दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेले का भव्य शुभारंभ : दरयानी

दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेले का भव्य शुभारंभ : दरयानी

Grand inauguration of two-day family Sindhi fair: Daryani भोपाल, ब्यूरो रिपोर्ट। सिंधी मेला समिति द्वारा लालघाटी स्थित सुंदरवन गार्डन में आज से पारिवारिक सिंधी मेले का भव्य आग़ाज होने जा रहा है, इस मेले की संपूर्ण तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी है। इस वर्ष यह मेला सिंधी सभ्यता एवं सुहिनी सभ्यता पर आधारिक होगा जिसमें प्रमुख रूप से समाज की संस्कृति, भाषा, बोली एवं सिंध की झलकियाँ को प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जायेगा, इसके अलावा पहली बार इस मेले में सिंधी समाज का प्रमुख हिंगलाज माता का मंदिर जो वर्तमान में सिंध पाकिस्तान के बलूचिस्तान के प्रांत में हिंगोल नदी के किनारे पर स्थित है उस मंदिर का प्रारूप इस मेले प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा। सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी एवं महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि भगवान झूलेलाल के बहराने के साथ इस मेले की विधि विधान से पूजा अर्चना कर शुरुआत कि जायेंगी, साथ ही मेले के प्रथम दिन देसी लेडी गागा (पिंकी मैदासानी, पिकोक) की प्रस्तुति भी इस वर्ष मेले में युवाओ के लिए आकर्षण का केन्द्र रहेगी, साथ ही युवाओं में जोश भरने के लिए सिम्फ़ोनी बैंड को भी मुख्य रूप से आमंत्रित किया गया है। रविवार को तारक मेहता उल्टा चश्मा फ़ैम टपू सेना भी इस सिंधी मेला में अपनी प्रस्तुति देकर इस मेले में चारचाँद लगायेंगे। इसके अलावा मेले में कई प्रकार के आकर्षण पुरस्कारों का भी वितरण समिति की और किया जायेगा। recent visitors 79

कोरबा जिले का प्राकृतिक खनिज संसाधनों की उपलब्धता के कारण अपनी विशिष्ठ पहचान :मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी और मिनी भारत के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा जिले का प्राकृतिक खनिज संसाधनों की उपलब्धता के कारण अपनी विशिष्ठ पहचान है। इसी कोरबा जिले के ग्राम कोहड़िया (चारपारा) में जन्मे प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन दोनों विभागों का दायित्व बखूबी निभा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री देवांगन का सार्वजनिक जीवन उतार-चढ़ाव के संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा। वे सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे। देवांगन वर्ष 1999 में प्रथम बार कोरबा नगर निगम के पार्षद पद पर निर्वाचित हुए। इसके पश्चात वे 2004 में नगर निगम कोरबा के महापौर चुने गए। वर्ष 2013 में देवांगन कटघोरा विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए। छत्तीगसढ़ शासन में उन्होंने संसदीय सचिव के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में वे कोरबा विधानसभा सीट से विधायक के रूप में विजयी हुए।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनकी काबिलयत को देखते हुए ऊर्जा एवं श्रम विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। जिसका वे कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा प्रदेश के नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 लागू की गई है। इसके उत्साह जनक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उद्योग विभाग द्वारा भारत की राजधानी नई दिल्ली के अलावा मुम्बई एवं बैंगलुरू में इन्वेस्टर कनेक्ट मीटिंग का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में निवेशकों ने नई औद्योगिक नीति से प्रभावित होकर छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने की मंशा जाहिर की है। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बीते माह मार्च में बैंगलुरू में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में इंजीनिरिंग टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक, आईटी/आईटीईस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल क्षेत्रों के कई बड़ी कंपनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी सोच है कि राष्ट्र के युवाओं के हाथों में अधिक से अधिक काम मिले। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सवा साल के भीतर प्रदेश सरकार द्वारा द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में ऐतिहासिक जनादेश मिला। सरकार के प्रति लोगों का विश्वास कायम हुआ। प्रदेश में अब ट्रिपल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। इससे छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास होगा। विष्णु देव की सरकार के एक साल के भीतर किसानों भाईयों के खाते में 52 हजार करोड़ रूपए अंतरित कर उन्हें उत्साह से भर दिया है। धान खरीदी समाप्त होने के एक सप्ताह भीतर किसानों को भुगतान कर दिया गया है। इससे बाजार भी गुलजार हुए हैं। इसका शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिख रहा है। ट्रेक्टर आदि की बिक्री ने रिकॉर्ड आकड़ा छू लिया है। जब किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश का उद्योग एवं व्यापार भी बढ़ेगा। प्राकृतिक खनिज संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ में उद्योग धंधे स्थापित करने की भरपूर संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश में सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया गया है। पोर्टल पर एक बार आवेदन से ही सभी विभागों का क्लीयरेंस मिलेगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का गठन हुए 16 महीने होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने से छत्तीसगढ़ में अब डबल इंजन की सरकार हो गई है। इसे प्रदेश का तेजी से विकास होगा। छोटे और मध्यम उद्योग हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा का स्त्रोत है। प्रधानमंत्री के विजन 2047 तक विकसित भारत और विकसित राज्य का निर्माण कैसे होगा, इस दिशा में काम किया जा रहा है। उद्योग मंत्री देवांगन का मानना है कि उद्योग और श्रम विभाग का परस्पर संबंध है। बिना श्रमिकों के उद्योग, धंधे सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सकते। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 600 बड़ी कंपनियां संचालित है, जिसमें से हाल ही में राज्य की 6 इकाईयां क्रमशः वासु लॉजिस्टिक लिमि, जैनम फेयरो एलोएस लिमि. के. एन. एग्री रिर्साेसेस लिमि., अर्हम टेक्नालॉजिस लिमि., चमन मेटालिक्स लिमि. एवं एटमास्टको लिमि. एन.एस.ई. में सूचीबद्ध हुई है, जबकि देश में लगभग 2512 कंपनियां एन.एस.ई. में रजिस्टर्ड है, जिनकी कुल बाजार पूंजी 464.38 लाख करोड़ है। उन्होंने उम्मीद जताई की आगामी वर्षों में देश की कुल बाजार पूंजी में छत्तीसगढ़ का भी योगदान निरंतर बढ़ता रहेगा। आगे भी इस तरह के सेमीनारों का आयोजन होगा। राज्य के निवेश प्रोत्साहन बोर्ड इस दिशा में निरंतर कार्य करेगा। उद्योग विभाग के समन्वय से प्रदेश में बीते जुलाई माह में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सेमीनार का आयोजन किया गया। इस सेमीनार में स्थानीय उद्योगों और कंपनियों को शेयर मार्केट के माध्यम से निवेश प्राप्त करने हेतु नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया। स्थानीय कंपनियों के स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से आईपीओ जारी करने और निवेश प्राप्त करने के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में यह आयोजन काफी मददगार साबित हुआ। इस सेमीनार में निवेश के इच्छुक उद्योग और कंपनियों को उनके एनएसई रजिस्ट्रेशन, हैंड हैंडलिंग, तकनीकी गाईड करना, उनका डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने संबंधी सारी प्रक्रिया की बेसिक जानकारी दी गई। श्रम का दायित्व निभा रहे लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को लगातार सरकार की योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। श्रम विभाग के तीनों मंडल – छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। श्रम मंत्री देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि श्रमिकों के बच्चे भी समाज के अन्य वर्गों के बच्चों की तरह उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर मिले इस दिशा में श्रम विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विष्णु देव की सरकार में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। recent visitors 23

इजरायली सेना लेगी ऐक्शन, उन लोगो पर जिन्होंने एक पत्र लिखा था कि सरकार यह जंग राजनीतिक फायदे के लिए लड़ रही है

तेल अवीव इजरायल की सेना का कहना है कि वह ऐसे वायु सैनिकों को सेवा से बाहर करेगी, जिन्होंने गाजा पर हमले का विरोध किया था। शुक्रवार को इजरायली सेना ने कहा कि यह ऐक्शन उन लोगों पर लिया जाएगा, जिन्होंने एक पत्र लिखा था और कहा था कि सरकार यह जंग राजनीतिक फायदे के लिए लड़ रही है। उसका मकसद बंधकों को घर वापस लाना नहीं है। इस लेटर पर समर्थन के तौर पर बड़ी संख्या में सैनिकों ने साइन भी किए थे। एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जाएगा कि कोई सेना के भीतर ही मतभेद की स्थिति पैदा करे। यह ऐसा समय है, जब सभी को मिलकर लड़ना चाहिए। ऐसा न करके उलटे सवाल उठाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसा करने से सैनिकों का मनोबल भी गिरता है। सेना ने कहा कि हमने फैसला लिया है कि ऐसा कोई भी आरक्षित सैनिक अब सर्विस में नहीं रहेगा, जिसने लेटर पर साइन किए हों। हालांकि इजरायल की सेना ने यह नहीं बताया है कि उसके ऐक्शन के कितने लोग शिकार होंगे। लेकिन अब तक मिली जानकारी के अनुसार इजरायली सेना में शामिल 1000 एयरफोर्स रिजर्व सैनिकों और रिटायर जवानों ने ऐसे लेटर पर साइन किए थे। यह लेटर इजरायली मीडिया में गुरुवार को प्रकाशित हुआ था। इस लेटर में मांग की गई थी कि हमास के कैद में जो बंधक हैं, उन्हें तुरंत वापस लिया जाए। भले ही इसके एवज में जंग को समाप्त ही क्यों न करना पड़े। यह लेटर ऐसे समय पर लिखा गया, जब इजरायल ने गाजा पर फिर से हमले तेज किए हैं। हमास को दबाव में लाने के लिए इजरायल ने गाजा पट्टी के दो रास्तों को ब्लॉक तक कर दिया है, जिनके जरिए मदद पहुंचती थी। इजरायल को लगता है कि इस दबाव के चलते हमास झुकेगा और बंधकों की रिहाई को लेकर कोई समझौता होगा। ऐसे में इस बीच सेना के भीतर से ही विरोध की आवाज ने उसकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। एक तरफ इससे यह संकेत गया है कि जंग को लेकर इजरायली सेना ही एकजुट नहीं है। इसके अलावा बेंजामिन नेतन्याहू सरकार पर भी सवाल खड़े करने की कोशिश हुई है। इजरायली सेना के अनुसार अब तक 59 लोग हमास के बंधक हैं और इनमें से करीब आधे लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि इजरायल की नाकेबंदी के चलते बीते कई सप्ताह से गाजा तक राशन, दवा समेत कई जरूरी चीजों की पहुंच तक मुश्किल हो गई है। इजरायल ने फिलहाल गाजा के एक बड़े हिस्से पर कब्जा जमा रखा है और वहां एक नया सिक्योरिटी कॉरिडोर भी स्थापित किया है। जंग के खिलाफ लेटर लिखने वाले सैनिकों ने युद्ध से हटने की बात नहीं कही है, लेकिन उन्होंने विरोध जरूर किया है। लेटर लिखने वाले लोगों में शामिल एक पूर्व सैनिक गाय पोरन ने कहा, 'यह एकदम अतार्किक बात है कि हम जंग लड़ते रहें। इससे हम बंधकों की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। इसके अलावा अपने सैनिकों पर भी खतरा है और गाजा के निर्दोष लोग भी इसमें मारे जा रहे हैं। इस जंग का कोई विकल्प भी हो सकता है, जिस पर हमें विचार करना चाहिए।' ऐसी ही भाषा उस लेटर की भी थी, जिसे सैनिकों ने लिखा था। recent visitors 28

करणी सेना को मिला राजा भैया का साथ, सपा सांसद के खिलाफ कल आगरा में बड़ा ‘संग्राम’

लखनऊ राणा सांगा को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के खिलाफ करणी सेना के आंदोलन को यूपी की कुंडा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का भी साथ मिल गया है। राणा सांगा की जयंती पर आगरा में शनिवार को होने वाले करणी सेना के आयोजन में राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल भी शामिल होगी। जनसत्ता दल के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से शनिवार को आगरा पहुंचने के लिए कहा गया है। करणी सेना ने इस आयोजन में ही सपा सांसद के खिलाफ कई मांगें रखने वाली हैं। क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष राज शेखावत ने चेतावनी दी है कि शाम पांच बजे तक उनकी मांगे नहीं मानी गई तो सपा सांसद के आवास की ओर कूच किया जाएगा। इससे पहले 26 मार्च को भी करणी सेना ने सांसद के आवास पर धावा बोला था। इस दौरान सांसद के आवास में घुसकर तोड़फोड़ की गई थी। पुलिस से झड़प भी हुई थी। कई पुलिस वाले घायल हो गए थे। राज शेखावत ने कई दिनों से आगरा में ही डेरा डाल रखा है। आयोजन में तीन लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है। इसी बीच शुक्रवार को राजा भैया के भाई एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने जनसत्ता दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को राणा सांगा की जयंती मनाने के लिए आगरा पहुंचने का आह्वान किया। एक्स पर अक्षय प्रताप ने लिखा कि राजा भइया के निर्देशानुसार समस्त जनसत्ता दल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि शनिवार 12 अप्रैल को आगरा पहुंचे और गढ़ीरामी, कुबेरपुर मैदान में भारी संख्या में पहुंचकर पूज्य महाराणा सांगा जी की जयंती कार्यक्रम को भव्य बनाएं। कार्यकर्ताओं से डंडा लेकर आने का आह्वान करणी सेना के अध्यक्ष राज शेखावत ने कहा कि सम्मेलन के दौरान प्रशासन के सामने सांसद सुमन की सदस्यता खत्म करने, उन पर देशद्रोह का मुकदमा करने, करणी सेना पर हमला करने वालों पर मुकदमा, करणी सेना कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे खत्म करने, जैसी मांगें रखी जाएंगी। चेतावनी दी कि शाम पांच बजे तक मांगें नहीं मानी गईं तो सांसद के घर कूच किया जाएगा। करणी सेना ने अपने कार्यकर्ताओं से एक डंडा और एक झंडा लेकर आगरा आने का आह्वान किया है। शेखावत ने कहा कि 26 मार्च को हम लोग सांसद रामजी लाल सुमन के घर विरोध करने गए तो हम पर पत्थर बरसाए गए। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उस समय तैयारी के साथ नहीं आए थे, लेकिन इस बार पूरी तैयारी के साथ आएंगे। ऐसे में सभी लोग एक डंडा और एक झंडा लेकर साथ आएं। ​पुलिस ने भी बवाल की आशंका देखते हुए तैयारी कर ली है। सुमन के घर को तीन स्तरीय सुरक्षा से घेरेबंदी में ले लिया गया है। इसके अलावा काफी संख्या में डंडे और हैलमेट खरीदे गए हैं। recent visitors 35

अखिलेश का बड़ा हमला- भाजपा बाबा साहब के संविधान को भी नहीं मान रही, भाजपा समय-समय पर बदलाव कर रही है

अलीगढ़ अलीगढ़ पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, भाजपा बाबा साहब के संविधान को भी नहीं मान रही। संविधान हमारा ढाल है, हमारा सम्मान है, हमारी पहचान है, हमें हक, अधिकार दिलाता है। उसे संविधान में भाजपा समय-समय पर बदलाव कर रही है। कानून व्यवस्था की की आज पोल खुल रही है। मुख्यमंत्री को साइड लाइन कर दिया गया। दिल्ली वाले अधिकारियों से सीधे घटनाओं की जानकारी ले रहे है। शुक्रवार को अखिलेश यादव पटियाली की पूर्व विधायक की बेटी की शादी में शामिल होन पहुंचे। तालानगरी एक रिसार्ट में अखिलेश भाजपा पर खूब बरसे। कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में महिला, बेटी असुरक्षित हैं। भेदभाव की राजनीति हो रही है। जाति देखकर देखकर भेदभाव हो रहा है। विपक्ष को कैसे दबाया जाए। इस पर काम किया जा रहा है। अर्थव्यवस्था का खेल यह कि यह विश्व गुरु बनना चाहते थे यह लोग अपने जुमले से बताते थे कि हम विश्व में दूसरे तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। सच्चाई यह कि मंहगाई सै जनता परेशान है ।‌ किसान को गेहूं का भाव नहीं मिल रहा अखिलेश यादव नै कहा कि किसानों को सुविधा नहीं मिल रही है ।गेहूं का ऐसा समर्थन मूल्य लागू किया है।जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। प्राइवेट लोग भी किसान का गेहूं महंगा नहीं खरीद सकते हैं । यह इसीलिए काला कानून ला रहे हैं ताकि किसान को फसल की सही कीमत ना मिले। यह प्राइवेट कंपनियों को गेहूं खरीदवा रहे है। जीएसटी ने व्यापार को बर्बाद कर दिया। जो व्यापारियों को लाभ मिलना चाहिए। वह लाभ व्यापारी सरकार नहीं दे पा रहा है। रामजीलाल सुमन के बयान पर रखी सफाई अखिलेश यादव ने कहा कि सांसद रामजीलाल सुमन ने जो कुछ कहा उसके बाद राज्यसभा के रिकॉर्ड से वह बात हटा दी गई। रिकॉर्ड से हटाई जाने वाली बात खत्म हो जाती है । लेकिन भाजपा का रवैया तानाशाह है। यह हिटलर की तरह कार्य करना चाह रहे हैं। इतिहास को इतिहास रहना चाहिए। सरकार के इसारे पर किसी को भी दोषी बनाया जा रहा है। समाजवादी पार्टी वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल को किसी भी कीमत पर नहीं मानती है। recent visitors 40

पैरालंपिक और अर्जुन पुरस्कार विजेता हरविंदर सिंह श्री दरबार साहिब हुए नतमस्तक, उन्हें सम्मानित भी किया

अमृतसर पेरिस में होने वाले 2024 पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले हरविंदर सिंह और उनके कोच जीवन ज्योत सिंह तेजा और सचखंड श्री दरबार साहिब में माथा टेकने पहुंचे। जहां उन्होंने श्री दरबार साहिब में माथा टेका, वहीं मधुर बाणी का भी आनंद उठाया। इस अवसर पर सचखंड श्री दरबार साहिब के सूचना विभाग द्वारा गुरु नगरी अमृतसर पहुंचने पर उन्हें सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर कोच द्रोणाचार्य अवार्डी जीवन ज्योत सिंह तेजा ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि पंजाब का एक युवा सिख 2024 पेरिस पैरालिंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक लेकर आया है। सभी देशवासियों और शिरोमणि कमेटी को बधाई देना चाहता हूं और सरकार के साथ-साथ युवाओं से भी अपील करना चाहता हूं कि वे युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करें ताकि देश के युवाओं को सही दिशा मिले। भारत और विशेषकर पंजाब के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए तथा भारत और पंजाब का नाम दुनिया में सर्वोच्च स्थान पर ले जाने के लिए तथा हमारी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनने के लिपैरालंपिक और अर्जुन पुरस्कार विजेता हरविंदर सिंह श्री दरबार साहिब हुए नतमस्तक, कही ये बातपैरालंपिक और अर्जुन पुरस्कार विजेता हरविंदर सिंह श्री दरबार साहिब हुए नतमस्तक, कही ये बातए हम आज सचखंड श्री दरबार साहिब में श्रद्धा सुमन अर्पित करने तथा गुरु महाराज का धन्यवाद करने आए हैं। प्रार्थना करते हैं कि भगवान हरविंदर जैसे खिलाड़ी को हमेशा सुर्खियों में रखें ताकि वह अपने परिवार, देश और पंजाब का नाम दुनिया में रोशन कर सके। इस बीच, पैरालंपिक एथलीट और अर्जुन पुरस्कार विजेता हरविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें 2024 पैरालंपिक खेलों में भाग लेने का अवसर मिला और उन्होंने भारत के लिए वह स्वर्ण पदक जीता। इसका सारा श्रेय हमारे कोच जीवन ज्योत सिंह तेजा को जाता है, जिन्होंने हमें इस खेल के लिए तैयार किया और आज हम विश्व में भारत और पंजाब का नाम रोशन कर पाए हैं। हम नई पीढ़ी से अपील करते हैं कि वे नशे का त्याग करें और खेलों पर ध्यान केंद्रित करें ताकि पंजाब की धरती से पैदा होने वाला हर बच्चा विश्व स्तर पर अपने अच्छे प्रदर्शन के माध्यम से देश का नाम रोशन कर सके। देश के युवाओं और किसानों के साथ-साथ हमें अपनी विरासत और संस्कृति से जुड़े खेलों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। recent visitors 40

चीन ने अमेरिकी सामानों के आयात पर टैरिफ रेट को 84% से बढ़ाकर 125% कर दिया, दिया करारा जवाब

वाशिंगटन अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। चीन ने अमेरिकी सामानों के आयात पर टैरिफ रेट को 84% से बढ़ाकर 125% कर दिया है, जो शनिवार से लागू होगा। इसके साथ ही चीन ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका अब और टैरिफ बढ़ाता है तो वह जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा क्योंकि ट्रंप प्रशासन की नीतियां अब मजाक बन चुकी हैं। चीन के वित्त मंत्रालय ने यह फैसला तब लिया है, जब वाइट हाउस ने साफ किया है कि उसने चीनी सामानों पर टैरिफ को बढ़ाकर 145% कर दिया है। चीन ने कहा कि इन परिस्थितियों में अमेरिका के साथ व्यापार करना अब व्यावहारिक नहीं रह गया है। इससे पहले बुधवार को चीन ने अमेरिका के सामान पर 84% टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। चीन-अमेरिका में वार-पलटवार अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वॉर इस महीने के शुरू से ही जारी है। पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी सामानों पर 34% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो 9 अप्रैल से लागू होने वाला था। इसके लागू होने से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने अचानक इसमें और बढ़ोतरी की घोषणा कर दी। इसका जवाब चीन ने तुरंत दिया। बुधवार को बीजिंग ने अमेरिकी सामानों पर टैरिफ को 50% तक बढ़ाकर 84% कर दिया। इसके अगले ही दिन गुरुवार को अमेरिका ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए चीन से आने वाले सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 145% कर दिया। साथ ही अन्य देशों को 90 दिनों की अस्थायी छूट देते हुए उनके लिए टैरिफ को घटाकर समान रूप से 10% कर दिया। चीन अब जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा वित्त मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया, 'वर्तमान टैरिफ रेट पर अमेरिकी सामान अब चीन में बाजार योग्य नहीं रह गए हैं। यदि अमेरिका चीनी निर्यात पर और टैरिफ बढ़ाता है, तो चीन ऐसे कदमों को नजरअंदाज करेगा।' चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने एक अलग बयान में कहा कि वॉशिंगटन का बार-बार अत्यधिक टैरिफ का इस्तेमाल अब केवल 'संख्या का खेल' बनकर रह गया है, जो आर्थिक रूप से अर्थहीन है और अमेरिका की दबाव और धमकी की नीति को उजागर करता है। मंत्रालय ने कहा कि यह एक मजाक बन चुका है। हालांकि चीन ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अमेरिका उसके अधिकारों और हितों का उल्लंघन करता रहा तो वह मजबूती से पलटवार करेगा और अंत तक लड़ेगा। चीन ने यह भी कहा कि टैरिफ से होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका को लेनी होगी। फिल्मों और स्टडी पर भी तनाव अब यह विवाद केवल सामानों पर ही नहीं रुका है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव सर्विसेज और लोगों के आपसी संबंधों तक पहुंच गया है। गुरुवार को चीन ने अमेरिकी फिल्मों की संख्या में कटौती की घोषणा की, जिससे संकेत मिला कि बदले की कार्रवाई अब आगे बढ़ रही है। बुधवार को चीन ने अपने नागरिकों को अमेरिका की यात्रा को लेकर सतर्क किया और छात्रों को कुछ अमेरिकी राज्योंमें पढ़ाई को लेकर जोखिम की चेतावनी दी। दोनों देशों में 700 अरब डॉलर का व्यापार 2025 से पहले, दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए आयात टैरिफ औसतन 20% से कम थे, लेकिन अब हालात काफी बदल चुके हैं। हर साल अमेरिका और चीन के बीच करीब 700 अरब डॉलर का व्यापार होता है। अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो बढ़े हुए टैरिफ का असर दोनों देशों के उपभोक्ताओं और कंपनियों पर सीधे तौर पर पड़ेगा। उन्हें अपनी सप्लाई चेन में बदलाव करना पड़ेगा ताकि टैरिफ से बचा जा सके। पिछले साल चीन से अमेरिका के तीन सबसे बड़े आयात स्मार्टफोन, लैपटॉप और लिथियम-आयन बैटरियां थीं। वहीं, अमेरिका से चीन को सबसे मूल्यवान निर्यात लिक्विड पेट्रोलियम गैस, कच्चा तेल, सोयाबीन, गैस टर्बाइन और सेमीकंडक्टर बनाने की मशीनें थीं। recent visitors 28