Saturday, July 4, 2026 11:35 pm

भोपाल दुष्कर्म कांड के मुख्य आरोपी फरहान का का शॉर्ट एनकाउंटर, भागने की थी कोशिश, पुलिस ने पैर में मारी गोली

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों से रेप, ब्लैकमेलिंग और 'लव जिहाद' के गंभीर मामले में मुख्य आरोपी फरहान का शॉर्ट एनकाउंटर हो गया है. दरअसल, आरोपी फरहान ने पुलिस कस्टडी से फरार होने की कोशिश की, इस दौरान उसके पैर में गोली लग गई. गोली लगने के बाद फरहान को हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि लव जिहाद मामले में कुल 5 FIR हुई हैं, जिसमें लगभग सभी FIR में फरहान ही आरोपी है. भोपाल ज़ोन-1 की डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फरहान को सबूत जुटाने के लिए अशोका गार्डन पुलिस स्टेशन की एक टीम बिलकिसगंज गांव लेकर जा रही थी. रास्ते में फरहान ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई और मौके का फायदा उठाकर सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनने की कोशिश की. इसी दौरान छीना-झपटी में पुलिस की पिस्तौल से गोली चल गई, जो फरहान के पैर में लगी. घायल फरहान को तुरंत हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है. अशोका गार्डन के थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे की ये घटना है. उन्होंने कहा कि जब फरहान रातीबड़ इलाके में टॉयलेट के लिए पुलिस की गाड़ी से उतरा तो एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल भी उसके साथ नीचे उतरे. इसी दौरान फरहान ने एसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की और भागने का प्रयास किया. झूमाझटकी में गोली फरहान के दाएं पैर में लग गई. इस घटना को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने X पर लिखा कि 'एक जिहादी का शॉर्ट एनकाउंटर…' शातिर आरोपी ऐसे फंसाते थे हिंदू लड़कियों को पुलिस पूछताछ में आरोपी फरहान ने कहा था कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि उसने 'सवाब' का काम किया है. रिमांड अवधि के दौरान फरहान से पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने कॉलेज में हमउम्र मुस्लिम लड़कों का एक गिरोह बनाया था, जो केवल हिंदू लड़कियों से ही दोस्ती और प्रेम संबंध बनाते थे. गिरोह में यह सख्त नियम था कि कोई भी मुस्लिम लड़की के साथ प्रेम संबंध नहीं बनाएगा. एक बार हिंदू लड़की से प्रेम संबंध स्थापित हो जाने के बाद, उसे हुक्का लाउंज, पब या गिरोह के सदस्यों के किराए के कमरों में ले जाया जाता था. वहां नशे की हालत में उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था और इसका वीडियो बनाकर बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए अन्य युवतियों से दोस्ती करने का दबाव बनाया जाता था. छठे आरोपित तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस टीआईटी कालेज से जुड़े गिरोह के साहिल सहित उसके पांच साथी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एक आरोपित अबरार फरार है। पुलिस का कहना है कि अबरार की भी लोकेशन मिल चुकी है, जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। इस मामले में तीन थानों में पांच एफआईआर दर्ज हैं। टूटेगा आरोपितों का अड्डा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में आरोपित युवक टीआईटी कालेज की छात्राओं को कालेज के पास स्थित एक क्लब-रेस्टोरेंट पर लेकर जाते थे। क्लब में कई कमरे मिले हैं। बताया जा रहा है इन्हीं कमरों में पीड़िताओं से दुष्कर्म कर वीडियो बनाए गए हैं। यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने आरोपित फरहान को मौके पर ले जाकर क्राइम सीन का रिक्रिएशन करवाया था। पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने कहा कि क्लब की जांच की जा रही है। यदि क्लब संचालक का कोई दोष पाया गया तो उस पर भी कार्रवाई होगी और पुलिस की संस्तुति पर प्रशासन द्वारा क्लब को तोड़ा जाएगा। डांस स्टूडियो की आड़ में देह व्यापार चला रहा था साहिल     हिंदू युवतियों से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में सक्रिय गिरोह बड़े शातिर ढंग से वारदात को अंजाम दे रहा था। छात्राओं को इस दलदल में फंसाने के लिए हर आरोपित की भूमिका तय थी।     अब सामने आया है कि अशोका गार्डन क्षेत्र में डांस स्टूडियो चलाने वाला साहिल खान दरअसल इसकी आड़ में देह व्यापार करा रहा था।     पुलिस को दिए बयान में साहिल और फरहान के झांसे में आई कई पीड़िताओं ने यह जानकारी दी है।     पुलिस सूत्रों के मुताबिक साहिल पिछले करीब दो साल से डांस क्लास संचालित कर रहा था।     वहां आने वाली युवतियों को वह रुपयों का लालच देकर या फिर ब्लैकमेल कर देह व्यापार के धकेलता था।     वह शहर के आसपास फार्म हाउस में होने वाली पार्टियों में भी इन युवतियों को भेजता था।     आरोपित डांस स्टूडियो में आने वाली हिंदू युवतियों की दोस्ती भी अपने दूसरे दोस्तों से करवाता था।     उनकी पूरी कोशिश होती थी कि वहां पहुंची हिंदू लड़की किसी न किसी के झांसे में आ जाए।     एक बार ऐसा हुआ तो आरोपित वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे।     पीड़िताओं के इस सनसनीखेज दावे के बाद पुलिस एक बार फिर आरोपित साहिल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि देह व्यापार के पूरे प्रकरण का भांडाफोड़ किया जा सके।       recent visitors 36

भोपाल समेत 40 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, अगले 5 दिन का जानें हाल, IMD ने दी ये चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखा गया. प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत 40 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी है. वहीं अगले 5 दिन तक प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर देखा जा सकता है. शहडोल, मैहर, सिवनी, डिंडोरी, मंडला, उमरिया और कटनी में गिट्टी के आकार के ओले गिरे, तो वहीं उज्जैन, आगर और राजगढ़ जिले में धूल भरी आंधी चली. भिंड में 55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली है. भोपाल समेत जिलों में ऐसा रहा मौसम साथ ही नीमच, मंदसौर, आगर, शाजापुर, देवास, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मैहर, रीवा, पन्ना, उज्जैन, विदिशा, भिंड, मुरैना और ग्वालियर जैसे जिलों में बारिश हुई. अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में ऐसा ही मौसम रहने के साथ ही अधिकांश जिलों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में मौसम के तेवर शुक्रवार दिन में भी गरम रहे. भोपाल में दिन का पारा 41.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि बीते दिनों की अपेक्षा 0.9 डिग्री कम रहा. सुबह से तेज धूप के साथ ही पारा लगातार चढ़ता नजर आया. वहीं, रात के तापमान में 0.7 डिग्री की गिरावट के साथ पारा 23.6 डिग्री दर्ज किया गया. धूल भरी आंधी चली मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश के 15 जिलों में धूल भरी आंधी चली. वहीं, जबलपुर में 65 किमी/घंटा की रफ्तार से दवाओं का दौर देखा गया. शहडोल, उमरिया, जबलपुर और डिंडोरी जैसे जिलों में ओलावृष्टि का दौर भी देखा गया. प्रदेश में इन दोनों 2 से 3 सिस्टम सक्रिय बने हुए हैं, जिसमें वेस्टर्न डिस्टरबेंस जो कि इन दिनों पंजाब और राजस्थान संभाग के जिलों में सक्रिय है. इसका असर प्रदेश के कई जिलों में देखा जा रहा है. कई जिलों में हुई बारिश वहीं, दूसरी और शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का दौर देखा गया. इसमें सबसे अधिक बारिश मंडला जिले के गोगरी में 45 मिमी हुई. इसके अलावा कटनी के बिलहारी में 44 मिमी, डिंडोरी के मेहरबानी में 25.4 मिमी, शहडोल के बुढार में 25 मिमी और डिंडोरी के अमरपुर में 23 मिमी बारिश हुई. कई जिला में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की ओर से शनिवार के लिए प्रदेश के करीब 40 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसमें अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुरना, विदिशा, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां जिलों में वज्रपात, तेज हवा, ओलावृष्टि और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, सागर, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी है रतलाम में पारा 43 डिग्री पहुंचा पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इसके अलावा नरसिंहपुर में 43.6 डिग्री, खंडवा में 43.1 डिग्री, खरगोन में 43 डिग्री और धार में 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो अमरकंटक (अनूपपुर) में पारा सबसे कम में 17.1डिग्री दर्ज किया गया. वहीं मंडला में 18.2 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 18.6 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट) में 19.4 डिग्री और उमरिया में 19.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. भोपाल में पारा 41 पार प्रदेश के पांच बड़े शहरों के अधिकतम तापमान की बात करें तो रविवार को भोपाल का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया. यहां पारा 41.6 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा उज्जैन का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री, इंदौर का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम?     3 मई 2025: 40 जिलों में बारिश और आंधी का असर रहेगा, कुछ जिलों में ओले भी पड़ सकते हैं।     4 मई 2025: सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की आशंका। अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश संभावित है।     5 मई 2025: राजधानी भोपाल समेत लगभग पूरे प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।     6 मई 2025: इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ सहित कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। कहां-कहां रहा गर्मी का असर? प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। रतलाम में तापमान 44.2 डिग्री, खंडवा और खरगोन में 43 डिग्री के पार पहुंच गया। इंदौर में 41.4 डिग्री और भोपाल में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक का बयान मौसम विभाग की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, “राज्य में सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह परिवर्तन हो रहा है। यह स्थिति 6 मई तक बनी रह सकती है।” recent visitors 24

पिपरिया के 15 किसानों ने खेतों में नरवाई जलाई, प्रशासन ने सख्त,लगाया जुर्माना, दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

उमरिया जिले के मानपुर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिपरिया के 15 किसानों द्वारा खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जुर्माना लगाने के साथ ही अब दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रकरण में जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को पहले ही आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया था, जिसके बाद अब प्रशासन एफआईआर की कार्रवाई की ओर बढ़ गया है। शुक्रवार को तहसीलदार बरबसपुर सर्किल ने कोतवाली थाना उमरिया को पत्र सौंपते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 2023 की 223 के अंतर्गत दोषी किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई करने का आवेदन प्रस्तुत किया। जारी पत्र में सभी 15 किसानों के नाम स्पष्ट रूप से उल्लिखित हैं, जिनके विरुद्ध यह कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। बताया जा रहा है कि यह कदम किसानों को भविष्य में इस प्रकार के पर्यावरण विरोधी कृत्य से रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि खेतों में नरवाई जलाने से वातावरण में अत्यधिक प्रदूषण फैलता है, जिससे न केवल हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। इसके साथ ही भूमि की उर्वरता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। शासन द्वारा लगातार नरवाई न जलाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, बावजूद इसके कई क्षेत्रों में किसान इस निर्देश की अनदेखी कर रहे हैं। इस बीच, बांधवगढ़ तहसील के ग्राम महरोई में भी नरवाई जलाने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तीन किसानों पर कुल साढ़े सात हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन द्वारा शुक्रवार की शाम जारी आदेश के अनुसार इन किसानों में केशरी पिता जग्गू लोहार, टीकाराम पिता कामता विश्वकर्मा और पुरुषोत्तम पिता उदयभान राठौर शामिल हैं। सभी पर ₹2500-₹2500 का आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी हड़कंप की स्थिति है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि यह कार्रवाई आगे चलकर एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी, जिससे अन्य किसान पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे। जिला प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है कि किसान नरवाई जलाने से बचें और वैकल्पिक उपायों को अपनाएं, जिससे खेत की उपजाऊ क्षमता बनी रहे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।   recent visitors 23

इंदौर : बायपास पर प्लास्टिक दाने से भरा ट्राला पलटा, ट्राले ने पहले एक बाइक सवार को चपेट में लिया

इंदौर  बायपास पर शुक्रवार शाम प्लास्टिक दाने से भरा ट्राला पलट गया।अनियंत्रित ट्राले ने पहले एक बाइक सवार को चपेट में लिया। इसके बाद डिवाइडर लांघते हुए दूसरी लेन में चल रही कार पर पलट गया।कार में महू से कान्ट्रेक्टर विजय अग्रवाल का परिवार था। हादसे में विजय की 55 वर्षीय पत्नी शीतल की मौत हो गई।     कनाड़िया टीआई सहर्ष यादव के मुताबिक घटना शाम करीब सवा सात बजे की है। ट्राला(एनएल 01एएफ 5274)तेजाजी नगर से देवास की ओर जा रहा था।    यूनो पार्क के सामने ट्राला ने एक बाइक सवार को टक्कर मारी और घसीटते हुए 20 फीट ले गया।    रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि ट्राला 15 फीट चौड़ा डिवाइडर लांघ गया और दूसरी लेन में चल रही कार(एमपी 09एसजे 0999) पर पलट गया।     कार माणक चौक महू निवासी 23 वर्षीय संस्कार अग्रवाल चला रहा था। उसकी मां शीतल अग्रवाल और बहन कार में बैठी थी। कार चकनाचूर हो गई और तीनों उसमें ही दबे रह गए। पुलिस ने क्रेन और ट्रक चालकों की मदद से कार के सब्बल से दरवाजे व कांच तोड़ कर तीनों को बाहर निकाला।रात में शीतल की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। संस्कार बीकाॅम का छात्र है।     उसके पिता विजय अग्रवाल मिलेट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस कान्ट्रैक्टर हैं। संस्कार और उसकी मां व बहन माल से खरीदी कर घर जा रहे थे।बाइक सवार को बीस फीट तक घसीटा, तिरपाल में लपेटना पड़ा शव कनाड़िया बायपास हुए हादसे को देखकर लोग दंग रह गए।     टक्कर मारने के बाद भी ट्राला नहीं रुका। बाइक चालक बाइक सहित पहियों के बीच में फंस गया।  ट्राला उसको 20 फीट दूर तक घसीटते हुए ले गया। आखिर में डिवाइडर कूद गया और कार पर पलटी खा गया। गनीमत रही कार ट्राला और उसके कैबिन के बीच के हिस्से में दबी।     एसीपी कुंदन मंडलोई के मुताबिक मिलेट्री इंजीनियर सर्विस कान्ट्रैक्टर विजय अग्रवाल और उनका परिवार बाहर जाने की तैयारी कर रहा था। उनका बेटा संस्कार अपनी मां शीतल और बहन के साथ माल में खरीदी करने आया था।  घटना से कुछ देर पूर्व ही उन्होंने विजय को काॅल कर बताया था कि वो रवाना हो गए हैं।यूनो माल के सामने पहुंचे ही थे कि ट्राला के नीचे दब गए।  राहगीर अर्पित के मुताबिक ट्राॅले ने बाइक को टक्कर मारी तब एक कार चपेट में आने से बच गई।     उसमें भी परिवार बैठा था। ट्राला लहराते हुए चल रहा था। बाइक उसके बीच में फंस गई थी। चालक नियंत्रित नहीं कर सका और उसने दाईं तरफ मौड़ा। तेज रफ्तार होने के कारण ट्राला डिवाइडर पर चढ़ा और दूसरी लेन में आ गया। सामने से संस्कार की कार आई और कैबिन और ट्राला के हिस्से में दब गई। ट्रक चालकों से सब्बल मांगे,रस्से से खींचकर निकाला। ट्राला चालक मौके से भाग चुका था।     कार में तीन लोग दबे हुए थे।लोगों को रोका और मदद मांगी। ट्रक चालकों से सब्बल लेकर कार के दरवाजे तोड़े। रस्से से दरवाजों को खींचा। संस्कार,शीतल और आस्था बुरी तरह फंसी हुई थी। उन्हें निकालने में काफी मशक्कत करना पड़ी।     सड़क पर डीजल फैल चुका था। आग लगने का डर सता रहा था। ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम को सूचना दी।     कुछ देर बाद क्रेन भी पहुंच गई। करीब 45 मिनट बाद तीनों को बाहर निकाल लिया। महिलाओं के वस्त्र फट चुके थे। आस्था मां का पूछ रही थी। उसने मेरा हाथ कसकर पकड़ रखा था। मैंने बताया मां और भाई ठीक है। संस्कार के पैर और हाथ में फ्रेक्चर थे। हाथ लगाते ही चीख पड़ता था। कनाड़िया टीआइ सहर्ष यादव ने बताया बड़ी मुश्किल से उसे एम्बुलेंस ले पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक ट्राला में प्लास्टिक दाना भरा हुआ था। क्रेन लगाकर पूरा ट्राला खाली किया तो एक शव निकाला। शव को समेट कर तिरपाल में भरना पड़ा। उसकी पहचान नहीं हुई है। लोगों ने बताया ट्राला में क्लीनर भी था। उसका अभी तक पता नहीं चला है। हादसे के बाद बायपास पर दो किमी तक जाम लग गया।  सैंकड़ों ट्रक,कार और दो पहिया वाहन फंस गए। ट्राला हटाने के लिए चार क्रेन और भारी वाहन लगाने पड़े।   recent visitors 18

सतना में शॉर्ट एनकाउंटर, बदमाश आदर्श के पैर में लगी गोली, हेड कांस्टेबल पर थाने में किया था हमला

सतना  सतना जिले के जैतवारा थाना परिसर के अंदर बैरक में प्रधान आरक्षक को गोली मारने वाले आरोपित आदर्श उर्फ अच्छू शर्मा को शुक्रवार-शनिवार की रात टिकुरी-आ कौन मार्ग पर ईट-भट्टा के पास घेराबंदी करते हुए पकड़ लिया है। घेराबंदी के दौरान आरोपित अच्छू ने पुलिस पर गोली चलाई, जो कोटर थाना प्रभारी दिलीप मिश्रा को लगी। हालांकि बुलेट प्रूफ जैकेट ने उन्हें बचा लिया। जबकि जवाबी करवाई में आरोपित आदर्श उर्फ अच्छू के पाव में गोली लगी है। घायल अच्छू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता भी रात में ही जिला अस्पताल पहुंचे। आनन फानन में पहुंचाया जिला चिकित्सालय आरोपी अच्छू के पैर में गोली लगते ही उसे पकड़ कर पुलिस सीधे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंची। जहां उसका इलाज प्रारंभ कर दिया गया है। अब उसकी हालत स्थिर बताई गई है। दूसरी ओर थाना प्रभारी कोटर दिलीप मिश्रा का भी चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इस दौरान सीएसपी महेन्द्र सिंह, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रावेन्द्र द्विवेदी व अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे। दो ओर से घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी के ईंट भट्ठे के पास छुपा हुआ है। जिस पर दो टीम बनाकर उसकी दो ओर से घेराबंदी की गई। एक तरफ से थाना प्रभारी कोटर दिलीप मिश्रा अपनी टीम के साथ थे तो दूसरी ओर से रामपुर थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने अपने दल के साथ घेराबंदी की। रात ढाई बजे शॉर्ट एनकाउंटर जानकारी के अनुसार अच्छू की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग लोकेशन पर दस पुलिस पार्टियां सर्चिंग में लगाई गई थीं। लगभग ढाई बजे टिकुरी अकौना मार्ग के पास सर्चिंग कर रही पुलिस पार्टी को आरोपी के यहीं कहीं छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस बल सतर्क होकर अच्छू की सर्चिंग में जुट गया। आरोपी सिरफिरा होने से पूरी सुरक्षा के साथ दल आगे बढ़ रहा था तभी ईंट भट्ठे के पास कुछ हरकत समझ में आई। चारों ओर से इस स्थल को घेरा गया। तभी अचानक अच्छू सामने आया और पुलिस पार्टी पर गोली चला दी। गोली एसएचओ कोटर दिलीप मिश्रा की ओर दागी गई, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट होने की वजह से वे बाल-बाल बच गए। खुद पर हमला होता देख एसएचओ ने भी फायर खोल दिया। गोली अच्छू के पांव पर लगी और वह वहीं गिर गया। उसके गिरते ही वहां मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों ने भाग कर उसे काबू में किया। दहशत के साथ अपराध में नाम कमाने की मंशा अच्छू गौतम पर दहशत फैलाने की सनक थी। इसी सनक में अपराध भी करता रहा है। कुछ महीने पहले इसने बदखर स्थित खत्री पेट्रोल पंप में पहुंच कर दहशत का तांडव खड़ा कर दिया था। यहां हाथ में सिगरेट सुलगा कर पंप के नोजल से सैकड़ों लीटर पेट्रोल फर्श पर बहा दिया। पेट्रोल फैलाने के दौरान लगातार वह सिगरेट पी रहा था। नशे का आदी हो चुका अच्छू को अपने घर परिवार की भी फिक्र नहीं थी। नशे की हालत में उसने अपनी दादी के घर में आग लगा दी। पूरा सामान जला गया और डर कर दादी घर छोड़ कर अन्यत्र चली गई। पुलिस कर्मी पर भी हमला उसने इसी सनक में तब किया था जब उससे जब्त की गई बाईक के चोरी के होने के संदेह पर थाने बुलाया गया था। तभी वह थाने पहुंचा था और प्रधान आरक्षक पर गोली चला दी थी। जानें क्या है पूरा मामला 28 अप्रैल को आरोपी अच्छू ने जैतवारा थाना परिसर में हेड कांस्टेबल प्रिंस गर्ग को गोली मारी थी. गोली उनके कंधे में ली. इसके बाद बदमाश मौके से फरार हो गया था. फायरिंग की आवाज सुनते ही थाने का स्टाफ बाहर निकला. फिर घायल घायल कांस्टेबल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. इसके बाद आईटी ने आरोपी अच्छू की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये के इनाम का ऐलान भी किया था. बताया जाता है कि बाइक चोरी के एक मामले में आरोपी अच्छू को थाने बुलाया गया था. इसी बात से वो काफी नाराज था. कौन है आदर्श उर्फ अच्छूं गौतम हेड कांस्टेबल पर फायरिंग की घटना के बाद आरोपी अच्छू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. इस वीडियो में आरोपी पेट्रोल पंप पर जलती सिगरेट के साथ नोजल से पेट्रोल बहाता नजर आ रहा है. दशत इतनी थी कि पेट्रोल पंप के कर्मचारी डर के मारे दूर ही खड़े थे. बताया जाता है कि अच्छू को दहशत फैलानी की सनक थी. उसने नशे की हालत में अपनी दादी के घर आग लगा दी थी. recent visitors 46

गोवा : लइराई देवी मंदिर में मची भगदड़, 7 की मौत, 40 से ज्यादा घायल, CM प्रमोद सावंत ने लिया हालात का जायजा

पणजी  गोवा के प्रसिद्ध लइराई देवी मंदिर में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब पारंपरिक ‘शिरगांव जात्रा’ के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। भगदड़ में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। नॉर्थ गोवा के पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि भगदड़ के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि हर साल की तरह इस बार भी भारी संख्या में श्रद्धालु ‘शिरगांव जात्रा’ में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत खुद मौके पर पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। बता दें कि गोवा के श्रीगांव को लेकर कई कहनियां प्रचलित हैं। लइराई देवी का मंदिर होने की वजह से यहां पर शराब और अंडा तक प्रतिबंधित है। कोई किसी जानवर की हत्या नहीं कर सकता। इस गांव में घोड़े भी प्रवेश नहीं कर सकते। बड़ी संख्या में लोग लइराई देवी के दर्शन करने पहुंचते हैं। लइराई देवी की पूजा मुख्य रूप से गोवा में की जाती है। यहां हर साल आयोजित होने वाले जात्रा को को शिरगांव जात्रा के नाम से भी जाना जाता है। यह जात्रा चैत्र मास में कई दिनों तक चलती है। इसमें लोग दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं। भक्त एक पवित्र झील में स्नान करते हैं। इससे पहले लोग व्रत और पूजा करते हैं। मंदिर से देवी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है। शिरगांव और लइराई देवी की मान्यता – लइराई देवी का मंदिर गोवा के श्रीगांव में स्थित है, जो अपनी पवित्रता और धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां शराब, अंडा और किसी भी जानवर की हत्या पर सख्त प्रतिबंध है। यहां तक कि घोड़ों का प्रवेश भी निषिद्ध है। ‘शिरगांव जात्रा’ चैत्र मास में आयोजित होती है और यह कई दिनों तक चलती है। इस आयोजन में श्रद्धालु दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं और एक पवित्र झील में स्नान करते हैं। इस दौरान व्रत, पूजा और देवी की भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाती है। recent visitors 16

सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिले की सूची से बालाघाट हुआ बाहर, अब देश मे केवल 6 ज़िलें सर्वाधिक नक्सल प्रभावित

बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को लेकर भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ताजा समीक्षा में बालाघाट जिले को बड़ी राहत मिली है। एक समय देश के 12 सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल रहा बालाघाट अब इस सूची से बाहर हो चुका है। हालांकि, जिले को अभी ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न’ की श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि यहां अभी भी सतर्कता की जरूरत है, लेकिन हालात पहले से काफी सुधरे हैं। इस बदलाव की पुष्टि बालाघाट के पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह ने की है। एसपी ने दी जानकारी एसपी के मुताबिक, बीते वर्षों में सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई और निरंतर प्रयासों के चलते जिले में नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। नक्सलियों के कई मंसूबों को सुरक्षा बलों ने विफल किया है और अब जिले में नक्सलियों का दबदबा पहले जैसा नहीं रहा। गृह मंत्रालय की हालिया समीक्षा रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ है कि अब देश में 58 की बजाय केवल 38 जिले ही नक्सल प्रभावित हैं। इनमें भी अब केवल 6 जिले ही सर्वाधिक नक्सल प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी की श्रेणी में ये जिले मध्य प्रदेश के अन्य दो जिले मंडला और डिंडोरी, जहां पहले नक्सल प्रभाव दर्ज किया गया था, उन्हें अब ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी’ की श्रेणी में रखा गया है। यह श्रेणी उन क्षेत्रों के लिए बनाई गई है जहां पहले नक्सलियों की सक्रियता रही है लेकिन वर्तमान में हालात काफी हद तक सामान्य हो चुके हैं। इन दोनों जिलों को अब निरंतर निगरानी के साथ विकास की मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज किए जाएंगे। पांच साल में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का यह सकारात्मक परिणाम है। बालाघाट पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कैंप स्थापित किए। नक्सल उन्मूलन अभियान चलाए। साथ ही क्षेत्र में सरकारी योजनाओं से विकास कार्य भी हुए। पहले देश में 58 नक्सल प्रभावित जिले थे, जिनमें 12 सर्वाधिक प्रभावित जिलों में बालाघाट भी शामिल था। अब यह संख्या घटकर 38 रह गई है। इनमें केवल 6 जिले सर्वाधिक प्रभावित श्रेणी में हैं। 2020 से फरवरी 2025 के बीच बालाघाट पुलिस ने कई एनकाउंटर में करोड़ों रुपए के इनामी नक्सलियों को मार गिराया। इससे जिले के जंगलों को सुरक्षित आश्रय मानने वाले नक्सलियों में पुलिस का खौफ है। कोर जोन में अब केवल एक दलम सक्रिय है। एसपी नगेन्द्र सिंह के अनुसार, श्रेणी में बदलाव के बावजूद नक्सल उन्मूलन के लिए मिली सुरक्षा कंपनियों के बलों में कोई कमी नहीं होगी। पुलिस का लक्ष्य मार्च 2026 तक जिले से नक्सल गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि इस क्षेत्र के लोग मुख्य धारा से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि जिले में नक्सलियों की संख्या में भारी कमी आई है। पहले तीन दलम थे, अब एक दलम रह गया है, जिसमें 8 से 10 नक्सली हैं, जिसे लेकर हम निरंतर प्रभाव बनाए हुए हैं। मीडिया के माध्यम से नक्सलियों से अपील है कि वह प्रदेश की आत्मसमर्पण नीति के तहत, आत्मसमर्पण करें और मुख्य धारा से जुड़ें और यदि वे नहीं आएंगे तो कार्रवाई जारी रहेगी। नक्सल प्रभाव वाले जिलों में गिरावट गृह मंत्रालय की रिपोर्ट यह भी बताती है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मिलकर अपनाई गई रणनीति, जिसमें सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास कार्यों और स्थानीय संवाद शामिल हैं, वास्तव में प्रभावशाली रही है। देशभर में नक्सल प्रभाव वाले जिलों की संख्या 58 से घटकर 38 हो गई है, जो नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि भले ही बालाघाट अब सर्वाधिक प्रभावित जिलों की सूची से बाहर हो गया है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेंगी। उनका कहना है कि नक्सलवाद को जिले से पूरी तरह समाप्त करने का अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में बालाघाट को किसी भी नक्सली श्रेणी से बाहर करने का लक्ष्य है। recent visitors 34