मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ई-केवायसी समय सीमा में पूर्ण कराने के दिए निर्देश, राशन हितग्राहियों के पास 30 अप्रैल तक का समय

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने राष्ट्रीय खाद्य, सुरक्षा अधिनियम के पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर करने के निर्देश दिए हैं। 543.31 लाख पात्र हितग्राहियों में से शेष 108.27 लाख हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार द्वारा प्राप्त हुए हैं। समय सीमा में समस्त पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी न होने पर हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए समस्त पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी समय सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री राजपूत ने बताया कि 9 से 30 अप्रैल तक प्रदेश में ई-केवायसी कराने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष अभियान में ई-केवायसी से शेष रह गये सभी पात्र हितग्राहियों की सूची पीओएस मशीन, स्थानीय निकाय, जेएसओ लागिन पर उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि विशेष अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग के स्थानीय अमले का सहयोग लिया जा रहा है। अभियान में हितग्राहियों की ई-केवायसी ग्रामवार एवं मुहल्लेवार कैंप लगाकर की जाएंगे।   recent visitors 28

सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य: स्वयं डॉ. मोहन यादव ने सम्राट महेन्द्रादित्य के जीवंत किया था

उज्जैन उज्जैन की पवित्र धरती पर 2000 के दशक की शुरुआत की एक अनोखी सांस्कृतिक पहल की शुरूआत "सम्राट विक्रमादित्य महामंचन" के रूप में हुई। यह महानाट्य मंचन केवल एक ऐतिहासिक पात्र का स्मरण नहीं था, बल्कि एक ऐसे युग की पुनर्प्रतिष्ठा थी जिसे भारतीय संस्कृति, न्याय, और नीति का प्रतीक माना जाता है। इस मंचन की सबसे रोचक बात यह रही कि इसमें स्वयं डॉ. मोहन यादव ने सम्राट महेन्द्रादित्य (विक्रमादित्य के पिता) के जीवंत किया था। महानाट्य के मंचन के समय किसी ने सोचा भी नहीं था कि रंगमंच पर उतरने वाला यह युवक भविष्य में वास्तविक रूप में मध्यप्रदेश के विक्रमादित्य की तरह एक नेतृत्वकर्ता, एक सांस्कृतिक अभिभावक और जनमानस का प्रतिनिधि के रूप में प्रतिष्ठित होगा। डॉ. यादव का यह सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रेम ही उन्हें सत्ता के शीर्ष तक ले आया। सत्ता में आने के बाद भी उनका यह रुझान केवल मंचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने महानाट्य के मंचन को सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनाया। प्राधिकरण से प्रारंभ हुई विक्रमदर्शिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बने, उन्होंने विकास को केवल अधोसंरचनात्मक निर्माण तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य की दृष्टि से उज्जैन शहर को एक ऐसे नगर के रूप में देखा जो इतिहास, आस्था और आधुनिकता का संगम बने। उनकी पहल पर शहर में चार दिशाओं में भव्य प्रवेश द्वार निर्मित किए गए, जो चार युगों के प्रतीक हैं। यह कार्य न केवल स्थापत्य की दृष्टि से अभिनव था, बल्कि सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने वाला भी था। उज्जैन को देश का पहला ऐसा शहर बनने का गौरव प्राप्त हुआ, जिसमें दिशा-प्रेरित प्रवेश द्वारों से संस्कृति का स्वागत हुआ। विक्रम विश्वविद्यालय को नई पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अगला महत्वपूर्ण कार्य सम्राट विक्रमादित्य के नाम से स्थापित विक्रम विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना रहा। उन्होंने विश्वविद्यालय में न केवल शोध और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई, बल्कि सम्राट विक्रमादित्य के साहित्य, न्याय दर्शन, और सांस्कृतिक मूल्यों को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी विशेष प्रयास प्रारंभ किए गए। लाल किले से देशव्यापी मंचन की ओर अब जब डॉ. यादव सत्ता और संस्कृति दोनों के मध्य सेतु बन चुके हैं, उन्होंने अपने पुराने सांस्कृतिक अभियान को उत्थान के एक नए सोपान पर ले जाने का संकल्प लिया है। उनके नेतृत्व में टीम अब सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के महामंचन को देशभर में करने के लिए तत्पर हैं। इससे सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और दर्शन पर आधारित यह महानाट्य लाल किले जैसे ऐतिहासिक स्थल पर किया जाकर राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्स्थापित कर सांसकृतिक उत्थान का नया आयाम स्थापित करेगा। "सम्राट विक्रमादित्य" केवल इतिहास के पात्र नहीं हैं, वे भारतीय मानस के आदर्श पुरुष हैं। डॉ. मोहन यादव ने उन्हें सुशासन-प्रेरणा में बदल दिया है। उनका यह अभियान केवल उज्जैन या मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत में सांस्कृतिक चेतना की लौ जलाने वाला है। जब लाल किले की प्राचीर पर विक्रमादित्य की गाथा गूंजेगी, तब यह केवल एक नाट्य मंचन नहीं होगा। यह भारतीय अस्मिता का उत्सव होगा।   recent visitors 33

पार्टनर का नाम पासपोर्ट में जोड़ने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की टेंशन नहीं, बदले पासपोर्ट के नियम

नई दिल्ली अगर आप शादी के बाद अपने पार्टनर का नाम पासपोर्ट में जोड़ना चाहते हैं, तो अब आपको मैरिज सर्टिफिकेट की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। विदेश मंत्रालय ने इस नियम को पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है, जिससे लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है। पहले पासपोर्ट में पति या पत्नी का नाम जोड़ने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य था। यह प्रक्रिया खासकर उन राज्यों में मुश्किल भरी हो जाती थी, जहां शादी के बाद प्रमाण पत्र बनवाना आम चलन में नहीं है—जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश। अब विदेश मंत्रालय ने इस बाध्यता को खत्म करते हुए, स्व-घोषणा पत्र को मान्यता दे दी है। यानी अब आपको सिर्फ एक आसान फॉर्म भरकर, कुछ जरूरी जानकारियों और फ़ोटो के साथ पासपोर्ट में अपने जीवनसाथी का नाम जुड़वाने की सुविधा मिल जाएगी। Annexure J बनेगा अब आपका सहारा नई व्यवस्था के तहत, Annexure J नामक एक डॉक्यूमेंट पेश किया गया है, जिसमें आप दोनों की संयुक्त तस्वीर, और आपके साइनेचर के साथ कुछ बुनियादी जानकारियां शामिल होंगी। यह फॉर्म एक डिक्लेरेशन के रूप में काम करेगा और यही दस्तावेज पासपोर्ट अथॉरिटी के लिए शादी का प्रमाण माना जाएगा। recent visitors 41

ऐतिहासिक होगा पल, दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल से गुजरेगी वंदे भारत, 19 अप्रैल को पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

जम्मू कश्मीर कश्मीर घाटी में पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की रफ्तार गूंजेगी। 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली इस हाई-टेक ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। ये सेवा हाल ही में पूरी हुई उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत शुरू हो रही है, जो दशकों से इस क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने की कोशिश का नतीजा है। 19 अप्रैल को होगी शुरुआत इस ऐतिहासिक मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहेंगे। इस वक्त कश्मीर में रेल सेवा केवल बारामुला से संगलदान तक सीमित है। कटरा तक आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें वहीं रुक जाती हैं। लेकिन अब ये वंदे भारत एक्सप्रेस कटरा से सीधे श्रीनगर और बारामुला तक जाएगी, जिससे आम जनता और सैलानियों को पहली बार कश्मीर घाटी तक सीधी ट्रेन सुविधा मिलेगी। जल्द ही ये सेवा जम्मू तक भी बढ़ाई जाएगी, जैसे ही स्टेशन का काम पूरा होगा। ढाई घंटे में पूरा करेगी सफर करीब 150 किलोमीटर की दूरी को यह ट्रेन महज 2 घंटे 30 मिनट में तय करेगी। इस सफर की सबसे खास बात होगी दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल चिनाब ब्रिज भी इस रास्ते में होगा। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इस पुल का भी दौरा करेंगे और वहां से कटरा आकर ट्रेन सेवा को जनता को समर्पित करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत बनी 272 किलोमीटर लंबी रेल लाइन जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने और पूरे देश से इस इलाके को जोड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है। recent visitors 66

CSK की बढ़ी मुश्किल… लगातार 5 हार के बाद बिगड़ा IPL प्लेऑफ का गणित

चेन्नई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-25 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से हुआ. 11 अप्रैल (शुक्रवार) को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेले गए इस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 8 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल की. कोलकाता को जीत के लिए 104 रनों का टारगेट मिला था. जिसे उसने 59 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. सीएसके ने बनाया ये शर्मनाक रिकॉर्ड मौजूदा सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स ने की यह लगातार पांचवीं हार रही. सीएसके ने शानदार आगाज करते हुए मुंबई इंडियंस (MI) को 4 विकेट से पराजित किया था. हालांकि उसके बाद वो आउट ऑफ ट्रैक हो गई है. सीएसके आईपीएल इतिहास में पहली बार लगातार पांच मैच हारी है. साथ ही ऐसा पहली बार हुआ, जब सीएसके ने एक सीजन में चेपॉक में लगातार तीन मैच गंवाए. दूसरी ओर कोलकाता नाइट राइडर्स की मौजूदा सीजन में ये छह मैचों में तीसरी जीत रही. कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए ओपनिंग करने उतरे सुनील नरेन ने 18 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और पांच छक्के शामिल रहे. वहीं दूसरे ओपनर क्विंटन डिकॉक ने तीन छक्के की मदद से 16 बॉल 23 रनों की पारी खेली. कप्तान अजिंक्य रहाणे 20 और रिंकू सिंह 15 रन पर नाबाद लौटे. चेन्नई की ओर से तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज और स्पिनर नूर अहमद को एक-एक विकेट हासिल हुआ. CSK के लिए शिवम दुबे ने बनाए सबसे ज्यादा रन मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवरों में 9 विकेट पर 104 रन बनाए. धीमी पिच पर चेन्नई के बल्लेबाज शुरुआत से ही संघर्ष करते दिखे. सीएसके के लिए शिवम दुबे ने सबसे ज्यादा 31* रनों की पारी खेली, जिसमें तीन चौके शामिल रहे. शिवम के अलावा विजय शंकर (29), राहुल त्रिपाठी (16) और डेवोन कॉन्वे (12) ही दोहरे अंकों में पहुंच पाए. कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बात करें तो उनके बल्ले से 1 रन निकले. रवींद्र जडेजा और 'इम्पैक्ट सब' दीपक हुड्डा तो अपना खाता नहीं खोल सके. कोलकाता की ओर से स्पिनर सुनील नरेन ने सबसे ज्यादा तीन विकेट चटकाए. 'मिस्ट्री स्पिनर' वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा को दो-दो सफलता हासिल हुई. मोईन अली और वैभव अरोड़ा को एक-एक विकेट मिला. कोलकाता नाइट राडर्स के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स का पलड़ा भारी रहा है. दोनों टीमों के बीच आईपीएल में अब तक कल 31 मैच खेले गए, जिसमें से चेन्नई ने सबसे ज्यादा 19 मुकाबले जीते हैं. जबकि 11 में कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत मिली. दोनों टीमों के बीच एक मैच बेनतीजा रहा. आईपीएल 2024 में दोनों टीमों के बीच 1 मैच हुआ था, जिसे चेन्नई सुपर किंग्स ने सात विकेट से जीता था. आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को इकलौती जीत मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली थी. चेन्नई सुपर किंग्स के अब 6 मैचों में 2 अंक हैं और वो दस टीमों की अंकतालिका में नौवें स्थान पर हैं. चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अब प्लेऑफ में पहुंचने की राह भी थोड़ी मुश्किल हो गई है. आईपीएल में आमतौर पर प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई करने के लिए 16 अंक चाहिए होते हैं. चेन्नई सुपर किंग्स को अब 8 मुकाबले और खेलने हैं. ऐसे में प्लेऑफ में पहुंचने के लिए चेन्नई सुपर किंग्स को इन आठ मैचों में से 7 में जीत दर्ज करनी होगी. इस स्थिति में चेन्नई सुपर किंग्स के 16 अंक होंगे.  यह एक कठिन लेकिन असंभव काम नहीं है. यदि चेन्नई सुपर किंग्स अपने बाकी के सभी मुकाबले जीतती है तो 18 अंकों के साथ टॉप-2 में भी फिनिश कर सकती है. वैसे 14 अंकों के साथ भी चेन्नई सुपर किंग्स प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर सकती है, लेकिन तब नेट-रनरेट खेल में आएगा. चेन्नई सुपर किंग्स को 14 अंकों तक पहुंचने के लिए बाकी के आठ में से 6 मैच जीतने होंगे. यदि चेन्नई की टीम तीन मुकाबले और गंवाती है तो वो प्लेऑफ की रेस से आउट हो जाएगी. चेन्नई सुपर किंग्स का नेट-रनरेट फिलहाल -1.554 है. बता दें कि पिछले आईपीएल सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने 14 अंकों के साथ प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया था. पिछले सीजन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुर शुरुआती आठ मैचों में से केवल एक ही जीत पाई थी. लेकिन, उसने अपने आखिरी छह मैच जीतकर प्लेऑफ में जगह बनाई. आईपीएल 2025 की अंकतालिका चेन्नई सुपर किंग्स के बाकी मैचों का शेड्यूल 14 अप्रैल बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, लखनऊ, शाम 7.30 बजे 20 अप्रैल बनाम मुंबई इंडियंस, मुंबई, शाम 7.30 बजे 25 अप्रैल बनाम सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई, शाम 7.30 बजे 30 अप्रैल बनाम पंजाब किंग्स, चेन्नई, शाम 7.30 बजे 3 मई बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, बेंगलुरु, शाम 7.30 बजे 7 मई बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, कोलकाता, शाम 7.30 बजे 12 मई बनाम राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई, शाम 7.30 बजे 18 मई बनाम गुजरात टाइटन्स, अहमदाबाद, दोपहर 3.30 बजे चेन्नई vs कोलकाता हेड टू हेड (IPL) कुल मैच: 31 चेन्नई जीता: 19 कोलकाता जीता: 11 बेनतीजा: 1 recent visitors 40

लगातार 3 दिन बैंक रहेंगे बंद, सोमवार को शेयर मार्केट में भी नहीं होगा काम

मुंबई 14 अप्रैल सोमवार को अंबेडकर जयंती के अवसर पर भारतीय शेयर मार्केट बंद रहेगा। हॉलीडे कैलेंडर के अनुसार, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सोमवार को कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। दूसरी ओर सोमवार को अवकाश के कारण बैंक लगातार 3 दिन तक बंद रहेंगे। प्रत्येक महीने का दूसरा और चौथा शनिवार बैंक बंद रहते हैं। 12 अप्रैल को सेकेंड सैटरडे पड़ रहा है। इसलिए इस दिन बैंकों में कोई काम नहीं होगा। जबकि, रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंकों में छुट्टी रहती है। सोमवार को अंबेडकर जयंती पड़ रही है और आरबीआई कैलेंडर के अनुसार इस दिन मिजोरम, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, मेघालय और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। शेयर मार्केट भी तीन दिन नहीं खुलेगा शेयर मार्केट हर शनिवार और रविवार को बंद रहता है। इस बार भी बंद रहेगा। सोमवार को अंबेडकर जयंती की छुट्टी की वजह से शेयर बाजार बंद रहेगा। यानी मार्केट लगातार तीन दिन तक क्लोज रहेगा। बता दें बीएसई कैलेंडर अप्रैल 2025 के महीने में तीन छुट्टियां दिखाता है। महावीर जयंती (10 अप्रैल), जो बीत चुका है, डॉ बाबा साहेब अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) और गुड फ्राइडे (18 अप्रैल)। 10 दिन में 6 दिन मार्केट रहेगा बंद 12 अप्रैल- शनिवार का अवकाश 14 अप्रैल – अंबेडकर जयंती मई से दिसंबर तक शेयर बाजार की छुट्टियों की लिस्ट 1 मई – महाराष्ट्र दिवस 2 अक्टूबर – महात्मा गांधी जयंती और दशहरा 21 अक्टूबर – दिवाली (लक्ष्मी पूजन) 22 अक्टूबर – दिवाली बलिप्रतिपदा 5 नवंबर – प्रकाश गुरुपर्व (श्री गुरु नानक देव) recent visitors 46

हाईकोर्ट ने कहा है सरकार किसी कर्मचारी की पेंशन, ग्रेच्युटी या लीव एनकैशमेंट को बिना कानूनी प्रावधान के नहीं ले सकती

रायपुर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार किसी कर्मचारी की पेंशन, ग्रेच्युटी या लीव एनकैशमेंट को बिना कानूनी प्रावधान के नहीं ले सकती। यह फैसला जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की बेंच ने दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार इसे 'प्रशासनिक निर्देशों' के नाम पर भी नहीं ले सकती। कोर्ट ने यह फैसला राजकुमार गोनेकर नाम के एक दिवंगत सरकारी कर्मचारी के मामले में दिया। गोनेकर की पेंशन से 9.2 लाख रुपए की वसूली के आदेश को कोर्ट ने रद्द कर दिया। पेंशन कोई दान नहीं जस्टिस गुरु ने अपने फैसले में कहा कि ग्रेच्युटी और पेंशन कोई दान नहीं हैं। कर्मचारी इन्हें अपनी लंबी, लगातार, वफादार और बेदाग सेवा से कमाता है। यह एक कर्मचारी का हक है और यह उसकी संपत्ति है। वहीं, जस्टिस गुरु ने संविधान के अनुच्छेद 300-A का हवाला देते हुए कहा कि संपत्ति के इस अधिकार को कानून के उचित प्रक्रिया के बिना नहीं छीना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का पेंशन, ग्रेच्युटी या लीव एनकैशमेंट का हिस्सा बिना किसी कानूनी प्रावधान के और प्रशासनिक निर्देश के तहत लेने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है। वसूली के आदेश को रद्द कर दिया इसके साथ ही कोर्ट ने यह फैसला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के रहने वाले राजकुमार गोनेकर के मामले में दिया। गोनेकर की पेंशन से 9.2 लाख रुपए की वसूली के आदेश को कोर्ट ने रद्द कर दिया। गोनेकर के वकील ने कोर्ट को बताया कि गोनेकर को 29 मार्च 1990 को सहायक निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में 2000 में उन्हें उप निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया। हालांकि, ग्रेडेशन लिस्ट में कुछ सुधारों के कारण, उन्हें सहायक निदेशक के पद पर पदावनत कर दिया गया। कोर्ट के आदेश के बाद, उन्होंने उप निदेशक के रूप में काम किया और 31 जनवरी 2018 को सेवानिवृत्त हो गए। गबन का लगा था आरोप अपनी सेवा के दौरान, गोनेकर को गबन के आरोप का नोटिस मिला। उन्होंने अपने जवाब में आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्होंने कानून के अनुसार काम किया। सेवानिवृत्ति के बाद, 13 दिसंबर 2018 को उन्हें एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने 25 जनवरी 2019 को अपना जवाब दाखिल किया और फिर से आरोपों का खंडन किया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि गोनेकर की पेंशन से 9.23 लाख रुपए की वसूली का आदेश इन तथ्यों पर ठीक से विचार किए बिना और उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना पारित किया गया था। राज्य ने इसका विरोध किया और कहा कि प्रक्रिया का पालन किया गया था। राज्य ने यह भी कहा कि गोनेकर का जवाब मिलने और सरकार द्वारा राशि वसूलने की अनुमति दिए जाने के बाद ही कार्रवाई की गई थी। HC ने कहा कि मूल याचिकाकर्ता, गोनेकर की मृत्यु 20 जून 2024 को हो गई थी। इसके बाद उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को याचिका में शामिल किया गया। राज्यपाल के पास है अधिकार कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 9 का हवाला दिया। इसमें कहा गया है कि राज्यपाल के पास पेंशन रोकने या वापस लेने या सरकार को हुए नुकसान की वसूली का आदेश देने का अधिकार है। यह तब हो सकता है जब पेंशनर को विभागीय या न्यायिक कार्यवाही में गंभीर कदाचार या लापरवाही का दोषी पाया जाए। कोर्ट ने पहले के फैसलों का उल्लेख किया। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने पेंशन में कटौती करने से पहले सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया था। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन करता है। HC ने निष्कर्ष निकाला कि नियम 9 के अनुसार, पेंशन से वसूली का आदेश तभी दिया जा सकता है जब कर्मचारी को विभागीय या न्यायिक कार्यवाही में दोषी पाया जाए। गोनेकर को दोषी पाए जाने का कोई सबूत नहीं था। केवल कारण बताओ नोटिस और उनके जवाब थे। इसलिए, वसूली के आदेश को सही नहीं ठहराया जा सकता। 45 दिनों के भीतर राशि लौटाने के निर्देश कोर्ट ने आदेश दिया कि गोनेकर की पेंशन से काटी गई राशि 45 दिनों के भीतर उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को वापस कर दी जाए। recent visitors 51