Thursday, July 16, 2026 7:13 am

इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा

 इंदौर इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण बीते तीन दिन से जारी है। चार दिन तक शहर में टीम रहेगी और अलग-अलग पैमानों पर स्वच्छता को परखा जाएगा। पिछले साल तीन दिन में ही टीम रवाना हो गई थी, लेकिन इस बार इंदौर को स्वच्छता की प्रीमियर लीग में शामिल किया गया है, इसलिए बारिकी से मुआयना किया जा रहा है। नगर निगम के अफसरों को पूरी उम्मीद है कि इस बार भी इंदौर स्वच्छता में पहले पायदान पर होगा, लेकिन ज्यादातर शहरवासी मान रहे है कि बीते साल वर्षों की तुलना में इस साल सफाई व्यवस्था थोड़ी कमजोर हुई है। इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा है, ताकि सुबह जब टीम सफाई व्यवस्था देखने निकले तो उन्हें शहर साफ नजर आए। इंदौर की स्वच्छता को दस पैमानों पर आका जा रहा है। इसमें शहर की सड़कों की सफाई, कचरा संग्रहण व्यवस्था, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन, सीवरेज के पानी का पुर्नउपयोग, सफाईकर्मियों के उत्थान के लिए होने वाले काम और सबसे महत्वपूर्ण शहरवासियों का फीडबैक है। दिल्ली से आई टीम शहर की बस्तियों, आवासीय क्षेत्रों के अलावा ट्रेंचिंग ग्राउंड, गोबरधन प्लांट को भी देखेंगी। टीम सुबह के समय घूम रही है, जब घर-घर जाकर वाहन कचरा लेने जाते है। इंदौर की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कलेक्शन इंदौर की सफाई की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन है। शहर में पांच तरीकों से कचरा घरों से लिया जाता है। ज्यादातर शहरों में यह व्यवस्था ही ठीक नहीं हो पाई है। इंदौर में सात साल पहले इसके दम पर ही स्वच्छता रैंकिंग में पहला पुरस्कार पाया था।   वर्ष 2017 में तत्कालीन मेयर मालिनी गौड़ ने शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश की थी। उन्हें साथ मिला भोपाल नगर निगम आयुक्त से तबादला होकर आए मनीष सिंह का। उन्होंने सबसे पहले इंदौर को खुले में शौच से मुक्त करने पर जोर दिया। जगह-जगह शौचालय बनवाए। इसके बाद शहर के कुछ वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था लागू की। कचरा उठाने वाली एटूझेड कंपनी का ठेका निरस्त किया और सफाईकर्मियों ने व्यवस्था संभाली। फिर पूरे वार्ड में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन होने लगा और शहर से कचरा पेटियां हटा ली गई। शहर साफ रहने लगा और इंदौर वर्ष 2017 की स्वच्छता रैंकिंग में पहले स्थान पर था। इसके बाद छह बार फिर इंदौर को पुरस्कार मिला बेकलन में गंदगी सबसे बड़ी कमजोरी इंदौर की बेकलेन में कचरा डालने की सिलसिला फिर शुरू हो गया। पहले स्पाॅट फाइन के चक्कर में लोग कचरा फेंकने से डरते थे, लेकिन अब फिर कचरा नजर आने लगा है। इसके अलावा फूल-पत्तियों का कचरा भी परेशानी बना हुआ है। सूखे पत्ते, फूल सड़कों पर फैले रहते है। यह कचरा दिनभर इधर-उधर उड़ता रहता है। recent visitors 41

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा आज बीकानेर हाउस में ‘राजस्थान उत्सव— 2025’ का विधिवत रूप से करेंगे उद्घाटन

जयपुर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा आज नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में राजस्थान की परंपरागत संस्कृति को प्रदर्शित करते 9 दिवसीय 'राजस्थान उत्सव— 2025' का विधिवत रूप से उद्घाटन करेंगे। प्रदेश की अतिरिक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती अंजु ओमप्रकाश ने बताया कि राजस्थान स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 25 मार्च से 2 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में राजीविका क्राफ्ट मेला और फूड उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। खेल एवं खानपान प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन अतिरिक्त आवासीय आयुक्त ने बताया कि गत वर्ष आगंतुकों के उत्साह और उनकी पसंद को देखते हुए उत्सव में इस वर्ष भी पेंटिंग प्रतिस्पर्धा, मेहंदी प्रतिस्पर्धा, गोलगप्पा खाने की प्रतिस्पर्धा के साथ ही पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जाएगा जिसमें अव्वल आने वाले प्रतिभागियों को  पुरस्कार से सम्मानित भी किया जाएगा। राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन राजस्थान पर्यटक स्वागत केंद्र के सहायक निदेशक श्री छतरपाल यादव ने बताया कि बुधवार सांय  पर्यटन विभाग द्वारा एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश के विभिन्न अंचलों के से लोक कलाकार अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। उन्होंने बताया कि इस संध्या की शुरुआत गणेश वंदना, मयूर नृत्य और प्रसिद्ध फूलों की होली से होगी जिसकी प्रस्तुति भरतपुर के श्री नवीन शर्मा द्वारा की जाएगी। इसके उपरांत भरतपुर के ही श्री अवधेश कुमार द्वारा चरकुला नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। श्री यादव ने बताया कि डीग के श्री गफरूद्दीन मेवाती द्वारा भपंग वादन और सूरतगढ़ के श्री अर्जुन सिंह जुलिया द्वारा मषक वादन की प्रस्तुति दी जाएगी। पर्यटन अधिकारी श्री मनोज शर्मा ने बताया कि दिल्ली के श्री अनीसुदीन एवं उनके दल द्वारा चरी नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सुश्री कल्पना चौहान द्वारा  प्रसिद्ध घूमर नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। हस्तकला से निर्मित उत्पादों को होगा प्रदर्शन राजस्थान उत्सव में राजीविका द्वारा राजस्थानी संस्कृति और लोक कला को समेटे हुए हस्तकला निर्मित उत्पादों को बिक्री के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। recent visitors 42

वैज्ञानिकों को समुन्द्र तल में 540 बिलियन डॉलर का विशाल लिथियम भंडार मिला, अमेरिका की हुई बल्ले -बल्ले

वॉशिंगटन  अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बहुत बड़े लिथिमय भंडार की खोज की है। इस बेशकीमती भंडार की खोज कैलिफोर्निया के साल्टन सागर के धुंधले पानी के नीचे की गई है। एक अनुमान के अनुसार, इस भंडार की कीमत 540 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकती है। लिथियम को सफेद सोना कहा जाता है, जो अमेरिका को इस धातु के मामले में आत्मनिर्भर बनने का एक मौका प्रदान कर सकता है। इससे विदेशी आयात पर उसकी निर्भरता काफी कम हो जाएगी। सफेद सोने को हासिल करने में चुनौती यह खोज अमेरिका के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है, लेकिन इस खजाने को निकालने के लिए कई चुनौतियां भी आती हैं, जो स्थानीय समुदायों, पर्यावरण और भू-राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती हैं। दक्षिणी कैलिफोर्निया के इंपीरियल काउंटी में स्थित साल्टन सागर लंबे समय से आकर्षण और चिंता का विषय रहा है। कभी पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य रहा यह झील पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। लिथियम का बड़ा भंडार इसकी सतह के नीचे दुनिया में लिथियम ब्राइन के सबसे बड़े भंडारों में से एक है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग की फंडिंग से किए गए हाल के अध्ययन बताते हैं कि झील के नीचे लगभग 1.8 करोड़ टन लिथियम दबा हुआ है। यह पहले पुष्ट किए गए 40 लाख टन से कहीं ज्यादा है। लिथियम का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी बनाने में होता है। यह ईवी बैटरी उद्योग का नया रूप दे सकता है। इससे 38.2 इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए पर्याप्त लिथियम उपलब्ध होगा। यह वर्तमान में अमेरिकी सड़कों पर चलने वाले वाहनों की कुल संख्या से भी ज्यादा है। चीन पर खत्म होगी निर्भरता अध्ययन में योगदान देने वाले कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, रिवरसाइड के प्रोफेसर ने खोज के महत्व पर जोर देते हुए कहा, यह दुनिया के सबसे बड़े लिथियम ब्राइन भंडारे में से एक है। इससे अमेरिका लिथियम में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो सकता है और चीन से इसका आयात बंद कर सकता है। बैटरी के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के चलते सफेद सोना कहे जाने वाले लिथियम के भंडार ने कैलिफोर्निया के राजनीतिक हलकों में भी उत्साह जगाया है। गवर्नर गेविन न्यूजॉम ने खोज के बाद साल्टन सागर को लिथियम का सऊदी अरब कहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की लहर के कारण लिथियम की वैश्विक मांग आसमान छू रही है। ऐसे में अमेरिका के पास लिथियम उत्पादन में वैश्विक नेता के रूप में खुद को स्थापित करने का एक अनूठा अवसर है। संभवतः यह प्राथमिक आपूर्तिकर्ता के रूप में चीन को पीछे छोड़ सकता है। recent visitors 36

प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पदों पर बंपर भर्ती, 1,14,800 तक मिलेगी सैलरी, यहां देखें पूरी डिटेल

भोपाल मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer) के पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए आवदेन की प्रक्रिया 28 मार्च से शुरू होगी। इस भर्ती के लिए योग्य और इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते है। एमपीपीएससी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 120 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए योग्य और इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि 28 मार्च 2025 से अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2025 तक निर्धारित की गई है। शैक्षणिक योग्यता अभ्यर्थी की शैक्षणिक की योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय व संस्थान से निम्नलिखित अध्ययन के विषयों में स्नातक या स्नातकोत्तर या डॉक्टरेट की उपाधि होनी चाहिए। विषयों की सूची नोटिफिकेशन में दी गई है। एक बार जरूर पढ़ लें। आयु सीमा उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष तक होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जनवरी 2025 के अनुसार की जाएगी। वहीं उम्र में छूट के लिए नोटिफिकेशन का अवलोकन करें। सामान्य वर्ग और अन्य राज्य के उम्मीदवार के लिए 500 रुपये, वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार जो मध्य प्रदेश में रहते हैं उन सभी को 250 का भुगतान करना होगा। इसके अलावा अभ्यर्थी को 50 रुपये का भुगतान फार्म त्रुटि सुधार के लिए करना होगा और एमपी पोर्टल चार्ज के लिए 40 रुपये का भुगतान करना होगा। चयन प्रक्रिया उम्मीदवार का सिलेक्शन अंतिम चरण परिणाम परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के कुल योग के गुणानुक्रम के आधार पर किया जाएगा। सैलरी फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद पर सिलेक्शन हो जाने के बाद 36200 से 114800 रुपये तक सैलरी मिलेगी। recent visitors 36

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में होगा आयोजित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में भोपाल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इस मौके पर अपर सचिव सहकारिता एवं प्रशासक अपेक्स बैंक अपर प्रमुख सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री डी.पी. आहूजा उपस्थित रहेंगे। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री मनोज कुमार गुप्ता ने बताया है कि सम्मेलन में राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री मनोज पुष्प और नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती मौजूद रहेंगी।   recent visitors 23

जनवरी में ESI स्कीम के तहत हुए 18 लाख नए रजिस्ट्रेशन, जानिए योजना के फायदे

नई दिल्ली  कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से इस साल जनवरी में 18.19 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। यह जानकारी  श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा दी गई। जनवरी में जुड़े नए सदस्यों में 8.67 लाख या 47.66 प्रतिशत 25 वर्ष तक की आयु वर्ग के हैं, जो दिखाता है कि देश में नौकरियों के अवसर बढ़ रहे हैं और अर्थव्यवस्था की स्थिति अच्छी बनी हुई है। जनवरी 2025 में 27,805 नए संस्थाओं को भी ईएसआई योजना के सामाजिक सुरक्षा दायरे में लाया गया है, जिससे अधिक वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। पेरोल डेटा का लिंगवार विश्लेषण दिखाता है कि इस साल जनवरी में 3.65 लाख महिला सदस्यों का पंजीकरण हुआ है। इसके अलावा, समीक्षा अवधि में 85 ट्रांसजेंडर सदस्यों ने ईएसआईसी की योजना के तहत पंजीकरण कराया है। ईएसआईसी के जनवरी पेरोल में वृद्धि दिसंबर 2024 में जोड़े गए 17.01 लाख नए कर्मचारियों की तुलना में अधिक है, जो अर्थव्यवस्था में रोजगार के बढ़ते ट्रेंड को दर्शाता है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कहा कि माह के दौरान जोड़े गए कुल 17.01 लाख सदस्यों में से 8.22 लाख कर्मचारी, जो कुल पंजीकरण का लगभग 48.35 प्रतिशत है, 25 वर्ष तक की आयु वर्ग के हैं। पिछले हफ्ते कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया था कि इस साल जनवरी में संगठन से 17.89 लाख सदस्यों के जुड़े हैं। यह आंकड़ा दिसंबर 2024 के मुकाबले मासिक आधार पर 11.48 प्रतिशत अधिक है। ईपीएफओ के आधिकारिक बयान के अनुसार, पेरोल में जनवरी 2024 के मुकाबले 11.67 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह दिखाता है कि कर्मचारी फायदों को लेकर पहले के मुकाबले जागरूकता बढ़ी है। recent visitors 36

देश ने घरेलू रक्षा उत्पादन में 1.27 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड हासिल किया..

नई दिल्ली भारत ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल की शुरुआत के बाद से 2023-24 में स्वदेशी रक्षा उत्पादन में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि हासिल की है। खास बात यह है कि ये वृद्धि रिकॉर्ड एक लाख 27 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रक्षा उत्पादन का मूल्य 2014-15 में 46 हजार 429 करोड़ से 174 प्रतिशत बढ़ गया जी हां, इस संबंध में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रक्षा उत्पादन का मूल्य 2014-15 में 46 हजार 429 करोड़ से 174 प्रतिशत बढ़ गया है। वहीं रक्षा निर्यात की बात करें तो 2023-24 में यह रिकॉर्ड 21,083 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो पिछले दशक में 30 गुना बढ़ा है। आईडेक्स और सामर्थ्य से स्वदेशी तकनीकी प्रगति को मिल रहा बढ़ावा यही नहीं, आईडेक्स और सामर्थ्य जैसी पहलों के माध्यम से स्वदेशी तकनीकी प्रगति को बढ़ावा मिल रहा है जो AI साइबर युद्ध और स्वदेशी हथियार प्रणालियों में महत्वपूर्ण विकास कर रही हैं। 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन का रखा लक्ष्य भारत ने 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपये निर्यात का लक्ष्य रखा। इस संबंध में मंत्रालय ने कहा कि कभी विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर रहने वाला देश अब स्वदेशी विनिर्माण में एक उभरती हुई ताकत के रूप में खड़ा है, जो घरेलू क्षमताओं के माध्यम से अपनी सैन्य ताकत को आकार दे रहा है। रक्षा निर्यात में भी 30 गुना वृद्धि रक्षा निर्यात भी 2013-14 में 686 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले एक दशक में 30 गुना वृद्धि दर्शाता है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने के लिए कई उपाय किए हैं। रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत की उल्लेखनीय प्रगति एक आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी सैन्य विनिर्माण केंद्र के रूप में इसके परिवर्तन को रेखांकित करती है। रणनीतिक नीतिगत हस्तक्षेप, घरेलू भागीदारी में वृद्धि और स्वदेशी नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने के संयोजन ने देश की रक्षा क्षमताओं को काफी मजबूत किया है। उत्पादन में उछाल, निर्यात में तेजी से वृद्धि और मेक इन इंडिया जैसी पहलों की सफलता रक्षा में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 2029 के लिए निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के साथ, भारत अपने वैश्विक पदचिह्न का और विस्तार करने के लिए तैयार है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास को बढ़ाते हुए अंतर्राष्ट्रीय रक्षा बाजार में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया जा सके।   recent visitors 47