Sunday, July 5, 2026 6:43 am

हिंदू लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के लड़कों ने पहचान छुपाकर बरगलाया, लव जिहाद रोकने का कानून पर पुलिसिंग फेल

भोपाल लव जिहाद रोकने के लिए सरकार ने कानून तो बनाया पर कमजोर पुलिसिंग के कारण उसका प्रभाव नहीं दिख रहा। भोपाल में ही निजी कॉलेज की हिंदू लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के लड़कों ने पहचान छुपाकर बरगलाया। दैहिक शोषण किया। यह कोई एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि संगठित अपराध था। इसमें कई लोग शामिल थे। इसके बाद भी पुलिस को कोई भनक नहीं लगी। दरअसल, ऐसे मामलों में कमजोर कड़ी पुलिस व्यवस्था ही है।   पुलिसकर्मियों के साथ ही अभद्रता की न तो उनका खुफिया तंत्र ठीक से काम कर रहा है और न ही सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर के तौर-तरीकों से ही पुलिसकर्मी वाकिफ हैं। पुलिस का खौफ इस कदर कम हो चुका है कि मात्र मार्च-अप्रैल में ही आठ मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों के साथ ही अभद्रता की गई। दरअसल राजधानी भोपाल में युवतियों के दैहिक शोषण और ब्लैकमेल करने जैसी घटनाओं को कुछ लोग संगठित रूप से अंजाम देते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में भी आरोपितों के विरुद्ध धार्मिक स्वातंत्र्य कानून 2021 के अंतर्गत धारा तीन और धारा पांच के अंतर्गत भी प्रकरण कायम किया है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अब तक पांच पीड़िताएं सामने आई हैं। पांच आरोपित गिरफ्तार हुए हैं। बुरका पहनने का दबाव बनाया घटनाक्रम से साफ लग रहा है कि आरोपितों ने पीड़िताओं को योजनाबद्ध तरीके से फंसाया और दुष्कर्म किया, पर ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं कि वे उनका धर्म परिवर्तन भी कराना चाहते थे। उन्होंने लड़कियों को मांस खिलाया। बुरका पहनने के लिए दबाव बनाया। इसी कारण यह मामला लव जिहाद से जोड़ा जा रहा है। आरोपित अलग-अलग राज्यों के हैं। इस कारण यह भी आशंका है कि इनके पीछे दूसरे राज्यों के कुछ और लोग हो सकते हैं जो आरोपितों की मदद कर रहे हों। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। 200 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं इसी वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में नाबालिग बेटियों को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने वालों के लिए फांसी की सजा का प्रविधान करने की बात कही थी। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कड़ी कार्रवाई की बात कह चुके हैं। धार्मिक स्वातंत्र्य काननू के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक 200 से अधिक प्रकरण कायम किए जा चुके हैं, पर अपराधियों में काननू का डर नहीं दिख रहा। recent visitors 41

PBKS की सातवीं जीत, लखनऊ को 37 रन से हराया; अर्शदीप को तीन और उमरजई को दो विकेट मिले

लखनऊ  इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) के 54वां मैच में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 37 रनों से करारी शिकस्त दी. इस जीत के साथ ही पंजाब की टीम अंक तालिका में दूसरे पायदान पर आ गई है. इस मैच में टॉस जीतकर लखनऊ की टीम ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. पंजाब की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए प्रभसिमरन की तूफानी 91 रनों की पारी के बदौलत लखनऊ के सामने 237 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में उतरी लखनऊ की टीम 7 विकेट खोकर 199 रन ही बना सकी. ऐसी रही लखनऊ की पारी 237 रनों के जवाब में उतरी लखनऊ की शुरुआत बेहद खऱाब रही. तीसरे ही ओवर में लखनऊ को पहला झटका लगा जब मिचेल मार्श बिना खाता खोले ही अर्शदीप का शिकार बन गए. इसके बाद इसी ओवर में एडेन मार्करम भी 13 रन बनाकर आउट हो गए. उन्हें अर्शदीप ने बोल्ड किया. इसके बाद 5वें ओवर में लखनऊ को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब अर्शदीप ने निकोलस पूरन को भी चलता किया. इसके बाद कप्तान पंत से उम्मीद थी. लेकिन एक बार फिर उन्होंने निराश किया. पंत के बल्ले से केवल 18 रन निकले और वो अपना विकेट फेंक कर चले गए. इसके बाद 10वें ओवर में डेविड मिलर के रूप में लखनऊ को 5वां झटका लगा. लेकिन इसके बाद अब्दुल समद और आयुष बदोनी के बीच 41 गेंद में 81 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन 16वें ओवर में अब्दुल समद 45 रन बनातर आउट हो गए. लेकिन एक छोर पर आयुष टिके रहे. उन्होंने 40 गेंदों पर 70 रनों की पारी खेली और आखिरी ओवर में उनका विकेट गिरा. लेकिन वो अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके. पंजाब किंग्स ने ये मैच 37 रनों से जीत लिया और अंक तालिका में दूसरे नंबर पर पहुंच गई. ऐसी रही पंजाब की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले ही ओवर में आकाश महाराज सिंह ने प्रियांश आर्य को चलता किया. प्रियांश के बल्ले से केवल 1 रन ही निकले. लेकिन इसके बाद प्रभसिमरन सिंह और जोश इंग्लिश ने तूफानी बल्लेबाजी की. इंग्लिश ने छक्कों की हैट्रिक भी लगाई. लेकिनव 5वें ओवर में आकाश ने उन्हें भी अपना शिकार बनाया. लेकिन दूसरे छोर पर प्रभसिमरन टिके रहे. प्रभसिमरन ने 30 गेंद में फिफ्टी जड़ी. लेकिन 13वें ओवर में पंजाब को तीसरा झटका लगा जब अय्यर 25 गेंद में 45 रन बनाकर दिग्वेश का शिकार बने. वहीं, इसके बाद नेहाल वढ़ेरा ने अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन 16वें ओवर में प्रिंस यादव ने उन्हें अपना शिकार बनाया. नेहाल के बल्ले से 16 रन निकले. लेकिन एक छोर पर प्रभसिमरन सिंह डटे रहे. उन्होंने 48 गेंद पर 91 रन बनाए और 19वें ओवर में उनका विकेट गिरा. अपनी पारी में प्रभसिमरन ने 6 चौके और 7 छक्के लगाए. उनकी इस पारी के दम पर पंजाब ने लखनऊ को जीत के लिए 237 रनों का लक्ष्य दिया. recent visitors 45

एमबी पावर ने स्थानीय रोजगार को दी मजबूती, अनूपपुर प्लांट में लगभग 275 स्थानीय युवाओं की नियुक्ति

एमबी पावर ने स्थानीय रोजगार को दी मजबूती, अनूपपुर प्लांट में लगभग 275 स्थानीय युवाओं की नियुक्ति निकट भविष्य में रोजगार के और अवसर देने का संकल्प स्थानीय ठेकेदारों और विक्रेताओं के साथ साझेदारी कर क्षेत्र में बढ़ाए रोजगार के अवसर अनूपपुर  एमबी पावर (मध्यप्रदेश) लिमिटेड ने आज अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील स्थित लहरपुर गांव में स्थित अपने पावर प्लांट के आसपास के गांवों से लगभग 275 युवाओं को रोजगार देकर स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। यह नियुक्तियां विभिन्न विभागों में की गई हैं, जिनमें अकुशल श्रमिकों से लेकर आईटीआई पास तकनीशियन, स्नातक और परास्नातक डिग्री धारकों तक को शामिल किया गया है। इस विविधता से कंपनी की मजबूत स्थानीय मानव संसाधन संरचना तैयार करने की प्रतिबद्धता झलकती है। प्रत्यक्ष नियुक्तियों के साथ ही कंपनी ने कई स्थानीय विक्रेताओं और ठेकेदारों के साथ भी साझेदारी की है, जिससे क्षेत्र में कई परिवारों के लिए आय के नए स्रोत उत्पन्न हुए हैं। अपनी विस्तार रणनीति के तहत एमबी पावर आने वाले वर्षों में अपनी वर्तमान क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है। इस विस्तार को समर्थन देने के लिए कंपनी ने आसपास के गांवों से और अधिक लोगों को रोजगार देने का संकल्प लिया है, ताकि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो और स्थानीय अर्थव्यवस्था में सतत योगदान दिया जा सके। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कंपनी के विकास चरण को समर्थन दिया है और इसे क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला कदम बताया है। हिंदुस्तान पावर में एवीपी – मानव संसाधन, श्री सुबोध सिंह ने कहा, “एमबी पावर में हम हमेशा उन क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य करते हैं, जहां हम कार्यरत हैं। हमने हमेशा स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी है, जिन्होंने हर कदम पर हमारा साथ दिया है। हमें खुशी है कि क्षेत्र में समग्र प्रगति हो रही है और जैसे-जैसे आवश्यकता होगी, हम और लोगों को रोजगार देते रहेंगे।” समुदाय-आधारित विकास और समावेशी प्रगति पर केंद्रित एमबी पावर एक जिम्मेदार संस्था और क्षेत्रीय विकास की सहायक शक्ति बनी हुई है। recent visitors 30

जन-जागरण से जल-संरक्षण का ऐतिहासिक जन-अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि "जल स्रोतों का संरक्षण केवल प्रशासन का कार्य नहीं, यह प्रत्येक नागरिक की सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारी है।" जल संकट आज वैश्विक चिंता का विषय है और भारत जैसे कृषि प्रधान देश में यह विषय और भी अधिक गंभीर हो जाता है। मध्यप्रदेश सरकार ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से इस चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणास्पद पहल की है। जल-संरक्षण केवल अभियान नहीं, अपितु पर्यावरणीय पुनरुत्थान और सांस्कृतिक चेतना का समवेत संगम है। जन-भागीदारी से जल संरचनाओं को नवजीवन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 30 अप्रैल से प्रारंभ किया गया “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान एक बहु-स्तरीय आयोजन है। इसका उद्देश्य राज्य के जल स्रोतों जैसे नदियों, तालाबों, झीलों, पुराने कुओं, बावड़ियों और जल-धाराओं को पुनर्जीवित करना और उन्हें सतत रूप से संरक्षित करना है। यह अभियान सरकारी योजना से आगे बढ़कर अब जन-आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की नदियों, तालाबों, झीलों, पुराने कुओं, बावड़ियों और जल-धाराओं को सहेज कर उन्हें पुनर्जीवन देना है। इन जल स्रोतों की गाद निकासी, सफाई, सीमांकन और पुनर्जीवन की कार्य-योजना बनाई गई है, जिसमें जन-भागीदारी से श्रमदान भी किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों से लेकर नगर निगमों तक लोग स्वयं आगे आकर जल स्रोतों की सफाई कर रहे हैं। नदियों के किनारे विशेष रूप से देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण कर जल-स्तर बढ़ाने और मृदा क्षरण को रोकने का कार्य किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य किया जा रहा है। स्कूल और कॉलेजों में जल-संरक्षण पर जन-जागरण अभियान, रैलियाँ, निबंध प्रतियोगिताएँ, जल संवाद और ‘जल प्रहरी’ जैसी अवधारणाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। ड्रोन से सर्वेक्षण, वैज्ञानिक तरीके से जलग्रहण क्षेत्र की मैपिंग, भू-जल पुनर्भरण तकनीकों का उपयोग आदि भी अभियान का हिस्सा हैं। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जिले में हज़ारों जल स्रोतों की सफाई की जा रही है। अभियान में राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व के साथ ही जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयं-सेवकों, एनजीओ और आम नागरिकों की सामूहिक सहभागिता और सक्रियता ने अभियान को जन-अभियान बना दिया है। ‘जल दीप यात्रा’, ‘जल संकल्प’ कार्यक्रमों और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जल-संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। इस कार्य में म.प्र. जन-अभियान परिषद भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान में हजारों जल स्रोत पुनर्जीवित होने लगे हैं। वर्षाकाल में इसके प्रभावी परिणाम देखने को मिलेंगे। अनेक स्थानों पर भूजल स्तर में सुधार के संकेतों के साथ ही जलग्रहण क्षेत्रों में बढ़ती हरियाली और मिट्टी में नमी का स्तर सकारात्मक परिवर्तन लायेगा। अभियान से समाज में सकारात्मक मनोवृत्ति का विकास भी हुआ है। अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों से जन-मानस में जल-संरक्षण के लिए नई चेतना और व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्थायी जल प्रबंधन संरचनाओं जैसे चेक डैम, परकोलेशन टैंक, जल पुनर्भरण, कुएं-बावड़ी आदि के पुनरुद्धार की योजना बनाई जा रही हैं। अभियान के सफल संचालन और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और मूल्यांकन प्रणाली विकसित की गई है। सभी गतिविधियों की जीआईएस आधारित ट्रैकिंग और इंपैक्ट वैल्युएशन से परिणामों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। अभियान को स्थायी जन-आंदोलन बनाने के लिए राज्य सरकार इसे एक समयबद्ध आयोजन मात्र न मानते हुए जन-सहयोग से सतत अभियान के रूप में विकसित कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान मध्यप्रदेश के जल संसाधनों का संरक्षण करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। साथ ही यह सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्य और नागरिक कर्त्तव्यों को जोड़ने वाला एक व्यापक अभियान भी है। जन-भागीदारी से जन्मा यह अभियान भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित, समृद्ध और जल-सम्पन्न मध्यप्रदेश देने की ओर एक सशक्त कदम है। recent visitors 41

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार का तीसरा चरण मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में आज से होगा शुरू

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तीसरे चरण का शुभारम्भ 5 मई से होगा। इसको लेकर शासन-प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सुशासन तिहार का तीसरा चरण 31 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक जिले की 08 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं अन्य  मंत्रीगण कुछ समाधान शिविरों में  शामिल होंगे तथा आवेदकों से भेंट कर उनकी समस्याओं के निराकरण के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। तीसरे चरण में मुख्यमंत्री स्वयं हेलीकॉप्टर से औचक रूप से किसी भी गांव में पहुँचकर लोगों से मुलाकात करेंगे और चौपाल लगाकर गांव के विकास और वहां पर पदस्थ मैदानी अमले की कार्यशैली के बारे में लोगों से जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री  साय इस दौरान शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण एवं विकास कार्याें की जमीनी हकीकत का भी मुआयना करेंगे।   यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य में शासन-प्रशासन को संवेदनशील, जनोन्मुखी और पारदर्शी बनाने के साथ ही जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन तिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है। सुशासन तिहार के प्रथम चरण का शुभारंभ 08 अप्रैल को हुआ था। इसके तहत 11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता से ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डाें में शिविर लगाकर समस्याओं और मांगों के संबंध में आवेदन लिए गए। आम जनता अपने आवेदनों को सहजता से शासन-प्रशासन तक पहुंचा सके, इसके लिए ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालयों तक प्रमुख स्थानों पर समाधान पेटियां रखी गई, जिसमें लोग अपने आवेदन डाल सके। ऑनलाईन आवेदन लेने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।   सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेश की जनता से करीब 40 लाख से अधिक आवेदन-पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें मांग, समस्या और शासकीय योजनाओं से संबंधित आवेदन शामिल थे। जिला प्रशासन द्वारा समर्पित प्रयासों से इन आवेदनों को विभागवार वर्गीकृत कर सुराज अभियान के पोर्टल पर अपलोड किया गया है, और निराकरण की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ जारी है। संबंधित आवेदनों की स्थिति की जानकारी भी हितग्राहियों को समयबद्ध रूप से दी जा रही है। तीसरे चरण में शासन की प्राथमिकता आम जनता को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है। समाधान शिविरों में हितग्राहियों को योजनाओं के आवेदन प्रपत्र प्रदान किए जाएंगे और पात्रता के अनुसार योजना से लाभ दिलाने की कार्यवाही भी की जाएगी। समाधान शिविरों में ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाना है। उन्होंने कहा, हमारा संकल्प है कि राज्य के हर नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे। सुशासन तिहार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गया है। यह अभियान केवल आवेदन संग्रह या समस्या निराकरण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राज्य के शासन-प्रशासन और जनता के बीच सेतु बन गया है। recent visitors 39

MP कांग्रेस ने पहली बार अलग से बनाया चुनाव प्रबंधन विभाग, संगठन को मजबूत करने में जुटी

भोपाल एमपी कांग्रेस ने पहली बार चुनाव के इतने पहले चुनाव प्रबंधन विभाग का अलग से गठन है। विभाग का प्रभार पूर्व मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह को दिया गया है। वहीं संगठन का प्रभार पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को दिया गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है। इसे लेकर तरह-तरह के प्रयोग किया जा रहे हैं और अलग-अलग व्यक्तियों को दायित्व दिए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के करीब साढ़े तीन साल पहले कांग्रेस ने पहली बार चुनाव प्रबंधन विभाग का अलग से गठन किया है। काग्रेस के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. संजय कावले ने बताया कि इससे पहले चुनाव के समय चुनाव प्रबंधन कमेटी बनाई जाती थी। पहली बार इस तरह का प्रयोग किया गया है। इस विभाग का प्रभार पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को दिया गया है। पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को मिली जिम्मेदारी वही संगठन प्रभारी मे भी बदलाव किया गया गया है। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह की जगह पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को प्रभार सौंप गया है। दरसअल चार महीने पहले एमपी कांग्रेस के संगठन में दो-दो प्रभारी नियुक्त किए गए थे। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह और प्रदेश महामंत्री संजय कामले को संगठन का प्रभारी बनाया गया था। चार महीने में ही प्रियव्रत सिंह की जगह संगठन का प्रभार पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को दिया गया है। कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति 1-  प्रियव्रत सिंह- प्रभारी 2-  गौरव रघुवंशी- अध्यक्ष 3-  गोरकी बैरागी- सदस्य 4- मृणाल पंत- सदस्य 5- शैलेन्द्र पटेल- सदस्य 6- मयंक तेनगुरिया- सदस्य पंचायत और वार्ड समितियों का होगा गठन एमपी कांग्रेस द्वारा गठित चुनाव प्रबंधन विभाग अब निचले स्तर के संगठन पर काम करेगा। यानि हर विधानसभा में चुनाव प्रबंधन का प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद पंचायत और वार्ड समितियों का गठन होगा। इन समितियों के गठन में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि चुनावी लिहाज से पंचायत और वार्ड समिति के सदस्य कितने कैपेबल हैं। recent visitors 39

शहर की अलग-अलग अवैध काॅलोनी में 565 प्लाॅट भूमाफिया ने बेचे है, होगी एफआईआर

इंदौर इंदौर में प्रशासन ने अवैध काॅलोनी काटने वालों के खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी की है। शहर की अलग-अलग अवैध काॅलोनी में 565 प्लाॅट भूमाफिया ने बेचे है। इस तरह के 19 लोगों पर प्रशासन प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। इंदौर में 16 हेक्टेयर जमीन पर विकसित हो रही थी काॅलोनी। इससे पहले भी प्रशासन 38 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर चुका है। शहर के मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट की जगह पर अवैध काॅलोनियां काटकर प्लाॅट बेचने का काम लंबे समय से जारी है। लोग भी सस्ते प्लाॅटों के चक्कर में नोटरियों पर प्लाॅट खरीद लेेते है, लेकिन वहां नक्शे मंजूर नहीं होते और न ही मूलभूत सुविधाएं मिलती है। अफसरों ने शहर में 19 भूमाफिया को चिन्हित किया जो काॅलोनियों में प्लाॅट बेच रहे है। उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में शिकायत होगी। इससे पहले प्रशासन अवैध काॅलोनाइजरों के खिलाफ रासुका के तहत भी एक्शन ले चुका है। पार्षद ने रुकवाया निर्माण सांईकृपा काॅलोनी में एक होस्टल का निर्माण हो रहा था। इसकी शिकायत रहवासियों ने पार्षद संगीता जोशी को की थी। रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र मेें आवासीय प्लाॅटों पर होस्टल व होटल खोले जा रहे है। इसके बाद पार्षद ने मौके पर जाकर अवैध निर्माण रुकवाया और नगर निगम के अफसरों से कहा कि वे काॅलोनी में देखे कि कहां पर व्यावसायिक निर्माण हो रहा है। रहवासी केके झा ने बताया कि  वार्ड 36 और 37 में इस तरह के अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे है।  recent visitors 35