Monday, July 6, 2026 2:35 pm

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में भी नहीं सुधरी व्यवस्था , वार्ड बॉय बना ‘डॉक्टर’, लापरवाही से गई जान

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में भी नहीं सुधरी व्यवस्था , वार्ड बॉय बना ‘डॉक्टर’, लापरवाही से गई जान

Even under the Health Minister, the situation hasn’t improved; a ward boy becomes a ‘doctor,’ resulting in a life lost due to negligence. शहडोल। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाले शहडोल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर उजागर हो गई है। पाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के बीच कथित तौर पर वार्ड बॉय और स्टाफ द्वारा इलाज किए जाने के बाद एक मरीज की मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ निजी अस्पताल प्रबंधन बल्कि स्वास्थ्य मंत्री की निगरानी और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार, 16 दिसंबर की रात करीब 11:30 बजे गुरुनानक चौक निवासी कमलेश जैन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद एक युवक ने स्वयं को डॉक्टर बताकर इलाज शुरू किया, जबकि दवाइयां अस्पताल की महिला स्टाफ द्वारा लिखी गईं। उस वक्त अस्पताल में कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था, जो स्वास्थ्य विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन है। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय पर सीपीआर और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता नहीं दी गई। उचित इलाज के अभाव में कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि मौके पर डॉक्टर मौजूद होता तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब शहडोल जिला स्वयं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में है। इसके बावजूद निजी अस्पतालों की मनमानी, डॉक्टरों की गैरहाजिरी और लचर निगरानी व्यवस्था ने सरकार की स्वास्थ्य नीतियों की पोल खोल दी है। सवाल यह उठता है कि जब मंत्री स्वयं जिले के प्रभारी हैं, तब ऐसी गंभीर लापरवाही कैसे हो रही है? घटना के बाद आक्रोशित परिजन कोतवाली पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उपनिरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। recent visitors 56

पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार, तीन हजार पन्नों के साथ सबूत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता

पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार, तीन हजार पन्नों के साथ सबूत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता

Corruption worth lakhs in the Panchayat, complainant reached the Collector’s office with three thousand pages of evidence. शिवपुरी ! जिले की बदरवास जनपद पंचायत की ग्राम इमलोदा निवासी जयपाल सिंह यादव ने ग्राम पंचायत मढ़वासा में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यहां पर पंचायत सरपंच और सचिव ने भारी भ्रष्टाचार किया है। यहां पर विभिन्न योजनाओं में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी जानकारी मैंने आरटीआई के तहत निकाली है और आरटीआई के तहत निकाली गई जानकारी तीन हजार पन्नों को लेकर में कलेक्टर कार्यालय आया हूं। शिकायतकर्ता जयपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इसलिए मुझे कलेक्टर कार्यालय में जो तीन हजार पन्ने आरटीआई से निकलवाए हैं, उसको लेकर मुझे कलेक्टर कार्यालय आकर शिकायत करनी पड़ रही है। पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण सहित अन्य कार्य में हुआ भ्रष्टाचारशिवपुरी कलेक्ट्रेट में शिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव एक कट्टे में करीब तीन हजार पेजों में सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। जय सिंह यादव का आरोप है कि ग्राम पंचायत मढ़वासा की सरपंच प्रीती यादव और सचिव गोविंद यादव द्वारा पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण, खरंजा निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, चबूतरा निर्माण, शौचालय निर्माण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण आदि में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। सीईओ ने मांगा सबूत तो आरटीआई लगाईशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने शिवपुरी में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कई काम तो ऐसे हैं जो कागजों में करा दिए गए हैं और उनके एवज में लाखों रुपये के भुगतान निकाल लिए गए हैं। इन मामलों में जांच कर कार्रवाई के लिए उसके द्वारा 3 मार्च 2024 से लगातार शिकायती आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन जिला पंचायत सीईओ कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं। बकौल जयपाल जब उसे कुछ दिन पहले इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ विजयराज से बात की तो उनका कहना था कि आपके पास क्या सबूत है कि भ्रष्टाचार हुआ है। सीईओ ने दिया अटपटा जबावशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने बताया कि यही कारण है कि इस बार मैं सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई तीन हजार पेज की जानकारी लेकर आया हूं कि साहब इन तीन हजार पेजों में है पंचायत की सरपंच और सचिव द्वारा किया गया भ्रष्टाचार। अब तो करो कार्रवाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह यह सारे दस्तावेज लेकर आज भी जिला पंचायत सीईओ से मिला तो, उनका कहना था कि हमारे पास सिर्फ यही एक काम थोड़े ही है। हम अपने हिसाब से जांच करवा रहे हैं। recent visitors 59