर विदेशी निवेश का असर   गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 3,239.14 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की. इसके अलावा, भारतीय बॉन्ड मार्केट में भी 5,500 करोड़ रुपये का निवेश देखने को मिला. विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत की रियल यील्ड (Real Yield) 3.028% होने के कारण विदेशी निवेशक यहां निवेश को आकर्षक मान रहे हैं.    डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल में बढ़त डॉलर इंडेक्स (Dollar Index), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 0.13% की बढ़त के साथ 103.98 पर रहा. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) वायदा कारोबार में 0.44% बढ़कर 72.32 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.   शेयर बाजार में भी दिखी मजबूती   घरेलू शेयर बाजार भी सकारात्मक कारोबार कर रहे हैं. दोपहर के कारोबार में 12 बजकर 7 मिनट के करीब BSE सेंसेक्स (Sensex) 581.34 अंक या 0.76% की बढ़त के साथ 76,929.40 पर कारोबार कर रहा था. Nifty 50 भी 165.10 अंक या 0.71% की बढ़त के साथ 23,355.75 पर पहुंच गया.   भारतीय बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों की भरोसा कायम रुपये की मजबूती भारतीय बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है. आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव, तेल की कीमतों और डॉलर इंडेक्स की चाल रुपये की दिशा तय करेगी. वहीं,  फेडरल रिजर्व के फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर रुपये की चाल पर पड़ सकता है. recent visitors 52

मुख्यमंत्री की पर्यावरण संतुलन और आर्थिक संवर्धन से जिले में जल संरक्षण की बहुआयामी पहल:-महेन्द्र सिंह मरपच्ची

विश्व जल दिवस पर विशेष लेख एमसीबी/मनेंद्रगढ़  जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन और सभ्यता की धुरी है। मनुष्य के अस्तित्व से लेकर कृषि, उद्योग और पर्यावरण तक जल की अनिवार्यता स्पष्ट है। लेकिन आज जल संकट एक वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिससे भारत भी अछूता नहीं है। प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सतत जल प्रबंधन की दिशा में प्रयासों को तेज करना है। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जल संरक्षण और स्वच्छ जल आपूर्ति के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका प्रभाव पूरे देश और छत्तीसगढ़ राज्य में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने की हुई प्रतिबद्धता         प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इस मिशन को और अधिक प्रभावी बनाया गया है । मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जल जीवन मिशन की प्रगति को देखें तो अबतक कुल 60,379 नल कनेक्शन पूर्ण किया किया गया है । जबकि जिले की 19 गांवों को शत-प्रतिशत नल कनेक्शन से जोड़ा गया है, जिससे वहां के लोगों को अब स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित हो चुकी है। कई गांवों में सौर ऊर्जा आधारित जल आपूर्ति प्रणाली लागू की गई है, जिससे जल आपूर्ति निरंतर बनी रहे। छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण की चुनौतियां और उसके संभावनाएं छत्तीसगढ़ जल संसाधनों की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां महानदी, हसदेव, शिवनाथ, इंद्रावती, अरपा और खारून जैसी प्रमुख नदियां हैं, जो कृषि, उद्योग और पेयजल कबआपूर्ति के लिए जीवनरेखा का काम करती हैं। लेकिन अनियंत्रित जल दोहन, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के कारण राज्य के कई क्षेत्रों में जल संकट गहराता जा रहा है। भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिससे कई जिलों में पानी की कमी देखी जा जाती है। मानसून में अनिश्चितता के कारण कुछ इलाके बाढ़ग्रस्त हो जाते हैं, जबकि अन्य हिस्से सूखे की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाना भी जरूरी हो गया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जल संरक्षण के लिए किया जा रहा सशक्त प्रयास           केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संरक्षण और प्रबंधन के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। इनमें  "कैच द रेन" अभियान के तहत गांवों और शहरों में जल स्रोतों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। इस अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों में पुराने कुओं, तालाबों और झीलों को पुनर्जीवित किया जा रहा है, जिससे जल पुनर्भरण की प्रक्रिया को गति मिले। "अटल भूजल योजना"  विशेष रूप से भूजल स्तर को सुधारने के लिए बनाई गई है, जिसमें समुदाय-आधारित जल प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में इस योजना के तहत बोरवेल रिचार्जिंग, जल पुनर्भरण संरचनाओं और जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। वहीं "अमृत सरोवर मिशन"  के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अबतक 96 अमृत सरोवरों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ये सरोवर जल संरक्षण को बढ़ावा देने, भूजल स्तर में सुधार लाने, और कृषि एवं आजीविका के साधनों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा ये सरोवर सामुदायिक गतिविधियों और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रोत्साहित करते हैं। छत्तीसगढ़ के विभिन्न अमृत सरोवर स्थलों पर संविधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों का आयोजन किया जाता है, जिससे सामुदायिक सहभागिता और जागरूकता में वृद्धि होती है। इन सरोवरों के निर्माण से स्थानीय निवासियों को सिंचाई, मछली पालन और अन्य आर्थिक गतिविधियों के अवसर मिलते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। इसके अलावा "प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना" के अंतर्गत किसानों को माइक्रो इरिगेशन (ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम) अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम पानी में अधिक सिंचाई संभव हो सके। इससे जल की बर्बादी कम होती है और खेती को और अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है। "अमृत योजना" के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति और सीवरेज प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं, जिससे शहरी जल संकट को दूर करने में मदद मिल रही है। जल संरक्षण के लिए हर व्यक्ति की जनभागीदारी जरूरी       छत्तीसगढ़ और पूरे देश में जल संरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देकर भूजल स्तर को पुनः भरना आवश्यक है। स्मार्ट जल प्रबंधन तकनीकों जैसे कि डिजिटल वॉटर मीटरिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को लागू किया जाना चाहिए। औद्योगिक इकाइयों को जल पुनर्चक्रण अनिवार्य करना चाहिए, ताकि जल अपव्यय को कम किया जा सके। गांवों में पारंपरिक जल संरचनाओं जैसे तालाबों, बावड़ियों और कुओं का पुनर्निर्माण कर उन्हें जल पुनर्भरण के लिए उपयोग किया जाना चाहिए। कृषि में पानी की बचत के लिए सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) को बढ़ावा देना होगा। स्कूलों और कॉलेजों में जल संरक्षण की शिक्षा देकर युवाओं के साथ साथ हर व्यक्ति को भी जल बचाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। विश्व जल दिवस के दिन जल संरक्षण का संकल्प लेने का सही समय        विश्व जल दिवस केवल एक प्रतीकात्मक अवसर नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताने और ठोस कार्रवाई करने का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जल संरक्षण के लिए कई प्रभावी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ पूरे देश और छत्तीसगढ़ को मिल रहा है। लेकिन केवल सरकार के प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं। हर नागरिक को जल बचाने की दिशा में योगदान देना होगा। यदि हम आज जल संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं हुए, तो भविष्य में यह संकट और विकराल रूप ले सकता है। हमें आज ही जल संरक्षण के ठोस उपाय अपनाने होंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध जल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। जल संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य है। इस विश्व जल दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए … Read more

जिले में कानून व्यवस्था होगी सख्ती, अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए दिए गए निर्देश

कानून व्यवस्था को लेकर जिला स्तरीय बैठक हुई संपन्न एमसीबी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में और पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह की उपस्थिति में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में आगामी ईद-उल-फितर और चैत्र नवरात्र के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक ने जिले में बाहरी घुसपैठियों की पहचान और फर्जी सिम कार्डों की ट्रैकिंग को लेकर विशेष अभियान चलाने की जानकारी दी। घर-घर सर्वे कर बाहरी व्यक्तियों की पहचान, उनका आधार और मोबाइल नंबर सत्यापित करने के निर्देश दिए गए। अपराधियों की मोबाइल ट्रैकिंग और कॉल रिकॉर्ड की निगरानी कर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने जिले में अवैध अतिक्रमण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। मनेंद्रगढ़ और चिरमिरी में अवैध कब्जाधारियों पर कार्रवाई होगी और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर वहां पौधारोपण किया जाएगा। शहर के बीच एनएच पर खड़े ट्रकों और अन्य वाहनों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यातायात बाधित न हो। साथ ही, पार्किंग व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन विशेष अभियान चलाएगा। चेंबर पदाधिकारियों के साथ बैठक कर फल-सब्जी, मटन और मछली बाजारों के लिए उचित स्थान निर्धारित किए जाएंगे। शहर में अवैध रूप से लगाए गए ठेलों को हटाने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं, खासकर स्कूलों और शासकीय कार्यालयों के आसपास के क्षेत्र में सख्ती बरती जाएगी। यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित दुकानदारों पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी गई है। चिरमिरी बस स्टैंड, बाजार और नगर निगम कार्यालय के आसपास अवैध कब्जों को हटाने के आदेश दिए गए हैं, जिसके लिए पहले स्थानीय लोगों से चर्चा कर उचित समाधान निकाला जाएगा। इस बैठक के जरिए जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध गतिविधियों, अतिक्रमण और बाहरी घुसपैठियों पर सख्ती बरती जाएगी। आने वाले दिनों में इन सभी निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा ताकि मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शांति और सुचारु प्रशासन व्यवस्था बनी रहे। इस बैठक में एसडीएम लिंगराज सिदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अशोक वडेगावकर, एलेक्स टोप्पो अनुविभागीय अधिकारी मनेंद्रगढ़ के साथ समस्त पुलिस अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर प्रीतेश राजपूत सहित समस्त तहसीदार और अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे । recent visitors 20

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार के स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिहार के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रगति की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर शांति, संघर्ष और संस्कार की पुण्यधरा बिहार के स्थापना दिवस की सभी प्रदेशवासियों को आत्मीय बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि बिहार राज्य निरंतर प्रगति एवं विकास के नए कीर्तिमान रचता रहे, जन-जन के जीवन में खुशहाली आए। बिहार का स्थापना दिवस हर वर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन 1912 में बिहार को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर एक स्वतंत्र प्रांत बनने पर मनाया जाता है।   recent visitors 17

सिंगरौली : 8वीं की छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म: बोली- 9 महीने पहले छात्रावास से घर जा रही थी

 सिंगरौली मध्यप्रदेश के सिंगरौली में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने सरकारी स्कूल में एक बच्चे को जन्म दिया है. छात्रा को पेट में दर्द की शिकायत के बाद परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां उसे इलाज के लिए भर्ती कराया था. इलाज के लिए जब डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला की छात्रा 9 महीने की गर्भवती है. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को मामले की सूचना दी. अस्पताल पहुंची पुलिस ने पूछताछ कर अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया है. 9 महीने पहले हुआ था दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 9 महीने पहले वह छात्रावास से ऑटो में सवार होकर अपने घर जा रही थी. इसी दौरान ऑटो चालक ने सुनसान जगह पर पीड़ित छात्रा के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था. इस घटना के बारे में छात्रा ने अपने परिजनों को नहीं बताया था. 21 मार्च को अचानक उसके पेट में दर्ज होना शुरू हुआ. इसके बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे. गर्भवती निकली छात्रा अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्रा की जांच करवाई, तो रिपोर्ट में छात्रा के पेट में 9 महीने का गर्भ होने का पता चला. डॉक्टरों ने जब परिजनों से पति के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्होंने छात्रा नाबालिग और बिना शादीशुदा होना बताया. मामला संदिग्ध लगने पर अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना सरई पुलिस को दी. ऑटो चालक पर केस दर्ज इस पर पुलिस ने छात्रा के बयान के आधार पर अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ मामला दर्ज पर जांच शुरू कर दी है. सरई थात्रा प्रभारी जितेंद्र सिंह भदोरिया ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से सूचना मिलते ही अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्द किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. आरोपी ऑटो चालक की तलाश की जा रही है. recent visitors 75