Noida में एक शॉपिंग कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग, लोग ऊपर से कूदे; कुछ के फंसे होने की सूचना

नोएडा नोएडा के सेक्टर 18 स्थित कृष्णा अपरा प्लाजा मार्केट में एक दुकान में मंगलवार दोपहर भयंकर आग लग गई। आग लगते ही मार्केट के आसपास अफरा-तफरी मच गई और सैकड़ों की संख्या में लोग बाहर निकल आए। आग लगने और धुआं भरने के बाद मार्केट से कई लोग नीचे कूद गए और इसमें कुछ चोटिल भी हो गए। अग्निशमन विभाग की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मार्केट के अंदर फंसे हुए लोगों को बाहर निकलने का प्रयास कर रही है। इस कॉम्पलेक्स में कई कंपनियों के दफ्तर हैं. आग लगने के बाद ग्राउंड फ्लोर पर काम करने वाले बाहर निकलने में सफल रहे. लेकिन ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग फंस गए.फायर विभाग मौके पर पहुंच गया है और आग बुझाने की कोशिश कर रहा है. कहा जा रहा है कि अभी भी भीतर दो से तीन आदमी फंसे हुए हैं. कई लोगों को बचाया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. कृष्णा प्लाजा में लगी भीषण आग सेक्टर 20 थाना क्षेत्र के अट्टा मार्केट में स्थित कृष्णा प्लाजा में मंगलवार दोपहर को आग लग गई. यह बाजार का एक व्यस्त इलाका है, जहां बहुत लोग आते-जाते हैं. आग पहले सीढ़ियों के पास लगी और फिर देखते ही देखते पूरे ग्राउंड फ्लोर में फैल गई. इस हादसे से इमारत में हड़कंप मच गया और लोग डर के मारे चीखने लगे. ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद लोग तो जल्दी बाहर निकल आए, लेकिन ऊपर की मंजिलों पर कई लोग फंस गए. जान बचाने के लिए इमारत से कूदे लोग धुएं से इमारत के अंदर लोगों का दम घुटने लगा, जिससे हालात और खराब हो गए. कुछ लोगों ने शीशे तोड़कर राहत की कोशिश की. वहीं कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए इमारत से कूद गए, जिनमें से तीन लोग जख्मी हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया. इस बीच, फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई और आग बुझाने के काम में जुट गई. दमकलकर्मियों ने शीशे भी तोड़े ताकि अंदर फंसे लोग सही सलामत बाहर आ सकें. शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका फायर ब्रिगेड ने सीढ़ियों के जरिए फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला और मौके पर एंबुलेंस भी बुलाई गई. कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आग लगने का कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है. इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग इमारत के अंदर फंसे हुए नजर आ रहे हैं. recent visitors 42

शिक्षा सत्र 2025-26 आज से शुरू हो गया, प्रवेश उत्सव के तहत अलग-अलग आयोजन हुए

 इंदौर  शिक्षा सत्र 2025-26 मंगलवार से शुरू हो गया। सुबह तय समय 10.30 बजे स्कूल खुले। आने वाले विद्यार्थियों को तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रवेश उत्सव के तहत अलग-अलग आयोजन हुए। इसके साथ ही स्कूल चलें हम अभियान भी शुरू हो गया, जो कि चार अप्रैल तक चलेगा। प्रवेश उत्सव का मुख्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम सीएम राइज अहिल्याश्रम कन्या उमावि-2 में सुबह 10 बजे से आयोजित हुआ। फ्री बुक्स, विशेष मिड डे मील प्राचार्य दीपक हलवे ने बताया है कि कार्यक्रम में महापौर, जनप्रतिनिधि, पालक, समाज सेवी शामिल हुए। सभी छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गाय। प्रवेश उत्सव के साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। नए नामांकन भी कराए जा रहे हैं। कक्षा एक से 8वीं तक सभी शालाओं में बालसभा का आयोजन किया गया। स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोजन दिया जाना है। हर दिन होंगे अलग आयोजन स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन स्कूलों में भविष्य से भेंट कार्यक्रम हुआ। जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिए बुलाया गया। तीसरे दिन स्कूल स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक और खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जाएगी। चौथे दिन ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जाएगा, जो फेल हो गए है। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए समझाइश दी जाएगी। recent visitors 43

अब फ्री में बना सकेंगे Ghibli इमेज, CEO Sam Altman ने किया बड़ा ऐलान

ChatGPT मेकर OpenAI ने बीते सप्ताह GPT 4o इमेज मेकर टूल को इंट्रोड्यूस किया था और लॉन्चिंग के दूसरे दिन ही यह वायरल हो गया. अब OpenAI के CEO Sam Altman ने इसको लेकर पोस्ट किया है और बताया है कि यह सभी के लिए फ्री होगा. बताते चलें कि Ghibli इमेज जनरेटिव की पॉपुलैरिटी इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि वहां पर इस इमेज को तैयार करने को लेकर प्रोम्प्ट की बाढ़ सी आ गई है. इसकी वजह से ChatGPT के सर्वर पर भी दबाव पड़ा. इसके बाद Sam Altman ने रविवार को पोस्ट करके बताया था कि यूजर्स को थोड़ा स्लो हो जाना चाहिए ताकि उनकी टीम भी नींद ले सके. X प्लेटफॉर्म पर Sam Altman ने पोस्ट करके बताया, Chatgpt Image Gen अब सभी के लिए मुफ्त में उपलब्ध हो गया है. Ghibli क्या है ? Ghibli स्टाइल फोटो में पेंटिंग जैसी सॉफ्ट कलर टोन, डिटेलिंग और मैजिकल थीम यूज होती है, जो देखने में बहुत ही सुंदर लगती है. अब OpenAI के न्यू टूल की मदद से इस स्पेशल आर्ट स्टाइल को आसानी से रीक्रिएट किया जा सकता है. फ्री में ऐसे तैयार करें इमेज ChatGPT Plus के साथ इस सर्विस को लॉन्च किया था और अब यह फ्री में भी सर्विस मिल रही है. यहां आपको इसका पूरा तरीका बताने जा रहे हैं.     इसके लिए ChatGPT वेबसाइट या App को ओपेन करें. यहां आपको चैटबॉक्स के अंदर Plus का आइकन मिलेगा.      ‘+’ sign  पर क्लिक करके आप फोटो को अपलोड कर सकते हैं. इसके बाद यूजर्स को प्रोम्प्ट देना होगा.     फोटो एक बार प्रोम्प्ट बॉक्स में आने का बाद उसमें Ghiblify this या turn this image in Studio Ghibli theme लिख दें.     इसके बाद कुछ समय का इंतजार करना होगा. फिर वहां आपको रिजल्ट के रूप में Ghibli फॉर्मेट में फोटो नजर आने लगेगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं.     इस इमेज को डाउनलोड करने के बाद उसे सोशल मीडिया या फिर प्रोफाइल पिक्चर के रूप में लगा सकते हैं. Ghibli से जापान से क्या कनेक्शन है?   Ghibli स्टाइल फोटो की शुरुआत, असल में जापान की एक मशहूर एनीमेशन कंपनी से हुई है. इस कंपनी को हयाओ मियाजाकी ने तैयार किया था. यह स्टूडियो Spirited Away, My Neighbor Totoro और Kiki's Delivery Service जैसी शानदार फिल्मों के लिए जाना जाता है.   recent visitors 42

1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत, राजमार्ग पर आज से सफर करना होगा महंगा, भोपाल में 200 फीसदी तक महंगी हुई प्रॉपर्टी

भोपाल नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन से मध्य प्रदेश में लोगों पर महंगाई की मार पड़ने जा रही है। राजधानी भोपाल में जहां प्रॉपर्टी महंगी हुई है, वहीं प्रदेश में बिजली के दाम में औसत बढ़ोतरी 3.46 पैसे हुई है। इसी तरह अगर आप राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने जा रहे हैं तो अब आपको ज्यादा टोल टैक्स देना होगा। यहां पढ़िए 1 अप्रैल 2025 से लागू हुए नियमों के बारे में। टोल टैक्स: 1 अप्रैल से दरें होगी लागू, राजमार्ग पर सफर महंगा 30 मार्च की देर रात विद्युत नियामक आयोग ने नोटिफिकेशन जारी कर बिजली की दरों में 3.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। तीन साल में नियामक ने 2 बार बिजली के दाम बढ़ाए हैं। अब घरेलू और कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को एक यूनिट बिजली के दाम 3.46 प्रतिशत ज्यादा देने होंगे। इसके साथ ही राजधानी भोपाल में कलेक्टर ने 1800 से ज्यादा इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट बढ़ा दिए हैं। वहीं, भोपाल नगर-निगम पानी के ज्यादा पैसे वसूलने की तैयारी कर रहा है। इंदौर-देवास हाईवे के टोल टैक्स में भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने वृद्धि कर दी है। इस बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ेगा? बिजली के अलावा और क्या-क्या महंगा हुआ? ​​​पढ़िए, ऐसे सभी ​​सवालों के जवाब… बिजली कीमतों में क्या बदलाव हुए हैं? राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिया। बिजली दरों में औसत 3.46% का इजाफा किया गया है यानी बिजली उपभोक्ताओं को हर यूनिट पर 18 पैसे ज्यादा चुकाने होंगे। यह इजाफा घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए हुआ है। प्रदेश में 1 अप्रैल से नई टोल दरें लागू हो गई हैं। जहां सभी प्रकार के वाहनों को 5 से 25 रुपये तक अधिक टोल देना होगा। एक तरफ का टोल कार सहित अन्य फोर व्हीकल 100, हल्के वाहन 160, बस और ट्रक 340 और कमर्शियल वाहन 370 रुपये को चुकाना होगा। अधिकारियों के मुताबिक जनवरी में भी टोल दरों में बदलाव किया था। तीन महीने के भीतर दरों में दूसरी मर्तबा बढ़ोत्तरी हुई है। एनएचएआइ ने कुछ स्थानों से गुजरने पर कार और हल्के वाहनों के लिए टोल टैक्स में वृद्धि नहीं की है, जिसमें मांगलिया टोल, मेठवाडा, माछलिया घाट शामिल है। इन वाहन चालकों पर आर्थिक रूप से बोझ नहीं बढ़ेगा। जबकि कमर्शियल और हेवी वाहनों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। महंगी बिजली: ई-रिक्शा चार्जिंग पर 24 पैसे यूनिट का भार प्रदेश में बिजली के दाम में बढ़ोतरी से कोई भी क्षेत्र नहीं बचा है। मध्यमवर्गीय से लेकर ई-रिक्शा चालक तक इस बढ़ोतरी से सीधे प्रभावित होंगे। ई-रिक्शा में सबसे ज्यादा चार्जिंग की दर बढ़ाई गई है। मौजूदा दर से 24 पैसे महंगी बिजली की गई है। इसके अलावा उच्च दाब उपभोक्ता श्रेणी में भी 26 पैसे तक बिजली के दाम बढ़े हैं। एक बिजली बिल में खपत के अतिरिक्त कितने चार्ज जुड़ते हैं? बिजली बिल में एनर्जी चार्ज, फिक्स चार्ज, फ्यूल कॉस्ट, ड्यूटी चार्ज जुड़ते हैं। बिजली की दरों में वृद्धि के अनुपात में ही बाकी सारे चार्ज बढ़ते-घटते हैं। नियामक आयोग ने फिक्स चार्ज को खत्म कर दिया है। 100 यूनिट का 100 रुपए बिल वाली योजना पर क्या असर पड़ेगा? मध्यप्रदेश में 1 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को सरकार 150 यूनिट पर सब्सिडी देती है। अटल गृह ज्योति योजना के दायरे में आने वाले 100 यूनिट मासिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं से भी 24 रुपए का अतिरिक्त बिल लिया जाना है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को 100 रुपए ही देने होंगे। 24 रुपए सरकार भरेगी। 150 यूनिट तक के खपत की तब भी शुरुआती 100 यूनिट के 100 रुपए ही भुगतान करने पड़ेंगे। बिजली उपभोक्ताओं को क्या कोई राहत भी मिलेगी? हां। निम्न दाब उपभाेक्ताओं (घरेलू उपभोक्ता या जिन्हें लो टेंशन केबल यानी 230 से 400 वोल्टेज लाइन से बिजली सप्लाई होती है) और मौसमी उच्च दाब उपभोक्ताओं (कमर्शियल उपभोक्ता या जिन्हें हाई टेंशन केबल 11000 वोल्टेज लाइन से बिजली सप्लाई होती है) के मिनिमम चार्ज समाप्त किए गए हैं। एक बिजली उपभोक्ता को उस घर या फैक्ट्री का भी बिल चुकाना पड़ता था, जिसमें कई माह से बिजली का उपयोग ही नहीं हो रहा था। अब इसे समाप्त कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिलेंगे? स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक (8 घंटे) उपयोग की गई बिजली खपत पर 20% छूट देने की घोषणा की गई है। बाकी 16 घंटों में जितनी बिजली उपयोग करेंगे, उसका 10 प्रतिशत ज्यादा देना होगा। ऐसा करने के पीछे बिजली कंपनी से जुड़े अफसर ने बताया कि गर्मियों में सौर पैनल बाकी मौसम की तुलना में अधिकतम क्षमता के साथ ज्यादा बिजली बनाते हैं, इसलिए दिन में छूट देने का प्रावधान किया है। स्मार्ट मीटर की लागत, संचालन, मेंटेनेंस और डाटा भेजने का खर्च टैरिफ में जुड़ जाएगा। इसके एवज में 10 साल तक किस्तों में 25 हजार रुपए वसूले जाएंगे। आज से भोपाल के 1312 स्थानों पर प्रॉपर्टी 10 से 50 प्रतिशत महंगी भोपाल जिले में पिछले दस सालों में तेजी से हुए विकास के साथ ही प्रॉपर्टी के दामों में भी बेहताशा वृद्धि की गई है। यह हम नहीं बल्कि पंजीयन विभाग के अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया गाइडलाइन 2025-26 का प्रस्ताव बता रहा है। इसमें बीमाकुंज क्षेत्र में 10 साल में प्रॉपर्टी के दाम 10 गुना तक बढ़ गए हैं। यहां वित्तीय वर्ष 2015-16 में प्रॉपर्टी के दाम 20 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर थे और अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख से दो लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गए हैं। शहर में सात स्थान ऐसे हैं जहां एक से चार लाख रुपये प्रति वर्गमीटर तक जमीनों के दाम हो गए हैं। साथ ही 1312 स्थानों पर आज से 10 से 50 प्रतिशत और उससे अधिक प्रॉपर्टी महंगी हो जाएगी। जिनके घरों में स्मार्ट मीटर नहीं हैं, क्या उन्हें ये सुविधा नहीं मिलेगी? स्मार्ट मीटर के अलावा सामान्य ग्राहकों पर यह प्रावधान इसलिए नहीं लागू किया गया, क्योंकि उन मीटरों में हर घंटे यूनिट काउंट करने की सुविधा नहीं है। उन मीटरों से यह गिना नहीं जा सकता कि सुबह 9 से 5 … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि "सीएम राइज स्कूल का नाम ऐसा लगता था जैसे अंग्रेजों के जमाने का हो, इसलिए इसे बदलकर सांदीपनि ऋषि के नाम पर किया गया. मध्यप्रदेश के स्कूलों में आज एक अप्रैल से 'स्कूल चलें हम' अभियान- 2025 का आगाज होने जा रहा है। ऐसे में भोपाल के शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे।मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने "स्कूल चले हम अभियान" शुभारंभ समारोह को संबोधित किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "स्कूल चले हम अभियान" के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "स्कूल चले हम अभियान" के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में प्रदर्शनी का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "स्कूल चले हम अभियान" अंतर्गत स्कूल प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में बच्चों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भोपाल से "स्कूल चले हम अभियान" का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी किसी से कमतर नहीं है। सरकारी स्कूलों में पढ़कर भी कई महान व्यक्तित्वों ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। छात्रों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में सीएम के अलावा जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई थी। पहली बार राज्यभर में शैक्षणिक सामग्री समय पर बांटी गई कार्यक्रम में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस साल 1 अप्रैल से, जब छात्र अपने विद्यालय में प्रवेश करेंगे, तो शासन द्वारा दी जाने वाली किताबें उनके बैग में पहले से उपलब्ध होंगी। यह पहली बार हुआ है कि पूरे राज्य के प्रत्येक जिले में शैक्षणिक सामग्री समय पर वितरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक कौशल और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलेंगे। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में पहली बार शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार हो रहे हैं। जुलाई से बेटियों को मिलेगी साइकिल मंत्री उदय प्रताप सिंह ने यह भी बताया की कि जुलाई में बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही, उन्होंने शिक्षा विभाग और शिक्षकों को बधाई दी कि इस बार 1 अप्रैल से ही सभी विद्यार्थी अपनी नई कक्षा में प्रवेश कर रहे हैं, जो एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री चेतन कश्यप भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर संभागों में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया। इन समिट्स के माध्यम से 60% से अधिक निवेशकों ने उद्योग स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत कार्यक्रम में सबसे पहले, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ भी किया गया। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज होंगे बच्चे प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 में सभी शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्यवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर 'स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम' प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। सभी जिलों में भी हुआ प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम चयनित शालाओं में हुआ। कार्यक्रम में सांसद, विधायक और अन्य जन-प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गई। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नए शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जाएं। जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिह्नित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जाएगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जाएगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जाएगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। स्कूल छोड़ने वालों को 4 अप्रैल से फिर से मिलेगा प्रवेश सीएम ने इस अवसर पर सरकारी स्कूलों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने से प्रतिभा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि वहां भी छात्र उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। इसके अलावा, शिक्षकों के समन्वय के लिए एक विशेष पोर्टल का शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन्होंने किसी कारणवश स्कूल छोड़ दिया है, उन्हें 4 अप्रैल को वापस स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। recent visitors 31

राज्यपाल पटेल महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

विश्व के प्राचीन ज्ञान का बोध संस्कृत भाषा से ही संभव – राज्यपाल पटेल संस्कृत शास्त्रों में करुणा संवेदना और संस्कृति का समावेश- राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संस्कृत भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है। विश्व के प्राचीन ज्ञान का बोध संस्कृत भाषा के माध्यम से ही संभव हो सकता है। हमारी भारतीय संस्कृति के खजाने में छुपे ज्ञान और विज्ञान को अपनी प्रतिभा से जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प समस्त उपाधी प्राप्तकर्ता विद्यार्थी लें। विद्यार्थी प्रयास करें कि वे अपने ज्ञान से वंचित लोगों का उद्धार करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि समाज और राष्ट्र की शिक्षा जगत पर बहुत सारी आशाएं टिकी हैं। आने वाले समय में भारत को विकसित बनाने में सभी विद्यार्थी अपना योगदान दें। राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन के पंडित सूर्य नारायण व्यास संकुल सभागृह में महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। वैदिक ज्ञान के महत्व को विस्तारित करने के करें प्रयास राज्यपाल पटेल ने आह्वान किया कि वैदिक ज्ञान के उपयोग, महत्व और संभावनाओं विस्तारित करने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कभी यह न सोचें कि आप अकेले हैं, आप सभी संसार में ज्ञान के बल पर परिवर्तन ला सकते हैं। आज की पीढ़ी को संस्कृत और परंपराओं के ज्ञान की आवश्यकता है। अच्छे संस्कारों के अंकुरण से ही संस्कृति का रक्षण संभव है। संस्कृत शास्त्रों में करुणा संवेदना और संस्कृति का समावेश है। समय और शिक्षा का सही उपयोग व्यक्ति को जीवन में बनाता है सफल राज्यपाल पटेल ने कहा कि कहा कि समय और शिक्षा का सही उपयोग ही व्यक्ति को जीवन में सफल बनाता है। राज्यपाल पटेल ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफल होने पर अपने माता-पिता, शिक्षकों, समाज को न भूलें। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय से प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने योग, आयुर्वेद, संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में विगत 35 वर्षों से अनवरत सेवारत तथा अविस्मरणीय योगदान देने के लिये महर्षि पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति आचार्य बालकृष्ण और नृत्य, नाट्यशास्त्र, संस्कृत एवं भारतीय जान परंपरा के क्षेत्र में अनवरत साधनारत, अध्यक्ष केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली डॉ. संध्या पुरेचा को महामहोपाध्याय (डी.लिट.) की मानद उपाधि से विभूषित किया। राज्यपाल पटेल ने महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड मिलने की शुभकामनाएं दीं। भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में दें योगदान- मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विद्यार्थी भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। भारतीय संस्कृति और मान्यताओं को पूरे विश्व-पटल पर लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने की संकल्पना को ध्यान में रखते हुए निरंतर परिश्रम करें। मंत्री परमार ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में वार्तालाप में अधिक से अधिक संस्कृत भाषा का उपयोग किया जाए। भारतीय संस्कृति की सभी भाषाओं का सम्मान करें और उन पर गर्व करें। शीघ्र ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों में भारत के अन्य राज्यों की भाषाओं का भी अध्यापन करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। कुलपति को कुलगुरु नाम से संबोधित करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति को कुलगुरु नाम से संबोधित करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी कभी भी विद्या अर्जन के कार्य से मुक्त न हों। राष्ट्र निर्माण के लिए विद्या अर्जन करना,अध्ययन और अध्यापन करना अत्यंत जरूरी है। डॉ. संध्या पुरेचा ने कहा कि संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा है। यह एक सोच है, विचार है, भाव है। इसमें हमारी भारतीय संस्कृति का मूल तत्व निहित है। हमेशा इस पर गर्व करें। कुलगुरु आचार्य विजय कुमार सीजी नेबताया कि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय को हाल ही में नेक से ए ग्रेड मिला है। यहां विद्यार्थियों के लिए ई लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। साथ ही कंप्यूटर प्रयोगशाला भी शुरू की गई है। विश्वविद्यालय में तीन नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। साथ ही एक करोड रुपए की लागत से अलग-अलग प्रोजेक्ट विश्वविद्यालय में चल रहे हैं। विश्वविद्यालय में एनसीसी भी शुरू किया गया है और राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय को दो पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, कुल सचिव दिलीप सोनी उपस्थित रहे।   recent visitors 24

IMD अपडेट: अगले तीन महीने कैसे होंगे जानें क्या बोला मौसम विभाग

नई दिल्ली भारत में अप्रैल से जून तक तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है और मध्य एवं पूर्वी भारत के साथ-साथ उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में अधिक दिन लू चल सकती है. यह बात भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कही. आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि पश्चिमी और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा. इन दोनों क्षेत्रों में तापमान के सामान्य रहने की संभावना है. महापात्रा ने कहा, ‘‘अप्रैल से जून तक उत्तर और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों, मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सामान्य से दो से चार दिन अधिक लू चलने की संभावना है.’’ आमतौर पर भारत में अप्रैल से जून तक चार से सात दिन तक लू चलती है. सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना उन्होंने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. आईएमडी के एक अधिकारी ने पहले कहा था कि उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मियों के दौरान लू के दिनों की संख्या दोगुनी हो सकती है. इस क्षेत्र में गर्मियों के मौसम के दौरान आमतौर पर पांच से छह दिन लू चलती है. इन राज्यों में चलेगी लू जिन राज्यों में सामान्य से अधिक दिन लू चलने की संभावना है उनमें राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक और तमिलनाडु के उत्तरी हिस्से शामिल हैं. अप्रैल में भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है. हालांकि, सुदूर दक्षिणी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य रह सकता है. महापात्रा ने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, सिवाय उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर के कुछ स्थानों के, जहां तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है. बढ़ जाएगी बिजली की खपत विशेषज्ञों ने कहा है भारत को इस साल गर्मियों के मौसम में बिजली की मांग में 9 से 10 प्रतिशत की वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए. पिछले साल, देशभर में बिजली की अधिकतम मांग 30 मई को 250 गीगावाट को पार कर गई थी, जो पूर्व में किये गए अनुमानों से 6.3 प्रतिशत अधिक थी. जलवायु परिवर्तन, बिजली की मांग में वृद्धि करने वाले प्रमुख कारकों में से एक है. recent visitors 48