Sunday, July 5, 2026 8:48 am

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से लोधी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशील पहल पर पीएमएयर एबुलेंस सेवा के तहत टप्पा मानोरा, तहसील ग्यारसपुर, जिला विदिशा के लंग कैंसर पीड़ित सुरेंद्र लोधी आयु 45 वर्ष को उपचार के लिए भोपाल से नागपुर एयर एम्बुलेंस से भेजा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से लोधी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रदेशवासियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।   recent visitors 32

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रांश परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिवर्ष आने का अवसर मिलता

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कायस्थ समाज बुद्धिजीवी समाज के तौर पर अपनी पहचान रखता है। इस समाज के लोग पढ़े-लिखे और संस्कारित होते हैं, जो समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल चित्रांश परिवार द्वारा आयोजित भगवान चित्रगुप्त प्रकटोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे। मानस भवन में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रांश परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिवर्ष आने का अवसर मिलता है। इस प्रकार के आयोजन समाज को दिशा देने और सशक्त करने का माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि रीवा का विकास सभी के सहयोग से ही संभव हो रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कायस्थ समाज द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया तथा वरिष्ठ नागरिक का सम्मान किया।   recent visitors 29

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं कुलदीप यादव

नई दिल्ली कुलदीप यादव एक ऐसे मैच विजेता खिलाड़ी हैं जो इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर होने वाली टेस्ट श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कलाई के इस स्पिनर को बल्लेबाजी ऑलराउंडरों पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यह मानना है भारत के पूर्व चयनकर्ताओं और कोचों का। उन्होंने कहाकि कुलदीप में एक्स फैक्टर है। उनका मानना ​​है कि रवींद्र जडेजा अपने बेहतर बल्लेबाजी कौशल के कारण पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए पहली पसंद होंगे। लेकिन कुलदीप के टीम में शामिल होने से भारत का स्पिन विभाग और मजबूत हो जाएगा। आईपीएल प्लेऑफ का इंतजार राष्ट्रीय चयन समिति आईपीएल के प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीमों की स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद इंग्लैंड दौरे के लिए भारत और ए टीम की घोषणा कर सकती है। प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाने वाली अन्य छह टीमों में शामिल लाल गेंद के विशेषज्ञ खिलाड़ी जल्दी इंग्लैंड के दौरे पर चले जाएंगे जैसा कि पहले भी होता रहा है। इससे उन्हें वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया में वाशिंगटन सुंदर ने पहली पसंद के स्पिनर के रूप में शुरुआत की। वजह, न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर खराब प्रदर्शन के बाद जडेजा और रविचंद्रन अश्विन दोनों को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया था। अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही संन्यास ले लिया था, जबकि वॉशिंगटन तीन टेस्ट मैच में केवल तीन विकेट हासिल कर पाए थे। कुलदीप की इंग्लैंड में पड़ेगी जरूरत चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष एमएसके प्रसाद, उनकी चयन समिति के सहयोगी देवांग गांधी और भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और प्रसिद्ध कोच डब्ल्यूवी रमन सभी को लगता है कि कुलदीप के पास वह ‘एक्स फैक्टर’ है जिसकी भारत को इंग्लैंड में जरूरत पड़ेगी। खेल के सबसे चतुर विश्लेषकों में से एक रमन ने कहाकि कुलदीप यादव एक आक्रामक विकल्प हैं और उन्हें इंग्लैंड में भारतीय टीम में होना चाहिए। उन्होंने अब तक 12 टेस्ट खेले हैं और अगर हम उनके स्ट्राइक रेट पर गौर करें तो वह हर छह ओवर में एक विकेट (37.3 गेंद प्रति विकेट) है। इसलिए जडेजा के साथ कुलदीप को टीम में रखना मेरे लिए सबसे आसान काम होगा। अलग-अलग मौसम में असरदार प्रसाद को भी लगता है कि वह वॉशिंगटन की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकते हैं। प्रसाद ने कहाकि हालांकि आप अब भी वॉशिंगटन को टीम में रख सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि आपको कुलदीप जैसे उचित मैच विजेता स्पिनर की जरूरत है। उन्होंने कहाकि कुलदीप एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच जीतने की क्षमता रखते हैं। इंग्लैंड में कई ऐसी जगह है जहां स्पिनर को मदद मिलती है और वहां की परिस्थितियों में कलाई का स्पिनर होने के कारण कुलदीप बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। प्रसाद ने तीन स्थानों का हवाला दिया जहां गर्मी और नमी होने पर विकेट वास्तव में स्पिनरों को मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहाकि इंग्लैंड में मौसम भी अपनी भूमिका निभाता है। लंदन में अगस्त गर्म हो सकता है और इसलिए कुलदीप ओवल में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अगर नमी है तो वह बर्मिंघम और ओल्ड ट्रैफर्ड में भी अंतर पैदा कर सकते हैं। बताया क्यों कुलदीप को मिलेंगे विकेट प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति के सदस्य गांधी को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के विपरीत इंग्लैंड की पिचों पर ज्यादा उछाल नहीं होगा। इसलिए कुलदीप की गेंदबाजी की शैली भारत की रणनीति के अनुरूप हो सकती है। गांधी ने कहाकि जहां तक कुलदीप का सवाल है तो इंग्लैंड के बल्लेबाज उन पर स्वीप करना चाहेंगे, लेकिन इससे उन्हें विकेट लेने का मौका भी मिलेगा। कलाई के स्पिनरों में कुछ गुण होते हैं जिनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि वे पिच को समीकरण से बाहर कर सकते हैं। recent visitors 36

समंदर से सरहद तक भारतीय सेना का इन आधुनिक तकनीकी ताकतों के बूते गूंजता है पराक्रम

नई दिल्ली भारतीय नौसेना ने हाल के सालों में बहुत तेजी से बड़ी तकनीकी उपलब्धियां हासिल की हैं। यही वजह है कि भारतीय नौसेना दुनिया की टॉप समुद्री सेनाओं में शामिल हो गई है। स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर, परमाणु पनडुब्बियां, लंबी दूरी की मारक क्षमता, आधुनिक मिसाइल प्रणालियां और रोबोटिक सिस्टम जैसी टेक्नोलॉजी ने भारत की समुद्री सुरक्षा को आधुनिक बनाया है। इतना ही नहीं इन कोशिशों से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। आज हम भारतीय नौसेना की 5 बड़ी टेक्नोलॉजिकल उपलब्धियों के बारे में जानेंगे। भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत INS विक्रांत भारत का पहला पूरी तरह स्वदेशी विमानवाहक पोत है। इसे भारतीय नौसेना के लिए भारत में ही बनाया गया है। INS विक्रांत कोचीन शिपयार्ड में बनाया गया और साल 2022 से यह नौसेना का हिस्सा रहा है। इसकी लंबाई लगभग 262 मीटर है और यह 30 से ज्यादा लड़ाकू विमान ले जा सकता है। INS विक्रांत की वजह से भारत की समुद्री ताकत काफी बढ़ गई है। इसकी मदद से नौसेना को समुद्र के किसी भी कोने में हवाई हमले करने की क्षमता मिलती है। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान की एक बड़ी उपलब्धि रहा है। परमाणु ताकत से लैस अरिहंत पनडुब्बी INS अरिहंत भारत की पहली स्वदेशी और परमाणु शक्ति से चलने वाली पनडुब्बी है। इसकी मदद से भारत "न्यूक्लियर ट्रायड" में शामिल हो पाया है। कहते का मतलब है कि INS अरिहंत जल, थल और वायु से परमाणु हमला करने की क्षमता भारतीय नौसेना को देता है। इस पनडुब्बी की खासियत है कि बिना सतह पर आए यह कई महीनों तक समुद्र में रह सकती है। इससे दुश्मन को इसकी लोकेशन का अंदाजा लंबे समय तक नहीं हो पाता। INS अरिहंत परमाणु मिसाइल भा दाग सकता है। इसकी वजह से भारत की सामरिक ताकत बहुत बढ़ जाती है। बता दें कि इसे विशाखापत्तनम के विशेष डॉकयार्ड में तैयार किया गया है। यह उपलब्धि अपने आप में दिखाती है कि भारत अब उन देशों में से एक है जो जटिल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में माहिर है। लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता भारतीय नौसेना अब "ब्लू वॉटर नेवी" बन चुकी है, यानी वह सिर्फ अपने समुद्री तट की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि दुनिया के किसी भी समुद्र में जाकर अभियान चला सकती है। इसके लिए नौसेना ने आधुनिक युद्धपोत, टैंकर और सपोर्ट जहाज तैनात किए हैं। भारतीय नौसेना की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हमारे पास अब ऐसी टेक्नोलॉजी और जहाज हैं जो 7,000 किलोमीटर या उससे भी दूर जाकर ऑपरेशन कर सकते हैं। यह तकनीकी प्रगति भारत की समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक मार्गों की रक्षा और आपदा राहत अभियानों में बेहद काम की साबित हुई है। सतह से हवा में मार करने वाला SAM System भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों से लैस किया गया है। इसमें ब्रह्मोस, बाराक-8 जैसी मिसाइलें शामिल हैं जो दुश्मन के विमानों, ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकती हैं। यह सिस्टम पूरी तरह रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जुड़ा है। इसकी वजह से किसी भी खतरे का पता चलते ही तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई की जा सकती है। इससे युद्धपोतों की रक्षा क्षमता बहुत मजबूत हो गई है। स्वदेशी ड्रोन और रोबोटिक सिस्टम भारतीय नौसेना अब समुद्र में निगरानी के लिए स्वदेशी ड्रोन और अंडरवॉटर रोबोट्स का इस्तेमाल कर रही है। ये सिस्टम इतने आधुनिक हैं कि दुश्मन की निगाह से बचकर खतरनाक जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं। इसके अलावा इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बम जैसी चीजों को डिफ्यूज करने के लिए भी किया जाता है। बड़ी बात ये है कि ये टेक्नोलॉजी भारत में विकसित की गई हैं। इससे रक्षा के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ी है। recent visitors 32

DME की नियुक्ति के विरोध में आज मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा शिक्षक और जूनियर डॉक्टर प्रदर्शन करेंगे

भोपाल डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन के पद पर डॉ. अरुणा कुमार की नियुक्ति के विरोध में सोमवार को सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा शिक्षक और जूनियर डॉक्टर दोपहर 1 बजे प्रदर्शन करेंगे। सीएम के नाम पत्र संबंधित कॉलेज के डीन को सौंपेंगे। सभी 18 मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा डीन ऑफिस के बाहर 15 मिनट तक धरना देंगे। डॉ. अरुणा को डीएमई पद से हटाने के लिए प्रदर्शन प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने बताया कि रविवार को सभी 18 शासकीय और स्वशासी मेडिकल कॉलेजों के एमटीए के पदाधिकारियों और एग्जीक्यूटिव की बैठक हुई है। सभी ने डॉ. अरुणा को डीएमई पद से हटाने का पुरजोर समर्थन किया। आदेश निरस्त नहीं होने पर सोमवार से सभी चिकित्सक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि विवादित डॉ. अरुणा जिन्हें शासन ने विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता पद हेतु उचित नहीं समझा उन्हें डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन जैसे संवेदनशील पद पर पदस्थ नहीं किया जाना चाहिए। पदस्थापना तुरंत निरस्त की जानी चाहिए। किसी अन्य योग्य वरिष्ठ अनुभवी चिकित्सक को पदस्थ करना चाहिए। आदेश निरस्त होने तक प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा। चिकित्सा महासंघ भी हो सकता है शामिल आंदोलन में मध्यप्रदेश चिकित्सा महासंघ भी शामिल हो सकता है। इसमें प्रदेश के डॉक्टरों से जुड़े सभी आठ संगठन शामिल हैं। इससे आंदोलन का प्रभाव और व्यापक हो सकता है। इसमें मेडिकल टीचर्स के साथ स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, बीमा अस्पताल, आइएमए आदि के डॉक्टर भी शामिल हैं। recent visitors 27

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सच्चाई, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और यही मूल्य हमारे समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाते

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री साय ने चित्रगुप्त आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं कायस्थ समाज के सदस्यों को प्राकट्य उत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में चित्रांश महोत्सव स्मारिका सहित बच्चों की सीख एवं ग़ज़ल-मुक्तक संग्रह पुस्तिका का विमोचन किया गया। कायस्थ समाज के प्रतिभावान छात्रों और विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर कहा कि भगवान चित्रगुप्त न्याय और कर्म के देवता हैं और उनका संदेश साफ है—जो जैसा करेगा, वैसा फल पाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चाई, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और यही मूल्य हमारे समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने कायस्थ समाज के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए कहा कि इस समाज ने शिक्षा, लेखन, प्रशासन, न्याय और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों के सम्मान और विकास के लिए संकल्पित है और सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और जनकल्याण के कार्य उनकी प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री ने भगवान चित्रगुप्त के आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि उनका आशीष हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आयोजक मंडल को भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन से न केवल हमारी सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि इससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से भी परिचित होगी। कायस्थ समाज के सदस्यों का देश की आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान रहा, साथ ही कला, साहित्य, संगीत सहित विभिन्न विधाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने समाज की महान विभूतियों को याद किया। इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित करते हुए समाज की गतिविधियों से अवगत कराया।इस मौके पर आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं कायस्थ समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 44

इस बार बुद्ध पूर्णिमा का पर्व कब मनाया जाएगा, जाने ?

बुद्ध पूर्णिमा का हिंदू और बौद्ध दोनों ही धर्मों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान बुद्ध के रूप में भगवान विष्णु के नौवें अवतार का जन्म हुआ था.हिंदू पंचांग के अनुसार, यह हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान बुद्ध का सिर्फ जन्म ही नहीं बल्कि इसी तिथि को वर्षों वन में भटकने व कठोर तपस्या करने के पश्चात बोधगया में बोधिवृक्ष नीचे बुद्ध को सत्य का ज्ञान हुआ. बुद्ध पूर्णिमा कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत रविवार, 11 मई को रात्रि 8 बजकर 1 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन यानी 12 मई को रात्रि 10 बजकर 25 मिनट पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा का पर्व सोमवार 12 मई को मनाया जाएगा. इस बार भगवान गौतम बुद्ध की 2587 वीं जयंती मनाई जाएगी. बुध पूर्णिमा शुभ योग और मुहूर्त बुद्ध पूर्णिमा के दिन वरियान और रवि योग का संयोग बन रहा है. वहीं इस दिन रवि योग सुबह 5 बजकर 32 मिनट से लेकर 06 बजकर 17 मिनट तक है. इसके अलावा भद्रावास का भी संयोग है जो सुबह 09 बजकर 14 मिनट तक है. मान्यता है कि इस योग में पवित्र नदियों में स्नान कर भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की पूजा करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है. recent visitors 39