जुनून है खेल का, जज़्बा है जीत का बंजी के मैदान से उड़ान भरते सपनों का कारवां

मनेन्द्रगढ़ मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम बंजी स्थित खेलो इंडिया लघु कबड्डी प्रशिक्षण केंद्र में युवा खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण देकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को तराश कर उन्हें प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करना है। प्रशिक्षण केंद्र में वर्तमान में 12 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के लगभग दो दर्जन खिलाड़ी प्रतिदिन अभ्यास करते हैं। इन खिलाड़ियों को फेडरेशन कप, छत्तीसगढ़ कबड्डी प्रीमियर लीग (CKPL) एवं अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं, 19 से 25 वर्ष के युवा खिलाड़ी भी उन्नत स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। प्रशिक्षण केंद्र का संचालन जिला कबड्डी संघ के कुशल मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष श्री आनंद कुमार मरकाम हैं। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी अनुभवी कोच रूप सिंह मरकाम द्वारा निभाई जा रही है, जिनका वर्षों का अनुभव युवाओं के मार्गदर्शन में योगदान दे रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा (भगतबाबू) प्रशिक्षण शिविर का दौरा कर खिलाड़ियों से संवाद किया तथा उनकी आवश्यकताओं और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया और कबड्डी के विकास हेतु हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। आनन्द सिंह मरकाम, जो कि कबड्डी संघ के सक्रिय सदस्य हैं, क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं को राज्यस्तरीय पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उनके अनुसार, "हमारा लक्ष्य है कि यहां के खिलाड़ी केवल राज्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कबड्डी में अपनी पहचान बनाएं। "यह केंद्र खेलो इंडिया अभियान के अंतर्गत खेल संस्कृति को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। recent visitors 35

कूनो नेशनल पार्क में चीतों को पानी पिलाने वाले कर्मचारी को वापस मिली नौकरी, फूल-माला और मिठाई से हुआ स्वागत

श्योपुर कूनो नेशनल पार्क में चीतों को पानी पिलाने वाले ड्राइवर सत्यनारायण गुर्जर को फिर से काम पर रख लिया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें हटा दिया गया था। वीडियो में वह चीतों के नजदीक जाकर पानी पिला रहे थे। सोशल मीडिया पर लोगों और गुर्जर समाज ने उनका समर्थन किया। इसके बाद पार्क प्रबंधन ने उन्हें वापस बुला लिया। समाज ने फूल और मिठाई से उनका सम्मान भी किया। वायरल वीडियो की विभागीय जांच अभी जारी है। नौकरी से निकालने के बाद वापस रखा कूनो नेशनल पार्क में चीता ज्वाला और उसके बच्चों को पानी पिलाने के बाद सत्यनारायण गुर्जर चर्चा में आए थे। वन विभाग से जुड़ी एक निजी गाड़ी के ड्राइवर सत्यनारायण गुर्जर को वीडियो वायरल होने के बाद हटा दिया गया था लेकिन अब उन्हें वापस रख लिया गया है। तीन दिन बाद सत्यनारायण अपने समाज के सम्मान समारोह में पहुंचे। वीडियो पर क्या बोले सत्यनारायण सत्यनारायण ने वीडियो की सच्चाई बताते हुए कहा, 'जब से कूनो में चीते आए हैं, मैं उनसे जुड़ा हुआ हूं। मेरी निजी गाड़ी ट्रैकिंग टीम के लिए किराए पर ली गई थी। उस दिन चीते प्यासे थे, तो मैंने उन्हें पानी पिला दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मुझे हटा दिया गया, लेकिन एक दिन पहले पार्क प्रबंधन ने मुझे वापस बुला लिया। अब कोई शिकवा नहीं है।' वीडियो वायरल होने से मचा था हड़कंप पिछले शनिवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक युवक जंगल में चीता ज्वाला और उसके बच्चों को पानी पिला रहा था। इससे वन विभाग में हड़कंप मच गया था। जांच में पता चला कि यह युवक सत्यनारायण गुर्जर है। वह चीता ट्रैकिंग टीम की अनुबंधित निजी गाड़ी का ड्राइवर है। पार्क प्रबंधन ने इसे नियमों का उल्लंघन माना और उसे तुरंत हटा दिया। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स और गुर्जर समाज ने सत्यनारायण का समर्थन किया। मामला बढ़ने पर प्रबंधन ने उन्हें वापस काम पर रख लिया। फूल माला पहनाकर किया स्वागत मंगलवार को सत्यनारायण श्योपुर के ढेंगदा गांव में गुर्जर समाज के भगवान देव नारायण मंदिर पहुंचे। वहां समाज के लोगों ने उन्हें फूल माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। सत्यनारायण ने कहा, 'मेरे परिवार की कई पीढ़ियां जंगल में रहती आई हैं। मुझे जानवरों से लगाव है। उस दिन ट्रैकिंग टीम के साथ था, तो सुबह चीते प्यासे दिखे। मैंने उन्हें पानी पिला दिया। किसी ने वीडियो बना लिया, जो वायरल हो गया। डीएफओ के निर्देश पर मुझे हटा दिया गया था, लेकिन अब वापस बुलाया गया है। मैं प्रशासन का आभारी हूं।' श्योपुर गुर्जर समाज के अध्यक्ष देवी शंकर गुर्जर ने कहा, 'सत्यनारायण ने प्यासे चीतों को पानी पिलाकर गौरवपूर्ण कार्य किया। इसलिए हमने उनका सम्मान किया।' recent visitors 47

पिकनिक मनाने गए दो एसईसीएल अधिकारियों की डूबने से मौत

मनेन्द्रगढ़ मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अमृत धारा जलप्रपात में डूबने से दो एसईसीएल अधिकारियों की मौत हो गई। पिकनिक मनाने कुल 8 लोग वाटरफाल गए थे। जिनमें एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के अंडरग्राउंड माइंस के दो अधिकारियों समेत 3 लोग गहरे पानी चले गए थे। एक कर्मचारी किसी तरह बाहर निकल आया। घटना पोड़ी थाना इलाके के नागपुर चौकी क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, मरने वालों की पहचान शुभम मलार निवासी शहडोल और पृथ्वी सेटी निवासी तेलंगाना के रूप में हुई है। दोनों एसईसीएलके अंडर मैनेजर के पद पर पदस्थ थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मनेंद्रगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, एसईसीएल चिरमिरी में पदस्थ अधिकारियों समेत 8 लोग मंगलवार पिकनिक मनाने के लिए अमृतधारा वाटरफाल गए थे। वे शाम करीब 4 बजे जलप्रपात के नीचे हसदेव नदी में नहा रहे थे। इस दौरान नहाने समय 3 कर्मचारी गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। एक कर्मचारी किसी तरह निकलने में सफल रहा। दो घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया शव घटना की जानकारी मिलने पर चौकी प्रभारी शेष नारायण सिंह की टीम और एसईसीएल की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। शुभम मलार और पृथ्वी सेटी को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित है इलाका बता दें कि, अमृतधारा जल प्रपात में नीचे जाकर नहाना प्रतिबंधित है। प्रशासन ने हादसों के कारण अमृतधारा जल प्रपात के कुछ इलाकों को प्रतिबंधित घोषित कर दिया है। यहां सावधानी के बोर्ड भी लगाए गए हैं लेकिन नियमित निगरानी नहीं की जाती है। ऐसे में यहां आने वाले लोग मनमाने तरीके से पानी में उतरकर नहाते हैं। recent visitors 35

छत्तीसगढ़ में अधिकारी बनने का मौका, ADEO के पदों पर आवेदन का लिंक खुला, देख लें योग्यता समेत पूरी डिटेल्स

रायपुर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) ने सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO) के पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए 7 अप्रैल से आवेदन का लिंक आधिकारिक वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर एक्टिव हो गया है। जिसमें अभ्यर्थियों से अंतिम तिथि 2 मई 2025 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। खबर में दिए गए लिंक की मदद से आप सीधे इस वैकेंसी के फॉर्म तक पहुंच सकते हैं। CG Vyapam Vacancy 2025: पद की डिटेल्स सहायक विकास विस्तार अधिकारी की यह रिक्तियां पंचायत एंव ग्रामीण विकास विभाग, विकास आयुक्त कार्यालय के लिए हैं। इसमें बैकलॉग वैकेंसी भी शामिल हैं। डिटेल्स अभ्यर्थी नीचे टेबल से देख सकते हैं। पद का नाम                                                  पद सहायक विकास विस्तार अधिकारी                193 बैकलॉग वैकेंसी                                           07 कुल                                                         200 CG ADEO Eligibility: योग्यता इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि होनी चाहिए। वहीं ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर उपाधि/स्नातकोत्तर पत्रोपाधि धारित करने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। मेरिट लिस्ट, प्रतियोगी परीक्षा में प्राप्त अंकों का 85 प्रतिशत देते हुए तैयार की जाएगी। वहीं 15 प्रतिशत अंक उन अभ्यर्थियों को मिलेंगे जो ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर उपाधि/स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की हो। योग्यता संबंधित जानकारी अभ्यर्थी विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी देख सकते हैं। डाउनलोड करें-     एज लिमिट- न्यूनतम 20 साल और अधिकतम उम्र 30 साल निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को एज लिमिट में नियमानुसार छूट मिलेगी।     सैलरी– लेवल-6 के मुताबिक ग्रेड वेतन 2400 छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय-समय पर प्रसारित आदेशों के अनुसार मंहगाई भत्ते एंव अन्य भत्ते भी मिलेंगे।     चयन प्रक्रिया– लिखित परीक्षा और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के जरिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।     आवेदन शुल्क- निशुल्क इस सरकारी नौकरी भर्ती की लिखित परीक्षा 100 प्रश्नों की होगी। जिसमें सामान्य अध्ययन, छत्तीसगढ़ का सामान्य अध्ययन, ग्रामीण विकास की योजनाएं एंव पंचायती राज, सामान्य हिंदी से प्रश्न आएंगे। इस भर्ती से जुड़ी अन्य किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थी सीजी व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। recent visitors 50

प्रियांश आर्या के लिए आईपीएल नीलामी में खूब बोलियां लगी थीं, अब सभी की आंखों का तारा बन चुके हैं

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में शतक बनाने के बाद प्रियांश आर्या सभी की आंखों का तारा बन चुके हैं। इन्हीं प्रियांश आर्या के लिए आईपीएल नीलामी में खूब बोलियां लगी थीं। तब दिल्ली और पंजाब के अलावा आरसीबी भी मैदान में थी। लेकिन अंत में बाजी मारी थी, पंजाब किंग्स ने। असल में इसके पीछे थे पंजाब के इस सीजन के कोच रिकी पोंटिंग। पोंटिंग जब दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा थे, तभी सौरव गांगुली ने उन्हें प्रियांश के बारे में बताया था। लेकिन तब प्रियांश दिल्ली क्या किसी टीम का हिस्सा नहीं बन पाए थे। मन में कसक लिए प्रियांश तैयारियों में जुट गए। आखिर आईपीएल 2025 के लिए मेगा ऑक्शन आया। ऑक्शन टेबल पर टीमें रुपयों का सूटकेस लेकर प्रियांश के पीछे भागती नजर आईं। नीलामी में खूब लगी बोली जेद्दा में हुई नीलामी में प्रियांश आर्या का बेस प्राइस था 30 लाख रुपए। नीलामी के दूसरे दिन उनके नाम का ऐलान हुआ। सबसे पहले दिल्ली कैपिटल्स ने बोली लगाई। इसके बाद पंजाब किंग्स ने भी बोली लगा दी। देखते ही देखते कीमत एक करोड़ रुपए तक पहुंच गई। इसके बाद बोली में आरसीबी भी शामिल हो गई। इसके बाद भी प्रियांश आर्या के लिए कीमत बढ़ती रही। पंजाब किंग्स के पास पर्स में सबसे ज्यादा पैसे थे। ऐसे में पंजाब ने 3.80 करोड़ रुपए में प्रियांश को अपने साथ कर लिया। यहां से चमका नाम प्रियांश आर्या का नाम दिल्ली प्रीमियर लीग से चमका। इस टूर्नामेंट में वह साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज का हिस्सा थे। प्रियांश ने टूर्नामेंट में केवल 10 पारियों में 608 रन बनाए। पहले ही मैच में उन्होंने 30 गेंदों पर 57 रनों की पारी खेली। इसके बाद अगले मैच में 51 गेंदों में 82 रन बनाए। अगली कुछ पारियों में भी उनकी खतरनाक बल्लेबाजी का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद आई वह पारी, जिसने सभी का ध्यान प्रियांश की तरफ खींचा। यह पारी थी नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के खिलाफ। प्रियांश की टीम ने 20 ओवरों में 5 विकेट पर 308 रन का स्कोर बनाया। प्रियांश ने 50 गेंदों में 120 रन बनाए। अपनी इस पारी में ही उन्होंने एक ओवर में छह छक्के मारने का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद वह सभी की नजरों में आ गए। ऑक्शन से पहले लगाया था तूफानी शतक दिल्ली प्रीमियर लीग में प्रियांश ने जो किया वह तो सिर्फ ट्रेलर था। इस प्रदर्शन के दम पर वह पहुंचे दिल्ली की टीम में। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजार ट्रॉफी में दिल्ली की टीम से खेले। वहां पर यूपी के खिलाफ आईपीएल ऑक्शन से ठीक एक दिन पहले उन्होंने 43 गेंद में 102 रनों की पारी खेली। खास बात यह थी कि यूपी के बॉलर्स में भुवनेश्वर कुमार, शिवम मावी और पीयूष चावला जैसे बड़े नाम थे। प्रियांश की पारी ने आईपीएल ऑक्शन में उनकी कीमत और बढ़ा दी। recent visitors 58

जावरा में बर्फ फैक्ट्री में अमोनिया गैस के रिसाव से मची अफरा-तफरी, पुलिस लाइन को खाली कराया गया

 जावरा रतलाम के जावरा में मंगलवार रात आंटिया चौराहे पर स्थित पोरवाल आइस फैक्ट्री में एक टैंक से अमोनिया गैस लीकेज होने से हड़कंप मच गया। फैक्ट्री में काम कर रहे श्रमिकों को जब इस बात की जानकारी लगी तो वह डरकर भाग गए। मौके पर पुलिस प्रशासन के अमले ने पानी का छिड़काव करवाकर स्थिति नियंत्रित की और फैक्ट्री संचालक को बुलवाकर रिसाव बंद करवाया। मंगलवार रात 11 बजे बर्फ फैक्ट्री में रखे 50 किलो के अमोनिया गैस के टैंक का एक बोल्ट ढीला होने से गैस रिसने लगी। आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत पर लोगों को गैस रिसाव का पता चला। फैक्टरी के पीछे पुलिस लाइन में सीएसपी दुर्गेश आर्मो का बंगला है। गैस रिसाव से उनके पिता हुकुम सिंह आर्मो और मां लता की भी तबीयत खराब हो गई। छोटे भाई प्रशांत आर्मों से सूचना मिलने पर वह बंगले पहुंचे और माता-पिता को सर्किट हाउस में शिफ्ट किया। इसके बाद एसडीएम त्रिलोचन गौड़, एसडीओपी संदीप मालवीय, तहसीलदार संदीप इवने, थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन सहित अन्य अमला फैक्ट्री पहुंचा और वहां काम कर रहे आठ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच गैस रिसाव का असर कम करने के लिए पानी का छिड़काव भी शुरू करवा दिया गया। फैक्ट्री संचालक के बेटे सानिध्य को सूचना देकर मौके पर बुलवाया और अमोनिया गैस के टैंक का बोल्ट वापस टाइट किया गया, जिससे रिसाव बंद हुआ। रात करीब 12 बजे एसपी अमित कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। कम समय में गैस का रिसाव बंद होने से ज्यादा लोग प्रभावित नहीं हुए। मामले में बुधवार को प्रशासन फैक्ट्री के सुरक्षा इंतजामों का भी जायजा लेगा।   recent visitors 50

ग्वालियर में जैन तीर्थंकर प्रतिमाओं का अपमान, बनाई आपत्तिजनक रील, विरोध के बाद मामला दर्ज

ग्वालियर ग्वालियर में सोशल मीडिया पर एक रील वायरल हुई थी, जिसमें एक महिला ग्वालियर किले पर स्थित जैन तीर्थंकरों की प्राचीन प्रतिमाओं के सामने खड़ी होकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही थी। सोशल मीडिया पर इस रील की जमकर आलोचना हुई और हर तरफ से विरोध के स्वर उठे। दो दिन पहले इस रील को इंस्टाग्राम पर अपलोड करने वाली प्रीति कुशवाह और उसके साथी लखन कुशवाह ने माफी मांगते हुए एक और वीडियो अपलोड किया था। हालांकि, इस मामले में डबरा निवासी जैन समाज के सदस्य नरेन्द्र जैन की शिकायत पर मंगलवार रात 12 बजे प्रीति कुशवाह और लखन कुशवाह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जैन समाज ने एएसपी से की थी शिकायत ग्वालियर किले की तलहटी में स्थित प्राचीन जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएं मुगल शासनकाल के दौरान औरंगजेब द्वारा खंडित की गई थीं। इन्हीं प्रतिमाओं के सामने शिवपुरी के नरवर की रहने वाली प्रीति कुशवाह अपने साथियों के साथ घूमने आई थीं। इस दौरान प्रीति ने रील बनाते समय जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाओं को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यही नहीं, वह और उसके साथी जूते-चप्पल पहनकर प्रतिमाओं की गोद में बैठे नजर आए। जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो जैन समाज में भारी आक्रोश फैल गया। समाज के लोगों ने एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह को ज्ञापन सौंपकर रील बनाने वालों पर एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की थी। बवाल मचने पर मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ता देख प्रीति ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी से विवादित वीडियो हटा दिया। इसके बाद एक नया वीडियो अपलोड कर माफी मांगी। इसमें प्रीति और उसके सहयोगी ने कहा- 'उन्हें नहीं पता था कि ये जैन धर्म की प्रतिमाएं हैं। दोनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जैन समाज से क्षमा याचना की है।' जैन मुनिश्री विलोक सागर बोले- कड़ी सजा मिले इस वीडियो को लेकर जैन मुनिश्री विलोक सागर ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस प्रकार की हरकतें बिल्कुल गलत हैं क्योंकि यह आस्था का विषय है। दिगंबर जैन प्रतिमाओं को लोग पूजते हैं और यदि वे खंडित भी हो गई हों, तो इसका अर्थ यह नहीं कि उनका अपमान किया जाए। यह हमारे पूर्वजों की धरोहर है और उसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। recent visitors 39