टीम से बाहर रहने के बावजूद भारत की तरफ से खेलने के उनकी इच्छा और भूख पहले की तरह बरकरार: अजिंक्य रहाणे

नई दिल्ली कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने शुक्रवार को कहा कि पिछले दो साल से राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के बावजूद भारत की तरफ से खेलने के उनकी इच्छा और भूख पहले की तरह बरकरार है। इस 36 वर्षीय खिलाड़ी ने आखिरी टेस्ट मैच 2023 में खेला था और वह करीब एक दशक से सीमित ओवरों की टीम से बाहर हैं लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी करने को लेकर अभी हार नहीं मानी है। उन्होंने एक तरह से चयनकर्ताओं को संदेश दे दिया है कि वह उपलब्ध हैं। उनके नाम पर विचार होना चाहिए। रहाणे ने स्टार स्पोर्ट्स प्रेस रूम पर कहा, ‘मैं फिर से भारतीय टीम में जगह बनाना चाहता हूं। मेरी इच्छा, भूख, जज्बा पहले की तरह बरकरार है। मैं अब भी पहले की तरह फिट हूं। मैं एक समय में केवल एक मैच पर ध्यान देना चाहता हूं और अभी मेरा ध्यान केवल आईपीएल पर है। इसके बाद देखते हैं कि भविष्य में क्या होता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो कभी हार नहीं मानता। मैं हमेशा मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं। मैं मैदान पर 100 प्रतिशत से अधिक देता हूं। यह उन चीजों से जुड़ा है जो मेरे नियंत्रण में हैं। मैं घरेलू क्रिकेट भी खेल रहा हूं और इस समय मैं वास्तव में अपने क्रिकेट का आनंद ले रहा हूं।’ रहाणे के लिए गौरव का सबसे बड़ा क्षण शायद 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा था जिसमें उन्होंने चोटों से जूझ रही टीम का नेतृत्व करते हुए भारत को टेस्ट श्रृंखला में 2-1 से जीत दिलाई थी। इसके बाद वह हालांकि लंबे समय तक भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने कहा, ‘हर सुबह जब मैं उठता हूं तो यही सोचता रहता हूं कि मैं कौन से लक्ष्य हासिल करना चाहता हूं। मेरे लिए अपने देश का प्रतिनिधित्व करने से बढ़कर कुछ नहीं है। मैं फिर से भारतीय जर्सी पहनना चाहता हूं। जब कोई टूर्नामेंट नहीं चल रहा होता है तो मैं एक दिन में दो से तीन सत्र तक अभ्यास करता हूं। मुझे लगता है कि अभी मेरे लिए खुद को फिट रखना वास्तव में काफी महत्वपूर्ण है।’ रहाणे ने कहा, ‘मैं अपने आहार पर भी ध्यान दे रहा हूं। मेरे अंदर भारत की तरफ से अच्छा प्रदर्शन की प्रेरणा पहले की तरह बनी हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि मैं पहले की तरह खेल का पूरा आनंद ले रहा हूं। मैं खेल को लेकर भावुक हूं। मैं अब भी खेल से प्यार करता हूं।’ रहाणे ने आईपीएल के संदर्भ में कहा कि टीम प्रबंधन नाइट राइडर्स के उप कप्तान वेंकटेश अय्यर का पूरा समर्थन करती है जो इस सत्र में रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम पूरी तरह से वेंकटेश अय्यर का समर्थन कर रहे हैं। वह बड़ा स्कोर बनाने से सिर्फ एक पारी दूर हैं। आप शायद अगले चार मैचों में उनकी एक अच्छी पारी देख सकते हैं।’ recent visitors 45

नया स्मार्टफोन खरीदने की कर रहे हैं प्लानिंग, कितनी होनी चाहिए रैम और स्टोरेज?

जब आप प्रीमियम, फ्लैगशिप या कोई हाई एंड स्मार्टफोन खरीदते हैं तो आपको पर्याप्त रैम और स्टोरेज मिलता है। लेकिन, बजट और मिड रेंज फोन में एक समय के बाद स्टोरेज की कमी के चलते फोन की परफार्मेंस में गिरावट आने लगती है। आज 2025 में जब फोन में एआई फीचर्स, ढेर सारे ऐप्स, गेमिंग जैसी जरूरतें बढ़ रही हैं, तो पर्याप्त रैम और स्टोरेज आवश्यक है। हालांकि, अधिकांश एंड्रायड फोन अब 128 जीबी स्टोरेज वैरिएंट में उपलब्ध हैं, लेकिन इसका काफी हिस्सा ऑपरेटिंग सिस्टम और प्री-इंस्टाल्ड ऐप्स में खर्च हो जाता है, शेष थर्ड पार्टी ऐप्स और यूजर डाउनलोड के लिए बचता है। देश में अब भी 16 जीबी या 32 जीबी स्टोरेज स्पेस वाले स्मार्टफोन के उपभोक्ता हैं, ऐसे में क्या इन लोगों को एंड्रायड के नए वर्जन का लाभ मिल पाएगा, तो इसका जवाब है- नहीं। 'एंड्रायड अथॉरिटी' की एक रिपोर्ट मानें तो गूगल ने एंड्रायड 15 के लिए न्यूनतम स्टोरेज की सीमा को बढ़ाकर 32 जीबी कर दिया है। नए फोन में पर्याप्त स्टोरेज का ध्यान एंड्रायड 15 के फुल वर्जन आधारित स्मार्टफोन में न्यूनतम 32 जीबी स्टोरेज की अनिवार्यता के साथ न्यूनतम चार जीबी रैम (रैंडम एक्सेस मेमोरी) की भी अनिवार्यता की गई है। खास बात है कि 32 जीबी स्टोरेज स्पेस का 75 प्रतिशत तक हिस्सा डेटा पार्टिशन में प्रयोग होता है। दरअसल, डेटा पार्टिशन ऐसा एरिया होता है, जहां सिस्टम फाइल्स, प्री-इंस्टाल्ड ऐप्स और सिस्टम ऐप डेटा आदि स्टोर होते हैं। साल 2022 में एंड्रायड-13 के लांच के साथ स्टोरेज की यह सीमा 16 जीबी थी। समय के साथ स्टोरेज की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इसमें वृद्धि होती रही। हालांकि, गूगल किसी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी को आधिकारिक तौर पर न्यूनतम 32 जीबी स्टोरेज स्पेस के लिए बाध्य नहीं कर सकता। लेकिन, गूगल मोबाइल सर्विसेज (जीएमएस) के लिए एंड्रायड डिवाइसेज में यह अनिवार्यता संभव है। जीएमएस गूगल सर्च, गूगल प्ले, गूगल ड्राइव, जीमेल, यूट्यूब और गूगल सपोर्टेड एपीआइ आदि प्रोप्रायरिटी ऐप्स का संग्रह है। बढ़ते रैम के साथ स्मार्ट होता फोन आज के 10 वर्ष पहले तक एंड्रायड डिवाइसेज में 512 एमबी या एक जीबी की मेमोरी होती थी। लेकिन समय के साथ डिवाइसेज में औसत रैम बढ़ता गया। साल 2014 की बात करें तो कई सारे प्रीमियम डिवाइसेज में अमूमन तीन जीबी की रैम होती थी, लेकिन इसके बाद चार जीबी रैम वाले फोन को एक मानक के तौर पर देखा जाने लगा। आज के समय में चार जीबी रैम तो न्यूनतम जरूरत है। अब बजट फोन में भी आठ जीबी रैम वाले फोन आ रहे हैं, तो वहीं प्रीमियम और प्लैगशिप फोन में 12 जीबी और उससे अधिक रैम के फोन उपलब्ध हैं। स्टोरेज को करें मैनेज नियमित क्लीनअप : फोन की परफॉर्मेंस सही रखने के लिए प्रयोग में नहीं आने वाले ऐप्स, फोटो, वीडियो को डिलीट करते रहना चाहिए। एक्सटर्नल स्टोरेज : माइक्रो एसडी सपोर्ट या बाहरी ड्राइव के जरिए स्टोरेज बढ़ाने की सुविधा वाले फोन देख सकते हैं। क्लाउड स्टोरेज : लोकल स्टोरेज को फ्री करने के लिए गूगल ड्राइव या आइक्लाउड जैसी सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। क्यों जरूरी है रैम और स्टोरेज को मैनेज करना आपके डिवाइस में कितना रैम है, इससे अधिक यह समझने की जरूरत है कि डिवाइस में यह एक सीमित संसाधन है, जिसे हमें मैनेज करना होता है। जब आप किसी ऐप को ओपन करते हैं तो वह मेमोरी का एक हिस्सा कवर कर लेता है। जहां सामान्य ऐप्स और गेम कुछ सौ मेगाबाइट्स का प्रयोग करते हैं, तो वहीं बड़े गेम फोन के रैम का एक गीगाबाइट तक का हिस्सा कवर कर सकते हैं। आप चार जीबी रैम वाले डिवाइस में ओएस के साथ सामान्य ऐप्स या गेम चला सकते हैं, पर कुछ समय बाद स्पेस बिल्कुल कवर हो जाएगा। फिर आपको बार-बार पुराने एप्स को हटाना पड़ेगा, वहीं अधिक रैम वाले डवाइस लंबे समय तक बेहतर ढंग से काम करते रहेंगे।   recent visitors 36

गंगा सप्तमी का पर्व कल, चालीसा का पाठ कर दूर करें कष्ट

शास्त्रों के अनुसार, वैशाख माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन पवित्र गंगा धरती पर अवतरित हुई थी. इसलिए हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी तिथि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान-ध्यान किया जाता है. इसके बाद मां गंगा की पूजा और जप-तप की जाती है. मान्यता है कि इस दिन मां गंगा की पूजा करने के साथ इस खास चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को जीवन के तमाम कष्टों से मुक्ति मिल सकती है. गंगा सप्तमी तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार गंगा सप्तमी का पर्व यानी वैशाख महा शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 3 मई को सुबह 7 बजकर 51 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन 4 मई को सुबह 7 बजकर 18 मिनट पर होगी. गंगा चालीसा दोहा जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग। जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥ चौपाई जय जय जननी हरण अघ खानी। आनंद करनि गंग महारानी॥ जय भगीरथी सुरसरि माता। कलिमल मूल दलनि विख्याता॥ जय जय जहानु सुता अघ हनानी। भीष्म की माता जगा जननी॥ धवल कमल दल मम तनु साजे। लखि शत शरद चंद्र छवि लाजे॥ वाहन मकर विमल शुचि सोहै। अमिय कलश कर लखि मन मोहै॥ जड़ित रत्न कंचन आभूषण। हिय मणि हर, हरणितम दूषण॥ जग पावनि त्रय ताप नसावनि। तरल तरंग तंग मन भावनि॥ जो गणपति अति पूज्य प्रधाना। तिहूं ते प्रथम गंगा स्नाना॥ ब्रह्म कमंडल वासिनी देवी। श्री प्रभु पद पंकज सुख सेवि॥ साठि सहस्त्र सागर सुत तारयो। गंगा सागर तीरथ धरयो॥ अगम तरंग उठ्यो मन भावन। लखि तीरथ हरिद्वार सुहावन॥ तीरथ राज प्रयाग अक्षैवट। धरयौ मातु पुनि काशी करवट॥ धनि धनि सुरसरि स्वर्ग की सीढी। तारणि अमित पितु पद पिढी॥ भागीरथ तप कियो अपारा। दियो ब्रह्म तव सुरसरि धारा॥ जब जग जननी चल्यो हहराई। शम्भु जाटा महं रह्यो समाई॥ वर्ष पर्यंत गंग महारानी। रहीं शम्भू के जटा भुलानी॥ पुनि भागीरथी शंभुहिं ध्यायो। तब इक बूंद जटा से पायो॥ ताते मातु भइ त्रय धारा। मृत्यु लोक, नाभ, अरु पातारा॥ गईं पाताल प्रभावति नामा। मन्दाकिनी गई गगन ललामा॥ मृत्यु लोक जाह्नवी सुहावनि। कलिमल हरणि अगम जग पावनि॥ धनि मइया तब महिमा भारी। धर्मं धुरी कलि कलुष कुठारी॥ मातु प्रभवति धनि मंदाकिनी। धनि सुरसरित सकल भयनासिनी॥ पान करत निर्मल गंगा जल। पावत मन इच्छित अनंत फल॥ पूर्व जन्म पुण्य जब जागत। तबहीं ध्यान गंगा महं लागत॥ जई पगु सुरसरी हेतु उठावही। तई जगि अश्वमेघ फल पावहि॥ महा पतित जिन काहू न तारे। तिन तारे इक नाम तिहारे॥ शत योजनहू से जो ध्यावहिं। निशचाई विष्णु लोक पद पावहिं॥ नाम भजत अगणित अघ नाशै। विमल ज्ञान बल बुद्धि प्रकाशै॥ जिमी धन मूल धर्मं अरु दाना। धर्मं मूल गंगाजल पाना॥ तब गुण गुणन करत दुख भाजत। गृह गृह सम्पति सुमति विराजत॥ गंगाहि नेम सहित नित ध्यावत। दुर्जनहुँ सज्जन पद पावत॥ बुद्दिहिन विद्या बल पावै। रोगी रोग मुक्त ह्वै जावै॥ गंगा गंगा जो नर कहहीं। भूखे नंगे कबहु न रहहि॥ निकसत ही मुख गंगा माई। श्रवण दाबी यम चलहिं पराई॥ महाँ अधिन अधमन कहँ तारें। भए नर्क के बंद किवारें॥ जो नर जपै गंग शत नामा। सकल सिद्धि पूरण ह्वै कामा॥ सब सुख भोग परम पद पावहिं। आवागमन रहित ह्वै जावहीं॥ धनि मइया सुरसरि सुख दैनी। धनि धनि तीरथ राज त्रिवेणी॥ कंकरा ग्राम ऋषि दुर्वासा। सुन्दरदास गंगा कर दासा॥ जो यह पढ़े गंगा चालीसा। मिली भक्ति अविरल वागीसा॥ ॥ दोहा ॥ नित नव सुख सम्पति लहैं। धरें गंगा का ध्यान। अंत समय सुरपुर बसै। सादर बैठी विमान॥ संवत भुज नभ दिशि । राम जन्म दिन चैत्र। पूरण चालीसा कियो। हरी भक्तन हित नैत्र॥ recent visitors 47

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज का दिन मुश्किलों से भरा रहा, 100 फ्लाइट्स लेट, 40 डायवर्ट

नई दिल्ली गर्मी से राहत की बारिश इस बार आफत बनकर आई। शुक्रवार सुबह दिल्ली-NCR में अचानक मौसम ने ऐसा करवट ली कि राजधानी की रफ्तार ही थम गई। तेज़ धूल भरी आंधी और भारी बारिश ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया बल्कि हवाई सेवाएं भी बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गईं। 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने शहर में हलचल मचा दी। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बार फिर येलो अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है। उड़ानों पर असर: 100 फ्लाइट्स लेट, 40 डायवर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज का दिन मुश्किलों से भरा रहा। मौसम की मार से करीब 100 फ्लाइट्स में देरी हुई है, जबकि 40 से ज्यादा उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। इंडिगो की इस्तांबुल से दिल्ली आ रही फ्लाइट 6E-12 को खराब मौसम के चलते अहमदाबाद भेजना पड़ा। एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि वे फ्लाइट की स्थिति की पुष्टि किए बिना एयरपोर्ट की ओर न बढ़ें। दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन की स्थिति एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, मौसम खराब होने के कारण रनवे संचालन में बाधा आई है, लेकिन ज़मीन पर मौजूद टीमें स्थिति को संभालने में जुटी हैं। सभी एयरलाइंस यात्रियों को वास्तविक समय की जानकारी दे रही हैं ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो। राजधानी की सड़कें बनीं तालाब भारी बारिश से दिल्ली की कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। खानपुर, द्वारका, डीएनडी, मोती बाग, मिंटो ब्रिज, और लोधी रोड जैसे क्षेत्रों में जलभराव के चलते ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है। अंडरपासों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन रुक गए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले मार्गों से बचें और सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं। तेज हवाओं का रिकॉर्ड सुबह 5:30 से 5:50 के बीच दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाएं दर्ज की गईं। प्रगति मैदान में सबसे अधिक 78 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इसके अलावा लोधी रोड, पिटमपुरा, नजफगढ़, IGNOU और पालम में भी 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ झोंके रिकॉर्ड किए गए। क्या कहता है मौसम विभाग? IMD के अनुसार 1 मई से 7 मई के बीच दिल्ली-NCR में एक-दो दिन के अंतराल पर आंधी और बारिश की संभावना बनी रहेगी। 5 और 6 मई को शाम के वक्त फिर से गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। recent visitors 44

जनजातीय छात्रावासों विद्यालय रहित चिन्हित ग्रामों में केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक 51 छात्रावासों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान जनजातीय छात्रों के लिए 51 छात्रावासों की स्वीकृति : मंत्री डॉ. विजय शाह भोपाल जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) में जनजाति वर्ग के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए 51 छात्रावासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों को मात्र शिक्षण संस्थान ही नहीं उनके लिए छात्रावास की उपलब्धता भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस अभियान में ऐसे 1296 गाँव चिन्हित किए गए हैं जहां 5 कि. मी. में कोई भी माध्यमिक विद्यालय संचालित नहीं है। ऐसे गाँवों में छात्रावासों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। 117.30 करोड़ के प्रस्ताव जनजातीय छात्रावासों के लिए विद्यालय रहित चिन्हित ग्रामों में केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक 51 छात्रावासों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें 22 छात्रावासों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है। शेष 29 छात्रावासों के लिए डीपीआर तैयार है। छात्रावास गति शक्ति पोर्टल के अनुसार इसके अलावा 38 ओैर छात्रावासों की स्वीकृति का प्रस्ताव भारत सरकार के पास स्वीकृति के लिये भेजा है। इस पर प्रति यूनिट 2.3 करोड़ की दर से 117.30 करोड़ की लागत से कार्य योजना तैयार की गई है। 24 जिले, 1296 गाँव मंत्री डॉ. विजय शाह ने बताया कि इस अभियान में जनजाति छात्रावासों के लिए प्रदेश के 24 जिलों के 1296 गाँव चिन्हित किए गए हैं। छात्रावासों के निर्माण के लिए तीन चरणों में स्वीकृति प्रस्ताव चलन में हैं। समग्र शिक्षा में छात्रावासों के लिए ऐसे गाँवों को चिन्हित किया गया है जहाँ 5 किमी के दायरे में माध्यमिक विद्यालय नहीं हैं। इस श्रेणी में शिवपुरी जिले में 192 गाँव चि‍न्हित किए गए हैं। शिवपुरी के लिए 9 छात्रावासों के निर्माण की प्रक्रिया चलन में है। इनमें 5 छात्रावासों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है शेष 4 छात्रावासों के निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन है। इस क्रम में 129 गाँवों के साथ विदिशा दूसरे नंबर पर है, जहां 6 छात्रावासों के निर्माण के लिए तृतीय चरण में प्रस्ताव भेजे गए हैं। तीसरे स्थान पर 125 स्थानों के साथ शहडोल है जहां 6 छात्रावासों कि स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसके साथ ही नरसिंपुर में न्यूनतम 5 गांव चिन्हित किए गए हैं। न्यूनतम क्रम में इसके बाद 7 स्थानों के साथ मुरैना जिला है जहाँ चिन्हित छात्रावासों की संख्या 4 है जिनके प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं।   recent visitors 30

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए गए सुधारों का असर, छत्तीसगढ़ बना जीएसटी संग्रह में अग्रणी राज्य

रायपुर अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण  में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि  हासिल  की है। छत्तीसगढ़ ने  4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है । सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण, गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है। इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।” यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। recent visitors 29

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता

साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें : राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र की बस्तियों में भ्रमण कर रहवासियों की समस्याएं सुनीं  राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र की विभिन्न कालोनियों का भ्रमण के दौरान रहवासियों से कहा कि क्षेत्र में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दे । उन्होंने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों को समय पर सफाई करने के लिए कहे । उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने आज गोविंदपुरा क्षेत्र के खेजड़ा में नाली निर्माण , स्ट्रीट लाइट, पेयजल से जुड़ी नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भानपुर मल्टी के रहवासियों से भेंट कर जल आपूर्ति की समय सीमा बढ़ाने के लिए निर्देश दिए। इसी क्रम में 40 लाख की लागत से बनने वाले मुख्य मार्ग से भानपुर मल्टी तक सड़क कार्य का भूमिपूजन किया । भानपुर मल्टी के रहवासियों के घरों के चारों तरफ गंदगी देख अप्रसन्नता प्रकट की । महोली में भ्रमण के दौरान स्थानीय रहवासियों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनी और स्थानीय अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। स्थानीय रहवासियों ने सांस्कृतिक उत्सव के लिए बने शेड के आस पास बाउंड्रीवाल, सीवेज, पेयजल आपूर्ति समस्या से अवगत कराया है । उन्होंने समस्याओं का जल्द और स्थाई समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए । साथ ही हाईमास्ट लाइट लगाने को भी निर्देशित किया है। महोली के शासकीय स्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यहां पर पेवर ब्लॉक लगवाए जाएंगे और कम्युनिटी हॉल बनाया जाएगा। उन्होंने दामखेड़ा में रोड नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्या का निराकरण किया। इकोग्रीन पार्क में रहने वाले 150 परिवारों ने बिल्डर के द्वारा की जा रही गलत कार्रवाई से राज्यमंत्री को अवगत कराया। दरअसल, बिल्डर कॉलोनी वालों को बिजली विभाग के मीटर लगाने के कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है और बिल्डर द्वारा कॉलोनी वालों से मनचाही दर से बिल की वसूली की जा रही है। कोलुआ कलां के रहवासियों ने रोड चोड़ीकरण की मांग की है। सड़क चौड़ीकरण करने के लिए पहले अतिक्रमण हटाए जाएंगे, उसके बाद रोड का कार्य किया जाएगा। यहां पर शासकीय माध्यमिक शाला की जर्जर हो रही बिल्डिंग की मरम्मत कराई जाएगी। कैलाश नगर सेमरा में स्ट्रीट लाइट, नाली, सड़क निर्माण व सफाई नहीं होने की शिकायत रहवासियों ने की। इस दौरान पार्षद श्रीमती शकुन लोधी, राजू लोधी, विकास पटेल, राजू राठौड़, मंडल अध्यक्ष नीलेश गोर सहित बड़ी संख्या में रहवासी, कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।   recent visitors 37