Friday, July 10, 2026 3:22 am

कोई भी इंटेलिजेंस इनपुट या सुरक्षा जानकारी पुख्ता तौर पर सही नहीं होती है, पहलगाम आतंकी हमला एक चूक: पूर्व रॉ चीफ

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को पूर्व रॉ चीफ ए एस दुलत ने स्पष्ट तौर पर बड़ी चूक करार दिया है लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि कोई भी इंटेलिजेंस इनपुट या सुरक्षा जानकारी पुख्ता तौर पर सही नहीं होती है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता तो इंदिरा गांधी की हत्या नहीं होती और न ही अमेरिका में 9/11 जैसी वीभत्स घटना होती। उन्होंने कहा कि सबसे मजबूत खुफिया एजेंसी मोसाद के रहते हुए भी इजरायल में 7 अक्टूबर जैसी घटना नहीं होती और अचानक हमले में इतनी जानें नहीं जाती। बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी घटना पर कुछ मीडिया संस्थानों ने उंगली उठाई है और इसे खुफिया विफलता और सुरक्षा चूक बताया है। इस हमले में एक नेपाली नागरिक समेत कुल 26 लोगों की मौत हो गई। इनमें अधिकांश पर्यटक थे, जो वहां घूमने गए थे। भारत सरकार ने इस घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं। इसमें सबसे प्रमुख सिंधु जल समझौता स्थगित करना है। इससे पाकिस्तान बौखला उठा है। पहलगाम की घटना अजीब दुलत ने कहा कि फिर भी यह घटना अजीब है क्योंकि ऐसा कैसे संभव हुआ कि जहां हजारों सैलानी जा रहे हों, कई वीवीाईपी जा रहे हों, वहां सुरक्षा व्यवस्था एकदम नहीं थी, जबकि यह राज्य पहले से आतंकियों के निशाने पर है और आतंकी गतिविधियों के केंद्र में रहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व है क्योंकि 2017 को छोड़कर कभी भी आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा को प्रभावित नहीं किया। उन्होंने कहा कि गौर करने वाली बात यह है कि जहां ये आतंकी घटना घटी, वह अमरनाथ यात्रा मार्ग से बहुत दूर नहीं है। कश्मीर के इतिहास में एक मोड़ उन्होंने माना कि कश्मीर के इतिहास में एक बड़ा अपवाद चित्तीसिंहपुरा नरसंहार रहा है, जहां आतंकियों ने 20 मार्च 2000 की शाम को 35 सिखों को खड़े कर गोली मार दी थी। यह घटना तब घटी थी, जब कुछ घंटे बाद तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत दौरे पर आने वाले थे। दुलत ने कहा कि वह घटना अशांत कश्मीर के इतिहास में एक मोड़ था। इस बार भी यह घटना ऐसे वक्त में हुई है, जब अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेन्स भारत के चार दिवसीय दौरे पर थे। पाकिस्तानी सेना प्रमुख का भाषण ही जड़ जब उनसे पूछा गया कि क्या आतंकवादियों के रुख में आया यह बदलाव पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर द्वारा हाल ही में दिए गए दो राष्ट्र सिद्धांत और कश्मीर गले की नस है, जैसे मुद्दे को सार्वजनिक तौर पर उछाले जाने के बाद आया है, तो पूर्व रॉ चीफ ने कहा कि ऐसा ही लगता है क्योंकि इनसे पहले के पाक सेना प्रमुख कम आक्रामक थे। दुलत ने कहा कि जनरल मुनीर ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है, जो किसी जिम्मेदार पद पर बैठे शख्स को नहीं बोलनी चाहिए थी। हर हाल में ढूंढ़ा जाना चाहिए हमलावर आतंकी दुलत ने कहा कि जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आतंकवादी चाहे जहां कहीं भी छिपे हों, उसे ढूंढकर सबक सिखाना ही चाहिए। पूर्व रॉ चीफ ने कहा कि अगर आतंकी भारत में छिपे हों तो या पाक चले गए हों, जिसकी संभावना ज्यादा दिखती है, तो भी हर हाल में उन्हें ढूंढ़ा जाना चाहिए और उसे नेस्तनाबूद किया जाना चाहिए। कश्मीर में आगे की राह क्या हो? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र को एक ही रास्ते पर होना चाहिए और फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री अब्दुल्ला, दोनों ही एक साथ तालमेल कर रहे हैं और एक ही सुर में हैं जो अच्छा संकेत हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में कश्मीरियों को अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए। recent visitors 23

रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी सभा की बैठक का किया गया आयोजन

आष्टा आज माननीय विधायक महोदय जी की उपस्थिति में अनुविभागीय अधिकारी आष्टा की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी सभा की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमे माननीय विधायक महोदय जी के भागीरथी प्रयास से सिविल अस्पताल आष्टा में 05 महा से बंद सी. टी. स्कैन मशीन की एक्स रे ट्यूब के लिये राज्य शासन से 24 लाख रू की राशि स्वीकृत करा कर उक्त राशि रोगी कल्याण समिति आष्टा के खाते में हस्तांतरित कराने का पत्र प्राप्त हुआ, जिसके परिपेक्ष में आदरणीय विधायक महोदय जी द्वारा आज मीटिंग आयोजित कर उक्त कार्य शीघ्र पूर्ण कराने हेतु संबंधित फर्म को तत्काल कार्य आदेश देने हेतु कहा गया, साथ की अस्पताल में सेंटर वाटर प्यूरिफिकेशन  सिस्टम के साथ चिलर, अस्पताल में प्रसूति महिला को एम्बुलेंस से उतारने के स्थान पर टीनशेड का निर्माण कार्य, अस्पताल की टूटी फूटी टाइल्स, दरवाजे, खिड़की आदी की मरम्मद कार्य, छत पर पानी भराव को रोकने की लिए लेवल करने के कार्य, अस्पताल की आवश्यक सामग्री क्रय करने आदि के प्राप्त एस्टीमेंट का अवलोकन कर भंडार क्रय नियमनानुसार कार्य पूर्ण करने की स्वीकृति प्रदान की गई ! साथ ही आष्टा में ट्रामा सेंटर स्थापित करने हेतु पशु चिकित्सालय और वन विभाग की जमीन को अस्पताल कार्य के लिए उपयोग करने हेतु तहसीलदार महोदय आष्टा को जल्द भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु कहा गया, साथ ही रोगी कल्याण से संचालित दुकानों के वार्षिक अनुबंध को नियमानुसार सही करने के निर्देश दिए गए, उक्त मीटिंग में माननीय विधायक महोदय जी, अनुविभागीय अधिकारी महोदय, तहसीलदार महोदय, विधायक प्रतिनिधि श्री उत्थान जी धारवा, श्री सुरेश जी जैन, मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी महोदय एवम अस्पताल स्टाफ आदि उपस्थित रहे ! recent visitors 21

कलेक्टर उइके ने मत्स्य एवं पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित हिग्राहियों से की चर्चा

 कलेक्टर उइके ने मत्स्य एवं पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित हिग्राहियों से की चर्चा जिले के ग्रामीणों के आजीविका में वृद्धि के लिए मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के योजनाओं से लाभ दिलाने के दिये निर्देश गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके आज पशुधन विकास एवं मत्स्य विभाग की संचालित योजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित व्यक्तिमूलक योजनाओं विशेष रूप से राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना तथा सूकर त्रयी वितरण योजना से लाभान्वित हितग्राहियो का ग्रामीण अंचल में जाकर निरीक्षण किया गया तथा उनसे चर्चा कर योजनाओं की जानकारी लेते हुए उन्हें होने वाले लाभ पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर उइके को ग्राम सढ़ौली के अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राही श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर एवं गुणज्ञ चन्द्रवंशी द्वारा बताया गया गया कि कुछ वर्ष पूर्व वे देशी नस्ल के पशुधन को रखते थे जिनमें से देशी नस्ल के गायों का दुग्ध उत्पादन बहुत ही कम होता था। इसके उपरांत पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों जानकारी ली गई। विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर वे पूर्ण रूप से उन्न्त नस्ल के पशुओं का पालन कर रहे है। जिससे उन्नत नस्ल की गायों से उनको प्रतिदिन 30 से 40 लीटर दुध उत्पादन हो रहा है। जिसे वे स्थानीय बाजार में 50 रूपये प्रति लीटर की हिसाब से विक्रय कर लाभ अर्जित कर रहे है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के अन्य पशुपालक कृत्रिम गर्भाधान का पूर्ण लाभ उठाते हुये देशी नस्ल की गायों का उन्नयन कर उन्नत नस्ल के पशुओं का पालन कर रहे है। इस दौरान पशु चिकित्सा एवं सेवाएं के उपसंचालक डॉ ओ.पी तिवारी ने बताया कि राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत 02 उन्नत नस्ल के दुधारू पशुओं का प्रावधान है। जिसकी इकाई लागत 1 लाख 40 हजार रूपये अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति श्रेणी के हितग्राहियों को 66.66 प्रतिशत अधिकतम 93 हजार 200 रूपये तथा सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अधिकतम 70 हजार रूपये का अनुदान डी. बी. टी. के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में अंतरित किया जाता है। कलेक्टर उइके ने पशुधन को समय पर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, उपचार आदि की समुचित व्यवस्था करने की निर्देश दिये। इसके अलावा कलेक्टर ने मत्स्य बीज उत्पादन परिक्षेत्र आमदी एवं मत्स्य बीज संवर्धन परिक्षेत्र कोकड़ी तथा मछली पालन कार्यालय का निरीक्षण किया, जिसमें वर्ष 2025-26 में मछली बीज उत्पादन के लक्ष्य को पूर्ति करने के लिए की जा रही तैयारियों काी जानकारी ली और लक्ष्य की प्राप्ति के निर्देश दिये। कलेक्टर ने जिले के ग्रामीणों के आजीविका में वृद्धि के लिए मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के योजनाओं से लाभ दिलाने के निर्देश दिये। इस दौरान अपर कलेक्टर नवीन भगत, मत्स्य पालन विभाग के सहायक संचालक आलोक वशिष्ट एवं जिला पशु चिकित्सालय गरियाबंद के प्रभारी डॉ. टामेश कंवर एवं अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 33

बेमेतरा : दीपक महिलांग – आत्मनिर्भरता की ओर एक सशक्त कदम

बेमेतरा : दीपक महिलांग – आत्मनिर्भरता की ओर एक सशक्त कदम अन्य दिव्यांगों को भी मिले सहायक उपकरण बेमेतरा ग्राम मारो, नवागढ़ विकासखंड — “अब मैं किसी पर निर्भर नहीं हूँ, मैं अपने कार्य खुद कर सकता हूँ।” ये शब्द हैं, श्री दीपक महिलांग के, जो 90% दिव्यांगता के बावजूद आज आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हैं। यह बदलाव संभव हो सका है, सुशासन तिहार 2025 के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदत्त बैटरी चालित ट्रायसायकल की मदद से।     दीपक महिलांग एक ग्रामीण परिवेश से हैं, जहाँ परिवहन की सीमित सुविधाएँ दिव्यांगजनों के लिए बड़ी बाधा बनती थीं। लेकिन जैसे ही उन्हें ट्रायसायकल प्राप्त हुआ, उनके जीवन की दिशा ही बदल गई। अब वे स्वतंत्र रूप से घर से बाहर आ-जा सकते हैं, छोटे-मोटे काम कर सकते हैं और सामाजिक गतिविधियों में भी भाग ले पा रहे हैं। उन्होंने बताया, “पहले हर जगह जाने के लिए किसी न किसी पर निर्भर रहना पड़ता था। अब मैं खुद बाजार जा सकता हूँ, पंचायत बैठकों में शामिल हो सकता हूँ।”  दीपक समाज कल्याण की योजना के तहत आर्थिक सहायता भी मिल रही है, जिससे उनकी मासिक आवश्यकताएँ पूरी हो जाती हैं। यह उनके लिए न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक संबल भी है। विभागीय जानकारी के अनुसार, बेरला विकासखंड के ग्राम केशतरा निवासी श्री नंदलाल महाकुर (100% दिव्यांगता), ग्राम सोढ़ निवासी श्री मिलन कुमार घीवर (40% दिव्यांगता), ग्राम केशतरा के श्री नवलदास महाकुर (85% दिव्यांगता) और ग्राम रवेली के श्री संतोष साहू (80% दिव्यांगता) को सहायक उपकरण प्रदान किए गए हैं। इन लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता अनुसार बैटरी चालित ट्रायसायकल, सामान्य ट्रायसायकल और व्हीलचेयर का वितरण किया गया है। इन सभी दिव्यांगों को प्रतिमाह सामाजिक सहायता कार्यक्रम योजना के अंतर्गत निशक्त पेंशन योजना द्वारा प्रतिमाह लाभाविंत किया जा रहा है।    समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि सुशासन तिहार के तहत जनहित में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को सहायता प्रदान की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं से वंचित न रहना पड़े।    उनकी यह कहानी इस बात का प्रतीक है कि यदि सरकार की योजनाएँ सही समय पर पात्र व्यक्ति तक पहुँचें, तो वे किसी के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकती हैं।    सुशासन तिहार के अंतर्गत ऐसे ही कई दिव्यांगजनों को न केवल उपकरण मिले, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान के साथ जीने का हक भी मिला।दीपक महिलांग आज सिर्फ एक लाभार्थी नहीं, बल्कि सुशासन की सफलता के प्रतीक बन चुके हैं — एक ऐसी मिसाल जो यह दिखाती है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित सेवा मिलकर समाज के सबसे कमजोर वर्गों को भी सशक्त बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ शासन संवेदनशील है जहां बदलाव निश्चित है।” recent visitors 36

एक हफ्ते में दो बार ट्रेन पलटने की साजिस, रेलवे ट्रैक पर लोहे का मजबूत दरवाजा रखने वाले तीन युवक पुलिस के हत्थे चढ़े

लखनऊ लखनऊ में रेलवे ट्रैक पर लोहे का मजबूत दरवाजा रखने वाले तीन युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। एक हफ्ते में दूसरे बार रेलवे ट्रैक पर इस तरह से किसी चीज के पाए जाने के बाद इसे ट्रेन पलटाने की बड़ी साजिश बताया गया था। हालांकि गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों से पूछताछ में पुलिस ने दावा किया कि ट्रेन पलटाने की कोशिश जैसा कोई इरादा इन लोगों का नजर नहीं आया है। तीनों ने पुलिस को बताया कि निर्माणाधीन मकान से दरवाजा उखाड़कर बेचने के इरादे से लेकर जा रहे थे। रेलवे ट्रैक पार करते वक्त के ट्रेन के हार्न की आवाज सुनकर दरवाजा ट्रैक पर ही छोड़कर भाग गए। ट्रेन से दरवाजा टकराया और उसकी तेज आवाज सुनने के बाद तीनोंं वापस भी नहीं आए। इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी अंजनी मिश्र के मुताबिक बुधवार को लखनऊ-सुलतानपुर रूट पर रहीमाबाद के कैथुलिया गांव के बाद बक्कास से उतरेठिया स्टेशन के बीच ट्रैक पर दरवाजा रखा मिला था। मुकदमा दर्ज करने के साथ सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसकी मदद से चौधरीखेड़ा निवासी चेतराम रावत, गुलाब चंद्र और लवकुश रावत को गिरफ्तार किया गया। आरोपितों ने बताया कि नशे की लत पूरी करने के लिए वह निर्माणाधीन मकान से लोहे का दरवाजा उखाड़ कर लाए थे। इसे काटने की नियत से ले जा रहे थे। ट्रैक पार करते वक्त मालगाड़ी ने हार्न दिया। इसके बाद आरोपित दरवाजा ट्रैक पर ही छोड़कर भाग गए थे। बुधवार तड़के करीब 3:42 बजे बक्कास-उतरेटिया स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी पटरी पर रखे लोहे के दरवाजे को रौंदते हुए पार हो गई। इंजन से गेट टकराने के बाद तेज आवाज से लोको पायलट को घटना की जानकारी हुई। मालगाड़ी के ड्राइवर ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी तो रेलवे अधिकारी हरकत में आए। रात में ही सीनियर सेक्शन इंजीनियर मौके पर पहुंचे। पेंड्राल क्लिप ठीक कराई। सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने मुकदमा दर्ज कराया था। recent visitors 29

अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे अपने-अपने राज्यों से पाकिस्तान के लोगों को जल्द से जल्द हटाएं

 नई दिल्ली   जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान से जुड़े सारे वीजा कैंसिल करने के निर्देश दिए हैं.इस संबंध में गृहमंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की है. अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे अपने-अपने राज्यों से पाकिस्तान के लोगों को जल्द से जल्द हटाएं. गृहमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद ये फैसला लिया राष्ट्रहित सर्वोपरि, अन्य हित इसके बाद- जगदीप धनखड़ पहलगाम आतंकी हमले पर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा- मेरे पास प्रधानमंत्री के लिए कुछ सुझाव हैं। संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस पर चर्चा की जानी चाहिए और सभी से सुझाव लिए जाने चाहिए। देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी तो आतंकवादी है, उसका कोई धर्म नहीं होता। देश की भावना को दुनिया के सामने रखने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए। हमें अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, रूस और दक्षिण अमेरिका जैसे देशों में सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए, ताकि हम उन्हें वैश्विक स्तर पर स्थिति के बारे में बता सकें। अगर हम यह कदम नहीं उठाएंगे तो हम कूटनीतिक दबाव नहीं बना पाएंगे। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत सरकार लगातार एक्शन मोड में है. इस हमले के बाद भारत सरकार ने सबसे पहले भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था. भारत ने पाकिस्तान को औपचारिक पत्र लिखकर सिंधु जल संधि को निलंबित करने की सूचना दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई सुरक्षा मामलों से जुड़ी कैबिनेट कमेटी की बैठक में कड़े फैसले लिए गए थे, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला भी शामिल है. भारत-पाकिस्तान के बीच साल 1960 से सिंधु जल समझौता लागू है. सिंधु नदी को पाकिस्तान की लाइफ लाइन माना जाता है. करीब 21 करोड़ से ज्यादा की आबादी पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए सिंधु और उसकी चार सहायक नदियों पर निर्भर रहती है. इसके अलावा अटारी बॉर्डर को बंद करने का भी फैसला लिया गया. भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों को इस रास्ते से लौटने के लिए एक मई तक का वक्त दिया गया है. भारत में पाकिस्तानी हाईकमीशन में तैनात पाकिस्तानी डिफेंस एडवाइजर्स को देश छोड़ने के लिए एक हफ्ते का समय दिया. साथ ही दोनों हाई कमीशन में तैनात कर्मचारियों की संख्या 50 से घटाकर 30 कर दी थी. बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी जबकि 17 लोग घायल हुए थे.  है. आतंकी मुल्क’ को पत्र लिख मोदी सरकार ने बताया- रोक रहे सिंधु जल समझौता भारत ने CCS (कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी) की बैठक के बाद न केवल सिंधु जल समझौता को निलंबित कर दिया, बल्कि पाकिस्तानियों का वीजा भी रद्द कर दिया। साथ ही पाकिस्तान के रक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को दूतावास छोड़ने का आदेश दिया गया। अटारी-वाघा सीमा को भी बंद कर दिया गया है। अब भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवा निलंबित किए जाने के संबंध में नया बयान जारी किया है। इसमें बताया गया है कि ये फ़ैसला ‘लॉन्ग टर्म वीजा’ पर आए लोगों पर लागू नहीं होता है। ये वो वीजा (LTV) हैं, जिन्हें उन पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थियों को दिया गया है जो प्रताड़ना के कारण भारत में आकर लंबे समय से रह रहे हैं। उन्हें देश नहीं छोड़ना होगा। बता दें कि पड़ोसी इस्लामी मुल्क़ों से प्रताड़ित हिन्दुओं के लिए CAA (नागरिकता संशोधन क़ानून) के तहत भारत की नागरिकता दिए जाने की भी व्यवस्था है। केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर साफ़ किया कि पाकिस्तानी हिन्दुओं का वीजा रद्द नहीं होगा। उधर जल शक्ति मंत्रालय के सचिव देवश्री मुखर्जी ने पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है कि हम सिंधु जल समझौते को निलंबित करते हैं। पत्र में कहा गया है कि पहले से अभी के समय में बहुत बुनियादी बदलाव आ गए हैं, जिनमें डेमोग्राफी परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और जल बँटवारे को लेकर पहले जो सोच थी उसमें अब परिवर्तन आया है। पत्र में स्पष्ट लिख दिया गया है कि किसी भी संधि को निभाने के लिए भरोसे और ईमानदारी की ज़रूरत होती है, लेकिन हाल के वर्षों में जिस तरह से पाकिस्तान ने सीमापार आतंकवाद को पोषित किया है, खासकर के जम्मू कश्मीर को निशाना बनाकर – उससे ये भरोसा टूटा है। recent visitors 48

सिब्बल ने मोदी से संसद का विशेष सत्र बुलाने का किया आग्रह, पहलगाम में हमले की निंदा करने प्रस्ताव पारित किया जाये

नई दिल्ली राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद का विशेष सत्र बुलाकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करने और एक प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस सत्र में यह संदेश दिया जाना चाहिए कि देश एकजुट है और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा। सिब्बल ने सरकार से यह भी अनुरोध किया कि सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के सांसदों को विभिन्न महत्वपूर्ण देशों में भेजा जाए, ताकि पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव डाला जा सके। विशेष सत्र बुलाने का आग्रह कपिल सिब्बल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह समय है कि प्रधानमंत्री संसद का विशेष सत्र बुलाएं और इस पर चर्चा कराएं। हम सभी को यह संदेश देना चाहिए कि देश एकजुट है और हम आतंकवाद के खिलाफ एकजुट खड़े हैं।" उन्होंने इस हमले को भारत की संप्रभुता पर हमला करार दिया और इसे लेकर संसद में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करने की आवश्यकता जताई। सिब्बल का कहना था कि यह समय है जब पूरी दुनिया को यह संदेश देना चाहिए कि भारतीय संसद और नागरिक एक साथ हैं और इस प्रकार के हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की जरूरत कपिल सिब्बल ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव डालने के लिए प्रमुख देशों को भारत के साथ व्यापार न करने की चेतावनी देने की भी बात की। उन्होंने कहा, "भारत को पाकिस्तान के साथ व्यापार करने वाले सभी प्रमुख देशों को यह बताना चाहिए कि अगर वे पाकिस्तान के साथ व्यापार करते हैं तो हमारे साथ कारोबार नहीं करेंगे।" इस तरह से पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की योजना का सुझाव उन्होंने प्रधानमंत्री से किया। हमलों का सिलसिला और पाकिस्तान का कृत्य सिब्बल ने 1972 से लेकर अब तक भारत पर हुए विभिन्न आतंकी हमलों का जिक्र किया, जिसमें संसद पर हमला (2001), कालूचक नरसंहार (2002), मुंबई में ट्रेन बम विस्फोट (2006), 2008 का मुंबई हमला, पठानकोट एयरबेस हमला (2016), उरी आतंकी हमला (2016) और पुलवामा आत्मघाती बम विस्फोट (2019) शामिल हैं। उन्होंने कहा, "यह सिलसिला लगातार चलता जा रहा है और पाकिस्तान ने हमेशा भारत को आतंकवाद के माध्यम से नुकसान पहुँचाया है।"   सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने का प्रस्ताव कपिल सिब्बल ने यह भी सुझाव दिया कि संसद में एक सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए, जिसमें यह संदेश दिया जाए कि भारत एकजुट है और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव के द्वारा दुनिया को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारतीय सरकार और विपक्ष एक साथ खड़े हैं और इस प्रकार के कृत्यों को कभी सहन नहीं किया जाएगा। सांसदों के प्रतिनिधिमंडल भेजने का सुझाव कपिल सिब्बल ने कहा कि सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के सांसदों के प्रतिनिधिमंडलों को अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, रूस और दक्षिण अमेरिका जैसे देशों में भेजा जाना चाहिए, ताकि वहां पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव डाला जा सके। उन्होंने कहा, "भारत को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस मुद्दे को उठाने की जरूरत है और हमारे सांसदों को इन देशों में जाकर पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक अभियान चलाना चाहिए।" समूहों के सहयोग से पाकिस्तान पर दबाव बनाने का आह्वान सिब्बल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को दुनिया भर में अलग-थलग करने के लिए भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि यह समय है कि सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आतंकवाद को कभी भी शरण नहीं मिले।   recent visitors 25