Friday, July 10, 2026 8:25 am

शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की सूची तैयार करें और इसे केंद्र को सौंपें

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश भर के सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और अपने-अपने राज्यों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की तत्काल पहचान करने का निर्देश दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है। शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे पाकिस्तानी नागरिकों की सूची केंद्र सरकार को भेजें ताकि उनके वीजा तुरंत रद्द किए जा सकें और उन्हें देश से बाहर निकाला जाए। पहलगाम हमले के बाद सख्त कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय पर्यटकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर घाटी में सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है और इसके जवाब में कई कठोर कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित करना, अटारी-वाघा सीमा चौकी को बंद करना, पाकिस्तानी सैन्य सहायकों को नई दिल्ली से निष्कासित करना और सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है। वीजा रद्द करने की प्रक्रिया गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की सूची तैयार करें और इसे केंद्र को सौंपें। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि 27 अप्रैल 2025 से पाकिस्तानी नागरिकों के सभी मौजूदा वीजा रद्द कर दिए जाएंगे, जबकि मेडिकल वीजा 29 अप्रैल 2025 तक वैध रहेंगे। इसके अलावा, भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान से जल्द से जल्द वापस लौटने की सलाह दी गई है। राज्यों से त्वरित कार्रवाई की मांग शाह ने मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अपने-अपने राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और उनके वीजा रद्द करने की प्रक्रिया में कोई देरी न हो। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस मामले में राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि यह प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। पाकिस्तान के साथ राजनयिक तनाव पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को और कम कर दिया है। भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के सैन्य सलाहकारों को निष्कासित कर दिया और इस्लामाबाद में अपने उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 करने का फैसला किया है। जवाब में, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और भारत के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों को निलंबित कर दिया। पाकिस्तान ने भारत के सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के फैसले को "युद्ध की कार्रवाई" करार दिया है। प्रधानमंत्री मोदी का कड़ा रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद कहा कि इस हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को "कल्पना से परे सजा" दी जाएगी। उन्होंने बिहार के मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों को बख्शा नहीं जाएगा।" मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। विपक्ष का समर्थन कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और केंद्र सरकार के कदमों का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा। पार्टी ने 25 अप्रैल 2025 को देश भर में कैंडललाइट मार्च का आयोजन किया ताकि हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जा सके और आतंकवाद के खिलाफ एकता का संदेश दिया जा सके। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पहलगाम हमले की कई देशों ने निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस इस दुख की घड़ी में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर के लिए "यात्रा न करें" की सलाह जारी की है और भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है। भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई ढील नहीं बरतेगी। गृह मंत्री शाह की मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने का फैसला इस दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ जवाबी कार्रवाइयों में जुटे हैं। recent visitors 48

नारायणगंज ने राष्ट्रीय स्तर पर एक करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि की अर्जित, नीति आयोग ने की सराहना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंडला जिले का नारायणगंज विकासखंड जमीनी स्तर पर समावेशी और परिणाम आधारित विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। समग्र विकास के प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नारायणगंज ने राष्ट्रीय स्तर पर एक करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि अर्जित की है। यह स्थानीय शासन की सक्रियता, समुदाय की भागीदारी और सटीक कार्यान्वयन का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीति आयोग ने नारायणगंज के इस नवाचार, समर्पण और समन्वय को विशेष रूप से सराहते हुए इसे सामूहिक उत्तरदायित्व और सुशासन का एक आदर्श उदाहरण बताया है। नारायणगंज की उपलब्धि के मूल में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, बाल विकास, शिक्षा और कृषक कल्याण जैसे क्षेत्रों में किया गया निरंतर प्रयास रहा है। विकासखंड स्तर पर 98.66 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का शीघ्र एएनसी पंजीकरण सुनिश्चित किया गया। इससे सुरक्षित गर्भावस्था और नवजात स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिली। बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास को सशक्त बनाने की दिशा में आंगनवाड़ी केंद्रों पर 98.48 प्रतिशत बच्चों का नियमित विकास मापन किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में भी नारायणगंज ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक छात्रों के 100 प्रतिशत स्थानांतरण को संभव बनाया गया। किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर 99.74 प्रतिशत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के लाभार्थियों की भूमि जानकारी सत्यापित कर आधार इनेबल्ड भुगतान प्रणाली से जोड़ा गया है। इससे पारदर्शिता और सटीकता दोनों सुनिश्चित हुई हैं। नीति आयोग ने कहा है कि यह सफलता दर्शाती है कि जब नीतियाँ समुदाय की वास्तविक ज़रूरतों से जुड़ती हैं, तो परिवर्तन न केवल संभव होता है, बल्कि स्थायी भी बनता है।   recent visitors 19

हेजलवुड को पता है कि कब कौन सी गेंद फेंकनी है, जमकर तारीफ की: आरसीबी के मुख्य कोच एंडी फ्लॉवर

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के मुख्य कोच एंडी फ्लॉवर ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जीत के हीरो जोश हेजलवुड की जमकर तारीफ की है। उन्होंने टीम की 11 रन की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले इस तेज गेंदबाज को क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में दबाव झेल लेने वाला खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि हेजलवुड को पता है कि कब कौन सी गेंद फेंकनी है। एंडी प्लॉवर ने कहा कि यह विश्व स्तरीय गेंदबाज खेल के किसी भी प्रारूप में दबाव झेल सकता है और उसे पता कि किसी विशेष समय पर कौन सी गेंद फेंकनी है। आखिरी ओवरों में हेजलवुड की शानदार गेंदबाजी से आरसीबी की टीम मौजूदा सत्र में अपने घरेलू मैदान पर चार मैचों में पहली जीत के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गई। ऑस्ट्रेलिया के इस गेंदबाज ने अपने आखिरी दो ओवरों में सिर्फ सात रन खर्च कर चार विकेट लिए। उन्होंने चार ओवर में 33 रन देकर चार सफलता हासिल की। आरसीबी ने नौ मैचों में छठी जीत दर्ज की। फ्लॉवर ने कहा, ‘मैं शायद उनके आखिरी दोनों ओवरों की बात करूंगा क्योंकि उनके दो ओवरों में सात रन गए और उन्होंने तीन विकेट लिए। उन दोनों ओवरों में उस खिलाड़ी का स्तर दिखा।’ उन्होंने कहा, ‘वह कमाल का गेंदबाज है, वह विश्व स्तरीय गेंदबाज है, उसके पास किसी भी प्रारूप में दबाव झेलने की क्षमता है। मुझे पता है कि उसे एक ही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी के लिए जाना जाता है लेकिन उसके पास हर तरह की गेंदबाजी करने की क्षमता है।’ जिम्बाब्वे के इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘उसने यॉर्कर, वाइड यॉर्कर और धीमी गेंदों का शानदार मिश्रण किया। उसे पता है कि कब किस तरह की गेंदबाजी करनी है।’ फ्लॉवर ने कहा कि तीन अलग-अलग तरह की तेज गेंदबाजी आक्रमण आरसीबी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि भुवी (भुवनेश्वर कुमार) इस सत्र में शानदार रहे हैं और यश (दयाल) ने आज (गुरुवार) आखिरी ओवर में फिर से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दबाव में शानदार रहे है।’ फ्लॉवर ने इसके साथ ही दिग्गज विराट कोहली (42 गेंद में 70) और वामहस्त बल्लेबाज देवदत्त पडीक्कल (27 गेंद में 50) की भी तारीफ की। इन दोनों की 95 रन की साझेदारी से टीम 205 रन बनाने में सफल रही। आरसीबी के मुख्य कोच ने कहा, ‘देव पडीक्कल ने बिना किसी जोखिम के 27 गेंदों पर 50 रन बनाकर कमाल की पारी खेली। हम विराट (कोहली) के बारे में बहुत कुछ कहते हैं, लेकिन 42 गेंदों पर उनकी 70 रन की पारी और देव के साथ उनकी साझेदारी ने हमें वास्तव में एक ऐसी पिच पर एक मंच दिया जो इतनी आसान नहीं थी।’ recent visitors 27

आरएसएस चीफ ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात पर बल देते हुए कहा- हमारे पास शक्ति है तो यह दिखानी होगी

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि मौजूदा संघर्ष धर्म और अधर्म के बीच है, न कि केवल किसी संप्रदाय या धर्म के नाम पर। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग धर्म पूछकर लोगों की हत्या करते हैं, वे कट्टरपंथी हैं, और ऐसा आचरण राक्षसी प्रवृत्ति का परिचायक है। आरएसएस चीफ ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात पर बल देते हुए कहा कि अगर हमारे पास शक्ति है तो यह दिखानी होगी। आरएसएस चीफ ने कहा, "यह लड़ाई संप्रदायों या धर्मों के बीच नहीं है। इसका आधार जरूर धर्म और संप्रदाय है, लेकिन यह वास्तव में धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई है।" उन्होंने आगे कहा, ''भारतीय सैनिकों या नागरिकों ने कभी किसी की धर्म पूछकर हत्या नहीं की। हिंदू कभी भी धर्म पूछकर हत्या नहीं करते। जो लोग धर्म पूछकर लोगों की हत्या करते हैं, वे कट्टरपंथी हैं, और ऐसा आचरण राक्षसी प्रवृत्ति का परिचायक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे दिल में दर्द है। हम गुस्से में हैं लेकिन बुराई को नष्ट करने के लिए ताकत दिखानी होगी। रावण ने अपना इरादा नहीं बदला तो और कोई विकल्प नहीं था। राम ने उसे सुधारने का मौका दिया था और उसके बाद मारा था।’’ राम-रावण प्रसंग से दी मिसाल मोहन भागवत ने रावण के प्रसंग का उदाहरण देते हुए कहा, "रावण भगवान शिव का भक्त था, वेद जानता था, लेकिन उसका मन और बुद्धि परिवर्तन को तैयार नहीं थे। ऐसे राक्षस का अंत राम ने किया, क्योंकि परिवर्तन के लिए कभी-कभी विनाश आवश्यक होता है।" उन्होंने कहा कि राक्षसी प्रवृत्ति के लोगों का अंत ही देश और धर्म की रक्षा के लिए जरूरी है। मोहन भागवत ने कहा, "देश के हर नागरिक के मन में दुख और क्रोध होना स्वाभाविक है, क्योंकि राक्षसों के विनाश के लिए अपरिमित शक्ति की आवश्यकता होती है।" उन्होंने ने इस बात पर भी जोर दिया कि कुछ लोग चेतना और तर्क से परे होते हैं और ऐसे लोगों में कोई सुधार संभव नहीं होता, सिर्फ कठोर कार्रवाई ही उनका समाधान है। recent visitors 22

वीर सावरकर पर SC की राहुल गांधी को नसीहत, हमें आजादी दिलाई थी और आप ऐसा बर्ताव कर रहे हैं, दोबारा ऐसा ना हो

नई दिल्ली स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने नसीहत दी है। शुक्रवार को अदालत ने कांग्रेस नेता से कहा कि वीर सावरकर जैसे लोगों ने हमें आजादी दिलाई थी और आप उनके साथ इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं। यही नहीं राहुल गांधी को नसीहत देते हुए अदालत ने कहा कि भविष्य में कभी ऐसी टिप्पणी मत करना, अन्यथा अदालत उसका स्वत: संज्ञान ले सकती है। वीर सावरकर पर राहुल गांधी की माफीवीर वाली टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का मजाक न उड़ाएं। बेंच ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि क्या राहुल गांधी को पता है कि महात्मा गांधी ने भी अंग्रेजों से संवाद में खुद के लिए 'आपका वफादार सेवक' शब्द का इस्तेमाल किया था। शीर्ष अदालत ने साफ कहा कि वीर सावरकर को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी गैरजिम्मेदाराना थी। उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। हालांकि अदालत ने इस मामले में उन्हें राहत भी दी है। बेंच ने सावरकर के खिलाफ टिप्पणी को लेकर मानहानि के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन रद्द करने से इनकार करने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई है। इसके साथ ही इस मामले में यूपी सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। राहुल गांधी ने एक रैली के दौरान वीर सावरकर पर विवादित बयान दिया था। अदालत बोली- महात्मा गांधी ने भी खुद को बताया था ‘अंग्रेजों का वफादार नौकर’ दरअसल यह पूरा मामला 2022 में शुरू हुआ था। तब राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र के अकोला में एक रैली की थी। इसमें उन्होंने वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने एक चिट्ठी दिखाते हुए कहा था कि सावरकर ने अंग्रेजों का नौकर बने रहने की बात कही थी। इसके साथ ही डरकर माफी भी मांगी थी। गांधी-नेहरू ने ऐसा नहीं किया, इसलिए वे सालों तक जेल में रहे। इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ एक अधिवक्ता ने केस कर दिया था। हालांकि अदालत ने केस की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को नसीहत दी और ऐतिहासिक तथ्य भी गिनाए। बेंच ने कहा कि क्या आपको पता है कि महात्मा गांधी ने भी अंग्रेजों के साथ संवाद में खुद को 'वफादार नौकर' बताया था। recent visitors 20

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं की पहली ट्रेन को विधायकों ने दिखाई हरी झण्डी

रायपुर : मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना श्रद्धालु पुरी, भुवनेश्वर और कोणार्क दर्शन करेंगे विधायकों ने दिखाई भारत गौरव टुरिस्ट ट्रेन को हरी झण्डी श्रद्धालुओं में उत्साह, कहा मुख्यमंत्री ने बुजुर्गाे का किया सपना पूरा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर पांच साल के लम्बे अंतराल के बाद मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना शुरू हुई है। योजना के तहत आज बिलासपुर जिले के 775 यात्रियों का पहला जत्था पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालुओं ने योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। बिलासपुर, मुंगेली और जीपीएम जिले के तीर्थ यात्री बिलासपुर स्टेशन पर पहुंचे जहां पर जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। ट्रेन को बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यात्रियों को भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन द्वारा रवाना किया गया। तीर्थ यात्रा की बरसो पुरानी अभिलाषा पूरी होने पर बुजुर्गाे के आंखों की चमक देखते बन रही थी। इस अवसर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार मौजूद थे।      विधायक धरमलाल कौशिक और सुशांत शुक्ला ने तीर्थ यात्रा पर जा रहे बुजुर्गाे से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने तीर्थ यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल तीर्थ यात्रा ही नहीं बल्कि नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसी कल्याणकारी योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लोगों के बेहतरी के लिए लगातार काम कर रहे हैं वे श्रवण कुमार की भूमिका निभाते हुए लोगों को तीर्थ यात्रा करवा रहे हैं। यह योजना शुरू कर सरकार ने अपना एक और वादा निभाया है। बुजुर्गाे की आंखों में बरसो से पल रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हुई पूरी पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन के लिए जा रहे बुजुर्गाे की आज बरसो पुरानी तीर्थ यात्रा की अभिलाषा पूरी हुई है। तीर्थ यात्रा को लेकर उनमें खासा उत्साह देखा गया। सभी समय से पहले ही स्टेशन पहुंच चुके थे। स्टेशन पर यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। 65 वर्षीय श्रीमती अम्बे सिंह बिलासपुर से यात्रा पर निकली। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि पहले रामलला दर्शन योजना शुरू की गई। उसके बाद मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू कर मुख्यमंत्री ने हम सब बुजुर्गाे की सुध ली है। पंडित ईश्वर पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि एक निश्चित उम्र के बाद हर किसी बुजुर्ग का सपना होता है कि तीर्थ यात्रा दर्शन के लिए जाए लेकिन पैसों की कमी के कारण यह सपना अधूरा रह जाता है। इस योजना से हमारा सपना पूरा हुआ है।      सिरगिट्टी से यात्रा पर जा रहे चन्द्रपाल सिंह राजपूत ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम जैसे लोगों के लिए तीर्थ यात्रा पर जाना सपने जैसे होता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमारा यह सपना पूरा किया है। जोरापारा सरकण्डा निवासी धनी राम अग्रवाल भी सपत्निक यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना बुजुर्गाे के लिए अमूल्य अवसर है। जगन्नाथ पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन की खुशी साझा करते हुए राज्य शासन का आभार व्यक्त किया। यात्रा के दौरान शासन द्वारा तीर्थयात्रियों को भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। recent visitors 40

भोपाल में जुमे की नमाज में पहलगाम हमले में मारे गए लोंगो को श्रद्धांजलि, मुस्लिमों में काली पट्टी बांध पढ़ी नमाज

भोपाल जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश और शोक की लहर फैल गई है। इस हमले में कई निर्दोष पर्यटक मारे गए, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। पूरे देश ने इस हमले को इंसानियत पर हमला बताया है। इसको लेकर 25 अप्रैल 2025 को राजधानी भोपाल के इमामी गेट चौराहे पर दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच पहलगाम में हाल ही में हुई आतंकवादी घटना के विरोध में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया । इस दौरान प्रदर्शनकारी काली पट्टी बांधकर आतंकवाद का पुतला दहन हुआ । सोशल एक्टिविस्ट अनवर पठान एवं उनके साथियों ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर देशभक्ति का परिचय दें और आतंक के विरुद्ध एकजुटता दिखाएं। इसके अलावा, शहर के कई मुस्लिम युवक जुमे की नमाज़ के दौरान हाथों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे। पहलगाम अटैक, उलेमा बोर्ड बोला-पाकिस्तान का बहिष्कार हो भोपाल स्थित मसाजिद कमेटी के अंतर्गत आने वाले दारुल क़ज़ा और दारुल इफ्ता ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह घटना पूरी मानवता को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने मुस्लिम समाज की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री से मांग की कि हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय नागरिकों से सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील भी की। पहलगाम आतंकवादी हमले के खिलाफ देश भर में भारी गुस्सा और आक्रोश है। लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शहरों में बाजार बंद कर विरोध जताया जा रहा है। इस बीच, ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन (AIIO) के प्रमुख डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज में आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिमों से काली पट्टी बांधकर जुमे की नमाज पढ़ने की अपील की है। आतंकवादी शैतान होता है-इलियासी इलियासी ने कहा, 'यह बहुत ही दुखद हमला है। इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। हम सबको एक होकर इसका मुकाबला करना होगा। हमने तमाम मस्जिदों से खास तौर पर जामा मस्जिदों से, मदरसों से गुजारिश कर दी है कि जुमे की नमाज में उन शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी जो लोग इस हमले में शहीद हो गए। उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ की जाएगी। तमाम इमाम आतंकवाद के खिलाफ खड़े होकर ऐलान करेंगे। आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता है। आतंकवादी शैतान होता है। पाकिस्तान भारत में जिस तरह आतंकवाद फैलाता है, उसे जवाब देने के लिए भारत तैयार है। जवाब जरूर दिया जाएगा। देश को एक होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना होगा।' recent visitors 19