Sunday, July 5, 2026 8:46 am

छत्तीसगढ़ : बीजापुर में मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों की सर्च ऑपरेशन जारी

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कोलनार इलाके में शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई CRPF की 202 कोबरा और 210 कोबरा इकाइयों, राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) और जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। CRPF के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी अब भी जारी है और ऑपरेशन को सतर्कता से आगे बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में तलाशी अभियान जारी है और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।  गोलीबारी जारी, और शव बरामद होने की संभावना दरअसल, सीआरपीएफ की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया गया कि शनिवार सुबह 9.30 बजे सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर एक नक्सली को ढेर कर दिया है। सीआरपीएफ की 202 कोबरा और 210 कोबरा इकाई, छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष कार्य बल और जिला रिजर्व गार्ड की मौजूदगी में यह अभियान चल रहा है। किसी भी जवान के घायल होने की खबर नहीं है। रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। इंद्रावती नदी कें जंगलों में मुठभेड़ पीटीआई की खबर में छत्तीसगढ़ पुलिस के हवाले से लिखा गया कि नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के इंद्रावती क्षेत्र के तहत आने वाले जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी क्षेत्र के अंतर्गत जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना किया गया था। नक्सलियों को भारी नुकसान की संभावना पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान आज सुबह लगभग नौ बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई और सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से अब तक दो नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं। उन्होंने बताया, “क्षेत्र में सुबह से रुक रुक कर गोलीबारी जारी है। मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान की संभावना है। क्षेत्र में खोजी अभियान जारी है।”  नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान यह मुठभेड़ ऐसे समय पर हुई है जब राज्य सरकार लगातार नक्सल विरोधी अभियान को तेज कर रही है। हाल ही में दंतेवाड़ा में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से तीन पर नकद इनाम भी घोषित था। आत्मसमर्पण की यह घटना DRG मुख्यालय में हुई थी और यह ‘लोन वर्राटू’ (घर लौटो) अभियान का हिस्सा थी। मुख्यमंत्री का शांति और विकास का संदेश 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विश्नु देव साय ने मीडिया से बातचीत में शांति और विकास की राह पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। CM साय ने कहा, “हमने शुरुआत से ही नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण का रास्ता खुला रखा है। बार-बार हम यह अपील कर रहे हैं कि आप बंदूक और गोली की भाषा छोड़िए और विकास के रास्ते पर आइए। सरकार आपको न्याय देगी और रोजगार से जोड़ेगी।” recent visitors 50

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पुलवामा शहीद हेमराज की बेटी की शादी में मायरा लेकर पहुंचे

 कोटा सीआरपीएफ के जवान हेमराज की पुलवामा में शहादत के 6 साल बाद आज उनके सांगोद स्थित आंगन में पहली बार जश्न का माहौल था। वीरांगना मधुबाला सहित पूरे परिवार में खुशियों का माहौल था। पति का साया सिर से उठने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाई बनकर न सिर्फ परिवार को संबल दिया बल्कि अपना वचन निभाया। आज जब शहीद हेमराज की बेटी की शादी का वक्त आया तो लोकसभा स्पीकर बिरला अपनी बहन के घर मायरा (भात) लेकर पहुंचे और मायरे की इस अनूठी रस्म को निभाया। वीरांगना मधुबाला और भाई के इस भावनात्मक संबंध को देख यहां मौजूद हर कोई भाव-विभोर हो उठा। पुलवामा हमले के बाद एक ओर शहीद हेमराज की शहादत से लोगों में गुस्सा था, वहीं परिवार के सामने जीविकोपार्जन का संकट। मुसीबतों में घिरे परिवार को उस वक्त स्पीकर बिरला ने संबल प्रदान किया और वीरांगना मधुबाला का भाई बनकर परिवार की हर जिम्मेदारी उठाने का वादा किया। बीते छह साल में राखी और भाई दूज पर वीरांगना मधुबाला ने उन्हें राखी बांधी और तिलक किए। अब जब शहीद हेमराज और वीरांगना मधुबाला की बेटी की शादी का मौका आया तो एक फिर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शहीद के परिवार के साथ खड़े नजर आए। सांगोद में आयोजित समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ सांगोद विधायक एवं राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने वीरांगना मधुबाला को मायरा पहनाया। इस दौरान रीति-रिवाज के अनुसार स्पीकर बिरला ने वीरांगना मधुबाला को चुनरी ओढ़ाई तो वहीं बहन ने बत्तीसी भी झिलाई और स्पीकर बिरला का तिलक व आरती की। स्पीकर बिरला ने शदीह हेमराज मीणा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान वीरांगना मधुबाला, स्पीकर बिरला व मौजूद सभी परिवार जन शहीद हेमराज को याद कर भावुक हो उठे।   recent visitors 35

MP 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं ओपन स्कूल की डेटशीट जारी, जून में होंगी रुक जाना नहीं परीक्षाएं

भोपाल मध्य प्रदेश 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं ओपन स्कूल की परीक्षाएं जून 2025 में आयोजित की जाएंगी. मध्य प्रदेश स्टेट ओपन स्कूल (MPSOS) ने “रुक जाना नहीं” (आरजेएन) और “आ लौट चले” (एएलसी) योजनाओं के तहत एग्जाम शेड्यूल भी जारी कर दिया है. जून 2025 में होने वाली परीक्षाओं का एग्जाम का टाइम टेबल (MPSOS June Exam 2025 Timetable) ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट mpsos.nic.in पर उपलब्ध है. मध्य प्रदेश ओपन स्कूल कक्षा 10 और कक्षा 12 दोनों की परीक्षाएं 2 जून 2025 से 20 जून 2025 तक निर्धारित है. एमपीएसओएस की 10वीं और 12वीं की समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षाएं 2 जून, 2025 से 14 जून, 2025 (दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक) तक होंगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 2 जून, 2025 से 20 जून, 2025 (सुबह 8 बजे से 11 बजे तक) तक होंगी. छात्रों को परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले तक एग्जाम सेंटर पर पहुंचना होगा. इसके बाद एंट्री नहीं दी जाएगी. कक्षा 10 की पहली परीक्षा 2 जून 2025 को सामाजिक विज्ञान की होगी, जबकि अंतिम परीक्षा शनिवार, 14 जून 2025 को उर्दू (206) की होगी. कक्षा 12 की पहली परीक्षा सोमवार, 2 जून 2025 को हिंदी (301) की होगी, जबकि अंतिम परीक्षा शुक्रवार, 20 जून 2025 को कटिंग टेलरिंग और ड्रेस मटीरियल (605), स्टेनोग्राफी (324), कंप्यूटर हार्डवेयर असेंबली और रखरखाव (616), खाद्य अनुभूति (358) की होगी. MPSOS रुक जाना नहीं (RJN) और आ लौट चले (ALC) परीक्षाएं आरजेएन और एएलसी 10वीं और 12वीं के लिए एमपीएसओएस समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षाएं 2 जून 2025 से 14 जून 2025 (दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक) तक होंगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 2 जून से 20 जून 2025 तक (सुबह 8 बजे से 11 बजे तक) तक आयोजित की जाएंगी. एमपी 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं कक्षा 5 और कक्षा 8 की परीक्षाएं 3 जून से शुरू होकर 10 जून, 2025 तक चलेंगी. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अपडेट या शेड्यूल में बदलाव के लिए नियमित रूप से एमपीएसओएस वेबसाइट देखें. recent visitors 35

राजधानी में क्लीनिकों पर एक्शन, डॉक्टर रिचा के पति के पास नहीं मिली डॉक्टर की डिग्री, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

भोपाल  महिला डॉक्टर रिचा पांडे को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद पति अभिजीत पांडे चार साल से एमपी नगर में बगैर अनुमति के क्लीनिक संचालित कर रहा था। वह क्लीनिक में सौंदर्य बढ़ाने का इलाज करता था। साथ ही त्वचा और बाल के इलाज के लिए कई प्रकार की प्रतिबंधित दवाएं भी लोगों को बेच रहा था। क्लीनिक की जांच कर रही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को अभिजीत पांडे के पास से डॉक्टर की डिग्री भी नहीं मिली है। टीम ने शुक्रवार को जांच पूरी कर ली है, रिपोर्ट को जल्द ही कलेक्टर और पुलिस के पास भेजा जाएगा। जिसके बाद आरोपित डॉक्टर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज होगा। स्टोर रूम में घुस रहे थे अज्ञात लोग रिचा पांडे की मौत के बाद स्वजनों ने उनके पति अभिजीत के क्लीनिक में अवैध गतिविधियां संचालित होने का आरोप लगाया था। स्वजनों के आरोपों को लेकर कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम एलके खरे के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। जिसने तीन अप्रैल को अभिजीत के एमपीनगर स्थित चित्तौड़ काम्पलेक्स में संचालित क्लीनिक की तलाशी ली थी, जिसमें रजिस्ट्रेशन नहीं होना पाया गया था। तहसीलदार आलोक पारे ने बताया कि बुधवार को कुछ अज्ञात लोग क्लीनिक के स्टोर रूम में घुसकर सामान निकालने का प्रयास कर रहे थे। आसपास के लोगों ने विरोध किया तो वे भाग गए, वहीं जानकारी मिलने पर प्रशासन की टीम ने स्टोर रूम में सर्चिंग की तो प्रतिबंधित दवाएं मिलीं। साथ ही अवैध संचालन की पुष्टि हुई। यह था मामला बता दें आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर रिचा पांडे 22 मार्च को शाहपुरा स्थित घर में बंद कमरे में मृत अवस्था में मिली थीं। बाद में पीएम रिपोर्ट में सस्पेक्टेड पाइजन से मौत की पुष्टि हुई थी। पुलिस को उनके मोबाइल से डिजीटल सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने अभीजित के विवाहेत्तर संबंध होने की बात लिखी थी। असिस्टेंट प्रोफेसर थी रिचा पुलिस ने अभिजीत के विरुद्ध खुदकुशी को उकसाने का केस दर्ज कर जेल भेज दिया था। मूलत: लखनऊ निवासी 32 वर्षीय ऋचा पांडे ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद जीएमसी भोपाल से एनेस्थीसिया से एमडी किया था। वर्तमान में वह आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं। करीब पांच महीने पहले उनकी सतना निवासी अभिजीत पांडे से शादी हुई थी। भोपाल में फर्जी क्लीनिकों पर हो रहा एक्शन दमोह में सात लोगों की जान लेने वाले फर्जी डॉक्टर के मामले के बाद प्रदेश में अवैध रूप से क्लीनिक चलाने का बड़ा मामला भोपाल से सामने आया है। यहां बेपरवाह स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे कई सालों से अवैध क्लीनिक चल रहा था। हालांकि दमोह मामले के बाद सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य की टीम ने शहर के कुछ फर्जी क्लीनिकों पर शुक्रवार को कार्रवाई की है। recent visitors 17

माइकल हसी ने कहा -हमारे पास जो खिलाड़ी हैं, हम उनसे बिल्कुल अलग तरीके से खेलने के लिए नहीं कहना चाहते हैं

चेन्नई चेन्नई सुपर किंग्स को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में लगातार पांचवें मैच में हार का सामना करना पड़ा लेकिन टीम के बल्लेबाजी कोच माइकल हसी ने अपने खिलाड़ियों का पूरा समर्थन करते हुए कहा कि अभी हार स्वीकार करने की कोई जरूरत नहीं है और पांच बार के चैंपियन के पास सही खिलाड़ी हैं। चेन्नई को अपने घरेलू मैदान चेपॉक में 9 विकेट पर 103 रन का अपना अब तक का सबसे कम स्कोर बनाने के बाद शुक्रवार को यहां कोलकाता नाइट राइडर्स से 8 विकेट की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। हसी ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मेरा अब भी मानना है कि हमारे पास सही खिलाड़ी हैं। हमें बस उन्हें कुछ आत्मविश्वास और निरंतरता हासिल करने में मदद करनी है। इसके बाद हम सही राह पर आगे बढ़ सकते हैं फिर चाहे वह बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी या फिर फील्डर्स।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे खेल की शैली के बारे में बहुत चर्चा हो रही है। लेकिन हमारे पास जो खिलाड़ी हैं, हम उनसे बिल्कुल अलग तरीके से खेलने के लिए नहीं कहना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि वे अपना स्वाभाविक खेल खेलते रहें।’’ ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा, ‘‘वे अपने तरीके से खेलने और वास्तव में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए आईपीएल में आए हैं। मैं निश्चित रूप से उन लोगों में से नहीं हूं जो उन्हें अलग तरीके से खेलने की कोशिश करते हैं। वे इसी तरह से खेल कर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते रहे हैं।’’ हसी ने उन सुझावों को खारिज कर दिया कि चेन्नई ने अपनी प्लेइंग XI में कुछ शीर्ष खिलाड़ियों को शामिल कर लिया है और वह अपने युवा खिलाड़ियों को मौका देने में झिझक रहे हैं। चेन्नई के मिडिल ऑर्डर में भारत के खिलाड़ी राहुल त्रिपाठी, शिवम दुबे, विजय शंकर और दीपक हुडा शामिल हैं जो इस सत्र में अभी तक नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इससे सहमत नहीं हूं। हमारे पास अतीत में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं जो अपने करियर के अंतिम पड़ाव में चेन्नई की तरफ से खेले जैसे कि शेन वॉटसन और अजिंक्य रहाणे। उन्होंने चेन्नई के लिए वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे अब भी लगता है कि हमारे पास जो खिलाड़ी हैं, वे वास्तव में अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम हैंं।’’ हसी ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारे पास कुछ अच्छे युवा खिलाड़ी है जो मौके का इंतजार कर रहे हैं लेकिन कभी-कभी मुझे लगता है कि जब टीमें हार मान लेती हैं और सोचती हैं, अब हम टूर्नामेंट नहीं जीत सकते और अब हम युवा खिलाड़ियों को आजमाएंगे। हम अभी इस स्थिति में नहीं है। हम निश्चित तौर पर अभी हार स्वीकार नहीं कर रहे हैं।’’ recent visitors 25

सीधी के सांसद मिश्रा के घर के बाहर लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन किया, बहू पर लगा दुर्घटना का आरोप

सीधी  सीधी के सांसद राजेश मिश्रा के घर के बाहर दोपहर लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि सांसद की बहू डॉ. बीना मिश्रा की कार की टक्कर से युवक अनिल द्विवेदी की मौत हो गई। कार वे स्वयं चला रहीं थी। करीब चार घंटे तक लोग आवास के बाहर डटे रहे और मांग की कि बीना मिश्रा पर एफआईआर होनी चाहिए। मामले में टीआई पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि आरोपों की जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई करेंगे। वहीं सीधी सांसद राजेश मिश्रा ने कहा कि बहू बीना मिश्रा गाड़ी नहीं चला रही थी। लोग शव पर राजनीति कर रहे हैं। घटनास्थल के पास भी सीसीटीवी कैमरा लगा है। जांच करा ली जाए। मृतक परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। युवक जब रीवा में भर्ती था तो मैं स्वयं देखने भी गया था। दो अप्रैल को हुई थी टक्कर मृतक के चाचा नागेंद्र द्विवेदी का आरोप है कि दो अप्रैल को स्कूटी सवार अनिल द्विवेदी (23 वर्ष) खैरहा स्थित घर जा रहा था। इसी दौरान हुए हादसे में युवक गंभीर घायल हो गया था। कार बीना मिश्रा के नाम से पंजीकृत है। घायल का सीधी, नागपुर और रीवा में इलाज कराया गया, पर उसे बचाया नहीं जा सका। उसकी मौत हो गई। पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला ने सांसद परिवार की असंवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं। सड़क रही बंद दोपहर करीब एक बजे शाम चार बजे तक प्रदर्शन चला। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि डॉ. बीना मिश्रा पर मामला दर्ज किया जाए। सांसद के पुत्र अनूप मिश्रा ने कहा कि उनकी पत्नी कार नहीं चला रही थीं। वे पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं। वहीं प्रदर्शन के चलते घंटों रास्ता बंद रहा। प्रदर्शनकारी नारेबाजी भी करते रहे। पुलिस के अश्वासन पर लोग बमुश्किल माने। recent visitors 33

ग्वालियर से घंटों उड़ान नहीं भर सका PM Modi का विमान, सामने आई ये बड़ी वजह

ग्वालियर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के दूसरे सबसे बड़े एयरबेस महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर शुक्रवार को करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ गया। दिल्ली में खराब मौसम होने के कारण पीएम मोदी के विमान को क्लियरेंस नहीं मिल सका था, इस वजह से पीएम मोदी काफी देर तक प्लेन में बैठे रहें। अलर्ट पर रही पुलिस व सुरक्षा एजेंसिया पीएम मोदी अशोकनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे और इस दौरान ग्वालियर में उनकी ट्रांजिट विजिट थी। दोपहर दो बजे के करीब उनका विशेष विमान महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा था। अशोकनगर में कार्यक्रम खत्म होने के बाद पीएम मोदी शाम करीब साढ़े छह बजे दिल्ली के लिए रवाना होने वाले थे। लेकिन खराब मौसम की वजह से लगभग एक घंटे के बाद क्लियरेंस मिल सका, जिसके बाद शाम साढ़े सात बजे उनके विमान ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। जितनी देर तक पीएम मोदी महाराजपुरा एयरबेस स्टेशन पर मौजूद रहे, इस दौरान पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसिया हाई अलर्ट पर रहीं। अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी करीब एक घंटे तक विमान के अंदर ही बैठे रहे। प्रभारी मंत्री सहित नेताओं ने की पीएम मोदी की अगवानी प्रधानमंत्री की अगवानी जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, उद्यनिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर व महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, जिपं अध्यक्ष दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना, कलेक्टर रुचिका चौहान व पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने की। क्यों खास है ग्वालियर एयरबेस? पीएम मोदी ने जिस एयरबेस पर क्लियरेंस के लिए एक घंटे तक इंतजार किया, वह महाराजपुरा एयरबेस देश में सामरिक दृष्टि से एक खास महत्व रखता है। भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान ग्वालियर एयरबेस से भी लड़ाकू विमानों ने भाग लिया था। वहीं एयर टू एयर वायुसेना के विमानों में रि-फ्यूलिंग का इतिहास भी ग्वालियर एयरबेस के आसमान में रचा गया था। इंडियन एयरफोर्स के मिराज एयरक्राफ्ट का ग्वालियर स्थित महाराजपुरा एयरबेस सबसे बड़ा स्टेशन है। पहले भी मिराज कारगिल युद्ध में इतिहास लिख चुका है। कारगिल युद्ध के समय मिराज ने ग्वालियर से उड़ान भरकर तीस हजार फीट की ऊंचाई से दुश्मनों पर हमला किया था।   recent visitors 30