Sunday, July 5, 2026 10:59 pm

छत्तीसगढ़वासियों को बेंगलुरू के लिए नहीं मिलेगी नई ट्रेन

रायपुर छत्तीसगढ़ को बेंगलुरू के लिए नई ट्रेन नहीं मिलेगी. इसलिए पहले से चल रही वैनगंगा एक्सप्रेस के भरोसे रहना पड़ेगा. जिसमें सीट मिलना मुश्किल रहता है. दुर्ग सांसद विजय बघेल के प्रश्न के जवाब में रेल मंत्री ने जानकारी दी. उन्होंने फिलहाल बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन की घोषणा या वायदा नहीं किया है. लोकसभा में दुर्ग सांसद विजय बघेल ने प्रश्न किया कि छत्तीसगढ़ से बेंगलुरु के लिए इस मार्ग पर केवल एक सीधी रेलगाड़ी वैनगंगा एक्सप्रेस उपलब्ध है. जिसके कारण यात्रियों को सीट उपलब्धता, यात्रा समय और सुविधा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसको ध्यान रखते हुए छत्तीसगढ़ से बेंगलुरू के लिए एक अतिरिक्त सीधी रेलगाड़ी सेवा शुरू करने के संबंध में प्रश्न पूछा. उसके लिखित उत्तर में रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि रेल नेटवर्क राज्य की सीमाओं के आर-पार फैला होता है. तदनुसार, नेटवर्क की आवश्यकता के अनुसार ऐसे सीमाओं के आर-पार रेलगाड़ियां शुरू की जाती हैं. वर्तमान में, 12251/12252 कोरबा-यशवंतपुर वैनगंगा एक्सप्रेस को बिलासपुर-रायपुर-गोंदिया के रास्ते परिचालित किया जा रहा है और यह छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न स्टेशनों के यात्रियों को सेवा प्रदान कर रही है. इसके अलावा, नागपुर से बेंगलुरू की ओर जाने वाली 15 जोड़ी रेलगाड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं, जो बिलासपुर, रायपुर और गोंदिया जैसे शहरों से 39 जोड़ी, 50 जोड़ी और 53 जोड़ी रेलगाड़ी सेवाओं के माध्यम से भली-भाँति जुड़ी हुई हैं. इसके अलावा, भारतीय रेल में नई रेलगाड़ी सेवाओं को शुरू करना सतत प्रक्रिया है जो यातायात औचित्य, परिचालनिक व्यवहार्यता और संसाधनों की उपलब्धता आदि के अध्यधीन है. recent visitors 30

टीकमगढ़ में प्रशासन ने कृषि उपज मंडी में बड़ी कार्रवाई, 5 करोड़ के 15772 क्विंटल अवैध गेहूं जब्त

टीकमगढ़  मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में प्रशासन ने कृषि उपज मंडी में बड़ी कार्रवाई की है।  दिन टीकमगढ़ कृषि उपज मंडी में राजस्व विभाग और खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त छापामार कार्रवाई की है। रेड में अवैध तरीके से बाहर भेजे जा रहे गेहूं को जब्त किया है। साथ अवैध गेहूं ले जा रहे 55 ट्रकों को सील किया गया है। टीकमगढ़ तहसीलदार कुलदीप सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर विवेक श्रुति के आदेश पर यह छापामार कार्रवाई की गई है। यहां ट्रकों में लाद करके 15772 क्विंटल गेहूं को ट्रेन के माध्यम से बाहर ले जाने का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि यह गेहूं टीकमगढ़ किसी उपज मंडी के व्यापारी अमित ट्रेडर्स का है। वह बिना परमिशन के टैक्स की चोरी करते हुए गेहूं को बाहर ले जा रहा था। हालांकि प्रशासन ने  दिन इसे जब्त कर लिया है। क्यों किया जब्त टीकमगढ़ तहसीलदार ने बताया कि गल्ला व्यापारी को मात्र अपनी फर्म पर 2500 क्विंटल गेहूं रखने का अधिकार है। लेकिन टीकमगढ़ कृषि उपज मंडी की फर्म अमित ट्रेडर्स के मालिक अमित जैन ने 15772 क्विंटल गेहूं का भंडारण किया गया था। जो गलत है। उन्होंने बताया कि इस भंडारण को उन्होंने अपनी फर्म में दर्ज नहीं किया था जो अवैधानिक है। जिसके चलते पूरे गेहूं को जब्त किया गया है। प्रशासन को इसकी सीक्रेट जानकारी मिली थी। अवैध माल की कीमत है 5 करोड़ टीकमगढ़ तहसीलदार कुलदीप सिंह ठाकुर ने बताया कि जब्त किया गया गेहूं लगभग 5 करोड़ रुपए की राशि का है। जिसका प्रपोजल बना करके टीकमगढ़ कलेक्टर को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इसको खाद्य विभाग ने जब्ती की कार्रवाई की गई है। जब्त किए गए गेहूं को टीकमगढ़ कृषि उपज मंडी में रखा गया है। उन्होंने बताया कि अमर ट्रेडर्स के द्वारा टैक्स की लगातार चोरी की जा रही थी क्योंकि उन्होंने 15772 कुंतल गेहूं को अपनी फर्म में दर्ज नहीं किया था। तहसीलदार ने बताया कि प्रशासन मामले की और भी जांच कर रहा है। प्रशासन यह पता करने में लगा है कि इसके पहले अमित ट्रेडर्स की तरफ से कितना गेहूं बाहर भेजा गया है। साथ ही कितना टैक्स अदा किया है और अपनी ट्रेडर्स पर कितना गेहूं दिखाया है। recent visitors 22

इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन का सातवां मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला जाएगा

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन का सातवां मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला जाएगा। अनुभवहीन लखनऊ की गेंदबाजी यूनिट के लिए इस मैच में गलती की गुंजाइश ना के बराबर है, क्योंकि सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज किसी भी तरह के आक्रमण की बखिया उधेड़ने में माहिर हैं। हैदराबाद ने राजस्थान के खिलाफ आईपीएल का दूसरा हाईएस्ट टोटल (286) खड़ा किया था। पैट कमिंस के नेतृत्व वाली हैदराबाद ने पिछले सीजन भी हैदराबाद ने राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में धमाकेदार स्कोर बनाए थे और इस बार भी शुरुआत पहले से भी बेहतर की है। वहीं दूसरी तरफ ऋषभ पंत की टीम बल्लेबाजी में काफी मजबूत नजर आ रही है लेकिन गेंदबाजी चिंता का विषय है। लखनऊ को अपने पहले में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एक करीबी मुकाबले में हार का मुंह देखना पड़ा है। सनराइजर्स हैदराबाद सक्वॉड सनराइजर्स हैदराबाद टीम: अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन, नितीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेट कीपर), अनिकेत वर्मा, अभिनव मनोहर, पैट कमिंस (कप्तान), सिमरजीत सिंह, हर्षल पटेल, मोहम्मद शमी, एडम जाम्पा, सचिन बेबी, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी, वियान मुल्डर, राहुल चाहर, अथर्व तायडे, ईशान मलिंगा, कामिंडू मेंडिस सनराइजर्स हैदराबाद बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन का सातवां मैच गुरुवार को हैदराबाद में सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच होगा। ये मैच शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा। recent visitors 43

हाईकोर्ट का आदेश, 90 लाख रुपए जमा करने पर मिलेगी जामनत

जबलपुर करीब एक साल पहले हुए 90 लाख रुपये के गबन के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी लक्ष्मीदास उर्फ रीना रघुवंशी की जमानत याचिका पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने साफ कर दिया है कि जब तक आरोपी पूरी राशि जमा नहीं करता उसे जमानत नहीं दी जाएगी। आरोपी लक्ष्मीदास पर आरोप है कि उसने ऑनलाइन दस्तावेजों के जरिए फर्जीवाड़ा कर 90 लाख रुपये निकाले। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, लेकिन जमानत के लिए तय शर्तें पूरी न करने के कारण उसे राहत नहीं मिल सकी। हाईकोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बिना पूरी राशि जमा किए जमानत संभव नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत आरोपी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसमें उसने दावा किया कि उसके वकील ने बिना अनुमति के 90 लाख रुपये जमा करने की बात कही थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र का मामला बताते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। इस मामले में आरोपी के भाई हर्ष रघुवंशी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हाईकोर्ट ने अब उसकी जमानत भी रद्द कर दी है, जबकि लक्ष्मीदास के मामले में फैसला सुरक्षित रखा गया है। पुलिस जांच और बरामदगी पुलिस ने इस गबन के मामले में लक्ष्मीदास, उसके भाई हर्ष रघुवंशी, मनीष सोनी और सागर को आरोपी बनाया है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी द्वारा इस्तेमाल की गई एमजी हेक्टर कार भी जब्त कर ली है। अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि क्या आरोपी अदालत की शर्तें पूरी कर पाएगा या नहीं। अगर वह 90 लाख रुपये जमा नहीं करता, तो उसे जमानत मिलना मुश्किल होगा। recent visitors 49

भोपाल में ED का नवभारत प्रेस के डायरेक्टर के खिलाफ एक्शन, बैंक को नुकसान पहुंचाने का आरोप

भोपाल  प्रवर्तन निदेशालय ने भोपाल के एक मीडिया हाउस के डायरेक्टर और अन्य लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ED ने डायरेक्टर और अन्य के खिलाफ 22 मार्च, 2025 को भोपाल के विशेष न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट ने उसी दिन इस पर ध्यान दिया। आरोप है कि प्रेस के आधुनिकीकरण के लिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र से लोन लिया गया था। इस लोन की राशि को गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया, जिससे बैंक को 15.67 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सीबीआई की रिपोर्ट पर जांच ED ने बताया कि यह जांच CBI की एक रिपोर्ट पर आधारित है। CBI ने IPC की धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया था। ED की जांच में पता चला कि मीडिया हाउस ने 2004 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से लोन लिया था। यह लोन प्रेस को आधुनिक बनाने और मशीनें खरीदने के लिए था। लेकिन, कंपनी ने इस राशि को अपने कर्मचारियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया। ED ने रात जारी बयान में बताया कि जांच सीबीआई, SPE, BS और FC, नई दिल्ली द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की तमाम धाराओं के तहत दायर आरोपपत्र पर आधारित है. जांच में खुलासा हुआ कि मेसर्स नवभारत प्रेस (भोपाल) प्राइवेट लिमिटेड ने अपने निदेशक सुमीत माहेश्वरी और अन्य के माध्यम से 2004 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की गौतम नगर शाखा से लोन लिया था. यह राशि प्रेस के आधुनिकीकरण और मशीनों की खरीद के लिए स्वीकृत की गई थी, लेकिन इसे NB ग्रुप ऑफ कंपनीज के कर्मचारियों के नाम पर बने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया. ED की जांच से पता चला कि माहेश्वरी परिवार ने कॉर्पोरेट संस्थाओं का दुरुपयोग करते हुए लोन की राशि को व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट देनदारियों को चुकाने के लिए डायवर्ट किया. इस अनियमितता के चलते बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 15.67 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और लोन खाता गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) में बदल गया. इससे पहले, ED ने 30 मार्च 2024 को अस्थायी कुर्की आदेश (PAO) के तहत मध्य प्रदेश के सतना और सीहोर में स्थित 2.36 करोड़ रुपये की 10 अचल संपत्तियों को कुर्क किया था. इस कुर्की को PMLA की अधिनिर्णय प्राधिकरण, नई दिल्ली ने 10 सितंबर 2024 को अपने आदेश से पुष्टि की थी. ED ने कहा कि यह कार्रवाई बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त कदमों का हिस्सा है. मामले में आगे की जांच जारी है. ईडी की जांच में बड़े खुलासे ED की जांच में यह भी पता चला कि डायरेक्टर के परिवार ने लोन की राशि को अपनी निजी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने इस पैसे से अपनी देनदारियां चुकाईं। इस गड़बड़ी के कारण बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 15.67 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। लोन खाता NPA (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) में बदल गया। NPA का मतलब है कि बैंक को लोन की राशि वापस मिलने की उम्मीद नहीं है। एक साल पहले हुई थी कार्रवाई ED ने पहले 30 मार्च 2024 को मध्य प्रदेश के सतना और सीहोर में 2.36 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। यह संपत्ति 10 अचल संपत्तियां थीं। ED ने यह कार्रवाई PMLA के तहत की थी। PMLA एक कानून है जो मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने के लिए बनाया गया है। मनी लॉन्ड्रिंग का मतलब है काले धन को वैध बनाना। नई दिल्ली में PMLA की एक संस्था ने 10 सितंबर 2024 को कुर्की को सही ठहराया था। recent visitors 13

UK के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला गुजरात दूसरा राज्य बनेगा

अहमदाबाद  उत्तराखंड के बाद गुजरात समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। राज्य के कानून मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कल राज्य विधानसभा में यह बात कही। राज्य के कानून मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय राज्य के सभी लोगों के लिए समान न्याय सुनिश्चित करने और एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक कदम है। इस दिशा में राज्य सरकार ने राज्य के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मूल्यांकन और मसौदा तैयार करने के लिए न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति ने निवासियों, सामाजिक राजनीतिक संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए हैं, कानून बनाने में अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सुझाव प्रस्तुत करने की समय सीमा 15 अप्रैल, 2025 तक बढ़ा दी गई है। निचली अदालतों में डिजिटलीकरण ई-कोर्ट प्रोजेट के बारे में पटेल ने कहा कि हाईकोर्ट और निचली अदालतों में डिजिटलीकरण के लिए 27.84 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे अदालतों में कागजी काम कम होगा और सब कुछ कंप्यूटर पर होगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट के बारे में बताते हुए पटेल ने कहा कि पिछले साल जिला अदालतों ने 18,41,016 मामलों को सुलझाया। मतलब, अदालतों ने बहुत तेजी से काम किया। पटेल ने यह भी बताया कि अलग-अलग कानूनों के लिए राज्य में कई अदालतें बनाई गई हैं। 595 विशेष अदालतें बनाई गई उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की मंजूरी से, 595 विशेष अदालतें बनाई गई हैं। इनमें अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आने वाले मामले भी शामिल हैं। गुजरात पीड़ित मुआवजा योजना-2019 के बारे में मंत्री जी ने बताया कि अपराधों के शिकार लोगों को मुआवजा दिया गया। जैसे कि अत्याचार, एसिट अटैक (तेजाब हमला), और पॉक्सों एक्ट (Pocso Act) के तहत आने वाले मामलों में पिछले तीन सालों में 39 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ितों की मदद कर रही है। क्या होती है समान नागरिक संहिता(UCC), जानें समान नागरिक संहिता: समान नागरिक संहिता धर्म की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने के लिए कानूनों का एक सेट रखती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि उनके मौलिक और संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं। यूसीसी फुल फॉर्म यूसीसी का मतलब समान नागरिक संहिता है। समान नागरिक संहिता का अर्थ समान नागरिक संहिता कानूनों के एक सामान्य समूह को संदर्भित करती है, जो भारत के सभी नागरिकों पर विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने और उत्तराधिकार के संबंध में लागू होती है। ये कानून भारत के नागरिकों पर धर्म और लिंग रुझान के बावजूद लागू होते हैं। क्या आप जानते हैं: गोवा में एक समान पारिवारिक कानून है, इस प्रकार यह एकमात्र भारतीय राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता है और 1954 का विशेष विवाह अधिनियम किसी भी नागरिक को किसी विशेष धार्मिक व्यक्तिगत कानून के दायरे से बाहर शादी करने की अनुमति देता है। समान कानूनों की उत्पत्ति ब्रिटिश सरकार ने 1840 में लेक्स लोकी की रिपोर्ट के आधार पर अपराधों, सबूतों और अनुबंधों के लिए एक समान कानून बनाए थे, लेकिन हिंदुओं और मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों को उन्होंने जानबूझकर कहीं छोड़ दिया था। दूसरी ओर ब्रिटिश भारत न्यायपालिका ने ब्रिटिश न्यायाधीशों द्वारा हिंदू, मुस्लिम और अंग्रेजी कानून को लागू करने का प्रावधान किया। साथ ही उन दिनों सुधारक महिलाओं द्वारा मूलतः धार्मिक रीति-रिवाजों जैसे सती आदि के तहत किये जाने वाले भेदभाव के विरुद्ध कानून बनाने के लिए आवाज उठा रहे थे। संविधान सभा की स्थापना की गई थी, जिसमें दोनों प्रकार के सदस्य शामिल थे: वे जो समान नागरिक संहिता को अपनाकर समाज में सुधार चाहते थे जैसे डॉ. बी. आर अम्बेडकर और अन्य मुस्लिम प्रतिनिधि थे, जिन्होंने व्यक्तिगत कानूनों को कायम रखा। साथ ही समान नागरिक संहिता के समर्थकों का संविधान सभा में अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा विरोध किया गया था। परिणामस्वरूप, डीपीएसपी (राज्य नीति के निदेशक सिद्धांत) के भाग IV में अनुच्छेद 44 के तहत संविधान में केवल एक पंक्ति जोड़ी गई है। recent visitors 40

पहलवान सुनील कुमार ने 87 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता

गन्नौर अम्मान, जोर्डन में चल रही 2025 सीनियर एशियन चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन शैली के पांच भार वर्गों में मुकाबले खेले गए। जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे गांव डबरपुर के रहने वाले पहलवान सुनील कुमार ने 87 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। सुनील कुमार ने कांस्य पदक के मुकाबले में चीन के पहलवान को हराया। इससे पहले उन्होंने ताजिकिस्तान के पहलवान सुखरोब अब्दुलखाएव को मात दी थी, लेकिन सेमीफाइनल में उन्हें ईरान के यासीन अली यज्दी से हार का सामना करना पड़ा। पहलवान सुनील कुमार को पदक मिलने पर भारतीय कुश्ती महासंघ ने भी बधाई दी है। वहीं पदक जीतने पर पहलवान सुनील कुमार के गांव में खुशी का माहौल है। स्वजनों के साथ-साथ ग्रामीणों ने एक दूसरे को मिठाई खिला कर खुशी मनाई। सुनील की इस बड़ी उपलब्धि पर सुनील मलिक की मां अनीता देवी का कहना है कि हमें अपने बेटे पर गर्व है। उनके अलावा बहन रेनू, भाभी किरण, ताई राजबाला देवी, भाई सुमित मलिक, सुनील नंबरदार, मनोज कुमार, रामचंद्र, दिलबाग, राजेश, पप्पू मलिक, दलबीर, राजेराम, प्रेमसिंह, कुलदीप सरपंच, राजसिंह, विकास कुमार, सोनू ने सुनील की जीत पर एक दूसरे को बधाई दी। 2018 से लगातार पदक जीत रहे हैं सुनील कुमार सुनील कुमार ने हाल ही में चीन के हांगझोऊ में हुई एशियन गेम्स में भारत को 13 साल बाद कुश्ती में कांस्य पदक दिला कर इतिहास रचा था। सुनील ने ग्रीको रोमन 87 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए यह पदक जीता था। इससे पहले वर्ष 2018 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक, 2019 में हुई विश्व रैंकिंग सीरीज में रजत, 2019 में जुनियर एशिया कुश्ति चौंपियनशिप में कांस्य व वर्ष 2019 में हुई सीनियर एशियन चौंपियनशिप में रजत पदक, वर्ष 2020 में हुई सीनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण, 2020 में हुई विश्व रैंकिंग सीरीज में रजत, 2021 से 2023 तक लगातार सीनियर एशियन चैंपियनशिप में कांस्य, 2022 में हुई सीनियर एशिया अंडर 23 में स्वर्ण, 2022 में हुई विश्व रैंकिंग सिरीज में स्वर्ण, 2023 में हुई वर्ल्ड रैकिंग सिरीज में स्वर्ण पदक जीत कर भारत को गौरवांवित कर चुका है। जनवरी 2024 में मिल चुका है अर्जुन अवार्ड डबरपुर के पहलवान सुनील कुमार को जनवरी 2024 में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया था। ग्रीको रोमन स्टाइल कुश्ती में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने पर सुनील कुमार को यह सम्मान दिया गया। वर्ष 2013 के बाद किसी भी पहलवान को यह अवार्ड नहीं मिला था। recent visitors 36