Tuesday, July 7, 2026 2:31 pm

UPSC ने IFS परीक्षा का परिणाम घोषित किया, राजगढ़ की अंजली सोंधिया ने प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया

 राजगढ़ संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने  भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित कर दिया है, इसमें राजगढ़ निवासी अंजली सोंधिया ने प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है, वहीं देशभर में 9वां रैंक हासिल कर जिले का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है. इस सफलता पर उनको जिला कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी आदित्य मिश्रा ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. अंजली ने राजगढ़ का नाम किया रोशन भारतीय वन सेवा 2024 की परीक्षा में 143 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है. इन्हीं में से राजगढ़ जिले के गांव चंदरपुरा निवासी अंजली सोंधिया ने प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है, वहीं पूरे भारतवर्ष में 9वां रैंक हासिल किया है. अंजली सोंधिया ने कहा, "सोमवार को रिजल्ट घोषित हुआ तो मैं स्क्रॉल करके नीचे के पेजों पर खुद का नाम तलाश रही थी. हालांकि, मेरा नाम पहले ही पेज पर मौजूद था. जिसके बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी." क्या बोली टॉपर? अंजली ने कहा, "जब मैं 12वीं कक्षा में थी उसी दौरान UPSC पास करने का मन बना लिया था. मुझे चौथे प्रयासों के बाद यह सफलता मिली है. मैंने अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखा. इसी की वजह से मुझे लोक सेवा संघ की भारतीय वन सेवा परीक्षा में देश में 9 वीं रैंक मिली है. मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे फॉरेस्ट में सेवा करने का मौका मिला है. शुरू से ही मेरा प्रकृति से जुड़ाव रहा है, अब मुझे उसकी रक्षा करने का सौभाग्य मिला है." आज भी समाज में है नातरा-झगड़ा जैसी कुप्रथाएं गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से राजगढ़ एक जिला है, जो कि नीति आयोग के पिछड़े जिलों की सूची में शामिल है. जहां बाल विवाह और नातरा-झगड़ा जैसी कुप्रथाएं आज भी समाज में प्रचलित हैं. इसी जिले में अंजली ने लोक सेवा संघ की भारतीय वन सेवा की परीक्षा में 9वां स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. करेड़ी गांव निवास अंजली के मामा बबलू पटेल ने कहा, "अंजली के पिता सुरेश एक किसान थे, उनका देहांत लगभग दो वर्ष पहले लंबी बीमारी के बाद हो गया था. अंजली के पिता का सपना था कि बेटी एक बड़ी अफसर बने. अंजली ने पिता की मौत के बाद भी हार नहीं मानी और अपने पिता के सपने को पूरा कर दिखाया है. हमें उस पर गर्व है." recent visitors 31

बीटेक की पढ़ाई के बाद माओवादी संगठन से जुड़ा, 5 करोड़ का नक्सली बसव राजू ढेर

नारायणपुर छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए. जवानों ने सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं. इस मुठभेड़ में नक्सली लीडर बसव राजू भी मारा गया. उसके ऊपर 5 राज्यों झारखंड, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को मिलाकर 5 करोड़ का इनाम घोषित था. जानकारी के मुताबिक, बसव राजू नक्सल संगठन का जनरल सेक्रेटरी था. वह कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुका था. 2010 के दंतेवाड़ा हमले में 75 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे. इसमें भी बसव राजू का ही हाथ था. जानिए कौन था बसव राजू जानकारी के मुताबिक बसव राजू आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम का रहने वाला था. उसने बीटेक की पढ़ाई की थी. 1970 में उसने घर छोड़ दिया और माओवादी संगठन के साथ जुड़ गया. इस दौरान उसने 1987 में बस्तर के जंगल में लगे लिट्टे के कैंप में बम बनाने और एंबुश की ट्रेनिंग भी ली थी. राजू को बम बनाने का एक्सपर्ट माना जाता था. 2018 में उसे नक्सल संगठन की कमान सौंपी गई थी. बसवा राजू का असली नाम नंबाला केशव राव है. उसे गगन्ना, प्रकाश और बीआर के नाम से भी जाना जाता है. उसकी उम्र करीब 75 साल के आसपास बताई जा रही है. बसवा राजू खूंखार नक्सली था. वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सीनियर कैडर था और दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी का चीफ था. वह छत्तीसगढ़, ओडिशा से लेकर आंध्रप्रदेश की सीमाओं पर सक्रिय था. जानें आपराधिक रिकॉर्ड नक्सली बसव राजू ने गुरिल्ला युद्ध में महारथ हासिल किया था. वह कई नक्सली हमलों को अंजाम दे चुका था. इनमें पुलिसकर्मियों और नागरिकों की हत्या, खनन कंपनियों से उगाही और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना शामिल है. सुकमा और दंतेवाड़ा में सबसे बड़े नक्सली हमले में भी राजू शामिल था. 2010 के दंतेवाड़ा हमले में 75 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे. इसमें बसव राजू का ही हाथ था. आंध्रप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर भी जानलेवा हमले की घटना में वह शामिल था. recent visitors 25

मुख्यमंत्री यादव का जबरा फैन सामने आया, हाथ पर बनवाया टैटू, कहा- मरते दम तक …….

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का जबरा फैन सामने आया है। इस युवक ने ऐसा टैटू बनवाया जो किसी ने सोचा भी न होगा। यह प्रशंसक बाकी फैन्स से थोड़ा अलग है। आपने एक्टर, एक्ट्रेस या खिलाड़ियों की दीवानगी लोगों के सिर चढ़कर बोलती देखी होगी, लेकिन किसी राजनेता या किसी सीएम को लेकर इतनी चाहत बहुत कम देखने और सुनने को मिलती है, लेकिन मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव का यह फैन बाकी चाहने वालों से थोड़ा हटकर है। जी हां… इस युवक का नाम दीपक शर्मा है, जो विदिशा जिले का रहने वाला है। दीपक शर्मा, प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव का बहुत बड़ा प्रशंसक है। दीपक ने बताया कि वह डॉ मोहन यादव का बहुत बड़ा फैन है। सीएम के प्रति दीवानगी के चलते उसने अपने हाथ पर टैटू तक गुदवा लिया है। उसका कहना है कि यह टैटू मरते दम तक अमर रहेगा। recent visitors 36

झाबुआ में मतांतरित परिवार ने बहू की जिद के कारण वापस सनातन धर्म अपनाने यानी घर वापसी के लिए तैयार

 झाबुआ  मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में मतांतरित एक परिवार के पांच सदस्य बहू की जिद के कारण वापस सनातन धर्म अपनाने यानी घर वापसी के लिए तैयार हो गए। दरअसल, बहू ने शादी के चंद घंटों बाद ही साफ कर दिया था कि उसे सिर्फ सनातन धर्म को मानने वालों के ही साथ रहना है। शादी से पहले उसे मालूम नहीं था कि उसकी जिस परिवार में शादी हो रही है, वह सनातन धर्म का पालन नहीं करते हैं, बल्कि पूर्व में ईसाई धर्म अपना चुके हैं। ऐसे में, 19 वर्षीय संगीता भाबर ने पति आशीष मचार से विवाह के अगले ही दिन गत 18 अप्रैल को अपने ससुराल वालों से साफ कह दिया कि यदि उन्होंने सनातन धर्म में वापसी नहीं की तो वह घर में नहीं रहेगी। लंबे समय से सनातन धर्म से दूर थे इस पर दोनों पक्षों में यह विवाद गहराने लगा कि शादी से पहले दूसरे धर्म को मानने की बात क्यों छिपाई गई? दूसरी ओर वर पक्ष कहता रहा है कि वह लंबे समय से सनातन धर्म से दूर है। मध्यस्थता करवाने वालों को यह बात पता थी। शादी से पहले अन्य धर्म के होने की बात छिपाई गई इस बीच 10 मई को पिता व मामा के साथ झाबुआ थाने में संगीता ने रिपोर्ट दर्ज करवा दी कि शादी से पहले अन्य धर्म के होने की बात छिपाई गई। अब उस पर भी मतांतरण के लिए दबाव बनाया जा रहा है। संगीता के ससुर गज्जू व पति आशीष को आरोपित बनाया गया। उनकी गिरफ्तारी हुई। जेल जाना पड़ा। जमानत पर रिहा हुए हैं। सोमवार को ढेबरबड़ी के उंडवा फलिये में रहने वाले ग्रामीणों का समूह गज्जू व स्वजन के साथ झाबुआ आया। उन्होंने कहा कि बहू की इच्छा अनुसार वे सनातन धर्म को अपनाने के लिए तैयार हैं। इसके बाद वधू पक्ष भी रिश्ते को वापस स्वीकारने को सहर्ष तैयार हो गया। मंगलवार को वर पक्ष के लोग बहू को लेने के लिए बिसौली गए। परिवार के सदस्य करेंगे घर वापसी गज्जू मचार ने बताया कि वह 20 साल पहले ईसाई धर्म से जुड़ गया। अब बहू के कारण वापस सनातन धर्म अपनाने को तैयार है। परिवार के पांच सदस्य घर वापसी करेंगे। ढेबरबड़ी के सरपंच रसिया ने बताया कि शादी के तत्काल बाद सुसराल में जब ईसाई धर्म की रस्म देखी तो बहू को यह अच्छा नहीं लगा था। अब मामला खत्म हो गया है। परिवार के सदस्य वापस सनातन धर्म से जुड़ने को तैयार हो गए हैं। उनके घर वापसी का शीघ्र ही आयोजन होगा, जिसमें संत आकर आशीर्वाद देंगे। recent visitors 29

विजन 2047 की दिशा में मध्यप्रदेश का निर्णायक कदम, जिला विकास योजनाओं को मिलेगा डाटा का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर जिला विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को अब मूर्त-रूप देते हुए जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट तैयार की गई है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को साकार करने की दिशा में ठोस पहल है जिसके अनुसार विकसित भारत का संकल्प देश के हर जिले में लिया जाएगा। यह पहल पूरे देश में अभिनव है। योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आज भोपाल में अटल बिहारी वाजपेई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट 2022-23 का विमोचन किया गया। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि डाटा आधारित नीति निर्माण के लिए जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश के विजन 2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिलों को आर्थिक विकास की धुरी बनाते हुए बॉटम अप दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है। यह रिपोर्ट राज्य के सभी जिलों की आर्थिक गतिविधियों का विश्लेषण प्रस्तुत करती है जो न केवल नीति निर्माण को डाटा आधारित बनाएगा साथ ही राज्य के विजन 2047 को जमीन पर भी उतारेगा। रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन जैसे जिलों ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में सर्वाधिक योगदान दिया है। प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों में भी यही जिले शीर्ष पर रहे हैं। प्राथमिक क्षेत्र यानी कृषि वानिकी, पशुपालन, मछली पालन में राज्य का जीव्हीए में 45% का योगदान है जबकि द्वितीय क्षेत्र निर्माण और विनिर्माण तथा तृतीय क्षेत्र सेवाएं, व्यापार वित्त में क्रमशः 19% और 36% का योगदान दर्ज किया गया है। छिंदवाड़ा, धार, बालाघाट इंदौर और भोपाल जैसे जिलों ने विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी प्रदर्शन किया है। इससे पहले इंडिया फाउंडेशन और मध्यप्रदेश योजना एवं सांख्यिकी विभाग तथा राज्य नीति आयोग के बीच दो औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यह साझेदारी भविष्य में डाटा इन्नोवेशन हब और रिसर्च एनालिसिस यूनिट की स्थापना की दिशा में एक ठोस पहल होगी जिससे नीति निर्माण की प्रक्रिया अधिक सशक्त, स्थानीयकृत और विश्लेषणात्मक हो सकेगी। पूर्व उपाध्यक्ष नीति आयोग एवं पहले इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला, राज्य सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार की कार्यक्रम के पहले मुख्य सचिव के साथ औपचारिक मुलाकात और चर्चा हुई। इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से राज्‍य नीति आयोग ने एम एण्ड ई की स्थापना तथा संरचनात्मक सुधार पर सहयोग की चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने डीडीपी रिपोर्ट की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी ऋषि गर्ग ने स्वागत भाषण दिया। संयुक्त संचालक आर्थिक एवं सांख्यिकी विश्वजीत रैकवार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में सभी जिलों से अनुरोध किया गया कि वह इस रिपोर्ट को अपनी विकास योजनाओ का आधार बनाएं और राज्य को आत्मनिर्भर और समावेशी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाए।   recent visitors 44

भोपाल में लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया गया, NCW की रिपोर्ट में चौंका देने वाले खुलासे

भोपाल भोपाल में हिंदू लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर उनसे दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के बहुचर्चित मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच में बड़ा राजफाश हुआ है।मध्यप्रदेश के भोपाल में कॉलेज में पढ़ने वाली हिंदू छात्राओं से रेप और ब्लैकमेलिंग केस में NCW यानी नेशनल कमीशन फॉर वूमेन की जांच समिति ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. इस मामले में महिला आयोग की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का कहना है कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट और लग्जरी गाड़ियों का लालच देकर फंसाया था. पीड़ित लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया गया भोपाल में तीन से पांच मई के बीच आए आयोग के जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीड़ित लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया जाता था। इस अपराध के पीछे बड़े संगठित नेटवर्क की आशंका व्यक्त करते हुए आयोग ने कहा है कि आरोपितों ने छात्राओं को महंगे उपहार, वस्त्र और मोटर साइकिलों के माध्यम से आकर्षित कर प्रेमजाल में फंसाया। आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए। इनके माध्यम से ब्लैकमेल किया। आयोग ने राज्य सरकार से इस संबंध में गहन जांच कराने की सिफारिश की है। बता दें कि मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था। इस प्रकरण में अभी तक छह पीड़ित लड़कियां सामने आ चुकी हैं, इनमें दो सगी बहनें हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित छात्राओं पर दबाव डाला कि वे अपनी परिचित अन्य लड़कियों को भी उनसे दोस्ती करने के लिए लाएं, अन्यथा वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की. इस समिति ने बीती 3 मई से 5 मई तक भोपाल में पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों, पुलिस अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जांच की. समिति ने उन स्थानों का भी दौरा किया जहां पीड़िताओं को नशीली दवाएं देकर उनके साथ अमानवीय कृत्य किए गए. जांच समिति में निर्मल कौर, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व पुलिस महानिदेशक, झारखंड (अध्यक्ष),   निर्मला नायक, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, जबलपुर (सदस्य), और  आशुतोष पांडे, अवर सचिव, राष्ट्रीय महिला आयोग (सदस्य) शामिल थे. कमेटी के प्रमुख निष्कर्षों में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट, कपड़ों और घुमाने का लालच देकर प्रेमजाल में फंसाया. उन्हें नशीले पदार्थ देकर आपत्तिजनक तस्वीरें खींची गईं और ब्लैकमेल किया गया. पीड़िताएं मानसिक और सामाजिक दबाव में हैं, फिर भी उन्होंने साहस दिखाकर FIR दर्ज कराई. आरोपियों की सामान्य पारिवारिक स्थिति के बावजूद उनकी विलासितापूर्ण जीवनशैली ड्रग तस्करी जैसे संगठित अपराध की संभावना को दर्शाती है. कमेटी ने पाया कि आरोपियों ने पीड़िताओं पर धर्मांतरण के लिए दबाव डाला, जो एक साजिशपूर्ण नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है. कमेटी ने सुझाव दिया कि इसकी राज्यव्यापी जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि क्या आरोपियों को किसी संगठन से वित्तीय सहायता मिल रही थी. मुख्य आरोपित फरहान खान सहित पांच को पुलिस ने गिरफ्तार किया मुख्य आरोपित फरहान खान सहित पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार है। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी लव जिहाद के मामले सामने आए हैं। आयोग ने झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर के नेतृत्व में टीम बनाई थी। टीम ने पीड़ित छात्राओं, उनके स्वजन, संबंधित थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जांच की। समिति ने उन स्थानों का भी दौरा किया, जहां आरोपितों ने पीडि़ताओं को नशीली दवाएं खिलाकर उनके साथ गलत काम किया। राज्यव्यापी जांच के लिए आयोग ने कहा राष्ट्रीय महिला आयोग ने रिपोर्ट में कहा है कि आरोपितों का तरीका सुनियोजित है और गिरोह बनाकर अपराध किया गया। उनके द्वारा पीडि़त छात्राओं पर मतांतरण के लिए भी दबाव डाला जाता रहा। ऐसे मामलों का पता लगाने के लिए राज्यव्यापी जांच की जा सकती है। किसी संगठन द्वारा वित्त पोषित जा रहा? यह भी पता लगाया जा सकता है कि क्या इन्हें किसी संगठन द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। आरोपितों की पारिवारिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है परंतु उनकी जीवनशैली अत्यधिक विलासितापूर्ण है, जिस कारण ड्रग्स तस्करी जैसे संगठित अपराध की आशंकाओं की जांच की भी आवश्यकता दिखती है। वीडियो वायरल करने की दी धमकी आरोपियों ने लालच देकर छात्राओं को फंसाया. इसके बाद नशा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया. इसके बाद आरोपियों ने पीड़िताओं को धमकाया भी कि वे दूसरी छात्राओं को इनके चंगुल में फंसाए, अगर ऐसा नहीं किया तो उनके वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिए जाएंगे. सीएम को सौंपी रिपोर्ट महिला आयोग का कहना है कि इस मामले में सिर्फ यौन अपराध ही नहीं, बल्कि जबरन धर्म परिवर्तन और संगठित आपराधिक नेटवर्क की भी भूमिका सामने आ रही है. जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सीएम मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल को सौंपी है. इसमें पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए कठोर कार्रवाई की मांग की है. ॉ बड़े नेटवर्क की आशंका जांच समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि कुछ मामलों में पीड़िताओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी डाला गया है. इसके साथ ही यह भी पाया गया कि आरोपी सामान्य आर्थिक स्थिति से थे, लेकिन उनकी जीवन-शैली इशारा करती है कि उनके तार ड्रग तस्करी या फिर किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. बता दें कि NCW की टीम 3 से 5 मई तक भोपाल दौरे पर रही. टीम ने इस दौरान पीड़ित छात्राओं, उनके परिवारों, पुलिस अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन से मुलाकात की थी. बाहरी फंडिंग की जांच की सिफारिश महिला आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि राज्य सरकार इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराए, जिसमें बाहरी फंडिंग, वैचारिक प्रभाव और प्राइवेट संस्थानों द्वारा सरकारी योजनाओं, जमीन और शिक्षा निधियों के दुरुपयोग की संभावना को भी शामिल किया जाए.   recent visitors 32

IIT इंदौर का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, 1 करोड़ का हाईएस्ट पैकेज, 85% से ज्यादा छात्रों को नौकरी, टॉप कंपनियों की लगी कतार

 इंदौर  IIT इंदौर ने इस बार अपने प्लेसमेंट सीजन में नया कीर्तिमान रच दिया है। 1 दिसंबर 2024 से शुरू हुए इस प्लेसमेंट सीजन में अब तक करीब 400 जॉब ऑफर मिल चुके हैं। जिनमें 85% से अधिक बी.टेक छात्रों को शानदार नौकरियां मिल चुकी हैं। खास बात यह रही कि इस बार सैलरी पैकेज और कंपनियों की भागीदारी दोनों ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। औसतन वेतन में 13 प्रतिशत वृद्धि संस्थान के अनुसार इस वर्ष औसतन वार्षिक वेतन पैकेज 27.30 लाख रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष 25.45 लाख रुपये था। यह 13 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। अब तक 343 बीटेक छात्रों ने विभिन्न कंपनियों से प्राप्त प्रस्तावों को स्वीकार किया है। प्लेसमेंट प्रक्रिया दिसंबर 2024 से प्रारंभ हुई थी और यह जुलाई 2025 तक जारी रहेगी, ताकि अभी तक चयन से वंचित 52 से अधिक छात्रों को भी अवसर मिल सके। एक से अधिक ऑफर पाने वाले छात्र भी शामिल कुल 395 बीटेक छात्रों में से 343 को 800 से अधिक नौकरियों के प्रस्ताव मिले, जिसमें कई छात्रों को एक से अधिक कंपनियों से ऑफर प्राप्त हुए। 130 कंपनियां प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुईं, जिनमें गूगल, डाटाब्रिक्स, क्वाडआई, गोल्डमैन सैक्स, डीई शा, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एनालॉग डिवाइसेज, बीपीसीएल, एचपीसीएल, सी-डॉट, एलएंडटी, डेलॉइट, एक्सेंचर, आइसीआइसीआइ बैंक, बीएनवाई मेलॉन जैसी प्रमुख नाम शामिल हैं। कई क्षेत्रों से आए प्रस्ताव इस वर्ष प्लेसमेंट में आईटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा व पर्यावरण, कंसल्टेंसी, फिनटेक, बैंकिंग, सेमीकंडक्टर और कंस्ट्रक्शन जैसे विविध क्षेत्रों की कंपनियों ने भाग लिया और अच्छे पैकेज के प्रस्ताव दिए। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 50 अधिक कंपनियों ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में भाग लिया। प्लेसमेंट सीजन जुलाई तक जारी रहेगा आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने बताया कि प्लेसमेंट जुलाई तक चलेगा और शीर्ष दस कंपनियों ने संस्थान में आने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि एक छात्र को 1 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है, जबकि 85 प्रतिशत विद्यार्थियों को जॉब ऑफर मिल चुके हैं। 1 करोड़ का हाईएस्ट पैकेज, 13% की औसत बढ़त इस बार IIT इंदौर में प्लेसमेंट के दौरान ऑफर किया गया सर्वोच्च पैकेज पहली बार 1 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। वहीं औसत सैलरी भी 13% की छलांग लगाते हुए 27 लाख रुपये प्रति वर्ष तक जा पहुंची। यह न केवल संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है, बल्कि इंडस्ट्री द्वारा छात्रों की काबिलियत को दिए जा रहे महत्व को भी रेखांकित करता है। 130+ कंपनियों ने किया कैंपस विज़िट, कोर सेक्टर्स की वापसी प्लेसमेंट प्रक्रिया में इस बार 130 से ज्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि टेक कंपनियों के साथ-साथ कोर इंजीनियरिंग फर्मों की भी वापसी देखने को मिली — जिससे छात्रों को विभिन्न सेक्टर्स में अवसर मिले। आईटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, फिनटेक, सेमीकंडक्टर, बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में छात्रों को जॉब ऑफर मिले। गूगल से लेकर बीपीसीएल तक टॉप ब्रांड्स की लंबी लिस्ट गूगल, डाटाब्रिक्स, क्वाडआई, गोल्डमैन सॅक्स, डीई शॉ, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एनालॉग डिवाइसेज, बीपीसीएल, एचपीसीएल, बीईएल, सी-डॉट, एल एंड टी, जिंदल स्टेनलेस, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सेंचर, डेलॉइट, सैमसंग, पेटीएम, ब्लैकरॉक जैसे दिग्गजों ने IIT इंदौर के छात्रों को जॉब ऑफर दिए। इससे साफ है कि इंडस्ट्री में इस संस्थान के टैलेंट की डिमांड लगातार बढ़ रही है। नौकरी ही नहीं, रिसर्च और स्टार्टअप की राह भी चुनी कुछ छात्रों ने शानदार प्लेसमेंट ऑफर के बावजूद उच्च शिक्षा और स्टार्टअप की राह चुनी है। कई छात्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज़ में मास्टर्स या पीएचडी के लिए जा रहे हैं, जबकि कुछ ने अपने खुद के उद्यम की शुरुआत की है। recent visitors 47