लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त का इंतजार करोड़ों बहनों को, 24वीं किस्त 15 तारीख तक जारी की जाएगी

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रही करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए काम की खबर है। योजना की 24वीं किस्त 15 तारीख तक जारी की जाएगी, क्योंकि सरकार ने राशि भेजने की तारीख में बदलाव किया है। अप्रैल में कैबिनेट बैठक के दौरान मोहन सरकार ने फैसला किया था कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी। वैसे मार्च 2025 तक हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच लाड़ली बहनों के खाते में योजना की राशि जारी कर दी जाती थी लेकिन अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त के 1250 रुपए भेजे गए थे और अब से अगली किस्त के लिए 10 नहीें बल्की 15 तारीख तक का इंतजार करना होगा। इसके अलावा इसी दिन 25 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की भी राशि जारी की जाएगी। 1250 के हिसाब से हर महीने 1550 करोड़ की जरूरत लाड़ली बहना योजना के लिए हर माह सरकार को करीब 1500 करोड़ से ज्यादा रूपए की जरूरत पड़ती है और हाल ही में सरकार ने कर्मचारियों पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़ाया है, ऐसे में अब मध्य प्रदेश सरकार को 2025-26 के केंद्रीय बजट के हिस्से के 1.11 लाख करोड़ रुपये मिलने का इंतजार ।केंद्र सरकार से मिलने वाला यह टैक्स हर साल 14 किस्तों में आता है और हर महीने की 10 तारीख को यह फंड आता है। खबर तो ये भी है कि हर माह की 10 तारीख को फंड रिलीज होने के चलते ही राज्य सरकार ने लाडली बहना योजना की राशि जारी करने की तारीख में बदलाव किया है।     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।लाड़ली बहनों को जून 2023 से अप्रैल 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 23 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना : आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। recent visitors 38

सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्‍ली कैपिटल्‍स के बीच आज मुकाबला काफी अहम, दोनों टीमों की होगी कड़ी टक्कर

हैदराबाद आईपीएल 2025 (IPL 2025) का 55वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्‍ली कैपिटल्‍स के बीच सोमवार, 5 मई 2025 को खेला जाएगा. यह मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्‍ट्रीय स्‍टेडियम में होगा. इस सीजन में इन दोनों टीमों की दूसरी भिड़ंत है.  दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला काफी अहम होने वाला है, क्योंकि प्‍लेऑफ के लिहाज से ये मैच दोनों ही टीमों के लिए महत्‍वपूर्ण है. हैदराबाद इस मैच को हारकर आधिकारिक रूप से बाहर हो जाएगी. वहीं दिल्ली इस मैच को जीतकर प्‍लेऑफ के लिए अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी और अंक तालिका में टॉप-4 में पहुंचना चाहेगी. बता दें कि अक्षर पटेल के हाथों में दिल्ली कैपिटल्स की कमान है. वहीं पैट कमिंस के कंधों पर हैदराबाद की जिम्मेदारी है. ऐसे में कमिंगस सम्‍मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी. ऐसे में इस रोमांचक मुकाबले के पहले जानते हैं पिच रिपोर्ट, हेड टू हेड आंकड़े, प्रीडिक्शन, मौसम का हाल और दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग इलेवन. आईपीएल 2025 का 55वां मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और दिल्‍ली कैपिटल्‍स (DC) के बीच सोमवार, 5 मई को शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा. वहीं टॉस शाम 7:00 बजे होगा. हैदराबाद और दिल्ली के बीच मैच कहां देखें? 5 मई को सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्‍ली कैपिटल्‍स के बीच मुकाबले का ब्रॉडकास्ट Star Sports Network पर देख सकते हैं. इसके अलावा JioHotstar app को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करके इस मैच को लाइव देख सकते हैं. हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्‍टेडियम की पिच की बात करें तो यह पिच बल्‍लेबाजों के लिए मुफीद मानी जाती है. सपाट मैदान के लिए मशहूर हैदराबाद के इस पिच पर खूब रन बनते हैं. हालांकि तेज गेंदबाजों के लिए यह पिच रास नहीं आता. वहीं स्पिन गेंदबाजों को यहां थोड़ी मदद मिलती है. बता दें कि इस मैच में टॉस बेहद अहम साबित होगा. ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन रन चेज करना पसंद करेगी. हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्‍टेडियम में अब तक आईपीएल के 82 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 35 मुकाबले में जीत हासिल की है, जबिक रनों का पीछा करने वाली टीम 47 मैच अपने नाम किए. अब तक आईपीएल के मैच में सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्‍ली कैपिटल्‍स की टीम का आमना-सामना कुल 25 बार हुआ है. जिसमें से एसआरएच ने 13 मुकाबलों में जीत दर्ज की है. वहीं दिल्‍ली कैपिटल्‍स ने 12 मैच अपने नाम किए हैं. इस तरह अभी तक एसआरएच को एक मैच की बढ़त है. हालांकि इस सीजन में उसका रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है. recent visitors 40

हिन्दू लड़कियों को बहलाने-फुसलाने के लिए महंगे रेस्टॉरेंट, पब और बार में ले जाने का पैसा कहाँ से लाते है लव जिहादी

भोपाल  राजधानी भोपाल में सामने आए लव जिहाद को लेकर अब सिर्फ प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में चर्चा है। इस मामले में हर दिन एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। लेकिन आरोपियों को लेकर कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं जैसे उनके पास पैसे कहां से आते थे और महंगे शौक पूरे करने के लिए कौन मदद करता था। राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम इन सवालों के जवाब जुटाने में लग गई है। आर्थिक रूप से कमजोर है आरोपियों का बैकग्राउंड दरअसल, राष्ट्रीय महिला आयोग का कहना है कि लव जिहाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि आर्थिक रूप से कमजोर है। जिस तरह की लग्जीरियस लाइफ वे जीते थे, ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि उन्हें फंडिंग कौन करता था। आरोपी थे तो गरीब घर से लेकिन उनके पास महंगाई बाइक और कार थी। साथ ही किराए से लिए कई कमरे हैं जिनका रेंट काफी ज्यादा है। आरोपी लड़कियों को बहलाने-फुसलाने के लिए भी महंगे रेस्टॉरेंट, पब और बार में ले जाते थे। जहां से उन्हें अपना शिकार बनाने का खेल शुरू होता था और इसके बाद उनके साथ अश्लीलता की हदें पार कर वीडियो बनाकर वायरल करने की प्लानिंग की जाती थी। पुलिस ने शुरू की जांच जांच के लिए भोपाल पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने वित्तीय सहायता पहुंचाने वालों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद पुलिस ने इस दिशा में जांच शुरू कर दी और लव जिहाद की फंडिंग करने वालों की तलाश में जुट गई है। recent visitors 45

पेंच नेशनल पार्क का बफर जोन बना पर्यटकों का सबसे पसंदीदा रास्ता, घास सूखने से आसानी से बाघ के दीदार

सिवनी आजकल गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं. ऐसे में भीषण गर्मी के बाद भी पर्यटक टाइगर रिजर्व की ओर रुख कर कर रहे हैं. पर्यटकों का सपना होता है कि नेशनल पार्क में घूमने के दौरान बाघ दिख जाए. बाघ के साथ ही अन्य दुर्लभ वन्य जीव भी देखने की इच्छा सैलानी रखते हैं. सिवनी जिला स्थित पेंच नेशनल पार्क में भी सैलानियों की संख्या बढ़ गई है. सुबह से लेकर शाम तक पर्यटक टाइगर रिजर्व में समय बिताकर सुकून महसूस कर रहे हैं. जिप्सी में सफारी के दौरान विभिन्न वन्यजीव देखकर पर्यटक रोमांचित हो रहे हैं. बाजीराव बाघ सामने से आया तो रोमांचित हुए सैलानी रविवार को भी पेंच नेशननल टाइगर पार्क में बड़ी संख्या मे सैलानी पहुंचे. भीषण गर्मी में दोपहर के वक्त तो सैलानी पेड़ों की घन छांव या रेस्टोरेंट में विश्राम करते हैं लेकिन धूप थोड़ा ढलते ही टाइगर रिजर्व में सैर करने लगते हैं. रविवार को सैलानी नेशनल पार्क में घूम रहे थे कि सामने से एक बाघ आता हुआ दिखाई दिया. भीषण गर्मी के कारण ये बाघ काफी थका हुआ और छांव की तलाश में चहलकदमी कर रहा था. बाघ देखते ही सैलानियों में रोमांच भर गया. सभी ने अपने मोबाइल में इस टाइगर की तस्वीर व वीडियो कैद किया. पेंच टाइगर रिजर्व में ये बाघ व बाघिन आकर्षण के केंद्र रविवार को पेंच टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान पर्यटकों ने बाघ बाजीराव का दीदार किया. ये बाघ पर्यटकों का सबसे पसंदीदा है. बाघ बाजीराव नेशनल पार्क की पगडंडी पर आराम से चल रहा था. कैमरे में ये दृश्य कैद करने के बाद सैलानियों ने कहा "उनकी तमन्ना पूरी हो गई. उन्होंने सोचा था कि शायद ही उनका पसंदीदा बाघ से सामना होगा. लेकिन ऐसा लगता है कि सपना सच हो गया." बता दें कि इन दिनों पेंच टाइगर रिजर्व पर्यटकों से फुलहाउस चल रहा है. बीजामट्टा बाघिन, पाड़देव बाघिन, लक्ष्मी बाघिन, काला पहाड़ बाघिन, एल मार्क व स्वास्तिक बाघ भी सफारी के दौरान पर्यटकों को कोर क्षेत्र में देखने को मिलते हैं. recent visitors 31

भोपाल मंडल में लूप लाइन संरक्षा को लेकर प्रभावी प्रयास, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

भोपाल रेल यात्रियों की संरक्षा और निर्बाध परिचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल द्वारा स्टेशन यार्डों और लूप लाइनों के उन्नयन एवं निरीक्षण कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। रेलवे यार्ड न केवल गाड़ियों के ठहराव और पारगमन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि मालगाड़ियों और बिना ठहराव वाली तेज गति की ट्रेनों के संचालन की दृष्टि से भी इनका बड़ा योगदान होता है। भोपाल मंडल में कुल 2224 किलोमीटर ट्रैक परिचालन हेतु उपलब्ध है, जिसमें 88 स्टेशन यार्ड सम्मिलित हैं। इन यार्डों में मेन लाइन के अतिरिक्त लूप लाइनें होती हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य ट्रेनों के सुगम संचालन को सुनिश्चित करना है। एक लूप लाइन की औसतन लंबाई लगभग 700 मीटर होती है, और यह मेन लाइन या अन्य लूप लाइन से टर्नआउट के माध्यम से जुड़ी रहती है। मंडल के यार्डों में 204 पैसेंजर रनिंग लाइनें और 256 नॉन-पैसेंजर रनिंग लाइनें कार्यरत हैं। इन लाइनों पर संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नियमित रूप से ट्रैक पैरामीटर की तीन माह और छह माह की आवृत्तियों पर जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान पाए गए दोषों को त्वरित गति से ठीक करने की प्रक्रिया भी पूरी पारदर्शिता के साथ अपनाई जा रही है। संरक्षा के इसी क्रम में मंडल ने यार्ड संरचना को आधुनिक बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। वर्तमान में 83 यार्डों में से 35 यार्डों का उन्नयन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष यार्डों पर कार्य प्रगति पर है। उन्नयन कार्यों में फ्री रेल जॉइंट्स को हटाना, पुराने टर्नआउट को प्रतिस्थापित करना, गिट्टी की छनाई, ड्रेनेज सुधार और ट्रैक फिटिंग्स का प्रतिस्थापन जैसे कार्य प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। भोपाल मंडल ने वर्ष 2024-25 में यार्डों की सुरक्षा और कार्यकुशलता को बढ़ाने हेतु लगभग 244 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। इसके अंतर्गत 11 महत्वपूर्ण यार्डों की पहचान की गई है, जिनमें से 4 यार्डों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और शेष यार्डों का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। भोपाल रेलवे प्रशासन का सतत प्रयास है कि प्रत्येक यार्ड की संरचना यात्रियों की सुरक्षा, ट्रेनों की गति, समयबद्धता और परिचालन सुविधा के अनुसार उच्च मानकों पर आधारित हो। लूप लाइन और यार्ड अपग्रेडेशन के ये प्रयास रेल संरक्षा अभियान के अंतर्गत यात्रियों को एक संरक्षित, सहज और भरोसेमंद यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। recent visitors 31

मानपुर बफर क्षेत्र में बिजली का करेंट की चपेट में दो युवक आ गए और दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत

उमरिया  मध्यप्रदेश में वन्यजीवों का शिकार जारी है। जंगलों में बिजली करेंट बिछाकर वन्यजीवों के शिकार किए जाते हैं। कभी कभी वन्यजीवों से फसल की रक्षा के लिए बिजली करेंट लगाए जाते हैं। यहां बिजली करेंट कभी कभी लोगों की जान की धुश्मन बन जाती है। ऐसा ही एक मामला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र से आया है, जहां करेंट की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। दरअसल मामला मानपुर थानांतर्गत ताला चौकी का है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में नाले वन्यजीवों के शिकार के लिए बिजली का करेंट लगाया गया था। इसी करेंट की चपेट में दो युवक आ गए और दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में ग्राम नरवार निवासी पुष्पेन्द्र जयसवाल पिता मोतीलाल उम्र 35 वर्ष एवं विपिन दाहिया पिता सूरजदीन उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम नरवार शामिल है। हादसे में दो युवकों की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लग गई थी। recent visitors 30

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर नगर सुराज संगम के लिए दिया आमंत्रण

बिलासपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव प्रदेशभर के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ दो दिनों तक मंथन करेंगे। वे इस दौरान प्रत्येक नगरीय निकाय की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष तथा निकाय के अन्य जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए राजधानी रायपुर के होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल में 5 मई और 6 मई को दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला ’’नगर सुराज संगम’’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 6 मई को कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करेंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर ’’नगर सुराज संगम’’ के लिए आमंत्रित किया है। वे 5 मई को सवेरे 11 बजे दो दिवसीय इस आयोजन का शुभारंभ करेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री अरुण साव कार्यशाला में नगरीय निकायों के महापौरों, सभापतियों, महापौर परिषद के सदस्यों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे। वे इस दौरान नगरीय निकायों की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर भी चर्चा करेंगे। डॉ. बसवराजु ने बताया कि प्रबोधन-सह-कार्यशाला में नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नगरीय प्रशासन विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की योजनाओं, कार्यों तथा विभिन्न अधिनियमों के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। शहरों के व्यवस्थित विकास के लिए अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण की योजनाओं पर विभाग द्वारा मार्गदर्शिका का प्रकाशन किया गया है। साव शुभारंभ सत्र में इस ‘मार्गदर्शिका बुकलेट’ का विमोचन करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने पाती लिखकर दिया आमंत्रण उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर प्रबोधन-सह-कार्यशाला में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने अपनी पाती में नगरीय निकायों के आम निर्वाचन में निर्वाचित होने के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि हमारी सुशासन की सरकार के संकल्प पर आम जनता ने नगरीय निकायों के निर्वाचन में भी अपना विश्वास हमारी नीतियों एवं कार्यप्रणाली पर जताया है। भविष्य में भी हमारा प्रयास जनता के इस भरोसे को अपने जन हितकारी कार्यों से अक्षुण्ण बनाए रखना होगा। आप अपने शहर के प्रथम नागरिक हैं, जिससे आपका दायित्व भी बढ़ा है। हमारी सरकार आप सभी के सहयोग से शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री साव ने महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को संबोधित करते हुए लिखा है कि हमारे संकल्पों के सोपान में एक पहल के रूप में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण की विभिन्न योजनाओं एवं अधिनियमों के महत्वपूर्ण प्रावधानों, कामकाज तथा हमारी सरकार की शहर के व्यवस्थित विकास के लिए आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर विस्तृत परिचर्चा की जाएगी। साव ने अपनी पाती में विश्वास व्यक्त किया है कि अब तक आपके द्वारा अपने शहर के व्यवस्थित और सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार कर ली गई होगी, इस कार्यक्रम में आपसे प्रत्यक्ष संवाद कर इस संबंध में सार्थक परिचर्चा करना चाहूंगा। उन्होंने सभी नगर निगमों के महापौरों, सभापतियों, महापौर परिषद के सदस्यों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों से प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला में सहभागिता का आग्रह किया है।   recent visitors 32