Sunday, July 5, 2026 11:19 am

अम्बिकापुर : आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में परीक्षा पर्व 7.0 का सफल आयोजन, शिक्षक एवं अभिभावक रहे उपस्थित

अम्बिकापुर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वावधान में परीक्षा पर्व 7.0 का आयोजन जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के पीएम श्री विद्यालय सेजस में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना एवं तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना था।  कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री विलास भोसकर एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली पीएमओ कार्यालय द्वारा तैयार प्रस्तुति का विद्यालय के प्राचार्य श्री ऋषि पांडे द्वारा प्रभावी रूप से प्रस्तुतिकरण किया गया।  प्रस्तुति में मुख्य रूप से यह संदेश दिया गया कि परीक्षाओं को पर्व के रूप में मनाया जाए एवं विद्यार्थियों के बीच सामाजिक प्रतिस्पर्धा के बजाय आत्म-प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर विकासखंड के लगभग 200 शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।  कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री दिनेश साहू, उपाध्यक्ष नेहा सनी बंसल, SMDC   सदस्य रवि अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ श्री वेद प्रकाश पांडे, शिक्षा विभाग से श्री रविशंकर पांडे,  ABEO  मनोज तिवारी,  BRC  दीपेश पांडे सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।  कार्यक्रम का संचालन श्री रवि शंकर पांडे द्वारा किया गया। एबीपी फेलो शुभिता शुक्ला की उपस्थिति भी विशेष रही।  कार्यक्रम ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को परीक्षा के तनाव से मुक्त कर उसे उत्सव के रूप में अपनाने की दिशा में प्रेरित किया। recent visitors 36

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति रद्द करने की मांग, राज्यपाल एवं कुलाधिपति को ABVP ने लिखा पत्र

रायपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति को पत्र लिखकर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की नवनियुक्त कुलपति की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है. बता दें कि छत्तीसगढ़ के एकमात्र इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में प्रो. लवली शर्मा को कुलपति नियुक्त किया गया है. अभाविप ने पत्र में लिखा है कि पूर्व में प्रो. लवली शर्मा राजा मानसिंह तोमर संगीत और कला विश्वविद्यालय ग्वालियर मध्यप्रदेश के कुलपति के रूप में काम कर चुकी है. इस दौरान उनके ऊपर कई गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं. साथ ही इनके कार्यकाल में छात्राओं के यौन शोषण जैसे मामले प्रकाश में आए थे. जिस व्यक्ति के ऊपर कुलपति रहते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप और छात्राओं के यौन शोषण की घटनाएं उजागर हुए हैं. साथ ही इन्हीं मामलों को संज्ञान में लेकर मध्यप्रदेश शासन ने धारा 57 लगाकर कुलपति के कार्यकाल को समाप्त कर दिया था, परंतु छत्तीसगढ़ शासन ने उपरोक्त मामलों में दोषी पाए गए व्यक्ति को पुनः कुलपति के रूप में नियुक्ति किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह भी मानना है कि डॉ. लवली शर्मा ने कुलपति पद पर आवेदन करते समय इन तथ्यों को जानबूजकर छुपाया है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि संगीत विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए तत्काल प्रभाव से कुलपति की इस नियुक्ति को रद्द किया जाए. recent visitors 14

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 : रैम्प योजना व ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर संभागस्तरीय कार्यशाला का आयोजन

अम्बिकापुर जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30, रैम्प योजना तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर जागरूकता और उद्योगपतियों से सीधा संवाद करना रहा। उद्योग नीति पर विशेषज्ञों की विस्तृत प्रस्तुति रायपुर से आए उपसंचालक, उद्योग श्री ऋतुराज ताम्रकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर विस्तार से जानकारी दी और उपस्थित प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। वहीं,  म्तदेज – ल्वनदह (म् – ल्)     की टीम द्वारा रैम्प योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं एमएसएमई उद्योगों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। अधिक निवेश के लिए उद्योगपतियों को किया गया प्रेरित कार्यक्रम में उपस्थित अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक ने राज्य सरकार की मंशा और उद्योगों के लिए लाए गए नवीन प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए उद्योगपतियों से अधिक से अधिक निवेश करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि एक सकारात्मक उद्योग इकोसिस्टम बनाने में सभी की भागीदारी आवश्यक है और ठत्।च् (ठनेपदमेे त्मवितउ ।बजपवद च्संद) के तहत सकारात्मक फीडबैक देने का भी आह्वान किया। इस संभागस्तरीय कार्यशाला से उद्योग जगत को राज्य की नीतियों की स्पष्ट जानकारी मिली है और इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी ।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, सरगुजा लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री अरविन्द सिंघानियां, फेसिलिटेशन काउंसिल के सदस्य श्री कौन्तेय जायसवाल, एवं सरगुजा संभाग के सभी जिले सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों के महाप्रबंधकगण और सरगुजा संभाग में कार्यरत उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) भी प्रतिभागी उपस्थित रहे। recent visitors 26

कबीरधाम कलेक्टर और जिला पंचायत अध्यक्ष विकासखंड के ग्राम खैरबनाकला में पहुंचकर स्वयं ग्रामवासियों से आवेदन लिये

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत कल प्रथम चरण के अंतिम दिन कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू बोड़ला विकासखंड के ग्राम खैरबनाकला में पहुंचकर स्वयं ग्रामवासियों से आवेदन लिये। उन्होंने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामवासियों से चर्चा कर उनकी शिकायत, समस्या और मांगों को सुनकर आवेदन लिया। उन्होंने सुशासन तिहार की अवधारणा, उद्देश्य एवं गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओं अजय कुमार त्रिपाठी, अपर कलेक्टर मुकेश रावटे, बोड़ला एसडीएम सुरूचि शार्दुल, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।         कलेक्टर वर्मा ने ग्रामीणों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने ज्यादातर आदेवन जॉब कार्ड, पीएम आवास, पेयजल, सड़क और राजस्व सहित विभिन्न प्रकार से सम्बन्धित आवदेन किए। सुशासन तिहार के चौथे दिन जिले में शहरी सहित ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचकर अपनी मांग, शिकायत और समस्याओं के निराकरण के लिए समाधान पेटी में आवेदन जमा किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में सुशासन की स्थापना सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्तर पर शासकीय कामकाज में पारदर्शिता लाने एवं शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने सुशासन तिहार का आयोजन नगरीय एवं ग्राम पंचायत मुख्यालयों में किया जा रहा है।         कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार का आयोजन प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस पहल के माध्यम से हम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे और शासन के कामकाज में पारदर्शिता लाएंगे। हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक सशक्त मंच मिले और प्रशासन उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करे। इस कार्यक्रम के दौरान प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों और आवेदन का निराकरण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि नागरिकों को हर स्तर पर न्याय और सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में नागरिकों को पूरी तरह से सहभागी बनाने के लिए जिला प्रशासन हर संभव कदम उठा रहा है और समाधान शिविरों के माध्यम से नागरिकों को उनके मामलों का समाधान शीघ्र मिलेगा।           जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान नागरिकों से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का निराकरण प्रभावी तरीके से किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकार की योजनाओं का सही और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, ताकि आम नागरिकों को उनका अधिकार समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में समाधान पेटी स्थापित की है, जिससे नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक आसान और सुलभ तरीका मिल सके। समाधान शिविरों का आयोजन भी इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां अधिकारियों के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों से प्राप्त सभी आवेदन की निगरानी की जाएगी और उनका निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जाएगा।        सुशासन तिहार के अंतर्गत कबीरधाम जिले के चारों जनपद के ग्राम पंचायतों एवं 7 नगरीय निकायों में सभी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिले के नागरिक द्वारा अपनी समस्या, शिकायत और मांगों को लेकर सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन लेने की प्रक्रिया की आज अंतिम दिवस थी। पहले चरण में आम जनता से आवेदन प्राप्त किया गया। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य शिविर लगेंगे, जहां आवेदकों को उनके प्रकरणों की जानकारी दी जाएगी। शिविरों की तिथि की सूचना एसएमएस और पावती के माध्यम से दी जाएगी। जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में संभव होगा, वहीं किया जाएगा। शेष आवेदनों को एक माह में हल कर जानकारी दी जाएगी। recent visitors 31

CMAM प्रोटोकॉल से गंभीर कुपोषित बच्चों का प्रबंधन और 6 वर्ष से कम बच्चों को मोटापे से बचाने पर फोकस किया जा रहा

भोपाल मध्यप्रदेश में 8 से 22 अप्रैल 2025 तक सातवां “पोषण पखवाड़ा” पूरे जोश और जागरूकता के साथ मनाया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी राज्य में विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से कुपोषण की रोकथाम और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण अभियान का उद्देश्य आमजन, महिलाओं और बच्चों को पोषण के महत्व को समझाकर एक स्वस्थ समाज की नींव रखना है। पोषण पखवाड़ा 2025 में प्रमुखता से 4 विषयों जीवन के पहले 1000 स्वर्णिम दिवसों का महत्व, पोषण ट्रैकर ऐप के हितग्राही मॉड्यूल की जानकारी और उपयोगिता, CMAM प्रोटोकॉल से गंभीर कुपोषित बच्चों का प्रबंधन और 6 वर्ष से कम बच्चों को मोटापे से बचाने पर फोकस किया जा रहा है। स्वर्णिम 1000 दिवस – जीवन की मजबूत नींव गर्भावस्था से लेकर जन्म के बाद पहले दो वर्षों तक के 1000 स्वर्णिम दिवस बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद अहम होते हैं। इस दौरान उनके जीवनकाल का 85 प्रतिशत बौद्धिक विकास हो जाता है। पोषण पखवाड़ा में इस अवधि के दौरान पोषण और देखभाल पर विशेष बल देते हुए माताओं को संतुलित आहार और स्तनपान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पोषण ट्रैकर ऐप – पोषण की डिजिटल निगरानी पोषण ट्रेकर ऐप ‘poshantracker.in’ के माध्यम से घर बैठे ही पोषण स्तर की निगरानी करना अब संभव है। यह ऐप आंगनवाड़ी सेवाओं का डिजिटलीकरण करने के साथ हितग्राहियों को भी बच्चों और माताओं के पोषण पर नज़र रखने में सक्षम बनाता है। भारत सरकार द्वारा पोषण ट्रेकर ऐप के अंतर्गत हितग्राही मॉड्यूल विकसित किया गया है। इसमें हितग्राही अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉग-इन बच्चों के पोषण स्तर के विकास की निगरानी के साथ उन्हें केन्द्र से मिलने वाले पोषण आहार की निगरानी घर बैठे कर सकते हैं। CMAM रणनीति से कुपोषण पर नियंत्रण प्रदेश में कम्युनिटी मैनेजमेंट ऑफ एक्यूट मॉलन्यूट्रिशन (CMAM) यानी गंभीर कुपोषण का समुदाय स्तर पर प्रबंधन मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत वर्ष-2020 से प्रारंभ हुआ। पोषण पखवाडा़ में अति गंभीर कुपोषित (SAM), अति कम वजन (SUW) एवं मध्यम गंभीर कुपोषित (MAM) बच्चों का चिन्हांकन कर उनकी स्वास्थ्य जाँच तथा अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की भूख की जाँच कर आवश्यकतानुसार उपचार एवं सामुदायिक स्तर पर परिवार के सहयोग से पोषण प्रबंधन किया जा रहा है। बचपन में मोटापे से सतर्कता नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) रिपोर्ट के अनुसार बच्चों में मोटापे की दर में वृद्धि चिंताजनक है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा बच्चों को जंक फूड से दूर रखने और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने की नीति अपनाई गई है। पोषण पखवाड़ा में बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाना और स्कूलों में पौष्टिक भोजन के बढ़ावा देने के लिये पोषण ट्रेकर के माध्यम से मोटापे के जोखिम वाले बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों को पोषण परामर्श दिया जा रहा है। प्रदेशभर में जागरूकता की लहर आंगनवाड़ी केंद्रों पर थीम आधारित गतिविधियों, योग सत्र, खेलकूद, पोषण रैली, साइकिल रैली, एनीमिया जागरूकता शिविर, लंच बॉक्स प्रतियोगिता और समूह चर्चाओं का आयोजन हो रहा है। पोषण ट्रैकर में रजिस्ट्रेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि माताओं और बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी और समस्याओं का समय पर निदान सुनिश्चित किया जा सके।   recent visitors 31

कल खरमास का आखिरी दिन, शुभ कार्यों का होगा शुभ आरम्भ

वर्तमान में खरमास का महीना चल रहा है, जो 14 मार्च से शुरू हुआ था और 13 अप्रैल को खत्म हो जाएगा. खरमास शुरू होते ही शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण संस्कार और अन्य सभी शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं. इसलिए पूरे माह कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तरमास के दिनों में कोई भी शुभ कार्य करने से दुर्भाग्य आएगा और आप उस दौरान कोई प्रगति नहीं कर पाएंगे. खरमास के दिनों में शुभ कार्य करने से उस शुभ कार्य में नकारात्मकता बढ़ सकती है. इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है जो आपके जीवन को प्रभावित कर सकती है. ज्योतिष में कई नियम हैं जिनका पालन करने से आपके जीवन में सकारात्मक चीजें बढ़ेंगी और सकारात्मक चीजें घटित होंगी. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य के धनु और मीन राशि में प्रवेश करने पर खरमास शुरू होता है. खरमास वर्ष में दो बार आता है और एक माह तक रहता है. सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति भी कहा जाता है. आइए जानें अप्रैल में खरमास कब खत्म होगा और किस दिन से सभी शुभ कार्य शुरू होंगे. ज्योतिष में सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना जाता है और वे पितृ पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसी स्थिति में इनकी चमक में कमी आना शुभ व्यक्ति के लिए शुभ नहीं माना जाता है. वहीं, जब सूर्य मीन या धनु राशि में प्रवेश करता है तो उसकी चमक कम हो जाती है. इसलिए खरमास के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है. पंचांग के अनुसार, 13 अप्रैल को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट पर सूर्य देव मीन राशि छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. ऐसे में खरमास 13 अप्रैल 2025 को समाप्त हो जाएगा. इसके बाद 14 अप्रैल से फिर से शादी-ब्याह, गृह प्रवेश और सभी शुभ कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे. हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कार्य शुभ मुहूर्त देखकर किया जाता है. सही समय पर अच्छा काम करने से आपके काम में सकारात्मक चीजें घटित हो सकती हैं. अप्रैल में विवाह के लिए 9 शुभ दिन हैं. अप्रैल में विवाह के लिए शुभ तिथियां हैं – 14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29 और 30 अप्रैल. इन तिथियों पर आप पंडितों की सलाह से शुभ मुहूर्त निकलवा सकते हैं. खरमास में क्या न करें शुभ कार्य – खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण आदि जैसे शुभ कार्यों से बचना चाहिए. तामसिक भोजन – तामसिक भोजन और शराब से बचना चाहिए. नई खरीदारी – नया वाहन, मकान या जमीन खरीदने से बचें. वाद-विवाद-विवाद से बचें. खरमास में क्या करें? सूर्य देव की पूजा प्रतिदिन सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें. दान- जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र आदि दान करें. आध्यात्मिक अभ्यास – इस अवधि के दौरान ध्यान, जप और भक्ति पर ध्यान केंद्रित करें. पवित्र नदियों में स्नान- खरमास के दौरान पवित्र नदियों में स्नान का महत्व है. तौलिए और कपड़े खरीदने से बचें – आप इस अवधि के दौरान नए कपड़े, गहने, घर, वाहन और दैनिक आवश्यकताएं खरीद और उपयोग कर सकते हैं.   recent visitors 41

पिच का आज कैसा रहेगा मिजाज और किसे मिलेगा फायदा, एसआरएच वर्सेस पीबीकेएस की होगी भिड़ंत

हैदराबाद सनराइजर्स हैदराबाद वर्सेस पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 का 27वां मुकाबला आज यानी शनिवार, 12 अप्रैल को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। एसआरएच वर्सेस पीबीकेएस मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -पैट कमिंस और श्रेयस अय्यर- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। पंजाब की नजरें इस मैच को जीतकर वापस आईपीएल 2025 पॉइंट्स टेबल के टॉप-4 में अपनी जगह बनाने पर होगी। वहीं हार का चौका लगा चुकी सनराइजर्स हैदराबाद वापस जीत के ट्रैक पर लौटना चाहेगी। हैदराबाद फिलहाल सबसे नीचे 10वें पायदान पर है। आईए एक नजर डालते हैं एसआरएच वर्सेस पीबीकेएस पिच रिपोर्ट पर- SRH vs PBKS पिच रिपोर्ट- राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम हाईस्कोरिंग मुकाबलों के लिए मशहूर है, मगर इस सीजन यहां जैसे-जैसे मैच खेले जा रहे हैं वैसे-वैसे स्कोरबोर्ड पर रनों की कमी देखने को मिल रही है। एसआरएच ने राजस्थान के खिलाफ सीजन के पहले ही मुकाबले में 286 रन बोर्ड पर लगाए थे, मगर उसके बाद लखनऊ के खिलाफ 200 रन भी नहीं बने और गुजरात के खिलाफ तो टीम के 150 तक पहुंचने में पसीने छूट गए। हालांकि आज के मैच में फैंस को एक बार फिर हाईस्कोरिंग मुकाबला मिलने की उम्मीद है। यहां टॉस जीतकर पहले टीमें बैटिंग करना पसंद करती है। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम IPL रिकॉर्ड और आंकड़े मैच- 80 पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते गए मैच- 35 (43.75%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 45 (56.25%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 30 (37.50%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 50 (62.50%) हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 160/3 प्रति विकेट औसत रन- 27.18 पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर- 162.56 SRH vs PBKS हेड टू हेड सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स की भिंड़त अभी तक 23 बार हुई है जिसमें 16 मैच जीतकर एसआरएच ने अपना दबदबा बनाया हुआ है। वहीं पंजाब को हैदराबाद के खिलाफ 7 जीत मिली है। इस सीजन पंजाब की टीम अलग दिखाई दे रही है। ऐसे में उनकी नजरें इस रिकॉर्ड को सुधारने पर होगी। recent visitors 40