Tuesday, July 7, 2026 12:17 pm

अब आरसीबी के मेंटॉर दिनेश कार्तिक ने की शिकायत, ‘पिच अच्छी तैयार करने को कहा था लेकिन नहीं मिली’

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के मेंटॉर (मार्गदर्शक) दिनेश कार्तिक ने स्वीकार किया कि बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच की मांग करने के बावजूद इस सत्र में उनकी टीम को चिन्नास्वामी स्टेडियम में चुनौतीपूर्ण पिच मिली हैं। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन इस बारे में जल्द ही क्यूरेटर के साथ बात करेगा। आरसीबी के बल्लेबाज इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के वर्तमान सत्र में घरेलू मैदान पर खेले दो मैच में पिच धीमी होने के कारण अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। गुजरात टाइटंस के खिलाफ उसकी टीम ने 8 विकेट पर 169 रन और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 7 विकेट पर 163 रन बनाए। कार्तिक का मानना है कि उनकी टीम को घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिलना चाहिए था। यहां की पिच पर अमूमन बड़े स्कोर बनते रहे हैं। 'पिच अच्छी तैयार करने को कहा था लेकिन नहीं मिली' कार्तिक ने दिल्ली के खिलाफ मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘पहले दो मैच में हमने अच्छी पिच तैयार करने के लिए कहा था लेकिन हमें इस तरह की पिच मिली जिस पर बल्लेबाजी करना चुनौतीपूर्ण था। इसलिए हमने परिस्थितियों के अनुसार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया लेकिन हमें उनसे (क्यूरेटर) बात करनी होगी। हमें पूरा भरोसा है कि वह अपना काम अच्छी तरह से करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए निश्चित तौर पर यहां ऐसी पिच नहीं थी जिसे बल्लेबाजों को खास मदद मिल रही हो। यह चुनौतीपूर्ण पिच थी। अभी तक यहां खेले गए दोनों मैच में हमें एक जैसी पिच ही मिली है।’ लंबे शॉट और चौके-छक्के जरूरी लेकिन कार्तिक ने कहा कि टी20 क्रिकेट में लंबे शॉट और चौके-छक्के काफी मायने रखते हैं और सभी हितधारक ऐसा चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘टी20 क्रिकेट की प्रकृति ऐसी है कि इसमें जितने अधिक रन बनेंगे उतना प्रसारक को फायदा होगा और प्रशंसकों को भी खुशी होगी। वे सभी चौके-छक्के देखना चाहते हैं। हम जो कर सकते हैं उसके लिए अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।’ भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि वे मैच में किसी विशेष पैटर्न का पालन करने की कोशिश नहीं करते हैं, लेकिन चिन्नास्वामी जैसी पिचों के कारण बल्लेबाजों के लिए स्ट्राइक रोटेट करना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा, ‘हर पिच पर हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि इस पर खेलने का सही तरीका क्या है। मुझे नहीं लगता है कि हमने इसके लिए कोई विशेष खाका तैयार किया है। पिच को समझना और उससे तालमेल बिठाना महत्वपूर्ण होता है।’ दिनेश कार्तिक ने कहा, ‘लेकिन इस तरह की पिच पर कभी स्ट्राइक रोटेट करना मुश्किल हो जाता है और बड़े शॉट खेलना भी आसान नहीं होता। लेकिन आखिर में यह टी20 है। आपको कुछ शॉट खेलने ही होंगे और इस प्रक्रिया में आपका विकेट भी जा सकता है।’ ये टीमें भी पिच को लेकर उठा चुकी हैं सवाल इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे, लखनऊ सुपर जॉइंट्स के मेंटॉर जहीर खान, दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के मैनेजमेंट भी अपने-अपने होम पिचों को लेकर नाखुशी जता चुके हैं। उनका कहना है कि मनमाफिक पिच नहीं होने से उन्हें होमग्राउंड का कोई फायदा ही नहीं मिल रहा। हालांकि, बीसीसीआई आईपीएल मैचों की पिचों को लेकर संतुष्ट है। recent visitors 36

ब्यावरा शहर में एक चौंकाने वाला सामने आया, 70 वर्षीय महिला करीब 35 साल पहले गायब हो गई थी, जो अचानक मिली

राजगढ़ मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में एक चौंकाने वाला सामने आया है। एक 70 वर्षीय महिला करीब 35 साल पहले गायब हो गई थी। मृत समझकर परिवार के लोगों ने यूपी के प्रयागराज में पिंडदान भी कर दिया था। अब वह महिला अचानक जिंदा मिली है। जब वह अपने घर लौटी तो परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल, राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के जगात चौक पर रहने वाले गोपाल सेन की पत्नी गीता सेन करीब 35 साल पहले अपने मायका शाजापुर जिले के कालापीपल तहसील के खोखरा गांव गई हुई थी। वह अचानक से गायब हो गई थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने गीता बाई की खूब तलाश की, लेकिन गीताबाई का कोई सुराग नहीं मिला। करीब 5 साल पहले परिवार के लोगों ने मरा समझकर प्रयागराज जाकर गीता बाई का पिंडदान कर दिया। हर साल श्राद्ध पक्ष में नवमी के दिन श्राद्ध करने लग गए थे। लेकिन अचानक महाराष्ट्र के नागपुर के मेंटल हॉस्पिटल से एक फोन जिसके बाद परिवार को लोगों को पैरों तले जमीन खिसक गई। फोन पर गीता बाई के जिंदा होने की खबर मिली। नागपुर मेंटल हॉस्पिटल की समाजसेवा अधीक्षक कुंडा बिडकर और कालापीपल सहित ब्यावरा पुलिस के सहयोग से परिवार नागपुर पहुंचा और गीताबाई को सुरक्षित घर लेकर आए। 19 महीने तक एड्रेस किया सर्च नागपुर के क्षेत्रीय मेंटल हॉस्पिटल की समाजसेवा अधीक्षक कुंडा बिडकर ने बताया कि महिला को कोर्ट के आदेश पर बीमारी के हालत में भर्ती किया गया था। महिला को परिवार और एड्रेस के बारे में कुछ जानकारी नहीं थी। इस दौरान बायोमेट्रिक से भी एड्रेस पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिली। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई गांव और पुलिस स्टेशनों और सरपंचों सहित किराना दुकानदारों से संपर्क ट्रेस किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 19 महीने के बाद ब्यावरा के बारे में जानकारी मिली तो राजगढ़ एसपी कार्यालय में संपर्क किया। इसके बाद पुलिस के सहयोग से परिवार के बारे में जानकारी ली गई। घर लौटने पर परिवार के लोगों ने किया भव्य स्वागत गीताबाई के 35 साल बाद पहली बार घर लौटने पर पति, बेटे, बेटी और पोते- पोतियों ने फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान पति-पत्नी ने एक दूसरे को माला भी पहनाई। recent visitors 38

एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का किया भूमिपूजन, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए। भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 27

इंजेक्शन, टैबलेट या फिर लिक्विड…शरीर में दवा पहुंचाने का क्या है सबसे सही तरीका?

इंजेक्शन, टैबलेट या फिर लिक्विड…शरीर में दवा पहुंचाने का क्या है सबसे सही तरीका?

injection tablet or liquid what is the fastest way to get medication into the body Way to Get Medication into the Body : किसी भी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर डॉक्टर उनकी स्थिति के हिसाब से उन्हे दवाएं देते हैं. डॉक्टर अपने मरीजों को दवाएं कई रूपों में देते हैं, जिसमें टैबलेट, कैप्सूल, लिक्विड सिरप, इंजेक्शन या फिर इन्हेलर जैसे अन्य विकल्प होते हैं. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि इनमें से किस तरह की दवाएं सबसे अधिक असरदार होती हैं? तो आपको बता दें कि इसका जवाब इस पर निर्भर करता है कि आपको किस तरह की समस्या हुई है और आपकी स्थिति कितनी गंभीर है. आइए जानते हैं इस बारे में- medication into the body टैबलेट और कैप्सूल टैबलेट और कैप्सूल सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका है. इन्हें लेना आसान होता है, ये लंबे समय तक स्टोर की जा सकती हैं और कम खर्चीली भी होती हैं. हालांकि, इन्हें पचने और खून में घुलने में समय लगता है, इसलिए ये उन बीमारियों में दी जाती हैं जिनमें तुरंत असर की जरूरत नहीं होती, जैसे – सामान्य बुखार, दर्द, एलर्जी, ब्लड प्रेशर इत्यादि स्थितियों में टैबलेट और कैप्सूल जैसी दवाएं दी जाती हैं. medication into the body Read more: एमपी में जल संकट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण, नल जल योजना पूरी तरह फेल लिक्विड जिन मरीजों के निगलने की क्षमता कम होती है, जैसे- छोटे बच्चे या बुजुर्ग, उन्हें दवाएं लिक्विड दी जाती हैं. लिक्विड में मिलने वाली दवाएं जल्दी अवशोषित होती हैं और स्वाद के अनुसार बनाई जाती हैं. पर इनकी मात्रा का सही निर्धारण जरूरी होता है. इंजेक्शन किसी भी मरीज को इंजेक्शन तब दिया जाता है, जब दवा को शरीर में तुरंत पहुंचाना होता है. इंजेक्शन सबसे सबसे प्रभावी तरीका होता है. ये सीधे खून में (IV), मांसपेशी (IM) या स्किन के नीचे (SC) दिए जाते हैं. इंजेक्शन गंभीर संक्रमण, एलर्जी रिएक्शन या सर्जरी के समय इसका इस्तेमाल किया जाता है. मुख्य रूप से तेज बुखार, डिहाइड्रेशन, गंभीर संक्रमण, डायबिटीज (इंसुलिन) जैसी स्थितियों में दिया जाता है. सबसे सही तरीका कौन सा है? दवाएं देने का कोई सही तरीका नहीं होता है. यह पूरी तरह इस पर निर्भर करता है कि बीमारी की गंभीरता क्या है? दवा कितनी जल्दी असर दिखानी चाहिए? मरीज की उम्र और शारीरिक स्थिति क्या है? हर दवा देने का तरीका अपनी जगह सही होता है. डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त तरीका चुनते हैं. खुद से दवाओं का रूप या तरीका बदलना खतरनाक हो सकता है, इसलिए हमेशा चिकित्सक की सलाह लेना ही सबसे सही तरीका है. recent visitors 112

जहां पहले गंदगी का ढेर हुआ करता था, वहां अब कलेक्टर टीना डाबी की पहल से उद्यान का लोकार्पण

बाड़मेर शहर के शास्त्री नगर इलाके में जहां पहले गंदगी का ढेर हुआ करता था, वहां अब कलेक्टर टीना डाबी की पहल से भामाशाह लीलाराम जांगिड़ की स्मृति में बेहद खूबसूरत उद्यान बनकर तैयार हो गया है। जिला कलेक्टर टीना डाबी के नवो बाड़मेर अभियान के तहत करीब एक करोड़ की लागत से बने इस उद्यान के रूप में शहरवासियों को एक बड़ी सौगात मिली है। भामाशाह स्वर्गीय लीलाराम जांगिड़ की स्मृति में उनके परिवार द्वारा इस पार्क का निर्माण करवाया गया है। शहर के तनसिंह चौहान मार्ग के निकट गुरुवार देर शाम जिला कलेक्टर टीना डाबी की मौजूदगी में स्वर्गीय लीलाराम जांगिड़ की धर्मपत्नी छगनी देवी ने इसे आमजन के लिए समर्पित कर दिया। इस मौके पर जिला कलेक्टर टीना डाबी, एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत, यूआईटी सचिव श्रवण सिंह राजावत, बाड़मेर रावत त्रिभुवन सिंह, समाजसेवी जोगेंद्र सिंह चौहान, अमृत जांगिड़, जगदीश जांगिड़, ओमप्रकाश जांगिड़ , पुरुषोत्तम जांगिड़, समाजसेवी दिलीप पालीवाल, पूर्व सभापति दिलीप माली, नेता प्रतिपक्ष पृथ्वी चंडक, रघुवीर सिंह तामलोर सहित कई लोग मौजूद रहे। गौरतलब है कि नगर परिषद की इस जमीन पर पहले यहां पर कचरा पॉइंट था जिस पर अब यह पार्क विकसित किया गया है। पार्क में दो एंट्री गेट, ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, योग क्षेत्र विकसित करने के साथ ही बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए हैं। यह पार्क शहर के लोगों के लिए एक बेहतरीन जगह होगी, जहां वे अपने परिवार के साथ समय बिता सकते हैं। उद्योगपति ओमप्रकाश जांगिड़ ने बताया कि जिला कलेक्टर टीना डाबी के नवो बाड़मेर अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने अपने पिता की स्मृति में इस पार्क को विकसित करवाया है। recent visitors 30

पुरानी पन्ना की बीड़ी कॉलोनी में संचालित अवैध मदरसे को लेकर प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने बड़ा बयान दिया

 पन्ना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में खजुराहो सांसद और BJP प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने पुरानी पन्ना की बीड़ी कॉलोनी में संचालित एक अवैध मदरसे को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस मदरसे पर अवैध गतिविधियों का आरोप लगाते हुए इसकी जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब मीडिया कवरेज के लिए मौके पर पहुंचा, जहां स्थानीय लोगों और मदरसे से जुड़े लोगों ने पत्रकारों को घेर लिया और चिल्लाकर उनका कैमरा बंद करवा दिया. BJP सांसद वीडी शर्मा ने कहा, "मुझे एक अल्पसंख्यक समाज के भाई ने बताया कि पन्ना में एक अवैध मदरसा संचालित हो रहा है. सोचिए, जब पन्ना जैसे छोटे शहर में वक्फ के नाम पर गुंडे अवैध संपत्ति बना रहे हैं, तो पूरे देश में कितनी अवैध संपत्तियां हो सकती हैं. इसकी जांच होनी चाहिए. इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह हैं. यह देश संवैधानिक तरीके से चलेगा." स्थानीय लोगों और अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ जागरूक व्यक्तियों ने इस मदरसे के संचालक तांत्रिक अब्दुल रऊफ उर्फ हकीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि रऊफ करीब 10-12 साल पहले पन्ना में खाली हाथ आया था, लेकिन अब उसने धर्म की आड़ में चंदे का धंधा चमकाकर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से तकरीबन 5000 वर्गफीट भूमि पर भारी-भरकम मदरसा बना लिया है. आरोप है कि इस मदरसे की आड़ में वह करोड़ों रुपए की चंदा वसूली कर रहा है. स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि कुछ साल पहले इस मदरसे में एक बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है, जिसकी जांच की मांग लंबे समय से की जा रही है. जब मीडिया ने इस मामले की कवरेज के लिए बीड़ी कॉलोनी का दौरा किया, तो वहां मौजूद मदरसे से निकले लोगों और आसपास की करीब दर्जनभर महिलाओं ने पत्रकारों को घेर लिया. उन्होंने चिल्लाकर कैमरा बंद करवा दिया और पत्रकारों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया. इस दौरान मदरसे के संचालक मौलाना तांत्रिक रऊफ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह मीडिया के सामने नहीं आए और शहर से बाहर होने की बात कहकर टाल गए. पन्ना के जागरूक नागरिकों और अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों ने इस मदरसे की अवैध गतिविधियों के खिलाफ पहले ही कलेक्टर को ज्ञापन देकर शिकायत दर्ज कराई थी. पन्ना के वक्फ बोर्ड के जिलाध्यक्ष अब्दुल हमीद ने aajtak से बात करते हुए कहा, "यह बाहरी व्यक्ति है, जो करीब 10 साल पहले पन्ना में आया था. यह मुंबई, छत्तीसगढ़ आदि से चंदा लाकर अवैध वसूली करता है. मदरसे में सिर्फ चार बच्चे रहते हैं, लेकिन यह सरकारी जमीन पर बनाया गया है. इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है और सांसद महोदय के संज्ञान में भी लाया गया है. चंदे से करोड़ों की वसूली होती है, लेकिन हिसाब लाखों में दिखाया जाता है. हर साल घाटा बताते हैं, लेकिन जब यह पन्ना आया था, तब इसके पास कुछ नहीं था. अब करोड़ों की संपत्ति कहां से आई, इसकी जांच होनी चाहिए. यह गोरिहार से आया है और इसकी शिक्षा यूपी में बताई जाती है, इसकी भी जांच होनी चाहिए." पत्रकार एमएस खान ने इस मामले पर कहा, "सदर बनते ही मुस्लिम लोग पन्ना के मौलाना और मुल्लों को अपने चंगुल में लेते हैं और बदले में यह मौलाना शहर में सदर बनाने में मदद करते हैं. यह उनका गठजोड़ चल रहा है. इस मदरसे की शिकायत कलेक्टर से की गई थी और अब सांसद महोदय के संज्ञान में भी आया है. एक न एक दिन इसे कानून के दायरे में आना ही पड़ेगा. यह मदरसा पूरी तरह अवैधानिक है. इसकी कमेटी का सरकार में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, फिर भी यह लेटरहेड का इस्तेमाल करता है और शासन उस लेटरहेड पर कार्रवाई करता है, लेकिन यह नहीं देखता कि संस्था वैध है या अवैध. हम चाहते हैं कि कानून सम्मत कार्रवाई हो. जो लोग बाहर से आकर चंदे का धंधा और अवैध गतिविधियां चला रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो. इसके अलावा कटरा मोहल्ले में एक और अवैध बालिका मदरसा संचालित हो रहा है, जिसकी भी जांच होनी चाहिए." पन्ना कलेक्टर से जब इस मामले में बात की गई, तो उन्होंने कहा, "मदरसे के मामले में शिकायती आवेदन पत्र आए हैं, जिन पर जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी."       recent visitors 49

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों को दी हनुमान जयंती की शुभकामनायें

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भगवान श्री हनुमान, शक्ति, भक्ति, साहस, सेवा और समर्पण के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें निष्ठा, अनुशासन और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति और निष्काम सेवा प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा स्रोत है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की है। उन्होंने भगवान हनुमान से सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और संकल्प की भावना का संचार करने की प्रार्थना की है।   recent visitors 33