Tuesday, July 7, 2026 2:54 am

स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने ऑपरेटर्स को दिया टैबलेट और फिंगरप्रिंट स्कैनर

रायपुर भारत सरकार द्वारा संचालित जन्म लिंक आधार पंजीकरण योजना के अंतर्गत, देश के प्रत्येक नागरिक को आधार कार्ड से जोड़ने की पहल को और सुदृढ़ बनाने हेतु, अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं का आधार कार्ड बनाया जाएगा। यह कदम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी ढंग से प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा। आधार कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, और वित्तीय सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थ ऑपरेटर्स को LMS (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) और NSEIT (नेशनल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट इंडेक्स टेस्ट) परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, जिसके लिए प्रशिक्षण प्रदाय किया गया है | अब तक 6 स्वास्थ्य संस्थानों के ऑपरेटर्स ने इन मानकों को पूरा कर लिया है। स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया के हाथों सफल उम्मीदवारों को टैबलेट और फिंगरप्रिंट स्कैनर उपकरण प्रदान किए गए हैं। योजना के तहत, प्रत्येक संस्थान में CELC (चाइल्ड एनरोलमेंट लाइट क्लाइंट) किट (एंड्रॉइड टैबलेट और फिंगरप्रिंट डिवाइस) की व्यवस्था की गई है, जो आधार पंजीकरण को तीव्र और सुगम बनाएगी। योजना की प्रगति की आयुक्त एवं संचालक, स्वास्थ्य सेवाएँ सुश्री प्रियंका शुक्ला द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है।संस्थानों से प्राप्त डेटा का UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है। शीघ्र ही यह योजना राज्य के सभी जिलों के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लागू की जाएगी। recent visitors 24

पेयजल समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने ली मैराथन बैठक

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने तापमान में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद पेयजल की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री निवास पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी में जनता को अगर पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अफसरों की खैर नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पेयजल मुहैया करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलक्टर्स कंटीन्जेंसी प्लान के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना सक्षम अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें। तेजी से पूरे करें नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने और पुरानों की मरम्मत के काम— मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गर्मी को देखते हुए नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपम्प, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने सहित पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य 15 मई से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिला कलक्टरों को एक-एक करोड़ रुपए का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। अधिकांश जिलों में इस फंड का उपयोग करते हुए स्वीकृतियां जारी कर कार्य शुरू कर दिये गए हैं। उन्होंने शेष जिलों के जिला कलक्टरों को भी स्वीकृतियां शीघ्र जारी कर कार्य दी गई समयसीमा में पूरा करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 मई से पहले गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपम्प और नलकूपों को चालू कर दिया जाए तथा इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपम्प की वित्तीय स्वीकृति भी जल्द जारी कर कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। बैठक में बताया गया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल माह में 2 लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपम्पों की मरम्मत की गई है। गत वर्ष बजट में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 नलकूप और 10 हैण्डपम्प स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 800 से अधिक नलकूप और 1400 हैण्डपम्प इस माह के अंत तक क्रियाशील हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपए के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपए के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने तथा पम्पसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जो कार्य अभी तक भी प्रारम्भ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के पीक सीजन में टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर दी गई है। कंट्रोल रूम नम्बरों का करें व्यापक प्रचार-प्रसार— मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएचईडी अधिकारी बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय बना कर रखें ताकि पीक लोड के कारण बिजली ट्रिपिंग, फॉल्ट आदि की स्थिति में भी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं हो। उन्होंने कहा कि पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम्स के नम्बरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर इन पर आने वाली शिकायतों का त्वरित और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। नहरबंदी के दौरान रखें जल भंडारण की पूरी व्यवस्था— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के जिलों में नहरबंदी के दौरान भी पेयजल की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, इसके लिए उन्होंने स्वयं हनुमानगढ़ और गंगानगर के दौरे के दौरान अधिकारियों से चर्चा कर स्थिति की समीक्षा की है। पेयजल की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए नहरबंदी के दौरान पहले माह में आंशिक क्लोजर ही रखा गया है और पेयजल के लिए पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। पूर्ण नहरबंदी के समय पेयजल आपूर्ति के लिए पीएचईडी अधिकारियों को जल भंडारण की पूरी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी माह जारी होंगे जेजेएम के 5 हजार वर्क ऑर्डर— मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने हमारे आग्रह पर जल जीवन मिशन की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ा दी है। उन्होंने जल जीवन मिशन में शेष वर्क आर्डर शीघ्र जारी करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अप्रेल माह में 5 हजार करोड़ के कार्यादेश जारी कर जेजेएम के कार्यों को गति प्रदान की जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन योजनाओं को सफलतापूर्वक चलाने के लिए संचालन एवं संधारण नीति शीघ्र जारी किये जाने के निर्देश प्रदान किये। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीएचईडी) श्री भास्कर ए. सावंत ने बताया कि विभाग की वृहद परियोजनाओं में कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध तरीके से इनके कार्य करवाए जा रहे हैं। अक्टूबर 2025 तक 59 परियोजनाओं के लिए 44 हजार 889 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी जाएगी। इसके लिए फंड की व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हुडको, आरईसी जैसी संस्थाओं के माध्यम से भी ऋण की व्यवस्था की जा चुकी है। बढ़े हुए जल शुल्क की अधिसूचना जारी की जाकर हुडको से ऋण प्राप्त करने की कार्रवाई जारी है।     recent visitors 26

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रवास पर आए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से सौजन्य मुलाकात की

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर आए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी से आज रात यहां एक निजी होटल में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री  अरूण साव और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित थे। recent visitors 19

कक्षा 8वीं तक के सभी विद्यालयों में दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित: जिला शिक्षा अधिकारी

भोपाल भोपाल जिले में तापमान में लगातार वृद्धि को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के कक्षा 8वीं तक के सभी विद्यालयों में दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित किया है। यह आदेश विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर 9 अप्रैल 2025 को जारी किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि कक्षा 8वीं तक की किसी भी शाला में दोपहर 12 बजे के बाद अध्यापन कार्य नहीं होगा।   recent visitors 20

आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी, 1100 अंक चढ़ा सेंसेक्‍स, इन 10 स्‍टॉक्‍स में तगड़ी उछाल

मुंबई भारतीय बाजार में आज शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्‍स 1000 अंक ऊपर चढ़कर खुला है, जबकि निफ्टी में करीब 360 अंकों की उछाल आई है. इसके अलावा, बैंक निफ्टी में 500 अंकों की तेजी आई है. हालांकि कुछ देर बाद सेंसेक्‍स 1151 अंक उछलकर 75000 के ऊपर पहुंच गया, जबकि Nifty 364 अंक चढ़कर 22764 लेवल पर पहुंच गया. वहीं बैंक निफ्टी में 700 अंकों की ज्‍यादा तेजी आई है. BSE टॉप 30 शेयरों में से 3 शेयरों को छोड़कर बाकी के सभी शेयर शानदार तेजी दिखा रहे हैं. सनफार्मा के शेयर (Sun Pharma Share) में 4.44 फीसदी की तेजी आई है. इसके अलावा Tata Motors के शेयर में 4.21 फीसदी और टाटा स्‍टील के शेयर में 3.50 फीसदी की तेजी आई है. टीसीएस और एशियन पेंट्स के शेयर में मामूली गिरावट देखी जा रही है. क्‍यों आई ये शानदार तेजी? शेयर बाजार में तेजी की बड़ी वजह बुधवार को ग्‍लोबल मार्केट में आई उछाल और डोनाल्‍ड ट्रंप द्वारा चीन को छोड़कर बाकी देशों पर 90 दिनों तक टैरिफ को रोक दिया. जिसे लेकर भारतीय बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा, सनफार्मा और रिलायंस जैसे हैवीवेट शेयरों तेजी से खरीदारी बढ़ रही है. आज के टॉप गेनर शेयर Welspun Living के शेयर आज 6 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर 120 रुपये पर कारोबार कर रहा है. नुवामा वेल्‍थ के शेयरों में 5 फीसदी, Keynes Tech के शेयर में 4.66 प्रतिशत की तेजी आई है. PI industries के शेयर 5.45 फीसदी, KPIT Tech के शेयर में 5 प्रतिशत की तेजी आई है. इसके अलावा, सोलर इंडस्‍ट्रीज के शेयर में 3.50 फीसदी, Adani Enterprises के शेयर 4.60 फीसदी, टाटा स्‍टील के शेयर 4.36 फीसदी, टाटा मोटर्स के शेयर में 4.21 प्रतिशत और जेएसडब्‍लू के शेयर में 4.26 फीसदी की तेजी आई है.   एशियन और ग्‍लोबल मार्केट में गिरावट बुधवार की तेजी के बाद ग्‍लोबल मार्केट में गुरुवार को भारी गिरावट आई है. डॉउ जोन्‍स 1000 अंकों से ज्‍यादा गिरा. वहीं 3 से 4 फीसदी तक टूट गए. इसके अलावा, एशियन मार्केट में गिरावट देखने को मिली. जापान के निक्‍केई में 1400 अंकों की गिरावट आई थी. वहीं चीन के शेयर बाजार में मामूली तेजी देखी गई है. recent visitors 40

SC-ST के हजारों कर्मचारियों की पदावनति का खतरा बना रहेगा

भोपाल मध्य प्रदेश में जहां एक ओर अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के हजारों कर्मचारियों पर डिमोशन की तलवार लटक रही है। ये वे कर्मचारी हैं, जिन्हें 2002 के प्रमोशन में आरक्षण नियम के तहत पदोन्नति दी गई थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने अप्रैल 2016 में इस नियम को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद इन प्रमोशंस की वैधता पर सवाल उठ गए। सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश हैं। लेकिन अंतिम निर्णय तक SC-ST कर्मचारियों की पदावनति का खतरा बना हुआ है।   प्रमोशन में आरक्षण का इतिहास सन् 2002 में तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार ने SC-ST वर्ग के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए नियम बनाए थे। इन नियमों के आधार पर 2016 तक कई कर्मचारियों को पदोन्नति मिली। इससे SC-ST वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों को काफी फायदा हुआ, वे लगातार ऊंचे पदों पर पहुंचते गए। दूसरी ओर, ओबीसी और अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी, जो वरिष्ठ थे, प्रमोशन में पीछे छूट गए। इस असमानता के खिलाफ मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां सभी तथ्यों पर विचार के बाद नियम को रद्द कर दिया गया। हाई कोर्ट के फैसले से इन कर्मचारियों के डिमोशन की स्थिति बन गई, जिसे रोकने के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट का रुख सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों को 2002 के नियम के तहत प्रमोशन मिला, उनकी स्थिति अभी सुरक्षित है, लेकिन यह सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी। विधि एवं विधायी जैसे विभागों में जो नई प्रमोशंस दी गई हैं, उनमें स्पष्ट लिखा है कि ये सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अधीन रहेंगी। ऐसे में SC-ST कर्मचारियों पर अनिश्चितता का साया बना हुआ है। यदि सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है, तो इन कर्मचारियों को पदावनत होना पड़ सकता है। सपाक्स की मांग: सभी वर्गों के हितों का ध्यान सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) के अध्यक्ष केपीएस तोमर ने कहा कि 2002 के नियम से अनारक्षित और ओबीसी वर्ग के कर्मचारियों के साथ अन्याय हुआ। उनका तर्क है कि SC-ST कर्मचारी मेरिट के आधार पर अनारक्षित पदों पर पहुंच गए और आरक्षित पद भी हासिल किए, जिससे उन्हें दोहरा लाभ मिला। तोमर ने सुप्रीम कोर्ट के नागराज प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि प्रमोशन में प्रतिनिधित्व और दक्षता को आधार बनाना चाहिए। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार जैसे राज्यों में आरक्षण खत्म कर वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन लागू किया गया है। मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही होना चाहिए। सरकार की नई रणनीति प्रमोशन का रास्ता निकालने के लिए सरकार नए नियम बनाने की तैयारी में है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि फिर से 36% SC-ST और 64% अनारक्षित पदों का फॉर्मूला लाया गया, तो यह विवाद को और बढ़ाएगा। सपाक्स और कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा जाए। सरकार प्रमोशन में संतुलन नहीं लाती, तो यह मुद्दा और जटिल हो सकता है। कर्मचारी चाहते हैं कि प्रमोशन का आधार वरिष्ठता और प्रदर्शन हो, न कि केवल आरक्षण।   recent visitors 21

RCB को घर में घुसकर दिल्ली ने हराया, केएल राहुल की जबरदस्त पारी

बेंगलुरु  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-24 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से हुआ. 10 अप्रैल (गुरुवार) को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने छह विकेट से जीत हासिल की. मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए 164 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 13 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. राहुल की शानदार पारी, दिल्ली का विजयी 'चौका' दिल्ली कैपिटल्स की जीत में केएल राहुल की अहम भूमिका रही. केएल राहुल ने नाबाद 93 रन बनाए. राहुल ने 53 गेंदों की पारी में सात चौके और छह छक्के जड़े. दिल्ली कैपिटल्स की मौजूदा सीजन में ये लगातार चौथी जीत रही और उसका विजय रथ जारी है. वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पांच मैचों में ये दूसरी हार रही. टारगेट का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 10 रनों के स्कोर तक दो विकेट खो दिए. पहले यश दयाल ने फाफ डु प्लेसिस (2) को आउट किया. फिर दूसरे सलामी बल्लेबाज जेक फ्रेजर-मैकगर्क (7) को भुवनेश्वर कुमार ने पवेलियन भेज दिया. फिर दिल्ली को भुवनेश्वर कुमार ने जल्द ही तीसरा झटका दिया, जब 'इम्पैक्ट सब' अभिषेक पोरेल (7) बड़ा शॉट मारने के चक्कर में विकेटकीपर जितेश शर्मा को कैच थमा बैठे. कप्तान अक्षर पटेल भी 15 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके कारण दिल्ली का स्कोर 4 विकेट पर 58 रन हो गया. यहां से केएल राहुल और ट्रिस्टन स्टब्स ने मिलकर दिल्ली कैपिटल्स की वापसी कराई. दोनों के बीच 111 रनों की नाबाद साझेदारी हुई. राहुल शुरुआत से ही लय में दिखे और उन्होंने खराब गेंदों पर कड़े प्रहार किए. राहुल ने 37 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. फिफ्टी जड़ने के बाद राहुल ने आक्रामक रवैया अपनाया और पारी के 15वें ओवर में जोश हेजलवुड की गेंदों पर 22 रन बनाए. इस ओवर के बाद मैच दिल्ली की तरफ शिफ्ट हो गया. स्टब्स (नाबाद 38) ने भी बाद में कुछ बेहतरीन शॉट्स लगाकर दिल्ली का काम आसान कर दिया. RCB विकेट लेकर भी नहीं कर पाई कंट्रोल RCB ने जैसे तैसे कर 163/7 का स्कोर 20 ओवर्स में बनाया. दिल्ली जब रनचेज करने उतरी तो लगा कि बेंगलुरु इस मैच में कमाल कर देगी. फाफ डु प्लेस‍िस (2) को यश दयाल ने कप्तान पाटीदार के हाथों कैच आउट करवाया. फ‍िर जेक फ्रेजर मैकगर्क (7) और इम्पैक्ट सब अभ‍िषेक पोरेल (7) दोनों ही भुवनेश्वर कुमार की गेंदों पर विकेटकीपर ज‍ितेश शर्मा को कैच दे बैठे. इस तरह दिल्ली का स्कोर इन तीनों के आउट होते हुए 5 ओवर के अंदर 30/3 हो गया. कुछ देर बाद अक्षर पटेल (15) भी चलते बने. इस तरह दिल्ली का स्कोर 58/4 हो गया. recent visitors 38