Tuesday, July 7, 2026 5:07 am

जोधपुर में चूड़ी गोदाम और केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग

जोधपुर गुरुवार रात जोधपुर में दो अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। कबीर नगर की चूड़ी फैक्ट्री और आंगनवा रोड पर एक केमिकल गोदाम में आग से हड़कंप मच गया। आग बुझाने के लिए 14 दमकलों और स्काई लिफ्ट की मदद ली जा रही है। चूड़ी फैक्ट्री के गोदाम में आग लगने से भारी धुआं उठने लगा, जिससे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को भी काफी मुश्किलें पेश आईं। सिंथेटिक चूड़ियों के कारण आग रातभर बुझाने की कोशिशों के बावजूद पूरी तरह नहीं बुझ सकी है। इस बीच, आग बुझाने के दौरान एक फायरकर्मी का हाथ झुलसा और एक अन्य कर्मचारी के पैर में चोट आई, दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एयरफोर्स और सेना की फायर ब्रिगेड भी शामिल कबीर नगर में स्थित बालकिशन शाह और मदन गोपाल शाह की चूड़ी फैक्ट्री में रात 9:15 बजे आग लगी, जो रात 11 बजे तक छत तक पहुँच गई। प्लास्टिक की चूड़ियों और पैकिंग मटेरियल के कारण आग तेजी से फैल गई। शास्त्री नगर फायर स्टेशन को जानकारी मिलते ही दो दमकलें तुरंत भेजी गईं, जबकि हालात को देखते हुए आठ अन्य दमकलों को भी बुलाया गया। आग पहली मंजिल तक फैलने के कारण नगर निगम दक्षिण की स्काई लिफ्ट भी मंगवाई गई। घटना में एयरफोर्स और सेना की फायर ब्रिगेड भी सक्रिय रही। कबीर नगर में आग को छत तक सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर रखा सामान बचाने के लिए फायरकर्मी और स्थानीय लोग जुटे हुए हैं। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। आंगनवा में गोदाम में लगी आग इसी दौरान, आंगनवा रोड पर स्थित एक केमिकल फैक्ट्री के गोदाम में आग लगने से ड्रमों में विस्फोट हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा होने के कारण सूरसागर, प्रताप नगर सदर और प्रताप नगर पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने के लिए बैरिकेडिंग की। फायर ब्रिगेड ने समय रहते आग को नियंत्रित किया, जिसके चलते पास में मौजूद गैस गोदाम के कारण बड़ा हादसा टल गया। recent visitors 42

अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी , इन स्थानों पर चुपके से जलाएं दीपक, घर आएगी सुख-शांति

भारतीय कैलेंडर के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2025) 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह वैशाख महीने में आने वाले शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। इससे घर में सुख और शांति आने के साथ-साथ समृद्धि भी आती है। अक्षय तृतीया पर दान पुण्य का भी विशेष महत्व है। इस दिन दान करने वाले श्रद्धालुओं के घर में कभी भी आर्थिक तंगी नहीं आती, बल्कि उन्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन सोने के आभूषण आदि खरीदने का विधान है। शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगा, जिसका समापन अगले दिन यानी 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर होने वाला है। उदयातिथि के अनुसार, 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाया जाएगा। यहां जलाएं दीपक     ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, माता लक्ष्मी को भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं। वहीं, मां तुलसी का संबंध भी भगवान विष्णु से पति-पत्नी का है। ऐसे में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ मां तुलसी की भी पूजा-अर्चना की जाती है। अक्षय तृतीया के दिन आप तुलसी के सामने घी का दीपक जला सकते हैं। इसके अलावा, शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं, जिससे माता लक्ष्मी का घर में आगमन होगा और सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रवेश होगा।     अक्षय तृतीया के दिन घर की उत्तर दिशा में घी का दीपक जलाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह धन के देवता कुबेर की दशा मानी जाती है। ऐसे में धन संपत्ति में बढ़ोतरी होगी।     अक्षय तृतीया पर आप घर की छत पर घी का दीपक जला सकते हैं। इसके अलावा, मंदिर में भी दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इन चीजों का करें दान इस दिन दान पुण्य का भी विशेष महत्व है। आप इस खास अवसर पर दूध, दही, शक्कर, खीर, शंख और सफेद कपड़े आदि का दान कर सकते हैं। जरूरतमंद और गरीबों की मदद करने से माता लक्ष्मी अति शीघ्र प्रसन्न होती हैं। साथ ही घर में देवी देवताओं का वास होता है। इसके अलावा, जातक की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है। recent visitors 32

तहव्वुर राणा के पैरों में बेड़ियां, कमर में जंजीर बांधकर भारत कौ सौंपा गया ! सामने आई प्रत्यर्पण की तस्वीर

नई दिल्ली मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा आखिरकार अमेरिका से भारत लाया जा चुका है, लेकिन जिस तरह उसकी तस्वीर सामने आई है, उसने सबका ध्यान खींच लिया है. प्रत्यर्पण की तस्वीर में राणा के पैरों में बेड़ियां, कमर में जंजीर बंधी हुई दिखाई दे रही है. इसके साथ ही अमेरिकी मार्शल प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को पूरा करते हुए नजर आ रहे हैं, वहीं  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी भी वहां मौजूद हैं. ये तस्वीर केवल एक आतंकी के ट्रांसफर का नहीं, बल्कि भारत की उस लंबी कानूनी और कूटनीतिक लड़ाई का नतीजा है जो सालों से जारी है. अमेरिका ने बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच राणा को भारत को सौंपा. अमेरिकी न्याय विभागकैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में अमेरिकी मार्शलों ने पाकिस्तानी नागरिक और कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा की हिरासत भारत के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों को सौंप दी। तहव्वुर राणा अब 18 दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में है, इस दौरान एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ करेगी, ताकि 2008 के हमलों के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके। इन हमलों में कुल 166 लोग मारे गए थे और 238 से अधिक घायल हुए थे। भारत लाते ही कराया गया मेडिकल चेकअप भारत के गुनाहगार तहव्वुर को विशेष सुरक्षा के बीच अमेरिकी से दिल्ली लाया गया था। उसे भारत लाने के लिए विशेष टीम गई थी, जिसने दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर प्लेन के लैंड होते ही तहव्वुर को NIA के हवाले कर दिया। एनआईए ने सबसे पहले तहव्वुर का मेडिकल चेकअपल कराया। इसके बाद यहां से सीधे उसे NIA कोर्ट ले जाया गया। NIA कोर्ट में रात 2 बजे के बाद तक सुनवाई चली। एनआईए ने राणा की कस्टडी मांगी और अदालत ने 18 दिनों के लिए जांच एजेंसी को उसकी कस्टडी दे दी। भारत न आने के लिए राणा ने दी थी ये दलील हालांकि, तहव्वुर राणा किसी भी कीमत पर अमेरिका से भारत नहीं आना चाहता था। उसने 13 फरवरी को दायर अपनी याचिका के गुण-दोष के आधार पर मुकदमेबाजी (सभी अपीलों की समाप्ति सहित) तक अपने प्रत्यर्पण और भारत के समक्ष आत्मसमर्पण पर रोक लगाने की मांग कर रहा था। उसने तर्क दिया था कि भारत को उसका प्रत्यर्पण अमेरिकी कानून और संयुक्त राष्ट्र के यातना विरोधी कन्वेंशन का उल्लंघन है, क्योंकि उसे भारत में यातना का खतरा है। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया था। भारत ने 7 मार्च को कहा था कि वह राणा के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने वाशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी। भारत को बड़ी सफलता भारत सालों से राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था. राणा ने इसे रोकने के लिए अमेरिका की हर अदालत का दरवाजा खटखटाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट तक से उसे राहत नहीं मिली. 9 अप्रैल को अमेरिकी मार्शल्स ने लॉस एंजेलिस एयरपोर्ट पर उसे भारत के हवाले किया recent visitors 46

हनुमान जयंती: हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ तुलसी का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया

इंदौर इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाएगा। यह दिन पूरे भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान हनुमान के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ तुलसी का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जयंती पर तुलसी दान करने से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं, बल्कि जीवन के कई कष्ट भी दूर होते हैं। तुलसी दान से मिलती है भगवान की कृपा तुलसी का पौधा देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और यह भगवान विष्णु को अति प्रिय है। चूंकि हनुमान जी भगवान राम के अनन्य भक्त हैं और रामचंद्र जी स्वयं विष्णु के अवतार हैं, ऐसे में तुलसी का दान अप्रत्यक्ष रूप से हनुमान जी और भगवान विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनता है। मानसिक शांति और साहस का आशीर्वाद हनुमान जयंती पर तुलसी दान करने से व्यक्ति को अखंड भक्ति, साहस, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। घर में तुलसी का पौधा लगाने या उसका दान करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है। ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स के अनुसार, तुलसी का दान करने से शनि और मंगल ग्रह की अशुभता कम होती है। हनुमान जी को इन दोनों ग्रहों के दोषों को शांत करने वाला देवता माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक दोष, शनि की साढ़ेसाती या राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव हों, उन्हें इस दिन तुलसी दान अवश्य करना चाहिए। पितृ दोष से भी मिलती है मुक्ति हनुमान जयंती पर तुलसी दान करना पितृ दोष की शांति में भी सहायक माना गया है। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो अपने जीवन में बार-बार बाधाओं और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार हनुमान जन्मोत्सव पर तुलसी दान एक अत्यंत सरल, लेकिन प्रभावशाली आध्यात्मिक और ज्योतिषीय उपाय है, जो जीवन को सुखद और संतुलित बना सकता है।   recent visitors 45

नियद नेल्लानार में शामिल गांवों में ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर दे रहे है आवेदन

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप सुशासन तिहार 2025 का आयोजन बीजापुर के अंदरूनी और संवेदनशील क्षेत्रों में भी आयोजित हो रही है। शासकीय कार्यों में पारदर्शिता लाने एवं शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु सुशासन तिहार का आयोजन शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित बीजापुर जिले को उन अंदरुनी इलाकों में भी आयोजित हो रही है जहां कभी माओवादियों के आतंक का खौफ रहता था उनके द्वारा जन अदालत लगाकर निर्दाेष लोगों को प्रताड़ित किया जाता था। उन क्षेत्रों में अब विष्णु के सुशासन का असर देखने को मिल रहा है आज ग्रामीण बेखौफ होकर विकास की मुख्य धारा से जुड़ने सड़क बिजली, पानी स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी राशन दुकान जैसे बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे है जो बदलते बीजापुर का पहचान है। जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा लोगों को सुशासन तिहार में शामिल होने तथा उनकी मांगांें तथा समस्याओं को निजात दिलाने व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर,कोण्डापल्ली, पामेड़, चुटवाही और गलगम, बीजापुर ब्लॉक के पालनार, कांवड़ गांव और मुतवेंडी सहित भैरमगढ़ ब्लॉक के गांव बांगोली, चिंगेर सहित बेचापाल जैसे जिले के चिन्हांकित कई अंदरुनी गांवों  में सुशासन तिहार का असर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सकारात्मक सोच और पहल से नियद नेल्लानार योजना के तहत इन गांवों को माओवाद के आतंक से मुक्त कर विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य बखूबी किया जा रहा है कई दशकों से अंधेरे में डूबे इन गांवों के ग्रामीण आदिवासियों के लिए अब सुनहरे भविष्य का सूर्याेदय होने से ग्रामीणों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिल रहा है। recent visitors 23

केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने शावेल मशीन और डम्फर में चढ़कर कोयला उत्पादन,परिवहन की गतिविधियां समझी,कर्मचारियों को किया पुरस्कृत

रायपुर : केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने किया विश्व के दूसरे बड़े गेवरा कोयला खदान का निरीक्षण केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने खदान में उतरकर, कोयले को उठाकर खदान को करीब से देखा केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने शावेल मशीन और डम्फर में चढ़कर कोयला उत्पादन,परिवहन की गतिविधियां समझी,कर्मचारियों को किया पुरस्कृत साइलो का किया अवलोकन रायपुर भारत सरकार में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने आज कोरबा जिले में स्थित भारत के सबसे बड़े और विश्व के दूसरे बड़े कोयला खदान का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यू पॉइंट पर जाकर एसईसीएल गेवरा खदान में कोयला उत्खनन-परिवहन की प्रक्रिया देखी। उन्होंने यहां आधुनिक तकनीकों के साथ किए जा रहे कोयला उत्पादन की प्रक्रिया को समझने के साथ ही खदान क्षेत्र में शावेल मशीन और डम्फर में चढ़कर लोडिंग और परिवहन की स्थिति को जाना। खदान के सरफेस एरिया में जाकर उन्होंने सरफेस माइनर से कोयला कटिंग को देखने के साथ ही हाथों में कोयला उठाकर क्वालिटी को परखा। कोयला एवं खान मंत्री ने गेवरा कोल एरिया के साइलो का भी अवलोकन किया और ट्रैक में कोयला लोडिंग की जानकारी ली। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने गेवरा खदान व्यू पॉइंट स्थल पर पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से एसईसीएल क्षेत्र में कोयला उत्पादन को लेकर किये जा रहे कार्य,परिवहन, तकनीकी समावेश, सामुदायिक विकास, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों को भी जाना। मौके पर उपस्थित एसईसीएल के अधिकारियों ने कोयला उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी। अधिकारियों ने केंद्रीय कोयला और खान मंत्री रेड्डी को खदान क्षेत्र की सम्पूर्ण गतिविधियों को साझा किया। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश मे ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ काम किया जा रहा है। इसके लिए पर्यावरण के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज मैंने भारत के सबसे बड़े और विश्व के दूसरे सबसे बड़े कोयला खदान गेवरा पहुंच कर अवलोकन किया है। यहां मैंने देखा कि हमारे अधिकारी और कर्मचारी कड़ी मेहनत कर कठिन परिस्थितियों में भी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कोयला उत्पादन को बढ़ाने के साथ ही आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर माईन क्लोजर एक्टिविटी के लिए एक्शन प्लान बनाने और अगले तीन वर्षों में पर्यावरण के मानकों के अनुरूप इस दिशा में कार्य करते हुए ग्रीनरी डेवेलप की बात कही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने एसईसीएल के उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने एसईसीएल श्रमिकों से चर्चा की और उनकी मांगो और सुझावों के विषय में ध्यान देने की बात कही। recent visitors 19

पीथमपुर में प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, इंदौर से मंगाई एक हजार लीटर फोम, रेत-मिट्‌टी की दीवार बना रहे

धार  पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिग्नेट पाइप फैक्ट्री में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक है कि इसका धुआं लगभग 10 किलोमीटर दूर से साफ नजर आ रहा है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 गाड़ियां, एसडीआरएफ की टीम और तीन अलग-अलग थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने का अभियान देर रात से जारी है। प्लास्टिक पाइप बनाने का होता है काम फैक्ट्री में प्लास्टिक पाइप बनाने का काम होता है। कच्चे माल में आग पकड़ने ने के कारण लपटें ने विकराल रूप ले लिया। एसडीएम प्रमोद कुमार गुर्जर ने बताया कि सुलावट स्थित एक उद्योग में आग लगी है , यह कंपनी पाईप का निर्माण करती है। नगर पालिका, प्रशासन, नगरीय प्रशासन, पुलिस फायर स्टेशन के दमकल अभी बचाव में यहां लगा हुआ है। इस पर काबू करने का प्रयास कर रहे है। आग तड़के करीब ढाई बजे लगी, लेकिन अभी तक आग लगने का सही कारण पता नहीं चल पाया है। विशेष फायर फाइटर फोम मंगवाया थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी के अनुसार, इंदौर एयरपोर्ट से भी विशेष फायर फाइटर और फोम मंगवाया गया है। रेत के कई ट्रक आग को नियंत्रित करने के लिए फैक्ट्री के अंदर भेजे गए हैं। अब तक 25 डंपर रेत का उपयोग किया जा चुका है। दो क्रेन जलकर राख इस हादसे में फैक्ट्री में खड़ी दो क्रेन पूरी तरह जल गई हैं। आसमान में काला धुआं अब भी नजर आ रहा है। आग बुझाने के कार्य में लगभग 70 फायर फाइटर, 150 से अधिक नगर पालिका कर्मचारी, एसडीएम, तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह, मुख्य नगरपालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ला समेत पुलिस बल लगातार जुटा हुआ है। इंदौर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने आग पर नियंत्रण के लिए एक हजार लीटर फोम मंगवाने के निर्देश दिए। पिछले साल भी लगी थी आग गौरतलब है कि पिछले साल 11 जून को भी इसी फैक्ट्री में आग लगी थी, जिसे बुझाने में 11 घंटे से अधिक समय लगा था। तब भी 20 से अधिक दमकलें, रेत-मिट्टी और फोम का उपयोग कर आग पर काबू पाया गया था। तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह ने कहा कि आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही आग पूरी तरह बुझा ली जाएगी। हालांकि, फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। recent visitors 42