ये संस्कृत सूक्तियां, देती हैं जीवन जीने की सीख

लाइफ को कैसे जिया जाए कि इंसान खुश, कामयाब और स्वस्थ रह सके। इसके लिए आजकल लोग सोशल मीडिया पर और गूगल पर सर्च करते हैं। और कई सारे आध्यात्मिक गुरुओं का चक्कर लगाते हैं। लेकिन जीवन को सक्सेजफुली और हैप्पी तरीके से जीने की सीख हमारे वेद-पुराणों में लिखी गई है। जिसे अक्सर आध्यात्मिक गुरु भी बताते हैं। साथ ही इस बात की सीख हमें स्कूल में भी दी जाती है। संस्कृति की कुछ सूक्तियां जो वेदों-उपनिषदों में विद्वानों ने लिखी हैं। अगर उनका मतलब समझ लें तो लाइफ को जीना आसान हो जाएगा और बहुत सारे दुखों से छुटकारा भी मिल जाएगा। सूक्ति- सहसा विदधीत न क्रियाम्। अर्थ- इस सूक्ति में बताया गया है कि कभी भी किसी भी काम को बिना सोच-विचार के नहीं करना चाहिए। इससे फायदा कम और नुकसान होने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जब भी किसी नए काम को शुरू करें तो उसके भावी परिणाम के बारे में विचार जरूर कर लें। सूक्ति- अशांतस्य कुत: सुखम्। अर्थ- इस सूक्ति का बहुत ही गहरा अर्थ है। अगर आप मानसिक रूप से अस्तव्यस्त और अशांत रहते हैं। मन में विचारों की लहर चलती रहती है और आप एकचित्त नहीं रह पाते हैं तो ऐसे इंसान को कभी भी सुख नहीं मिलता है। अगर आप सुखी जीवन जीना चाहते हैं तो हमेशा मन को शांत करें। तभी सुख का अनुभव होगा। सूक्ति- अनार्य: परदारव्यवहार:। अर्थ– जीवन में सदाचार जिसे अंग्रेजी में मोरैलिटी भी कहते हैं। बहुत जरूरी है नैतिकता होना ही लाइफ में सक्सेज की निशानी भी है। संस्कृत की ये सूक्ति कहती है कि पराई स्त्री के विषय में बात करना भी अपराध के समान है। सूक्ति- अनुलड़्घनीय: सदाचार:। अर्थ- हमेशा अच्छे विचारों और अच्छे कामों को करना चाहिए। सदाचार का कभी उल्लड़्घन नहीं करना। सूक्ति- अनतिक्रमणीया नियतिरिति। अर्थ– अक्सर विद्वान कहते हैं कि नियति हर इंसान की अलग-अलग होती है। इसे कोई नहीं टाल सकता। इसलिए जब लाइफ आपके अनुसार ना चल रही हो तो उसे नियति मानकर शांत रहना चाहिए और घबराना नहीं चाहिए। सूक्ति- न वित्तेन तर्पणीयो मनुष्य। अर्थ- मनुष्य धन की इच्छा से कभी तृत्प नहीं होता, उसका लालच बढ़ता जाता है। इसलिए धन के पीछे भागने की गलती नहीं करनी चाहिए बल्कि अपने कर्मों को स्ट्रांग बनाना चाहिए। सूक्ति- विभूषणं मौनमपण्डितानाम्। अर्थ- अक्सर विद्वान कहते हैं कि मूर्खों के लिए मौन रहना ही सबसे बेहतर होता है। इसका मतलब है कि कभी भी किसी के साथ बहस में जीतने की बजाय चुप रह जाना ज्यादा अच्छा होता है। recent visitors 40

पूनावाला और सपा नेता राजकुमार भाटिया के बीच हुई बहस को लेकर सौरभ भारद्वाज ने दी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज शुक्रवार को भाजपा के मुस्लिम नेता शहजाद पूनावाला पर तमतमा गए। पूर्व मंत्री इस तरह गरम हुए कि ऐसे लोगों का हाथ-पैर तोड़ देने तक की बात कह दी। एक टीवी डिबेट शो के दौरान पूनावाला और सपा नेता राजकुमार भाटिया के बीच हुई बहस को लेकर सौरभ भारद्वाज ने यह इस तरह की प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूनावाला पर कहा, 'यह नालायक और घटिया आदमी एक हिंदू को अपनी बहन से शादी करने के लिए कह रहा है।' दरअसल, एक टीवी डिबेट शो का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें शहजाद पूनावाल और राजकुमार भाटिया के बीच बहस हो रही है। वीडियो में पूनावाला यूसीसी का जिक्र करते हुए कहते हैं, 'यदि आपको अपनी बहन से शादी करनी है तो करिए लेकिन यदि वह 15 साल से कम उम्र की है और आप 60 साल होंगे, तो हिंदू को सजा होगी तो दूसरे वर्ग को भी होगी।' सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर जाहिर किया गुस्सा राजकुमार भाटिया इस पर उखड़ पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि पूनावाला बहन से शादी वाली टिप्पणी उनके ऊपर कर रहे हैं। हालांकि, पूनावाला ने कहा कि वह उनके (भाटिया) के लिए ऐसा नहीं कह रहे हैं। एंकर के बीच बचाव के बाद भी दोनों के बीच काफी बहस होती है। सौरभ भारद्वाज ने कहा- हाथ पैर- तोड़ दो, केस हम लड़ेंगे अब इसी वीडियो लेकर सौरभ भारद्वाज ने भी बेहद गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'यह नालायक और घटिया आदमी एक हिंदू को अपनी बहन से शादी करने के लिए कह रहा है। और इसकी इतनी हिम्मत हो गई कि TV पर यह बात कह रहा है। पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। अगर ये बात कोई कहे तो ऐसे आदमी के हाथ पैर स्टूडियो में ही तोड़ देने चाहिए। मुकदमा निशुल्क हम लड़ेंगे।' recent visitors 41

दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार बस ने सिग्नल पर खड़ी बाइकों को मारी ठोकर, एक की मौत, तीन लोग घायल

कोंडागांव जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। ब्रेक फेल होने से तेज रफ्तार बस ने कोंडागांव में ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी बाइकों और पैदल यात्रियों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि एक बाइक सवार युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार बहुत ज्यादा थी और चालक ने ट्रैफिक सिग्नल की पूरी तरह अनदेखी की। हादसे के बाद चालक बस को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने बस को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस शिनाख्ती में जुटी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद लोगों में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैफिक नियमों की कड़ी निगरानी हो और दोषी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए। recent visitors 33

कोलकाता ने चेन्नई के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया

चेन्नई चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल 2025 का 25वां मुकाबला खेला जा रहा है। एमए चिदंबरम स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में एमएस धोनी पहली बार जारी सीजन में चेन्नई की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। क्योंकि नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ कोहनी में फ्रेक्चर के कारण आईपीएल के बचे हुए सीजन से बाहर हो गए। चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है, टीम ने 5 मैच खेले हैं और सिर्फ एक में जीत हासिल की है। वहीं दूसरी तरफ कोलकाता की टीम ने 5 मैच खेलते हुए दो में जीत दर्ज की है। कोलकाता ने जीता टॉस कोलकाता ने चेन्नई के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। पॉइंट्स टेबल में कौन आगे चेन्नई सुपर किंग्स की टीम पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर मौजूद है। टीम ने पांच खेलते हुए चार गंवाए हैं और सिर्फ एक जीत सकी है। वहीं कोलकाता की टीम पांच मैच खेलते हुए दो जीती है और तीन गंवाए हैं। recent visitors 27

पीएम मोदी मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने आनंदपुर धाम में गुरु जी महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की

अशोक नगर उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने अशोक नगर जिले में स्थित आनंदपुर धाम में गुरु जी महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हर गरीब 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' से खाने की चिंता से मुक्त है, आज हर गरीब और बुजुर्ग 'आयुष्मान योजना' के कारण इलाज की चिंता से मुक्त है, आज हर गरीब 'पीएम आवास योजना' के कारण अपने पक्के घर की चिंता से मुक्त हो रहा है, आज 'जल जीवन योजना' के कारण गांव-गांव में पानी की समस्या का समाधान हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में रिकॉर्ड संख्या में नए एम्स, आईआईटी और आईआईएम खुल रहे हैं। गरीब से गरीब वर्ग के बच्चे के सपने साकार हो पा रहे हैं। हमारा पर्यावरण स्वच्छ हो, प्राकृतिक संरक्षित रहे, इसके लिए सरकार ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान भी शुरू किया है। आज इस अभियान के तहत देश में करोड़ों पेड़ लगाए जा चुके हैं। देश इतने बड़े स्तर पर इतना कुछ कर पा रहा है, इसके पीछे हमारा सेवाभाव ही है। गरीब और वंचित के उत्थान का संकल्प 'सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र, सेवा की यह भावना, आज सरकार की नीति भी है और निष्ठा भी है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि जिस भूमि का कण-कण संतों की तपस्या से सींचा गया हो, जहां परमार्थ एक परंपरा बन चुका हो, जहां सेवा के संकल्प मानवता के कल्याण का पथ प्रशस्त करते हों, वह धरती साधारण नहीं है। इसी कारण हमारे संतों ने अशोक नगर के बारे में कहा था कि यहां शोक आने से डरता है। मुझे खुशी है कि आज यहां बैसाखी और श्री गुरु महाराज जी के अवतरण दिवस के उत्सव में मुझे शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा भारत ऋषियों, मनीषियों और संतों की धरती है। जब-जब हमारा भारत, हमारा समाज, किसी मुश्किल दौर से गुजरता है, कोई न कोई ऋषि, मनीषी इस धरती पर अवतरित होकर समाज को नई दिशा देता है। हम पूज्य स्वामी अद्वैतानंद जी महाराज के जीवन में भी इसकी झलक देख सकते हैं। उन्होंने जिक्र किया कि एक समय था, जब आदि शंकराचार्य जैसे आचार्यों ने अद्वैत दर्शन के गहरे ज्ञान की व्याख्या की थी। गुलामी के कालखंड में समाज इस ज्ञान को भूलने लगा। लेकिन, उसी कालखंड में ऐसे ऋषि-मुनि भी आए, जिन्होंने अद्वैत विचार से राष्ट्र की आत्मा को झकझोरा। इसी परंपरा में पूज्य अद्वैतानंद जी महाराज ने भारत के जन सामान्य तक इसे पहुंचाने का बीड़ा उठाया। महाराज जी ने अद्वैत के ज्ञान को हम सभी के लिए और सरल बनाया, उसे सामान्य मानव के लिए और सुलभ कर दिया। recent visitors 30

कौन हैं जस्टिस संजय कुमार, जिन्होंने कहा- पीड़िता खुद रेप की जिम्मेदार, आरोपी को दी बेल

नई दिल्ली इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अभी हाल ही में पीजी की एक छात्रा से बलात्कार करने के आरोपी शख्स को जमानत देते हुए कहा था कि पीड़िता खुद ही उस घटना के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि उसी ने मुसीबत को न्योता दिया था। इस मामले की सुनवाई करने वाले और आरोपी को बेल देने वाले जज जस्टिस संजय कुमार सिंह ने कहा कि पीड़िता ने शराब के नशे में धुत्त होकर आरोपी के घर जाने के लिए सहमति देकर खुद ही मुसीबत को बुलाया था। पिछले महीने दिए अपने फैसले में जस्टिस सिंह ने कहा कि महिला एमए की छात्रा है और इसलिए वह अपने हरकत की नैतिकता और महत्व को समझने में सक्षम थी। इसलिए कहा जा सकता है कि उसने खुद मुसीबत को न्योता दिया था। गुरुवार को जब यह खबर आई, तो राजनेताओं समेत कई लोगों ने जस्टिस संजय कुमार सिंह के फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनके इस फैसले की हर तरफ आलोचना हो रही है। दरअसल, यह फैसला न्यायिक दृष्टिकोण और लैंगिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती है। कौन हैं जस्टिस संजय कुमार सिंह इलाहाबाद हाई कोर्ट की वेबसाइट पर दिए गए विवरण के अनुसार, जस्टिस संजय कुमार सिंह का जन्म 21 जनवरी, 1969 को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में हुआ था। उन्होंने 1988 में इविंग क्रिश्चियन कॉलेज, इलाहाबाद (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) से विज्ञान में स्नातक की उपाधि हासिल की है। इसके बाद उन्होंने कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध दयानंद कॉलेज ऑफ लॉ, कानपुर से 1992 में कानून की डिग्री की। उन्होंने 9 मई, 1993 को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में लंबे समय तक वकालत की। कब बने हाई कोर्ट में जज जस्टिस सिंह ने अपने पिता स्वर्गीय शीतला प्रसाद सिंह के मार्गदर्शन में वकालत की बारीकियां सीखीं। उनके पिता इलाहाबाद हाई कोर्ट में आपराधिक मामलों के नामी वकील थे। वह सरकारी अधिवक्ता भी रह चुके थे। अपने करीब ढाई दशक के वकालत पेशे के दौरान सिंह ने सिविल, सर्विस, शिक्षा और विविध रिट मामलों में अच्छी लॉ प्रैक्टिस की। उन्हें 22 नवंबर, 2018 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। फिर दो साल बाद 20 नवंबर, 2020 को उन्हें वहीं यानी इलाहाबाद हाई कोर्ट में ही स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई। हाई कोर्ट के फैसले पर पहले भी विवाद यह पहला मामला नहीं है, जब इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर विवाद हुआ है। इससे पहले पिछले महीने 26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें कहा गया था कि महिला के स्तनों को पकड़ना और उसके पायजामे की डोरी खींचना बलात्कार का प्रयास नहीं माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह आदेश पूरी तरह से असंवेदनशीलता और अमानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने 17 मार्च को अपने फैसले में ये टिप्पणियां की थीं। उस समय भी जस्टिस मिश्रा की खूब आलोचना हुई थी। recent visitors 34

543.31 लाख पात्र हितग्राहियों में से शेष 108.27 लाख हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक पूर्ण करने निर्देश

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने राष्ट्रीय खाद्य, सुरक्षा अधिनियम के पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर करने के निर्देश दिये हैं। मंत्री राजपूत ने बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 543.31 लाख पात्र हितग्राहियों में से शेष 108.27 लाख हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार द्वारा प्राप्त हुए हैं। समय-सीमा में समस्त पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी न होने पर हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। इसलिये समस्त पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री राजपूत ने बताया कि 9 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रदेश में ई-केवायसी कराने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष अभियान में ई-केवायसी से शेष रह गये सभी पात्र हितग्राहियों की सूची पीओएस मशीन, स्थानीय निकाय, जेएसओ लॉगिन पर उपलब्ध कराई गयी है। उन्होंने बताया कि विशेष अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग के स्थानीय अमले का सहयोग लिया जा रहा है। कैंप लगाकर करायी जाएगी ई-केवायसी खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा है कि अभियान में हितग्राहियों की ई-केवायसी ग्रामवार एवं मुहल्लेवार कैंप लगाकर की जाये। ई केवायसी करने गठित दलों को ग्राम अथवा मोहल्ले की सभी हितग्राहियों की ई-केवायसी करने के बाद ही अन्य ग्राम या मोहल्ले में कैंप आयोजित किये जाये। ई-केवायसी के दौरान परिवार के किसी सदस्य की मुत्यु होने, स्थायी रूप से प्रवास पर जाने एवं डुप्लीकेट होने पर एम राशन मित्र पोर्टल पर स्थानीय निकाय के लॉगिन से विलोपन हेतु प्रविष्टि की जाएगी। सभी संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को जारी हुये निर्देश राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत शामिल पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी 9 से 30 अप्रैल तक जिलावार पूर्ण कराने के लिये खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने समस्त संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को ई-केवायसी कार्य को गंभीरता से तिथिवार पूर्ण कराने के निर्देश जारी किये हैं। एसीएस श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा है कि ई-केवायसी से शेष हितग्राहियों की संख्या के अनुसार जिलों हेतु निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में शत्-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी पूर्ण कराये जाये। उन्होंने अफसरों को ई-केवायसी कार्य के जागरूकता के लिये व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये हैं।   recent visitors 53