Sunday, July 5, 2026 8:49 am

आज पेश होगा भोपाल नगर निगम का बजट, फिर भी लगेगा जेब को झटका

 भोपाल भोपाल नगर निगम (बीएमसी) का गुरुवार, 3 अप्रैल को 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करेगा। इस दौरान प्रस्तावित कर वृद्धि और बीएमसी आयुक्त के साथ असहमति को लेकर हंगामे की संभावना है। बजट परिषद की बैठक सुबह 11 बजे कुशाभाऊ ठाकरे आईएसबीटी में होगी, जिसकी अध्यक्षता निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी करेंगे। बजट के प्रमुख मुद्दों को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने बुधवार को ही बैठकें कर रणनीति तैयार कर ली हैं। कांग्रेस ने संपत्ति कर में 10% और जल एवं सीवेज करों में 15% की संभावित वृद्धि को लेकर महापौर और सत्तारूढ़ दल को चुनौती देने की तैयारी कर ली है। इस पर हंगामा होने की संभावना है। पिछले बार से बड़ा हो सकता है बजट बैठक में दो मुख्य एजेंडे पर चर्चा होगी, जिसमें बीएमसी का बजट और नए बीएमसी कार्यालय की अंतिम तैयारियां शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार 2025-26 के बजट में 3353 करोड़ रुपए के पिछले बजट से 200-500 करोड़ रुपये की वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, भाजपा पार्षद ने बीएमसी कमिश्नर हरेंद्र नारायण के कथित अड़ियल रवैए के कारण उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करने की भी तैयारी की है। शहर के विकास को ध्यान में रखकर बनाया बजट बैठक से पहले महापौर मालती राय ने बताया कि बजट शहर के विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने कहा, बजट भोपाल के विकास पर केंद्रित होगा और शहर के लोगों की जरूरतों को पूरा करेगा। बैठक में राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों के नाम बदलने के प्रस्ताव भी शामिल होंगे, जिन पर आगे और बहस होने की संभावना है। विपक्ष ने इन मुद्दों में घेरने की बनाई है रणनीति बीएमसी की नेता प्रतिपक्ष शकिता जकि ने बताया कि बैठक में करों में अपेक्षित वृद्धि के खिलाफ एक बड़ा विरोध किया जाएगा और महापौर से उनके अपने घर के संपत्ति कर के अनुचित भुगतान के बारे में सवाल पूछे जाएंगे। जकि ने आगे कहा कि वे नाम बदलने के प्रस्ताव का विरोध करेंगे और यदि भाजपा पार्षद बीएमसी आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करेंगे तो वे उनका समर्थन नहीं करेंगे। recent visitors 30

शाहजहांपुर में दो वर्ष पहले जेंडर बदलवाने वाले शरद सिंह के घर बेटे का जन्म हुआ

शाहजहांपुर यूपी के शाहजहांपुर में दो वर्ष पहले जेंडर बदलवाने वाले शरद सिंह के घर बेटे का जन्म हुआ है. उनकी पत्नी ने निजी अस्पताल में ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया है. शरद सिंह का कहना है कि पिता बनने पर उन्हें बहुत खुशी हुई है. जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. विषम परिस्थितियों से निकलकर आज जो खुशी मिली है वह शब्दों में बयां नहीं हो सकती. आपको बता दें कि काकोरी ट्रेन एक्शन के बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह की प्रपौत्री सरिता सिंह ने वर्ष 2021-22 में जेंडर बदलवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी. दरअसल, लड़की होने के बाद भी वह लड़कों की तरह थी. ऐसे में उन्होंने लखनऊ में हार्मोन थेरेपी करवाई, जिससे उनके चेहरे पर दाढ़ी उग आई थी. आवाज भी भारी हो गई थी. वर्ष 2023 की शुरुआत में उन्होंने मध्य प्रदेश के इंदौर में सर्जरी करा कर जेंडर बदलवा लिया था. वहीं, 27 जून 2023 को तत्कालीन डीएम उमेश प्रताप सिंह ने उन्हें जेंडर बदलवाने का प्रमाण पत्र शरद सिंह के नाम से दिया था. इसके बाद खुदागंज के नवादा दारोबस्त गांव के निवासी शरद सिंह ने 23 नवंबर 2023 को पीलीभीत के देवहा गांव निवासी महिला मित्र सविता सिंह से शादी कर ली थी. कल यानी बुधवार को सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सविता सिंह को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम को ऑपरेशन से उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया. सरिता से शरद बनने का सफर सरिता, जो जन्म से महिला थीं, ने हमेशा खुद को पुरुष की तरह महसूस किया। लड़कों की तरह कपड़े पहनना और उनका हावभाव भी पुरुषों जैसा था। वर्ष 2022 में उन्होंने अपने इस आत्मबोध को अपनाने का निर्णय लिया और लखनऊ में हार्मोन थेरेपी कराई। धीरे-धीरे उनके चेहरे पर दाढ़ी उगने लगी और आवाज भारी हो गई। 2023 में उन्होंने मध्यप्रदेश के इंदौर में सर्जरी कराई और आधिकारिक रूप से पुरुष बन गए। 27 जून 2023 को तत्कालीन जिला अधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने उन्हें लिंग परिवर्तन का प्रमाण पत्र दिया और सरिता की नई पहचान शरद रोशन सिंह के रूप में स्थापित हुई। इसके बाद, 23 नवंबर 2023 को उन्होंने पीलीभीत निवासी अपनी महिला मित्र सविता से विवाह कर लिया। बेटे के जन्म से बढ़ी खुशियां बुधवार सुबह, सविता को प्रसव पीड़ा होने पर शाहजहांपुर के जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम 5 बजे उन्होंने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। पिता बनने की खुशी जाहिर करते हुए शरद ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे सुखद पल है। चिकित्सा विज्ञान की सफलता बरेली के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सुदीप सरन के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति में महिला और पुरुष दोनों के लक्षण हों तो मेडिकल साइंस की मदद से लिंग परिवर्तन संभव है। इसमें हार्मोनल थेरेपी और सर्जरी के जरिए व्यक्ति की शारीरिक विशेषताएं बदली जा सकती हैं, जिससे वे अपनी इच्छानुसार नया जीवन अपना सकते हैं। सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापक हैं शरद शरद रोशन सिंह का घर शाहजहांपुर के नवादा दरोवस्त गांव में है और वे एक सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता बनने की खबर से परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह घटना समाज के लिए एक नई सोच और प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। सरिता सिंह से शरद सिंह तक का सफर शरद सिंह ने बताया कि मेरी पत्नी सविता सिंह ने 10 से 15 साल पहले खुली आंखों से जो सपना देखा था, आज वह सकार हुआ है. शरद के मुताबिक, उनके परिवार में 26 साल बाद पुत्र का जन्म हुआ है. हर इंसान का सपना होता है कि उसे संतान का सुख की प्राप्ति हो लेकिन जिन परिस्थितियों से निकलकर पिता बनने का सुख मिला है वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी है. शरद फिलहाल विकासखंड ददरौल के प्राथमिक विद्यालय सतवा खुर्द में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं. शुरू से लड़का बनने की थी तमन्ना सरिता से शरद बने टीचर हमेशा से लड़के की वेशभूषा में रहते थे. जिसके चलते उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. लोगों के ताने भी सुनने पड़े. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने मध्य प्रदेश के इंदौर में सर्जरी कराकर अपना जेंडर चेंज करवा लिया. इसके बाद जिला अधिकारी के यहां आवेदन किया और लिंग परिवर्तन का प्रमाण पत्र और पहचान पत्र हासिल कर लिया.   recent visitors 35

फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री शिंदे कद बढ़ा, हर फाइल भी शिंदे के पास जाएगी!

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तीन प्रमुख दलों के गठबंधन के बीच "शक्ति राजनीति" में संतुलन बनाए रखने के लिए अधिकारों का समान वितरण सुनिश्चित किया है. आजतक के जिस सरकारी आदेश की कॉपी है उसे 18 मार्च, 2025 को मुख्य सचिव सुजाता सौनिक ने जारी किया है. इस आदेश में कहा गया है कि वित्त और योजना विभाग, जो वर्तमान में अजित पवार के अधीन है, उसकी हर फाइल अब अंतिम मंजूरी के लिए सीएम देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचने से पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से होकर गुजरेगी. इसे सियासी संतुलन बनाए रखने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है. महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान जब उद्धव ठाकरे सीएम थे और अजित पवार के पास वित्त विभाग था. तब शिंदे के शिवसेना गुट ने पवार पर पक्षपात का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया कि पहले एनसीपी, फिर कांग्रेस और अंत में शिवसेना को पैसा आवंटित किया गया, जो एमवीए के पतन का एक प्रमुख कारण बन गया. शिंदे के सीएम रहने के दौरान भी ऐसा ही था नियम राजनीतिक बदलाव के बाद एकनाथ शिंदे सीएम बने और फडणवीस डिप्टी सीएम बने और एक साल के भीतर ही शिंदे के नेतृत्व में अजित पवार भी डिप्टी सीएम बन गए. हालांकि पवार ने वित्त विभाग अपने पास रखा, लेकिन अंतिम फैसले का अधिकार शिंदे के पास ही रहा.तब भी 2023 में आदेश जारी किया गया था कि फाइलें तत्कालीन डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के माध्यम से अंतिम मंजूरी के लिए सीएम एकनाथ शिंदे के पास भेजी जाएंगी. हालांकि, अब वित्त विभाग को सत्ता संतुलन को बाधित होने से रोकने के लिए फडणवीस ने फाइल अनुमोदन प्रक्रिया को पहले ही बदल दिया और उनके पास फाइल पहुंचने से पहले दोनों उप मुख्यमंत्रियों के पास जाएगी. राजनीतिक हलकों में इसे सीएम फडणवीस का “मास्टरस्ट्रोक” बताया जा रहा है. महायुति में हुआ था विवाद तीनों महायुति दलों के नेता पहले भी लगातार कहते रहे हैं कि उनके बीच “कभी कोई विवाद नहीं था”. हालांकि, अजित पवार को अब अपनी फाइलों के लिए शिंदे की मंजूरी की जरूरत होगी. इससे शिंदे की शिवसेना को एनसीपी पर बढ़त मिल गई है, जो पहले टकराव का कारण बनी थी. इस निर्णय के माध्यम से एकनाथ शिंदे को सशक्त बनाकर, फडणवीस ने सुनिश्चित किया है कि शिंदे का गुट फंड आवंटन और निर्णय लेने से संतुष्ट रहे. वहीं इस कदम के जरिए अजित पवार को भी नियंत्रण में रखा जा सके. इस कदम को महायुति के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है.   recent visitors 75

राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ ऐलान से शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को कई देशों पर ताबड़तोड़ टैरिफ लगाने का ऐलान कर दुनियाभर में खलबली मचा दी. भारत और चीन समेत कई देशों पर रियायती रेसिप्रोकल टैरिफ (Discounted Reciprocal Tariff) लगाया गया है. अब भारत की ओर से ट्रंप के इस टैक्स पर प्रतिक्रिया सामने आई है. भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए 27 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ के प्रभाव का विश्लेषण किया जा रहा है. वाणिज्य मंत्रालय इसका विश्लेषण कर रहा है. उन्होंने बताया कि अमेरिका में सभी तरह के इंपोर्ट पर सार्वभौमिक 10 फीसदी टैरिफ पांच अप्रैल से लागू होगा जबकि बाकी 16 फीसदी टैरिफ 10 अप्रैल से प्रभावी होगा. वाणिज्य मंत्रालय इन टैरिफ के प्रभावों का विश्लेषण कर रहा है. उन्होंने बताया कि इसमें एक प्रावधान है कि अगर कोई देश टैरिफ से जुड़ी हुई चिंताओं को अमेरिका के समक्ष रखता है तो ट्रंप प्रशासन उस देश पर टैरिफ की दर घटाने पर विचार कर सकता है. ट्रंप ने इस टैरिफ को रियायती बताकर बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं. भारत पर उसके 52 फीसदी की जगह 27 फीसदी टैरिफ लगाया गया है. इससे ट्रंप ने भारत के साथ बातचीत की संभावना को खुला रखा है. दोनों देश लगातार एक दूसरे के संपर्क में हैं. ट्रंप का टैरिफ भारत के लिए नहीं है झटका भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहा है. दोनों देशों का लक्ष्य इस साल सितंबर-अक्तूबर तक इस समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने का है. अधिकारी ने बताया कि ट्रंप का भारत पर यह टैरिफ झटका नहीं है बल्कि इसका मिला-जुला असर हो सकता है. बता दें कि अमेरिका ने भारत पर 27 फीसदी डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में ही अमेरिका आए थे. वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. लेकिन इस दौरे के दौरान मैंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं. भारत हमेशा अमेरिका से 52 फीसदी टैरिफ वसूलता है. बता दें कि व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दो अप्रैल को अमेरिका के लिए मुक्ति दिवस बताया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को इस लिबरेशन डे की लंबे समय से जरूरत थी. अब से दो अप्रैल को अमेरिकी इंडस्ट्री के पुनर्जन्म के तौर पर याद किया जाएगा. इसी दिन को हम अमेरिका को फिर से संपन्न राष्ट्र बनाने के तौर पर याद रखेंगे. हम अमेरिका को फिर से संपन्न बनाएंगे. सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान के बाद दुनियाभर के बाजारों में हड़कंप मच गया है. एशियाई बाजारों से लेकर अमेरिकी स्टॉक मार्केट तक, हर जगह गिरावट देखने को मिल रही है. इस फैसले का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी ने भारी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की. शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को झटका आजा यानी गुरुवार को बाजार खुलते ही भारतीय स्टॉक मार्केट में बिकवाली हावी हो गई. सेंसेक्स 805.58 अंकों की गिरावट के साथ 75,811.86 पर आ गया. निफ्टी 50 भी 182.05 अंक लुढ़ककर 23,150.30 पर कारोबार कर रहा है. हालांकि, शुरुआती कारोबार में बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिली. सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 345.21 अंक (0.45%) की गिरावट के साथ 76,272.23 और निफ्टी 77.70 अंक (0.33%) की गिरावट के साथ 23,254.65 पर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप-स्मॉलकैप में हल्की बढ़त, लार्जकैप शेयरों में दबाव शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे, जबकि लार्जकैप शेयरों में दबाव देखने को मिला. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 125 अंकों (0.24%) की बढ़त के साथ 52,183 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 121 अंकों (0.75%) की तेजी के साथ 16,283 पर कारोबार कर रहा था. फार्मा, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर में तेजी सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, मेटल और मीडिया सेक्टर में गिरावट देखी गई. वहीं, फार्मा, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली. सेंसेक्स के टॉप लूजर्स और गेनर्स इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, रिलायंस, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी और कोटक महिंद्रा बैंक टॉप लूजर स्टॉक्स रहे. वहीं, सन फार्मा, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाइटन और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर के रूप में उभरे. अमेरिकी और एशियाई बाजार भी धड़ाम ट्रंप के ऐलान के बाद अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट आई.डाउ जोन्स 2.4% गिरा,नैस्डैक 4.2% टूटा,एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 3.5% की गिरावट,टोक्यो के निक्केई 225 इंडेक्स में 2.9% की गिरावट,कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.9% टूटा और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 1.8% गिरकर बंद हुआ. क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ट्रंप ने करीब 180 देशों पर जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है. भारत पर 26 प्रतिशत, चीन पर 34 प्रतिशत, वियतनाम पर 46 प्रतिशत और यूरोपीय यूनियन पर 20 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है. इसके तहत,जापान पर 24%,दक्षिण कोरिया पर 25% टैरिफ लगाए गए हैं. इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है, जिससे बाजार में डर का माहौल बन गया है. भारतीय कंपनियों को भी इस फैसले से झटका लग सकता है, खासकर वे जो एक्सपोर्ट और टेक सेक्टर से जुड़ी हैं. ट्रंप के इस फैसले से रुपया कमजोर हो सकता है, जिससे विदेशी निवेश प्रभावित होगा. रेसिप्रोकल टैरिफ और न्यूनतम बेसलाइन टैरिफ का ऐलान: इसके अलावा, ट्रंप ने 10% न्यूनतम बेसलाइन टैरिफ की भी घोषणा की है, जो उन देशों पर लागू होगा जो अमेरिकी उत्पादों पर भारी शुल्क लगाते हैं। ट्रंप का कहना है कि यह नीति उन देशों पर दबाव बनाने के लिए है, जो अमेरिकी निर्यात के खिलाफ ऊंचे शुल्क लगाते हैं। उनका आरोप है कि अमेरिका के व्यापारिक साझेदार अपनी नीतियों से अमेरिका को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं, और इसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। ऑटोमोबाइल्स पर भारी टैरिफ: ट्रंप ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें उन्होंने विदेशी … Read more

लाभान्वित हितग्राहियों से सीधे मुलाकात कर उनकी वास्तविक स्थिति की पड़ताल करने वाले पहले राज्यपाल हैं

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका बालोद जिले में अपने दो दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिकोसा पहुँचकर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत नवनिर्मित आवासों का अवलोकन किया। उन्होंने ग्राम सिकोसा के प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभान्वित हितग्राही कमलेश साहू एवं बोधीराम तथा उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल भी पुछा। डेका ने इन दोनों हितग्राहियों से प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा शासन के अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से उन्हें मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी ली। राज्यपाल डेका ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को उपहार भेंटकर उन्हें नए आवास के सौगात मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। आज ग्राम सिकोसा में राज्यपाल रमेन डेका के आगमन को लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के साथ-साथ ग्रामीणांे में भी बड़ी उत्सुकता देखने को मिला। राज्यपाल के अपने गांव में आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि राज्य के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर विराजमान व्यक्ति का अपने गांव में उपस्थित होना हम सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है। ग्रामीणों ने कहा कि लाभान्वित हितग्राहियों से सीधे मुलाकात कर उनकी वास्तविक स्थिति की पड़ताल करने वाले पहले राज्यपाल हैं राज्यपाल डेका अपने प्रवास के दौरान समाज के जरूरतमंद एवं अंतिम पंक्ति के लोगों से मुलाकात कर धरातल पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की जानकारी ले रहे है। यह अभिनव प्रयास है। इस अवसर पर राज्यपाल डेका के प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात एवं उनके सहजता एवं सहृदयता के ग्रामीण एवं लाभान्वित हितग्राही बहुत ही अभिभूत नजर आ रहे थे। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। recent visitors 27

उत्तर बस्तर कांकेर : भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन 10 अप्रैल तक आमंत्रित

उत्तर बस्तर कांकेर भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती 2025 हेतु वेबसाईट www.joinindionarmy.nic.in  पर ऑनलाईन आवेदन 10 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अग्निवीर की भर्ती जनरल तकनीकी क्लर्क, ट्रेड्समैन आठवीं, दसवीं पास, महिला सैन्य पुलिस और रेगुलर कैडर भर्ती धर्मगुरू नर्सिंग सहयोगी और सिपाही फार्मा के पदों के लिए जारी किया गया है। अभ्यर्थी इस बार अग्निवीर के दो पदों के लिए अपनी योग्यता अनुसार आवेदन कर सकते हैं। अग्निवीर क्लर्क के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) के समय टायपिंग टेस्ट भी देना होगा तथा परीक्षा आगामी जून में होने की संभावना है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 0771-2965214 पर संपर्क किया जा सकता है।   recent visitors 36

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यपूर्ति के लिए करें क्रियान्वयन : मुख्य सचिव जैन

भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को मंत्रालय में, वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभागीय योजनाओं की लक्ष्य पूर्ति की समीक्षा एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्य निर्धारण को लेकर सभी विभागों की समीक्षा की। मुख्य सचिव जैन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में सभी विभागों की विभागीय योजनाओं की लक्ष्य पूर्ति की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक क्रियान्वयन समयपूर्वक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव जैन ने बैठक में विजन @2047 के अंतर्गत विभागीय कार्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। शासन के महत्वाकांक्षी "गरीब, अन्नदाता, युवा एवं नारी" मिशन के क्रियान्वयन से संबंधित कार्य योजना पर भी व्यापक चर्चा हुई। मुख्य सचिव जैन ने संकल्प पत्र में सभी विभागों से जुड़े समस्त संबंधित बिंदुओं पर चर्चा कर, उनके पालन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यंमत्री डॉ. यादव के प्राथमिकता वालें विषयों के क्रियान्वयन समय-सीमा में सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए, केन्द्र सरकार को भेजे जाने वाले उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं मांग स्थिति की भी जानकारी ली। जनशिकायत निवारण, अंतर्विभागीय एवं विधानसभा से जुड़े विभिन्न विषयों पर बिंदुवार चर्चा हुई। मुख्य सचिव जैन ने लंबित सीएस मॉनिट, भारत सरकार से प्राप्त अर्द्धशासकीय पत्रों की समीक्षा, पेपर कटिंग, सीएम हेल्पलाईन, ई-ऑफिस, सीपी ग्राम, विधानसभा प्रश्न एवं आश्वासन सहित कैग रिपोर्ट से संबंधित विभागीय बिंदुओं पर व्यापक चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित अंतर्विभागीय समितियों की बैठक की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक क्रियान्वयन के लिए भी निर्देशित किया। बैठक में मानव संसाधनों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई, इसके अंतर्गत भर्ती, प्रशिक्षण (मिशन कर्मयोगी) एवं न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्यों की समयपूर्वक प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग सतत् क्रियान्वयन करें एवं समय-समय पर क्रियान्वयन की समीक्षा भी सुनिश्चित करें। बैठक में समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।   recent visitors 26