कोरिया :बर्ड फ्लू- पक्षियों, अंडों और पोल्ट्री आहार के विनिष्टिकरण के बाद सरकार के दिशा- निर्देशों के तहत पशुपालकों व किसानों को मिलेगा मुआवजा

कोरिया :बर्ड फ्लू- पक्षियों, अंडों और पोल्ट्री आहार के विनिष्टिकरण के बाद सरकार के दिशा- निर्देशों के तहत पशुपालकों व किसानों को मिलेगा मुआवजा बर्ड फ्लू इन्फेक्टेड जोन में पक्षियों का कलिंग, सर्विलेंस और सेनेटाइजेशन किया गे कोरिया बैकुंठपुर स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू (भ्5छ1) के मामले की पुष्टि के बाद, शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र बैकुंठपुर के एक किलोमीटर की परिधि को इन्फेक्टेड जोन और एक से 10 किमी की परिधि को सर्विलेंस जोन के रूप में तीन माह के लिए घोषित कर दिया गया है। संचालनालय पशु चिकित्सा सेवाएं छत्तीसगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार भारत सरकार के एवियन इन्फ्लूएंजा एक्शन प्लान के तहत कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन और जिला पशु चिकित्सा सेवाओं के समन्वय से जिला कलेक्टर इस मुद्दे पर लगातार कार्यवाही कर रहे हैं और इस दिशा में लगातार नजर रखे हुए हैं। इन्फेक्टेड जोन में पक्षियों का कलिंग, सर्विलेंस, और सेनेटाइजेशन कार्य चल रहा है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों के पक्षियों, अंडों और पोल्ट्री आहार के विनिष्टिकरण के बाद उन्हें भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि दी जाएगी। भारत सरकार ने एवियन इन्फ्लूएंजा के नियंत्रण के लिए पोल्ट्री पक्षियों को जबरन मारने, अंडों और पोल्ट्री फ़ीड को नष्ट करने के लिए मुआवजे की दर तय की हुई है। इन दरों के अनुसार, पोल्ट्री पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों और उनकी आयु के आधार पर मुआवजे की राशि निर्धारित की गई है। उदाहरण स्वरूप, 8 सप्ताह तक के लेयर चूजों को 40 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 8 सप्ताह से अधिक उम्र के लेयर पक्षियों के लिए 140 रुपये मुआवजा निर्धारित किया गया है, वहीं 4 सप्ताह तक के बॉयलर को 35 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 4 सप्ताह से अधिक उम्र के बॉयलर के लिए 120 रुपये दिया जाएगा। इसी तरह 8 सप्ताह तक के बेकयार्ड पोल्ट्री बर्ड्स को 35 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 8 सप्ताह से अधिक उम्र के बेकयार्ड पोल्ट्री बर्ड्स के लिए 150 रुपये दर निर्धारित किया गया है। जबकि 8 सप्ताह तक के टर्की को 60 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 8 सप्ताह से अधिक उम्र के टर्की के लिए 350 रुपये दर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। इसी तरह 5 सप्ताह तक के बटेर को 20 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 5 सप्ताह से अधिक उम्र के बटेर के लिए 40 रुपये दर निर्धारित किया गया है। इससे पोल्ट्री किसानों को एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रभावी नियंत्रण और उनके नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगा और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। recent visitors 37

राजस्थान स्थापना दिवस मनाने की नई परंपरा की शुरुआत, मुख्यमंत्री ने विकास के लिए नई योजनाओं की घोषणा की

जयपुर : नव वर्ष विक्रम संवत 2082 और नवीन वित्तीय वर्ष 2025-26 के अवसर पर, राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय के तहत राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2025 से 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दी जाएगी। यह निर्णय लगभग 8 लाख कर्मचारियों और 4.40 लाख पेंशनर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा। भजनलाल सरकार ने कर्मचारियों को दिया तोहफा यह वृद्धि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई के प्रभाव से राहत देने के लिए की गई है। महंगाई भत्ता उनकी जीवनयापन की लागत को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया गया है, जिससे उनके वित्तीय बोझ को कम किया जा सके। भजनलाल शर्मा ने कहा है कि उनकी सरकार की अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के कल्याण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्धता है। सरकार का उद्देश्य राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स के जीवन स्तर में निरंतर सुधार लाना और उन्हें बेहतर जीवनयापन के अवसर प्रदान करना है। इस दिशा में सरकार ने कई योजनाएं और नीतियाँ बनाई हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों के हितों को सुनिश्चित करना है। राजस्थान स्थापना दिवस की शुरुआत इस वर्ष, राजस्थान सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने चैत्र प्रतिपदा के दिन राजस्थान स्थापना दिवस मनाने की शुरुआत की है। यह दिन राजस्थान के इतिहास और संस्कृति को सम्मानित करने के लिए विशेष महत्व रखता है। ही राज्यभर में इस अवसर पर कई बड़े आयोजन किए गए, जिनमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, ऐतिहासिक प्रदर्शनी और अन्य सरकारी कार्यक्रम शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इन आयोजनों में हिस्सा लिया और राज्य के विकास और समृद्धि के लिए विभिन्न घोषणाएं कीं। recent visitors 39

आयुक्त एल्मा ने कोण्डागांव जिले में संचालित आश्रम-छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा की : आयुक्त एल्मा

कन्या छात्रावासों में सुरक्षा के मद्देनजर महिला होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित हो: आयुक्त एल्मा आश्रम-छात्रावासों में बिजली, पानी तथा शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश: आयुक्त एल्मा आयुक्त एल्मा ने कोण्डागांव जिले में संचालित आश्रम-छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा की : आयुक्त एल्मा रायपुर आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग के आयुक्त पी.एस. एल्मा ने कोण्डागांव जिले में संचालित आश्रम-छात्रावासों, संस्थाओं और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में आयुक्त एल्मा ने एकलव्य विद्यालयों में बिजली, पानी सहित शौचालयों की स्थिति की अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने भवनविहीन आश्रम-छात्रावासों की स्थिति पर चर्चा करते हुए सभी संस्थानों में बरसात से पहले आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने तथा शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।     आयुक्त एल्मा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराएं और हेल्थ कार्ड में इसका रिकॉर्ड संधारित हो। उन्होंने कन्या छात्रावासों में सुरक्षा को लेकर महिला होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने तथा पुरुष कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए। जहां महिला नगर सैनिक उपलब्ध नहीं हैं, वहां रात्रिकालीन सुरक्षा के लिए महिला चैकीदार की व्यवस्था करने को कहा। बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक आयुक्त सुनिकिता मरकाम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 24

देवास में राधा-कृष्ण की रंगोली पैर से बिगाड़ने वाले सहायक प्राध्यापक जुजेर पर मामला दर्ज

 देवास  अंचल के कन्नौद के शासकीय महाविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान पिछले दिनों उकेरी गई भगवान राधा-कृष्ण की आकृति वाली रंगोली को पैर से बिगाड़ने के मामले में सहायक प्राध्यापक पर जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया गया है। रसायन शास्त्र के सहायक प्राध्यापक जुजेर अली रंगवाला द्वारा रंगोली को पैर से बिगाड़ने का एक वीडियाे सोशल मीडियो पर वायरल हुआ था। इस मामले में भोपाल तक शिकायत हुई थी जिस पर मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी।     कन्नौद पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मामले में शिकायती आवेदन मिलने के बाद जांच शुरू की गई।     प्रभारी प्राचार्य द्वारा उनके स्तर से की गई जांच में घटनास्थल उनके कॉलेज का ही होना पाया गया।     इसके बाद उनके आवदेन के आधार पर आरोपित सहायक प्राध्यापक पर दो दिन पहले भारतीय न्याय संहिता की धारा 298, 196 के तहत केस दर्ज किया गया है।     मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा कॉलेज प्रबंधन व पुलिस को आवेदन दिया गया है।     इसमें सहायक प्राध्यापक पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही तत्काल निलंबन की मांग की गई है।   recent visitors 16

बीजापुर में सुरक्षाबल के जवानों ने की बड़ी कार्रवाई, माओवादी संगठन के 13 एक्टिव मेंबर अरेस्ट, कई वारदातों में थे शामिल

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबल के जवानों ने एक बड़ी कार्यवाही में 1 लाख रुपये के इनामी माओवादी सहित 13 सक्रिय माओवादियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार माओवादियों में से 7 थाना उसूर क्षेत्र में पुलिस पार्टी पर आईईडी विस्फोट करने के मामले में शामिल थे, जबकि 6 माओवादी थाना बासागुड़ा क्षेत्र में पुतकेल के ग्रामीण और मारूड़बाका के ग्रामीण की हत्या में शामिल थे। कई हथियार बरामद किए गए गिरफ्तार माओवादियों के कब्जे से विस्फोटक, टिफिन बम, कार्डेक्स वायर, इलेक्ट्रिक वायर आदि बरामद किए गए हैं। पकड़े गए माओवादियों के विरुद्ध थाना उसूर और बासागुड़ा में वैधानिक कार्यवाही के बाद न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय बीजापुर के समक्ष पेश किया गया है। गिरफ्तार माओवादियों की पहचान इस प्रकार है:     बामन माडवी (गलगम आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य)     सोढ़ी हिडमा (मारूड़बाका आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सेक्शन कमांडर)     बारसे अंदा (गलगम आरपीसी सीएनएम सदस्य)     बारसे हिडमा (गलगम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य)     देवेंद्र रवा (गलगम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य)     इरपा अर्जुन (संघम सदस्य)     सुक्का ओयाम (मारूड़बाका आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य)     कोसा उर्फ जागेश कुंजाम (गलगम आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष)     कोसा माडवी उर्फ बोल्ली (गलगम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य)     बंडी माडवी उर्फ राजेश (गलगम आरपीसी सीएनएम सदस्य)     देवा मुचाकी (ग्राम टेकमेटला डीएकेएमएस उपाध्यक्ष)     माडवी जोगा (पिता गुडरा)     देवा मुचाकी (गलगम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य) न्यायिक रिमांड पर भेज गए नक्सली गिरफ्तार माओवादियों के विरुद्ध थाना उसूर और बासागुड़ा में वैधानिक कार्यवाही के बाद न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय बीजापुर के समक्ष पेश किया गया है। बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। इसी कार्रवाई के दौरान इन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था। सर्चिंग पर निकली थी टीम पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है वह कई घटनाओं में शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई सर्चिंग के दौरान की गई। recent visitors 57

पूर्व IFS अधिकारी के विरुद्ध FIR दर्ज, EOW ने दो अन्य पर भी मामला दर्ज किया

भोपाल राज्य आजीविका मिशन में अवैध नियुक्तियों के आरोपों में घिरे मध्य प्रदेश के पूर्व आईएफएस अधिकारी और राज्य आजीविका मिशन के तत्कालीन सीईओ ललित मोहन बेलवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं, ईओडब्ल्यू ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है, जांच के बाद हुई इस एफआईआर में विकास अवस्थी और श्रीमती सुषमा रानी शुक्ला का भी नाम शामिल है, कोर्ट के निर्देश के बाद हुई एफआईआर के बाद अभी तक की जाँच में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आये हैं EOW को अंदेशा है कि अभी भ्रष्टाचार की और परतें खुल सकती हैं। राज्य आजीविका मिशन में नियम विरुद्ध नियुक्तियों से जुड़े मामले की जांच में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को कई गड़बड़ियाँ मिली हैं, जांच में सामने आया कि बिना अनुमोदित मानव संसाधन मार्गदर्शिका (एचआर गाइड लाइन ) के आधार पर नियमों को दरकिनार कर नियुक्तियाँ की गईं। जो नियुक्तियां की गई उनमें दस्तावेजों में हेराफेरी कर अवैधानिक तरीके से नियुक्तियां  की गई साथ ही मानदेय में अवैध रूप से वृद्धि की गई। EOW ने ललित मोहन बेलवाल, विकास अवस्थी और श्रीमती सुषमा रानी शुक्ला पर की FIR पूरा मामला श्रीमती सुषमा शुक्ला की नियुक्ति से जुड़ा है और अब तक जो कुछ सामने आया है उस हिसाब से शुक्ला की नियुक्ति कूटरचित एवं मिथ्या प्रमाणपत्रों के आधार पर की गई। दरअसल 17 फरवरी 2025 को दर्ज एफआईआर में शिकायतकर्ता राजेश कुमार मिश्रा द्वारा राज्य आजीविका मिशन, म.प्र. में वर्ष 2015 से 2018 के बीच की गयी नियुक्तियों तथा व्यय में व्यापक अनियमितताओं और भ्रष्ट आचरण के आरोप लगाए गए थे, उसकी अभी तक की विस्तृत जांच के बाद EOW ने ललित मोहन बेलवाल, विकास अवस्थी और श्रीमती सुषमा रानी शुक्ला के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाए जाने पर FIR दर्ज की गई है। इस तरह की फर्जी नियुक्तियां जांच में कई बातें उजागर हुई  इसमें  मानव संसाधन मार्गदर्शिका को अनुमोदित दर्शाने के बाद, उसी आधार पर राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के पदों पर संविदा नियुक्तियाँ की गई। इन नियुक्तियों के लिए  योग्यता, अनुभव, चयन पद्धति आदि के जो मापदंड निर्धारित किए गए वे मिशन कार्यालय स्तर पर ही बनाये गये, जबकि ऐसे मापदंडों को शासन से अनुमोदित कराना आवश्यक होता है। कई नियुक्तियाँ ऐसे अभ्यर्थियों को दी गईं जिनकी योग्यता या अनुभव न तो निर्धारित मानकों के अनुरूप थी, न ही वे पद के लिए उपयुक्त थे। सुषमा रानी शुक्ला के लिए नियमों को ताक पर रख दिया नियम विरुद्ध नियुक्तियों में विशेष रूप से श्रीमती सुषमा रानी शुक्ला को उस पद पर नियुक्त किया गया जिसके लिए न्यूनतम 15 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव अपेक्षित था, जबकि उन्हें यह अनुभव नहीं था। इसके बावजूद उन्हें नियुक्त करने के मात्र चार माह के भीतर अवैध तरीके से 70,000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय स्वीकृत किया गया। जांच टीम ने यह भी पाया कि अन्य कर्मचारियों को जिनके पास अपेक्षित अनुभव था उन्हें यह लाभ नहीं दिया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि चयन और मानदेय निर्धारण की प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण और चहेतों को लाभ देने के उद्देश्य से की गई। बेलवाल ने HR Policy को बेईमानीपूर्वक HR Manual के रूप में प्रस्तुत किया जांच में ये तथ्य सामने आया कि तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी ललित मोहन बेलवाल द्वारा म.प्र. राज्य आजीविका मिशन की मानव संसाधन नीति (HR Policy) को बेईमानीपूर्वक HR Manual के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि ऐसे किसी ‘HR Manual को राज्य आजीविका फोरम द्वारा अनुमोदन प्राप्त नहीं था। दिनांक 27 मार्च 2015 को राज्य आजीविका फोरम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में केवल मानव संसाधन नीति (Human Resource Policy) को मंजूरी दी गई थी, HR Manual का कोई उल्लेख नहीं था। इसके विपरीत बेलवाल द्वारा तैयार की गई नस्ती संख्या 40-01/MP-SRLM/HR/43 में नोटशीट पृष्ठ क्र. 5 में कूटरचित रूप से “HR Manual” शब्द जोड़ा गया। सुषमा रानी शुक्ला के मानदेय में भी अवैध तरीके से 40% की वृद्धि कई नियुक्तियाँ न्यूनतम योग्यता और अनुभव के बिना की गईं जैसे कि श्रीमती सुषमा रानी शुक्ला को आवश्यक अनुभव व योग्यता के बिना राज्य परियोजना प्रबंधक (सामुदायिक संस्थागत विकास) पद पर नियुक्त किया गया। संविदा नियुक्त कर्मचारियों को 40% तक मानदेय की अवैध वृद्धि दी गई, जबकि अन्य संवों में जीवन यापन लागत सूचकांक (CPI) के अनुसार ही वृद्धि हुई, स्पष्ट रूप से यह कृत्य सुषमा रानी शुक्ला व अन्य चहेतों को अवैध लाभ देने के लिए किया गया। नियुक्ति एवं वेतन निर्धारण में शासन की स्पष्ट नीतियों की अवहेलना कर निजी हितों की पूर्ति हेतु नियुक्तियाँ की गई। EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में FIR दर्ज की   अभी तक की प्रारंभिक जांच के दौरान एकत्र साक्ष्यों और दस्तावेजों को परीक्षण से यह सिद्ध हुआ है कि ललित मोहन बेलवाल, विकास अवस्थी और श्रीमती सुषमा रानी शुक्ला ने मिलकर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया, फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया और शासन को गुमराह कर व्यक्तिगत लाभ प्राप्त किया। उक्त के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 471, 120-बी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 (सी) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। EOW में राज्य आजीविका मिशन में की गईं अन्य अवैध गतिविधियों की जांच अभी जारी है। भविष्य में और भी कई गड़बड़ियों के खुलासे की संभावना है। recent visitors 29

रोहित शर्मा और विराट कोहली का A+ ग्रेड पक्का, इस प्लेयर की हो सकती है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में वापसी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा का 2025-26 के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के केंद्रीय अनुबंध सूची में ए ग्रेड बरकरार रहने वाला है, जबकि श्रेयस अय्यर, जिन्हें घरेलू क्रिकेट में कथित रूप से अनुपस्थित रहने के कारण पिछली बार सूची से बाहर कर दिया गया था, उनकी वापसी होने जा रही है। इस तरह की रिपोर्ट सामने आई है। बीसीसीआई विराट और रोहित को ए प्लस ग्रेड में बनाए रखने की तैयारी में है, जिसके तहत उन्हें टी20आई प्रारूप से संन्यास लेने के बावजूद 7 करोड़ रुपये मिलेंगे। रोहित और विराट ने पिछले साल बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीतकर भारत के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को समाप्त करने के बाद इस फॉर्मेट में रिटायरमेंट ले लिया था। बीसीसीआई सूत्रों ने कहा, "रोहित और विराट टी20आई प्रारूप से संन्यास लेने के बाद भी अपना ए ग्रेड केंद्रीय अनुबंध (7 करोड़ रुपये) जारी रखेंगे। वे बड़े खिलाड़ी हैं और उन्हें वह सम्मान दिया जाएगा, जिसके वे हकदार हैं। श्रेयस अय्यर की केंद्रीय अनुबंध में वापसी तय है।" रोहित शर्मा भले ही पिछले कुछ समय से लय में नजर नहीं आए हैं, लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में उन्होंने शानदार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। एक तरह से कहा जाए कि टी20आई करियर को यादगार अंदाज में समाप्त करने के बाद अनुभवी सलामी बल्लेबाज का बल्ला शांत हो गया है तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को 3-0 से घरेलू टेस्ट सीरीज के बाद से उनकी कप्तानी टेस्ट फॉर्मेट में फीकी नजर आई, जबकि बल्ला भी शांत रहा। वहीं, विराट कोहली की बात करें तो टेस्ट और वनडे क्रिकेट में उनका बल्ला भी शांत रहा। एक शतक उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में जरूर जड़ा, लेकिन वे उतने प्रभावशाली वहां नजर नहीं आए। ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उन्होंने 10 पारियों में सिर्फ 190 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 की सीरीज हार के बाद उन पर सवाल खड़े हुए। विराट ने पिछले साल 23 मैचों और 32 पारियों में सिर्फ 655 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। उनका औसत 21.83 रहा, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 100* था। दूसरी ओर श्रेयस अय्यर और ईशान किशन बीसीसीआई की केंद्रीय अनुबंध सूची से बाहर कर दिए गए थे। इसके बाद से श्रेयस ने भारत के घरेलू सर्किट में कड़ी मेहनत की है और शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया है। अपने पिछले रणजी ट्रॉफी अभियान में, श्रेयस ने मुंबई के लिए पांच मैचों में 68.57 की औसत और 90.22 के स्ट्राइक रेट से 480 रन बनाए। नौ मैचों में 345 रनों के साथ, श्रेयस सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में चौथे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में भी अपनी शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया, जिसमें पांच मैचों में 325.00 की शानदार औसत से 325 रन बनाए। वह फरवरी में भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा थे और पांच मैचों में 243 रन बनाकर टूर्नामेंट में देश के अग्रणी रन-स्कोरर के रूप में समाप्त हुए। इस तरह उनको भी कॉन्ट्रैक्ट मिलने वाला है। हालांकि, ईशान किशन को इंतजार करना पड़ सकता है। recent visitors 30