Thursday, July 9, 2026 10:31 am

NFL यूरिया के नाम पर बड़ा घोटाला! गोदाम में ग्राइंडर से पीसकर नकली पोटाश बनाने का संदेह, लाखों का माल जब्त

NFL यूरिया के नाम पर बड़ा घोटाला! गोदाम में ग्राइंडर से पीसकर नकली पोटाश बनाने का संदेह, लाखों का माल जब्त

NFL Urea scam: Suspected of manufacturing fake potash by grinding it in a warehouse, goods worth millions seized खरगोन ! मध्य प्रदेश खरगोन जिले के बलकवाड़ा थाने के तहत आने वाले निमरानी इंडस्ट्रियल एरिया में नेशनल फर्टिलाइज़र लिमिटेड (NFL) के यूरिया के अवैध भंडारण और संदिग्ध मिलावट का बड़ा मामला सामने आया है। बीती देर रात पुलिस ने गोदाम पर छापा मारकर भारी मात्रा में यूरिया और अन्य सामग्री बरामद की और मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, सीनियर एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर बीएस सेंगर की शिकायत पर गुजरात निवासी महेंद्र हफ़्दा और सुपरवाइज़र सत्यराज सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने चौंकाने वाला तथ्य बताया कि यह गोदाम वर्ष 2010 में इंदौर निवासी दिनेश पाटीदार को आवंटित किया गया था, लेकिन उद्योग स्थापित न करने पर 2015 में इसका आवंटन निरस्त कर दिया गया था। महाकाल ट्रेडर्स का गोदाम सील भारतीय किसान संघ की सूचना पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने महाकाल ट्रेडर्स के गोदाम पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान अवैध भंडारण और यूरिया के संदिग्ध उपयोग का खुलासा हुआ, जिसके बाद गोदाम को तत्काल सील कर दिया गया। छापे के दौरान यह खाद व यूरिया जब्त किा गया छापे में 268 बैग NFL यूरिया, जो एक गोदाम में एक ट्रक में अवैध रूप से लदे हुए थे, इसके अलावा 45 बैग NFL यूरिया और 215 बैग इंडस्ट्रियल सॉल्ट, 431 बिना लेबल के पिसे हुए यूरिया के बैग, 4050 खाली बिना लेबल की बोरियाँ और ग्राइंडर मशीन, सिलाई मशीन और वेट मशीन जब्त की गईं। ग्राइंडर से यूरिया पीसकर बोरियों में पैक सेंगर ने बताया कि ग्राइंडर की मदद से यूरिया को पीसकर बिना लेबल की बोरियों में पैक किया जा रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि इस पिसे हुए यूरिया को संभवतः नकली पोटाश बनाकर बेचा जा रहा था, क्योंकि पोटाश महंगा और विभिन्न रंगों में उपलब्ध होता है। यूरिया में रंग मिलाकर इसे आसानी से पोटाश जैसा दिखाया जा सकता है। इसके अलावा, एक और संभावना यह भी है कि पिसे हुए यूरिया को जैविक खाद में मिलाकर उसे ऑर्गेनिक खाद के रूप में बेचा जा रहा हो। पिसे हुए यूरिया के नमूने जब्त कर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। recent visitors 69

‘मैं दारू पीता हूं’, BRC को जूते से मारूंगा भो#@$, बहाली के 3 दिन बाद ही शराबी टीचर की हेकड़ी

‘मैं दारू पीता हूं’, BRC को जूते से मारूंगा भो#@$, बहाली के 3 दिन बाद ही शराबी टीचर की हेकड़ी

“I drink alcohol,” I’ll beat the BRC with my shoes, drunk teacher’s arrogance just three days after reinstatement सतना ! जिले में एक शिक्षक की ‘दबंगई’ और शराब के नशे में धुत होकर शिक्षा विभाग अधिकारियों को धमकाने का मामला गरमा गया है। शराबी शिक्षक की 2 महीने के निलंबन के बाद महज 3 दिन पहले बहाल हुई है। बहाल होते ही उनका एक नया वीडियो वायरल हो गया है। इसमें वह स्कूल स्टाफ के सामने कुर्सी पर बैठकर डींगे हांक रहे हैं। साथ ही बीआरसी को ‘जूते मारने’ की धमकी दे रहे हैं। शिक्षक की पहचान पुष्पेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। मामला मझगवां ब्लॉक के पछीत माध्यमिक शाला का है। जहां शनिवार शाम को वायरल हुए इस वीडियो में शिक्षक पुष्पेन्द्र सिंह का अंदाज देखकर लगता है कि उन्हें कानून या विभाग का कोई खौफ नहीं है। वीडियो में वे अपने स्टाफ के सामने हेकड़ी दिखाते हुए कह रहे हैं, ‘मैं दारू छोड़ूंगा नहीं और अगर इस बार बीआरसी ने कुछ किया, तो उसे जूते मारूंगा।’ बीआरएसी से क्यों है खुन्नसदरअसल, पुष्पेन्द्र सिंह की यह खुन्नस इसलिए है क्योंकि पिछली बार (4 सितंबर को) जब वे शराब पीकर स्कूल पहुंचे थे। तब बीआरसी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही जेडी रीवा ने उन्हें निलंबित किया था। 26 नवंबर को ही उनकी बहाली हुई थी। हालांकि स्कूल पहुंचते ही उन्होंने फिर से वही रंग दिखा दिया। अब तक 3 बार हो चुके हैं सस्पेंडशिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, शिक्षक पुष्पेन्द्र सिंह आदतन शराबी और विवादित रहे हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है। पहली बार निर्वाचन कार्य के दौरान शराब पीकर अभद्रता करने पर चुनाव आयोग के निर्देश पर सस्पेंड हुए थे। इसके बाद माध्यमिक शाला बरहठा में पदस्थापना के दौरान निलंबित हुए। तीसरी बार माध्यमिक शाला तुर्रा में रहते हुए कार्रवाई हुई। चौथी बार अब पछीत विद्यालय में निलंबन से लौटते ही फिर वही हरकत कर दी। संकुल प्राचार्य को सौंपी गई जांचबहाली के तीसरे दिन ही शिक्षक का यह रूप सामने आने के बाद विभाग हरकत में आ गया है। वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जांच गौहानी संकुल के प्राचार्य उपेन्द्र सिंह को सौंपी गई है। माना जा रहा है कि शिक्षक की इस हरकत पर एक बार फिर निलंबन की गाज गिरना तय है। recent visitors 84

पंचायत में हैंडपंप घोटाला: पानी संकट पर भ्रष्टाचार सरपंच के ससुर द्वारा 20 हजार की वसूली

पंचायत में हैंडपंप घोटाला: पानी संकट पर भ्रष्टाचार सरपंच के ससुर द्वारा 20 हजार की वसूली

Panchayat hand pump scam: Sarpanch’s father-in-law extorts Rs 20,000 for corruption amid water crisis Money Extortion Viral video: मुरैना जिले के जनपद पोरसा की कौंधरखुर्द पंचायत में ग्रामीणों ने महिला सरपंच सोनम बाल्मीकि के ससुर रामपाल वाल्मीकि पर हैंडपंप खनन कराने के नाम पर 20-20 हजार रुपए वसूलने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों द्वारा महिला सरपंच के ससुर का रुपए गिनते हुए का वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला है। इसके बारे में पूछने पर महिला सरपंच के ससुर ने पहले तो कहा कि यह रुपए मैने किसी दूसरे मद के लिए वसूले हैं। बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि यह हैंडपंप खनन के लिए सिक्योरिटी मनी थी, ताकि उसका सामान चोरी न हो जाए। जबकि हैंडपंप खनन के लिए सिक्योरिटी मनी जैसा कोई प्रावधान ही नहीं होता। (MP News) ससुर देखते है महिला सरपंच का पूरा कामजानकारी के अनुसार कौंधरखुर्द पंचायत में रहने वाले ग्रामीण कन्हैया माहौर के घर पानी की किल्लत थी। इस पर कन्हैया माहौर लंबे समय से कौंधरखुर्द की सरपंच सोनम वाल्मीकि के ससुर रामपाल वाल्मीकि से कई बार हैंडपंप लगाने के लिए गुहार लगाई। चूंकि महिला सरपंच का पूरा काम उनके ससुर ही देखते हैं, इस पर उन्होंने कन्हैया से कहा कि 20 हजार रुपए खर्च होंगे, तब हैंडपंप लग सकेगा। ग्रामीण ने कर्ज लेकर रुपए दिए, हैंडपंप आज तक नहीं लगाग्रामीणों ने कर्ज लेकर 20 हजार का चंदा एकत्रित किया और यह रुपए सरपंच रामपाल वाल्मीकि को दिए। लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी सरपंच के ससुर हैंडपंप का खनन नहीं करवा सके। दूसरे काम के लिए थे पैसे- सरपंच ससुरमैने कन्हैया से पैसे किसी दूसरे मद में लिए थे, पहले दिए फिर वापस लिए। यह पैसा हैंडपंप का सिक्योरिटी अमाउंट था ताकि समान चोरी न हो। रामपाल वाल्मीकि, महिला सरपंच का ससुर कलेक्टर ने दिए कार्रवाई करने के निर्देशसरकारी हैंडपंप के बदले सिक्योरिटी या अमानत राशि लेने का कोई प्रावधान नहीं है। संबंधित सरपंच के विरुद्ध धारा 40 की कार्रवाई तत्काल संस्थित की जाएगी। अवैध वसूली के लिए सरपंच के ससुर पर भी सुसंगत धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा।- लोकेश कुमार जांगिड़, कलेक्टर मुरैना वायरल वीडियो में यह बातचीत रिकॉर्ड recent visitors 67

एक दिसंबर से टाइगर रिजर्व कान्हा, बांधवगढ़, सतपुड़ा, पेंच,,,,, के बफर में नाइट सफारी बंद

Night safari closed in the buffer zones of Kanha, Bandhavgarh, Satpura, Pench Tiger Reserves from December 1st भोपाल ! मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में एक दिसंबर से नाइट सफारी बंद कर दी जाएगी। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 17 नवंबर को दिए गए एक आदेश के बाद लिया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन ने सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालकों को निर्देश जारी कर कहा है कि प्रदेशभर में रात्रिकालीन सफारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा रही है।इस वजह से लिया गया यह निर्णययह निर्णय वन्य जीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय के बाद मप्र के नौ टाइगर रिजर्व कान्हा, बांधवगढ़, सतपुड़ा, पेंच, पन्ना, संजय, वीरांगना दुर्गावती, रातापानी (पद्म श्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर) और माधव टाइगर रिजर्व में पर्यटक नाइट सफारी का आनंद नहीं ले सकेंगे। एडवांस बुकिंग की व्यवस्था नहींसुभरंजन सेन ने बताया कि नाइट सफारी के लिए एडवांस बुकिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में एडवांस बुकिंग का पैसा रिफंड करने जैसी कोई बात ही नहीं। बता दें कि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पहले से ही नाइट सफारी पर रोक है अब बफर में भी नाइट सफारी नहीं कराई जाएगी।2022 में एनटीसीए के निर्देश के बाद भी बंद नहीं की थी नाइट सफारीवर्ष 2022 में भी टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी बंद करने की पहल की गई थी। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने वन विभाग को पत्र लिखकर कहा था कि नाइट सफारी तुरंत बंद करें। इस पर उस समय वन विभाग के अधिकारियों ने तर्क दिया था कि एनटीसीए ने ही बफर क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने को कहा है और इसके लिए कुछ गतिविधियां तो संचालित करनी पड़ेंगी। उस समय इस पर अमल नहीं हो सका और नाइट सफारी यथावत संचालित होती रही।यह भी पढ़ें- रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बनेगा प्रदेश में चीतों का तीसरा घर, अफ्रीका के चीतों को बसाने की तैयारीशिवराज ने शुरू कराई थी 
बफर में सफर योजनातत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवंबर 2020 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बफर में सफर योजना शुरू की थी। बफर में सफर का आकर्षण बढ़ाने के लिए मप्र के टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी भी शुरू कर दी गई थी। वन विभाग ने शाम सात से रात दस बजे तक बफर क्षेत्र में पर्यटन की अनुमति दी थी, जिसके लिए गाड़ियों की संख्या आठ से 10 ही रखी गई थी। recent visitors 62