प्रदेश में 3 हजार सिंधी परिवार हैं, जो कि शॉर्ट-टर्म वीजा पर भारत आए , सिंधी हिंदुओं को वापस नहीं भेजा जाएगा सांसद

इंदौर प्रदेश में पाकिस्तान से भारत आए सिंधी शरणार्थियों को लेकर इंदौर से भाजपा सांसद शंकर लालवानी ने बड़ा बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से वीजा पर भारत आए सिंधी हिंदुओं को वापस नहीं भेजा जाएगा। प्रदेश में 3 हजार के लगभग सिंधी परिवार हैं, जो कि शॉर्ट-टर्म वीजा पर भारत आए हैं। क्या बोले सांसद शंकर लालवानी सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि सिंधी शरणार्थियों की सुरक्षा केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि नागरिकता प्रक्रिया को सरल बनाकर जल्द भारतीय नागरिकता दिलाई जाएगी। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दरअसल, प्रदेश में करीब 3 हजार सिंधी परिवार हैं। जो कि शॉर्ट टर्म वीजा पर भारत में हैं और अब यहीं बस गए हैं। इनमें से भोपाल और इंदौर में सबसे ज्यादा संख्या है। यह लोग करीब पिछले 7-25 सालों से भारतीय नागरिकता के आवेदन कर रहे है। हालांकि, इन मामलों में देरी होने के बावजूद केंद्र सरकार ने भोपाल और इंदौर के कलेक्टरों को नागरिकता देने का अधिकार दे रखा है। सिंध-कराची के लोग रहे हैं सबसे दिलचस्प यह है कि पाकिस्तानी नागरिकों में 50 फीसदी तो सिर्फ इंदौर में ही रह रहे है। ज्यादातर लोग पाकिस्तान के सिंध प्रांत। जो कि कराची से लगा हुआ। वहां से आए हुए हैं। इधर, इंदौर में रह रहे शरणार्थियों ने बताया कि पाकिस्तान में लूटपाट और डर का माहौल बना रहता है। भारत में सुरक्षित महसूस करते हैं। recent visitors 36

किसान, खेती की नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें : कृषि मंत्री कंषाना

मंदसौर में 3 मई को होगी एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव : कृषि मंत्री कंषाना किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : कृषि मंत्री कंषाना किसान, खेती की नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें : कृषि मंत्री कंषाना भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि आगामी 3 मई को मंदसौर में एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। मालवांचल सहित प्रदेश में कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। सरकार द्वारा उन्नत फसलों और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप प्रदान कर बिजली के बिल के बोझ से मुक्त करने के लिए भी कार्य कर रही है। किसान, खेती की नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें। इस उद्देश्य से कृषि पर केन्द्रित कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी। कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी संभागों में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन मेलों का उद्देश्य किसानों को कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित नवीनतम जानकारी और तकनीक से अवगत कराना है। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार ने अगले तीन साल में प्रत्येक साल में 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को ऊर्जादाता बनने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसके लिए अभियान शुरू कर दिया है और किसानों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। मंत्री कंषाना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिया है। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। 'मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन में अब कृषि से जुड़े विभागों की योजनाएं एक मंच पर समन्वित रूप से क्रियान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हरसंभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौ-पालकों की आय बढ़ाने के साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है।   recent visitors 37

उज्जैन के दो प्रमुख मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी

उज्जैन एमपी में उज्जैन शहर के दो प्रमुख मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी है। इसमें पहला कॉरिडोर मकोडिया आम चौराह से शुरू होकर देवासगेट, रेलवे स्टेशन होते हुए हरिफाटक ब्रिज से मिलेगा। दूसरा कॉरिडोर निकास चौराहे से शुरू होकर दौलतगंज होते हुए इंदौर गेट पर मिलेगा। दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर लोक निर्माण विभाग फिजिकल सर्वे कर रहा है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर कॉरिडोर बनाने का फैसला होगा। बढ़ गया शहर का ट्रैफिक महाकाल लोक के बाद शहर के ट्रैफिक में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। खासकर शहर के दो मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक है। इसमें निकास चौराहे से कंठाल, नई सडक़, फव्वारा चौक, दौलतगंज होते हुए इंदौर गेट तक का मार्ग व्यावसायिक होने के साथ यहां दिनभर वाहनों की रेलमपेल रहती है। वहीं आगर रोड पर मकोडिय़ा आम चौराहे से लेकर चरक अस्पताल, चामुंडा चौराहा, देवासगेट बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और इंदौर गेट मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक है। विशेषकर बस व रेलवे स्टेशन के साथ जिला अस्पताल के लिए बढ़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में इन दोनों मार्गों पर दिनभर जाम की नौबत बनती है। लिहाजा दोनों मार्ग एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रखा गया। कॉरिडोर बनाने पर प्रांरभिक सहमति बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए फिजिकल सर्वे की कवायद शुरू की। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मानें तो फिजिकल सर्वे में दोनों मार्गों से गुजरने वाले वाहनों की संख्या, मार्ग की चौड़ाई, भविष्य में ट्रैफिक लोड आदि का अध्ययन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद इनके बनने का निर्णय लिया जाएगा। एलिवेटेड कॉरिडोर से वाहन सीधे इंदौर रोड पहुंचेंगे दो मार्गों पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से वाहन बगैर कहीं रुके, सीधे इंदौर फोरलेन तक पहुंच जाएंगे। दरअसल, जिन वाहनों को शहर में कहीं रुकना नहीं है, उनके लिए एलिवेटेड कॉरिडोर फायदेमंद रहेंगे। दिन या रात के समय ट्रक बगैर शहर में आए बगैर इंदौर से आगर रोड, सिंहस्थ बायपास और नागदा बायपास पर आ-जा सकेंगे। एलिवेटेड बनने से फायदे -ज़मीन पर ट्रैफिक का दबाव कम होने से जाम की समस्या नहीं होती। -एलिवेटेड पर बिना रुकावट के सफर करने से समय की बचत होती है। -जाम और सिग्नल पर नहीं रुकने से स्मूथ ट्रैफिक के साथ पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम होती है। -कम ट्रैफिक जाम और कम ईंधन खपत से प्रदूषण में कमी आती है। -एलिवेटेड कॉरिडोर से ट्रैफिक नियमों के पालन के साथ दुर्घटना की संभावना कम रहती है। -सुव्यवस्थित व मॉडर्न इन्फ्रास्ट्रक्चर से शहर की सुंदरता बढ़ती है। शहर में फ्लाय ओवर की भी जरूरत शहर में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए एलिवेटेड ही नहीं फ्लायओवर की जरूरत है। खासकर मुल्लापुरा चौराहा, नागझिरी, तीन बत्ती चौराहा और रोडवेज बस डीपो वाले चौराहे पर लायओवर बनने से यातायात सुगम होगा। इनका क्या कहना…. शहर में निकास से इंदौर गेट व मकोडिया आम चौराहे से देवासगेट होते हुए हरिफाटक ब्रिज तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाना है। इनके बनने से शहर के यातायात के साथ सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट में उपयोगी होगी। इनके सर्वे के लिए एजेंसी को कहा गया है। – अनिल जैन कालूहेडा, विधायक दो मार्गों पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाने का प्रारंभिक प्रस्ताव है। इनके निर्माण के लिए फिजिकल सर्वे करवाया जा रहा है। -योगेंद्र बागोले, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी   recent visitors 39

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने NH-44 पर सर्विस रोड की डीपीआर बनाने के लिए निर्देश दिए

ग्वालियर ग्वालियर से निकलने वाले नेशनल हाइवे (NH-44) पर लगातार यातायात का दबाव बढ़ रहा है। बायपास के किनारे बसे रिहायशी क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों को मुख्य मार्ग पर आवागमन में कठिनाई होती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावनाए भी बढ़ रही हैं। इन समस्याओं से जल्द लोगों को राहत मिल जाएगी। बड़ागांव बायपास एनएच-44 पर सर्विस रोड बनाई जाएगी। सर्विस रोड बनाने के लिए सांसद भारत सिंह कुशवाह ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकऱी(Nitin Gadkari) से मुलाकात की थी। केंद्रीय मंत्री ने सर्विस रोड की डीपीआर बनाने के लिए निर्देश दिए हैं।  जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 35-40 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का निर्माण प्रस्तावित है, जो मुख्य मार्ग से स्थानीय यातायात को पृथक कर यातायात की सुगमता को बढ़ाएगी। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए 8 व्हीक्यूलर अंडरपास (वीयूपी) और 3 लाइट व्हीक्यूलर अंडरपास (एलवीयूपी) का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे क्रॉस ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू होगी और मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। सर्विस रोड को लेकर सांसद कुशवाह ने गत दिवस प्रशांत मीणा एनएचआइ मैनेजर के साथ निरीक्षण किया। ऐसे होगा काम सर्विस रोड : 35-40 किमी लंबी सर्विस रोड का निर्माण होगा, जो मुख्य मार्ग से स्थानीय यातायात को अलग करेगी। अंडरपास : 11 अंडरपास बनाए जाएंगे, जिनमें 8 व्हीक्यूलर अंडरपास और 3 लाइट व्हीक्यूलर अंडरपास शामिल हैं। यातायात सुगमता: परियोजना से यातायात की सुगमता बढ़ेगी और मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। सड़क सुरक्षा: परियोजना से सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। क्षेत्रीय विकास : परियोजना ग्वालियर बाइपास क्षेत्र में यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से लाभकारी होगी। शहर के दोनों ओर विस्तार होगा यह परियोजना विशेष रूप से ग्वालियर बायपास एनएच-44 पर स्थित उन क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जहां पर जनसंख्या घनत्व अधिक है, जिससे स्थानीय यातायात को सुरक्षित एवं सुविधाजनक विकल्प मिल सके। मुख्य मार्ग पर यातायात दबाव में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। शहर के दोनों ओर विस्तार होगा।– भारत सिंह कुशवाह, सांसद recent visitors 35

प्रदेश में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, अनुकंपा नियुक्ति के लिए SMS, जल्द मिलेगी नियुक्ति, कम होगी परेशानी

 भोपाल  मध्य प्रदेश के सात लाख अधिकारियों-कर्मचारियों की पूरी कुंडली सरकार तैयार करने जा रही है। इसमें कर्मचारी का पूरा ब्योरा रहेगा यानी सेवा में आने से लेकर सेवानिवृत्ति तक की समस्त जानकारियां ऑनलाइन रहेंगे। इसका लाभ यह होगा कि फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। जिस व्यक्ति ने राज्य लोक सेवा आयोग या फिर कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भर्ती परीक्षा दी है, वही नौकरी कर पाएगा। उसके बायोमैट्रिक्स के आधार पर सत्यापन होगा। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने मानव संसाधन प्रबंधन सिस्टम तैयार किया है। पूरी कुंडली अभी सेवा पुस्तिका में रहती है कर्मचारियों की पूरी कुंडली अभी सेवा पुस्तिका में रहती है, जिसे मूल विभाग संधारित करता है। इसमें समय-समय पर होने वाली वेतनवृद्धि, पदोन्नति, गोपनीय चरित्रावली के आधार पर मिलने वाली श्रेणी, विभागीय जांच, आरोप पत्र की स्थिति, कब-कहां पदस्थ रहे, वेतनमान, छुट्टी सहित सभी विवरण रहता है। बार-बार यह शिकायत मिलती है कि इन्हें अद्यतन नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों को इसकी प्रति नहीं मिलती कई कर्मचारियों को इसकी प्रति तक नहीं मिलती है। इसके अभाव में पेंशन के निर्धारण में भी परेशानी आती है। कई बार ऐसे मामले भी सामने आते हैं कि अधिकारी या कर्मचारी को आरोप पत्र जारी किए गए हैं, पर इसका कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं होता। इन सब स्थितियों को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने मानव संसाधन प्रबंधन सिस्टम तैयार किया है। सभी तरह की जानकारी ऑनलाइन रहेगी इसमें कर्मचारियों की सभी तरह की जानकारियां ऑनलाइन रहेंगी। यदि किसी को कोई आरोप पत्र जारी करना है तो वो भी सिस्टम के माध्यम से ही होगा। इसके बाहर दिया गया नोटिस मान्य ही नहीं किया जाएगा। साथ ही जिस दिन कर्मचारी ज्वाइन करेगा, उस समय उसके द्वारा भर्ती एजेंसी को दिए गए आधार, फोटो, फिंगर प्रिंट और आइरिश ही मान्य किया जाएगा। इसका लाभ यह होगा कि जिस व्यक्ति ने परीक्षा दी, वही नौकरी भी करेगा। कुछ जगहों पर ऐसी शिकायतें सामने आईं थीं कि परीक्षा किसी ने दी और नौकरी कोई और कर रहा था। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि हमारी तैयारी पूरी हो चुकी है। जल्द ही अधिकारियों-कर्मचारियों की कुंडली सबके सामने होगी। अनुकंपा नियुक्ति के लिए जाएगा एसएमएस इस व्यवस्था में यह प्रविधान भी किया गया है कि सेवा में रहते अधिकारी-कर्मचारी का निधन होने पर उसके द्वारा पूर्व से नामित आश्रित को एसएमएस जाएगा। चूंकि, उसकी पूरी कुंडली सरकार के पास पहले से रहेगी, इसलिए इसमें कोई परेशानी भी नहीं आएगी। पात्रता के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति जल्द मिल जाएगी। अभी इसमें काफी विलंब होता है। recent visitors 26

DAVV में उम्मीदवार एक मई से ऑनलाइन पंजीयन कर सकेंगे, 14 जून को प्रवेश परीक्षा , नेट और डीईटी के जरिए प्रवेश दिया जाएगा

 इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए लिए अच्छी खबर है। यूजीसी की गाइडलाइन का पालन करते हुए विश्वविद्यालय ने इस साल पीएचडी में दाखिला के लिए दूसरी बार प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। यह विश्वविद्यालय के इतिहास में पहला अवसर है। पीएचडी में उम्मीदवार को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) और डाक्टरल एंट्रेंस टेस्ट (डीईटी) के जरिए प्रवेश दिया जाएगा। एक मई से ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उम्मीदवारों के लिए 25 दिन का समय आवेदन करने के लिए रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की तारीख तय कर रखी है, जो एमपी ऑनलाइन के माध्यम से करवाई जाएगी। 14 जून को पेपर रखे गए हैं। 13 विषयों के लिए प्रवेश परीक्षा डीईटी के माध्यम से उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों में प्रवेश दिया जाएगा। अप्लाइड मैथ्स, अप्लाइड फिजिक्स, अप्लाइड केमिस्ट्री, डाटा साइंस, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, स्टेटेटिक्स, एनर्जी, फार्मेंसी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इंस्ट्रूमेंटेशन, इलेक्ट्रानिक्स एंड इंस्टूमेंटेशन, इलेक्ट्रानिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन, आईटी सहित 13 पीएचडी विषय हैं। आवेदन की प्रक्रिया एक से 25 मई के बीच रखी गई है। परीक्षा 14 जून को विश्वविद्यालय के दो विभागों में होगी। परीक्षा में पहला पेपर रिसर्च मैथडलाजी और दूसरा संबंधित विषय होगा। दोनों में 50-50 प्रश्न पूछे जाएंगे। 100 अंक वाले इन परीक्षाओं में उम्मीदवारों को 50 फीसद अंक लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा की जिम्मेदारी एमपी ऑनलाइन को दी जाएगी। 24 विषयों में नेट स्कोर होगा मान्य विश्वविद्यालय के नान डीईटी में पंजीयन एक मई से शुरू होंगे। 24 विषयों की रिक्त सीटों पर उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाएगा। अंग्रेजी, कम्प्यूटर साइंस, विधि, गृह विज्ञान, मराठी, हिंदी, रसायन सहित 24 पीएचडी विषयों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) स्कोर मान्य किया जाएगा। डीईटी प्रभारी डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि जून और दिसंबर 2024 में नेट देने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इन विषयों की रिक्त सीटों की जानकारी अगले महीने वेबसाइट पर जारी होगी। recent visitors 35

मध्यप्रदेश के कईं जिलों में 4 दिन बारिश के आसार: भोपाल सहित कईं जिलों में बरकरार रहेगी गर्मी

Chances of rain for 4 days in many districts of Madhya Pradesh: Heat will persist in many districts including Bhopal भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने ट्रफ की वजह से प्रदेश में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। शनिवार को ग्वालियर-जबलपुर समेत 19 जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन में गर्मी का असर बरकरार रहेगा। शनिवार को 3 जिलों में लू भी चल सकती है। इनमें रतलाम, खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। वहीं, जिन जिलों में बारिश का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर शामिल हैं। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने अगले चार दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश और गरज-चमक का अनुमान जताया है। कुछ जगहों पर लू भी चल सकती है। वहीं, गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। ऐसा रहेगा अप्रैल का आखिरी सप्ताह चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक, यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। अप्रैल में ऐसा रहा अब तक का मौसम अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली। recent visitors 109