Friday, July 10, 2026 7:58 am

खौफनाक दृश्य, अस्पताल के टॉयलेट में फंसा था नवजात, निकालने में लगे 7 घंटे, नहीं बच सका मासूम

खौफनाक दृश्य, अस्पताल के टॉयलेट में फंसा था नवजात, निकालने में लगे 7 घंटे, नहीं बच सका मासूम

Horrifying scene: Newborn trapped in hospital toilet; rescue took 7 hours, but infant could not be saved. छिंदवाड़ा ! मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया सिविल अस्पताल में सोमवार (15 दिसंबर) को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. अस्पताल के सार्वजनिक महिला शौचालय के कमोड में एक नवजात शिशु फंसा हुआ मिला. शुरुआती आशंका है कि बच्चे को जन्म देने के बाद सबूत छुपाने के इरादे से उसे टॉयलेट में बहाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह नाकाम रही. यह मामला उस समय सामने आया जब ओपीडी चल रही थी. अस्पताल की एक महिला कर्मचारी शौचालय गई, लेकिन पानी फ्लश नहीं हो रहा था. जब उसने ध्यान से देखा तो कमोड के अंदर उसे कुछ असामान्य दिखाई दिया. झांकने पर बच्चे का हाथ और सिर नजर आया. यह देखकर वह घबरा गई और तुरंत अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया. आनन-फानन में एएनसी, पीएनसी कक्ष और लेबर रूम की जांच की गई. यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कहीं कोई महिला ऐसी तो नहीं है, जिसने हाल ही में प्रसव किया हो और बच्चा उसके साथ न हो. हालांकि जांच के दौरान ऐसी किसी महिला का पता नहीं चल सका. पुलिस को दी गई सूचनाघटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत परासिया पुलिस थाने को सूचना दी गई. शाम करीब 4:30 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात के शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई. लेकिन यह काम आसान नहीं था. नवजात का शव कमोड के पाइप में बुरी तरह फंसा हुआ था. शव निकालने के लिए पुलिस, अस्पताल स्टाफ और नगर पालिका के कर्मचारियों को घंटों मेहनत करनी पड़ी. कई प्रयासों के बाद भी जब शव बाहर नहीं आ सका, तो आखिरकार टॉयलेट के कमोड को तोड़ने का फैसला लिया गया. लंबी मशक्कत के बाद रात करीब 8 बजे शव को बाहर निकाला जा सका. शव निकालने में लगे करीब 7 घंटेपरासिया प्रभारी बीएमओ डॉक्टर सुधा बख्शी ने बताया कि स्टाफ नर्स से सूचना मिली थी कि महिला शौचालय में पानी नहीं जा रहा है और कुछ फंसा हुआ है. तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण किया गया, जिसमें नवजात के फंसे होने की पुष्टि हुई. इसके बाद लिखित तहरीर बनाकर पुलिस को सूचना दी गई. शव निकालने में करीब 7 घंटे लगे. पुलिस ने नवजात के शव को बरामद कर लिया है और अब पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह अमानवीय कृत्य किसने और किन हालात में किया. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 66

सांसद खेल महोत्सव के दौरान दिया बासी भोजन, 400 बच्चों ने बदबूदार खाने के फेंक दिए पैकेट

सांसद खेल महोत्सव के दौरान दिया बासी भोजन, 400 बच्चों ने बदबूदार खाने के फेंक दिए पैकेट

Stale food served during MP Sports Festival, 400 children threw away the smelly food packets मंदसौर ! सीतामऊ के श्रीराम विद्यालय में चल रहे सांसद खेल महोत्सव के दौरान भोजन व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। आयोजन में पहुंचे लगभग 400 बच्चों ने आयोजकों की ओर से दिया गया भोजन खाने योग्य न होने की शिकायत की। कई बच्चों ने भोजन से दुर्गंध आने की बात कहते हुए खाने के पैकेट फेंक दिए, जिन्हें बाद में गाय और अन्य पशु खाते हुए देखे गए। बच्चों का आरोप है कि परोसी गई सब्जी बासी थी और खाने से तेज बदबू आ रही थी, जिस कारण उन्होंने भोजन नहीं किया। सांसद की अनुपस्थिति में कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और प्रभारियों पर थी। इसके बावजूद भोजन की गुणवत्ता और अन्य अव्यवस्थाओं ने सांसद खेल महोत्सव की छवि को नुकसान पहुंचाया। इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी नागूलाल मालवीय ने बताया कि उनके व्रत होने के कारण उन्होंने स्वयं भोजन नहीं किया था, लेकिन बच्चों द्वारा भोजन न खाए जाने की जानकारी उन्हें है। recent visitors 61

Cabinet Meeting: कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव,7 कैटेगरी खत्म, अब सिर्फ तीन वर्ग,,,

Cabinet Meeting: कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव,7 कैटेगरी खत्म, अब सिर्फ तीन वर्ग,,,

Cabinet Meeting: Major changes in employee management, 7 categories abolished, now only three, irrigation package worth Rs 1782 crore मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा सुधार करते हुए सात प्रकार की नियुक्ति श्रेणियों को समाप्त कर दिया है। अब प्रदेश में केवल तीन ही कैटेगरी रहेंगी। नियमित, संविदा और आउटसोर्स। मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों का अलग वर्ग अब नहीं रहेगा, क्योंकि दोनों की सेवा शर्तें, वेतन और पेंशन समान हैं। कैबिनेट निर्णय के अनुसार, वर्तमान में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन, स्थायीकर्मी सहित अन्य श्रेणियों के कर्मचारी अपने सेवाकाल तक कार्य करते रहेंगे। इनके सेवानिवृत्त होते ही पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे। यदि किसी विभाग को आवश्यकता होगी, तो नियमित पद सृजित कर नई भर्ती की जाएगी। कार्यभारित कर्मचारियों के लिए अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधानसरकार ने यह भी निर्णय लिया कि सेवाकाल में कार्यभारित कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। अब तक इस संवर्ग में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। न्यायालयीन मामलों में मिलेगी राहतनई व्यवस्था लागू होने के बाद अदालतों में कर्मचारियों की अलग-अलग कैटेगरी बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न्यायालयीन भ्रम कम होगा और सरकार को बार-बार सुनवाई से राहत मिलेगी। साथ ही अस्थायी पदों के लिए हर साल कैबिनेट से अनुमति लेने की बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी। नियमित और संविदा पर रहेगा जोरसरकार ने दो टूक कहा है कि भविष्य में नियुक्तियों का फोकस नियमित और संविदा कर्मचारियों पर रहेगा। आउटसोर्स कर्मी सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाएंगे, क्योंकि उनकी सेवाएं एजेंसियों के माध्यम से ली जाती हैं। मुख्यमंत्री ने ब्लाइंड विमेन T20 वर्ल्ड कप 2025 विजेता टीम की तीन मध्यप्रदेश की खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं बैतूल जिले के भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग मिलने पर शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भोपाल-इंदौर मेट्रो के लिए 90.67 करोड़ स्वीकृतभोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन एवं रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने 90.67 करोड़ रुपए के प्रावधान को मंजूरी दी है। यह राशि मेट्रो संचालन से जुड़े व्यय को पूरा करने के लिए होगी। तीन आदिवासी जिलों को 1782 करोड़ का सिंचाई पैकेजनर्मदा घाटी विकास विभाग के तहत अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए 1782 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज को स्वीकृति दी गई है। इससे अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की 5512 करोड़ रुपए की योजनाएं पूरी होंगी। इन परियोजनाओं से 71,967 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और 125 मेगावाट बिजली उत्पादन संभव होगा। कैबिनेट में अन्य महत्वपूर्ण फैसले recent visitors 60

“समृद्ध वन खुशहाल जन थीम पर होगा मेला : वन राज्य मंत्री अहिरवार 

The fair will be held on the theme of “Prosperous Forest, Happy People”: Forest Minister of State Ahirwar  भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अपने आप में एक अनूठा आयोजन है। मेले में लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र की गतिविधियों, उत्पादों एवं अवसरों को प्रदर्शित करने एवं इससे जुड़े संग्राहकों, उत्पादकों, व्यापारियों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, प्रशासकों और नीति निर्धारकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिये व्यापक मंच उपलब्ध होता है। यह बात वन राज्य मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने एक निजी होटल में पत्रकारों से कही। उन्होंने 11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला को लेकर बताया कि वन मेले का शुभारंभ 17 दिसम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘समृद्ध वन खुशहाल वन’ की थीम पर अंतर्राष्ट्रीय वन मेला 17 से 23 दिसम्बर तक भोपाल के लाल परेड मैदान में लगेगा। मेले में 350 स्टॉल लगाये जा रहे हैं। मेले में प्रदेश के जिला यूनियन, वन, वन धन केन्द्र, जड़ी-बूटी संग्राहक, उत्पादक, आयुर्वेदिक औषधि निर्माता, परम्परागत भोजन सामग्री के निर्माता एवं विक्रेतागण अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। उन्होंने बताया कि मेले में 10 शासकीय स्टॉल, 24 अन्य राज्यों के स्टॉल, 16 प्रदर्शनी के स्टॉल, 136 प्रायवेट स्टॉल, 26 फूड स्टॉल, जिनमें अलीराजपुर का दालपुनिया, बाँधवगढ़ की गोंडी व्यंजन का स्वाद मिलेगा। इसके अलावा 50 ओपीडी स्टॉल और एक किड्स जोन भी होगा। वन मंत्री अहिरवार ने कहा कि 200 आयुर्वेदिक पद्धति के चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों द्वारा मेले में नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया जायेगा। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में ऑर्केस्ट्रा, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये चित्रकला, फैंसी ड्रेस और गायन के कार्यक्रम होंगे। मेला के पहले दिन 17 दिसम्बर को शाम परम्परागत नृत्य डिण्डोरी की प्रस्तुति, 18 दिसम्बर की शाम ऑर्केस्ट्रा अंचल शर्मा ग्रुप की प्रस्तुति, 19 दिसम्बर की शाम विरासत सूफी की म्यूजिकल प्रस्तुति, 20 दिसम्बर को एक शाम वन विभाग के नाम (फॉरेस्ट मेलोडी) द्वारा सरगम म्यूजिकल ग्रुप, 21 दिसम्बर की शाम ख्याति प्राप्त सिंगर नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की म्यूजिकल प्रस्तुति, 22 दिसम्बर की शाम मानसरोवर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 दिसम्बर की शाम परम्परागत नृत्य, झाबुआ की प्रस्तुति होगी। वन मंत्री अहिरवार ने बताया कि वन मेले में 19 एवं 20 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा। इसमें देश के 17, नेपाल के 2 एवं भूटान के एक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यशाला आईआईएफएम के समन्वय से आयोजित होगी। इस अवसर पर मंत्री अहिरवार के साथ अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्हीएन अम्बाडे और प्रबंध संचालक राज्य वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहे। recent visitors 58