पीएचडीसीसीआई ने लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से IP जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

रायपुर आज मार्च 2025 को IGKV डायरेक्टर रिसर्च सर्विसेज, IGKV, कृषक नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) में किया। इस कार्यशाला में डॉ. हुलास पाठक (प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर एवं CEO, RKVY RAFTAAR एग्री-बिजनेस इनक्यूबेटर, IGKV) एवं डॉ. अमित दुबे (वैज्ञानिक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ सरकार) ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में   पीएचडीसीसीआई छत्तीसगढ़ राज्य चैप्टर के सदस्य श्री निखिल अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) का आज के आधुनिक युग में विशेष महत्व है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान और विचार आज के उद्योगों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए बौद्धिक संपदा की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और व्यापारिक रहस्य (ट्रेड सीक्रेट्स) नवाचारों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे व्यवसायियों, उद्यमियों, कलाकारों और शोधकर्ताओं को लाभ मिलता है। डॉ. हुलास पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान को साझा करना आवश्यक है, लेकिन उद्यमियों को अपने विचारों को कार्यान्वित करने की जिम्मेदारी स्वयं लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाएं हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में नई कृषि उत्पादों के लिए विशाल बाजार मौजूद है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कृषि और अन्य उत्पादों पर व्यापक शोध कर रहा है, जो इस क्षेत्र में नवाचार के अनेक अवसर प्रदान करता है। डॉ. अमित दुबे ने कहा कि केवल शोध करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत ने विश्व स्तर पर 4 लाख से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शोध का असली प्रभाव उसके व्यावहारिक उपयोग में निहित होता है। उन्होंने यह भी बताया कि माइक्रोसॉफ्ट ने कंप्यूटर उद्योग में क्रांति ला दी, और आज भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुप्रयोगों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने नवाचारकों और उद्यमियों को सलाह दी कि वे अपने उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग स्वयं करें, क्योंकि यदि इसे किसी अन्य संस्था द्वारा किया जाता है, तो लाभ भी वही उठाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने MSME मंत्रालय, भारत सरकार की SCIPP योजना के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। तकनीकी सत्र में श्री आशीष वर्मा (असिस्टेंट मैनेजर, एग्री-बिजनेस इनक्यूबेटर, IGKV), श्री कुलदीप पटेल (संस्थापक एवं CEO, फसल बाजार), श्री देवेश पटेल (संस्थापक, वन कप), श्री निपुर वर्मा (संस्थापक, राइस बाउल), एवं श्री सजल मल्होत्रा (स्टार्टअप संस्थापक, आत्मीक भारत) ने अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। अंत में, श्री सुमित दुबे (रेजिडेंट डायरेक्टर, पीएचडीसीसीआई छत्तीसगढ़ राज्य चैप्टर) ने सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

जनजातीय समुदायों के लिए वन आधारित आजीविका पर कार्यशाला

रायपुर  जनजातीय समाज और वनों के मध्य गहरा संबंध है और दोनों एक दूसरे के पूरक के रूप में संरक्षित – संवर्धित हो रहे हैं। प्रकृति की गोद में ही जनजाति समाज का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास हुआ है। यह कार्यशाला आदिवासियों और वनों के सहअस्तित्व को केंद्र में रखकर उनके उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर नीति आयोग तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।       मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यशाला में सभी प्रबुद्धजनों, विषय विशेषज्ञों और अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को जीविकोपार्जन के समुचित अवसर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हम सभी पर है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत जनजाति समुदाय निवासरत है और 44 प्रतिशत इलाका वन आच्छादित है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में मैने प्रदेश के जनजाति समुदाय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के संघर्ष और पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल  बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की व्यथा को समझा और एक आदिवासी बहुल नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया। श्री साय ने कहा कि अटल जी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय का भी गठन किया और आदिवासियों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजी जा रही राशि का सही उपयोग हो पाया। अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित हुए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे, इस उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में व्यापक स्तर पर पीडीएस सिस्टम लागू कर लोगो को सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराया। उन्होंने समर्थन मूल्य पर वनोपज की खरीदी प्रारंभ की, जिसने आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया।            मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज पर्याप्त मात्रा में है। कुल 67 प्रकार के लघु वनोपजों का संग्रहण, प्रसंस्करण और विक्रय महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वनोपजों से जुड़ी प्रोत्साहक नीतियों का लाभ उठाकर स्व सहायता समूह की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के आजीविका और उत्थान के लिए संचालित पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस मौके पर साय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजाति समुदायों के उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नीति आयोग और वन विभाग की इस संयुक्त कार्यशाला से जनजातीय समाज को तकनीक और नवाचार से जोड़ने के साथ ही आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।               वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से एक प्रासंगिक और  महत्वपूर्ण विषय पर आज एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन अब तेजी से हो रहा है और वनवासी क्षेत्रों में व्यवस्थाएं अब सुदृढ़ हुई है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के साथ वन संसाधनों के  समुचित उपयोग पर जोर देने और रोजगार सृजन की बात कही।        कार्यशाला में नीति आयोग के सलाहकार सुरेंद्र मेहता, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर एपीसीसीएफ  शालिनी रैना, नीति आयोग के निदेशक अमित वर्मा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण और झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से आए प्रबुद्धजन, विषय विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे।      मुख्यमंत्री साय ने वनोपज आधारित स्टालों का किया अवलोकन        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अरण्य भवन परिसर में वन उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया। लीफ प्लेट टेक्नोलॉजी, हैदराबाद की टीम ने मुख्यमंत्री साय को लीफ से तैयार डिनर सेट भेंट किया। इस दौरान भोपालपट्टनम, बीजापुर जिले से आये बी. आर. राव ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया  कि वे पिछले 35 वर्षों से वनौषधीय पौधों के बीजों का संरक्षण कर रहे हैं। वे अपने 'गमलों से जंगल की ओर' अभियान के तहत निःशुल्क बीजों का वितरण भी करते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राव के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। बलौदाबाजार जिले के अमरवा बांस प्रसंस्करण केन्द्र के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बांस शिल्प से बना गुलदस्ता भेंट करते हुए केन्द्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। श्री साय ने लाख उत्पादक किसान समिति कांकेर, छत्तीसगढ़ हर्बल और जशप्योर एफपीसी जशपुर के स्टालों का अवलोकन कर समूह के सदस्यों के साथ चर्चा की। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे 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राजभवन में कर्मयोगी बने कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ

कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत : राज्यपाल पटेल प्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजभवन में "कर्मयोगी बने" कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश इतिहास के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां से साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ विकसित भारत के लिए प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत है। कर्मयोग दैनिक जीवन में उच्चतर उद्देश्य के लिए आगे बढ़ने का वह रास्ता है जो व्यक्तिगत उन्नति के साथ समाज सुधार और सेवा का प्रभावी साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी विभिन्न भाषाए, बोलियां, मनोभाव और मूकभाव सभी संस्कृति के वह आभूषण है, जिन पर हमें गर्व है। प्रदेश में अन्य भाषाओं तमिल, तेलुगू आदि पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल करते हुए कमेटी बनाई जाएगी। यह बातें राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। कार्यशाला का आयोजन राजभवन मध्यप्रदेश द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग और यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के सहयोग से किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता और अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने छिंदवाड़ा के पारंपरिक बुनकरों द्वारा तैयार उत्तरीय परिधान और पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। कार्यशाला में उप कुलपति जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रोफेसर शांतिधुलीपुड़ी पंडित, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष भरत शरण सिंह, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े भी मंचासीन थे। कर्मयोगी कार्य संस्कृति को बनायें सशक्त राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज हमारे देश ने ज्ञान, विज्ञान, अर्थव्यवस्था सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। दुनिया में भारत की नई पहचान और साख बनी है। हमारा देश ऐसे मोड़ पर है, जहां से एकजुट और एकमत प्रयासों से राष्ट्र विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि 4-5 दशक पूर्व आज के विकसित राष्ट्रों में भी ऐसे ही मोड़ आए थे। नागरिकों के कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित प्रयासों से राष्ट्र का स्वरूप बदल दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि विकसित भारत निर्माण के लिए कर्मयोगी, भावी पीढ़ी का निर्माण शिक्षकों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में कर्मयोगी बनने के लिए काम की प्रकृति चाहें जो भी हो, व्यक्तिगत लाभ की इच्छा, परिणाम, सफलता और असफलता किसी की भी चिंता किए बिना लगातार कार्य करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कर्मयोग पथ के अभ्यासी को शुरु-शुरु में परिणामों की चिंता, समाज की अपेक्षाएं, मान्यताएं और दैनिक जीवन की व्यस्तताओं में समय की कमी आदि की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ये सभी चुनौतियां सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समय प्रबंधन और कर्तव्य पालन, ध्यान, साधना तथा चिंतन के नियमित आध्यात्मिक अभ्यास से दूर हो जाती है। राज्यपाल पटेल ने शिक्षा के तीर्थ स्थलों के प्रमुखों अपेक्षा की है कि वे कर्मयोग के सिद्धांतों पर शिक्षण, शोध कार्य के साथ ही विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर स्वैच्छिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित करें। व्यक्तिगत-व्यावसायिक जीवन में स्थिर भाव से कार्य की संस्कृति के द्वारा शैक्षणिक समुदाय के भीतर करुणा, सहानुभूति और पारस्परिक सहयोग को मजबूत बनायें। कर्मयोग के अभ्यास के लिए प्रेरक वातावरण निर्माण के कार्य करे। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि कार्य शाला का चिंतन कर्मयोग के वैचारिक, व्यवहारिक आयामों को प्रकाशित करेंगे। निःस्वार्थ कर्तव्य पालक कर्म योगियों के निर्माण का मंच बनेगा। कार्य शाला कर्मवाद के पुर्नजागरण की पहल: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मयोगी कार्य शाला का आयोजन अद्भुत है। कार्यक्रम का भाव और भावना अभूतपूर्व है। सौभाग्य की बात है कि 5 हजार वर्ष पूर्व प्रदेश की धरती से शिक्षित कर्मयोगी के कर्मवाद का पुनर्जागरण प्रदेश से ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर्मयोगी ऋषि परंपरा का अक्षरक्ष: प्रतिरूप है। प्रधानमंत्री जी के मनोभावों के आधार पर सुशासन के दृष्टिगत होने वाले सभी सुशासन के प्रयोगों को अंतिम कड़ी तक पहुँचाने का प्रयास मिशन कर्मयोगी है। निष्काम भाव, अहंकार से मुक्त बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के लिए निरंतर कार्य करना ही कर्मयोग है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की विशालता अद्भुत है, जो अतिरंजित बातों को भी सुन लेती है। सही, अच्छी बातों को सद्भावना के साथ लेकर आगे चलती है। इसी लिए आज दुनिया भारतीय दर्शन से प्रेरणा प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति का दायरा असीमित है, जिसमें सारे ब्रह्मांड के कल्याण का चिंतन है। भारत के तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे ज्ञान के केंद्र सम्पूर्ण मानवता के लिए कार्य करते थे। भारत ने कभी दूसरे देशों पर आक्रमण नहीं किया। कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करना : मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कर्मयोगी बने कार्य शाला दूरगामी पहल है। कार्य शाला का चिंतन शिक्षा जगत में आमूल चूल परिवर्तन का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। समय और परंपराओं का अनुपालन मात्र राष्ट्र जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है। राष्ट्र की आवश्यकता लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। कर्मयोग का चिंतन इसी अवधारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कर्तव्यों का सर्वश्रेष्ठ पालन आवश्यक है। नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाए : बाला सुब्रह्मण्यम मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग, मिशन कर्मयोगी के सदस्य प्रोफेसर बाला सुब्रह्मण्यम ने कहा कि न्यू इंडिया के लिए टीम इंडिया जरूरी है। टीम इंडिया के लिए कर्मचारियों को कर्मयोगी बनाना होगा। जरूरी है कि कर्मचारी विकसित भारत के भविष्य के लिए तैयार रहे। इसके लिए जीवन की सीख के द्वारा उनकी क्षमता को बढ़ाना होगा। क्षमता वृद्धि के लिए नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाना होगा। इसके लिए विकास का संकल्प, … Read more

भारत में टेस्टेड, भारत के लिए निर्मित – OPPO F29 सीरीज, ड्यूरेबल चैंपियन का हुआ भारत में लॉन्च

भारत के कामकाजी लोगों के लिए निर्मित, OPPO F29 27 मार्च से ₹23,999 में मिलेगा। F29 Pro 1 अप्रैल से ₹27,999 के शुरुआती मूल्य में मिलेगा। OPPO F29 सीरीज है ड्यूरेबल चैंपियन, जो SGS (सोसाइटी जेनरल डे सर्विलांस), बेंगलुरु द्वारा IP66, IP68 और IP69 वाटर रजिस्टेंस के लिए भारत में टेस्टेड है। F29 सीरीज उद्योग के पहले हंटर एंटीना आर्किटेक्चर के साथ मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रदान करती है, जो सिग्नल स्ट्रेंथ 300% बढ़ा देता है। Natonal, मार्च 2025: OPPO India ने ट्रू ड्यूरेबल चैंपियन OPPO F29 सीरीज़ पेश की है। यह ड्यूरेबल स्मार्टफोन और विश्वसनीय नेटवर्क प्रदान करती है। भारत में टेस्टेड और भारत के लिए निर्मित F29 सीरीज़ में विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग, मिलिट्री-ग्रेड की मजबूती, बेहतर कनेक्टिविटी और शक्तिशाली बैटरी परफॉरमेंस का बेहतरीन मिश्रण है। इन सभी खूबियों के साथ यह खूबसूरत और स्लिम स्मार्टफोन व्यस्त गलियों से लेकर मुश्किल रास्तों तक हर चुनौती का सामना कर सकता है।   भारत के लिए टेस्टेड और भारत के लिए निर्मित OPPO F29 सीरीज़ में उद्योग का अग्रणी डस्ट एवं लिक्विड प्रोटेक्शन दिया गया है। इसलिए यह केरल के मानसून और राजस्थान की भारी गर्मी से लेकर कश्मीर की बर्फीली ठंड तक भारत के चुनौतीपूर्ण वातावरण को सहन कर सकता है। IP66, IP68 और IP69 मानकों के लिए भारत में SGS (सोसाइटी जेनरल डे सर्विलांस), बेंगलुरु द्वारा टेस्टेड F29 सीरीज अपने सेगमेंट में सबसे मजबूत स्मार्टफोन है। IP66 रेटिंग के कारण यह पानी की तेज धार का सामना कर सकता है। इसलिए यह वेंडर्स से लेकर कंस्ट्रक्शन कर्मियों तक उन सभी लोगों के लिए उत्तम है, जो गीले वातावरण में काम करते हैं। IP68 रेटिंग के कारण यह 30 मिनट तक 1.5 मीटर गहरे पानी में डूबने पर भी सुरक्षित रहता है। यानी पानी से भरे गड्ढों और रसोई के सिंक में गिरने पर भी यह सुरक्षित रहेगा। वहीं IP69 रेटिंग के कारण यह 80 डिग्री °C तक के उच्च दबाव, उच्च तापमान वाले पानी की धार को सहन कर सकता है। इसलिए यह उद्योगों में या बहुत ज़्यादा नमी वाले मौसम में काम करने के लिए उत्तम है। F29 सीरीज बेहतर लिक्विड रेजिस्टेंस के कारण भारी बारिश, नदी के पानी, गर्म झरनों, जूस, चाय, दूध, कॉफी, बीयर, भाप, बर्तन धोने के पानी, डिटर्जेंट का घोल, बर्फीला पानी क्लीनिंग फोम और गंदे पानी के गिरने पर भी सुरक्षित रहती है। अगर यह पानी में डूब जाए, तो एक अद्वितीय कंपन वाली साउंड स्पीकर से पानी को बाहर निकाल देती है। OPPO India के हेड, प्रोडक्ट कम्युनिकेशंस, सैवियो डिसूज़ा ने कहा, “OPPO F29 सीरीज़ भारत के लिए निर्मित है – इसमें ड्यूरेबिलिटी के साथ मजबूती, कनेक्टिविटी और परफ़ॉर्मेंस का बेहतरीन मिश्रण है। उद्योग में सर्वश्रेष्ठ IP रेटिंग और मिलिट्री-ग्रेड की मजबूती के साथ हमारा जबरदस्त हंटर एंटीना और शक्तिशाली बैटरी, ये सभी विशेषताएं भारत में सड़क पर चलने वालों के लिए विकसित की गई हैं। इस सारे विशिष्ट फीचर्स को एक स्लिम, स्टाइलिश डिवाइस में पैक किया गया है, जो इस सेगमेंट में एक नया कीर्तिमान स्थापित करती है।" मजबूती से निर्मित – 360° आर्मर बॉडी और मिलिट्री-ग्रेड की ड्यूरेबिलिटी F29 सीरीज़ का हर हिस्सा सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। इसमें 360° आर्मर बॉडी है, जिसमें स्पंज बायोनिक कुशनिंग दी गई है। यह इसके गिरने पर झटकों को अवशोषित कर लेती है। इसमें फाइबरग्लास से बना एक एलिवेटेड बैटरी कवर है। संरचनात्मक मजबूती के लिए कठोर साइड फ्रेम तथा कैमरे की सुरक्षा के लिए एक मजबूत लेंस प्रोटेक्शन रिंग दिया गया है। डिवाइस की सुरक्षा के लिए बॉक्स में एक कवर भी आता है, जिसके कोने अतिरिक्त पैडिंग के साथ उभरे हुए डिज़ाइन के हैं, ताकि स्मार्टफोन के कोने सुरक्षित रहें और स्क्रीन पर हल्का ओवरलैप होने के कारण यह सीधी टक्कर से सुरक्षित रहती है। F29 सीरीज एयरोस्पेस-ग्रेड AM04 एल्युमीनियम अलॉय फ्रेम द्वारा निर्मित है, जो इसके पूर्ववर्ती डिवाइस की तुलना में 10% ज्यादा ड्यूरेबल है। इसे 14 कठोर मिलिट्री स्टैंडर्ड (MIL-STD-810H-2022) परीक्षणों से गुजारा गया है। अत्यधिक तापमान और बारिश से लेकर झटके, धूल, साल्ट मिस्ट और कंपन तक F29 सीरीज हर मामले में ड्यूरेबल रहती है, जिनमें अन्य स्मार्टफोन फेल हो जाते हैं।   शक्तिशाली एंटीना – रोड वॉरियर्स के लिए निर्मित यह रोड वॉरियर्स के लिए बनाया गया है, जिसकी कनेक्टिविटी बेजोड़ है। OPPO F29 सीरीज में OPPO का एक्सक्लूसिव हंटर एंटीना आर्किटेक्चर पेश किया गया है, जो सिग्नल स्ट्रेंथ को 300% बढ़ा देता है। यह दूरदराज के क्षेत्रों, हाईवे, अंडरपास और बेसमेंट पार्किंग में भी अच्छा काम करता है। इसमें आधुनिक सिम्मेट्रिकल लो-फ्रीक्वेंसी एंटीना लेआउट है, जो न्यूनतम सिग्नल लॉस करता है, फिर चाहे आप कॉल पर हों या कंटेंट स्ट्रीम कर रहे हों। यह 84.5% एंटीना कवरेज प्रदान करता है, जो इस सेगमेंट में सबसे अधिक है। चाहे आप गेम खेल रहे हों, या हॉरिज़ोंटल मोड में वीडियो देख रहे हों, यह हमेशा बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करता है। TÜV रीनलैंड सर्टिफिकेशन के साथ यह हर जगह स्थिर और विश्वसनीय नेटवर्क सुनिश्चित करता है।   स्लिम, शक्तिशाली और एफिशिएंट – इंजीनियरिंग चमत्कार F29 सीरीज़ अपनी मजबूती के साथ बहुत आकर्षक भी है। इसमें जबरदस्त शक्ति के साथ एक पतला और स्टाइलिश डिज़ाइन है। OPPO F29 की मोटाई 7.65mm है और इसका वज़न 185 ग्राम से भी कम है, इसमें फ़्लैट AMOLED स्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट और 93.7% स्क्रीन-टू-बॉडी अनुपात है। ये दोनों स्मार्टफ़ोन 10-बिट कलर डेप्थ और 1200 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ इमर्सिव विज़ुअल प्रदान करते हैं, जो गेमिंग, स्ट्रीमिंग या आउटडोर काम करने के लिए उत्तम हैं। वहीं OPPO F29 प्रो की मोटाई 7.55mm है, इसका वजन मात्र 180 gm है, और इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.7 inch का क्वाड-कर्व्ड इनफिनिट व्यू AMOLED डिस्प्ले तथा बॉर्डरलेस व्यूइंग के लिए 93.5% स्क्रीन-टू-बॉडी अनुपात दिया गया है। इसका अल्ट्रा वॉल्यूम मोड ऑडियो को 300% बढ़ा देता है, ताकि मॉल जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में या ट्रैफ़िक में फंसे होने पर भी कोई नोटिफ़िकेशन या फ़ोन कॉल मिस ना हो। ये दोनों मॉडल हैंड्स-फ़्री मोड के साथ आते हैं, जो वॉल्यूम सबसे ज्यादा बढ़ जाने पर स्पीकर फ़ोन को अपने आप शुरू कर देता है। साथ ही ग्लव मोड और स्प्लैश टच की मदद से गीले हाथ या दस्ताने पहनकर भी टचस्क्रीन चलाई … Read more

एमपी हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में आरोपी की मां को मन सह-आरोपी, जाने काया कहा

भोपाल भोपाल रेप के एक मामले पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने इस फैसले में उकसावे की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए कहा कि भले ही कोई महिला रेप की आरोपी नहीं हो सकती लेकिन वह रेप के लिए उकसाने की आरोपी हो सकती है। ऐसे में रेप के लिए उकसाने वाली महिला को आईपीसी की धारा 109 के तहत बलात्कार के लिए उकसाने के अपराध में दोषी ठहराया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि यह पूरा मामला भोपाल के छोला मंदिर इलाके का है। इसमें रेप की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी के साथ उकसाने के मामले में उसकी मां और भाई के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। वर्ष 2022 में दर्ज करवाया रेप का मामला पीड़िता ने 21 अगस्त 2022 में भोपाल के छोला मंदिर थाने में रेप की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसके पड़ोसी ने उसके परिवार में शादी का प्रस्ताव रखा था। उसी पर सहमति देने के लिए वह उनके घर गई थी। युवक की मां और उसके भाई ने उसे जबरन आरोपी के कमरे में भेज दिया, जहां उसने पीड़िता के साथ संबंध बनाए। पीड़िता ने बताया कि सगाई के बाद कई बार आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाए और उसके बाद शादी करने से इनकार कर दिया। आरोपी की मां पर रेप के लिए उकसाने का आरोप पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि आरोपी की मां ने कहा था कि शादी से पहले संबंध बनाना आम बात है। पीड़िता के अनुसार, पहली बार आरोपी ने 8 जुलाई 2021 को अपने घर पर पीड़िता का रेप किया था। रेप के लिए उकसावे को बताया अपराध मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में रेप मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल और जस्टिस प्रशांत गुप्ता ने अपने निर्णय में कहा है कि भले ही कोई महिला रेप नहीं कर सकती लेकिन आईपीसी धारा 109 के तहत रेप के लिए उकसाने का अपराध कर सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि आईपीसी धारा 376 एक पुरुष से शुरू होती है। लेकिन अपराध केवल एक पुरुष द्वारा नहीं किया जा सकता। इसलिए आईपीसी की धारा 109 के तहत रेप के लिए उकसाने के लिए महिला को दोषी ठहराया गया है। इसके साथ ही जानबूझकर अपराध में सहायता करने को आईपीसी धारा 107 के तहत परिभाषित करते हुए महिला और पुरुष दोनों रेप के लिए उकसाने का दोषी ठहराया। पीड़िता का आरोप पीड़िता ने 21 अगस्त 2022 को भोपाल के छोला मंदिर थाने में रेप की शिकायत दर्ज करवाई थी. उसने आरोप लगाया था कि आरोपी अभिषेक गुप्ता ने शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया. इतना ही नहीं, आरोपी की मां और भाई भी इस घटना में शामिल थे. पीड़िता के अनुसार, 8 जुलाई 2021 को पहली बार उसे आरोपी के घर बुलाया गया, जहां उसके साथ रेप किया गया. सगाई के बाद भी आरोपी ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए और फिर शादी से मुकर गया. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी की मां ने उसे समझाया था कि शादी से पहले संबंध बनाना आम बात है. MP हाईकोर्ट का रुख हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि रेप के लिए उकसाने वाले भी उतने ही दोषी हैं, जितना कि मुख्य आरोपी. इस आधार पर आरोपी की मां और भाई पर भी कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया और साफ किया कि रेप के मामलों में उकसाने वालों के खिलाफ भी कठोर दंड दिया जाएगा. हाईकोर्ट में आरोपी ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती बता दें कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने धारा 376 (बलात्कार), 376 (2) (एन), 190, 506 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। निचली अदालत ने आरोपी को दोषी पाया था। सरकारी वकील सीएम तिवारी ने बताया की आरोपी ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसमें आरोपी के साथ कोर्ट ने परिवार के लोगों भी रेप के लिए उकसाने का दोषी ठहराया है औरयाचिका खारिज कर दी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

सैनिक स्कूल में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका, 50000 मिलेगी सैलरी

सैनिक स्कूल में नौकरी (Sarkari Naukri) पाने का मन बना रहे युवाओं के लिए बढ़िया मौका है. इसके लिए सैनिक स्कूल नालंदा, बिहार ने काउंसलर, नर्सिंग सिस्टर और अन्य पदों के वैकेंसी निकाली है. उम्मीदवार जो कोई भी इन पदों के लिए आवेदन करने की सोच रहे हैं, वे सैनिक स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट sainikschoolnalanda.edu.in के जरिए अप्लाई कर सकते हैं. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. सैनिक स्कूल भर्ती 2025 के इन पदों के लिए जो कोई भी आवेदन करने की सोच रहे हैं, वे 2 अप्रैल तक या उससे पहले अप्लाई कर सकते हैं. इस भर्ती के माध्यम से कई अलग-अलग पदों पर बहाली की जाने वाली है. अगर आप भी इन पदों के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो नीचे दिए गए बातों को ध्यान से पढ़ें. सैनिक स्कूल में भरे जाने वाले पद काउंसलर- 1 पद आर्ट मास्टर- 1 पद नर्सिंग सिस्टर- 1 पद पीईएम/पीटीआई और मैट्रन- 1 पद सैनिक स्कूल में नौकरी पाने की आयु सीमा काउंसलर: 21 वर्ष से 35 वर्ष आर्ट मास्टर: 21 वर्ष से 35 वर्ष नर्सिंग सिस्टर: 18 वर्ष से 50 वर्ष पीईएम/पीटीआई और मैट्रन: 18 वर्ष से 50 वर्ष सैनिक स्कूल में फॉर्म भरने की योग्यता काउंसलर- उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. आर्ट मास्टर: 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, मास्टर डिग्री वाले इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. नर्सिंग सिस्टर: डिप्लोमा होल्डर इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. पीईएम/पीटीआई और मैट्रन: किसी भी मान्यता बोर्ड या संस्थान से कक्षा 10वीं पास होना चाहिए. सैनिक स्कूल में अप्लाई करने का शुल्क एससी/एसटी उम्मीदवार के लिए आवेदन शुल्क: 300 रुपये अन्य सभी उम्मीदवार के लिए आवेदन शुल्क: 500 रुपये यहां देखें नोटिफिकेशन और आवेदन लिंक Sainik School Recruitment 2025 नोटिफिकेशन Sainik School Recruitment 2025 के लिए अप्लाई करने का लिंक सैनिक स्कूल में चयन होने पर मिलेगी सैलरी काउंसलर- 50,000 रुपये आर्ट मास्टर- 50,000 रुपये नर्सिंग सिस्टर- 25,000 रुपये पीईएम/पीटीआई और मैट्रन- 25,000 रुपये Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

मध्यप्रदेश की तीन होनहार लड़कियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने विचार रखेंगी

इंदौर मध्यप्रदेश की तीन मेधावी लड़कियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने स्पीच देने का अवसर प्राप्त करेंगी। इनका चयन राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में हुआ है, जिसे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित किया गया था। यह प्रतियोगिता 'विकसित भारत' थीम पर आधारित थी, जिसमें प्रदेशभर के युवा शामिल हुए थे। प्रतियोगिता में इंदौर की सजल जैन, भिंड की यति सिंह सिसोदिया और राशि त्रिपाठी का चयन हुआ है, जिनको संसद में प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का मौका मिलेगा।   इंदौर, भिण्ड और सतना की होनहार बेटिया इंदौर की सजल जैन, भिण्ड की यति सिंह सिसोदिया और सतना की राशि त्रिपाठी ने मध्यप्रदेश विधान सभा में जीत का परचम लहराया है। अब ये तीनों दिल्ली स्थित संसद भवन में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। सजल जैन ने अपने भाषण में कही ये बात बता दें कि इंदौर की सजल जैन ने राष्ट्रीय स्त्तर पर प्रथम स्थान किया है। सजल जैन ने अपने भाषण में अधिकार और कर्तव्य के संतुलन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘अधिकारों को दौड़ में हम आगे निकल गए है लेकिन कर्तव्य कही पिछे छूट गए है।’ बेटी ने बढ़ाया मान एकेएस यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविका राशि त्रिपाठी का चयन राष्ट्र स्तरीय ’विकसित भारत युवा संसद’ दिल्ली के लिए हुआ है। वहां वह विश्वविद्यालय और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। दिल्ली युवा संसद में स्वयंसेविका के चयन पर जिला संगठक अधिकारी डॉ. क्रांति मिश्रा, अनंत कुमार सोनी, डॉ. हर्षवर्धन श्रीवास्तव, महेंद्र तिवारी ने शुभकामनाएं दी हैं। फर्स्ट आई सजल जैन बोलीं  हजारों किलोमीटर तीर्थ करते हैं 500 मीटर वोट डालने नहीं जाते सजल जैन ने कहा- मैंने जो बात अलग कही थी वे दो बातें थीं। पहली- संशोधन की थी। 75 सालों में संविधान वो संविधान नहीं रहा जो उस समय गढ़ा गया था। वर्तमान का संविधान उस समय से बहुत अलग है। लेकिन, जो हमारी भावनाएं, इच्छाएं हैं। जो हमें आवश्यकताएं हैं उसके अनुरुप उस संविधान में संशोधन होते गए। और आज संविधान हमारे अनुकूल है। मैंने दूसरी बात रखी थी वो मुख्यत: कर्तव्य की थी। कि हम हजारों किलोमीटर पैदल चलकर तीर्थ यात्रा तो कर लेते हैं। लेकिन, वर्तमान में 500 मीटर की दूसरी तय करके मतदान केन्द्र जाकर मतदान नहीं करते तब हमारे अधिकार तो आगे बढ़ जाते हैं लेकिन, हमारे कर्तव्य पीछे रह जाते हैं। यति सिसोदिया बोलीं जिस भिंड की पहचान डाकुओं से थी वो प्रोग्रेस कर रहा सेकेंड रैंक पर सिलेक्ट हुई यति सिंह सिसोदिया पुरस्कार लेकर सभागार से दौड़कर बाहर आईं और मां को फोन किया। यति की आंखों से आंसुओं की धारा बह रही थी। भरे हुए गले से मां को बताया – मैं सेकेंड आई हूं। अब मैं जाऊंगी दिल्ली और वहां कॉम्पटीशन में भाग लूंगी। मोदी जी के सामने जाऊंगी मुझे यकीन नहीं हो रहा। ठीक है बाय। यति सिंह सिसोदिया ने बताया- मैं मप्र के चंबल क्षेत्र हूं, जो बहुत ज्यादा ही फेमस है अपने डाकुओं के लिए। आज मैं पूरे देश को ये संदेश देना चाहती हूं कि वो क्षेत्र जो कभी डकैती के लिए जाना जाता था। आज प्रगति के लिए जाना जा रहा है। इतने छोटे से भिंड शहर से मप्र की विधानसभा में दूसरा स्थान पाकर भिंड शहर की छोटी सी लड़की यहां खड़ी है। राशि बोलीं- पहली बार इतने बडे़ मंच पर बोली, भरोसा नहीं हो रहा तीसरे नंबर पर सिलेक्ट हुई सतना की राशि त्रिपाठी ने बताया- मैं बहुत खुश हूं कि मेरी थर्ड रैंक लग गई। मैंने संविधान की 75 साल की यात्रा के बारे में बताया था। हम किस तरह प्रोग्रेस कर पा रहे हैं जब से हमारा संविधान लागू हुआ तो हम और हमारा देश किस तरह तरक्की कर रहा है। मुझे अभी भरोसा नहीं हो रहा है कि मेरी पोजिशन लग गई है। ये मेरा पहला स्टेट चैंपियनशिप था। इतने बडे़ मंच पर इससे पहले कभी नहीं बोला। मैं दिल्ली के लिए सिलेक्ट हो गई मेरे लिए इससे बड़ी खुशी कोई और नहीं हो सकती। मेरे सिलेक्शन के बाद मुझे ये महसूस हुआ कि मैं बहुत आगे जा सकती हूं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32