Thursday, July 16, 2026 7:56 pm

राष्ट्रीय प्रभारी केसी वेणुगोपाल की जेब में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष

Congress district president in the pocket of national in-charge KC Venugopal भोपाल। बहुप्रतीक्षित कांग्रेस जिलाध्यक्षों की लिस्ट अब से थोडी देर में कभी भी आ सकती है। आज मप्र के प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव हरीश चौधरी व राष्ट्रीय प्रभारी केसी वेणुगोपाल, की लंबी मैराथन बैठक के बाद प्रदेश के कांग्रेस जिलाध्यक्षों के नाम तय हो गये है। यह नाम बंद लिफाफे में केसी वेणुगोपाल के पास है और कभी भी आज देर रात तक दिल्ली का कांग्रेस आलाकमान सूची जारी कर सकता है।  सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस जिलाध्यक्षों को लेकर काफी दिनों से लंबी जददोजहद चल रही थी और जिलाध्यक्षों के नाम घोषित नहीं हो पा रहे थे, अब मध्यप्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी और राष्ट्रीय प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है।  सूत्रों के मुताबिक जिलाध्यक्ष सूची कल ही घोषित होने वाली थी लेकिन कल कांग्रेस नेताओं ने सुझाव दिया था कि सूची 15 अगस्त से पहले न घोषित की जाये क्योंकि सूची घोषित होने के बाद तिरंगा रैली जैसे आयोजन पर असर पडेगा। इसके बाद यह सुझाव मानकर आज कभी भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूची घोषित की जाने की तैयारी है।  ग्वालियर में बदल रहे अध्यक्ष ग्वालियर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. देवेन्द्र शर्मा भी बदले जा रहे है। उनकी जगह किसी नये कांग्रेस नेता को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा रही है। संजय सिंह यादव का नाम चर्चा में है। recent visitors 96

एमपी भाजपा का नया बखेड़ा: ताजमहल नहीं ‘शिव मंदिर’ है — क्या इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की साजिश है?

एमपी भाजपा का नया बखेड़ा: ताजमहल नहीं ‘शिव मंदिर’ है — क्या इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की साजिश है?

MP BJP’s new controversy: It is not Taj Mahal but ‘Shiv Mandir’ – is it a conspiracy to distort history? भोपाल । Taj Mahal but ‘Shiv Mandir मध्यप्रदेश से BJP MLA Murli Bhanwra के एक हालिया बयान ने देशभर में एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उन्होंने ऐतिहासिक ताजमहल को ‘तजोमहल’ बताते हुए उसे भगवान शिव का प्राचीन मंदिर करार दिया है। उनका कहना है कि ताजमहल में जलधारा बहती है जो शिवलिंग पर गिरती है, और यदि वैज्ञानिक जांच कराई जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह एक शिवमंदिर है। लेकिन सवाल ये है — भाजपा बार-बार इतिहास को क्यों कटघरे में खड़ा करती है? क्या यह भारत की साझा संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों पर हमला नहीं है? क्या ये बयान इतिहास को धार्मिक चश्मे से देखने की राजनीतिक कवायद है? मुरली भंवरा ने यह भी कहा कि “हमें गलत इतिहास पढ़ाया गया है।” मगर क्या अब भाजपा अपने ‘सही इतिहास’ की नई परिभाषा गढ़ने पर तुली है? Taj Mahal but ‘Shiv Mandir ताजमहल, जिसे दुनिया सात अजूबों में गिनती है और जिसे मुग़ल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज़ की याद में बनवाया था, अब बार-बार साजिशों और विवादों के घेरे में क्यों लाया जा रहा है? क्या ये देश को वास्तविक मुद्दों से भटकाने का एक और प्रयास है? इतिहासकारों और पुरातत्वविदों द्वारा इन दावों को पहले भी नकारा जा चुका है, लेकिन भाजपा के कुछ नेता बार-बार इन्हें हवा देते रहे हैं। यह मानसिकता केवल ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती है और भारत की विविधता और सहिष्णुता को चोट पहुंचाती है। Read More: स्टाम्प शुल्क में बेतहाशा वृद्धि! जनता पर सरकार का नया बोझ, पटवारी ने CM को लिखा पत्र Taj Mahal but ‘Shiv Mandir क्या देश को अब विकास, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर बात करनी चाहिए या फिर ताजमहल के नीचे शिवलिंग खोजने में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए? ऐसे बयान न केवल हमारी ऐतिहासिक समझ को धुंधला करते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि कैसे सियासी एजेंडे के तहत इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। अब वक्त है कि देश पूछे — क्या भाजपा की मानसिकता वाकई इतिहास को धार्मिक चश्मे से देखने की हो चुकी है? recent visitors 206