Sunday, July 5, 2026 6:38 am

48 घंटे में देश छोड़ने के फरमान का असर आजमगढ़ में भी देखने को मिला, शॉर्ट टर्म वीजा पर कोई पाक नागरिक नहीं: SSP

आजमगढ़ जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सरकार के पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने के फरमान का असर आजमगढ़ में भी देखने को मिला है, पूरे जनपद में हाई अलर्ट है। आजमगढ़ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस की अभिसूचना इकाई से जांच के बाद आज बताया कि आजमगढ़ में भी 4 पाकिस्तानी नागरिक मिले हैं, लेकिन वह लॉन्ग टर्म वीजा पर यहां रह रहे हैं आजमगढ़ में शॉर्ट टर्म वीजा पर कोई पाक नागरिक नहीं: SSP मिली जानाकरी के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने बताया कि आजमगढ़ में अभी तक शार्ट टर्म वीजा पर कोई पाकिस्तानी नागरिक नहीं रह रहा है, जो लोग यहां रह रहे हैं वह सरकार की गाइडलाइन के दायरे में नहीं है। बाकी अन्य गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। नोरी वीजा पर रह रहीं पाक महिलाएं, एक BDS डॉक्टर ने मांगी नागरिकता मीणा के अनुसार जो 4 नागरिक यहां रह रहे हैं उन्हें नो ऑब्लीगेशन टू रिटर्न टू इंडिया(नोरी) वीजा की सुविधा भी प्राप्त है। यह सभी महिलाएं हैं, जो शादी के बाद यहां आईं है । जो महिलाएं यहां निवास कर रही हैं उनमें शहर के एक मुहल्ले में एक परिवार की बेटी की शादी पाकिस्तान में हुई थी। इसी महिला ने अपने जेठ की बेटी की शादी अपने भाई से 14 वर्ष पहले कराई थी। शादी के बाद वह भारत आई, यह महिला पेशे से दांत की डाक्टर(बीडीएस) है और इनकी 3 बेटी हैं। यह महिला शादी के बाद से लॉन्ग टर्म वीजा पर आजमगढ़ में रह रही है । परिवार ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है। 70 साल की पाक बहनों की भी जनपद में शादी, जांच में सबकुछ क्लियर मीणा के अनुसार इसी तरह 3 अन्य पाकिस्तान की महिलाओं की शादी भी जनपद में हुई है जिसमें 2 सगी बहनें हैं और एक ही परिवार में उनकी शादी हुई है। दोनों की उम्र 70 वर्ष से अधिक है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद फिलहाल अभी तक कोई ऐसा पाकिस्तानी नागरिक नहीं है जो सरकार की गाइडलाइन के दायरे में है। recent visitors 34

यदि आपके पास हैं ये चीजें, तो खुद को समझे बहुत किस्मतवाला

अक्सर हम किसी इंसान से मिलते हैं और हमारे मन में यही आता है कि ये इंसान वाकई कितना भाग्यशाली है। दरअसल हम सभी की भाग्यशाली होने की परिभाषा बड़ी अलग-अलग होती है। किसी को एक अच्छी नौकरी होना भाग्यशाली होने की निशानी लगता है तो किसी को पुश्तैनी धन-दौलत होना या शानदार लव लाइफ होना। खैर, ये लोगों के अपने-अपने पैमाने हैं। हालांकि महान विद्वान और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीति में कुछ ऐसे व्यक्तियों का जिक्र किया था, जो उनकी नजरों में वाकई बेहद भाग्यशाली होते हैं। आचार्य कहते हैं कि जिन लोगों के पास ये कुछ चीजें मौजूद हैं उन्हें तो खुद को किस्मत वाला ही समझना चाहिए क्योंकि हर इंसान के नसीब में यह नहीं होता। तो चलिए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को भाग्यवान बनाने वाली ये चीजें कौन सी हैं। जिसके पास हो दान-पुण्य करने का सामर्थ्य आचार्य चाणक्य अपने एक श्लोक में इस बात का जिक्र करते हैं कि जिस व्यक्ति में दान-पुण्य करने का सामर्थ्य है, वो भी बहुत किस्मतवाला ही होता है। दरअसल कोई भी व्यक्ति दान-पुण्य करने में सामर्थ्य तब होता है, जब उसके पास पर्याप्त धन होता है और उसे खर्च करते हुए, व्यक्ति को ज्यादा सोचना नहीं पड़ता। आचार्य कहते हैं कि पिछले कई जन्मों के पुण्य के कारण ही मनुष्य को ये सौभाग्य प्राप्त होता है। जिसका साथ दे उसकी सेहत आचार्य चाणक्य के अनुसार जिन लोगों की सेहत उनका साथ देती है, उनसे ज्यादा भाग्यशाली भी दूसरा कोई नहीं। इस दुनिया में सबसे बड़ी दौलत इंसान की सेहत ही होती है। यदि व्यक्ति स्वास्थ्य ना हो और कोई ना कोई रोग उसे घेरे रहे, तो लाखों की धन संपदा भी बेकार ही जान पड़ती है। आचार्य कहते हैं कि अगर आप भरपेट भोजन कर पा रहे हैं और उसे पचाने में आपको कोई परेशानी भी हो रही है; तो आपको खुद को किस्मतवाला ही समझना चाहिए। अच्छे जीवनसाथी का होना है सौभाग्य की निशानी आचार्य चाणक्य के अनुसार एक अच्छे जीवनसाथी का मिलना भी सौभाग्य की निशानी है, जो हर किसी की किस्मत में नहीं होता। एक अच्छा जीवनसाथी आपके हर सुख-दुख में साथ खड़ा मिलता है और उसके साथ जीवनयात्रा थोड़ी आसान हो जाती है। अगर किसी व्यक्ति के जीवन में एक अच्छा पार्टनर है और उसका दांपत्य जीवन सुखी है, तो वो इंसान यकीनन ही बेहद भाग्यशाली हैं। मेहनत से बना सकते हैं अपना भाग्य इन सभी बातों के साथ ही आचार्य चाणक्य का कहना यह भी है कि अगर किसी इंसान को किस्मत का साथ ना भी मिले, तो वो अपनी मेहनत के बल पर खुद को भाग्यवान बना सकते है। अपनी नीति में आचार्य कहते हैं कि मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है और जो व्यक्ति मेहनत करने से पीछे नहीं हटता, वो अपनी किस्मत खुद चमका देता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में कुछ बहुत बड़ा करते हैं, जो शायद सिर्फ भगवशाली लोगों के बस की भी बात नहीं। recent visitors 42

पंजाब की बल्लेबाजी शुरू, प्रियांश आर्या के साथ प्रभसिमरन सिंह पारी की शुरुआत

नई दिल्ली आईपीएल-2025 में आज मौजूदा विजेता कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना पंजाब किंग्स से होना है। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में ये मैच होना है और इस मैच में मेजबान टीम की नजरें बदला लेन पर होंगी। इससे पहले ये दोनों टीमें मुल्लांपुर में भिड़ी थीं जिसमें पंजाब ने 111 रनों के स्कोर का बचाव कर लिया था। अब कोलकाता अपने घर में उस हार का बदला लेना चाहेगी। पंजाब की पारी शुरू पंजाब की पारी शुरू हो गई है। प्रियांश आर्या के साथ प्रभसिमरन सिंह पारी की शुरुआत कर रहे हैं। कोलकाता की तरफ से पहला ओवर फेंक रहे हैं। वैभव अरोड़ा।  पंजाब की पहले बैटिंग  पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पंजाब ने अपनी टीम में दो बदलाव किए हैं। ग्लेन मैक्सवेल और अजमतुल्लाह ओमरजई को पंजाब ने मौका दिया है। कोलकाता ने रमनदीप की जगह चेतन सकारिया को मौका दिया है। मोईन अली की जगह रोवमैन पावेल को कोलकाता ने मौका दिया है। recent visitors 32

डोंगरगढ़ रोपवे हादसा, दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही, अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व मंत्री पैकरा

डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी मंदिर में शुक्रवार को हुए रोपवे हादसे ने एक बार फिर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह महज एक तकनीकी दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही, अवैध निर्माण और VIP संस्कृति की एक खतरनाक मिसाल बन गई है। पैकरा निरीक्षण पर आए, खुद हो गए हादसे का शिकार बता दें कि छत्तीसगढ़ के वन विकास निगम के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा बीते शुक्रवार की दोपहर डोंगरगढ़ में रोपवे संचालन की प्रणाली समझने के उद्देश्य से पहुंचे थे। उनके नेतृत्व में कुदरगढ़ मंदिर में भी रोपवे लगवाने की योजना बनाई जा रही है। मंदिर ट्रस्ट के साथ मीटिंग निर्धारित थी, जिसमें कुदरगढ़ से जुड़े कुछ पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। लेकिन जिस तकनीक को देखने आए थे, उसी तकनीक ने उन्हें हादसे का शिकार बना दिया। जैसे ही ट्रॉली दोपहर में मंदिर से नीचे स्टेशन पर पहुंची, वह अपनी तय सीमा से आगे बढ़ गई और वहां बने अवैध चबूतरे से टकराकर पलट गई। चबूतरा मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के निर्देश पर बनाया गया था, जिसकी तकनीकी स्वीकृति नहीं ली गई थी और जो रोपवे की मूल डिज़ाइन का हिस्सा ही नहीं था। इस रोपवे का नियमित संचालन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक बंद रहता है। लेकिन पैकरा की VIP यात्रा को देखते हुए रोपवे को विशेष रूप से चालू किया गया, वो भी उस वक्त जब अधिकांश स्टाफ भोजन अवकाश में था। हादसे के वक्त ट्रॉली में रामसेवक पैकरा, भाजपा नेता भरत वर्मा, ट्रस्ट अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, दया सिंह, सिद्धार्थ सिंह और बलराम सिंह सवार थे। इस दौरान भरत वर्मा को गंभीर चोटें आई हैं, रीढ़ की हड्डी और हाथ में फ्रैक्चर की आशंका है। अन्य को हल्की चोटें लगीं। यह पहली बार नहीं है जब डोंगरगढ़ का रोपवे सवालों के घेरे में आया हो—     फरवरी 2021: रोपवे की ट्रॉली गिरने से मज़दूर गोपी गोड़ की मौत हो गई थी। ट्रॉली रोप केबल से अलग होकर सीधे ज़मीन पर आ गिरी थी।     अप्रैल 2024: कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसपी मोहित गर्ग नवरात्रि से पहले निरीक्षण के दौरान ट्रॉली में ही फंस गए थे। बिजली सप्लाई रुकने से सिस्टम बंद हो गया और जनरेटर से उन्हें नीचे लाया गया। जवाबदेही से बचते दिखे ज़िम्मेदार हादसे के बाद एसपी मोहित गर्ग मौके पर पहुंचे और रोपवे संचालन करने वाली कंपनी दामोदर इंफ्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अवैध चबूतरा, VIP दबाव में संचालन और स्टाफ की गैरमौजूदगी से हादसा हुआ, तो ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल पर भी कार्रवाई क्यों नहीं? मनोज अग्रवाल मीडिया के सामने ये कहकर बचते नज़र आए कि संचालन ट्रस्ट करता है लेकिन मेंटेनेंस की ज़िम्मेदारी दामोदर इंफ्रा की है। दूसरी ओर, दामोदर इंफ्रा के साइट इंचार्ज ने सारा ठीकरा बिजली विभाग पर फोड़ते हुए ‘लो वोल्टेज-हाई वोल्टेज’ का बहाना बना डाला। लेकिन कंपनी ने आज तक कभी बिजली विभाग को इस समस्या की कोई लिखित सूचना तक नहीं दी। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस लापरवाह और वीआईपी संस्कृति की पोल खोलता है, जिसमें आम जनता की सुरक्षा को ताक पर रखकर नियम तोड़े जाते हैं। रोपवे जैसी तकनीकी सेवा, जहां जान की बाज़ी लगी हो, वहां बिना स्टाफ, बिना सुरक्षा जांच और बिना ज़रूरी अनुमति के संचालन किया गया। कुदरगढ़ में रोपवे लगाने का सपना लेकर आए थे पैकरा, लेकिन डोंगरगढ़ का ही रोपवे उन्हें ज़मीन पर ला पटका। अब सवाल यह है, क्या इस हादसे के बाद सिर्फ कंपनी पर कार्रवाई होगी ? या उन असली ज़िम्मेदारों पर भी शिकंजा कसेगा जिन्होंने नियमों को VIP आदेशों के नीचे कुचल डाला? recent visitors 36

वैशाख अमावस्या पर स्नान, दान और पूजा करना शुभ

  वैशाख का महीना भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है. इस पूरे माह में श्री हरि की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है. वहीं इस माह की अमावस्या तिथि के दिन भगवान लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से आपको विशेष लाभ होता और आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस बार वैशाख माह की अमावस्या तिथि 27 अप्रैल यानी कल है. वैशाख अमावस्या पर स्नान, दान और पूजा करना शुभ माना जाता है.साथ ही इस दिन पितरों का तर्पण, पिंड़दान और श्राद्ध भी किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से आपको मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं. वैशाख अमावस्या पूजा विधि वैशाख अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर इष्ट देव को प्रणाम करें. इसके बाद घर की साफ-सफाई कर गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें. अब सूर्य देव को अर्घ्य दें. उसके बाद भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करें और व्रत करने का संकल्प करें. इसके साथ जप, तप और दान करें. वह लोग जिनके पूर्वजों का पिंड दान नहीं हुआ है, वह इस दिन अपने पितरों को तर्पण कर सकते हैं. पूजा-पाठ के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं. इसके बाद क्षमतानुसार दान दक्षिणा दें. वैशाख अमावस्या पूजा मंत्र ॐ पितृ देवतायै नम: ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्। ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम: ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:। ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्। वैशाख अमावस्या महत्व धार्मिक मान्यता के अनुसार, वैशाख अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इसके अलावा अमावस्या तिथि को पितरों को याद करने का विशेष महत्व है. इस दिन लोग पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. recent visitors 36

सीएम योगी से मिलने नहीं जाते और न ही उन्हें जरूरत है और न ही सीएम को उनसे मिलने की कोई जरूरत है: बृजभूषण

गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा से सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ''वह सीएम योगी से मिलने नहीं जाते और न ही उन्हें जरूरत है और न ही सीएम को उनसे मिलने की कोई जरूरत है। उन्होंने कहा कि सीएम से उनकी कोई नाराजगी नहीं है और न ही कोई बैर है। हमने कोई ऐसी शपथ भी नहीं ली कि हम कभी मिलेंगे नहीं। बृजभूषण सिंह ने ये भी कहा… बृजभूषण सिंह ने कहा कि सीएम योगी प्रदेश के मुख्यमंत्री है। मेरे बेटे करण भूषण सिंह ( भाजपा सांसद) और प्रतीक भूषण सिंह ( भाजपा विधायक) उनसे मिलते रहते हैं। लेकिन मैं नहीं जाता हूं। क्योंकि हमें जरूरत नहीं है। 'विधायक अधिकारियों के पैर छू रहे…' बृजभूषण सिंह ने आगे कहा कि, आज काम के लिए सिफारश जरूरी है। आज हालात ऐसे है कि विधायकों को अपना काम निकलवाने के लिए अफसरों के पैर छूने पड़ते हैं। जो काम अफसरों को स्वप्रेरणा से करना चाहिए, उसके लिए भी सिफारिश लगती है। कहीं न कहीं सत्ता का प्रभाव सीमित हो गया। राहुल गांधी के बारे में ये बोले बृजभूषण विपक्ष को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण सिंह ने कहा कि ''इस देश में एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है। विपक्ष का काम है सरकार को चेताना, सतर्क करना और समय पर ठोक देना। राहुल गांधी को अभी सीखने की जरूरत है। राहुल का नाम यानी खानदान भले ही नेहरू और इंदिरा गांधी से जुड़ा हो, लेकिन उनका खुद का कोई स्पष्ट विजन नजर नहीं आता। वह देश के लिए क्या करना चाहते हैं, यह समझ नहीं आता। राहुल अभी सीखें, गंभीरता लाएं। उन्हें चाहिए कि वो हमसे नहीं तो कम से कम अपने परिवार और पार्टी नेताओं से सीखें। recent visitors 44

पहलगाम हमला: तेजस्वी ने इस नृशंस हमले के दोषियों को ‘कड़ी से कड़ी सजा’ दिए जाने की मांग की, पूरा विपक्ष सरकार के साथ

नई दिल्ली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूरा विपक्ष सरकार के साथ है। मंगलवार को हुए इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। ‘‘यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा" तेजस्वी ने इस नृशंस हमले के दोषियों को ‘‘कड़ी से कड़ी सजा'' दिए जाने की मांग की। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और इसलिए हम इस पर राजनीति नहीं करना चाहते। (हमले में) जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए महागठबंधन राज्य भर में इसी तरह के मोमबत्ती जुलूस निकाल रहा है।'' उन्होंने आयकर गोलंबर से डाक बंगला चौराहे तक मार्च किया। पूर्व उपमुख्यमंत्री के साथ संजय यादव और अब्दुल बारी सिद्दीकी जैसे पार्टी सहयोगियों के अलावा राज्य कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और भाकपा-माले (लिबरेशन) के राज्य सचिव कुणाल भी थे। तेजस्वी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने कल दिल्ली में सर्वदलीय बैठक में सरकार से कहा था कि विपक्ष समेत पूरा देश संकट की इस घड़ी में उनके साथ है।'' उन्होंने कहा, ‘‘पहलगाम हमले के मद्देनजर सरकार जो भी कदम उठाने का फैसला करेगी, हम उसके साथ हैं। हमलावरों का पता लगाया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।''   recent visitors 39