Saturday, July 11, 2026 10:13 am

ग्राम गबोद अब “हर घर जल ग्राम“ घोषित, महिलाओं को स्वच्छ जल मिलने से स्वास्थ्य में सुधार हुआ

रायपुर हर घर जल योजना के तहत् महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड का ग्राम गबोद, में तस्वीर बदल गई है। उल्लेखनीय है कि ग्राम गबोद हरियाली और स्वच्छता के लिए “ग्रीन गाँव” के नाम से प्रसिद्ध है। जल जीवन मिशन के द्वारा हर घर नल हर घर जल योजना से हुए सफलता पूर्वक कार्यों के कारण अब गबोद एक और बड़ी उपलब्धि के साथ नई पहचान बना रहा है। यह गांव अब “हर घर जल ग्राम“ घोषित हो चुका है। 14 जनवरी 2025 को गबोद गांव को यह उपाधि तब मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना के तहत यहां हर घर में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई। यहां गांववासियों का अनुशासन और देशभक्ति भी तारीफे काबिल है। हर सुबह 7ः30 बजे गांव का हर नागरिक अपने घर के बाहर आकर राष्ट्रगान में भाग लेता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 89.39 लाख रुपये की लागत से गांव में 40 किलोलीटर की उच्चस्तरीय जलागार और 760 मीटर पाइपलाइन के साथ 138 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए। इस योजना के तहत अब गांव के हर घर तक शुद्ध जल पहुंच रहा है। इससे पहले महिलाओं और बच्चों को गांव के 5 हैंडपंप और कुछ कुओं से पानी लाना पड़ता था। बरसात के समय पानी लाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, और कभी-कभी विवाद भी हो जाते थे। अब यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। महिलाओं को स्वच्छ जल मिलने से स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और समय की बचत होने से वे अब आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं। बच्चों को पढ़ाई का समय मिलने लगा है और गर्भवती महिलाओं को भी विशेष लाभ मिला है, जिससे गर्भपात जैसी समस्याएं कम हुई हैं। गांव के लोग अब जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। ग्रीन गाँव का यह उदाहरण अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन रहा है। गांव की महिला श्रीमति पूजा सिंह ठाकुर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, “अब पानी की वह समस्या नहीं रही जो पहले होती थी। हम सब सरकार के आभारी हैं।” गबोद ग्राम के समस्त नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद दिया है। recent visitors 20

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक शुरू, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लग सकती है मुहर

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में शुरू हो गई है. बैठक में सहायक शिक्षक पद से बर्खास्त किए गए हजारों शिक्षकों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है. इसके साथ ही जल संकट और नए स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास को लेकर भी चर्चा संभव है. कैबिनेट की बैठक के बाद लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी. recent visitors 22

कलेक्टर ने दृष्टिबाधित बच्चों को पढ़ाई के लिए दिया मोबाईल

बिलासपुर  कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक अवनीश कुमार शरण ने जिले की तीन दृष्टिबाधित स्कूली बच्चों को मोबाइल फोन, की बोर्ड और ओटीजी केबल प्रदान किए। समग्र शिक्षा की समावेशी शिक्षा योजना के तहत उन्हें ये सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए। लाभान्वित दृष्टिबाधित बच्चों में शुभम सूर्यवंशी, पूर्व माध्यमिक शाला मंगला, शहरी स्त्रोत केन्द्र बिलासपुर, कु. अनुष्का पूर्व माध्यमिक शाला हरदीकला विकासखण्ड बिल्हा, कु. निशा मरावी, प्राथमिक शाला खरगहनी विकासखण्ड कोटा शामिल हैं।        हितग्राही बच्चों एवं उनके रिसोर्स पर्सन को दिनांक 24 अप्रैल से 26 अप्रैल 2025 तक रायपुर में शैक्षिक आवश्यकता पूर्ति हेतु मोबाईल के अनुप्रयोग का प्रशिक्षण दिया जावेगा। समग्र शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग) हेतु समावेशी शिक्षा योजना संचालित है। जिसके अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का चिन्हांकन, शिक्षक एवं पालकों का उन्नमुखीकरण कार्यक्रम तथा बच्चों की आवश्यकता अनुसार उन्हें सहायक उपकरण उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने लाभान्वित बच्चों से उनके शैक्षिक गतिविधियों के संबंध में चर्चा की तथा संबंधित शिक्षकों, बीआरपी एवं स्पेशल एजुकेटर को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर श्री ओम पाण्डेय, जिला मिशन समन्वयक, डॉ. अखिलेश तिवारी, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, श्रीमती पूर्णिमा खोब्रागढे, बीआरपी, सुश्री सुष्मिता दिवाकर, श्री उत्तम भारद्वाज, श्री भूपेन्द्र चंद्राकर स्पेशल एजुकेटर, शिक्षक श्री पुष्पेन्द्र गुप्ता एवं पालक उपस्थित थे। recent visitors 27

नई प्रणाली के तहत, व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते

 छत्तीसगढ़ में अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू व्यवसायों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाया नई प्रणाली के तहत, व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते व्यवसायियों को मिली राहत रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अभिनव कदम उठाते हुए व्यवसायों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है। स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई इस ऑनलाइन प्रणाली का उद्देश्य नियमों में सुधार करना और कठिन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि व्यवसायियों को समय और लागत की बचत भी होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल को उद्यमियों और व्यापारियों ने खूब सराहा है। नई प्रणाली के तहत, व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक करने की सुविधा ने प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बना दिया है। पहले जहां कागजी कार्रवाई और कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही क्लिक में पूरा हो जाएगा। स्वचालित सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि सभी नियामक आवश्यकताएं पूरी हों, जिससे त्रुटियों की संभावना कम हो और ऑडिट प्रक्रिया भी सरल हो। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में व्यवसाय करना आसान और सुगम हो। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हमने अस्थायी बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को न केवल तेज किया है, बल्कि इसे पारदर्शी और व्यवसायी-अनुकूल भी बनाया है। यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो हमारे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इस डिजिटल प्रणाली ने कागजी कार्रवाई और बार-बार सरकारी दफ्तरों के दौरे की जरूरत को खत्म कर दिया है, जिससे प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आई है। छोटे और मझोले उद्यमी, जो पहले जटिल प्रक्रियाओं से जूझते थे, अब इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। रायपुर के एक युवा व्यवसायी हरीश पटेल ने बताया, पहले कनेक्शन लेने में कई हफ्ते लग जाते थे, लेकिन अब यह काम कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकार का यह कदम वाकई सराहनीय है। यह सिस्टम न केवल तेज और सुगम है, बल्कि पूरी तरह नियमों के अनुरूप भी है। डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग से ऑडिट प्रक्रिया आसान हो गई है, जिससे सरकारी विभागों और व्यवसायियों दोनों को फायदा होगा। सरकार का कहना है कि यह डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में अन्य सरकारी सेवाओं को भी इसी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की योजना है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से न केवल व्यवसायियों को   राहत मिली है, बल्कि यह राज्य को निवेश के लिए और आकर्षक बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रणाली निश्चित रूप से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। recent visitors 36

सोनिया-राहुल के खिलाफ भोपाल में BJYM का प्रदर्शन: नेशनल हेराल्ड केस को लेकर युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

भोपाल नेशनल हेराल्ड मामले में बयानबाजी के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं…नेशनल हेराल्ड मामले में जमकर सियासत हाे रही है। जहां कल कांग्रेस ने चार्ज शीट में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम आने के बाद ED दफ्तर के बाहर  प्रदर्शन किया….तो वहीं आज राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा ने राहुल गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया… यह विरोध प्रदर्शन नेशनल हेराल्ड मामला और कांग्रेस की दबाव की नीति के खिलाफ था,कांग्रेस पार्टी लगातार ED और जांच एजेंसियों को टारगेट कर रही है। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष बोले- देश के सामने सच्चाई आए भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार ने कहा, कांग्रेस इस देश में भ्रम और झूठ फैलाने का प्रयास कर रही है। उनके खिलाफ मामला दर्ज है और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, लेकिन कांग्रेस नेता सड़क पर उतरकर जांच एजेंसियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, जांच एजेंसियों पर दबाव बनाकर कांग्रेस नेता उस भ्रष्टाचार की जांच से बचने की कोशिश कर रहे हैं, जो उन्होंने किया है। यह उनका झूठा प्रयास है। इसी के खिलाफ युवा मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन कर राहुल गांधी और सोनिया गांधी का पुतला दहन किया है। देश के सामने सच्चाई आनी चाहिए। उसके खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा भी सड़कों पर उतरा पुलिस प्रशासन ने बीजेपी युवा मोर्चा को कांग्रेस कार्यालय की तरफ जाने से रोका जिसके बाद कार्यकर्ता बैरिकेटिंग में चढ़ गए और राहुल गांधी, सोनिया गांधी के खिलाफ नारे लगाए। वहीं बीजेपी युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया…जिसको पुलिस ने अग्निशामक यंत्र की मदद से बुझाया बीजेपी युवा कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस जांच एजेंसियों को टारगेट करना और उनपर दबाव बनाना बंद करे कांग्रेस अदालत को जवाब दे। recent visitors 38

सीआरपीएफ ने आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों में निभाई अहम भूमिका: केन्द्रीय मंत्री शाह

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष-2026 तक देश होगा नक्सलवाद से मुक्त : केन्द्रीय मंत्री शाह देश की आंतरित सुरक्षा में सीआरपीएफ का अदम्य साहस और समर्पण सराहनीय सीआरपीएफ ने आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों में निभाई अहम भूमिका राष्ट्र की सुरक्षा के‍लिये सीआरपीएफ जवानों ने वीरता का प्रदर्शन कर बलिदान दिया सीएपीएफ में अब महिला कर्मियों की हो रही है भर्ती आयुष्मान कार्ड और आवास योजना का भी दिया जा रहा है लाभ केन्द्रीय मंत्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच में सीआरपीएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल विशिष्ट सेवाओं के लिये सुरक्षा बल कर्मियों को किया पुरस्कृत नीमच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उनके मार्गदर्शन में वर्ष 2026 तक देश नक्सलवाद से मुक्त होगा। इस प्रण को पूरा करने में सीआरपीएफ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराए। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जहां जरूरत होती है, सीआरपीएफ के जवान सदैव कर्तव्य पथ पर तत्पर रहते हैं। देश का जब भी स्वर्णिम इतिहास लिखा जाएगा, उसमें सीआरपीएफ के शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों से लिखे जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री शाह गुरुवार को नीमच स्थित सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ के 86वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेन्‍द्र प्रताप सिह, क्षेत्र के लोकसभा सांसद सुधीर गुप्‍ता, राज्‍यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर सहित जिले के तीनों विधायक व अन्‍य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ के कर्मियों के अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने सीआरपीएफ की आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों, शांति स्थापना के कार्यों में निभाई गई भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि "जहां सीआरपीएफ है, वहां चिंता करने की कोई बात नहीं"। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि आज सीआरपीएफ के 3 लाख जवान देश में कानून-व्यवस्था और शांति स्थापित करने के लिए कार्य कर रहे हैं। देश की संसद पर आतंकी हमले और श्रीराम जन्मभूमि पर हमले जैसी मुश्किल समय में कई बार सीआरपीएफ जवानों ने वीरता का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करते हुए बलिदान दिया। केन्द्रीय मंत्री शाह ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि सीमा क्षेत्रों से लेकर अंदरूनी इलाकों तक देश की सुरक्षा में सीआरपीएफ के योगदान को कोई भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा सीएपीएफ कर्मियों को आयुष्मान कार्ड और आवास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सीआरपीएफ में अब महिलाओं की भी भर्ती हो रही है। उनके लिये भी आवास सुविधा विकसित की जा रही है। सीआरपीएफ को आधुनिक बनाए रखने के लिये केन्द्र सरकार की ओर से उत्कृष्ट सुविधा प्रदान की जा रही है। सीआरपीएफ को 2708 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं, जो अद्भुत वीरता के परिचालक हैं। स्थापना दिवस पर केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। परेड में सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। शाह ने कहा कि आज की परेड जवानों में नई ऊर्जा का संचार करेगी। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने वीरता पदकों के लिए चयनित जवानों को सम्मानित कर विशिष्ट सेवाओं के लिये सुरक्षा बल के जवानों को पुरस्कृत भी किया। समारोह में कोबरा, आरएएफ वैली क्यूएटी और डॉग स्क्वॉड जैसी विशेष इकाईयों द्वारा प्रभावशाली एवं आकर्षक प्रदर्शन किया गया। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने सीआरपीएफ परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रृद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनी का अवलोकन किया सीआरपीएफ के स्‍थापना दिवस समारोह की परेड के बाद केन्द्रीय गृहमंत्री शाह ने मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सीआरपीएफ कैम्प नीमच के परिसर में ‘’राष्‍ट्र सेवा में समर्पित सीआरपीएफ के विभिन्‍न आयाम चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में सीआरपीएफ की स्‍थापना से अब तक फोर्स द्वारा अर्जित उपलब्धियों एवं विभिन्‍न गतिविधियों को चित्रों के माध्‍यम से प्रदर्शित किया गया। उल्लेखनीय है कि 86वीं सीआरपीएफ दिवस परेड इस वर्ष 17 अप्रैल को विस्तारित समारोहों के अन्तर्गत आयोजित की गई। सामान्यतः सीआरपीएफ दिवस प्रतिवर्ष 19 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि 1950 में इसी दिन भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सीआरपीएफ को ध्वज प्रदान किया था। इस वर्ष नीमच में आयोजन का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहीं 27 जुलाई 1939 को ब्रिटिश शासन के दौरान 'क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस' की स्थापना हुई थी। स्वतंत्रता के बाद, 28 दिसंबर 1949 को सरदार पटेल ने इसे “केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)” नाम दिया। आज सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है हर चुनौतीपूर्ण मोर्चे पर अग्रिम पंक्ति में डटे रहकर, "सेवा और निष्ठा" के अपने मूल मंत्र को चरितार्थ कर रहा है।   recent visitors 34

सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार – प्रसार के लिए संभागीय कार्यशाला का आयोजन

सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार – प्रसार के लिए संभागीय कार्यशाला का आयोजन बिलासपुर संभाग के जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी हुए शामिल बिलासपुर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के व्यापक प्रचार- प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संभाग स्तर पर प्रार्थना सभा भवन में संभागायुक्त कार्यालय बिलासपुर द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बिलासपुर संभाग एवं नवगठित जिला शक्ति और सारंगढ़ भिलाईगढ़ के जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी शामिल हुए।         कार्यशाला के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कमिश्नर श्री महादेव कावरे ने कहा कि आपके मन में जो भी प्रश्न है उन सब का इस जवाब कार्यशाला में मिलेगा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में आपको आने वाली दिक्कतों को दूर करना है। हालांकि इस अधिनियम को लागू हुए काफी समय हो चुका है लेकिन फिर भी कुछ नए नियम जुड़ते हैं, जिसकी जानकारी आपको होनी चाहिए। कमिश्नर श्री कावरे ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटलाइजेशन का है ऐसे में डिजिटल जानकारी को सूचना के अधिकार के तहत उपलब्ध कराना है या नहीं,  यदि कराना है तो उसके क्या प्रावधान है ऐसी कई बातें हैं जिनको लेकर आपके मन में प्रश्न होंगे जिनका उत्तर कार्यशाला में मिलेगा, उन्होंने  ससभी से कार्यशाला में सक्रिय रूप से सहभागिता की अपील की।         कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर श्रीमती गीता दीवान एवं श्री अतुल वर्मा ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देते हुए ऑन लाइन आवेदन से संबंधित प्रक्रिया और उसके निराकरण के विषय में जानकारी दी।अतुल वर्मा ने कहा कि अधिनियम की  धारा 2 से लेकर 11 तक की धारा जन सूचना अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण है जिसका गहनता से अध्ययन  सभी कर लें, इससे काम करने में आसानी होगी। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।         कार्यशाला में हाउसिंग बोर्ड के एडिशनल कमिश्नर श्री अजीत पटेल, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री अरुण कुमार साय, राज्य सूचना आयोग से श्री प्रदीप गौर उपस्थित थे, कार्यशाला  में प्रतिभागी के रूप में बिलासपुर संभाग के  विभिन्न कार्यालयों के जन सूचना अधिकारी/ प्रथम अपीलीय अधिकारी सहित नवगठित जिला शक्ति और सारंगढ़ बिलाईगढ़ के जन सूचना अधिकारी/ प्रथम अपीलीय अधिकारी संभागीय कार्यालय बिलासपुर से उपायुक्त(रा.)श्रीमती डॉ.स्मृति तिवारी, उपायुक्त (वि.) श्री संतोष सिंह ठाकुर,लेखाधिकारी श्री मूलधर प्रसाद जायसवाल उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन उपायुक्त (रा.)श्रीमती डॉ.स्मृति तिवारी ने किया। recent visitors 25