Monday, July 6, 2026 10:31 pm

अखिल भारतीय विजयवर्गीय समाज के द्वारा होली मिलन समारोह आयोजन

Holi Milan celebration organized by All India Vijayvargiya Samaj भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट) ! राजधानी स्थित पीपल्स मॉल में अखिल भारतीय विजयवर्गीय ( वैश्य) महासभा नवयुवक मंडल के द्वारा,होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें समाज के सभी गणमान्य नागरिक एवं परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे,वहीं नव युवक मंडल के अध्यक्ष राहुल विजयवर्गीय ने हमें बताया कि,प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी हमने होली मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया,जिसमें विशेष रूप से समाज के सभी लोगों ने फूलों के द्वारा होली खेली,महिलाओं एवं बच्चों के द्वारा अनेकों रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए,वहीं उन्होंने बताया कि,समय-समय पर हम लोग इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करते हैं, ताकि समाज के लोग एक दूसरे से मिल सकें,और समाज में एकता तथा भाईचारा बना रहे recent visitors 91

रफ्तार का कहर, बेकाबू स्‍कूल बस पलटी, 15 छात्र-छात्राएं घायल

झांसी  यूपी के झांसी में सोमवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक स्‍कूल बस में सवार होकर पढ़ने जा रहे बच्‍चे रफ्तार के कहर के शिकार हो गए। इस हादसे में 15 छात्र-छात्राओं के घायल होने की सूचना मिल रही है। बच्‍चों की चीख-पुकार से आसपास का इलाका दहल उठा। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां कई बच्‍चों की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं एसडीएम मोंठ ने जांच के निर्देश दिए हैं। झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में यह दर्दनाक हादसा हुआ है। सोमवार की सुबह गांव कुइया, बरोदा से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही बस बाबई के आगे बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में 15 छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए। सोमवार सुबह-सुबह गांव कुइया और बरौदा से छात्र-छात्राओं को लेकर निजी गुरुकुल आश्रम की बस स्कूल जा रही थी। उसमें करीब 30 छात्र-छात्राएं सवार थे। जैसे ही ड्राइवर बाबई-बरोदा सड़क पर पहुंचा, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बस बेकाबू होकर पलट गई। हादसे के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आनन-फानन में राहगीर मदद को दौड़े। सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी पूंछ जेपी पाल ने मौका-मुआयना किया। तुरंत रेस्क्यू कर घायल छात्र-छात्राएं विवेक बेटा अरविंद, अक्षय कुशवाहा बेटा हरिनारायण, अनन्या बेटी रविकांत, पूनम बेटी हरीश, शिवानी बेटी लोक सिंह, मोना बेटी हरि शरण, इशांत बेटा दिनेश वंशकार, राजवीर बेटा संतोष बरार निवासी गांव कुइया, अंकित बेटी चतुर्भुज, नीलम गोस्वामी बेटी गणेश, आभा वर्मा बेटी राजेंद्र प्रसाद, शिखा बेटी देवेश कुमार, शिवानी बेटी देवेश कुमार, वर्षा बेटी रमाकांत गोस्वामी, विशाल गोस्वामी बेटा रमाकांत निवासी गांव बरोदा सहित अन्य को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ में भर्ती कराया गया है। जहां कई बच्‍चों की हालत नाजुक होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी भेज दिया है। उपजिलाधिकारी मोंठ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। पूंछ थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया बस में करीब 30 बच्चे सवार थे। 15 बच्चे घायल हैं। उन्हें में भर्ती कराया गया। आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। recent visitors 40

4 अप्रैल तक जारी रहेंगे योगी सरकार के आठ वर्षों का उत्सव

लखनऊ  भाजपा योगी सरकार की 8 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव मनाएगी। सोमवार से 14 अप्रैल तक भाजपा प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की 8 वर्ष की उपलब्धियों के साथ जनसंवाद करेगी। इस क्रम में जिला स्तर पर कार्यशालाएं होंगी। अभियान के प्रदेश संयोजक व प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की अगुवाई में ‘उत्तर प्रदेश का उत्कर्ष-भाजपा सरकार के 8 वर्ष’ के संदेश के साथ सरकार की उपलब्धियों को लेकर भाजपा जनमानस तक पहुंचेगी। अभियान के लिए प्रदेश स्तर पर प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, प्रदेश उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, प्रदेश मंत्री शंकर गिरि, मीना चौबे, अमित वाल्मीकि, बसंत त्यागी और शिवभूषण सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्षेत्र व जिला स्तर पर भी संयोजक व सह संयोजक बनाए गए है। अभियान के तहत जिला स्तर पर लाभार्थी मेले आयोजित होंगे। प्रत्येक विधानसभा स्तर पर विकास गोष्ठियां होंगी। युवा मोर्चा जिले में सरकार की उपलब्धियों के उपलक्ष्य में बाइक रैली निकालेगा। जिला स्तर पर प्रबुद्ध वर्ग का संवाद सम्मेलन होगा। ग्राम सभा स्तर पर महिला मोर्चा महिलाओं के साथ संवाद करेगी। डाॅ. भीमराव आंबेडकर जयंती पर बूथ स्तर पर स्वच्छता कार्यक्रम होंगे। साथ ही, भाजपा सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं सामाजिक समरसता के लिए हुए कार्यों पर चर्चा होगी। recent visitors 65

आर्थिक तंगी से परेशान महिला को मंत्री सारंग ने आर्थिक सहायता और रोजगार का दिया भरोसा

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने एक बार फिर अपनी दरियादिली और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। रविवार को छोला क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर में दर्शन कर लौटते समय मंत्री सारंग की नजर मंदिर की चौखट पर रो रही एक महिला पर पड़ी, जो अपने दो छोटे बच्चों के साथ परेशान हाल में खड़ी थी। महिला की दशा देखकर मंत्री सारंग तुरंत उसके पास पहुंचे और उसकी समस्या सुनी। महिला ने आंसू भरी आंखों से बताया कि उसके पति वेल्डिंग का काम करते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनका घर खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। यहां तक कि वे बच्चों की स्कूल फीस भरने में भी असमर्थ हैं। महिला बोली-पति का काम धंधा ठीक नहीं चल रहा मंत्री सारंग ने महिला से कहा- क्या बात है यहां खेड़ापति भगवान के सामने क्यों रो रही हो? तो हम सब मिलकर तुम्हारी समस्या हल करेंगे। मंत्री के काफी देर पूछने के बाद महिला ने रुंधे हुए गले से कहा- घर में तंगी चल रही है। मंत्री ने पूछा आपके पति क्या काम करते हैं? महिला ने बताया वेल्डिंग का काम करते हैं लेकिन, काम अच्छा नहीं चल रहा। मंत्री सारंग ने कहा, चिंता मत करो, पति देव को मेरे पास भेजना। उनके रोजगार की व्यवस्था करेंगे और आपकी मदद भी करेंगे। तुम्हारा भाई तुम्हारे साथ है। कितने बच्चे पढ़ते हैं, कोई दिक्कत तो नहीं? महिला ने बताया कि दो बच्चे हैं लेकिन, उनकी फीस नहीं भर पा रही हूं। मंत्री ने फिर कहा आप पति देव को भेजना आपकी समस्याएं भाई हल कराएगा। चिंता नहीं करना। खेड़ापति सबके पालनहार हैं सबकी मदद करेंगे। मां को रोते देख बच्ची हाथ जोड़े खड़ी दिखी महिला जब मंत्री को अपनी परेशानी बता रही थी। उसी दौरान उसकी बेटी हाथ जोड़े खड़ी थी। ये देख मंत्री भी भावुक नजर आए। महिला की व्यथा सुनने के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने उसे ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, "खेड़ापति हनुमान जी ने ही आपकी मदद के लिए मुझे भेजा है।" मंत्री सारंग ने महिला को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उसके पति को रोजगार उपलब्ध कराने और बच्चों की स्कूल फीस माफ करवाने का वादा किया। मंत्री के इस आश्वासन से महिला की चिंता कुछ कम हुई और उसने राहत की सांस ली। मंत्री सारंग ने दिया हर संभव सहायता का आश्वासन महिला की व्यथा सुनने के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने उसे ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, "खेड़ापति हनुमान जी ने ही आपकी मदद के लिए मुझे भेजा है।" मंत्री सारंग ने महिला को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उसके पति को रोजगार उपलब्ध कराने और बच्चों की स्कूल फीस माफ करवाने का वादा किया। मंत्री के इस आश्वासन से महिला की चिंता कुछ कम हुई और उसने राहत की सांस ली। मंत्री सारंग इससे पहले भी कई मौकों पर जरूरतमंदों की सहायता कर चुके हैं। पिछले वर्ष नरेला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक दिव्यांग बच्ची के पिता ने मंत्री सारंग से इलाज के लिए गुहार लगाई थी। मंत्री ने तत्काल पहल करते हुए बच्चे के ऑपरेशन की व्यवस्था करवाई थी। उल्लेखनीय है कि मंत्री सारंग हर दिन अपने निवास पर जनदर्शन के माध्यम से जनता की समस्याओं का तत्काल निराकरण करते हैं, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों से लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। recent visitors 24

MP में 15 सीनियर IPS के तबादले, जारी है प्रशासनिक सर्जरी

भोपाल  पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा के यहां छापे के बाद लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। विधानसभा में कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया। उधर, सरकार ने रविवार को डीआईजी से लेकर एडीजी स्तर के 15 आइपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त के प्रभारी महानिदेशक जयदीप प्रसाद को हटाकर उनकी जगह एडीजी गुप्तवार्ता योगेश देशमुख को पदस्थ किया है। देशमुख साफ-सुथरी छवि के अधिकारी माने जाते हैं। जयदीप प्रसाद को एडीजी, स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एससीआरबी) बनाया गया है। वहीं, एडीजी गुप्तवार्ता की जिम्मेदारी ए साई मनोहर को दी गई है। उनके पास एडीजी सायबर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। साकेत पांडेय को हटाया मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी राकेश गुप्ता को संचालक खेल बनाया गया है। राज्य शासन ने मऊगंज में पुलिस पर हमले की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक को हटाने के बाद रीवा जोन के डीआईजी साकेत पांडेय को भी हटा दिया। उन्हें पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया है। वहीं, एक जनवरी से रिक्त रीवा आईजी के पद पर सचिव गृह गौरव राजपूत और डीआईजी पद पर राजेश सिंह को पदस्थ किया है। राजपूत की लंबे समय से मैदानी पदस्थापना की चर्चा थी। recent visitors 23

थाने में खर्राटे मारकर सोया योगेश, मासूमों का हुआ अंतिम संस्कार

सहारनपुर सहारनपुर के सांगाठेड़ा गांव में एक तरफ तीन मासूम श्रद्धा, शिवांश और देवांश की चिता जल रही थी उसी समय उनके कातिल बाप योगेश को गंगोह थाना पुलिस अदालत लेकर पहुंची। गांव में अंतिम संस्कार हो रहा था तो वहीं कातिल बाप की अदालत में पेशी थी। उस समय हर किसी की आंखें नम थीं, जब एक अर्थी पर श्रद्धा और दूसरी अर्थी पर दोनों भाई शिवांश और देवांश को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जा रहे थे। दरअसल, रविवार दोपहर बाद 3:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव गांव में पहुंचे। योगेश के चचेरे भाई अक्षय ने दी तीनों को मुखाग्नि मासूमों के साथ बिताए गए पलों को याद कर परिजनों से लेकर आसपड़ोस में भी चीत्कार मच गया। हर कोई मासूमों को अंतिम बार देखना चाहता था। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था तो वहीं पुरुषों की आंखें भी नम थीं। करीब 4:30 बजे तीनों की शव यात्रा को श्मशान घाट में ले जाया गया। वहां पर तीनों का अलग-अलग चिता में अंतिम संस्कार किया गया। योगेश के चचेरे भाई अक्षय ने तीनों को मुखाग्नि दी।   उधर, अब इसे अजीब इत्तेफाक ही कहा जाएगा कि जिस समय अंतिम संस्कार हो रहा था उसी समय पुलिस आरोपी योगेश को अदालत में लेकर पहुंची। एक तरफ बच्चों की चिता जल रही थी तो दूसरी तरफ अदालत में आरोपी बाप को लाया गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हर कोई आरोपी को कोस रहा था कि आखिर इनका क्या कसूर था। इन्हें क्यों मौत के घाट उतारा गया। इन मासूमों ने तो अभी जी भरकर दुनिया देखी भी नहीं थी। हत्याकांड के बाद पुलिस आरोपी को लेकर थाने पहुंची। वहां जाकर वह पुलिस के सामने एक ही राग अलापता रहा कि पत्नी के अनैतिक संबंध थे। इस वजह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया। बच्चों को मारने पर पूछा तो बताया कि बच्चे मां को सपोर्ट करते थे और हमारे बाद बच्चों का क्या होता। इसलिए बच्चों को मारा। हैरानी की बात यह थी कि इतने जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने थाने में कुछ घंटे तक ऐसा दर्शाया कि यह गलत हो गया, लेकिन रात होते ही वह हवालात में ऐसे खर्राटे मारकर सोया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं। उसके इस रवैये से पुलिसकर्मी भी अचंभित थे। सुबह उठने के बाद नाश्ता भी बड़े आराम से खाया। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गंगोह के सांगाठेड़ा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात हुई। भाजपा नेता योगेश रोहिला ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों के सिर में लाइसेंसी पिस्टल सटाकर गोली मार दी। इसमें श्रद्धा (8), देवांश (7) और शिवांश (4) की मौत हो गई, जबकि पत्नी नेहा (32) मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। योगेश ने खुद फोन करके पुलिस को वारदात की सूचना दी। पुलिस ने घर पहुंच कर उसे गिरफ्तार कर लिया। अभी तक जांच में सामने आया है कि आरोपी को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, जिसके चलते इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। कमरे से एक के बाद एक कई गोलियों की आवाज आई योगेश रोहिला भाजपा में जिला कार्यसमिति का सदस्य है। दोपहर करीब डेढ़ बजे योगेश बाहर से आया और घर में जाकर कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। करीब दो बजे कमरे से एक के बाद एक कई गोलियों की आवाज सुनाई दी। इस पर उसी मकान के दूसरे हिस्से में रहने वाली योगेश की चाची मीना व अन्य परिजनों ने दरवाजा खटखटाया। 'मैंने पत्नी और तीनों बच्चों को गोली मार दी' योगेश ने दरवाजा खोला और तेज आवाज में कहा कि मैंने पत्नी और तीनों बच्चों को गोली मार दी। यह सुनते ही परिजन हैरान रह गए। उन्होंने अंदर जाकर देखा तो वहां चारों खून से लथपथ हालत में पड़े थे। श्रद्धा की मौत हो चुकी थी, जबकि पत्नी और अन्य दोनों बच्चे तड़प रहे थे। सभी के सिर में गोली मारी गई थी। इसी दौरान आरोपी ने एसएसपी, सीओ और कोतवाल को भी फोन कर कहा कि मैंने परिवार को मार दिया है। 'मैं खुद को भी गोली मार लूंगा, जल्दी आइए' मैं खुद को भी गोली मार लूंगा, जल्दी आइए। पता चलते ही एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और एसपी देहात सागर जैन समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। लाइसेंसी पिस्टल को भी जब्त कर लिया गया है। घायलों को जिला अस्पताल में लाया गया, जहां शिवांश और देवांश की भी मौत हो गई। नेहा को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मम्मी का साथ देते थे बच्चे…इसलिए मारा आरोपी ने कहा कि तीनों बच्चे अपनी मम्मी की तरफदारी करते थे। जब भी झगड़ा होता था तब बच्चे कहते थे कि पापा आप गलत हो, मम्मी सही है। इसी वजह से उन्हें भी गोली मार दी। चेहरे पर शिकन तक नहीं पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। जांच में पता चला कि योगेश मानसिक तनाव से गुजर रहा था। पुलिस के मुताबिक, योगेश ने पिस्टल का लाइसेंस 2013 में लिया था। वह दो माह से पत्नी को परेशान कर रहा था। गांव में योगेश ने बड़े नेताओं जैसा रौब गांठ रखा था। वह भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष रह चुका है। उसे कई बार पार्टी से निष्कासित भी किया गया। recent visitors 41

नैनी झील जल स्तर में कमी से झील की सुंदरता और सफाई प्रभावित, 4.7 फीट तक गिरा level

नैनीताल नैनीताल की खूबसूरत नैनी झील, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है, इन दिनों जलस्तर में भारी गिरावट की वजह से सुर्खियों में है। 2019 से 2024 के बीच झील का जलस्तर करीब 15 से 18 फीट तक गिर चुका है, जो पर्यावरणविदों और स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अभी गर्मी का मौसम पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन झील का जलस्तर 4.7 फीट तक गिर चुका है, जो पिछले पांच सालों में सबसे कम है। हर दिन इसमें 0.5 इंच की गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आने वाले समय में जल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। इस बार नैनीताल में औसत से बहुत कम बारिश और बर्फबारी हुई है। अक्टूबर 2024 से लेकर अब तक वर्षा और बर्फबारी में करीब 90% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके कारण झील को रिचार्ज करने वाले प्राकृतिक जल स्रोत भी सूख चुके हैं। नैनी झील के किनारे सीसी सड़कें और कंक्रीट निर्माण बढ़ने से जल सोखने की जगहें खत्म हो रही हैं। इससे बारिश का पानी झील तक नहीं पहुंच पा रहा, जिससे जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही है। जलस्तर घटने से नैनीताल जल संस्थान को पेयजल सप्लाई के लिए रोस्टर प्रणाली लागू करनी पड़ी है। मार्च से शहर में सिर्फ सुबह और शाम 2.5-2.5 घंटे पानी दिया जा रहा है। पर्यटन सीजन में बढ़ सकती है परेशानी गर्मी के मौसम में नैनीताल में भारी संख्या में पर्यटक आते हैं, जिससे पानी की मांग बढ़ जाती है। होटल और स्थानीय लोगों के लिए पानी की उपलब्धता चुनौती बन सकती है। जलस्तर गिरने से झील के किनारों पर डेल्टा बनने लगे हैं और झील की साफ-सफाई भी प्रभावित हो रही है। जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है, झील की सुंदरता भी घट रही है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता डी डी सती के अनुसार, अगर जलस्तर में गिरावट जारी रही तो 15 अप्रैल से जल संस्थान को 8 एमएलडी से अधिक पानी छोड़ने पर प्रतिबंध लगाना पड़ सकता है। बारिश पर टिकी हैं उम्मीदें जलस्तर को बनाए रखने के लिए बारिश ही मुख्य स्रोत है। उम्मीद की जा रही है कि गर्मियों की बारिश से स्थिति में सुधार होगा। प्रशासन झील की स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। नैनी झील, जो नैनीताल की पहचान है, पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है। स्थानीय लोग, होटल व्यवसायी और प्रशासन इस समस्या से निपटने के लिए समाधान की तलाश कर रहे हैं, ताकि आने वाले समय में पानी की किल्लत न हो। recent visitors 38