Sunday, July 5, 2026 12:09 pm

इंदौर में साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामलों में आई कमी, क्राइम ब्रांच ने कहा- रखें जीरो ट्रस्ट पॉलिसी

इंदौर देशभर में साइबर फ्रॉड के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इंदौर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई और लोगों की जागरूकता से शहर लोगों के साथ हो रही ठगी पर काफी हद तक कमी आई है। वहीं 100 से अधिक ठगों को पकड़ा है।इंदौर क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि लोगों में अब जागरूकता आ रही है। कई लोग साइबर फ्रॉड के झांसे में नहीं आ रहे हैं। अगर किसी के साथ धोखाधड़ी हो गई तो जो लोग समय पर शिकायत कर रहे हैं उनके पैसे वापस दिला रहे हैं। दरअसल, क्राइम ब्रांच में पिछले साल 11 हजार शिकायते आईं। जिसमें करीब 75 करोड़ का फ्रॉड हुआ। जिसमें क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए 14 करोड़ 20 लाख रुपए वापस कराए हैं। वहीं 100 से ज्यादा फ्रॉड करने वालो को पकड़ा है। जिसमें ट्रेड एजेन्ट, सिम होल्डर, अकांउट होल्डर भी है। साइबर फ्रॉड पर इंदौर क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश डंडोतिया ने  बातचीत में बताया कि किस तरीके से नए साल के शुरुआत से अब इन मामलों में गिरावट हुई है. साथ ही कहा कि यह खुशी की बात है इस वर्ष में अभी तक को भी डिजिटल अरेस्ट का केस सामने नहीं आया है. उन्होंने लोगों से जीरो ट्रस्ट पॉलिसी रखने को कहा है. आगे उन्होंने बताया अब ऐसा कोई परिवार नहीं बचा है, जिसका कोई भी सदस्य साइबर फ्रॉड का शिकार ना हुआ हो. कर्नाटक में दंपती ने किया था सुसाइड ऐसे ही एक केस के बारे में उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले कर्नाटक में एक दंपती ने सुसाइड कर लिया था, क्योंकि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया था. इसके बाद उनसे एक करोड़ से भी अधिक की धनराशि ले ली गई. ऐसे ही हादसों से बचने के लिए पुलिस देश में अवेयरनेस प्रोग्राम (जागरूक कार्यक्रम) चला रही है. विदेशों से भी साइबर अपराधियों के लिंक दिन भर में कई शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिनमें इन्वेस्टमेंट फ्रॉड भी शामिल है. इसमें बैलेंस ऐप के जरिए पैसा क्रिप्टोकरेंसी और बिटकॉइन में बदलकर विदेश भेज दिया जाता है. एडिशनल डीसीपी दंडोतिया ने बताया इन मामलों का लिंक कंबोडिया, हॉन्गकॉन्ग और म्यांमार जैसे देशों में मिला. रेडियो पर भी चलाया प्रोग्राम हमारे देश में ऐसे भी लोग हैं, जिनके पास सोशल मीडिया के इस्तेमाल या सेमिनार में शामिल होने के लिए साधन नहीं हैं. उनके लिए रेडियो पर एक स्पेशल प्रोग्राम चलाया गया था. इसमें लोग कॉल पर भी जुड़ सकते थे. उन्होंने यह कहा कि शिकायतों के लिए लो नंबर 1930 चलाया गया था, उसकी जानकारी भी लोगों को नहीं थी. इंदौर साइबर क्राइम में पिछले साल 2024 में 80 डिजिटल अरेस्ट के मामले सामने आए थे. वहीं, सोशल मीडिया फ्रॉड और साइबर फ्रॉड को मिलाया जाए तो कुल 11 हजार के करीब मामले दर्ज किए गए. सभी मामलों को मिलाकर कुल 75 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी, जिसमें क्राइम ब्रांच ने 14 करोड़ 20 लाख रुपये वापस कराए. recent visitors 27

शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय :शिक्षकों की घोर लापरवाही से 93 छात्र विद्यालय से बाहर निकलने हुए मजबूर

Government Gyanodaya Residential School: Due to gross negligence of teachers, 93 students were forced to leave the school जबलपुर । Government Gyanodaya Residential School शारदा नगर रांझी जबलपुर में मध्य प्रदेश शासन के अनुसूचित जाति विभाग द्वारा संचालित संभाग स्तर का विशेष विद्यालय है जिसमें शैक्षणिक एवं व्यवस्था हेतु केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का बजट आवंटित किया जाता है परंतु हाल ही में जारी हुए सत्र 2024 – 25 के विद्यालय के परीक्षा परिणाम पर नजर डालेंगे तो पाएंगे कि पूरे विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था चौपट हो चुकी है और सीबीएसई पाठ्यक्रम से संचालित इस विद्यालय में A1 और A2 में पांच प्रतिशत बच्चे भी नहीं हैं । जबकि C1 C2 , D तथा E में 40% से ज्यादा छात्र आए हैं जिससे पता चलता है कि विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति अत्यंत जर्जर है ।कक्षा छठवीं ब में 39 छात्रों में से 22 छात्रों को विद्यालय से निकाला जा रहा है। ज्ञानोदय विद्यालय को प्राप्त है विशेष विद्यालय का दर्जाअनुसूचित जाति विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्ग के बीपीएल कार्ड धारक छात्र-छात्राओं के लिए यह संभाग स्तर का विशेष आवासीय विद्यालय है, इस विद्यालय में करोड़ों का बजट आवंटित होता है छात्रों के लिए रहने , खाने एवं पढ़ने की उच्च स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं एवं प्रत्येक छात्र का प्रवेश कठिन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है , प्रवेश उपरांत छात्रों को निशुल्क रहने, खाने एवं पढ़ने की व्यवस्था शासन द्वारा सुनिश्चित की जाती है इस कारण से इस विद्यालय में प्रदेश के विभिन्न जिलों से उत्कृष्ट छात्र प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर इस विद्यालय में आते हैं, एवं प्रतिवर्ष न्यूनतम 60% परीक्षा परिणाम लाना होता है, 60% परीक्षा परिणाम न आने पर छात्रों को विद्यालय से बाहर निकाल दिया जाता है।सवाल यह है कि शिक्षकों के द्वारा पढ़ने में की गई घोर लापरवाही की सजा नन्हे मुन्ने छात्र-छात्राओं को भुगतान पड़ती है एवं इसका विपरीत परिणाम उनके भविष्य पर पड़ता है, Read More: मध्यप्रदेश में चार दिन रहेगा मौसम का कहर: बारिश, ओले और 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी आंधियाँ कक्षा नौवीं में 60% से कम प्राप्तांक से उत्तीर्ण वाले छात्रों को कहीं भी नहीं मिलता प्रवेश , हो जाते हैं शाला त्यागीइस विद्यालय में विगत कई वर्षों से कक्षा नौवीं में प्रवेशित एवं 33% से लेकर 59.9% तक उत्तीर्ण छात्राओं को विद्यालय से बाहर करने के नियम हैं , इस नियम के कारण 60% से कम प्राप्तांक से उत्तीर्ण कक्षा 9 के छात्रों को अन्य विद्यालयों में कक्षा दसवीं से सीधे प्रवेश नहीं दिया जाता जिससे हजारों छात्रों का भविष्य चौपट हो चुका है एवं वे शाला त्यागी होकर शिक्षा छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं । शिक्षकों के कार्यों का नहीं होता मूल्यांकनइस विशेष विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों के कार्यों का कोई मूल्यांकन नहीं होता एवं वरिष्ठ कार्यालय के द्वारा खराब परिणाम वाले शिक्षकों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं करने से साल दर साल विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। विद्यालय में नहीं होती कभी पालक शिक्षक संघ की बैठक छात्र की शैक्षणिक स्थिति से पालकों को नहीं कराया जाता अवगतमध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग एवं अनुसूचित जाति व जनजाति विभाग द्वारा संचालित समस्त विद्यालयों में नियमित रूप से पालक शिक्षक संघ की बैठक आयोजित करने एवं बालकों को छात्रों की उपस्थित, शैक्षणिक योग्यता व कार्य व्यवहार से अवगत कराए जाने के निर्देश हैं परंतु इस विद्यालय में कभी भी पालक शिक्षक संघ की बैठक आयोजित नहीं की जाती जिससे पालकों को अपने बच्चों की शैक्षणिक स्थिति का पता नहीं चलता है । दूर दराज के जिलों से पढ़ने आते हैं वंचित एवं कमजोर वर्ग के छात्रGovernment Gyanodaya Residential School में सिवनी, बालाघाट , छिंदवाड़ा, मंडला , डिंडोरी, उमरिया , कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर ,दमोह सहित आसपास के अनेक जिलों से छात्र पढ़ने आते हैं । विद्यालय में पूर्व में चार छात्रों की हो चुकी है मौतज्ञानोदय आवासीय विद्यालय में छात्रों को उचित गुणवत्ता युक्त भोजन न कराने , उनका ठीक से देखभाल न करने , स्वास्थ्य परीक्षण न करने एवं लापरवाही पूर्वक रखने के कारण चार छात्रों की विगत वर्षों में मौत हो चुकी है इसके बाद भी विद्यालय प्रबंधन एवं विभाग को किसी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ा। शिक्षकों के कार्य की गलत जानकारी प्रेषित कर वरिष्ठ कार्यालय को किया जाता है गुमराहGovernment Gyanodaya Residential School द्वारा प्रतिवर्ष परीक्षा परिणाम का शिक्षकवार गोसवारा तैयार करते समय कुल उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत बताया जाता है जबकि यह जानकारी छुपा ली जाती है कि इस कक्षा से 60% से कम परिणाम आने के कारण इतने छात्रों को विद्यालय से निष्कासित किया जा रहा है । सालों से एक ही स्थान पर जमे हैं कई शिक्षक , पढ़ाने में नहीं लेते हैं बिल्कुल भी रुचिइस विद्यालय में पदस्थ अनेक शिक्षक विगत कई वर्षों से यहां पदस्थ हैं और प्रतिवर्ष खराब परिणाम देने के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है सवाल यह है कि ऐसे लापरवाह शिक्षकों को क्यों बचाया जा रहा है एवं इनका स्थानांतरण दूर दराज के स्कूलों में क्यों नहीं किया गया ? आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ अबाक्स के प्रदेश अध्यक्ष देवेश चौधरी ने कहा कि संभाग के एक मात्र अनुसूचित जाति के विशेष विद्यालय में ऐसी घोर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ।अनुसूचित जाति जनजाति छात्र संघ ने अत्यंत खराब परीक्षा परिणाम एवं बदतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है, संघ के प्रदेश अध्यक्ष शुभम चौधरी ने बताया कि इस विद्यालय से लापरवाही की शिकायतें लगातार प्राप्त होती रहती हैं फिर भी विद्यालय प्रबंधन एवं वरिष्ठ कार्यालय इन्हें बचाता है। इनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए। सवाल यह है कि recent visitors 113

आमिर खान की फिल्म सितारे जमीन का पोस्ट शेयर

मुंबई बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट एक्टर आमिर खान की फिल्म ‘तारे जमीन पर’ के सीक्वल फिल्म ‘सितारे जमीन पर को लेकर काफी बज बना हुआ है. वहीं, अब फिल्म को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. जिसने फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है. ये अपडेट फिल्म के डायरेक्टर ने एक पोस्ट शेयर कर दिया है. ‘सितारे जमीन पर’ पर आया बड़ा अपडेट बता दें कि हाल ही में फिल्म ‘सितारे जमीन पर’  के डायरेक्टर आर.एस. प्रसन्ना  ने भी इंस्टाग्राम पर फिल्म को लेकर एक हिंट दिया है. उन्होंने फिल्म से जुड़ा एक पोस्ट शेयर करते हुए फैंस से एक खास सवाल किया है. आर.एस. प्रसन्ना  के इस पोस्ट में लिखा है, ‘क्या आप हमारे सितारे के लिए तैयार हैं?’ सवाल से एक्साइटेड हुए फैंस आर.एस. प्रसन्ना के इस पोस्ट के बाद से मीडिया यूजर्स पर खलबली मच गई है. लोग कमेंट में पूछ रहे हैं कि ‘क्या ये ट्रेलर को लेकर है?’ वहीं, कई लोगों ने इसपर कमेंट में सिर्फ हां लिखा है. अब देखना ये होगा फिल्म का कोई पोस्टर आ रहा है या मेकर्स फिल्म का ट्रेलर लेकर आने वाले हैं. इस पोस्ट के बाद फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं है. दरअसल, फिल्म ‘तारे जमीन पर’ इतना जबरदस्त था कि आज तक लोग उस फिल्म की तारीफ करते हैं. वहीं, दूसरे पार्ट से भी फैंस को काफी उम्मीदें हैं. ‘तारे जमीन पर’ में आमिर खान के अलावा दर्शील सफारी, टिस्का चोपड़ा, विपिन शर्मा, तनय छेड़ा और ललिता लाजमी नजर आए थे. recent visitors 32

राहुल गांधी की नागरिकता पर इलाहाबाद हाइकोर्ट में आज सुनवाई

लखनऊ इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी की नागरिकता वाले विषय पर पिछली सुनवाई में 10 दिनों का समय दिया था, जो कि आज यानी सोमवार को समाप्त हो जाएगा। केंद्र सरकार को आदेशित करते हुए लखनऊ हाइकोर्ट ने कहा था कि ये देशहित से जुड़ा मामला है। जिसपर की गहन दस्तावेज़ों को केंद्र सरकार कोर्ट में पेश करे। जिसके लिए 10 दिनों की मोहलत भी सॉलिसिटर जनरल सर्वेश पांडेय को दिया गया है। आज वो समय सीमा समाप्त होगी और उक्त विषय पर सुनवाई की जाएगी। आपको बता दें कि पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार की तरफ से वकील कोर्ट में पेश हुए थे लेकिन हैरत की बात ये है कि राहुल गांधी की तरफ से अबतक कोई वकील कोर्ट में दाखिल नही हुआ है। क्या है पूरा मामला दरसल कर्नाटक के रहने वाले विग्नेश ने राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता रखने का हवाला देकर ये मामला दर्ज किया था। उंन्होने अपने हलफनामे में बताया था कि राहुल गांधी ब्रिटेन स्थित एक कम्पनी में बतौर निदेशक पदस्थ है और वहाँ के एफेडेविट में उन्होंने इकबाल किया है कि वो ब्रिटिश नागरिकता रखते है। ऐसे में वो भारतीय नागरिक कैसे हो सकते है? और अगर नागरिकता रखते है तो वो देश मे चुनाव नही लड़ सकते है। recent visitors 37

लखनऊ में देर रात फायरिंग, पुलिस से मुठभेड़ के बाद पकड़ाए महिलाओं को निशाना बनाने वाले दो बदमाश

लखनऊ सुबह के समय टहलने वाली महिलाओं को निशाना बनाने वाले गिरोह को काबू में करने की कामयाबी लखनऊ पुलिस को मिली है। बाहरी क्षेत्र से आकर महिलाओं से सरेराह पर्स व चेन लूटने वाले लुटेरों के गिरोहों के दो सदस्यों को पुलिस ने गोमतीनगर इलाके के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास से सोमवार तड़के करीब तीन बजे मुठभेड़ में दबोच लिया है। पुलिस से हुई मुठभेड़ में लुटेरों के पास से एक देसी कट्टा, नकदी और लुटे गए चेन एवम अन्य गहने बरामद हुए है। लुटेरों के कब्जे से असलहा बरामद मुखबिर की सूचना पर पुलिस जनेश्वर मिश्र पार्क और सहारा पुल के पास मय टीम दबिश के लिए तैनात थी। जिसपर की सूचना मिली कि दो लुटेरे अपनी बाइक से पार्क की तरफ आगे बढ़ रहे है। पुलिस ने दोनों लुटेरों पर घेरकर फायरिंग किया जिसपर भागने के लिए लुटेरों ने भी पुलिस पर फायर झोंक दिया। इस हुई फायरिंग में दोनों लुटेरे गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने घायल बदमाशों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने लुटेरों से पूछताछ में विपुल खंड व विवेक खंड में बीते दिनों दो महिलाओं से सरेराह पर्स लूट की घटना के खुलासे का दावा किया है। पुलिस को इनके पास से दो अवैध असलहा व दो पर्स बरामद हुए हैं। पुलिस ने लुटेंरो को घेरा आपको बता दें कि, गोमतीनगर क्षेत्र के जनेश्वर मिश्र पार्क से कुछ दूरी पर स्थित सहारा होम पुल के पास लुटेरों के आने की सूचना पर इंस्पेक्टर गोमतीनगर और डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम मौके पर पहुंचे और लुटेरों को घेर लिया। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने लुटेरों की घेरेबंदी कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो उन लोगों ने पुलिस पर फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों लुटेरे गोली लगने से घायल हो गए। घायल हुए लुटेरों ने अपना नाम मोनू रावत व महेश रावत बताया। दोनों शातिर किस्म के अपराधी डीसीपी पूर्वी के मुताबिक पकड़े गए दोनों शातिर किस्म के अपराधी हैं और कुछ दिनों पहले जेल से छूटने के बाद कई लूटपाट करने की बात स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि इनके खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके बारे में गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। पुलिस को इनके पास से दो अवैध असलहा व दो पर्स और एक बाइक बरामद हुए हैं। recent visitors 29

विदेशी सिनेमा पर डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ स्ट्राइक, US से बाहर बनने वाली फिल्मों पर लगाया 100% टैक्स

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक कड़े फैसले लेकर दुनिया को चौंका रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सख्ती दिखाते हुए कई देशों पर टैरिफ बम फोड़ा। इसके बाद अब तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिल्मों पर ही 100% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। यह टैरिफ उन फिल्मों पर लगेगा जो अमेरिका से बाहर बन रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह खत्म दम तोड़ रही अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री को फिर से जिंदा करने के लिए उठाया है। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा के लिए खतरा भी बताया और साथ ही अमेरिका में फिर से फिल्में बनाने पर जोर दिया। 'नए टैरिफ का मकसद…' डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री बहुत तेजी से खत्म हो रही है. यह अन्य देशों द्वारा किया गया एक ठोस उपाय है और इसलिए, यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. यह, बाकी सब चीजों के अलावा, संदेश और प्रोपेगैंडा है." ट्रंप ने घरेलू फिल्म प्रोडक्शन पर लौटने की जरूरत पर जोर दिया और कहा, "हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनाई जाएं. नए टैरिफ का मकसद खेल के मैदान को लेवल में लाना और स्टूडियो को अमेरिकी धरती पर अपना ऑपरेशन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. अलकाट्राज़ जेल खोलने का प्लान… रविवार को ट्रंप ने सैन फ्रांसिस्को खाड़ी में अलकाट्राज़ जेल को फिर से खोलने की योजना का भी खुलासा किया. उन्होंने कथित तौर पर न्याय विभाग, एफबीआई और होमलैंड सिक्योरिटी के साथ कोऑर्डिनेशन में जेल ब्यूरो को ऐतिहासिक सुविधा का पुनर्निर्माण और विस्तार करने का निर्देश दिया, जिसमें 1963 में बंद होने से पहले देश के कुछ सबसे कुख्यात अपराधियों को रखा गया था. ट्रंप ने लिखा, "अलकाट्राज़ का पुनर्निर्माण करें और उसे खोलें! जब अमेरिका एक ज्यादा गंभीर राष्ट्र था, तो हम जानते थे कि सबसे खतरनाक अपराधियों को कैसे अलग-थलग किया जाए. अब इसे वापस लाने का वक्त आ गया है." ट्रंप ने कहा कि नया अलकाट्राज़ देश के सबसे हिंसक और खतरनाक अपराधियों के लिए एक हाई-सेक्योरिटी सुविधा के रूप में काम करेगा. ट्रंप ने ऐलान करते हुए क्या कहा? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ के जरिए दी। उन्होंने लिखा, “अमेरिकी फिल्म उद्योग तेजी से खत्म हो रहा है। अन्य देश फिल्म निर्माताओं और स्टूडियो को आकर्षित करने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन दे रहे हैं, जिससे वे अमेरिका से दूर हो रहे हैं। हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्रों को इससे बड़ा नुकसान हो रहा है। यह अन्य देशों की एक साजिश है और इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।” ‘अमेरिका में फिर से बनें फिल्में’ उन्होंने कहा कि इसलिए, मैं वाणिज्य विभाग और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को विदेशी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दे रहा हूं। हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनें। चीन ने कम कर दिया था अमेरिकी फिल्मों का कोटा यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब टैरिफ को लेकर पहले ही अमेरिका और चीन आमने-सामने हैं। इससे पहले अप्रैल में चीन ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर पलटवार करते हुए अपने देश में अमेरिकी फिल्मों का कोटा कम कर दिया था। इसको लेकर चीन के फिल्म प्रशासन ने जारी एक बयान में कहा था, "अमेरिकी सरकार द्वारा टैरिफ का दुरुपयोग चीन के प्रति गलत कार्रवाई है, जिससे अमेरिकी फिल्मों में घरेलू दर्शकों की रुचि कम हो सकती है। हम बाजार के नियमों का पालन करेंगे, दर्शकों की पसंद का सम्मान करेंगे और आयातित अमेरिकी फिल्मों की संख्या में थोड़ी कमी लाएंगे।" recent visitors 46

यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, कई ट्रेनें कैंसिल, 6 से अधिक गाड़ियां लेट

 रायपुर गर्मी के महीने में रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. रेलवे ने एक बार फिर कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है. इसके साथ ही कुछ ट्रेनें देरी से चल रही है. ऐसे में आज कुल 12 से अधिक ट्रेनें प्रभावित रहेगी. समरसता एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें 2 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं। काफी संख्या में ट्रेनों के विलंब से चलने के कारण यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। 5 मई को रायपुर स्टेशन से रवाना होने वाली कई ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। इनमें रायगढ़-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस, गोंदिया-रायगढ़-गोंदिया एक्सप्रेस, बिलासपुर-नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, बिलासपुर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस, चेन्नई-बिलासपुर एक्सप्रेस, जसीडीह-वास्कोडिगामा एक्सप्रेस और सूरत-मालदाटाउन एक्सप्रेस शामिल हैं। recent visitors 25