Friday, July 10, 2026 3:55 pm

बस्तर के कैनवास पर अब एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही

रायपुर छत्तीसगढ़ के दक्षिणी सीमावर्ती इलाके जिनकी पहचान कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में हुआ करती थी, अब वह तेजी से विकास के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। बस्तर के कैनवास पर अब एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। यह राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़-संकल्प के चलते संभव हो पाया है राज्य के घोर नक्सल प्रभावित जिलों में विकास की नई रेखाएं खींच रही हैं। कभी पिछड़ेपन और भय का पर्याय माने जाने बस्तर क्षेत्र में आज विकास की नई इबारतें लिखी जा रही हैं। विष्णु देव सरकार की जनहितैषी नीति, नक्सलवाद उन्मूलन अभियान और समग्र विकास ने इन क्षेत्रों में सकारात्मक और परिणाममूलक परिवर्तन की शुरुआत कर दी है। राज्य के सात घोर नक्सल प्रभावित जिलों में से छह जिले कांकेर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर बस्तर संभाग के अंतर्गत आते हैं तथा एक जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी दुर्ग संभाग का हिस्सा है। इन जिलों में पिछले 15 महीनों में नक्सल उन्मूलन अभियान और विकास की रणनीति को समानांतर रूप से लागू करते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों के पैर उखाड़ने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं की बदौलत अब आमजनता तेजी से विकास मुख्यधारा से जुड़ रही है। शासन-प्रशासन की सक्रियता, जनसंपर्क और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब इन क्षेत्रों में विश्वास और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। इन जिलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बड़ी तेजी से उपलब्ध कराई गई हैं। योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित पहुंचाने का प्रयास भी लगातार जारी है। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसी योजनाओं से न केवल इन क्षेत्रों में सरकारी उपस्थिति मजबूत हुई है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी आमजन का सशक्तिकरण हुआ है। मनरेगा के तहत 29,000 नए जॉब कार्ड जारी हुए हैं, जिनमें 5,000 कार्ड ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ योजना में शामिल गांवों में बने हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में सातों जिलों में लगभग एक लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जो लक्ष्य का 107 प्रतिशत है। 15 महीनों में नियद नेल्ला नार के गांवों में 1100 आवास   स्वीकृत हुए, जिसमें 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों की संख्या 19.24 लाख से बढ़कर 21.05 लाख हो गई है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वितों की संख्या में 20.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या 3.61 लाख से अधिक हो चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में 46 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनके दायरे में आने वाले 145 गांवों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना चलाई जा रही है। इन गांवों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के 124 गांव सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं, शेष 31 पर कार्य प्रगति पर है। 145 गांवों में मार्च 2024 तक 122 स्कूल क्रियाशील थे, जो अब बढ़कर 144 हो गए हैं। विद्यार्थियों की संख्या में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है। क्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 193 से बढ़कर 202 हो गई है, और पंजीकृत बच्चों की संख्या में 30 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ है। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1302 कार्य योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 308 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 999 कार्य प्रगति पर हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 220 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की गई थी, जिसमें से 200 करोड़ रुपये प्राप्त कर लिए गए और शत्-प्रतिशत् राशि का व्यय करते हुए आधारभूत संरचना, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि संबंधी कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस समूचे बदलाव का केन्द्र बिन्दु प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और जनकेंद्रित दृष्टिकोण है। छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई जीतते हुए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का यह रूपांतरण, प्रदेश की संकल्प शक्ति और जनसहभागिता का जीवंत उदाहरण है। नसीम अहमद खान, उप संचालक recent visitors 42

नवकार महामंत्र विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है:उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म का सबसे पावन एवं शक्तिशाली मंत्र है, जो विनम्रता, अहिंसा, भाईचारे और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। यह मंत्र न केवल मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन का माध्यम है, बल्कि विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व नवकार महामन्त्र दिवस पर रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज एवं अन्य आचार्य गण से आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने किया श्रवण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज आध्यात्मिक पुनरुत्थान और सांस्कृतिक जागरण की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। भारत की आत्मा उसकी अध्यात्म-समृद्ध परंपरा में निहित है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम उस आत्मा को पुनः जाग्रत करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'नवकार महामंत्र दिवस' कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण सभी उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने श्रवण एवं दर्शन किया। जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है: मुनिआचार्य प्रमाण सागर मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नवकार महामंत्र की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब विश्व आतंक, हिंसा और युद्ध के भयावह दौर से गुजर रहा है, तब नवकार महामंत्र शांति, सह-अस्तित्व और आत्मबोध की ओर मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि महावीर का जन्म नहीं, निर्माण होता है — जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है। आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा कि सच्चा वंदन केवल बाह्य अर्चना नहीं बल्कि अपने अस्तित्व के प्रति जागरूकता है। जब हम अपने अंदर के महावीर को पहचानते हैं और उसका वंदन करते हैं, तभी हम सम्पूर्ण विश्व का वंदन कर रहे होते हैं। नवकार मंत्र की आराधना सम्पूर्ण विश्व की शांति के लिए है। उन्होंने कहा कि धर्म का आश्रय, अर्थात् सत्य, तप, अनुशासन और धैर्य को जीवन में अपनाना आवश्यक है। धर्म को अपने स्वभाव और प्रवृत्ति में लाने से ही समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जयंत मलैया, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जैन संत समाज के पूज्य संतगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।   recent visitors 43

डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, फार्मास्यूटिकल्स पर भी जल्द लगाया जाएगा टैरिफ, जानिए किन सामानों के एक्सपोर्ट पर क्या असर होगा

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तकरीबन 180 देशों पर लगाया गया रेसिप्रोकल टैरिफ आज से लागू हो गया है. सुबह 9.31 बजते ही भारत पर लगाया गया 26 फीसदी टैरिफ लागू हो गया. भारत पर लगाए गए इस टैरिफ के बाद आज से अमेरिका में निर्यात किए जाने वाले हर भारतीय सामान पर 26 फीसदी शुल्क लगेगा. कहा जा रहा है कि इस टैरिफ का भारत पर कई स्तरों पर असर देखने को मिल सकता है. अमेरिका में भारत के सामान पर 26 फीसदी टैरिफ लगाने से यकीनन उस सामान की कीमत बढ़ेगी. इससे वहां भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है, खासकर उन देशों की तुलना में जिन पर कम टैरिफ लगाया गया है. भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न और आभूषण, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल हैं. ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का सबसे ज्यादा असर दवाओं पर पड़ेगा. भारत से अमेरिका में सस्ती दवाएं जाती हैं. भारत से अमेरिका 12 अरब डॉलर से ज्यादा की दवाएं और फार्मा प्रोडक्ट्स लेता है. 2023-24 में भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस 35.32 अरब डॉलर था. टैरिफ से यह सरप्लस कम हो सकता है. कॉमर्स मिनिस्ट्री के मुताबिक, भारत से 73.7 अरब डॉलर का निर्यात जबकि अमेरिका से 39.1 अरब डॉलर का आयात होता है. हालांकि, अमेरिकी सरकार के आंकड़े इससे अलग हैं. अमेरिका के आंकड़े बताते हैं कि भारत से 91.2 अरब डॉलर का निर्यात तो 34.3 अरब डॉलर का आयात होता है. अमेरिका के साथ कारोबार करना भारत के लिए फायदे का सौदा रहा है क्योंकि उसके इंपोर्ट कम और एक्सपोर्ट ज्यादा है. टैरिफ के कारण एक्सपोर्ट कम हो सकता है. लेकिन भारत पर टैरिफ क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दोस्ती जगजाहिर है. दोनों एक-दूसरे को अच्छा दोस्त बताते हैं. 'हाउडी मोदी' और 'नमस्ते ट्रंप' रैलियों को इसका सशक्त उदाहरण भी बताया जाता है. लेकिन ट्रंप कई मौकों पर भारत को टैरिफ किंग बता चुके हैं. ट्रंप ने कहा था कि भारत बहुत अधिक टैरिफ लगाता है यह बहुत Brutal है. ऐसे में ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के आंकड़ों की माने तो भारत में औसत टैरिफ सबसे ज्यादा है. भारत में औसत टैरिफ 17 फीसदी तो अमेरिका में 3.3 फीसदी ही है. ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका से आने वाले खाने-पीने के सामान, मांस और प्रोसेस्ड फूड पर भारत में 37.66 फीसदी टैरिफ लगता है, जबकि इन्हीं सामानों पर भारत, अमेरिका में 5.29 फीसदी टैरिफ देता था. अब तक ऑटोमोबाइल पर भारत 24.14 फीसदी तो अमेरिका 1.05 फीसदी टैरिफ लगाता आया है. शराब पर भारत 124.58 फीसदी तो अमेरिका 2.49 फीसदी टैरिफ वसूलता है. सिगरेट और तंबाकू पर अमेरिका में 201.15 फीसदी तो भारत में 33 फीसदी टैरिफ लगता रहा है. ट्रंप का मानना है कि टैरिफ की मदद से अमेरिका का व्यापार घाटा कम किया जा सकता है. व्यापार घाटा उस स्थिति को कहा जाता है जब कोई देश किसी दूसरे देश से आयात ज्यादा करता है लेकिन निर्यात कम करता है. भारत और अमेरिका के बीच करीब 45 अरब डॉलर का व्यापार घाटा है. वहीं, कैबिनेट की आज सुबह 11 बजे की मीटिंग में ट्रंप के टैरिफ के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. केंद्रीय कैबिनेट आज से लागू होने जा रहे टैरिफ को लेकर भारत की रणनीति पर चर्चा कर सकती है. कहा जा रहा है कि इसे लेकर सरकार निर्यातकों के संपर्क में हैं. वाणिज्य मंत्रालय आज निर्यातकों के साथ बैठक भी कर सकता है. जल्द ही दवाओं पर भी लगाएंगे भारी भरकम शुल्क अमेरिका के राष्ट्रपति और टैरिफ किंग डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा धमाका किया है। दुनियाभर के 180 से अधिक देशों पर 2 अप्रैल को पारस्परिक टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने अब एलान किया है कि जल्द ही दवाओं के आयात पर शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका जल्द ही दवा आयात पर बड़े टैरिफ की घोषणा करेगा। नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि इस टैरिफ से दवा कंपनियों को अपना कारोबार अमेरिका में सेटअप करना पड़ेगा। चीन पर लगाया 104 फीसदी टैरिफ मंगलवार की आधी रात से सभी देशों से अमेरिका आने वाले सामानों पर टैरिफ की नई दर लागू हो गई है। इस बीच ट्रंप ने चीन पर 104 फीसदी टैरिफ का एलान किया है। पहले चीन पर अमेरिका ने कुल 54 फीसदी टैरिफ लगाया था। जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर 34 फीसदी टैरिफ की घोषणा की। इससे डोनाल्ड ट्रंप भड़क उठे थे। इस बीच ट्रंप ने मंगलवार को चीन पर अमेरिकी टैरिफ से बचने की खातिर अपनी मुद्रा में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि आपको उन्हें जवाब देना होगा। वे आज टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए अपनी मुद्रा में हेरफेर कर रहे हैं। बातचीत में जुटे 70 देश ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि 70 देशों के साथ व्यापार के मुद्दे पर बात चल रही है। हर देश के साथ एक कस्टम-मेड डील पर सहमत होने की कोशिश है। कई नेताओं से ट्रंप ने की बात डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा से बात की और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू से भी बात की। अमेरिका इस बात पर खफा है कि चीन ने बातचीत के बजाय जवाबी शुल्क लगाने का फैसला किया, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप हर समय फोन उठाने को तैयार हैं। recent visitors 56

मुरैना में डिप्टी कलेक्टर का वाहन हुआ दुर्घटना का शिकार, सड़क पर अचानक प्रकट हुए को बचाने में हादसा

मुरैना  एक बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में भिंड डिप्टी कलेक्टर की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई. जिससे कार में सवार डिप्टी कलेक्टर सहित 3 लोग घायल हो गए. घायलों को पोरसा सिविल हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर भेज दिया गया. घटना पोरसा थाना क्षेत्र स्थित भिंड रोड शहीद पेट्रोल पंप के पास की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर का शासकीय वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे 5 फीट गहरी खाई में जा गिरा था. बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, भिंड जिले के मिहोना में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर विकास तैमोर मंगलवार को किसी काम से मुरैना आ रहे थे. उनकी कार में ड्राइवर संजीव कुमार के अलावा उनका सहायक सवार था. बताया जा रहा है कि कार तेज स्पीड में पोरसा कस्बे के नजदीक भिंड रोड पर स्थित शहीद पेट्रोल पंप से सामने से गुजर रही थी तभी सामने से एक बुजुर्ग आ गया. चालक ने बुजुर्ग को बचाने के लिए ब्रेक लगा दिया, जिससे तेज रफ्तार कार सड़क किनारे करीब 5 फीट गहरी खाई में गुलाटी मारते हुए पलट गई. बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर ले जाया गया मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को कार से बाहर निकाला और उन्हें पोरसा सिविल अस्पताल ले गए. जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. हालांकि बेहतर उपचार के लिए जिला प्रशासन ने तीनों को निजी एंबुलेंस से ग्वालियर भेज दिया. घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. पोरसा हास्पिटल में पदस्थ डॉ. मयंक शर्मा ने बताया कि "3 लोगों को घायल अवस्था में यहां लाया गया था. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मुरैना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है." पहले भी मुरैना में डिप्टी कलेक्टर की कार का एक्सीडेंट हुआ था सालभर पहले भी मुरैना में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर वंदना जैन की जीप से हाइवे पर एक बाइक सवार महिला-पुरुष टकरा गए थे. इस घटना के बाद वंदना जैन ने घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया था. इतना ही नहीं जब तक घायलों का उपचार नहीं हुआ तब तक डिप्टी कलेक्टर अपने कार्यालय नहीं गई थीं. recent visitors 39

‘नवकार महामंत्र दिवस’: पीएम बोले- सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'नवकार महामंत्र दिवस' पर आयोजित 'नवकार महामंत्र' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिना जूते के पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने मंच पर नहीं बल्कि आम लोगों के साथ बैठकर कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक धोती और कुर्ता धारण किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैन धर्म ने भारत की पहचान स्थापित करने में अमूल्य भूमिका निभाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके मूल्य आतंकवाद, युद्ध और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से पार पाने में मददगार हैं। पीएम मोदी ने 'नवकार महामंत्र दिवस' के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों की शिक्षाओं और मूर्तियों के जरिए इस धर्म का प्रभाव संसद भवन पर दिखाई देता है। क्यों मनाया जाता है नवकार महामंत्र दिवस? नवकार महामंत्र दिवस आध्यात्मिक सद्भाव और नैतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जो जैन धर्म में सबसे अधिक पवित्र है। इस नवकार महामंत्र के सामूहिक जप के माध्यम से लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जाता है। इस दौरान 108 से अधिक देशों के लोग शांति और एकजुटता के लिए वैश्विक जप में शामिल हुए। अनेकांतवाद के सिद्धांत का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया को इसकी बहुत जरूरत है क्योंकि इसके तहत विभिन्न दृष्टिकोणों की सराहना की जाती है। अनेकांतवाद जैन धर्म में गैर-निरपेक्षता को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख सिद्धांत है। इसके तहत यह माना जाता है कि अंतिम सत्य को अलग-अलग तरीके से देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में जीवन की पारस्परिक निर्भरता का खासा महत्व है और इसलिए इसमें मामूली हिंसा पर भी रोक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शांति, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे अच्छा सबक है। मोदी ने कहा कि जैन साहित्य भारत की आध्यात्मिक भव्यता की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इसे संरक्षित करने के लिए कई कदम उठा रही है, जिसमें इसके प्राचीन ग्रंथों का डिजिटलीकरण और पाली व प्राकृत को शास्त्रीय भाषा घोषित करने की हालिया योजना भी शामिल है। मोदी ने लोगों से जल संरक्षण, अपनी मां की याद में एक पेड़ लगाना, स्वच्छता को बढ़ावा देना, स्थानीय लोगों के लिए मुखर होना, देश में यात्रा करना, प्राकृतिक खेती को अपनाना, मोटे अनाजों का अधिक सेवन कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और खाद्य तेल के उपयोग में 10 प्रतिशत की कटौती करना, गरीबों की मदद करना और खेल तथा योग को दिनचर्या में सम्मिलित करने समेत नौ प्रतिज्ञाएं लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से देश भर में एकता का संदेश ले जाने और "भारत माता की जय" कहने वाले किसी भी व्यक्ति को गले लगाने को कहा। recent visitors 40

अधेड़ उम्र के शख्स ने किया 13 साल की बच्ची से रेप, कुछ दिन पहले ही जेल से छूटा था आरोपी

शहडोल मध्य प्रदेश के शहडोल से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 54 वर्षीय अधेड़ ने 13 साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया। चौंकाने वाली बात ये है कि आरोपी बच्ची से दुष्कर्म मामले में दस साल की सजा पा चुका है, और हाल ही में रिहा हुआ था। वहीं ये घटना पूर्व मंत्री के निर्माणाधीन मकान में अंजाम दी गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार बीते सुबह थाना कोतवाली इलाके के पांडव नगर स्थित निजी स्कूल में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा घर से साइकिल से जा रही थी। तभी स्कूल के समीप पंकज पिता प्रकाश चंद्र कटारे (54) ने उसे रोका और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ पूर्व मंत्री के पांडव नगर स्थित निर्माणाधीन मकान में ले गया और तीसरी मंजिल पर उसके साथ उसने दुराचार किया। पता चला है कि आसपास रहने वाले किसी व्यक्ति ने छात्रा को उक्त मकान के अंदर ले जाते देख पुलिस को इसकी सूचना दी। लेकिन जब तक पुलिस वहां पहुंचती आरोपी छात्रा की अस्मत लूट चुका था। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, आरोपी वारदात को अंजाम देकर भागने की फिराक में था लेकिन उसे वहीं दबोच लिया गया। पूर्व में भी जा चुका है जेल पता चला है कि आरोपी पंकज कटारे पूर्व में भी दुराचार व पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल जा चुका है। उसे 10 वर्ष के कारावास से दण्डित किया जा चुका है। वह गत वर्ष ही जेल से रिहा हुआ है। इसके बाद एक बार फिर आरोपी ने हैवानियत दिखाते हुए छात्रा के साथ फिर वैसी ही वारदात को अंजाम दिया। पॉश इलाके में वारदात पर उठे सवाल पांडव नगर स्थित जिस जगह पर आरोपी ने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया, वह एरिया शहर का पॉश इलाका कहलाता है। वहीं समीप ही जिले के एक पुलिस अधिकारी का भी शासकीय आवास है। आरोपी ने उस पॉश एरिया में बिना किसी भय के ऐसी वारदात को अंजाम दिया। लोगों का कहना है कि जिस इलाके में पुलिस अफसर का घर हो, पूर्व मंत्री का मकान बन रहा हो, वो इलाके भी सुरक्षित नहीं हैं। इस पॉश एरिया में एक बड़ी निजी स्कूल के साथ कन्या महाविद्द्यालय व पॉलिटेक्निक कॉलेज भी मौजूद हैं। जहां हर दिन सैकड़ों छात्राए पढ़ने जाती हैं। ऐसे में इस वारदात के बाद सवाल उठाना लाज़िमी है। recent visitors 27

हमीरपुर : जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने खेत में काटी गेहूं की फसल

 हमीरपुर अक्सर हम अफसरों को हम फाइलों के साथ मीटिंग्स  या फिर दौरा करते हुए देखते हैं, लेकिन जब कोई कलेक्टर खुद खेत में उतरकर किसानों के साथ काम करे, तो वो तस्वीर खास बन जाती है. यूपी के हमीरपुर जिले के जिलाधिकारी घनश्याम मीणा कुछ ऐसा ही कर गए. भीषण गर्मी के बीच खेत में उतरकर गेहूं की कटाई की, वो भी हंसिया चलाकर. ये नजारा था हमीरपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव कुछेछा का, जहां डीएम गेहूं के खेत में खुद कटाई का काम किया. इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. डीएम ने किसानों के साथ की बातचीत दरअसल, डीएम घनश्याम मीणा फसल कटाई आंकलन और उत्पादकता मूल्यांकन के लिए गांव पहुंचे थे. जिले में कृषि उपज का सही डेटा तैयार करने के लिए यह फील्ड विजिट की गई थी. मौके पर उन्होंने खेत मालिक से फसल की स्थिति, मेहनत, लागत और कमाई से जुड़ी कई बातों की जानकारी ली. उन्होंने न केवल ज़मीनी हकीकत को समझा, बल्कि किसानों को यह भी प्रोत्साहित किया कि वर्ष में एक से अधिक फसल कैसे ली जा सकती है, ताकि आय में इजाफा हो सके. ट्वीट से वायरल हुआ खेत वाला वीडियो हमीरपुर डीएम ऑफिस के ट्विटर हैंडल @DmHamirpurUp से एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें घनश्याम मीणा हंसिया से गेहूं की फसल काटते नजर आ रहे हैं. वीडियो के साथ कैप्शन में बताया गया कृषि उपज के अनुमानों का आकलन करने एवं उत्पादकता के आंकड़ों के संकलन हेतु मुख्यालय के कुछेछा स्थित गेहूं के खेत में आज क्रॉप कटिंग की गई. किसान से कृषि कार्यों के संबंध में जानकारी ली तथा वर्ष में एक से अधिक फसल लेने हेतु प्रोत्साहित किया. इस पहल को लोग सोशल मीडिया पर खूब सराह रहे हैं. कुछ यूज़र्स ने लिखा कि इसे कहते हैं प्रशासनिक संवेदनशीलता., तो किसी ने कहा – अगर हर जिले में ऐसे डीएम हों, तो किसानों की तकदीर बदल जाएगी. recent visitors 41