Friday, July 10, 2026 5:05 pm

मध्यप्रदेश के 30 जिलों में लू का अलर्ट, 11 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम, बारिश होगी

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को गुना, रतलाम और नर्मदापुरम जैसे शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जहां लू भी चली। मौसम विभाग ने जबलपुर और ग्वालियर समेत कुल 30 जिलों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, धार में न केवल दिन बल्कि रातें भी गर्म रहेंगी। अशोकनगर, गुना, रतलाम, मंदसौर और नीमच में हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।     मंगलवार को गुना, रतलाम-नर्मदापुरम में पारा 43 डिग्री के पार रहा। यहां लू भी चली। मौसम विभाग ने बुधवार को जबलपुर-ग्वालियर समेत 30 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। IMD, भोपाल के अनुसार, धार में दिन के साथ रात भी गर्म रहेगी। अशोकनगर, गुना, रतलाम, मंदसौर और नीमच में हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, दमोह, जबलपुर, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, उज्जैन और आगर-मालवा में लू का यलो अलर्ट है। 10 अप्रैल को भी रतलाम, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार, जबलपुर और मंडला में भी लू चलेगी। 11 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम, बारिश होगी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अभी पश्चिमी राजस्थान से पश्चिमी विदर्भ तक एक टर्फ एक्टिव है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस), साइक्लोनिक सकुर्लेशन का भी असर है। इस वजह से गर्मी का असर है, लेकिन 11 और 12 अप्रैल को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में मौसम बदल जाएगा। कहीं बादल छाए रहेंगे तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। जिन जिलों में मौसम बदलेगा, उनमें इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत 30 जिले शामिल हैं। तेज गर्मी के बीच एमपी में बारिश इधर, मंगलवार को मौसम के दो रंग देखने को मिले। तेज गर्मी के बीच बारिश भी हुई। छिंदवाड़ा में गरज-चमक के साथ पानी गिरा। बैतूल, डिंडौरी और पांढुर्णा में भी मौसम बदला रहा। वहीं, गुना में 43.4 डिग्री, रतलाम-नर्मदापुरम में पारा 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार में 42.9 डिग्री, सागर में 42.5 डिग्री, शाजापुर, खजुराहो-नौगांव में 42.4 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 41.2 डिग्री, इंदौर में 41.1 डिग्री, ग्वालियर में 41.9 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और जबलपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसा रहेगा अप्रैल में मौसम     पहला सप्ताह ऐसा रहा: रात का तापमान सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस बना रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही।     दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और चंबल संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा यानी 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। पूर्वी नम हवाओं के कारण थोड़ी राहत के साथ भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य यानी 22-24 डिग्री बना रहेगा। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से बढ़कर 41 से 43 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 2 से 3 दिन लू भी चल सकती है। इस दौरान बारिश होने की संभावना नहीं है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छा सकते हैं।     तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है।     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। recent visitors 31

MP में आठ साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया पुनः शुरू होगी, चार लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। आठ साल से रुकी पड़ी पदोन्नति की प्रक्रिया को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे चार लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 8 अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक के बाद वीडियो संदेश के जरिए यह खुशखबरी सुनाई। सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद नए नियमों के साथ पदोन्नति की तैयारी की है, जिससे कर्मचारी जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह कदम न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। हालांकि, पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन सरकार ने वैकल्पिक रास्ता तलाशकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। मेरिट और वरिष्ठता बनेगी आधार सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पदोन्नति के नए नियमों में मेरिट के साथ-साथ वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाएगी। एक अप्रैल 2025 से पदोन्नत कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिल सकता है। सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि कैबिनेट से नियम पारित होते ही विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कर आदेश जारी करें। कार्यवाहक पदों पर दी गई अस्थायी पदोन्नति की पुन: डीपीसी होगी, ताकि उन्हें भी वरिष्ठ पद का आर्थिक लाभ मिल सके। खास बात यह है कि 2002 से पदोन्नत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) कर्मचारियों को पदावनत नहीं किया जाएगा। यह फैसला कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम है। आरक्षण विवाद ने रोकी थी पदोन्नति     पदोन्नति में आरक्षण का मामला 2016 से उलझा हुआ है। निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने हाई कोर्ट जबलपुर में याचिका दायर कर पदोन्नति नियम 2002 को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया, जिसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची।     सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के चलते मई 2016 से पदोन्नति ठप हो गई थी। इस दौरान एक लाख से अधिक कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो गए। इस लंबे अंतराल ने कर्मचारियों में असंतोष पैदा किया था, जिसे अब सरकार दूर करने की कोशिश में है। शिवराज सरकार में बने नियम, पर नहीं बनी सहमति     तत्कालीन शिवराज सरकार ने कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज गोरकेला से नए नियम तैयार करवाए थे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।     उसके बाद तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में समिति बनी, जिसने कर्मचारी संगठनों से बातचीत की, पर कोई समाधान नहीं निकला। अंतरिम उपाय के तौर पर पात्र कर्मचारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया गया, लेकिन यह स्थायी हल नहीं था। इस स्थिति ने कर्मचारियों के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया था। विधि विभाग ने दिखाई राह     पदोन्नति का रास्ता विधि एवं विधायी विभाग ने सुझाया। कर्मचारियों की याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने माना कि आरक्षण नियम भले ही निरस्त हुए हों, लेकिन विभागीय भर्ती नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। इन नियमों के तहत एक निश्चित अवधि के बाद वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान है।     हाई कोर्ट के आरपी गुप्ता प्रकरण के आदेश के आधार पर समिति बनाकर भर्ती नियम 2010 के तहत नए पदों को शामिल करते हुए पदोन्नति का फैसला लिया गया। ये पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी, जिससे कानूनी पेचीदगियां टाली जा सकें। मुख्यमंत्री का संदेश: जल्द मिलेगा हक     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा, “पदोन्नति के उलझे मामले सुलझने की ओर बढ़ रहे हैं। लंबे समय से कर्मचारी इस अवसर से वंचित थे। कई तो बिना पदोन्नति के रिटायर हो गए। एक ही सीट पर बैठे हुए हक न मिलना अटपटा लगता है।     अलग-अलग स्तर पर विचार-विमर्श के बाद हमने रास्ता तलाशा है। सभी वर्गों को सहमत कर मार्ग प्रशस्त किया गया है। मुझे खुशी है कि कैबिनेट के निर्णय से जल्द ही कर्मचारियों को यह सुखद सूचना देंगे।” उनके इस बयान ने कर्मचारियों में उम्मीद जगाई है। कर्मचारियों की संख्या और प्रभाव     मार्च 2024 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में प्रथम श्रेणी के 8,286, द्वितीय श्रेणी के 40,020, तृतीय श्रेणी के 5,00,048 और चतुर्थ श्रेणी के 58,522 नियमित कर्मचारी हैं। पिछले एक साल की भर्तियों के साथ यह संख्या सात लाख से अधिक हो गई है।     चार लाख से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने से प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा आएगी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। यह निर्णय सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति को भी दर्शाता है।   recent visitors 29

Kia के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से कारों के 900 इंजन हो गए चोरी, साल मार्च में ऑडिट के दौरान यह चोरी पकड़ी गई

तिरुपति आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पेनकोंडा के पास किआ मोटर्स (Kia Motors) की कार बनान की फैक्ट्री है। इस फैक्ट्री से बीते पांच साल में करीब 900 इंजन चोरी हो गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब कंपनी ने बीते मार्च के दौरान पूरे साल का ऑडिट किया। पुलिस ने शुरू की जांच हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार शुरुआत में किआ मोटर्स शिकायत दर्ज कराने में हिचकिचा रही थी। वे चाहते थे कि पुलिस बिना औपचारिक शिकायत के ही मामले की जांच करे। लेकिन पुलिस ने साफ़ कह दिया कि बिना शिकायत के जांच नहीं हो सकती। इसके बाद किआ मोटर्स ने 19 मार्च को पेनकोंडा इंडस्ट्रियल एस्टेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। श्री सत्य साईं जिले के SP वी. रत्ना ने किआ मोटर्स के कारखाने का दौरा किया और सारे रिकॉर्ड देखे। उन्होंने कहा, "हमने मामले की जांच के लिए तीन विशेष टीमें बनाई हैं। हमारी टीमें महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने के लिए पूरे देश में जा रही हैं। मामले की जांच तेजी से चल रही है।" 2020 से हो रही है चोरी पेनकोंडा के DSP वाई. वेंकटेश्वरुलु भी जांच टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि किआ मोटर्स में इंजन की चोरी 2020 में शुरू हुई थी। उन्होंने कहा, "शुरुआती जांच से पता चला है कि पिछले पांच सालों में 900 इंजन धीरे-धीरे और योजना बनाकर चुराए गए हैं। यह निश्चित रूप से किसी अंदर के आदमी का काम है। हमें शक है कि किआ मोटर्स के कुछ पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों ने मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया है।" प्लांट से चोरी हुए इंजन पहले पुलिस को शक था कि तमिलनाडु से पेनकोंडा के किआ मोटर्स प्लांट में आते समय इंजन चोरी हो गए होंगे। लेकिन जांच के बाद पता चला कि सारे इंजन प्लांट से ही चुराए गए थे। चोरों ने रिकॉर्ड में भी हेरफेर किया। दूसरी तरफ, किआ मोटर्स ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि पुलिस अभी जांच कर रही है। लेकिन कंपनी ने यह जरूर कहा कि इंजन चोरी होने से कारखाने के उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्रोडक्शन पर असर नहीं किआ मोटर्स के एक प्रतिनिधि ने TOI को बताया, "हम हर साल लगभग 3-4 लाख गाड़ियां बनाते हैं। 900 इंजन चोरी होने से उत्पादन में कोई कमी नहीं आई है।" वैसे यह घटना कई सवाल खड़े करती है। इतनी बड़ी संख्या में इंजन कैसे चोरी हो गए? क्या कारखाने में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी? क्या कंपनी के अंदर कुछ लोग चोरों के साथ मिले हुए थे? पुलिस इन सभी सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश कर रही है। यह भी सोचने वाली बात है कि इंजन चोरी होने के बाद भी कंपनी को इसका पता क्यों नहीं चला। क्या कंपनी के ऑडिट सिस्टम में कोई कमी थी? क्या कर्मचारियों ने चोरी को छिपाने की कोशिश की? recent visitors 26

EPFO मेंबर्स के लिए सरकार ने किया बड़ा काम, अब सिर्फ फेस वेरिफिकेशन से हो जाएगा ये बड़ा काम

नई दिल्ली  एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जेनरेट और एक्टिवेट करने के लिए फेस ऑथंटिकेशन टेक्नॉलजी की सुविधा शुरू की है। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने  यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब कर्मचारी उमंग ऐप (Umang App) इस्तेमाल कर आधार फेस ऑथेन्टिकेशन टेक्नॉलजी से खुद अपना UAN बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी नियोक्ता अपने नए कर्मचारी का UAN इस तरह खुद इसी प्रोसेस से बना सकता है। मांडविया ने बताया कि जिन पुराने सदस्यों का UAN एक्टिवेट नहीं हुआ है, वे भी उमंग ऐप से इसे एक्टिवेट कर सकते हैं। मांडविया ने बताया, 'EPFO जल्दी ही जीवन प्रमाण (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) को भी फेस ऑथंटिकेशन के जरिए प्रमोट करेगा, जिससे पेंशनधारकों को घर पर सेवाएं मिल सकेगी मांडविया ने कहा, UAN जेनरेट करने के लिए आमतौर पर एंप्लॉयर कर्मचारी का डेटा EPFO को भेजता था और डेटा आधार से वेरिफाई किया जाता था, लेकिन पिता का नाम, मोबाइल नंबर जैसी जानकारी में कई बार गलतियां हो जाती थी, जिससे कर्मचारियों को क्लेम या दूसरे बेनेफिट के लिए बाद में डेटा अपडेट कराना पड़ता था। कई मामलों में कर्मचारी का मोबाइल नंबर गलत होने या उसकी जानकारी ही नहीं दिए जाने के चलते EPFO उनसे संपर्क नहीं कर पाता था। लेकिन फेस ऑर्थोटिकेशन टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से ऐसी दिक्कतें नहीं होंगी और करोड़ों कर्मचारियों को कॉन्टैक्टलेस और सुरक्षित सेवा मिलेगी।' इसके अलावा EPFO मेंबर पोर्टल पर आधार ओटीपी वैलिडेशन के जरिए UAN एक्टिवेशन की प्रक्रिया है, जिसे मेंबर को पूरा करना होता है। इसमें भी कई बार कन्फ्यूजन की स्थिति बन जाती है। मांडविया ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 1,26,56,127 UAN जनरेट हुए, लेकिन 44,68,236 यानी करीब 35% ही एक्टिवेट हुए। इस तरह खुद जेनरेट करें UAN     प्लेस्टोर से उमंग ऐप (Umang App) डाउनलोड कर इंस्टॉल करें।     AadhaarFaceRD App भी डाउनलोड करे और इंस्टॉल करे।     उमंग ऐप खोलें और UAN अलॉटमेंट एंड एक्टिवेशन पर जाएं।     आधार नंबर और आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालें।     कंसेट देने के लिए चेकबॉक्स पर टिक करें और OTP वेरिफाई करें।     इसके बाद कैमरा ऑन होगा, लाइव फोटो लें।     जब बॉर्डर हरे रंग में बदल जाए, तो फोटो कैप्चर पूरा होगा, जैसे डिजियात्रा ऐप में होता है।     फोटो आधार डेटाबेस से मिलाया जाएगा सफल मैचिंग के बाद UAN SMS से भेजा जाएगा।     UAN जेनरेट होते ही ऑटो एक्टिव हो जाएगा। उमंग ऐप या मेबर पोर्टल से UAN कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। recent visitors 55

सगा चाचा ही निकला आरोपी, अब वकीलों का बड़ा फैसला, आरोपी का कोई भी अधिवक्ता केस नहीं लड़ेगा

दुर्ग त्तीसगढ़ के दुर्ग रेप केस में वकीलों ने बड़ा फैसला लिया है। दुर्ग जिला बार काउंसिल ने अदालत में आरोपी की पैरवी नहीं करने का फैसला किया है। जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली बच्ची रविवार की सुबह नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन के लिए पड़ोस में अपनी दादी के घर गई थी। इस दौरान उसे अकेला पाकर उसके 24 वर्षीय चाचा ने उसका यौन उत्पीड़न किया और उसकी हत्या कर दी, आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को विभिन्न संगठनों ने छह वर्ष की बालिका के साथ बलात्कार एवं उसकी हत्या की घटना की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समुदाय के सदस्यों ने शहर में रैलियां निकाली, यादव समाज ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। यादव समाज ने दुर्ग जिले के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पीड़िता की मां को 50 लाख रुपए की सहायता और उन्हें सरकारी नौकरी देने की मांग की है। बच्ची यादव समाज से आती है। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा की छत्तीसगढ़ इकाई के महासचिव प्रीतम यादव ने कहा, ''हमने घटना की सीबीआई जैसी एजेंसियों से विस्तृत जांच की मांग की है। आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। हमने पीड़िता की मां को 50 लाख रुपए की सहायता और उन्हें सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है।' कोर्ट में केस नहीं लड़ेंगे वकील वहीं, दुर्ग बार काउंसिल की अध्यक्ष नीता जैन ने इस कृत्य को जघन्य और अमानवीय करार देते हुए कहा कि अधिवक्ता संघ ने आरोपी की पैरवी नहीं करने का फैसला किया है। पीड़िता को सिगरेट से प्रताड़ित किए जाने और उसके शरीर पर जलने के निशान होने की खबरों के बीच दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने कहा कि पीड़िता की पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है तथा मामले की जांच जारी है। कन्या भोज खाने गई थी बच्ची पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह आरोपी घर में अकेला था, जबकि बालिका की दादी और एक अन्य रिश्तेदार मंदिर गए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची का यौन उत्पीड़न किया, उसकी हत्या की और बाद में उसके शव को पड़ोसी की कार में रख दिया। उन्होंने बताया कि कार नियमित रूप से वहां खड़ी रहती थी और आरोपी को पता था कि उसका एक दरवाजा खुला रहता है। अधिकारियों ने बताया कि जब बच्ची शाम तक घर नहीं लौटी, तो उसके परिवार के सदस्यों ने खोजबीन शुरू की और बाद में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस को रात में पड़ोस में कार के अंदर शव मिला। पुलिस ने बताया कि बच्ची के शरीर पर चोट के निशान थे और मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। recent visitors 28

बीजापुर में सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि माओवादी विचारधारा से वह परेशान हो गए

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। मंगलावर को 22 नक्सलियों ने जवानों के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले 22 में से चार नक्सलियों के सिर पर 26 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि माओवादी विचारधारा से वह परेशान हो गए थे। इसलिए समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते थे। जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया उनके खिलाफ कई मामलों में केस दर्ज है। नक्सलियों के सरेंडर की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में चार इनामी नक्सलियों कमली हेमला उर्फ सोमे, मुया माड़वी उर्फ राजेश, सोनू तांती और महेश पुनेम समेत 22 उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली कमली हेमला पीएजीए बटालियन नंबर एक की सदस्य है तथा उसके सर पर आठ लाख रुपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि नक्सली मुया माड़वी तेलंगाना स्टेट कमेटी के अंतर्गत पार्टी सदस्य है तथा उस पर भी आठ लाख रुपए का इनाम है। आत्मसमर्पण करने वाले पश्चिम बस्तर डिवीजन प्रेस टीम के कमांडर सोनू ताती और पीएलजीए सदस्य महेश पुनेम पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम है। अधिकारियों ने बताया कि मुया माड़वी उर्फ राजेश 19 साल का है, सोनू तांती 28 और महेश पुनेम 20 साल का है। संगठन के भीतर बड़ा मतभेद सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि नक्सली संगठन के विचारों से मोहभंग हो गया है तथा वह संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद से परेशान थे। उन्होंने समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने के लिए आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। उन्होंने खुलासा किया की जवानों की लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सली संगठन खौफ में हैं। संगठन कमजोर हो रहे हैं। 50-50 हजार मिली सहायता राशि अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने वाले सभी माओवादियों को प्रोत्साहन के रूप में 50-50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक नक्सली घटनाओं में शामिल 172 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं तथा 179 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 83 नक्सली मारे गए हैं। एसपी ने की सरेंडर की अपील बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने नक्सलियों से कहा है कि वे बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों, जहां वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें। recent visitors 44

चेन्नई के खिलाफ युजवेंद्र चहल की टीम पंजाब को चीयर्स करती नजर आईं आरजे महवश

नई दिल्ली सोशल मीडिया स्टार आरजे महवश यूं तो क्रिकेट युजवेंद्र चहल से डेटिंग की अफवाह को खारिज कर चुकी हैं, लेकिन मंगलवार को वह चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पंजाब किंग्स को चीयर्स करती नजर आई थीं। चहल पंजाब किंग्स की तरफ से ही खेलते हैं। न्यू पीसीए क्रिकेट स्डेडियम, मुल्लांपुर में खेले गए मैच में पंजाब ने 18 रन से जीत हासिल की। महवश मैच के दौरान स्टेडियम में महवश की मौजूदगी चहल के साथ उनके अफेयर्स की अफवाह को पंख ही लगा रही है। आरजे महवश और युजवेंद्र चहल के बीच कुछ-कुछ है, इसकी सबसे पहले अफवाह तब उड़ी जब वह 10 मार्च को क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ चैंपिंयंस ट्रॉफी फाइनल में टीम इंडिया को चीयर करती नजर आई थीं। चहल के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया। फाइनल में टीम इंडिया की जीत के बाद महवश ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें वह चहल के साथ टीम इंडिया की जीत को सेलिब्रेट करती नजर आई थीं। युजवेंद्र चहल का हाल ही में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धनश्री के साथ तलाक हुआ है। इस वजह से भी आरजे महवश के साथ उनके देखे जाने पर उनकी डेटिंग की अफवाह ने जोर पकड़ लिया। recent visitors 32