Sunday, July 5, 2026 7:46 am

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास मिसाइल से हमला के बाद इजरायल पीएम ने कहा- एक नहीं, बल्कि कई धमाके होंगे

तेल अवीव इजरायल के तेल अवीव एयरपोर्ट के पास हुए मिसाइल हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यमन के हूतियों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि एक नहीं, बल्कि कई धमाके होंगे।  यमन के ईरान समर्थित विद्रोहियों ने इजरायल के मुख्य अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास मिसाइल से हमला कर दिया था, जिससे कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही प्रभावित रही। इस हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यमन के हूतियों के खिलाफ बहु-चरणीय हमलों का वादा किया। नेतन्याहू ने टेलीग्राम मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो में कहा, "हमने अतीत में उनके खिलाफ कार्रवाई की है और हम भविष्य में भी कार्रवाई करेंगे, लेकिन मैं विस्तार से नहीं बता सकता। यह एक धमाके में नहीं होगा, बल्कि कई धमाके होंगे।" विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइल के बाद तेल अवीव एयरपोर्ट के पास एक गहरा गड्ढा बन गया। मिसाइल गिरते ही तुरंत चारों ओर धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। गाजा में युद्ध के दौरान फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हूती पूरे इजरायल पर हमला कर रहे हैं। बेन-गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला इज़रायली कैबिनेट मंत्रियों द्वारा गाजा पट्टी में सैन्य अभियान तेज करने के बारे में मतदान करने से कुछ घंटे पहले हुआ। अधिकारियों ने कहा कि सेना ने व्यापक अभियान में हजारों रिजर्व सैनिकों को बुलाना शुरू कर दिया है। हमले के बाद इजरायली सेना ने कहा कि यमन से लॉन्च की गई मिसाइल को रोकने के कई प्रयास किए गए, लेकिन यह एक दुर्लभ हूती हमला था जिसने इजराइल की हवाई सुरक्षा को भेद दिया। एक अधिकारी ने 'एएफपी' को बताया कि देश की सुरक्षा कैबिनेट शाम को बैठक करेगी। पुलिस के एक वीडियो में अधिकारियों को जमीन में एक गहरे गड्ढे के किनारे खड़े दिखाया गया है, जिसके पीछे नियंत्रण टॉवर दिखाई दे रहा है। एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। recent visitors 35

सेबी अध्यक्ष बोले- केवाईसी सिस्टम को किया जा रहा केंद्रीकृत, वित्त मंत्रालय कर रहा इस काम में मदद

नई दिल्ली बाजार नियामक संस्था सेबी, केंद्रीय वित्त मंत्रालय और अन्य बाजार नियामकों के साथ मिलकर केवाईसी सिस्टम को केंद्रीकृत करने की दिशा में काम कर रहा है। सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने यह जानकारी दी। केंद्रीय KYC एक ऑनलाइन डेटाबेस है जो ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केंद्रीकृत तरीके से रखता है, जिसका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों में अनुपालन को आसान करना है। जल्द पूरा होने की उम्मीद सेबी अध्यक्ष ने बताया कि केंद्रीकृत केवाईसी सिस्टम बनाने के लिए काम कर रही समिति की अध्यक्षता वित्त सचिव कर रहे हैं और प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश हो रही है। हालांकि उन्होंने इसकी कोई समयसीमा तय नहीं की, लेकिन कहा कि ये जल्द हो जाना चाहिए। उन्होंने केंद्रीकृत केवाईसी सिस्टम की खूबी बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था बहुत प्रभावी रहेगी, जहां एक जगह केवाईसी होगी और वो सभी जगह अपने आप हो जाएगी। तुहिन कांत पांडे ने यह सिर्फ ऐसा नहीं है कि केवाईसी अपलोड हो जाएगी, बल्कि इसकी वैधता की पूरी जांच होगी। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में किया था एलान गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की कि 2025 में एक नया, संशोधित केंद्रीय अपने ग्राहक को जानो (KYC) रजिस्ट्री शुरू की जाएगी। इसके बाद, अप्रैल में, वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने केंद्रीय KYC रिकॉर्ड रजिस्ट्री के पुनर्गठन पर चर्चा करने और वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच की सुविधा के लिए KYC अनुपालन से संबंधित प्रमुख मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। पांडे ने बताया कि अनधिकृत सलाहकार सेवाओं का पता लगाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की निरंतर निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के साथ सहयोग के माध्यम से, सेबी ने 70,000 से अधिक धोखाधड़ी वाले निवेश हैंडल और भ्रामक पोस्ट को सफलतापूर्वक हटाया है। उन्होंने एआई के अंतर्निहित जोखिमों के बारे में भी चेतावनी दी।   recent visitors 27

यूपीआई पेमेंट का 16 जून से बदलेगा अंदाज अब सिर्फ 15 सेकंड में होगा लेनदेन

नई दिल्ली आप जो यूपीआई पेमेंट करते हैं, वह अब और तेज होने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आदेश के बाद अब सिर्फ 15 सेकंड में लेनदेन पूरा हो जाएगा। पहले इसमें 30 सेकंड लगते थे। यानी अब आपके मोबाइल से होने वाला लेदनेन 50 फीसदी फास्‍ट होने वाला है। 16 जून से यह प्रोसेस शुरू होने जा रहा है, जिसमें एपीआई रेस्‍पॉन्‍स टाइम की अहम भूमिका होगी। अभी तक लोगों को यूपीआई ऐप से पैसे भेजने में, क्‍यूआर कोड स्‍कैन करने में और लेनदेन की पुष्टि होने में इंतजार करना पड़ता है, जो कई बार काफी लंबा हो जाता है। एनपीसीआई ने इस देरी को कम करने का फैसला किया है। क्‍या होता है API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, जिसे कम किया जा रहा API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, उस समय को कहा जाता है, जिसमें एपीआई के लिए रिक्‍वेस्‍ट आती है, उसे प्रोसेस किया जाता है और रेस्‍पॉन्‍स वापस भेजने में जो टाइम लगता है। एपीआई का मतलब होता है एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस। यह रूल्‍स का एक सेट है, जिसके अनुसार सॉफ्टवेयर एक-दूसरे से कनेक्‍ट करते हैं। यूपीआई पेमेंट सिस्‍टम में इसका इस्‍तेमाल होता है। कैसे काम करेगा सिस्‍टम, उदाहरण से समझिए TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आप एक दुकान पर गए और आपने दुकानदार से एक हजार रुपये का सामान खरीदा। आप ICICI बैंक के iMobile ऐप से पेमेंट करते हैं। तो आप दुकानदार के QR कोड को स्कैन करेंगे। अब वह QR कोड HDFC बैंक अकाउंट से जुड़ा है। इस सिचुएशन में ICICI बैंक रिक्‍वेस्‍ट करेगा। व‍ह रिक्‍वेस्‍ट NPCI नेटवर्क के जरिए HDFC बैंक को जाएगी। पेमेंट हुआ या नहीं, यह जानने के लिए HDFC बैंक की ओर से रेस्‍पॉन्‍स भेजा जाएगा। जो फ‍िर से NPCI नेटवर्क से ICICI बैंक को आएगा। पहले इस काम में 30 सेकंड लग जाते थे। जून से इसमें 15 सेकंड लगने की उम्‍मीद है। बेहतर होगा लोगों का अनुभव, फटाफट होंगे पेमेंट एनपीसीआई, यूपीआई पेमेंट को फास्‍ट बनाना चाहती है। उसका मानना है कि नए बदलावों से लोगों का अनुभव और बेहतर होगा। एनपीसीआई ने फोनपे और पेटीएम जैसे बड़े प्‍लेयर्स से भी कहा है कि वो नए नियमों के अनुसार अपने सिस्‍टम को अपडेट कर लें। एनपीसीआई का सर्कुलर कहता है कि इन बदलावों का मकसद यूजर के ओवरऑल एक्‍सपीरियंस को बेहतर बनाना है। वह चाहती है कि यूपीआई पेमेंट का यूज करने वाले तमाम लोग झट से पेमेंट कर पाएं और उन्‍हें फटाफट से पैसा रिसीव हो। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि यूपीआई का यह फैसला कितना कारगर साबित होता है। recent visitors 37

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के साथ श्री धनखड़ का हुआ परस्पर संवाद

किसान के खेत से निकलता है विकसित भारत का रास्ता : उप राष्ट्रपति धनखड़ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के साथ हुआ परस्पर संवाद कार्यक्रम राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री सिंधिया भी कार्यक्रम में हुए शामिल ग्वालियर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि विकसित भारत का रास्ता किसान के खेत से निकलता है। इसलिए कृषि के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं और कृषि विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे किसानों के जीवन में बदलाव एवं खुशहाली लाने में अपना योगदान दें। प्रयास ऐसे हों कि किसान केवल फसल उत्पादक बनकर ही न रहें, अपितु वे एग्री-प्रीनियर (कृषि उद्यमी) बनें। उप राष्ट्रपति धनखड़ रविवार को ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के परस्पर संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कृषि विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे तकनीक और अनुसंधान का इस्तेमाल कर कृषि क्षेत्र में बदलाव के प्रबंधक बनें। संवाद कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उप राष्ट्रपति की धर्मपत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ और विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला मंचासीन थे। इस अवसर पर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारतीय संस्कृति किसानों के कल्याण का संदेश देती है। वर्तमान दौर में किसानों के महत्व को प्रतिपादित करते हुए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने "जय जवान–जय किसान" का नारा दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने "जय जवान–जय किसान के साथ जय विज्ञान" जोड़ा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने "जय जवान–जय किसान–जय विज्ञान में जय अनुसंधान" को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि कृषि विद्यार्थी विज्ञान और अनुसंधान के केन्द्र बिंदु होते हैं। इसलिए विद्यार्थी इस कसौटी पर खरे उतरकर किसानों के कल्याण के लिए काम करें। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि किसानों को अपनी उपज तत्काल न बेचनी पड़े, इसके लिये पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा दें और वेयर हाउस एवं कोल्ड स्टोर स्थापित कर किसानों को भण्डारण के लिए प्रेरित करें। धनखड़ ने कहा कि किसान अपनी परेशानी व्यक्त करें, उससे पहले ही हमें अंदाजा लगा लेना चाहिए कि किसान क्या चाहते हैं। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और उनके लिये सकारात्मक नीतियां बनाई हैं। सरकार ने सहकारिता को भी कृषि में अध्याय के रूप में जोड़ा है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में सीधे धनराशि पहुँच रही है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं समाजसेवी दत्तोपंत ठेंगड़ी के सुकृत्यों को याद करते हुए कहा कि सुखद संयोग है कि ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय का नाम राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं सभागार का नाम दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के नाम पर है। इसलिये यह विश्वविद्यालय दो ऐसी महान आत्माओं का संगम है जो राष्ट्रवाद और समाज के कल्याण के लिये समर्पित रहीं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी यह संकल्प लें कि इन विभूतियों के आदर्शों पर चलकर हम सदैव राष्ट्र हित को सर्वोपर्य रखेंगे। मध्यप्रदेश में गौ-संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों को सराहा उप राष्ट्रपति धनखड़ ने मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गौवंश के संरक्षण के उद्देश्य से गौशालाओं को दिए जा रहे प्रोत्साहन की प्रशंसा की। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव से राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की गौशाला के विस्तार में सहयोग के लिये कहा। कृषि विश्वविद्यालय अनुसंधान की परिपाटियों को विश्व स्तरीय बनाएँ : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा कि मानव सभ्यता के उद्भव और विकास में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हमारे देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी के लिये कृषि आज भी आजीविका की जीवन रेखा बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी दूरदृष्टि दृष्टिकोंण के साथ किसानों को समृद्ध व सशक्त बनाकर विकसित भारत बनाने के लिये लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विकास और परिवर्तन के केन्द्र बिंदु विश्वविद्यालयों को अध्ययन व अनुसंधान की मौजूदा परिपाटियों को विश्व स्तरीय बनाना होगा। साथ ही तेजी से बदलती जलवायु को ध्यान में रखकर नई तकनीकों के द्वारा खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना होगा। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालयों से सामूहिक रूप से कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया। कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में हो रहे कार्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था बदलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कृषि और पशुपालन के कार्य प्रदेश की अर्थ व्यवस्था बदलने का कार्य करेंगे। लगभग दो वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश का कृषि क्षेत्र 45 लाख हेक्टेयर था जो आज की स्थिति में 55 लाख हो गया है। प्रदेश में एक करोड़ हेक्टेयर कृषि क्षेत्र निर्मित करने का राज्य सरकार का संकल्प है। कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण योगदान है, इस नाते निरंतर प्रयास भी किए जा रहे हैं। प्रदेश में नर्मदा और अन्य नदियों के जल से सिंचाई का कार्य हो ही रहा है। विश्व की प्रथम नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा मंजूरी के बाद पार्वती काली सिंध चंबल परियोजना को भी स्वीकृति प्राप्त हुई है। वर्षों से यह परियोजनाएं लंबित थीं। आने वाले समय में प्रदेश में बुंदेलखण्ड, चंबल और मालवा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का उल्लेखनीय विकास होगा। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश का नक्शा बदलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनेक राष्ट्रों में कम क्षेत्र में अधिक अनाज उत्पादन का कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में जहां उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों को कृषि संकाय के महत्व से अवगत करवाकर आवश्यक अध्ययन और अनुसंधान की व्यवस्थाएं की जा रही हैं वहीं लाभकारी फसलों के उत्पादन को महत्व दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के सहयोगी पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं। जो भी व्यक्ति गोपालन करता है वह गोपाल है और हमारा घर-घर गोकुल है। राज्य सरकार ने 25 से अधिक गाय पालने पर 25 प्रतिशत की अनुदान राशि प्रदान करने और गोपालकों से दूध खरीदने का संकल्प लिया है। गौशालाओं को भूमि प्रदान करने की पहल … Read more

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने जारी किये निर्देश, 31 दिसम्बर के पूर्व फायर प्लॉन प्रस्तुत करें

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश में निश्चित ऊँचाई से बड़े भवनों में अग्नि दुर्घटना से बचाव के इंतजामों का निरीक्षण करने और नियमों की अनदेखी करने वाले भवनों को चिन्हित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस कार्य को प्राथमिकता दिये जाने के लिये कहा है। प्रदेश में फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र प्राप्त किये जाने के संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जारी निर्देश के अनुसार भवन स्वामी अब 31 दिसम्बर, 2025 तक फायर प्लॉन प्रस्तुत कर संबंधित अग्निशमन प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर सकेंगे। नियत तिथि के बाद फायर प्लॉन प्रस्तुत नहीं करने वाले भवन स्वामियों के विरुद्ध दण्ड के अधिरोपण की कार्रवाई नियत नियम के अनुसार की जायेगी। निर्देशों में कहा गया है कि फायर सेफ्टी प्लॉन के कण्डिका क्रमांक-2 में उल्लेखित भवन, जो कि पूर्व से निर्मित हैं, उन्हें 2 माह के भीतर एनबीसी से निर्धारित मानक अनुसार फायर प्लॉन तैयार कर अनुमोदन के लिये अग्निशमन प्राधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। निर्देश में यह भी बताया गया है कि अग्निशमन अधिकारी द्वारा आवेदन प्राप्ति के एक माह के भीतर फायर प्लॉन का अनुमोदन किया जायेगा। कण्डिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2 माह की समयावधि के भीतर यदि भवन स्वामी फायर प्लॉन तैयार कर अग्निशमन प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं करता है, तो विलंब शुल्क के साथ 500 रुपये प्रतिदिन की दर से और एक वर्ष के बाद एक हजार रुपये प्रतिदिन की दर पर दण्ड शुल्क देय होगा। राज्य शासन ने नगर निगमों के लिये आयुक्त नगरपालिक निगम, नगरपालिका परिषद और नगर परिषद के लिये संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले प्रकरणों के लिये जिला कलेक्टर और छावनी परिषद क्षेत्र जबलपुर, महू, मुरार, पचमढ़ी और सागर के लिये अधिशासी अधिकारी को अग्निशमन प्राधिकारी घोषित किया है। भवनों में अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रावधान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जिन भवनों के लिये फायर सेफ्टी प्लॉन के प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है, उनमें 15 मीटर से ऊँचे समस्त भवन, एक तल पर 500 M2 से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले समस्त भवन (आवासीय एवं धार्मिक और सामुदायिक भवनों को छोड़कर) शामिल किये गये हैं। कोई भी होटल और अस्पताल, जिसमें 50 से अधिक पलंग और बिस्तर हों, उन्हें भी शामिल किया गया है। नियमों में 50 से कम पलंग वाले होटल, 50 बिस्तरीय अस्पताल पंजीकृत फायर इंजीनियर का प्रमाणीकरण प्रस्तुत करेंगे। फायर सेफ्टी प्लॉन के संबंध में दिशा-निर्देश संबंधित क्षेत्र के नगरीय निकायों के कार्यालयों से प्राप्त किये जा सकते हैं।   recent visitors 32

किसान 5 मई को गेहूं उपार्जन के लिए कर सकते हैं स्लॉट बुक

भोपाल ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसान जो 30 अप्रैल तक स्लॉट बुक नहीं कर सके, वह 5 मई को स्लॉट बुक कर उसी दिन गेहूं का विक्रय उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर कर सकते हैं। स्लॉट बुक करने के लिए जिला खाद्य कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन में कृषक का नाम, किसान कोड, विक्रय की जाने वाली उपज की मात्रा आदि का उल्लेख करना होगा। 5 मई को उपार्जन केंद्र पर किसान की उपज की तौल एवं देयक जारी नहीं होने पर किसानों को नोडल अधिकारी के द्वारा टोकन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।  जिन किसानों की स्लॉट की वैधता समाप्त हो गई है, उनकी अवधि डीएसओ लॉगिन से बढ़ाने तथा इन किसानों से गेहूं की खरीदी 9 मई तक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।  इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश खाद्य विभाग द्वारा जारी कर दिए गए हैं।   recent visitors 22

आज भारत और जापान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करने जा रहे हैं

नई दिल्ली भारत और जापान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करने जा रहे हैं। इस चर्चा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच होने वाली चर्चा काफी महत्वपूर्ण है। इस चर्चा में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान की ओर से वहां के रक्षा मंत्री शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों पक्ष वर्तमान क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। भारत और जापान के बीच दीर्घकालिक मित्रता है। 2014 में इस सहयोग को विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में शामिल करने के बाद दोनों देशों की इस मित्रता ने गुणात्मक गति प्राप्त की है। रक्षा और सुरक्षा दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। रणनीतिक मामलों पर बढ़ते समन्वय के कारण हाल के वर्षों में भारत और जापान के बीच रक्षा आदान-प्रदान को बल मिला है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थिरता के मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण से इसका महत्व बढ़ रहा है। नवंबर 2024 में लाओ पीडीआर में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के मौके पर दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत हुई थी। उस बातचीत के बाद छह महीने के भीतर दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच यह दूसरी बैठक होगी। इससे पहले भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान जापान के राजदूत ने जम्मू कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की थी। उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले समेत आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने जापान और भारत के बीच चल रहे रक्षा सहयोग की समीक्षा की थी। भारत और जापान अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही दोनों देश अपने रिश्तों को और बेहतर एवं विस्तारित करने के नए अवसरों पर काम कर रहे हैं। recent visitors 39