अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले के आरोपी शरीफुल शहजाद की जमानत याचिका पर अब सुनवाई 4 अप्रैल को

मुंबई अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले के आरोपी शरीफुल शहजाद की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। हालांकि, अदालत में पुलिस ने अपना जवाब फाइल नहीं किया, जिस वजह से सुनवाई 4 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी गई। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 4 अप्रैल निर्धारित की और पुलिस को आवेदन के संबंध में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सैफ पर चाकू से हमला करने के आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद ने मुंबई सेशन कोर्ट में 29 मार्च को जमानत याचिका दायर की थी। आरोपी ने कहा कि वह निर्दोष है और उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि सैफ पर उनके बांद्रा स्थित घर में 16 जनवरी की सुबह हमला हुआ था। आरोपी ने कथित तौर पर उनके सबसे छोटे बेटे जेह के कमरे से घुसकर हमला किया था। अभिनेता को कई जगह चोट आई थी। अपनी चोटों के बावजूद सैफ अपने बेटे तैमूर के साथ खुद ही अस्पताल पहुंचे थे। शरीफुल इस्लाम शहजाद ने अपने वकील के माध्यम से दायर याचिका में दावा किया कि एफआईआर गलत तरीके से दर्ज की गई थी और उन्होंने पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया है। उनकी कानूनी टीम का कहना है कि चूंकि सारे सबूत पहले से ही पुलिस के पास हैं, उनसे छेड़छाड़ का कोई खतरा नहीं है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। फिलहाल, यह मामला बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है, जो मुंबई सेशन कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है। एक बार पुलिस चार्जशीट दाखिल कर देगी, तो मामला सेशन कोर्ट में ट्रांसफर हो जाएगा। हालांकि, चार्जशीट अभी तक दाखिल नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टर्स ने सैफ के घाव से 2.5 इंच का चाकू टूटा हुआ हिस्सा निकाला था। अभिनेता के शरीर पर चाकू के छह घाव थे, जिनमें से दो गंभीर थे, जो उनकी रीढ़ के पास लगे थे। recent visitors 37

उत्तर-प्रदेश पुलिस में 26,596 पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन किया जारी,12वीं पास से ग्रेजुएट्स तक को मौका

लखनऊ उत्तर-प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल, सब-इंस्पेक्टर सहित अन्य के 26,596 पदों पर भर्ती निकली है। फिलहाल उत्तर-प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड ने इसका शॉर्ट नोटिस जारी किया है। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में इसका डीटेल्ट नोटिफिकेशन जारी हो सकता है। नोटिस uppbpb.gov.in पर जारी किया जाएगा। विभाग का नाम: उत्तर-प्रदेश पुलिस पद का नाम: उत्तर-प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड पदों की संख्या: 26,596 पदों का विवरण: कॉन्स्टेबल स्पेशल फोर्स कॉन्स्टेबल महिला सिविल पुलिस PAC आर्म्ड फोर्स कॉन्स्टेबल माउंटेड जेल वॉर्डन सब-इंस्पेक्टर प्लाटून कमांडर योग्यता : मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास वेतन: विभाग के नियमों के अनुसार आयु सीमा :18 से 28 साल चयन प्रकिया: रिटन टेस्ट फिजिकल टेस्ट मेडिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन आवेदन प्रकिया: ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। recent visitors 27

कलेक्टर हरिस एस ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र प्रदाय हेतु राज्य शासन के द्वारा जारी सरलीकृत प्रक्रिया का अनुपालन करें

जगदलपुर : सरलीकृत प्रक्रिया के अनुसार जाति प्रमाण पत्र प्रदाय करने हेतु करें कार्यवाही- कलेक्टर हरिस एस कलेक्टर हरिस एस ने राशनकार्ड में नए नाम जोड़ने सहित अन्य योजनाओं से सेचुरेशन करने के निर्देश कलेक्टर हरिस एस ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र प्रदाय हेतु राज्य शासन के द्वारा जारी सरलीकृत प्रक्रिया का अनुपालन करें समय-सीमा की बैठक में दिए निर्देश जगदलपुर कलेक्टर हरिस एस ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र प्रदाय हेतु राज्य शासन के द्वारा जारी सरलीकृत प्रक्रिया का अनुपालन करें। भूमिहीन परिवार के सदस्यों को ग्रामसभा के प्रस्ताव अथवा सम्बन्धित परिवार के किसी सदस्य को प्रदत्त जाति प्रमाण पत्र के आनुषांगिक दस्तावेजों के आधार पर जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किया जाए। जिले के अन्तर्गत राशनकार्ड में परिवारों के नए सदस्यों का नाम जोड़ने की कार्यवाही शुरू करें, जिससे सम्बन्धित सदस्यों को मनरेगा जाबकार्ड, आधार कार्ड, जनधन खाता और अन्य व्यक्तिमूलक योजनाओं से सेचुरेशन किया जा सके। कलेक्टर हरिस मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक में उक्त निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग की प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना, गणवेश प्रदाय एवं पाठ्य पुस्तक प्रदाय सर्वे सूची को आगामी 20 अप्रैल तक अद्यतन किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में समय-सीमा के प्रकरणों पर चर्चा के दौरान जिला खनिज न्यास निधि के मद से एजेंसीवार स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर निर्माण कार्यों सहित अन्य कार्यों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।        कलेक्टर ने सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न पेंशन योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए हर महीने पात्र होने वाले हितग्राहियों का सर्वेक्षण कर चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए और प्रत्येक ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकाय में आगामी 06 माह के लिए उक्त कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने कहा। उन्होंने बैठक में जन शिकायत और पीजी पोर्टल में दर्ज प्रकरणों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए । कलेक्टर ने नियद नेल्लानार के सर्वे सूची में नॉट एलिजिबल, एलिजिबल नॉट बेनिफिटेड, लंबित सर्वे की समीक्षा करते हुए आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र बनाने के लक्ष्य के आधार पर सभी विकासखंड और तहसीलवार पोर्टल में एंट्री करवाते हुए पात्र हितग्राहियों का प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने चिन्हांकित योजनाओं के पात्र हितग्राहियों के सर्वे और योजनाओं के क्रियान्वयन पर की जा रही कार्यवाही की समीक्षा की। जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान कार्ड निर्माण एवं वितरण, स्वास्थ्य विभाग की एनसीडी स्क्रीनिंग एवं मॉनिटरिंग, टीबी स्क्रीनिंग, एएनसी, टीकाकरण के साथ ही उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आंगनबाड़ी हितग्राही पंजीयन, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना, प्रधानमंत्री कृषक सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, वन अधिकार मान्यता पत्र का सेच्युरेशन, राइट टू स्किल, जनधन खाता, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, श्रमिक पंजीयन कार्ड, हर घर नल से जल, पशु टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की ।        कलेक्टर ने बैठक में डीएमएफ और बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए इन निर्माण कार्यों को वर्किंग सीजन में तेजी के साथ संचालित कर जल्द पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। वहीं निर्माण कार्यों को नियमित तौर पर जारी नहीं रखने वाले तथा नोटिस जारी करने के बाद एवं पेनाल्टी की कार्यवाही के उपरांत भी कार्यों में अद्यतन प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध ब्लेक लिस्टेड करने की कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध अधिकारियों से चर्चा भी की। इस दौरान संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम के लिए टीमों को रवाना करने सहित सम्बन्धित नोडल अधिकारियों को आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, डीएफओ उत्तम गुप्ता, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, ऋषिकेश तिवारी, प्रवीण वर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे । recent visitors 22

छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित

"मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा" प्रारम्भ करने की स्वीकृति शासकीय सेवकों को देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण का निर्णय छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साधारण और ग्रामीण मार्गों में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध कराने के लिए "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा" प्रारम्भ करने की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में ग्रामीण एवं साधारण मार्गों का ट्रैफिक एवं मार्ग सर्व तथा बसों की फ्रीक्वेन्सी निर्धारित करते हुये एक व्यवस्थित प्लानिंग अनुसार यात्री बसों को चलाया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में सुगम सुरक्षित एवं विनियमित यात्री परिवहन सुविधा, निजी क्षेत्र के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है। यात्री परिवहन सेवा की प्रारम्भ करने के लिए 101 करोड 20 लाख रुपये की अशंपूजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के गठन की स्वीकृति भी दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन हेतु कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों को 7 संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज किया जावेगा। उक्त सात कंपनियों के एकीकृत नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन जायेगा। साथ ही त्रि-स्तरीय संरचना के तहत दायित्व निर्वहन और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के 51 प्रतिशत शेयर बहुसंख्यक आधार पर निवेश करने एवं सात सहायक कंपनियों के बोर्ड और उसके आर्टीकल ऑफ एसोसिएशन में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति, रीवा एवं ग्वालियर के लिए वर्तमान प्रचलित कंपनी को बंद करते हुए नवीन क्षेत्रीय कंपनी गठित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन क्षेत्रीय सहायक कंपनियों का गठन, संबंधित संभागीय मुख्यालयों में स्थित सिटी बस ट्रांसपोर्ट की वर्तमान कंपनी में संशोधन कर, निर्मित करने की स्वीकृति दी गई। जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की स्वीकृति भी प्रदान की गई। म.प्र. मोटरयान नियम 1994 के नियमों में आवश्यक संशोधन एवं वांछित प्रावधान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इसके लिए प्रशासकीय विभाग द्वारा पृथक से विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी। सात सहायक कंपनियों की सुसंगत पूर्ववर्ती सिटी ट्रान्सपोर्ट कंपनियों द्वारा परिवहन संबंधी दायित्व के निर्वहन के लिए, जो चल-अचल संपति उपयोग में आ रही है, वे यथावत इन कपंनियों के आधिपत्य में रहेंगी। इसी प्रकार नगर-निगम, प्राधिकरण आदि द्वारा स्वयं की निधि से तैयार किये गये बस टर्मिनल, बस स्टैण्ड, बस स्टॉप आदि, होल्डिंग कंपनी के सामंजस्य से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं यात्री सुविधा के लिए विकसित किए जाऐंगे। वर्तमान सिटी बस कंपनियों के कार्यालय भवन का उपयोग नवीन सहायक कंपनियां यथावत करती रहेंगी। कार्यालय की ऐसी अचल सपंतियां, जो नगरीय निकाय निधि से अर्जित या निर्मित हैं, उनका मूल्यांकन पृथक से किया जाकर, राशि की प्रतिपूर्ति परिवहन विभाग ‌द्वारा की जायेगी। नवीन गठित होने वाली राज्य स्तरीय कंपनी को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा पुर्नघनत्वीकरण नीति 2022 के तहत पर्यवेक्षण एजेंसी के रूप में शामिल किया जायेगा। "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा" संचालन के लिए बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिए सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिए पीपीपी मोड़ प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को, संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत, दक्ष आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से विनियमित किया जायेगा। आई.टी. टेक्नालॉजी साल्यूशन की स्थापना करते हुए समस्त बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। इसके तहत सेवा स्तर समझौता (सर्विस लेवल अग्रीमेंट) और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) पर प्रभावी नियंत्रण रखा जायेगा, जिससे बस ऑपरेशन यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं सुरक्षित हो सके। होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म स्थापित करते हुये उस पर नोटीफाइड रुट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। होल्डिंग कंपनी मुख्यतः आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से यात्रियों एवं अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए सुविधाजनक एप एवं एमआईएस/डैशबोर्ड आदि का संचालन करेगी तथा साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेन्टर का संचालन सुनिश्चित करेगी। यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी के लिए मल्टी मोडल ट्रान्सपोर्ट उपलब्ध कराना, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों की अधोसंरचना का निर्माण कराना एवं दैनिंदिनी बस संचालन पर प्रभावी नियंत्रण भी इस नवगठित कंपनी के प्रमुख दायित्वों में रहेगा। होल्डिंग कंपनी के दायित्व निम्नानुसार रहेंगे (1) संभागवार सम्पूर्ण प्रदेश में साधारण मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग में ओरिजिन एंड डेस्टिनेशन (ओ-डी) सर्वे एवं बस मार्ग का चिन्हांकन, ताकि अधिक से अधिक मार्ग ऑपरेटर्स के लिए वित्तीय रूप से साध्य हो सकें। साथ ही ऐसे मार्ग का चिन्हांकन जो वित्तीय रुप से ऑपरेटर के लिए साध्य न हों। (2) मार्ग सर्वे के बाद बसों की फ्रिक्विंसी का निर्धारण करते हुये मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत यात्री परिवहन सेवा के लिए संभागवार स्कीम तैयार करने के लिए शासन को आवश्यक सहयोग करना। (3) शासन द्वारा मार्गों पर निविदा प्रक्रिया से चयनित अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट उपलब्ध करवाना । (4) एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म, राज्य स्तरीय उपक्रम के कार्यालय एवं क्षेत्रीय कंपनी के कार्यालयों में, कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की स्थापना करते हुये एक कुशल आई. टी. प्लेटफार्म को संचालित करना। (5) आई.टी. टेक्नोलॉजी सॉल्युशन के माध्यम से यात्रियों के लिए ई-टिकिट, मोबाईल एप जिससे बसों की ट्रेकिंग, आक्युपेंसी तथा यात्रा प्लानिंग हो सकेगी। साथ ही यात्रियों के लिए कैशलेस, टेपऑन-टेपऑफ सुविधा, एप के माध्यम से पैसेंजर इंन्फोर्मेशन सिस्टम आदि उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए ऑपरेटर एप, वीडियो ऑडिट साफ्टवेयर (किसी भी समय बसों में यात्रियों की संख्या हेतु) फील्ड ऑडिट एप, एम.आई.एस./ डैशबोर्ड की सुविधा (रिर्पोट सहित), ऑपरेटर स्टॉफ का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस/ऑटो/टैक्सी/मेट्रो के लिए एक बुकिंग प्लेटफार्म की सुविधा (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफार्म), ऑनलाइन यात्री बुकिंग सुविधा, यात्री हेल्प डेस्क, राज्य / संभाग के कार्यालयों में ऑपरेशन डेशबोर्ड, स्टाफ की ट्रेनिंग आदि उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अलावा यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने 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आरएसएस महासचिव ने मंदिर मुद्दों पर स्वयंसेवकों का समर्थन किया, मथुरा और काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद में शामिल हों RSS सदस्य

बेंगलुरु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का बड़ा बया सामने आई है। महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि अगर आरएसएस के सदस्य मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद से जुड़े कामों में हिस्सा लेना चाहें, तो संगठन को कोई परेशानी नहीं है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि सभी मस्जिदों को वापस लेने की बड़ी कोशिशें नहीं होनी चाहिए। इससे समाज में झगड़ा हो सकता है। होसबले ने कन्नड़ में आरएसएस की एक पत्रिका 'विक्रमा' से बात करते हुए कहा, 'उस समय (1984), वी.एच.पी., साधु-संतों ने तीन मंदिरों की बात की थी। अगर हमारे स्वयंसेवक इन तीन मंदिरों (अयोध्या में राम जन्मभूमि सहित) के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं, तो हम उन्हें नहीं रोकेंगे।' 'धर्म परिवर्तन और लव जिहाद चिंता' होसबले ने माना कि गोहत्या, लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जैसी चिंताएं अभी भी हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि अब हमें दूसरी ज़रूरी चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए। जैसे कि छुआछूत को खत्म करना, युवाओं में अपनी संस्कृति को बचाना और अपनी भाषाओं को सुरक्षित रखना। भाषा विवाद पर क्या बोले होसबले भाषा के बारे में बात करते हुए होसबले ने तीन भाषाओं को सीखने के तरीके को सही बताया। उन्होंने कहा कि इससे भाषा से जुड़े 95% झगड़े खत्म हो सकते हैं। उन्होंने भारतीय भाषाओं को बचाने और इन भाषाओं में पढ़े लोगों को नौकरी के अवसर देने की बात कही। तीन भाषा नीति का समर्थन होसबाले ने भारतीय भाषाओं के संरक्षण की भी बात कही है। उन्होंने कहा, 'हमारी सभी भाषाओं में बड़े स्तर पर साहित्यिक काम हुआ है।' उन्होंने कहा, 'अगर भविष्य की पीढ़ियां इन भाषाओं को नहीं पढ़ेंगी और लिखेंगी, तो वे कैसे आगे बढ़ेंगी? अंग्रेजी के प्रति लगाव मुख्य रूप से व्यवहारिक कारणों से है…। एक और अहम पहलू ऐसा आर्थिक मॉडल बनाना है, जहां भारतीय भाषाओं में पढ़े लोगों को रोजगार मिल सके।' उन्होंने कहा, 'वरिष्ठ बुद्धिजीवियों, न्यायाधीशों, शिक्षकों, लेखकों और राजनीतिक और धार्मिक नेताओं को इस मामले में प्रगतिशील रवैया अपनाना चाहिए।' हिंदी पर राजनीति पर क्या बोले अखबार के अनुसार, उन्होंने कहा, 'इतने बड़े देश में अच्छा होगा कि सभी संस्कृत सीख लें। डॉक्टर आंबेडकर ने भी इसकी वकालत की थी। कई लोगों की बोली जाने वाली भाषा सीखने में कोई परेशानी नहीं है। जिन लोगों को रोजगार चाहिए, उन्हें उस राज्य की भाषा सीखनी चाहिए। परेशानी तब होती है, जब राजनीति और विपक्ष के नाम पर इसे थोपे जाने का मुद्दा बना दिया जाता है। क्या भाषा विविधता के बाद भी भारत एकजुट हजारों सालों से एकजुट नहीं है? ऐसा लग रहा है कि हमने भाषा को आज परेशानी बना दिया है।' 'अंग्रेजी का क्रेज' उन्होंने कहा कि हमारी सभी भाषाओं में बहुत अच्छी किताबें लिखी गई हैं। उन्होंने चिंता जताई कि अगर आने वाली पीढ़ी इन भाषाओं में पढ़ेगी-लिखेगी नहीं, तो ये भाषाएं कैसे बचेंगी? अंग्रेजी का क्रेज इसलिए है क्योंकि इससे काम मिलता है… एक और ज़रूरी बात ये है कि हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा जहां भारतीय भाषाओं में पढ़े लोगों को अच्छी नौकरियां मिलें। बड़े-बड़े विद्वानों, जजों, शिक्षाविदों, लेखकों और नेताओं को इस बारे में सोचना होगा। हिंदी पर क्या बोले संघ महासचिव होसबले न ये भी कहा कि हिंदी बहुत लोग बोलते हैं, लेकिन कुछ लोग इसका विरोध करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ये उन पर थोपी जा रही है। इतने बड़े देश में ये बहुत अच्छा होगा अगर सब लोग संस्कृत सीखें। डॉ. आंबेडकर ने भी ऐसा कहा था। अगर कोई ऐसी भाषा सीखता है जो बहुत लोग बोलते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। आज हर सैनिक हिंदी सीखता है। जिन्हें नौकरी चाहिए वो उस राज्य की भाषा सीखते हैं। दिक्कत तब हुई जब इसे राजनीति की वजह से थोपने की बात कही गई। क्या भारत हज़ारों सालों से भाषाओं की विविधता के बावजूद एक नहीं रहा? ऐसा लगता है कि हमने भाषा को आज एक समस्या बना दिया है। recent visitors 58

वक्‍फ संशोधन बिल पर BJP को मिला पुराने दोस्‍त TDP का साथ, चंद्रबाबू की पार्टी बोली- सपोर्ट में करेंगे वोट

नईदिल्ली एनडीए में दूसरी सबसे बड़ी पार्टनर टीडीपी ने संसद में वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने का ऐलान किया है। चंद्राबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी के लोकसभा में 16 सांसद हैं। पहले यह संभावना जताई जा रही थी तेलगूदेशम पार्टी वक्फ बिल पर न्यूट्रल पोजिशन बनाकर दूरी बनाए रख सकती है। वह न तो इसका समर्थन करेगी और न ही विरोध करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम कुमार जैन ने बताया कि टीडीपी ने हमेशा मुसलमानों के हितों का ख्याल किया है और सीएम नायडू पहले ही कह चुके हैं कि हम मुसलमानों की हर हित की रक्षा करेंगे। अब टीडीपी के ऐलान के बाद बिल पास होने की उम्मीद बढ़ गई है। BJP ने राज्यसभा MPs को 3 अप्रैल को सदन में मौजूद रहने का व्हिप जारी किया। कौन-कौन दे रहा समर्थन टीडीपी का कहना है कि वक्फ बोर्ड की 9 लाख एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। अगर इस संशोधन बिल के जरिये अगर उनकी जमीन से अवैध कब्जा वापस लेकर मुसलमानों के हित में इसका उपयोग किया जाता है, पार्टी इसका समर्थन भी करेगी। अभी एनडीए में शामिल जेडीयू और आरएलडी ने अपन रुख साफ नहीं किया है। संभावना जताई जा रही है कि जेडीयू इस बिल पर न्यूट्रल रहेगी। मंगलवार को जेडीयू के सांसद बिल पर चर्चा के लिए अमित शाह से मिले। बिहार की दूसरी पार्टी हिंदुस्तान आवामी मोर्चा ने बिल के समर्थन के संकेत दिए हैं। लोकसभा में बीजेपी के 240 सांसद हैं और टीडीपी के समर्थन के ऐलान से मोदी सरकार की राह आसान हो गई है। कल 12 बजे पेश होगा बिल वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार 12 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ने इस बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि अगर सदन को लगता है कि चर्चा के लिए समय बढ़ाया जाना चाहिए, इसकी अवधि बढ़ सकती है। अगर पक्ष कोई बहाना बनाकर चर्चा में भाग नहीं लेना चाहते हैं, तो मैं इसे रोक नहीं सकता। हम चर्चा चाहते हैं। हर राजनीतिक दल को अपनी राय रखने का अधिकार है और देश सुनना चाहता है कि संशोधन विधेयक पर किस राजनीतिक दल का क्या रुख है? संसद में रखी गई बातें हजारों सालों तक दर्ज रहेगी। रिकॉर्ड में यह दर्ज होगा कि किसने संशोधन विधेयक का विरोध और किसने समर्थन किया। कल लोकसभा में विधेयक होगा पेश वक्फ संशोधन विधेयक कल बुधवार को लोकसभा में विचार और पारित कराने के लिए लाया जाएगा. विपक्षी दल इस विधेयक का जमकर विरोध कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि विधेयक पर सदन में 8 घंटे की प्रस्तावित चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजीजू जवाब देंगे और वह इस विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की मंजूरी लेंगे. इस मामले में सूत्रों ने बताया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस मामले पर चर्चा हुई. पिछले साल विधेयक पेश करते समय केंद्र सरकार ने इसे दोनों सदनों की एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजने का प्रस्ताव किया था. फिर जेपीसी की ओर से रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद, उसकी सिफारिश के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मूल विधेयक में कुछ बदलावों को अपनी मंजूरी दे दी. लोकसभा में विधेयक पास किए जाने के बाद राज्यसभा को इसकी सूचना दी जाएगी. संसद का जारी बजट सत्र 4 अप्रैल को खत्म हो रहा है. recent visitors 40

बिहान के सहयोग से सफल क्रियान्वयन, किसान किफायती दरों पर आधुनिक उपकरण किराए पर ले सकेंगे

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक के मार्गदर्शन में बिहान के अंतर्गत बिहान के सहयोग से एचडीएफसी बैंक सीएसआर एवं जीटी भारत के संयुक्त परियोजना, स्त्री पहल के अंतर्गत महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक में स्थित मुस्कान अग्रणी महिला फार्म प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने “केंद्र पोषित कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन“ योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की है। इस योजना के तहत समूह की महिला द्वारा संचालित कंपनी को 14 लाख रुपये मूल्य की कृषि मशीनरी प्राप्त हुई है, जिसमें ट्रैक्टर, थ्रेशर, कल्टीवेटर, रीपर, सीड ड्रिल और हैंड स्प्रेयर शामिल हैं। एसबीआई बैंक, शाखा बसना के द्वारा, केंद्र पोषित कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन योजना के अंतर्गत कंपनी को 10 लाख रुपए के ऋण की वित्तीय सहायता दी गई साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा  8 लाख रुपए की बैक-एंड सब्सिडी भी मंजूर की गई है। ये मशीनें कस्टम हायरिंग सेंटर मॉडल के तहत एफपीसी सदस्यों को उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे किसान किफायती दरों पर आधुनिक उपकरण किराए पर ले सकेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सस्ते दर पर आधुनिक कृषि उपकरण प्रदान करना है, जिससे उनकी उत्पादकता और लाभप्रदता में वृद्धि हो सके। कंपनी के अध्यक्ष श्रीमती अंजना साहू ने बता या कि इस योजना का लाभ समूह से जुड़े 500 से अधिक महिला किसानों और अन्य छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, जिससे उनके कृषक कार्य में लगने वाले समय और खर्च की बचत होगी और आधुनिक उपकरणों से खेती करने से उपज और मुनाफे में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। कंपनी के अध्यक्ष श्रीमती अंजना साहू ने बताया इस योजना का लाभ लेने में सभी निदेशकों का भरपूर समर्थन मिला। उन्होंने एसबीआई बैंक शाखा बसना के ब्रांच मैनेजर श्री मोहम्मद शेख आदिल एवं सहायक मैनेजर श्री समीर गुप्ता को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। जिन्होंने समय पर वित्तीय सहायता प्रदान की तथा कार्य को सुगम बनाया। इस योजना को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग रायपुर, एसबीआई बैंक, बिहान विभाग जिला महासमुंद एवं ब्लॉक स्टाफ बसना और जीटी भारत के क्लस्टर मैनेजर श्री अंकित कुमार का विशेष सहयोग रहा है। recent visitors 22