मुख्यमंत्री साय से सांसद मनोज तिवारी ने की सौजन्य भेंट, नंदी की प्रतिमा भेंट कर किया आत्मीय स्वागत

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोकसभा सांसद  मनोज तिवारी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर  तिवारी का पारंपरिक शाल ओढ़ाकर तथा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट बेलमेटल कला से निर्मित नंदी की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय और सांसद मनोज तिवारी के  बीच छत्तीसगढ़ की लोक कला, लोक संस्कृति और राज्य में उभरते फिल्म उद्योग सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री तिवारी को राज्य सरकार द्वारा लोककला के संरक्षण, संवर्धन तथा फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना की दिशा में उठाए जा रहे कदमों से भी अवगत कराया। सांसद मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री साय द्वारा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और लोक धरोहरों को राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की। recent visitors 35

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य सेवाओं को जनसामान्य के लिए सुलभ, उच्च गुणवत्ता युक्त और व्यापक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभव, आधुनिक मेडिकल कॉलेजों का सुदृढ़ आधार और समय पर नियुक्ति की प्रक्रिया से प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में वरिष्ठ विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव का लाभ उठाने के उद्देश्य से, उन्हें 70 वर्ष की आयु तक संविदा सेवा देने के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव कैबिनेट अनुमोदन के लिए शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों की गुणवत्ता में वृद्धि करेंगी साथ ही यह निर्णय चिकित्सकों की कमी की पूर्ति करने में भी सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा और इंदौर के मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिए कॉलेजों का अधोसंरचना विकास , अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था अन्य आवश्यक कार्य भी समय से पूर्ण किए जाएँ। शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि एमपीपीएससी के साथ नियमित संपर्क में रहते हुए सभी आवश्यक औपचारिकताओं को तत्काल प्राथमिकता से पूरा किया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल (ई-एचआरएमएस) की तैयारी पूर्ण कर ली जाए। पोर्टल को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कार्मिकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय से विभागीय कार्य में गति आएगी और सेवाओं में सुधार होगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना उपस्थित रहे। recent visitors 35

कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से अगस्त तक आयोजित होगी, सरकार ने यात्रा में जोखिम की जिम्मेदारी खुद लेने की सलाह दी

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से लोगों के बीच आक्रोश का माहौल है. इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. इस बीच विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस साल भी कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन होगा. जून से अगस्त तक इसका आयोजन किया जाएगा. यह यात्रा बीते पांच सालों से बंद थी. विदेश मंत्रालय ने क्या जानकारी दी? विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस साल जून से अगस्त 2025 के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन होगा. इच्छुक यात्रा कैलाश यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इस साल यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथु ला दर्रे से होगी. पांच और दस बैंचों का संचालन किया जाएगा. प्रत्येक बैच में 50 यात्री शामिल होंगे. यात्रियों का चयन आवेदकों रैंडम सलेक्शन से कंप्यूटर द्वारा संचालित होगा. इसमें जेंडर बैलेंस का भी ध्यान रखा जाएगा. कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर चीन के साथ बनी सहमति गलवान घाटी में भारत-चीन के साथ हुए संघर्ष के बाद अब दोनों देश के बीच रिश्ते सुधर रहे हैं. भारत और चीन के बीच संवाद के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया. कोरोना महामारी के दौरान यात्रा पर ब्रेक लग गई थी. जिसके बाद सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हुआ. हालांकि, भारत ने इस मुद्दे को लगातार चीन के साथ कूटनीतिक स्तर पर उठाया. 2019 के बाद यह पहली बार है जब मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू होगी. बीते साल, अक्टूबर (2024) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई थी. जिसके बाद सीमा तनाव घटा और यात्रा की दिशा में प्रगति हुई. यात्रा के लिए सरकार की एडवाइजरी विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में इसकी जानकारी दी है। इस साल यात्रा करने वाले लोगों के लिए दो रास्ते हैं। उत्तराखंड राज्य में लिपुलेख पास से 5 जत्थे जाएंगे। हर जत्थे में 50 यात्री होंगे। सिक्किम राज्य में नाथू ला पास से 10 जत्थे जाएंगे। यहां भी हर जत्थे में 50 यात्री होंगे। कुल मिलाकर, यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के लिए सरकार ने इंतज़ाम कर दिया है। यात्रा के लिए सरकार की एडवाइजरी इस यात्रा में प्रतिकूल हालात, अत्यंत खराब मौसम में ऊबड़-खाबड़ भू-भाग से होते हुए 19,500 फुट तक की चढ़ाई चढ़नी होती है और यह उन लोगों के लिए जोखिम भरा हो सकता है जो शारीरिक और मेडिकली तंदुरुस्त नहीं हैं। सरकार का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण अथवा किसी भी अन्य कारण से किसी यात्री की मृत्यु अथवा उसके जख्मी होने अथवा उसकी संपत्ति के खोने अथवा क्षतिग्रस्त होने के लिए किसी भी तरह से वो जिम्मेदार नहीं होगी। जोखिम की जिम्मेदारी खुद लें-सरकार तीर्थयात्री यह यात्रा पूरी तरह से अपनी इच्छा शक्ति के बल पर तथा खर्च, जोखिम और परिणामों से अवगत होकर करते हैं। किसी तीर्थयात्री की सीमा पार मृत्यु हो जाने पर सरकार की उसके पार्थिव शरीर को दाह-संस्कार के लिए भारत लाने की किसी तरह की बाध्यता नहीं होगी। लिहाजा मृत्यु के मामले में चीन में पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार के लिए सभी तीर्थ यात्रियों को एक सहमति प्रपत्र पर हस्ताक्षर करना होता है। यह सभी जानकारी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई है। कहां से शुरू होगी यात्रा यह यात्रा उत्तराखंड, दिल्ली और सिक्किम राज्य की सरकारों और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से आयोजित की जाती है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) और सिक्किम पर्यटन विकास निगम (एसटीडीसी) और उनके संबद्ध संगठन भारत में यात्रियों के हर जत्थे के लिए सम्भारगत सहायता और सुविधाएं मुहैया कराते हैं। दिल्ली हार्ट एवं लंग इंस्टीट्यूट (डीएचएलआई) इस यात्रा के लिए आवेदकों के स्वास्थ्य स्तरों के निर्धारण के लिए चिकित्सा जांच करता है।   recent visitors 39

हमले में पाकिस्तान का सीधा हाथ, भारत ने विदेशी सरकारों के सामने जुटाए गए ठोस सबूत पेश किए

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। भारत ने विदेशी सरकारों के सामने तकनीकी खुफिया और मानव स्रोतों के जरिए जुटाए गए ठोस सबूत पेश किए हैं, जिनसे साफ होता है कि इस हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की सीधी भूमिका है। पाकिस्तानी कनेक्शन की पुष्टि भारतीय एजेंसियों ने इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकियों की पहचान कर ली है। जांच में यह सामने आया है कि हमले में शामिल आतंकियों का सीधा संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) से है, जो लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में इन आतंकियों के सिग्नल पाकिस्तान के दो ठिकानों से जुड़े पाए गए हैं। PM मोदी की 13 राष्ट्राध्यक्षों से बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दो दिनों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, इजराइल, इटली, मिस्र, जॉर्डन, सऊदी अरब, नेपाल, मॉरीशस, डच और ऑस्ट्रेलिया जैसे 13 देशों के प्रमुखों से बातचीत की। सभी नेताओं ने हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता जताई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कई देशों के विदेश मंत्रियों व राजदूतों से संवाद कर भारत की स्थिति स्पष्ट की। भारत की ताबड़तोड़ कार्रवाई भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ निम्नलिखित कड़े कदम उठाए हैं: सिंधु जल संधि निलंबित: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि अब पाकिस्तान को एक बूंद पानी नहीं मिलेगा। कूटनीतिक संबंध सीमित: पाकिस्तान के साथ राजनयिक स्तर पर संपर्क और दूतावास की गतिविधियों को सीमित किया गया। वीजा सेवाएं रोक दी गईं: पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीज़ा तत्काल प्रभाव से निलंबित, पाक हिंदुओं के लिए छूट बनी रहेगी। LOC पर जवाबी कार्रवाई: पाकिस्तान की गोलीबारी का भारतीय सेना ने तीखा जवाब दिया। भारत का विदेशों को संदेश: “पर्यटक बिल्कुल सुरक्षित ” दिल्ली में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 30 से अधिक देशों के राजदूतों से मुलाकात कर बताया कि भारत पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा जारी यात्रा चेतावनियों को भारत ने “अनावश्यक और अतिशयोक्तिपूर्ण” करार दिया। वैश्विक प्रतिक्रिया: समर्थन और शांति की अपील अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमला "भयानक" बताया और भरोसा जताया कि भारत-पाकिस्तान इसे बातचीत से सुलझा लेंगे। ईरान और सऊदी अरब ने भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की पेशकश की।फ्रांस, इजराइल, जापान, इटली समेत कई देशों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने का वादा किया। recent visitors 34

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सीमा पर तनाव लंबे समय में जारी है लेकिन वे इसे किसी न किसी तरह सुलझा लेंगे

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव हमेशा से रहा है तथा दोनों देश इसे आपस में ‘‘किसी न किसी तरह'' सुलझा लेंगे। ट्रंप ने यह टिप्पणी पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बारे में सवाल किए जाने पर की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। यह पूछे जाने पर क्या वह दोनों देशों के नेताओं से बात करेंगे, ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं भारत के बहुत करीब हूं और मैं पाकिस्तान के बहुत करीब हूं, जैसा कि आप जानते हैं।'' उन्होंने रोम के रास्ते में ‘एयर फोर्स वन' में पत्रकारों से कहा कि कश्मीर में लड़ाई लंबे समय से जारी है और पहलगाम में जो हुआ, वह बहुत बुरा है। ट्रंप ने कहा कि सीमा पर तनाव लंबे समय में जारी है लेकिन ‘‘वे इसे किसी न किसी तरह सुलझा लेंगे। मुझे यकीन है… मैं दोनों नेताओं को जानता हूं। पाकिस्तान और भारत के बीच बहुत तनाव है जो हमेशा से रहा है।'' भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदमों की घोषणा की, जिनमें पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात सैन्य प्रतिनिधि को अवांछित घोषित करना, 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करना और आतंकवादी हमले के सीमा पार से जुड़े होने के मद्देनजर अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल प्रभाव से बंद करना शामिल है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को सभी भारतीय विमानन कंपनियों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने का फैसला किया तथा भारत के साथ व्यापार को स्थगित कर दिया।     recent visitors 29

मेपकास्ट द्वारा नवप्रवर्तन को प्रोत्साहन देने हेतु विश्व बौद्धिक संपदा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भोपाल शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में बौद्धिक संपदा अधिकार और इसकी उपयोगिता के संबंध में जागरूकता पैदा करने  के लिए मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा सरोजिनी नायडू कन्या महाविद्यालय,शासकीय कमला नेहरू कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल , ओरियंट स्कूल एवं द आइकॉनिक स्कूल में 26 अप्रैल को विश्व बौद्धिक संपदा दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ अजय चौबे, श्री शैलेन्द्र कसेरा ने बौद्धिक संपदा के विविध पहलुओं जैसे कॉपीराइट, पेटेंट और ट्रेडमार्क की गहन जानकारी दी। उन्होंने रोचक उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया कि कैसे विद्यार्थी अपने नवाचार और मौलिक रचनाओं के ज़रिए पेटेंट प्राप्त कर सकते हैं और इससे आर्थिक लाभ भी अर्जित कर सकते हैं। इसके साथ ही अपने संबोधन में नवाचार, अनुसंधान और बौद्धिक संपदा संरक्षण के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी कल्पनाशक्ति और सृजनशीलता को संरक्षित कर देश के विकास में योगदान दें। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने बौद्धिक संपदा के महत्व को समझते हुए नवाचार करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में सभी विद्यालय की प्राचार्य सहित सभी शिक्षकों ने परिषद के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर परिषद के महानिदेशक डॉ अनिल कोठारी ने नवाचार को बौद्धिक संपदा के रूप में पंजीयन कराने और उसके  कमर्शियलाइज़ेशन पर जोर दिया है । recent visitors 19

अगर भारत ने सिंधु का पानी रोका तो पाकिस्‍तान करेगा परमाणु बम का इस्‍तेमाल!, जुलाई में तबाही के संकेत

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा कदम उठाया है, जिसकी गूंज सिर्फ कश्मीर घाटी में नहीं बल्कि इस्लामाबाद की सत्ता तक सुनाई दी है। भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इसे "स्थगित" कर दिया है। यह वही समझौता है, जो 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ था और दशकों तक इसे दोनों देशों ने निभाया, चाहे हालात युद्ध जैसे क्यों न रहे हों। भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के निर्णय ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है। पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत ने सिंधु नदी के पानी को रोकने या मोड़ने की कोशिश की, तो पाकिस्तान अपनी पूरी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल कर सकता है, जिसमें परमाणु हथियारों का उपयोग भी शामिल हो सकता है। इस कदम को पाकिस्तान ने 'युद्ध की कार्रवाई' करार दिया है और चेतावनी दी है कि अगर जल आपूर्ति पर कोई भी खतरा मंडराया, तो इस्लामाबाद तुरंत प्रतिक्रिया देगा। जुलाई से इस संकट का असर दिख सकता है, और यह कदम पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था और पानी की आपूर्ति के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। पाकिस्तान में खाद्य संकट के हालात भी पैदा हो सकते इस फैसले ने पाकिस्तान की चिंता को चरम पर पहुंचा दिया है। सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी पश्चिमी नदियों से अधिकतर पानी मिलता है। यही पानी पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था की रीढ़ है। भारत के इस फैसले से उसे डर है कि अब उसकी खेतों को सींचने वाली धाराएं सूख सकती हैं। पाकिस्तान का एक बड़ा हिस्सा, खासकर पंजाब और सिंध प्रांत, इन नदियों पर पूरी तरह निर्भर है। यदि भारत जल प्रवाह को सीमित करता है या मोड़ता है, तो पाकिस्तान में खाद्य संकट के हालात भी पैदा हो सकते हैं। पाकिस्तान ने 'युद्ध की कार्रवाई' करार दिया भारत के इस फैसले को पाकिस्तान ने 'युद्ध की कार्रवाई' करार दिया है। पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को बयान जारी कर साफ कर दिया कि वह भारत की किसी भी जल-सम्बंधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। इस बयान में 'संपूर्ण युद्ध शक्ति' और 'हर विकल्प खुले हैं' जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे तनाव और अधिक बढ़ गया है। पाकिस्तानी मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों ने यहां तक कह दिया कि अगर भारत ने डैम बनाना शुरू किया या जल को रोकने की कोई कोशिश की, तो पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई कर सकता है। कुछ विश्लेषकों ने तो यहां तक चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर परमाणु हथियारों के विकल्प भी खुले रहेंगे। हालात और बदतर हो सकते भारत के इस कदम से पाकिस्तान में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी जताई जा रही है। भारत हर साल मानसून से पहले पाकिस्तान को बाढ़ संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराता रहा है। अगर भारत यह डेटा शेयर करना बंद करता है, तो पाकिस्तान बिना किसी पूर्व चेतावनी के प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ सकता है। तीन साल पहले आई भीषण बाढ़ में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले ही बुरी तरह लड़खड़ा चुकी है। अब यदि भविष्य में बाढ़ की जानकारी समय पर नहीं मिली, तो हालात और बदतर हो सकते हैं। भारत के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह बात सामने आ रही है कि यह फैसला सिर्फ एक जल समझौते को लेकर नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ भारत की नई नीति का प्रतीक है। पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को शरण देने के आरोपों से घिरा रहा है और बार-बार चेतावनी के बावजूद आतंकी हमलों में शामिल रहा है। अब भारत ने सीधे उसकी जीवनरेखा – पानी – को निशाना बना दिया है। भारत एकतरफा इस संधि को रद्द नहीं कर सकता पाकिस्तान के पूर्व सिंधु जल आयुक्त जमात अली शाह ने एक पाकिस्तानी अखबार को दिए बयान में कहा है कि भारत एकतरफा इस संधि को रद्द नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक स्थायी समझौता है और इसके लिए दोनों देशों की सहमति आवश्यक है। हालांकि भारतीय अधिकारियों का तर्क है कि भारत ने इसे पूरी तरह रद्द नहीं किया, बल्कि "स्थगित" किया है — यानी जब तक पाकिस्तान अपनी आतंक-समर्थन की नीति नहीं बदलता, तब तक सहयोग की कोई गुंजाइश नहीं है। भारत ने संकेत दिए हैं कि यह स्थगन पश्चिमी नदियों पर चल रही भारत की जल परियोजनाओं को तेज़ी देने के लिए भी रास्ता खोलता है। पाकल दुल, रतले, किरू और सावलकोट जैसे डैम और पनबिजली प्रोजेक्ट्स अब प्राथमिकता के साथ पूरे किए जा सकते हैं, जिससे पाकिस्तान को भविष्य में पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। recent visitors 27