Saturday, July 4, 2026 2:00 pm

पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना से 10 से अधिक गांवों के 5,000 किसान होंगे लाभान्वित, सीएम ने कहा- क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। जिले के सुदूर वनांचल मड़ेली को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी घोषणा की है। शुक्रवार को सीएम साय ने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए 45 वर्षों से अधूरी पड़ी पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना को पूरा करने को कहा। सीएम ने कहा कि यह घोषणा न केवल एक अधूरे वादे की पूर्णता है, बल्कि क्षेत्र के हजारों किसानों के सपनों की भी पुनर्स्थापना है। 1977 में प्रारंभ हुई इस योजना को घुनघुट्टी नाला पर बांध बनाकर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन 1980 में वन अधिनियम लागू होने के कारण वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति न मिलने से कार्य अधर में लटक गया। इसके बाद की कई सरकारों ने इस ओर गंभीर पहल नहीं की, और किसानों की आशाएं धीरे-धीरे धुंधली पड़ती गईं। जिस कारण किसानों को सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सीएम की घोषणा पर खुश हुए लोग अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे को प्राथमिकता में लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पर्यावरणीय स्वीकृति देकर वर्षों पुरानी इस परियोजना को जीवनदान दिया। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार समाधान शिविर में इस बहुप्रतीक्षित स्वीकृति की घोषणा की, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह ने खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने सीएम की इस घोषणा पर जमकर ताली बजाई। विकास की नई धारा बहेगी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि किसानों के संघर्ष, प्रतीक्षा और उम्मीद की जीत है। यह सुशासन तिहार का असली अर्थ है लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना। इस निर्णय से न केवल क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी, बल्कि फसल उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा, जिससे क्षेत्र में समग्र विकास की नई धारा बहेगी। बता दें कि सुशासन तिहार के मौके पर सीएम साय औचक निरीक्षण कर रहे हैं। recent visitors 35

मुख्यमंत्री साय बोले – एक सफल अधिकारी वही होता है जो पहल करता है, संवाद करता है और समाधान तक पहुँचता है

रायपुर सुशासन तिहार के तीसरे चरण में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विभिन्न जिलों के गांवों का आकस्मिक निरीक्षण और समाधान शिविरों का दौर जारी है जहाँ आवेदनों के निराकरण की स्थिति से अवगत होकर वे समीक्षा बैठक भी ले रहे हैं। आज इसी कड़ी में मुख्यमंत्री साय ने महासमुंद जिला मुख्यालय में महासमुंद, गरियाबंद और बलौदा बाज़ार के कलेक्टर-एसपी, डीएफओ सहित अन्य अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिले में सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों और उन के निराकरण की स्थिति की जानकारी लेने के साथ ही शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की इन जिलों में क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ज़ोर दिया कि ज़िलों में आमजनों के हित को सर्वाेपरि रख कलेक्टर-एसपी नियमित भ्रमण कर उनकी समस्याओं का निराकरण करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ जन संवाद को मजबूत करना है। हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा जनता के दुख दर्द को कम करने जनता तक पहुंचने को कहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी ऊर्जा, प्रतिबद्धता और विनम्रता के साथ लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का निराकरण करें और अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि  समीक्षा बैठकों में यह स्पष्ट हुआ है कि जो अधिकारी क्षेत्र में अधिक सक्रिय रहते हैं, उन्हें जनसमस्याओं की गहरी समझ रहती है। एक  सफल अधिकारी वही होता है, जो पहल करता है, संवाद करता है और समाधान तक पहुँचता है। मुख्यमंत्री साय ने गर्मी के मौसम को देखते हुए आमजन को पेयजल की सुलभ एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि मार्च 2026 तक तीन साल से अधिक लंबित सभी राजस्व प्रकरणों का निपटारा सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की महत्वपूर्ण  योजना है। लोगों को पक्का आवास देने की इस योजना के क्रियान्वयन में कोई कोताही ना बरती जाये। बैठक में मुख्यमंत्री ने  अधोसंरचना निर्माण कार्यों में आने वाली दिक्कतों को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे जिलों को जहाँ 10-12 वीं बोर्ड के नतीजे संतोषजनक नहीं आए हैं वहाँ ज़्यादा बेहतर नतीजे लाने पर ध्यान देने कहा ।      बैठक में सांसद महासमुंद रूपकुमारी चौधरी, प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, राजिम विधायक रोहित साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस, रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे, पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 30

छत्तीसगढ़ में हाईकोर्ट ने भी भी पोस्टपोन किया समर वेकेशन, रेलवे स्टेशन में चेकिंग तेज, ट्रेनों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई

रायपुर भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच देशभर में अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग विभागों को अलर्ट पर रखा है। पुलिस प्रशासन ने कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टी को लेकर निर्देश जारी किए हैं। पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बिना परमिशिन कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ें। इसके साथ ही बताया गया है कि पुलिसकर्मियों को सिर्फ अति इमरजेंसी होने पर ही छुट्टियां मिलेंगी। क्या लिखा है लेटर में छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी लेटर में यह लिखा गया है कि वर्तमान परिस्थियों में जहां अतिरिक्त अलर्ट जारी करने की आवश्यकता होती है, ऐसे में सभी पुलिस इकाई प्रमुख यह सुनिश्चित करें कि इकाई के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अति आवश्यक परिस्थितियों में अवकाश एवं अनिवार्य शासकीय कार्यों के अतिरिक्त मुख्यालय छोड़ने की अनुमित प्रदाय नहीं किया जावे। साथ ही सभी इकाई प्रमुख यह भी सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अधिकतम बल पूर्ण तैयारी के साथ ईकाई स्तर पर उपलब्ध रखा जाये। हाईकोर्ट ने भी भी पोस्टपोन किया समर वेकेशन वहीं, दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी समर वेकेशन को पोस्टपोन कर दिया है। पहले गर्मी की छुट्टियां 10 मई से शुरू होनी थीं। अब इसे 2 जून से बढ़ाकर 28 जून कर दिया गया है। हालांकि बार एसोसिएशन ने इस आदेश का विरोध किया है। रेलवे स्टेशन में चेकिंग तेज हालात को देखते हुए रेलवे ने भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन की सघन चेकिंग शुरू कर दी गई है। यात्रियों के समान की चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही यात्रियों के लिए अलर्ट भी जारी किया जा रहा है। ट्रेनों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई बिलासपुर जोन के सभी रेल मंडल से जुड़े स्टेशनों पर यात्रियों को लगातार मेगाफोन के जरिए आरपीएफ के साथ समन्वय बनाकर जानकारी देने की घोषणा की जा रही है। वहीं, प्लेटफार्म के साथ ही ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। recent visitors 50

कैलाश विजयवर्गीय और सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली

इंदौर बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय और सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 23 साल पुराने मामले में दर्ज निजी परिवाद को खारिज कर दिया है। मामला इंदौर के पीपल्याहाना तालाब को विकसित करने से जुड़ा था, जिसमें इन नेताओं पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। यह था मामला यह मामला 2001-2002 का है, जब कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के महापौर थे, और शंकर लालवानी, रमेश मेंदोला, मधु वर्मा और उमाशशि शर्मा महापौर परिषद के सदस्य थे। आरोप था कि होलकर घराने की कुछ जमीन का अधिग्रहण कर नवरतनबाग में कीमती जमीन दी गई, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। मामले में निजी परिवाद दर्ज करने वाले अधिवक्ता आनंद अग्रवाल ने इन जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आरोप लगाए थे। मामला पहले जिला न्यायालय में चला और फिर हाईकोर्ट पहुंचा, जहां हाईकोर्ट ने पूर्व महापौर उमाशशि शर्मा के खिलाफ आदेश को बरकरार रखा। मामले में अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं इसके बाद परिवादी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों पर मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है। कोर्ट ने निचली अदालतों के फैसले में किसी भी गलती को नहीं पाया और परिवाद को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कैलाश विजयवर्गीय, शंकर लालवानी, रमेश मेंदोला और अन्य जनप्रतिनिधियों को बड़ी राहत मिली है। 23 साल पुराने इस मामले में अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकेगी। recent visitors 45

छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों में सुरक्षा बढ़ाई , यात्रियों के समान की चेकिंग, टीम डॉग स्क्वायड के साथ जांच शुरू

बिलासपुर  सीमा पर भारतीय सेना पाकिस्तान को लगातार मुंहतोड़ जवाब दे रही है। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। रेलवे ने देश भर में अलर्ट जारी किया है। बिलासपुर जोनल स्टेशन में आरपीएफ ने ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ा दी है। ट्रेनों की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, यात्रियों के समान की भी चेकिंग की जा रही है। टीम डॉग स्क्वायड के साथ जांच शुरू कर दी गई है। माइक से हो रही है घोषणा रेलवे स्टेशनों में माइक के साथ अनाउंस किया जा रहा है। यात्रियों की रेलवे की जांच में सहयोग के लिए अपील भी की जा रही है। बिलासपुर रेलवे जोनल के सभी रेल मंडल से जुड़े स्टेशनों पर यात्रियों को लगातार मेगाफोन के जरिए अपील की जा रही है। इसके साथ ही आरपीएफ के साथ समन्वय बनाकर उद्घोषणा की जा रही है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर रेलवे प्लेटफॉर्म में सुविधा बढ़ा दी गई है। कोच की हो रही है चेकिंग रेलवे के अलर्ट जारी करने के बाद जोनल मुख्यालय के साथ ही सभी रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आरपीएफ के जवान सीसीटीवी कैमरों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। आरपीएफ की टीम कोचों की भी निगरानी कर रही है। ट्रेनों व यार्ड में खड़ी ट्रेनों की भी चेक किया जा रहा है। यात्रियों को भी सतर्कता बरतने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने के बारे में समझाया जा राह है। मॉकड्रिल का हुआ था आयोजन बिलासपुर जोनल मुख्यालय में दो दिन पहले हूटर बजाकर मॉकड्रिल किया था। इस दौरान यात्रियों को बताया गया कि आपदा की स्थिति में खुद को कैसे सुरक्षित रखना है और अपने परिवार वालों को कैसे बचाना है। सूचना केंद्र एक्टिव हुए यात्रियों को किसी तरह की भ्रामक जानकारी नहीं मिले इसके लिए बिलासपुर, अनूपपुर, उस्लापुर, चांपा, कोरबा, रायगढ़ जैसे रेलवे स्टेशन में सूचना केंद्रों को एक्टिव कर दिया गया है। लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है। recent visitors 24

वीरेंद्र सहवाग ने बताई रोहित शर्मा के टेस्ट रिटायरमेंट के पीछे की थ्योरी

नई दिल्ली रोहित शर्मा ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान किया था। रोहित शर्मा ने महज एक इंस्टा स्टोरी के जरिए रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। हालांकि, वे वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे। वे टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से पहले ही रिटायर हो चुके हैं। उधर, पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने रोहित शर्मा के इस फैसले की सराहना की, लेकिन उनके रिटायरमेंट के पीछे की थ्योरी भी बताई। सहवाग का मानना है कि सिलेक्टर्स ने उनको ऑफर दिया होगा कि वे खेल सकते हैं, लेकिन बतौर कप्तान नहीं। क्रिकबज पर बात करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने कहा, "यह अद्भुत है, क्योंकि मैंने भी ऐसी बातें सुनी थीं- जैसे कि वह इंग्लैंड दौरे की तैयारी कैसे कर रहे थे, या ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान जब उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच नहीं खेला था, तो वह कह रहे थे, 'मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं यहीं हूं। ऐसा दिखावा मत करो कि मैं रिटायर हो गया हूं।' लेकिन इस दौरान क्या हुआ होगा? जो हुआ होगा वह शायद यह है: जब चयनकर्ताओं ने अपना फैसला लिया- शायद उन्होंने सोचा, 'हम रोहित शर्मा को टेस्ट कप्तान के रूप में घोषित नहीं करेंगे,' या शायद, 'हम उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए खिलाड़ी के रूप में भी नहीं लेंगे'। मुझे यकीन है कि चयनकर्ताओं ने उनसे बात की होगी, उन्हें बताया होगा कि वे क्या सोच रहे थे और फिर उन्हें कुछ विकल्प दिए होंगे। यही कारण है कि टीम की घोषणा से पहले-कुछ और सार्वजनिक होने से पहले-रोहित शर्मा ने अपने संन्यास की घोषणा कर दी। यह एक अच्छा संकेत है।" सहवाग ने अपने करियर में कई रिकॉर्ड तोड़ने के लिए रोहित की प्रशंसा की और उन्हें एक एंटरटेनिंग प्लेयर बताया। उन्होंने कहा, "ऐसा कौन है, जो रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी को मिस नहीं करेगा? चाहे टेस्ट क्रिकेट हो, वनडे क्रिकेट हो या टी20 क्रिकेट, उन्होंने हमेशा भरपूर मनोरंजन दिया। प्रशंसकों ने उनकी बल्लेबाजी का लुत्फ़ उठाया और उन्होंने जो रिकॉर्ड बनाए हैं, वे लाजवाब हैं। हां, हमेशा यह अहसास होता है कि वह थोड़ा और खेल सकते थे। वह 100 टेस्ट मैच तक पहुंच सकते थे और केवल कुछ ही बेहतरीन खिलाड़ी उस मुकाम तक पहुंच पाए हैं, लेकिन उन्होंने अपना फैसला ले लिया है और यह ठीक है। उनका करियर बिल्कुल शानदार रहा है। उन्हें कोई पछतावा नहीं होना चाहिए। उन्होंने मध्यक्रम में शुरुआत की और ओपनर के तौर पर संन्यास लिया। उनकी उपलब्धियां बहुत हैं। इसलिए मैं कहूंगा-रोहित, आपकी सेवा के लिए धन्यवाद और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।" recent visitors 47

उत्तर प्रदेश में महिलाओं को स्टाम्प ड्यूटी में मिली 1% की छूट, इतनी कीमत तक की प्रॉपर्टी पर मिलेगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदने वाली महिलाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शानदार तोहफा दिया है। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए खरीदे जाने वाले स्टाम्प में राज्य में महिलाओं को एक प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की गई है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बीते  स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के लिए महिलाओं को स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट प्रदान करें। पहले सिर्फ 10 लाख रुपये थी लिमिट खबर के मुताबिक, पहले उत्तर प्रदेश में महिलाओं को स्टाम्प ड्यूटी में छूट की सीमा 10 लाख रुपये तक की प्रॉपर्टी तक के लिए थी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पैतृक संपत्तियों के विभाजन और रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकतम 5,000 रुपये का शुल्क लगाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने एक समान सर्किल दरों, रजिस्ट्रेशन से पहले जरूरी दस्तावेज सत्यापन और सरल प्रक्रिया के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। सेवाओं को डिजिटल बनाने का भी निर्देश बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रजिस्ट्री कार्यालय के बुनियादी ढांचे में सुधार करने और सभी सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल बनाने का भी निर्देश दिया। उत्तर प्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी एक ऐसा टैक्स है जिसका पेमेंट प्रॉपर्टी के लेनदेन को रजिस्टर करते समय अनिवार्य रूप से चुकाना होता है। उत्तर प्रदेश में हर प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन के लिए स्टाम्प ड्यूटी अलग-अलग होती है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति के लेन-देन के मामले में इन शुल्कों पर बड़ी राहत प्रदान की है। इससे उत्तर प्रदेश के लोगों को भारी वित्तीय बोझ से राहत मिली है। यूपी में स्टाम्प ड्यूटी जेंडर और डीड प्रकार के आधार पर अलग-अलग होती है। स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान करना जरूरी है, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होगा कि लेन-देन कानूनी है। यूपी में स्टाम्प ड्यूटी संपत्ति के बाजार मूल्य या सर्किल मूल्य, जो भी अधिक हो, का 5% से 7% तक होती है। recent visitors 86