Sunday, July 5, 2026 7:44 am

रक्त स्वाभिमान रैली : गढ़ी रामी में पुलिस के चाक-चौबंद इंतजाम, हर रास्ते पर लगे बैरियर

आगरा  राणा सांगा की जयंती मनाने के लिए गढ़ी रामी में लोग पहुंचने लगे हैं। रक्त स्वाभिमान सम्मेलन की सभी तैयारियां हो चुकी हैं। शुक्रवार को दिनभर मजदूरों ने 20 बीघे से अधिक जमीन पर चार फीट ऊंचा मंच और पंडाल बनाने के काम किया। आंधी-बारिश में नुकसान के बाद भी आयोजकों के उत्साह में कोई कमी नहीं है। उनका दावा है कि आयोजन ऐतिहासिक होगा। आयोजन स्थल के आसपास जेसीबी से वाहनों के आने-जाने के लिए रास्ते दुरुस्त करने का कार्य देर रात तक चलता रहा। मंच के पास के खेत में वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पेयजल के लिए टैंकर खड़े किए जा रहे हैं। सम्मेलन में आने वाले वाहन यमुना एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज कट से पहुंचेंगे। निकासी के लिए विमला देवी इंटर कॉलेज के पास रास्ता बनाया गया है। शुक्रवार को पूरे दिन आयोजन समितियों से जुड़े पदाधिकारी तैयारियों का जायजा लेने पहुंचते रहे। सम्मेलन के दौरान युवाओं की टोली व्यवस्था संभालने को तैनात रहेगी। भोजन की व्यवस्था भी है। बाहर से पैकेट आएंगे और बंटेंगे। हाईवे की दुकानें बंद रहेंगी, बुलडोजर जब्त सम्मेलन के लिए पुलिस ने शनिवार को हाईवे की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। कोई बुलडोजर लेकर न आए इसके लिए सभी जेसीबी मशीनों को जब्त कर लिया गया है। सम्मेलन के दौरान हर गतिविधि की ड्रोन से निगरानी होगी। सादा वर्दी में भी पुलिस के साथ खुफिया एजेंसियों के जवानों की तैनाती की गई है। recent visitors 33

प्रदेश की प्रमुख शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं की जाएं विकसित: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : प्रदेश में वन आधारित पर्यटन और जल आधारित पर्यटन को दिया जाए बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश की प्रमुख शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं की जाएं विकसित पर्यटन विभाग के साथ जल संसाधन और वन विभाग पर्यटन को बढ़ावा देने समन्वय के साथ करें कार्य- मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने तैयार किए जाएंगे टूरिज्म कॉरिडोर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ को देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पर्यटन, वन और जल संसाधन विभाग एकीकृत कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन आधारित पर्यटन, महानदी, इन्द्रावती नदियों प्रदेश के प्रमुख बांधों में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। प्रदेश की शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रमुख पर्यटन स्थलों में आस-पास के स्थलों को शामिल कर पर्यटन सर्किट और कारीडोर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्र सरकार से सहायता के लिए प्रदेश की पर्यटन परियोजनाओं के नये प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।     मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में ईको टूरिज्म, एथेनिक टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, हेरीटेज टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए। टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों का लिया जाए सहयोग     मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, गुरू घासीदास तमोर पिंगला राष्ट्रीय उद्यान, बारनवापारा अभ्यारण, अचानकमार अभ्यारण्य, टाटामारी व्यू प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ उस क्षेत्र के समीप स्थित छोटे-छोटे पर्यटन स्थलों को सम्मिलित कर सर्किट और कारीडोर विकसित करने के लिए योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व, ऐतिहासिक महत्व और पुरातात्विक और नैसर्गिक महत्व के स्थलों को चिन्हांकित कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने ईको टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों के साथ बैठक कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने की संभावनाओं की भी तलाश की जानी चाहिए। वाटर स्पोर्ट्स को दिया जाएगा बढ़ावा     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल क्रीडा गतिविधियों के विकास के लिए भी काफी संभावनाएं हैं। हमारी सरकार ने धमतरी में गंगरेल बांध, महासमुंद के कोडार बांध, कोरबा के मिनी माता हसदेव बांगो बांध, सरोदा बांध, बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात में वाटर बोटिंग के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की विभिन्न नदियों, बांधों में भी स्थल चिन्हांकित कर वाटर स्पोर्ट्स के रूप में विकसित किया जाए। बस्तर, चम्पारण, मधेश्वर मयाली, भोरमदेव में पर्यटन कारीडोर होंगे विकसित     मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि बस्तर में चित्रकोट जलप्रपात, दंतेवाड़ा, ढोलकल, टाटामारी, बारसूर, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़, कुटुमसरगुफा, धुडमारास, तामड़ा घूमर, महेन्द्रिघूमर जलप्रपात को शामिल कर बस्तर कारीडोर विकसित किया जाए। इसकी राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाए। इसी तरह जशपुर जिले में मधेश्वर मंदिर, मायली लेक, कैलाश गुफा को शामिल कर कारीडोर बनाया जाए। उन्होंने महाप्रभु वल्लाभार्च की प्राकट्यभूमि चम्पारण में गुजराती पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं, यहां शादी-विवाह जैसे आयोजन भी होते हैं। इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।     बैठक में स्वदेश दर्शन और प्रयाद योजना के तहत प्रदेश में संचालित विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेश दर्शन के तहत भोरमदेव कारीडोर के लिए 145 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे धार्मिक और नैसर्गिंग स्थलों को जोड़कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए फिल्म जगत के लोगों से मार्गदर्शन लिया जाए। नवा रायपुर में हमारी सरकार द्वारा चित्रोत्पला फिल्म सिटी बनायी जा रही है। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा 95 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है। इन क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए अनुदान का प्रावधान भी किया गया है, जिससे निवेशकों के सहयोग से पर्यटन अधोसंरचना का विकास हो सके। राष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों से संपर्क कर इन संभावनाओं का भी दोहन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सालाना 2 करोड़ पर्यटक पर्यटन स्थलों में आते हैं। मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को नियमित रूप से रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य ये होम स्टे सहित छोटे-छोटे कुटीर उद्योग पर भी लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्रों के ग्रामीणों में होम स्टे व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित भी करना चाहिए।    बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बसवराजु एस., उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 17

महाकालेश्वर मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव पर विशेष भस्मारती हुई, आंबापुरा में नगर भोज का विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

 उज्जैन  उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आज हनुमान जी के जन्मोत्सव पर विशेष भस्मारती हुई। इसमें बाबा महाकाल ने बजरंगबली के रूप में भक्तों को दर्शन दिए। भक्तों ने बाबा महाकाल के जयकारों के साथ भगवान हनुमान के जयकारे भी लगाए। इधर उज्जैन के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लगा हुआ है। सुबह मंदिरों में अभिषेक पूजन हुआ और शाम को महाआरती व भंडारे के आयोजन होंगे। महाकाल मंदिर परिसर स्थित बाबा बाल हनुमान मंदिर से शाम 6 बजे भगवान की शोभायात्रा निकलेगी। धर्मधानी उज्जैन में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर उल्लास छाया है। महाकाल मंदिर परिसर स्थित बाल हनुमान, गढ़कालिका स्थित कुमारेश्वर हनुमान, जेसी मिल परिसर स्थित बाल हनुमान मंदिर में भगवान का विशेष शृंगार किया गया है। आज सुबह अभिषेक, पूजन के बाद भोग लगाकर जन्म आरती की गई। आंबापुरा में नगरभोज का विश्व रिकॉर्ड बनेगा आंबापुरा स्थित प्राचीन जयवीर हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। अगले दिन 13 अप्रैल रविवार को नगर भोज होगा। संयोजक सुनील चावंड ने बताया 50 हजार से अधिक भक्तों को टेबल कुर्सी पर बैठाकर दाल, बाफले, लड्डू की महाप्रसादी ग्रहण कराई जाएगी। इस बार यह आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रहा है। इसके लिए रविवार सुबह गोल्डन बुक की टीम उज्जैन पहुंचेगी। दक्षिणमुखी पंचमुखी हनुमान चिमनगंज मंडी स्थित कमल कॉलोनी में दक्षिणमुखी पंचमुखी हनुमान मंदिर पर विशेष शृंगार कर बजरंगबली का प्रकटोत्सव मनाया जा रहा है। शाम 7.30 बजे महाआरती कर प्रसादी वितरण होगा। recent visitors 16

सिवनी मालवा में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या मामले में कोर्ट नेफैसला सुनाया और बच्ची को केवल 88 दिन में न्याय दिला दिया

सिवनी मालवा . सिवनी मालवा स्थित नयापुरा में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया और बच्ची को केवल 88 दिन में न्याय दिला दिया। महिला जज ने आरोपी को फांसी सजा सुनाई। इस घटना ने रिकॉर्ड करते हुए महज् 88 दिन में फैसला सुना दिया और आरोपी पर 3 हजार रुपए जुर्माना और बच्ची के माता-पिता को 4 लाख रुपए का प्रतिकर स्वरूप दिए जाने का आदेश दिया। बच्ची को सोता हुआ ले गया था आरोपी 2 जनवरी 2025 की रात एक 6 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई है। आरोपी अजय बाडिवा, जिसे धुर्वे के नाम से भी जाना जाता है, उसने इस वारदात को अंजाम दिया। वह पीड़ित बच्ची के मामा के घर में पलंग के नीचे सो रहा था, जहां बच्ची आई हुई थी। जब बच्ची की मां और मामा ने उसे घर से भगा दिया, तो वह रात में फिर से घर में घुस आया और सोती हुई बच्ची को जंगल में ले गया। वहां उसने नहर किनारे बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी। जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने इस मामले की जानकारी दी है। 2 जनवरी की रात घर में सो रही बच्ची को आरोपी अजय बाडिवा (धुर्वे) जंगल में ले गया था। नहर किनारे दुष्कर्म किया और मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने बताया 2 जनवरी 2025 को बच्ची अपने मामा के घर आई थी। आरोपी उसी घर में पलंग के नीचे सो रहा था, जिसे बच्ची की मां और मामा ने भगा दिया था। अजय जाते-जाते कहकर गया कि एक लड़की मुझे दे दो। इसके बाद बच्ची को मां ने सुला दिया। कुछ देर बाद बच्ची को आरोपी उठाकर ले गया। जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया और हत्या कर दी। बच्ची की मां ने आरोपी पर शंका जताई थी। पुलिस ने उसी रात आरोपी को गांव से गिरफ्तार किया। उसने दुष्कर्म कर हत्या करना कबूल किया। जज ने फैसले में बच्ची के दर्द पर कविता भी लिखी… शासन की ओर से पक्ष विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट ने रखा। सिवनीमालवा के अधिवक्ताओं ने आरोपी का केस नहीं लड़ने का ऐलान किया था। आरोपी को फांसी की सजा दिलाने लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। जज की कविता… हां, फिर एक निर्भया 2 और 3 जनवरी की थी वो दरमियानी रात जब कोई नहीं था मेरे साथ। इठलाती, नाचती छः साल की परी थी, मैं अपने मम्मी-पापा की लाडली थी। सुला दिया था उस रात बड़े प्यार से मां ने मुझे घर पर, पता नहीं था नींद में मुझे ले जाएगा।। “वो” मौत का साया बनकर। जब नींद से जागी तो बहुत अकेली और डरी थी मैं, सि​सकियां लेकर मम्मी-पापा को याद बहुत कर रही थी मैं। न जाने क्या-क्या किया मेरे साथ, मैं चीखती थी, चिल्लाती थी, लेकिन किसी ने न सुनी मेरी आवाज़। थी गुड़ियों से खेलने की उम्र मेरी, पर उसने मुझे खिलौना बना दिया। “वो” भी तो था तीन बच्चों का पिता, फिर मुझे क्यों किया अपनों से जुदा। खेल-खेलकर मुझे तोड़ दिया, फिर मेरा मुंह दबाकर, मसला हुआ झाड़ियों में छोड़ दिया। हां मैं हूं निर्भया, हां फिर एक निर्भया, एक छोटा सा प्रश्न उठा रही हूं जो नारी का अपमान करे क्या इंसाफ निर्भया को मिला वह मुझे मिल सकता है। -तबस्सुम खान, विशेष न्यायाधीश जज ने लिखी बच्ची के दर्द पर कविता बताया जा रहा है कि बच्ची की मां और मामा ने आरोपी अजय को भगा दिया था, लेकिन वो जाते-जाते कहकर गया था कि लड़की मुझे दे दो। इसके बाद बच्ची को मां ने सुला दिया और कुछ देर बाद बच्ची को आरोपी उठाकर ले गया और जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया कर हत्या कर दी। बच्ची की मां ने आरोपी पर शंका जताई थी। पुलिस ने उसी रात आरोपी को गांव से गिरफ्तार किया। उसने दुष्कर्म कर हत्या करना कबूल किया। जज ने फैसले में बच्ची के दर्द पर कविता भी लिखी… शासन की ओर से पक्ष विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट ने रखा। सिवनी मालवा के अधिवक्ताओं ने आरोपी का केस नहीं लड़ने का ऐलान किया था। आरोपी को फांसी की सजा दिलाने लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। recent visitors 27

चूरू जिले में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान तेज आंधी से मची अफरा-तफरी, 3 महिलाएं घायल, आयोजन निरस्त

चूरू  जिले के रतनगढ़ में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान शुक्रवार शाम को तेज आंधी के चलते श्रद्धालुओं के लिए लगाए डोम में अफरा-तफरी मच गई. हादसे में तीन महिलाएं घायल हो गईं. घायलों को एंबुलेंस की सहायता से स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. वहीं, सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने डोम को खाली करवाया. इसके बाद प्रशासन ने कथा के आयोजन को निरस्त कर दिया है. शुक्रवार शाम को कथा के दौरान अचानक तेज आंधी के कारण भक्तों के लिए बने डोम में अफरा-तफरी मच गई. हादसे में तीन महिलाएं घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल भिजवाया गया है. वहीं, घटना के बाद जिला कलेक्टर और एसपी ने भी कथा स्थल का जायजा लिया था. आयोजन समिति के सदस्य अजय गार्गी ने बताया कि आंधी के दौरान थोड़ी अफरा-तफरी हुई है. उन्होंने कहा कि कथा में आए भक्तों के लिए डोम की व्यवस्था पर्याप्त रही है. हालांकि, उन्होंने महिलाओं के घायल होने की बात इनकार किया है. तेज आंधी के दौरान एक बारगी मौके पर लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. इस बीच हर कोई सुरक्षित स्थान ढूंढने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दे रहा था. 15,000 लोग पंडाल में थे मौजूद जानकारी के अनुसार, जब यह हादसा हुआ, तब कथा सुनने के लिए लगभग 15,000 लोग पंडाल में मौजूद थे. पंडाल गिरने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस घटना में एक पुरुष, एक बच्चा और एक महिला को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत एंबुलेंस से पास के अस्पताल ले जाया गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे आयोजन स्थल को खाली करा लिया गया है. बिना अनुमति के हो रहा था आयोजन रतनगढ़ के पुलिस क्षेत्र अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी. जिलाधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक ने पहले ही आयोजन स्थल का निरीक्षण किया था और आयोजकों को सुरक्षा के सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया. सुरक्षा के नहीं थे कोई इंतजाम उपखंड अधिकारी राम कुमार ने बताया कि निर्देशों का पालन न करने के कारण कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई थी. इसके बावजूद, शुक्रवार को कार्यक्रम शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि पंडाल सुरक्षित नहीं था और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे. भगदड़ से मची अफरा तफरी उन्होंने आगे बताया कि तेज हवाओं के कारण पंडाल गिर गया, जिससे अफरा-तफरी फैल गई. हालांकि, लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया. उन्होंने यह भी बताया कि लाउडस्पीकर का खंभा बिजली की लाइन पर गिर गया था, जिसके कारण तुरंत बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे जान-माल का नुकसान हो सकता था.प्रशासन ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया है और आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आयोजन निरस्त के आदेश: कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा हो रहे कथावाचन स्थल पर हादसे के बाद रतनगढ़ में हुई एक बड़ी बैठक में मंथन के बाद जिला प्रसाशन ने आयोजन निरस्त के आदेश जारी कर दिए हैं. प्रसाशन द्वारा जारी आदेश में आयोजकों को आयोजन से पहले दी गई प्रसाशन द्वारा हिदायत का जिक्र करते हुए कहा गया कि आयोजनकर्ताओं को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनके द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार नही किया गया और आगामी दिनों में मौसम को देखते हुए आयोजन निरस्त करने के आदेश दिए. कथावाचक को श्रद्धालुओं को इस आदेश की जानकारी देने के आदेश भी दिया है. recent visitors 36

मंत्री सारंग ने गर्मी की तीव्रता को देखते हुए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये

भोपाल केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार 13 अप्रैल को रवीन्द्र भवन सभागार में दोपहर 12 बजे से अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के अंतर्गत होने वाले राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन होगा। सम्मेलन में सांसद वी.डी. शर्मा विशेष अतिथि होंगे।सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को मंत्रालय में सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, सहकारिता, पशुपालन, नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंत्री सारंग ने निर्देश दिये कि कार्यक्रम सुव्यवस्थित हो, इसके लिये अलग-अलग काम के लिये अलग-अलग अधिकारी की ड्यूटी निर्धारित की जाये। साथ ही एक कंट्रोल-रूम स्थापित किया जाये, जिसके लिये एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। उन्होंने बैठक व्यवस्था, पास, निमंत्रण-पत्र, वाहन पार्किंग के लिये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री सारंग ने गर्मी की तीव्रता को देखते हुए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने अधिकारियों को दी गयी जिम्मेदारियों की लिस्टिंग करने को भी कहा। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल टीम और पॉवर बैक-अप रखने के लिये निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि सम्मेलन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड अध्यक्ष मीनेश शाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, केन्द्रीय सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी भी शामिल होंगे। recent visitors 17