Friday, July 10, 2026 7:54 am

सोमवार 28 अप्रैल को प्रभारी मंत्री करेंगे विभागीय योजना की समीक्षा

अनूपपुर  मध्य प्रदेश शासन के वन एवं पर्यावरण विभाग के राज्य मंत्री तथा अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार सोमवार 28 अप्रैल 2025 को प्रातः 11.00 बजे से संयुक्त कलेक्ट्रेट सभागार अनूपपुर में विभागीय समीक्षा बैठक ली जाएगी उक्ताशय की जानकारी कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली में देते हुए समस्त जिलाधिकारियों को बैठक में आवश्यक जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए है। recent visitors 12

प्रदेश में पड़ रहे भीषण गर्मी और लू की चपेट को ध्यान में रखते हुए आम जनता से अपील किया है कि लू के प्रभाव को गंभीरता से लें

गौरेला पेंड्रा मरवाही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर रामेश्वर शर्मा ने लू के लक्षण एवं बचाव के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने प्रदेश में पड़ रहे भीषण गर्मी और लू की चपेट को ध्यान में रखते हुए आम जनता से अपील किया है कि लू के प्रभाव को गंभीरता से लें। उन्होंने लू से बचाव हेतु आवश्यक सावधानी बरतने एवं और सुरक्षित रहने के उपाए बताए हैं। क्या करें- घर से बाहर निकलने के पहले पर्याप्त पानी अवश्य पियें। सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढंककर रखें, टोपी, कपड़ा, छतरी का उपयोग करें। पानी, छाछ, ओ.आर.एस. का घोल या घर में बने पेय पदार्थ जैसे-लस्सी, नींबू पानी, आम का पना इत्यादि का सेवन करें। ताजा भोजन करके ही घर से निकलें, धूप में अधिक निकलने से बचें। क्या न करें- धूप में खाली पेट न निकलें। पानी हमेशा साथ में रखें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। धूप में निकलने के पूर्व तरल पदार्थ का सेवन करें। मिर्च मसाले युक्त एवं बासी भोजन न करें। बुखार आने पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें। कूलर या एयर कंडीशन से धूप में एकदम न निकलें। साथ ही अनावश्यक धूप में न निकलें। लू के लक्षण- सिरदर्द, बुखार, उल्टी, अत्यधिक पसीना एवं बेहोशी आना, कमजोरी महसूस होना, शरीर में ऐठन, नब्ज असामान्य होना। ध्यान रखें लू के लक्षण हो तो- व्यक्ति को छायादार जगह पर लिटायें,  व्यक्ति के कपड़े ढीले करें, उसे पेय पदार्थ कच्चे आम का पना आदि पिलायें। तापमान घटाने के लिये ठंडे पानी कि पट्टियां रखें। प्रभावित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें।   recent visitors 23

मुशाहिद हुसैन ने कहा- पानी के मामले में भारत कोई खास ऐक्शन नहीं ले सकता, ऐक्शन तत्काल असर नहीं दिखाएगा

इस्लामाबाद जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सख्त ऐक्शन लिया है। 1960 से चले आ रहे सिंधु जल समौझेते को पहली बार रोकने का फैसला हुआ है तो वहीं दूतावास से कर्मचारी कम करने, वीजा रद्द करने औऱ बॉर्डर बंद करने जैसे निर्णय भी हुए हैं। इन फैसलों से पाकिस्तान बौखला गया है और अब उसे चीन की याद आ रही है। पाकिस्तान ने पहले तो सिंधु जल समझौते को लेकर कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जाएगा और वहां चीन एवं रूस जैसे देशों से अपील करेगा कि वे भारत के खिलाफ ऐक्शन लें। यही नहीं अब पाकिस्तान ने सीधे चीन के नाम की धमकी ही देना शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी पत्रकार और पूर्व सांसद मुशाहिद हुसैन सैयद ने कहा कि भारत सरकार की ओर से सिंधु जल समझौता रोकने समेत जो फैसला लिए गए हैं, वह आरएसएस के कहने पर हुए हैं। मुशाहिद हुसैन एक पाक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि अब पाकिस्तान ने जो फैसला लिया है, वह अच्छा है। हुसैन ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने जो जंग शुरू की है, वह आरएसएस के कहने पर की है। उन्होंने कहा कि 2025 में आरएसएस के 100 साल पूरे हो रहे हैं और इसलिए भी ऐसा माहौल बनाया गया है। पाकिस्तान की ओर से भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद करने के फैसले को भी मुशाहिद हुसैन ने कहा कि इससे भारत को बड़ा झटका लगेगा। हुसैन ने कहा कि इससे भारतीय जहाजों का किराया बढ़ जाएगा और लंबे वक्त में उसे नुकसान उठाना पड़ेगा। यही नहीं मुशाहिद हुसैन ने कहा कि पानी के मामले में भारत कोई खास ऐक्शन नहीं ले सकता। उसका कोई ऐक्शन तत्काल असर नहीं दिखाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान का पानी भारत रोकेगा तो चीन भी तो भारत का पानी रोक सकता है। सिंधु नदी और ब्रह्मपुत्र नदी का स्रोत तो तिब्बत से ही है, जो चीन के कब्जे में है। बता दें कि सिंधु नदी का उद्गम स्थल, तिब्बत के मानसरोवर के निकट सिन-का-बाब नामक जलधारा को माना जाता है। यह नदी तिब्बत से होते हुए लद्दाख और जम्मू-कश्मीर से होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करती है। यही नहीं मुशाहिद हुसैन ने कहा कि भारत की मीडिया में पाकिस्तान को लेकर नफऱत भरी हुई है। वह चाहता है कि जंग हो और हर घटना के बाद वह 5 मिनट के अंदर पाकिस्तान को दोषी ठहरा देता है। मुशाहिद हुसैन ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत की तरफ से कोई सैन्य हमला किया जाएगा। उन्होंने 2019 में जो हमला किया था, वह एक टेस्ट था। उन्होंने तब चेक कर लिया था और हम झुके नहीं थे। recent visitors 29

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि लश्कर ए तैयबा के अतीत में पाकिस्तान के साथ कुछ लिंक मिले

कराची पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक हैरान करने वाला इकबालिया बयान दिया है. ब्रिटेन स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान ख्वाजा आसिफ ने माना है कि पाकिस्तान का आतंकवाद को सपोर्ट करने और टेरर फंडिंग करने का लंबा इतिहास रहा है. स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हम लोग 30 साल से इस गंदे काम को अमेरिका के लिए करते आ रहे हैं. भारत के साथ ऑल आउट वार की बात करने वाले ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में लश्कर ए तैयबा खत्म हो चुका है. ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि लश्कर ए तैयबा का अतीत में पाकिस्तान के साथ कुछ लिंक मिले हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि अब ये आतंकी संगठन खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ लश्कर का लिंक मिलने का ये मतलब नहीं है कि हम इसको मदद करते हैं. जब ख्वाजा आसिफ से पूछा गया है कि लश्कर से निकले एक दहशतगर्दी संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है. तो उन्होंने कहा कि जब मूल संगठन ही नहीं रहा तो ऑफशूट संगठन कहां से आता है. बता दें कि लश्कर से निकले TRF नाम के आतंकी संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है, जहां 22 अप्रैल को 26 बेगुनाह सैलानियों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी. स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान जब रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से पूछा गया कि क्या आप मानते हैं कि पाकिस्तान का इन आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्तपोषण देने का एक लंबा इतिहास रहा है? इस प्रश्न का उत्तर देते हुए ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थन देता रहा है. उन्होंने कहा, "हम तीन दशकों से संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं, ब्रिटेन के लिए भी.” ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ये हमारी गलती थी और इससे हमें नुकसान हुआ. इसके पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने ये कहकर अपने मुल्क की गलती को सही साबित करने की कोशिश की कि अगर पाकिस्तान सोवियत यूनियन के खिलाफ अफगानिस्तान में शामिल नहीं होता या फिर 9/11 में साथ नहीं होता तो पाकिस्तान पर कोई उंगली नहीं उठा पाता. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पहलगाम हमले को भारत की साजिश बताया और कहा कि हमारी एजेंसियों का मानना है कि ये काम भारत ही कर रहा है. स्काई न्यूज से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान का आतंकियों को साथ देने का पुराना इतिहास रहा है. इस पर उनका क्या कहना है. इसके जवाब में ख्वाजा आसिफ ने दुनिया के बड़े मुल्कों पर ही दोष मढ़ना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि बड़े देशों के लिए इस क्षेत्र में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए पाकिस्तान को दोष देना आसान है. जब 80 के दशक में हम उनकी तरफ से सोवियत यूनियन के खिलाफ लड़ रहे थे तो आज के ये सारे आतंकी वाशिंगटन में मेहमाननवाजी के मजे ले रहे थे. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इसके बाद 9/11 अटैक हुआ. एक बार फिर से वही चीज रिपीट की गई. तब हमारी सरकार ने गलती की. तब इन आतंकियों का अमेरिका ने प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल किया. तब अमेरिका इनको मोहरे के रूप में इस्तेमाल करता था. ये एक ही संगठन के लोग थे. recent visitors 17

बीसीसीआई अब भारत-पाकिस्तान के बीच आमना-सामना नहीं चाहता, कम से कम आईसीसी इवेंट के ग्रुप स्टेज में तो नहीं

नई दिल्ली पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद रिपोर्ट्स हैं कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को एक पत्र लिखकर एक बड़ा कदम उठाया है, जिसमें उनसे आग्रह किया गया है कि वे आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में न रखें। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई अब भारत-पाकिस्तान के बीच आमना-सामना नहीं चाहता, कम से कम आईसीसी इवेंट के ग्रुप स्टेज में तो नहीं। हालांकि, अगला बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट सितंबर में है, जिसमें भारत वुमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा। पाकिस्तान ने आठ टीमों के टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। यह टूर्नामेंट राउंड रॉबिन आधार पर खेला जाएगा। बात मेंस क्रिकेट की करें तो, अगला आईसीसी टूर्नामेंट 2025 में है। यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका के पास है। जाहिर है इस टूर्नामेंट के लिए भी पाकिस्तान भारत नहीं आएगा। हालांकि, BCCI के लिए तत्काल चिंता एशिया कप है, जो सितंबर में भारत की मेजबानी में आयोजित किया जाएगा। हालांकि क्रिकबज ने पहले बताया था कि टूर्नामेंट पूरी तरह से न्यूट्रल वेन्यू पर खेला जाएगा, जिसमें दुबई और श्रीलंका संभावित वेन्यू हैं। एशिया कप का आखिरी एडिशन 2023 में वनडे वर्ल्ड कप से पहले खेला गया था, जो हाइब्रिड मॉडल में खेला गया था, जिसमें भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया था और दोनों टीमें मेगा इवेंट में दो बार भिड़ीं, एक बार लीग चरण में और फिर सुपर फोर में। दूसरा मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया और संयोग से पाकिस्तान फाइनल में पहुंचने में असफल रहा। इसके बाद भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। recent visitors 18

बिलासपुर जिले के 50 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू

बिलासपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का वर्चुअल शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने प्रदेश के ग्रामीणों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने प्रदेश के चयनित  ग्राम पंचायतो से सीधा संवाद किया। कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत केंदा में कार्यक्रम आयोजित किया गया।अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की भी शुरुआत की जिसमें सीएससी की सेवाओं के साथ वित्तीय समावेशन सेवाएं भी साथ में चालू की गई।  जिसके तहत नगद आहरण , राशि हस्तांतरण , बीमा , पेंशन , जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन आदि सुविधाएं प्रदान की जाएगी। प्रदेश स्तर पर 1460 एवं जिले में ग्राम स्तर पर 50 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की शुरुआत की गई।       मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों से योजना के सुचारू कियान्वयन आर्थिक एवं सामाजिक लाभ पर चर्चा की। साय द्वारा मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जल संरक्षण हेतु संकल्प एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम में  ग्रामीण विकास हेतु अपनी प्रतिबद्धता जताई। साथ ही राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले के सभी ग्राम पंचायतों में माननीय प्रधानमंत्री जी के बिहार के मधुबनी से उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया गया।                     कार्यक्रम में क्षेत्र के जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच, सभी पंच गण, ग्राम के गणमान्य नागरिक, महतारी वंदन के हितग्राही, प्रभारी उप संचालक श्रीमती शिवानी सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोटा युवराज सिंह करा.अधिकारी शिव कपूर मरकाम , ग्राम पंचायत सचिव सालिक राम , जिले की डीपीएम नरेंद्र जायसवाल,  वी एल ई  विकेंद्र मौजूद थे। recent visitors 29

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शाह कलयुग में भगवान शिव का अवतार हैं। वह शांत रहते हैं, मौन रहते हैं और तांडव भी दिखाते

भोपाल मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए गृहमंत्री अमित शाह को भगवान शंकर का अवतार बताया है। मिश्रा ने कहा कि शाह कलयुग में भगवान शिव का अवतार हैं। वह शांत रहते हैं, मौन रहते हैं और तांडव भी दिखाते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह आंतकवादियों का अंत करेंगे। मिश्रा ने यह भी कहा कि हिंदुओं को अब जागना चाहिए और घर में शास्त्र हो या ना हो लेकिन शस्त्र चालना आना चाहिए। प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण कथा के दौरान पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जिक्र किया और वहां लोगों की मौत पर दुख जाहिर किया। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि अमित शाह आंतकवादियों का नाश करके बदला लेंगे। उन्होंने शाह को भगवान शंकर का अवतार तक बता डाला। मिश्रा ने कहा, 'हमारे भारत के गृहमंत्री अमित शाह जी कलयुग में शिव का अवतार हैं। शांत भी रहते हैं, मौन भी रहते हैं और तांडव भी दिखाते हैं। भारत की भूमि के गृहमंत्री शिव का एक रूप हैं, मुझे पूर्ण भरोसा है कि उनकी मौनता और बाद में उनका तांडव जरूर देखने को मिलता है। मुझे भरोसा है कि उन आतंकियों का अंत होगा।' प्रदीप मिश्रा ने कहा कि वहां वर्ण पूछकर नहीं बल्कि, धर्म पूछकर गोली मारी गई। उन्होंने कहा, 'समझने वाला विषय है कि वह आतंकी हिंदू पूछकर, उन्होंने ब्राह्मण नहीं पूछा, क्षत्रिय नहीं पूछा, शूद्र नहीं पूछा, उन्होंने तो पूछा हिंदू है, और गोलियों से भून दिया। एक लड़के की शादी तो आठ दिन पहले हुई थी। कश्मीर घूमने गए थे। उसकी पत्नी रोती बिलखती रही।' मिश्रा ने कथा में मौजूद महिलाओं से कहा कि घर में शस्त्र रखें और बच्चों को इसे चलाना सिखाएं। उन्होंने कहा,'मेरा निवेदन है तुम्हारे घर में शास्त्र है या नहीं हमें उससे मतलब नहीं है, लेकिन तुम्हारे बेटा-बेटी को शस्त्र चलाना आना चाहिए। बेटी को भी चलाना सिखाओ। हमारे सनातन धर्म का कोई देवता बिना शस्त्र के नहीं है। हमारा घर बिना शस्त्र के नहीं होना चाहिए। जब वक्त पड़े उन शस्त्र को निकालो और सामने खड़े हो जाओ।' 'उन सांसदों को कश्मीर घाटी में सौंप दो' प्रदीप मिश्रा ने वक्फ संशोधन कानून का जिक्र करते हुए सांसदों पर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन कानून का विरोध करने वाले सांसदों को कश्मीर घाटी में सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कितनी दुखद घटना कि पूछा जा रहा है कि तू हिंदू है और गोली मारी जाती है। बंगाल में देखा जा रहा है कि हिंदू है और घर से बाहर निकालकर मारा जा रहा है। संसद में बैठे हुए वो 200 सांसद वक्फ बोर्ड पर रातभर बहस करते हैं, हिंदुओं के नाम पर कलंक बैठे हैं, ले जाकर कश्मीर की घाटी में उनको सौंप दो। जो सनातन धर्म को छोड़कर, हिंदू होकर हिंदू धर्म को अपशब्द करते हैं, क्या जरूरत है इसकी, क्या जरूरत है उसकी।' recent visitors 11