Saturday, July 11, 2026 9:06 am

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए की बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है. हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। ये बातें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के संबंध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कही। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की संरचना और सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक में मंत्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में विस्तारीकरण और विद्युतीकरण के कार्यों में विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम प्राप्त हो सकें। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा किरण कौशल, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के डीन, अस्पताल प्रबंधन प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 21

मंत्री सिंह ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षकों की अटेंडेंस को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उज्जैन और नरसिंहपुर जिले में तत्काल लागू किया जाये

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता के लिये विद्यार्थियों से जुड़े सभी कार्य निर्धारित कैलेण्डर में पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति के लिये ऑनलाइन व्यवस्था की प्रशंसा की। मंत्री सिंह ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षकों की अटेंडेंस को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उज्जैन और नरसिंहपुर जिले में तत्काल लागू किया जाये। मंत्री सिंह गुरूवार को लोक शिक्षण संचालनालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह, पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी विनय निगम विशेष रूप से उपस्थित थे। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में संवेदनशील रूख रखने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्कूल शिक्षा से जुड़ी केन्द्रीय योजनाओं में राज्य को मिलने वाली राशि को प्राप्त करने के लिये विशेष पहल की जाये। मंत्री सिंह ने कहा कि विभाग में ऐसी व्यवस्था की जाये कि सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान समय पर हो जाये। जन-प्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले पत्र पर विभाग की ओर से शीघ्र कार्यवाही पत्र भेजने की व्यवस्था की जाये। योजना के क्रियान्वयन की स्थिति बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 82 लाख विद्यार्थियों को पाठ्‌य पुस्तकों का वितरण होना है। विभाग द्वारा 60 प्रतिशत पाठ्य पुस्तकों के वितरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। कक्षा 1 से 8 तक के करीब 60 लाख विद्यार्थियों को यूनिफार्म डीबीटी के माध्यम से दिये जाने की व्यवस्था की जा रही है। बैठक में निशुल्क साइकिल, छात्रवृत्ति, लैपटॉप, स्कूटी वितरण की प्रक्रिया समय-सीमा में किये जाने की जानकारी दी गई। बैठक में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल, हाई स्कूल से हायर सेकण्डरी स्कूल के उन्न्यन की जानकारी दी गई। उन्नयन की कार्यवाही इस वर्ष 15 जून तक पूरी कर ली जायेगी। सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. गोयल ने बताया कि ग्रीष्म काल में उन स्कूलों की पहचान कर ली जायेगी, जो जर्जर हो गये हैं। उनके वैकल्पिक स्थान, अतिरिक्त कक्ष निर्माण मरम्मत संबंधी कार्य प्राथमिकता के साथ किये जायेंगे। मरम्मत कार्य के लिये 149 करोड़ और अतिरिक्त कक्षा निर्माण के लिये 100 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। बैठक में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लेब की भी जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि 45 हजार 500 हायर सैकेण्डरी, 1 लाख 62 हजार प्राथमिक शिक्षकों को टेबलैट प्रदाय किये जा चुके हैं। 75 हजार माध्यमिक शिक्षकों को टेबलैट प्रदान किये जाने की कार्रवाई की जा रही है। स्टार्च प्रोजेक्ट के अंतर्गत 52 सीएम राइज स्कूलों में रोबोटिक्स लैब की स्थापना की जा रही है। 458 पीएमविद्यालयों में अटल टिंकेरिंग लेब स्थापित की जा रही है। बैठक में फर्नीचर व्यवस्था के संबंध में भी चर्चा की गई।   recent visitors 31

इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- स्वेच्छा से शादी करने वाले जोड़ों को समाज का सामना करना सीखना होगा

प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि स्वेच्छा से शादी करने वाले जोड़ों को समाज का सामना करना सीखना होगा। सिर्फ भागकर शादी करने के आधार पर सुरक्षा नहीं दी जा सकती। उन्हें यह साबित करना होगा कि उनके जीवन और स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा है। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने चित्रकूट की श्रेया केसरवानी की याचिका निस्तारित करते हुए यह टिप्पणी की है। चित्रकूट के कर्वी थाना निवासी श्रेया ने कोर्ट से शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन में विपक्षियों के हस्तक्षेप न करने के लिए निर्देश देने की गुहार लगाई थी। याची अधिवक्ता की दलील थी कि शादी करने वाले जोड़े बालिग हैं। जिले के विवाह अधिकारी के यहां सिविल मैरिज के लिए आवेदन दिया हुआ है। परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की है। आशंका है कि परिजन उन्हें क्षति पहुंचा सकता है। लड़की के साथ पहले भी दुर्व्यवहार हुआ है। ऐसे में उन्हें सुरक्षा दी जाए। वास्तविक खतरे के मुताबिक पुलिस उठा सकती है कानूनी कदम कोर्ट ने कहा कि याचियों ने एसपी चित्रकूट को प्रत्यावेदन दिया है। पुलिस वास्तविक खतरे के मुताबिक कानूनी कदम उठा सकती है। रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिससे यह प्रतीत हो कि याचियों को गंभीर खतरा है और उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए। विपक्षियों की ओर से याचियों पर शारीरिक या मानसिक हमला करने का कोई साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किया गया है। पुलिस सुरक्षा देने का नहीं बनता मामला याचियों ने विपक्षियों के किसी अवैध आचरण को लेकर एफआईआर दर्ज करने के लिए संबंधित थाने में कोई अर्जी भी नहीं दी है। न ही मुकदमा दर्ज करने के लिए कोई तथ्य प्रस्तुत किया गया। ऐसे में पुलिस सुरक्षा देने का कोई केस नहीं बनता। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि परेशानी होने पर प्रार्थना पत्र देने पर पुलिस उचित कार्रवाई करेगी। ब्रेकअप के प्रतिशोध में झुलस रही वैवाहिक रिश्तों की पवित्रता : हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहमति संबंध के पल भर में बनते-बिगड़ते रिश्तों पर गंभीर चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि ब्रेकअप से पैदा हुए प्रतिशोध की आग में वैवाहिक रिश्तों की पवित्रता झुलस रही है। नई पीढ़ी के बीच आपसी सहमति से बन रहे अंतरंग संबंधों की तकरार को आपराधिक रंग देने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो वास्तव में कानून का दुरुपयोग है।  इस तल्ख टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की अदालत ने 25 वर्षीय युवती संग दुष्कर्म के आरोपी बांदा निवासी अरुण कुमार मिश्रा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि असफल अंतरंग संबंधों में उपजे कलह का प्रतिशोध लेने के लिए आपराधिक कानून के दुरुपयोग की इजाजत नहीं दी जा सकती।  पीड़िता वाकिफ थी कि आरोपी पहले तीन महिलाओं से शादी कर चुका है। फिर भी उसके संग संबंध बनाए। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ बांदा जिले के महिला थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि वह दिल्ली के निजी बैंक में काम कर रही थी।   इसी दौरान हुई मुलाकात में आरोपी ने उसे अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने को कहा तो उसने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद आरोपी संग कंपनी में काम करने लगी। आरोप है कि जनवरी 2024 में आरोपी ने उसे नशीली दवा पिला कर दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल भी किया। recent visitors 30

हिंदुओं के तिलक पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री पर होगी FIR, मद्रास हाईकोर्ट का आदेश

चेन्नई मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया है कि राज्य के मंत्री पोनमुडी के खिलाफ महिलाओं और धार्मिक समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने के मामले में FIR दर्ज की जाए. कोर्ट ने सरकार को 23 अप्रैल तक का समय दिया है. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए यह भी कहा कि अगर तय समय सीमा तक FIR दर्ज नहीं की गई, तो अदालत स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू करेगी. बता दें कि मंत्री के. पोनमुडी ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में धार्मिक संदर्भ में सेक्स वर्कर का उल्लेख करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इस बयान को लेकर पार्टी की सांसद कनिमोझी ने भी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा था कि मंत्री पोनमुडी का हालिया भाषण स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने जिस भी कारण से ये बातें कहीं, इस तरह की अश्लील भाषा निंदनीय है. हिंदुओं के तिलक पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री पर DMK का एक्शन तमिलनाडु के वन मंत्री और सीनियर डीएमके नेता के पोनमुडी (K Ponmudi) एक सार्वजनिक समारोह में दी गई अपनी स्पीच की वजह से विवादों में आ गए हैं. उन्होंने हिंदू धार्मिक पहचान को यौन स्थितियों से जोड़ने वाली टिप्पणी की थी. एक वायरल वीडियो में पोनमुडी को यह कहते हुए सुना गया, "महिलाओं, कृपया आप गलतफहमी न पालें." इसके बाद वे एक चुटकुला सुनाते हैं, जिसमें एक आदमी एक सेक्स वर्कर से मिलने जाता है, जो फिर उस आदमी से पूछती है कि वह शैव है या वैष्णव. डीएमके नेता के द्वारा सुनाए जा रहे किस्से में, जब आदमी को समझ में नहीं आता, तो सेक्स वर्कर यह पूछकर स्पष्ट करती है कि क्या वह पट्टई (क्षैतिज तिलक, जो शैव धर्म से जुड़ा है) या नामम (लंबवत तिलक, जो वैष्णव धर्म से जुड़ा है) पहनता है. फिर वह समझाती है कि अगर वह शैव है, तो स्थिति 'लेटी हुई' है, और अगर वैष्णव है, तो स्थिति 'खड़े होकर' है. डीएमके सांसद कनिमोझी ने पोनमुडी के बयान की निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "मंत्री पोनमुडी का हालिया भाषण अस्वीकार्य है. भाषण का कारण चाहे जो भी हो, ऐसी अभद्र टिप्पणी निंदनीय है." अभिनेत्री और बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को टैग करते हुए पूछा, "क्या आप कभी उन्हें उनकी कुर्सी और पद से हटाने की हिम्मत कर पाएंगे? या आप और आपकी पार्टी महिलाओं और हिंदू धर्म का अपमान करने में सुख पाती है?" recent visitors 23

वीआईटी में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत

भोपाल वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के आईपीआर सेल ने एमपीसीएसटी भोपाल के सहयोग से 17-18 अप्रैल 2025 को “भविष्य को सशक्त बनाने के लिए आईपीआर जागरूकता” पर डब्ल्यूआईपीओ-सूचीबद्ध दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की मेजबानी की। प्रो वीसी डॉ. टी.बी. श्रीधरन ने भविष्य के नवाचारों को आकार देने में आईपीआर के महत्व पर जोर दिया, जबकि मुख्य अतिथि प्रोफेसर संजीत कोनार, डीन आर एंड डी, आईआईएसईआर भोपाल ने विचारों को प्रभावशाली उत्पादों में बदलने पर बात की। विशिष्ट अतिथि डॉ. एन के चौबे ने विचारों की रक्षा करने की आवश्यकता का उल्लेख किया। रजिस्ट्रार के.के. नायर ने शिक्षा जगत में रचनात्मकता की रक्षा के महत्व को रेखांकित किया। संयोजक डॉ. शिव मंजरी गोपालिया ने सभी का स्वागत किया और आईपीआर साक्षरता की आवश्यकता, दायरे और भागीदारी पर प्रकाश डाला। एमपीसीएसटी भोपाल द्वारा उत्प्रेरित और समर्थित इस कार्यक्रम में पेटेंट, कॉपीराइट और नवाचार नीति पर अग्रणी विशेषज्ञों और इंटरैक्टिव सत्रों की विशेषता थी। एडवोकेट राकेश सोनी ने आईपीआर के व्यावहारिक पहलुओं को प्रस्तुत किया।  डॉ. अक्षरा मकरारिया, वित्त प्रमुख, अनुसंधान एवं विकास, तथा आईपीआर सेल के सदस्य डॉ. मोनिका संकट, डॉ. सनाय नाहा, तथा डॉ. अंकुर बेहर को उनके समर्पण और प्रयासों के लिए हार्दिक धन्यवाद। इस सेमिनार ने वास्तव में आईपीआर-सचेत शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए वीआईटी भोपाल की प्रतिबद्धता को मजबूत किया। recent visitors 23

भाजपा युवा मोर्चा ने आज अंबेडकर चौराहा पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया

सिंगरौली भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे• पी•नड्डा जी एवं भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री तेजस्वी सूर्या जी के निर्देशानुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री वी•डी शर्मा जी एवं भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार जी के नेतृत्व मे तथा भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सुंदरलाल शाह जी के मार्गदर्शन में भाजयुमो जिला सिंगरौली द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले मे कांग्रेस के द्वारा लगातार देश को गुमराह किए जाने के विरोध में आज दिनांक 17 अप्रैल को अंबेडकर चौराहा पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया । उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट Shivam Shukla जी, कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष श्री Rajendra Singh Parmar जी, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री Saurabh Gupta जी,जिला उपाध्यक्ष श्री Raju Baba Ambesh Dwivedi ,जिला महामंत्री राजू केशरी भाजपा सिंगरौली  ,श्री शशांक विक्रम सिंह,जिला सोशल मीडिया प्रभारी सोनू शाह ,शशांक अग्रहरि,मनीष द्विवेदी,विक्रम सिंह परमार,आकाश पाण्डेय ,भाजयुमो मंडल अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा,प्रवेश सिंह,विवेक सिंह, महेश शाह,सुभाष,चंदन,उमेश शाह मंडल महामंत्री गुरुप्रीत सिंह सरदार एवं अन्य सभी भारतीय जनता युवा मोर्चा सिंगरौली के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।। recent visitors 34

लाइसेंस रद्द कर बैंक को लगाया ताला, ग्राहकों के पैसे फंसे!, RBI की इस Bank पर बड़ी कार्रवाई

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अहमदाबाद स्थित कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब बैंक की वित्तीय स्थिति गंभीर रूप से कमजोर हो चुकी थी और उसके पास न तो पर्याप्त पूंजी थी, न ही भविष्य में टिके रहने की कोई संभावनाएं। क्यों बंद किया गया बैंक? RBI के मुताबिक, बैंक बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के कई जरूरी प्रावधानों का पालन करने में नाकाम रहा। इसके अलावा, लगातार घाटे और कमजोर फाइनेंशियल हेल्थ के चलते यह संस्था अपने ग्राहकों की जमा राशि की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं कर पा रही थी। इन हालातों को देखते हुए रिजर्व बैंक ने गुजरात को-ऑपरेटिव सोसायटी के रजिस्ट्रार को बैंक को बंद करने और उसके लिए एक लिक्विडेटर नियुक्त करने की सिफारिश भी कर दी है। ग्राहकों को कितना पैसा मिलेगा? घबराने की जरूरत नहीं है- RBI ने साफ किया है कि बैंक के 98.51% ग्राहक Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के तहत अपनी जमा राशि पर बीमा दावे के पात्र हैं। DICGC के नियमों के अनुसार, प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम ₹5 लाख तक की जमा राशि का भुगतान मिलेगा। 31 मार्च, 2024 तक, DICGC पहले ही लगभग ₹13.94 करोड़ की राशि का भुगतान ग्राहकों को कर चुका है। अब बैंकिंग सेवाएं बंद 16 अप्रैल, 2025 को लाइसेंस रद्द होने के साथ ही कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक का बैंकिंग कारोबार पूरी तरह से बंद हो गया है। इसका मतलब है कि अब बैंक किसी भी तरह का डिपॉजिट स्वीकार नहीं करेगा और न ही पुराने डिपॉजिट्स की रीपेमेंट कर सकेगा। क्या है आगे का रास्ता? RBI का मानना है कि मौजूदा हालत में बैंक का संचालन जारी रखना ग्राहकों के हितों के खिलाफ होगा। इसलिए बैंक को बंद करना ही एकमात्र विकल्प था। अब आगे लिक्विडेटर की निगरानी में बैंक की संपत्तियों का निपटारा किया जाएगा और ग्राहकों को DICGC के जरिए राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।   recent visitors 34